डीएम सुसाइड केस: चंडीगढ़ में सियासी संग्राम; सीएम आवास का घेराव कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने छोड़ीं पानी की बौछारें
पंजाब डेस्क: अमृतसर में पंजाब वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के जिला मैनेजर (डीएम) गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले ने अब एक बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। रविवार, 22 मार्च 2026 को इस मुद्दे पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास का घेराव करने पहुंचे विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर चंडीगढ़ पुलिस ने वाटर कैनन (पानी की बौछारों) का इस्तेमाल किया।
विपक्ष का एकजुट प्रदर्शन: आम आदमी पार्टी सरकार के पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर की तुरंत गिरफ्तारी की मांग को लेकर शिरोमणि अकाली दल (SAD) और भाजपा (BJP) सहित तमाम विपक्षी दल एकजुट हो गए हैं। रविवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी चंडीगढ़ स्थित सीएम ऑफिस और आवास का घेराव करने पहुंचे। जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया और वाटर कैनन से उन्हें खदेड़ा।
परिवार का दर्द और मांगें: मृतक रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर ने आरोप लगाया है कि पूर्व मंत्री ने उनके पति को इतना प्रताड़ित और बेबस कर दिया था कि उन्होंने जान दे दी। उन्होंने दावा किया कि 13 मार्च को उनके पति को दफ्तर में प्रताड़ित किया गया और परिवार को गैंगस्टरों से खत्म करवाने की धमकी दी गई थी। पत्नी ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं करेंगी।
CBI जांच की मांग: अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि केवल इस्तीफा काफी नहीं है, भुल्लर को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए क्योंकि वे कानून से ऊपर नहीं हैं। वहीं, विपक्ष ने इस संवेदनशील मामले की जांच पंजाब पुलिस के बजाय केंद्रीय एजेंसी सीबीआई (CBI) से कराने की मांग की है, ताकि परिवार को निष्पक्ष न्याय मिल सके।

