ब्रेकिंग न्यूज़
सोना और चांदी सस्ता हुआ ! एक हफ्ते में सोने की कीमत 4,000 से ज़्यादा गिरी, चांदी भी 3,000 हुई सस्ती

बिजनेस डेस्क: नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही कीमती धातुओं के बाज़ार में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। साल 2025 में लगातार नए रिकॉर्ड बनाने के बाद अब सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई है। पिछले एक हफ्ते के अंदर सोना 4,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज़्यादा और चांदी 3,000 रुपये प्रति किलो से ज़्यादा सस्ती हो गई है।

सोने की कीमतों में गिरावट: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के डेटा के मुताबिक, 26 दिसंबर 2025 को 24 कैरेट सोने की कीमत 1,39,873 रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जो पिछले शुक्रवार तक घटकर 1,35,752 रुपये हो गई है। इस तरह एक हफ्ते में सोना 4,121 रुपये सस्ता हो गया है। अगर इसकी तुलना 1,40,456 रुपये के ऑल-टाइम हाई से की जाए, तो सोना अपने पीक से 4,704 रुपये गिर चुका है। घरेलू बाजार (IBJA) में 24 कैरेट सोने का रेट भी 1,37,956 रुपये से गिरकर 1,34,782 रुपये पर आ गया है।

चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट: चांदी की कीमतों में भी गिरावट जारी है। पिछले एक हफ्ते में चांदी 3,188 रुपये प्रति kg सस्ती हो चुकी है। 26 दिसंबर 2025 को चांदी का रेट 2,39,787 रुपये था, जो शुक्रवार को 2,36,599 रुपये पर बंद हुआ था। चांदी अपने ऑल-टाइम हाई (2,54,174 रुपये) से करीब 17,575 रुपये प्रति kg सस्ती मिल रही है।

साल 2026 के दूसरे दिन सोने और चांदी की कीमतों में बड़ा उछाल: चांदी 2.43 लाख के पार, सोने ने भी बनाया नया रिकॉर्ड

बिजनेस डेस्क: नए साल के दूसरे कारोबारी दिन देश के फ्यूचर मार्केट में सोने, चांदी और कॉपर की कीमतों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा उछाल चांदी में देखा गया है, जिसकी कीमतों ने एक ही दिन में लंबी छलांग लगाई है।

चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल: सूत्रों के मुताबिक, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमत 7,000 रुपये से ज्यादा की उछाल के साथ 2.43 लाख रुपये के लेवल को पार कर गई है। कारोबारी सेशन के दौरान चांदी 2,43,443 रुपये के हाई लेवल पर पहुंच गई, जबकि एक दिन पहले यह 2,35,873 रुपये पर बंद हुई थी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि चांदी अब ‘रेयर अर्थ’ की कैटेगरी में आ गई है, जिसकी वजह से डिमांड ज्यादा और सप्लाई कम होने से कीमतों में भारी बढ़ोतरी हो रही है।

सोने की कीमतों में बढ़ोतरी: सोने की कीमतों में भी 1,000 रुपये से ज़्यादा की बढ़ोतरी देखी गई है। 10 ग्राम सोने की कीमत दिन के सबसे ऊंचे लेवल 1,36,999 रुपये पर पहुंच गई। सुबह करीब 10:05 बजे सोना 1,36,627 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था।

कीमतों में बढ़ोतरी के मुख्य कारण: सूत्रों के मुताबिक, कीमतों में इस बढ़ोतरी के कई मुख्य कारण हैं:

डॉलर इंडेक्स में गिरावट: US डॉलर के कमजोर होने से कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है।

स्पॉट गोल्ड डिमांड: मार्केट में सोने की डिमांड में बढ़ोतरी हुई है।

चीन की सप्लाई पर रोक: चीन के सप्लाई रोकने से चांदी के रेट बढ़े हैं।

इसके अलावा कॉपर की कीमतों में भी 1.50 परसेंट का उछाल आया है, जिससे इसकी कीमत 1,312.05 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि आने वाले दिनों में इन कीमती धातुओं की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।

नए साल पर सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव: चांदी की कीमत में गिरावट, जानें 10 ग्राम सोने का लेटेस्ट भाव

बिजनेस डेस्क: नए साल के पहले दिन 1 जनवरी 2026 को सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में थोड़ा बदलाव देखने को मिला। सोने की कीमतों में जहां मामूली बढ़त दर्ज की गई, वहीं चांदी की कीमतों में गिरावट आई है।

आज का सोने का भाव: सूत्रों के मुताबिक, सुबह करीब 10 बजे MCX पर 10 ग्राम सोने का भाव 1,35,202 रुपये था, जो 245 रुपये की बढ़त दिखाता है। दिन भर की ट्रेडिंग के दौरान सोने ने 1,35,559 रुपये का हाई और 1,35,202 रुपये का लो दर्ज किया।चांदी की कीमतों में गिरावट: चांदी खरीदने वालों के लिए राहत की खबर है क्योंकि इसकी कीमतों में कमी आई है। सुबह करीब 10:30 बजे 1 किलो चांदी का भाव 557 रुपये प्रति किलो की गिरावट के साथ 2,35,144 रुपये दर्ज किया गया। चांदी अब तक 2,38,911 रुपये के हाई और 2,34,838 रुपये के लो को छू चुकी है। नए साल की शुरुआत निवेशकों और उपभोक्ताओं के लिए बाजार में इस मामूली उतार-चढ़ाव के साथ हुई है।

डिलीवरी वर्कर्स की हड़ताल! नए साल के जश्न पर फिर सकता है पानी; खाने-पीने और किराने की डिलीवरी पर असर पड़ेगा

नेशनल डेस्क: अगर आप नए साल की शाम को घर से खाना या किराने का सामान ऑर्डर करने का प्लान बना रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। देश भर में करीब 1 लाख से 1.5 लाख गिग वर्कर्स (डिलीवरी पार्टनर्स) 31 दिसंबर को हड़ताल पर हैं, जिससे आपके जश्न में खलल पड़ सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, इस हड़ताल की मुख्य डिटेल्स और असर इस तरह हैं:

हड़ताल की वजह: यह कदम गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर उठाया है। डिलीवरी पार्टनर्स का कहना है कि वे कमाई में कमी, काम के लंबे घंटे और सिक्योरिटी और जॉब गारंटी की कमी की वजह से जूझ रहे हैं।

कौन से शहर होंगे प्रभावित: इस हड़ताल का मुख्य असर दिल्ली-NCR, पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोलकाता जैसे मेट्रो शहरों के साथ-साथ कई टियर-2 शहरों में भी देखने को मिलेगा। अकेले दिल्ली में 5,000 से ज़्यादा वर्कर्स ऑफलाइन रहेंगे।

सर्विसेज़ पर असर: क्विक कॉमर्स ऐप्स के ज़रिए 5 से 10 मिनट में डिलीवरी अब मुमकिन नहीं होगी। कस्टमर्स को ऑर्डर कैंसल होने, डिलीवरी में देरी होने या अचानक कीमतों में बढ़ोतरी (सर्ज प्राइसिंग) का सामना करना पड़ सकता है।

कस्टमर्स के लिए सलाह: सूत्रों के मुताबिक, आखिरी समय की परेशानियों से बचने के लिए ज़रूरी सामान सीधे दुकानों से खरीदना बेहतर होगा। इमरजेंसी चीज़ों के लिए इंस्टेंट डिलीवरी ऐप्स पर निर्भर न रहने के निर्देश दिए गए हैं।तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) के प्रेसिडेंट के मुताबिक, अलग-अलग शहरों में वर्कर्स अचानक काम करना बंद कर देंगे, खासकर लंच और डिनर के समय जब डिमांड सबसे ज़्यादा होती है।

चांदी ने रचा इतिहास: पहली बार कीमत 2.50 लाख रुपये के पार, सोना भी 1.40 लाख रुपये के पार

बिजनेस डेस्क: साल 2025 के खत्म होने से पहले इंडियन फ्यूचर्स एक्सचेंज (MCX) में कीमती धातुओं की कीमतों ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। देश में पहली बार चांदी की कीमत 2.50 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक लेवल को पार कर गई है। इसके साथ ही सोने की कीमतों में भी भारी उछाल देखा गया है।

सूत्रों के मुताबिक, इस तेजी की मुख्य डिटेल्स इस तरह हैं:

चांदी की रिकॉर्ड उड़ान: सोमवार को चांदी की कीमत में 14,400 रुपये की तेजी आई, जिससे यह 2,54,174 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गई। एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि यह साल 2026 के शुरुआती महीनों में 2.75 लाख रुपये के लेवल को भी पार कर सकती है।

निवेशकों को किया मालामाल: अकेले दिसंबर महीने में चांदी ने निवेशकों को 45.28 फीसदी का रिटर्न दिया है। अगर पूरे साल की बात करें तो चांदी की कीमतों में 191.37 परसेंट की बढ़ोतरी हुई है।

सोने में भी तेजी: सोने की कीमतें एक बार फिर 1.40 लाख रुपये प्रति दस ग्राम के लेवल को पार कर गई हैं। ट्रेडिंग सेशन के दौरान सोना 1,40,444 रुपये के हाई पर रहा और अगले साल इसके 1.50 लाख रुपये तक जाने की संभावना है।

बढ़त के मुख्य कारण: बढ़ती इंडस्ट्रियल डिमांड, जियोपॉलिटिकल टेंशन और फेडरल रिजर्व द्वारा इंटरेस्ट रेट में कटौती की संभावना को कीमतों में इस बढ़ोतरी के मुख्य कारण माना जा रहा है।

चीन की पाबंदियों का असर: चांदी का सबसे बड़ा कंज्यूमर चीन ने 1 जनवरी, 2026 से चांदी के एक्सपोर्ट पर पाबंदियों का ऐलान किया है, जिससे ग्लोबल सप्लाई चेन पर असर पड़ने का डर है।

सोने की कीमतों में बड़ी उछाल का अनुमान: 2026 तक 1.90 लाख रुपये के पार जा सकता है Gold

बिजनेस डेस्क: अगर आप सोने में इन्वेस्ट करने की सोच रहे हैं, तो आने वाला समय आपके लिए बड़ी ख़बर हो सकती है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) ने अनुमान लगाया है कि साल 2026 में सोने की कीमतों में मौजूदा लेवल से करीब 39 परसेंट की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। अगर यह अनुमान सही साबित होता है, तो भारतीय बाजार में सोना 1.90 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आंकड़े को पार कर जाएगा।

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल का अनुमान: काउंसिल के CEO डेविड टेट के मुताबिक, इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमत $6,000 प्रति औंस तक पहुंचने की उम्मीद है। उनका कहना है कि कई सालों से चली आ रही सोने की कीमतों में मंदी के कोई संकेत नहीं हैं और मौजूदा हालात को देखते हुए यह बड़ा आंकड़ा काफी करीब लग रहा है। गौरतलब है कि साल 2025 में अब तक सोने की कीमतें 60 परसेंट से ज़्यादा बढ़ चुकी हैं।

कीमतों में बढ़ोतरी के मुख्य कारण: डेविड टेट ने इस बढ़ोतरी के पीछे कई ज़रूरी कारण बताए हैं:

सुरक्षित निवेश की मांग: निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोने को पसंद कर रहे हैं।

सेंट्रल बैंक की खरीदारी: अलग-अलग देशों के सेंट्रल बैंक बड़े पैमाने पर सोना खरीद रहे हैं।

ETF निवेश: एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) में बढ़ते निवेश से भी कीमतों में तेज़ी आ रही है।

अभी के बाज़ार के हालात:

हालांकि लंबे समय में तेज़ी का अनुमान है, लेकिन हाल के ट्रेडिंग सेशन में थोड़ी मंदी देखी गई है। न्यूयॉर्क कॉमेक्स जैसे विदेशी बाज़ारों में सोना करीब $14 की गिरावट के साथ $4,360.30 प्रति औंस पर ट्रेड करता देखा गया। भारत के वायदा बाज़ार (MCX) में भी सोने की कीमतों पर दबाव रहा, जहां यह 722 रुपये गिरकर 1,34,172 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

ACC और ओरिएंट सीमेंट का अंबुजा सीमेंट में होगा मर्जर ! अडानी ग्रुप बोर्ड ने मर्जर को मंज़ूरी दी

बिज़नेस डेस्क: अडानी ग्रुप की फ्लैगशिप सीमेंट कंपनी अंबुजा सीमेंट के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स ने सोमवार को अपनी सब्सिडियरी कंपनियों ACC लिमिटेड और ओरिएंट सीमेंट को अंबुजा सीमेंट में मर्ज करने के प्रपोज़ल को हरी झंडी दे दी। इस मर्जर के बाद, ये दोनों कंपनियाँ अब अंबुजा सीमेंट के नाम से अपना बिज़नेस करेंगी।

मर्जर के मुख्य कारण और फ़ायदे: सूत्रों के मुताबिक, इस मर्जर का मुख्य मकसद कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बढ़ाना और प्रोडक्शन और लॉजिस्टिक्स क्षमताओं का बेहतर इस्तेमाल करना है। कंपनी का मानना है कि इससे कैपिटल का ज़्यादा असरदार इस्तेमाल हो सकेगा।

बयान के मुताबिक, इस सुधार के और भी कई फ़ायदे होंगे:

मार्जिन में सुधार: नेटवर्क, ब्रांडिंग और सेल्स प्रमोशन पर खर्च कम होने से मार्जिन में कम से कम 100 रुपये प्रति टन का सुधार होने की उम्मीद है।

लागत में कमी: एडमिनिस्ट्रेटिव लागत कम होगी और फ़ैसले लेने का प्रोसेस पहले से ज़्यादा तेज़ और स्मार्ट होगा।

डायरेक्ट इंटीग्रेशन: ACC, ओरिएंट, पन्ना और सांघी जैसी सब्सिडियरी कंपनियां अब अंबुजा सीमेंट का अहम हिस्सा बन जाएंगी और उनके लिए अलग से किसी एग्रीमेंट की ज़रूरत नहीं होगी।

स्टॉक मार्केट का हाल: सोमवार को BSE पर अंबुजा सीमेंट के शेयर थोड़ी बढ़त के साथ 540.00 रुपये पर बंद हुए। कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप करीब 1,33,478.47 करोड़ रुपये है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मर्जर की इस खबर से मंगलवार को शेयरों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

अब रेलवे का सफर होगा महंगा ! 26 दिसंबर से बढ़ेगा किराया, लंबी दूरी के टिकटों पर पड़ेगा असर

बिजनेस डेस्क: इंडियन रेलवे ने नए साल से ठीक पहले यात्रियों को बड़ा झटका देते हुए किराया बढ़ाने का फैसला किया है। यह नया किराया स्ट्रक्चर 26 दिसंबर, 2025 से लागू होगा। रेलवे ने इस बारे में बिना किसी खास प्रचार-प्रसार के नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

किस पर पड़ेगा असर और किसे मिलेगी राहत?

सूत्रों के मुताबिक, इस बढ़ोतरी से मुख्य रूप से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों की जेब पर बोझ पड़ेगा। हालांकि, कुछ कैटेगरी को इस बढ़ोतरी से बाहर रखा गया है:

कम दूरी के यात्री: सबअर्बन यात्रियों के किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है।पास होल्डर: मंथली सीजन टिकट (MST) होल्डर का किराया वही रहेगा।

ऑर्डिनरी क्लास: ऑर्डिनरी क्लास में 215 km तक की यात्रा के लिए कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।

किराए में बढ़ोतरी की डिटेल्स:

नए सिस्टम के तहत बढ़ोतरी इस तरह होगी:

जनरल क्लास: 215 km से ज़्यादा दूरी के लिए 1 पैसा प्रति किलोमीटर ज़्यादा देना होगा।

मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें: नॉन-AC और AC दोनों क्लास में किराए में 2 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी की गई है। उदाहरण के लिए: अगर कोई पैसेंजर नॉन-AC क्लास में 500 km का सफर करता है, तो उसे अब सिर्फ़ 10 रुपये ज़्यादा खर्च करने होंगे। रेलवे का दावा है कि यह बढ़ोतरी बहुत मामूली है और आम पैसेंजर पर इसका असर बहुत कम होगा।

किराया क्यों बढ़ाया गया?रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पिछले एक दशक में रेलवे के नेटवर्क और ऑपरेशन में काफ़ी बढ़ोतरी हुई है, जिससे खर्चों में भी भारी बढ़ोतरी हुई है।रेलवे का मैनपावर खर्च 1.15 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

पेंशन पर सालाना 60 हज़ार करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं।साल 2024-25 में रेलवे का कुल ऑपरेटिंग खर्च लगभग 2.63 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

इस किराए में बदलाव से, रेलवे को मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में करीब 600 करोड़ रुपये का एक्स्ट्रा रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है। भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फ्रेट रेलवे नेटवर्क बन गया है।

सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव: जानें देश के बड़े शहरों में जारी नए रेट

बिजनेस डेस्क: आज भारत के बड़े शहरों में सोने और चांदी की कीमतों में नया अपडेट सामने आया है। बुलियन मार्केट से मिली लेटेस्ट रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।

बड़े शहरों का हाल: सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे मेट्रोपॉलिटन शहरों में सोने की कीमतों का रिव्यू किया गया है। ये कीमतें मुख्य रूप से इन कैटेगरी में जारी की गई हैं:

24 कैरेट सोना: सबसे शुद्ध सोने के तौर पर इसके रेट्स पर इन्वेस्टर्स की खास नजर है।22 कैरेट सोना: ज्वेलरी बनाने में इस्तेमाल होने वाले इस सोने की कीमतों में भी बदलाव दर्ज किया गया है।

18 कैरेट सोना: बजट के हिसाब से ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए इस कैटेगरी के रेट्स भी जारी किए गए हैं।

चांदी की कीमतें: सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। चांदी के रेट्स में यह बदलाव इंडस्ट्रियल डिमांड और ग्लोबल मार्केट के संकेतों की वजह से आया है। इन्वेस्टर्स और कस्टमर्स को सलाह दी जाती है कि वे खरीदारी करने से पहले अपने लोकल मार्केट या ऑफिशियल वेबसाइट से लेटेस्ट रेट्स कन्फर्म कर लें।

जापान के फैसले से सराफा बाजार में हलचल: भारत में सोना-चांदी सस्ता हुआ, जानें क्या हैं नए दाम

बिजनेस डेस्क: जापानी इकॉनमी में एक बड़े फैसले ने भारत समेत पूरी दुनिया के बुलियन मार्केट में हलचल मचा दी है। बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा पॉलिसी रेट बढ़ाने और US में महंगाई दर में गिरावट के कारण भारत के फ्यूचर मार्केट (MCX) में सोने और चांदी के दाम गिर गए हैं।

जापान और US के फैसलों का असर-

-सूत्रों के मुताबिक, बैंक ऑफ जापान ने पॉलिसी रेट 0.25 परसेंट बढ़ाकर 0.75 परसेंट कर दिया है, जो सितंबर 1995 के बाद सबसे ऊंचा लेवल है। इस फैसले के कारण न्यूयॉर्क से लेकर नई दिल्ली तक सोने और चांदी के दामों पर दबाव देखा जा रहा है। इसके साथ ही US में महंगाई दर 2.7 परसेंट रही, जो एक्सपर्ट्स के 3.1 परसेंट के अनुमान से कम है, जिसके कारण डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ और कीमती धातुओं की डिमांड कम हुई।

MCX पर कीमत का हाल–

भारतीय बाजार में कीमतों में काफी नरमी देखी गई है:-

सोना: वायदा बाजार में सोना करीब 747 रुपये की गिरावट के साथ 1,33,774 रुपये (प्रति 10 ग्राम) पर ट्रेड करता देखा गया। ट्रेडिंग सेशन के दौरान यह 1,33,675 रुपये के निचले स्तर पर भी पहुंच गया था।

चांदी: चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट आई है। चांदी 420 रुपये गिरकर 2,03,145 रुपये पर आ गई। ट्रेडिंग के दौरान एक समय चांदी में 909 रुपये की बड़ी गिरावट भी देखी गई थी।एक्सपर्ट की राय–

रिलायंस सिक्योरिटीज के एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोना अपने अक्टूबर के रिकॉर्ड हाई के पास ट्रेड कर रहा है, लेकिन इंटरेस्ट रेट में कटौती और जियोपॉलिटिकल टेंशन (जैसे रूस-यूक्रेन युद्ध और वेनेजुएला पर अमेरिकी तेल प्रतिबंध) की उम्मीदों से कीमतों को कुछ हद तक सपोर्ट मिल सकता है। आने वाले दिनों में सोने के रेट 1,34,000 रुपये से 1,35,000 रुपये की रेंज में रहने की संभावना है। मार्केट एनालिस्ट का मानना है कि आने वाले समय में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।