Free Fire खेलने से रोका तो घर छोड़ निकले तीन स्टूडेंट्स, राजस्थान से सुरक्षित बरामद
माछीवाड़ा साहिब / सत्ता संदेश
फ्री फायर गेम खेलने से रोकने पर घर से निकले माछीवाड़ा साहिब के दो स्टूडेंट्स और लुधियाना के उनके एक दोस्त को खन्ना पुलिस ने राजस्थान पुलिस की मदद से सुरक्षित बरामद कर लिया है। पुलिस की टेक्निकल जांच और राजस्थान पुलिस के सहयोग से तीनों युवकों को राजस्थान में रहने वाले उनके दोस्त के घर से बरामद किया गया।
बरामद किए गए युवकों की पहचान उत्कर्ष और वरुण कुमार, निवासी माछीवाड़ा साहिब, तथा मोहित कुमार, निवासी गिल रोड, लुधियाना के रूप में हुई है।
20 अगस्त को कार लेकर जयपुर गए थे
खन्ना के SP पवनजीत सिंह चौधरी के अनुसार, 20 अगस्त को वरुण कुमार अपने घर से कार लेकर अपने दोस्तों उत्कर्ष और मोहित कुमार के साथ जयपुर, राजस्थान के लिए निकला था। इसके बाद तीनों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए।
मोबाइल बंद होने के कारण परिवार के लोग बेहद परेशान हो गए और उन्होंने पुलिस को मामले की सूचना दी। शिकायत मिलने के बाद खन्ना पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी।
Gmail और IMEI से मिली लोकेशन की जानकारी
पुलिस की टेक्निकल टीम ने युवकों की तलाश के लिए कई तकनीकी तरीकों का इस्तेमाल किया। जांच के दौरान युवकों की Gmail ID से जुड़े तकनीकी सुराग, CDR एनालिसिस और IMEI सर्च से पुलिस को अहम जानकारी मिली।
पुलिस ने ऑनलाइन गेम से जुड़ी प्रोफाइल और Gmail से मिले IMEI नंबरों को भी जांच का हिस्सा बनाया। इन तकनीकी सुरागों की मदद से पुलिस राजस्थान में युवकों की लोकेशन तक पहुंचने में कामयाब रही।
राजस्थान पुलिस ने दोस्त के घर से किया बरामद
लोकेशन का पता चलने के बाद खन्ना पुलिस ने राजस्थान पुलिस से संपर्क किया और संदिग्ध लोकेशन की जानकारी साझा की। इसके बाद राजस्थान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों युवकों को राजस्थान में रहने वाले उनके दोस्त शिखर के घर से सुरक्षित बरामद कर लिया।
तीनों युवकों के सुरक्षित मिलने के बाद उनके परिवारों ने राहत की सांस ली।
Free Fire खेलने से रोकने पर घर से निकले थे
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि तीनों युवक ऑनलाइन गेम Free Fire खेलने से माता-पिता द्वारा रोकने के बाद घर से चले गए थे। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और युवकों से पूछताछ के आधार पर घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
खन्ना पुलिस की इस कार्रवाई में टेक्निकल टीम की भूमिका अहम रही, जिसने डिजिटल सुरागों के जरिए राजस्थान तक युवकों की लोकेशन ट्रेस की और राजस्थान पुलिस के साथ समन्वय कर उन्हें सुरक्षित बरामद कराया।

