ब्रेकिंग न्यूज़
भारतीय प्रवासी समुदाय पर केंद्रित एमएटीवी का प्रसारण लाइसेंस निरस्त

लंदन, आठ फरवरी (भाषा) ब्रिटेन में मीडिया की निगरानी करने वाले निकाय ने भारतीय प्रवासी समुदाय पर केंद्रित एमएटीवी का प्रसारण लाइसेंस नियामक शर्तों के उल्लंघन के कारण रद्द कर दिया है और इस उपग्रह चैनल के प्रसारण को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है।
‘ऑफिस ऑफ कम्युनिकेशंस’ (ऑफकॉम) ने शुक्रवार को लाइसेंस रद्द करने का नोटिस जारी किया। अगस्त 2024 से जारी एक जांच में यह निष्कर्ष निकाला कि ये लाइसेंस मिडलसेक्स ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमबीसीएल) के पास ‘गलत तरीके से’ थे।
एक लाइसेंस ‘एमएटीवी नेशनल’ से जुड़ा था, जो हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी, गुजराती और पंजाबी में भारतीय कार्यक्रम प्रसारित करने वाली एक उपग्रह आधारित टेलीविजन सेवा है। दूसरा लाइसेंस एमएटीवी म्यूजिक के लिए था, जो एक उपग्रह आधारित टेलीविजन सेवा है और कथित तौर पर निष्क्रिय पड़ी है।
ऑफकॉम ने एक बयान में कहा गया, ‘‘ब्रिटेन में, ब्रिटिश संसद द्वारा बनाए गए प्रसारण कानूनों में कहा गया है कि प्रसारण लाइसेंस धारकों का लाइसेंस प्राप्त सेवाओं पर नियंत्रण होना चाहिए – जिसमें उनके द्वारा दिखाए जाने वाले कार्यक्रमों पर संपादकीय निगरानी भी शामिल है।’’
‘ऑफकॉम’ ने कहा, ‘‘हमारी जांच से यह निष्कर्ष निकला कि एमएटीवी नेशनल और एमएटीवी म्यूजिक सेवाओं के लाइसेंस धारक एमबीसीएल के पास एमएटीवी के आउटपुट को लेकर संपादकीय जिम्मेदारी नहीं थी।
जांचकर्ताओं ने लाइसेंसधारक के अनुपालन संपर्क के रूप में पंजीकृत कुलदीप सिंह शेखावत से संपर्क किया और पाया कि वे इसके साथ ही ‘ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ द भारतीय जनता पार्टी-यूनाइटेड किंगडम’ (ओएफबीजेपी-यूके) के अध्यक्ष भी थे।
‘ऑफकॉम’ ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति को लाइसेंस रखने की अनुमति नहीं है यदि वह ऐसा निकाय है जिसका नियंत्रण ऐसे व्यक्ति द्वारा किया जाता है जो किसी ऐसे निकाय का अधिकारी है जिसका उद्देश्य पूर्णतः या मुख्यतः राजनीतिक प्रकृति का है।
एमएटीवी का मानना ​​है कि चैनल को बंद करने का निर्णय ‘राजनीतिक रूप से प्रेरित’ है और उनका दावा है कि ओएफबीजेपी-यूनाइटेड किंगडम एक राजनीतिक संस्था नहीं बल्कि एक सामाजिक संस्था है जो भारतीय प्रवासी समुदाय के हितों का समर्थन करती है।
पिछले महीने समूह के आंतरिक पुनर्गठन के बाद ओएफबीजेपी के यूरोप प्रभारी कुलदीप सिंह शेखावत ने कहा, ‘‘एमएटीवी नेशनल के प्रसारण का लाइसेंस एमबीसीएल के पास था। एमएटीवी म्यूजिक से कभी प्रसारण नहीं हुआ।’’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *