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प्रधानमंत्री मोदी ने संत रविदास की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी

नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को संत रविदास की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि करुणा और न्याय पर उनके विचार सरकार के कल्याणकारी कदमों का मूल आधार है।
 प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मानवता के अनन्य उपासक महान संत श्री गुरु रविदास महाराज जी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन।’’
 मोदी ने कहा, ‘‘उनके विचारों में न्याय और करुणा का भाव सर्वोपरि था, जो जनकल्याण की हमारी योजनाओं के मूल में है। उन्होंने सामाजिक समरसता और सद्भावना के जिस दीप को प्रज्वलित किया, वह देशवासियों के पथ को सदैव आलोकित करता रहेगा।’’
 प्रधानमंत्री संत रविदास के अनुयायियों, रविदासिया समुदाय के एक पवित्र स्थान डेरा सचखंड बल्लां का दौरा कर रहे हैं।
 उनका डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास से भी बातचीत का कार्यक्रम है, जिन्हें हाल ही में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
लोकसभा में ‘जी राम जी बिल’ पर 14 घंटे बहस: BJP ने किया सपोर्ट, विपक्ष बोला, यह ‘महात्मा गांधी का अपमान’

नेशनल डेस्क: बुधवार को लोकसभा में ‘विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार और आजीविका मिशन) अमेंडमेंट बिल’ पर 14 घंटे लंबी बहस हुई, जो सुबह 1.35 बजे तक चली। इस बहस में कुल 98 सांसदों ने हिस्सा लिया।जहां सत्ताधारी BJP ने इस बिल का पूरा सपोर्ट किया और इसे 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में एक अहम कदम बताया, वहीं विपक्ष (INDIA गठबंधन) ने इसे स्टैंडिंग कमेटी को भेजने की पुरजोर मांग की। कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज, गुरुवार को इस बहस का जवाब देंगे।

विपक्ष की आपत्ति: महात्मा गांधी का नाम हटाना ‘अपमान’विपक्ष मुख्य रूप से मौजूदा स्कीम (MGNREGA) से महात्मा गांधी का नाम हटाने पर हमला कर रहा है। RSP नेता एनके प्रेमचंद्रन ने दावा किया कि यह बिल केंद्र की मोदी सरकार के पतन की शुरुआत है, क्योंकि कोई भी किसी भी योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाने को स्वीकार नहीं करेगा। भारतीय आदिवासी पार्टी के सांसद राजकुमार रोत ने भी आरोप लगाया कि सरकार राष्ट्रपिता का अपमान कर रही है।कांग्रेस समेत ‘इंडिया’ गठबंधन के कई सांसद आज, गुरुवार सुबह 10.15 बजे संसद परिसर में महात्मा गांधी की मूर्ति के पास इस बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे। कांग्रेस सांसदों ने आरोप लगाया कि सरकार जल्दबाजी में कानून पास कर रही है और यह नया बिल राज्य सरकारों पर वित्तीय बोझ भी डालता है।

BJP का रुख: ‘भ्रष्टाचार’ रोकना ज़रूरीदूसरी ओर, अनुराग ठाकुर और निशिकांत दुबे समेत BJP नेताओं ने बिल का ज़ोरदार समर्थन किया। BJP नेता निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस घबराई हुई है क्योंकि नए बिल से कड़े नियमों के कारण भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी और वह महात्मा गांधी के नाम पर पैसा नहीं कमा पाएगी। बिल का समर्थन करते हुए, BJP MP जगदंबिका पाल ने कहा कि प्रस्तावित कानून मौजूदा स्कीम में 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के रोज़गार की गारंटी देता है। BJP MP बसवराज एस. बोम्मई ने कहा कि यह कानून विपक्ष को खुश करने के लिए नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की बदलती ज़रूरतों को पूरा करने के लिए बनाया गया है।