शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 755 अंक टूटा, निफ्टी 25,600 के नीचे फिसला
बिजनेस डेस्क : शुक्रवार सुबह भारतीय शेयर बाजार खुलते ही दलाल स्ट्रीट पर घबराहट का माहौल बन गया। कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों में बेचैनी बढ़ गई।
बाजार का ताजा हाल: कारोबार की शुरुआत में ही बीएसई सेंसेक्स 755 अंकों से ज्यादा की गिरावट के साथ 82,919 के स्तर पर खुला। वहीं, निफ्टी 223 अंक टूटकर 25,600 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे यानी 25,583 के स्तर पर फिसल गया। इस गिरावट के कारण शुरुआती सत्र में ही निवेशकों के करोड़ों रुपये डूब गए।
गिरावट की मुख्य वजहें:
आईटी सेक्टर में गिरावट: बाजार में इस भूचाल की सबसे बड़ी वजह आईटी सेक्टर में आई तेज बिकवाली रही। इंफोसिस, टीसीएस (TCS), एचसीएल टेक्नोलॉजीज और विप्रो जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखे।
अमेरिकी बाजारों का असर: अमेरिकी बाजार नैस्डैक (Nasdaq) में 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट ने वैश्विक निवेशकों का मनोबल तोड़ दिया। वहां एआई (AI) शेयरों में हुई बिकवाली का सीधा असर भारतीय आईटी कंपनियों पर पड़ा है。एंथ्रोपिक शॉक की आशंका: अमेरिकी बाजारों में ‘एंथ्रोपिक शॉक’ की आशंकाओं ने भी निवेशकों को डरा दिया है, जिससे उभरते बाजारों (Emerging Markets) पर दबाव बढ़ गया है।
इन शेयरों पर रही नजर: बाजार की गिरावट के बीच कोल इंडिया, ओएनजीसी, हिंडाल्को, बायोकॉन और इंडियन होटल्स जैसे शेयरों पर निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है। वहीं, सकारात्मक खबरों में जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स को 615 करोड़ रुपये का नया प्रोजेक्ट मिला है और आरबीआई ने एयू (AU) स्मॉल फाइनेंस बैंक के एमडी की पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।
विशेषज्ञों की सलाह: बाजार के जानकारों का मानना है कि इस गिरावट में घबराकर बिकवाली करना सही रणनीति नहीं है। निवेशकों को इसे एक अवसर के रूप में देखना चाहिए और उन मजबूत क्वालिटी वाले स्टॉक्स पर ध्यान देना चाहिए जिनके तीसरी तिमाही के नतीजे अच्छे रहे हैं। ऑटो सेक्टर में अब भी मजबूती की उम्मीद जताई जा रही है।

