इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता विफल: होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट बरकरार; ईरान ने कहा…
इंटरनेशनल डेस्क: एक दशक से अधिक समय के बाद अमेरिका और ईरान के बीच हुई पहली सीधी वार्ता बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई है। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में चली 21 घंटे की मैराथन बैठक के बाद भी दोनों पक्ष किसी शांति समझौते पर सहमत नहीं हो सके, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय शांति पर बड़ा संकट मंडरा रहा है।
शर्तों पर तकरार: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बताया कि वार्ता इसलिए विफल रही क्योंकि तेहरान ने परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता जैसी प्रमुख अमेरिकी शर्तों को मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने इसे ईरान के लिए “बुरी खबर” करार दिया।
ईरान का पलटवार: ईरानी सूत्रों के अनुसार, अमेरिका की शर्तें “गैर-कानूनी” और “व्यावहारिक” नहीं थीं। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह दबाव में आकर कोई समझौता नहीं करेगा और अब गेंद अमेरिका के पाले में है कि वह मुद्दों को यथार्थवादी ढंग से सुलझाए।
होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) पर तनाव: ईरान ने चेतावनी दी है कि जब तक कोई तर्कसंगत समझौता नहीं होता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा। गौरतलब है कि इस मार्ग से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है।
अगली बैठक पर सस्पेंस: फिलहाल दोनों देशों के बीच वार्ता के अगले दौर के लिए कोई समय या स्थान निर्धारित नहीं किया गया है।
ट्रंप की रणनीति: जेडी वेंस ने खुलासा किया कि बातचीत के दौरान वे लगातार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संपर्क में थे और अमेरिका ने अपनी ‘रेड लाइन’ स्पष्ट कर दी है। यह विफलता दो सप्ताह से जारी युद्ध विराम को बनाए रखने के प्रयासों के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है।

