‘डिजिटल गिरफ्तारी’ ठगी मामले में जम्मू कश्मीर पुलिस ने सेवानिवृत्त वायुसेना अधिकारी के 40 लाख रुपये बरामद किये
जम्मू सत्ता संदेश (भाषा) अपराध शाखा के ‘साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन सेंटर फॉर एक्सीलेंस’ (सीआईसीई) के समय रहने हस्तक्षेप से भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के एक सेवानिवृत्त अधिकारी के लगभग 40 लाख रुपये बरामद किए गए हैं, जिन्होंने कथित ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ ठगी के दौरान अपनी मेहनत की कमाई गंवा दी थी। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि बरामद की गई राशि जल्द ही अदालत के माध्यम से शिकायतकर्ता के खाते में वापस भेज दी जाएगी, जिससे पीड़ित और उसके परिवार को राहत मिलेगी।
पुलिस ने एक बयान में कहा कि सीआईसी जम्मू को छह फरवरी को एक सेवानिवृत्त अधिकारी से डिजिटल माध्यम से शिकायत मिली, जिसमें ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ का जिक्र था, जिसके तहत कथित तौर पर उनसे 52.90 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई थी।
इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और उन बैंक खातों का पता लगाया गया जिनमें धोखाधड़ी की गई धनराशि अंतरित की गई थी।
बयान में कहा गया है कि शिकायत मिलने के तीन घंटे के भीतर, जोधपुर स्थित एक संदिग्ध खाते में 11.90 लाख रुपये की राशि का पता लगाया गया और ऐसी जांचों में जारी नयी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को लागू करते हुए लेन-देन को तुरंत रोक दिया गया।
इसके अतिरिक्त, पुलिस ने कहा कि संबंधित बैंक खातों की पड़ताल के बाद 4.90 लाख रुपये के लेन-देन पर भी रोक लगा दी गयी।
पुलिस ने बताया कि संबंधित बैंकों के साथ आगे किए गए समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप संदिग्ध खातों की दूसरी परत में अतिरिक्त 28 लाख रुपये का भी पता लगाया गया।
इसके साथ ही ठगी गई कुल राशि में से 39.90 लाख रुपये सफलतापूर्वक सुरक्षित कर लिए गए हैं।