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छात्रों के समर्थन में उतरे सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे, महाराष्ट्र में किया मौन आंदोलन

महाराष्ट्र / सत्ता संदेश

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने गुरुवार को प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में दो घंटे का मौन आंदोलन किया। उनका ये आंदोलन सुबह 11 बजे शुरू हुआ था, जो दोपहर 1 बजे खत्म हो गया। अन्ना हजारे ने अहिल्यानगर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास विरोध प्रदर्शन किया और उसके बाद वो इसी जिले में स्थित अपने गांव रालेगण सिद्धि के लिए रवाना हो गए। उन्होंने बीते बुधवार को पीएम मोदी को एक पत्र भी लिखा है, जिसमें कहा है कि हिंसा और पुलिस कार्रवाई की खबरें बेहद पीड़ादायक हैं।

अन्ना हजारे ने पत्र में आगे कहा है कि प्रदर्शनकारियों के असंतोष को कानून-व्यवस्था की समस्या के रूप में नहीं, बल्कि समाज की पीड़ा और अपेक्षाओं के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम लिए बगैर कहा कि अगर किसी मंत्री से इस्तीफा देने को कहा जाता है तो इससे सरकार नहीं गिरेगी, बल्कि उसकी कार्यप्रणाली अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनेगी। उन्होंने सरकार से प्रदर्शनकारियों की बात धैर्यपूर्वक सुनने, विश्वास का माहौल बनाने और सकारात्मक संवाद के जरिए समाधान तलाशने का अनुरोध किया है।

22 छात्रों की आत्महत्या की खबरों पर जताई चिंता

रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीट (NEET) परीक्षा का जिक्र करते हुए हजारे ने अपने पत्र में लिखा है कि प्रश्न पत्र लीक होने और गंभीर अनियमितताओं के आरोप 2024 में और फिर 2026 में सामने आए। उन्होंने मेडिकल प्रवेश परीक्षा रद्द होने के बाद 22 छात्रों द्वारा आत्महत्या करने की खबरों पर भी चिंता व्यक्त की। अन्ना हजारे ने यह भी लिखा कि जब भी अनियमितताएं या घोटाले सामने आते थे, तो अक्सर जिम्मेदारी पूरी तरह से निचले स्तर के अधिकारियों पर डाल दी जाती थी, जबकि सरकार सकारात्मक परिणामों का श्रेय खुद ले लेती थी। उन्होंने आगे कहा कि सरकार को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को कानून-व्यवस्था का मुद्दा मानने के बजाय जवाबदेही के साथ जवाब देना चाहिए।

सरकार छात्रों से बात करने को तैयार’

वहीं, इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा कि सरकार की ओर से हम चर्चा करने को तैयार हैं, सरकार छात्रों से बात करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि कल दोपहर से आज दोपहर तक 4 बार बातचीत करने का प्रस्ताव दिया गया है। पीएम इस विषय को लेकर संवेदानशील हैं, मैं विनम्रता से आग्रह करता हूं आइए बैठिए और चर्चा कीजिए. उन्होंने आगे कहा कि हम छात्रों के शर्तों पर बात करने को तैयार हैं।

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