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सोने-चांदी की कीमतों ने तोड़े सारे रिकॉर्ड: चांदी 4 लाख रुपये के पार और सोना 1.75 लाख रुपये की नई ऊंचाई पर

बिजनेस डेस्क: आज सर्राफा बाजार में ऐतिहासिक तेजी देखी गई, जहां सोने-चांदी की कीमतों ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस अचानक उछाल ने शादियों के सीजन में खरीदारी करने वालों के होश उड़ा दिए हैं।

1. चांदी ने रचा नया इतिहास: चांदी की कीमतों ने ऐतिहासिक लेवल छू लिया है। MCX पर चांदी की कीमत 4,07,456 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है। हैरानी की बात यह है कि चांदी ने 4 लाख रुपये का जादुई आंकड़ा पार करने के लिए जरूरी 15,000 रुपये की बढ़त सिर्फ 24 घंटे में पूरी कर ली। इससे पहले मंगलवार को भी कीमतों में 40,500 रुपये का बड़ा उछाल आया था।

2. सोने की चमक भी बेकाबू: सोना भी पीछे नहीं है और अब आम खरीदार की पहुंच से दूर होता जा रहा है। MCX पर सोने का भाव 1,75,869 रुपये प्रति 10 ग्राम की नई ऊंचाई पर पहुंच गया है। बुधवार को 99.9% शुद्धता वाला सोना 5,000 रुपये की बड़ी उछाल के साथ 1,71,000 रुपये पर बंद हुआ था।

3. कीमतों में तेजी के मुख्य कारण: मार्केट एक्सपर्ट्स ने इस ‘इकोनॉमिक सुनामी’ के पीछे तीन मुख्य इंटरनेशनल कारण बताए हैं:

डॉलर का कमजोर होना: US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के कमेंट्स की वजह से डॉलर कमजोर हुआ है, जिससे इन्वेस्टर्स का भरोसा करेंसी से कीमती मेटल्स पर बढ़ गया है।

-सेफ इन्वेस्टमेंट की तलाश: ग्लोबल लेवल पर चल रहे जियोपॉलिटिकल टेंशन और ट्रेड अनसर्टेनिटी के माहौल में, लोग स्टॉक मार्केट के बजाय सोने और चांदी में इन्वेस्ट करना सबसे सेफ ऑप्शन मान रहे हैं।

इंटरेस्ट रेट्स: US फेडरल रिजर्व की पॉलिसी और भविष्य में इंटरेस्ट रेट में कटौती की संभावना ने भी सोने और चांदी की डिमांड बढ़ा दी है।

सोना-चांदी की कीमतों ने रचा नया इतिहास ! सोना 6,000 रुपये और चांदी 22,000 रुपये से ज़्यादा उछली

बिज़नेस डेस्क: देश में शादियों के मौसम में सोने और चांदी की कीमतों ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 28 जनवरी, 2026 को जैसे ही बाज़ार खुला, कीमतों में भारी उछाल आया, जिससे निवेशकों और ग्राहकों में हलचल मच गई है।

कीमतों में भारी बढ़ोतरी: MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर सोने के फरवरी वायदा भाव में 6,689 रुपये (4.24%) की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे 24 कैरेट सोने की कीमत 1,64,388 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर पहुंच गई है। इसी तरह, चांदी की कीमतों में 22,372 रुपये (6.28%) की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद चांदी 3,78,651 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है।

आज बड़े शहरों में रेट:

दिल्ली/गाजियाबाद: सोना ₹1,65,300 और चांदी ₹3,78,580,

मुंबई: सोना ₹1,65,170 और चांदी ₹3,56,140

चेन्नई: सोना ₹1,67,340 और चांदी ₹3,79,770

कीमत बढ़ने के मुख्य कारण:

इंटरनेशनल दबाव: US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के कुछ देशों पर 500% टैरिफ लगाने की धमकी के बाद ग्लोबल मार्केट में हंगामा है।

इंडस्ट्रियल डिमांड: AI चिप्स और सोलर पैनल में चांदी की ज़्यादा डिमांड और सप्लाई में कमी के कारण कीमतें कंट्रोल से बाहर हो रही हैं।

बजट का असर: 1 फरवरी को भारत में पेश होने वाले यूनियन बजट से पहले मार्केट में भारी सट्टा चल रहा है।

आगे क्या होगा? मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर इंटरनेशनल टेंशन कम नहीं हुई तो सोना जल्द ही 1.75 लाख रुपये और चांदी 4 लाख रुपये के लेवल को पार कर सकती है।

भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच ऐतिहासिक ‘सुपर डील’: PM मोदी ने इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ बताया

नेशनल डेस्क: भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) के बीच एक बड़ा आर्थिक समझौता हुआ है। मंगलवार, 27 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपियन यूनियन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर साइन करने का ऐलान किया। PM मोदी ने इस ऐतिहासिक ट्रेड एग्रीमेंट को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ नाम दिया है।

ग्लोबल इकॉनमी पर असर: यह एग्रीमेंट दुनिया की दो बड़ी इकॉनमी के बीच पार्टनरशिप का एक उदाहरण है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, यह डील ग्लोबल GDP का 25 परसेंट और ग्लोबल ट्रेड का 1/3 है। यह एग्रीमेंट न सिर्फ भारत में मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करेगा, बल्कि सर्विस सेक्टर के विस्तार के लिए नए रास्ते भी खोलेगा।

मुख्य नेताओं की मीटिंग: दिल्ली के हैदराबाद हाउस में हुई मीटिंग के दौरान PM मोदी के साथ यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी थीं। यह एग्रीमेंट 2007 से भारत और यूरोप के बीच लंबी बातचीत का सफल नतीजा है।

ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के लिए झटका: इस डील को US के प्रेसिडेंट-इलेक्ट डोनाल्ड ट्रंप के इरादों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। US ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने इस पर रिएक्शन देते हुए यूरोप पर आरोप लगाया है कि वह भारत से रूसी तेल से बने रिफाइंड प्रोडक्ट्स खरीदकर रूस-यूक्रेन युद्ध को इनडायरेक्टली फंडिंग कर रहा है।

नेशनल हाईवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर: बन रही सड़कों पर टोल टैक्स में 70% तक की भारी छूट

बिजनेस डेस्क: केंद्र सरकार ने नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले लाखों गाड़ी चलाने वालों को बड़ी राहत दी है। सड़क परिवहन और हाईवे मंत्रालय ने टोल टैक्स नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए बन रहे हाईवे पर टोल में 70% तक की छूट देने का ऐलान किया है। यह फैसला उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा जो सड़क बनने के दौरान ट्रैफिक जाम और धूल जैसी दिक्कतों के बावजूद पूरा टोल देते थे।नए नियमों और छूट की जानकारी सड़क परिवहन मंत्रालय ने नेशनल हाईवे टोल नियम, 2008 में बदलाव किए हैं:

टू-लेन से फोर-लेन: अगर किसी टू-लेन सड़क को चौड़ा करके फोर-लेन या उससे ज़्यादा किया जा रहा है, तो गाड़ी चलाने वालों को कंस्ट्रक्शन का काम पूरा होने तक तय टोल का सिर्फ 30% ही देना होगा। इससे सीधे तौर पर यात्रियों का 70% पैसा बचेगा।

फोर-लेन से छह/आठ-लेन: अगर किसी फोर-लेन हाईवे को छह या आठ लेन में अपग्रेड किया जा रहा है, तो यात्रियों को टोल में 25 परसेंट की छूट मिलेगी, यानी उन्हें टोल का सिर्फ़ 75 परसेंट ही देना होगा।

कब से लागू होगा नियम? सरकार की तरफ़ से जारी एक नोटिफ़िकेशन के मुताबिक, यह नया नियम नए साल 2026 से लागू हो गया है। यह नियम न सिर्फ़ नए प्रोजेक्ट्स पर बल्कि उन सभी मौजूदा हाईवे प्रोजेक्ट्स पर भी लागू होगा जहाँ सड़क चौड़ी करने का काम चल रहा है।

पूरे देश में रोड नेटवर्क को मज़बूत किया जाएगा: अधिकारियों के मुताबिक, देश में करीब 25 से 30 हज़ार किलोमीटर टू-लेन सड़कों को फोर-लेन में बदला जाना है, जिस पर करीब 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।

सरकार का मुख्य लक्ष्य हाईवे पर माल ढुलाई का हिस्सा 40 परसेंट से बढ़ाकर 80 परसेंट करना है। गौरतलब है कि टोल रोड की लागत पूरी होने के बाद सिर्फ 40 प्रतिशत टोल टैक्स लेने का नियम पहले से ही लागू है, लेकिन अब बन रही सड़कों पर भी लोगों की जेब पर बोझ कम होगा।

बजट 2026: टैक्सपेयर्स को हो सकती है मौज ! 80C की लिमिट बढ़कर Rs 3 लाख और होम लोन पर बड़ी राहत की उम्मीद

बिजनेस डेस्क: यूनियन बजट 2026 के पास आने के साथ ही देश के करोड़ों टैक्सपेयर्स की उम्मीदें एक बार फिर जाग गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, पिछले लगभग एक दशक से पुराने टैक्स रिजीम (OTR) के तहत मिलने वाली छूट में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जबकि महंगाई और रहने-सहने का खर्च लगातार बढ़ रहा है।

10 साल बाद 80C में बदलाव की संभावना: सेक्शन 80C के तहत मिलने वाली 1.5 लाख रुपये की डिडक्शन लिमिट में 2014 से कोई बदलाव नहीं किया गया है। एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि बचत को बढ़ावा देने और बढ़ती महंगाई को देखते हुए इस लिमिट को बढ़ाकर Rs 3 लाख कर देना चाहिए। इसमें PF, LIC और बच्चों की ट्यूशन फीस जैसे खर्च शामिल हैं।

हेल्थ इंश्योरेंस और होम लोन पर राहत की मांग

सेक्शन 80D: हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर 25,000 रुपये (आम नागरिकों के लिए) और 50,000 रुपये (सीनियर नागरिकों के लिए) का डिडक्शन 2015 से तय है। मेडिकल खर्च बढ़ने को देखते हुए इसे बढ़ाने की मांग हो रही है।

होम लोन (सेक्शन 24b): खुद के रहने वाली प्रॉपर्टी पर ब्याज पर 2 लाख रुपये का डिडक्शन भी 2014 से नहीं बदला है, जबकि घरों की कीमतें और लोन की रकम काफी बढ़ गई है। एक्सपर्ट डॉ. सुरेश सुराणा के मुताबिक, इस लिमिट को प्रॉपर्टी की कीमतों से जोड़ा जाना चाहिए।

क्या सरकार राहत देगी? सूत्रों का कहना है कि सरकार का मुख्य फोकस न्यू टैक्स रिजीम (NTR) पर है, जहां करीब 80% टैक्सपेयर्स पहले ही शामिल हो चुके हैं। नए रिजीम में टैक्स रेट कम हैं लेकिन कोई डिडक्शन नहीं है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बजट 2026 में सरकार पुराने सिस्टम वालों को राहत देती है या उन्हें नया सिस्टम अपनाने के लिए मोटिवेट करती रहती है।

सोने और चांदी की कीमतों में भारी उछाल: जानें आज की ताज़ा कीमतें

बिजनेस डेस्क: भारतीय कमोडिटी मार्केट में आज सोने और चांदी की कीमतों ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। फ्यूचर मार्केट (MCX) और स्पॉट मार्केट दोनों में कीमतों में ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई है, जिससे सोना अपने ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया है।

MCX पर सोने और चांदी का हाल: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 फरवरी को एक्सपायरी वाला सोना 4.17 परसेंट (6,272 रुपये) की उछाल के साथ 1,56,837 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल को पार कर गया है। इसी तरह चांदी भी अपने सबसे ऊंचे लेवल पर है, जहां 5 मार्च के कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 7,214 रुपये बढ़कर 3,30,886 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।

घरेलू बाज़ार में कीमतें: स्पॉट मार्केट में 24 कैरेट 10 ग्राम सोने का भाव 3.10 परसेंट बढ़कर 4,550 रुपये प्रति 1,55,780 रुपये हो गया है। चांदी की चमक भी बढ़ी है और यह 1,990 रुपये बढ़कर 3,25,910 रुपये प्रति kg पर पहुंच गई है।

इन शहरों में लेटेस्ट कीमतें

दिल्ली: राजधानी में 10 ग्राम सोने का भाव 4.28 परसेंट (6,430 रुपये) बढ़कर 1,57,130 रुपये से ऊपर पहुंच गया है। यहां चांदी का भाव 3,29,020 रुपये प्रति kg है।

मुंबई: आर्थिक राजधानी में 24 कैरेट सोना 1,57,400 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 6,250 रुपये बढ़कर 3,29,580 रुपये प्रति kg पर बिक रही है।

स्टॉक मार्केट के स्थिर ट्रेंड के बावजूद, कमोडिटी मार्केट में इस उछाल ने इन्वेस्टर्स का ध्यान खींचा है।

चांदी की कीमतों में 1 लाख रुपये की आ सकती है बड़ी गिरावट ! क्या 1980 की तरह फिर से बाजार में गिरावट आएगी?

बिजनेस डेस्क: देश के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतें भले ही नए रिकॉर्ड बना रही हों, लेकिन एक्सपर्ट्स ने निवेशकों को बड़ी गिरावट की चेतावनी दी है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आने वाले समय में चांदी की कीमतों में 1 लाख रुपये तक का बड़ा करेक्शन देखने को मिल सकता है। अभी चांदी काफी ‘ओवरवैल्यूड’ (महंगी) हो गई है और अगर यह 3.25 लाख से 3.30 लाख रुपये के टारगेट लेवल तक पहुंच जाती है, तो वहां से इसकी कीमतों में 30 परसेंट तक की गिरावट आ सकती है, जिससे कीमत वापस 2.30 लाख रुपये के लेवल पर आ सकती है।

गिरावट के मुख्य कारण: एक्सपर्ट्स ने इस संभावित गिरावट के कई अहम कारण बताए हैं:

टैरिफ में राहत: अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ के कारण कीमतों में बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन अगर टैरिफ वापस ले लिए जाते हैं, तो कीमतों में कमी आएगी।

मेटल रिप्लेसमेंट थ्योरी: चांदी इतनी महंगी हो गई है कि अब सोलर पैनल, EV और इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने वाली कंपनियां चांदी के सस्ते विकल्प के तौर पर कॉपर और एल्युमीनियम इस्तेमाल करने के बारे में सोच रही हैं।

डॉलर इंडेक्स में सुधार: डॉलर इंडेक्स में रिकवरी भी चांदी की कीमतों को नीचे लाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।

गोल्ड-सिल्वर रेश्यो: अभी यह रेश्यो 14 साल के निचले स्तर पर है, जिसके अब बढ़ने की संभावना है।

इतिहास दोहराने का डर: केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के मुताबिक, चांदी में अब रिटर्न की गुंजाइश बहुत कम रह गई है। उन्होंने 1980 के इतिहास का हवाला दिया, जब चांदी अपने पीक पर पहुंचने के बाद अगले दो महीनों में 70 परसेंट तक गिर गई थी। इसी तरह, 2011 में कीमतों में 32 परसेंट की गिरावट देखी गई थी।गौरतलब है कि पिछले एक महीने में ही चांदी की कीमतों में 50 परसेंट (लगभग 1 लाख रुपये) से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है।

सोमवार को MCX पर चांदी अपने ऑल-टाइम हाई 3,19,949 रुपये पर पहुंच गई थी। अब सवाल यह है कि क्या निवेशक इस महंगी चांदी में अपनी दिलचस्पी बनाए रखेंगे या प्रॉफिट बुकिंग के कारण बाजार में बड़ी गिरावट आएगी।

सोने-चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल: चांदी 3 लाख रुपये के पार, सोना भी नए रिकॉर्ड लेवल पर; ट्रंप के फैसलों से बाजार में हलचल

बिजनेस डेस्क: ग्लोबल लेवल पर बढ़ती जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के बीच भारतीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सोमवार को वायदा बाजार (MCX) में चांदी का भाव एक झटके में 13,550 रुपये से ज्यादा उछलकर 3,01,315 रुपये प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक लेवल पर पहुंच गया। इसके साथ ही सोने ने भी नया रिकॉर्ड बनाते हुए 1,45,500 रुपये प्रति 10 ग्राम का आंकड़ा छू लिया है।

ट्रंप के फैसलों का बाजार पर असर: एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कीमतों में इस भारी उछाल की मुख्य वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ग्रीनलैंड पर अपनाया गया सख्त रुख है। ट्रंप के 8 यूरोपीय देशों पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा और ग्रीनलैंड पर कंट्रोल पाने की उनकी जिद ने ग्लोबल आर्थिक मंदी के चांस बढ़ा दिए हैं।

इस वजह से, इन्वेस्टर रिस्की एसेट्स (जैसे स्टॉक मार्केट और बिटकॉइन) से दूर होकर सोने जैसे सेफ इन्वेस्टमेंट की तरफ जा रहे हैं।

ग्लोबल और डोमेस्टिक मार्केट का हालग्लोबल मार्केट: इंटरनेशनल मार्केट में सोना 1 परसेंट से ज़्यादा की बढ़त के साथ $4,660 प्रति औंस के रिकॉर्ड लेवल को पार कर गया है।मेट्रोपॉलिटन शहरों में कीमतें: दिल्ली में 24 कैरेट सोने का स्पॉट प्राइस Rs 14,584 प्रति ग्राम पर पहुंच गया है, जबकि मुंबई और कोलकाता में यह Rs 14,569 प्रति ग्राम रिकॉर्ड किया गया।बिटकॉइन में गिरावट: जहां सोना और चांदी बढ़ रहे हैं, वहीं ट्रंप के फैसलों की वजह से बिटकॉइन 3.6 परसेंट गिरकर $92,000 के लेवल पर आ गया है।जियोपॉलिटिकल टेंशन की वजह से आने वाले दिनों में कीमती मेटल की कीमतों में उतार-चढ़ाव रहने की संभावना है।

बजट 2026: क्या UPI पेमेंट अब ‘फ्री’ नहीं रहेंगे? 10,000 करोड़ के घाटे ने डिजिटल इंडिया की चिंता बढ़ाई

बिजनेस डेस्क: 1 फरवरी को पेश होने वाले यूनियन बजट 2026 में फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण के सामने सबसे बड़ी चुनौती UPI सिस्टम की मजबूती बनाए रखना होगा। भारत में डिजिटल क्रांति लाने वाला UPI सिस्टम इस समय ‘बड़े संकट’ से गुजर रहा है, क्योंकि इसे फ्री रखने की पॉलिसी पेमेंट कंपनियों और बैंकों पर भारी फाइनेंशियल दबाव डाल रही है।

ट्रांजैक्शन कॉस्ट और ज़ीरो MDR का बोझ: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के मुताबिक, हर UPI ट्रांजैक्शन को प्रोसेस करने में करीब 2 रुपये का खर्च आता है। सरकार की ‘ज़ीरो मर्चेंट डिस्काउंट रेट’ (MDR) पॉलिसी की वजह से मर्चेंट्स से कोई फीस नहीं ली जाती, जिसकी वजह से बैंकों और फिनटेक कंपनियों को यह सारा खर्च खुद उठाना पड़ता है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह मॉडल अब फायदेमंद नहीं रहा।

सरकारी सब्सिडी में कटौती: सूत्रों के मुताबिक, डिजिटल पेमेंट के लिए सरकारी इंसेंटिव में लगातार कमी आई है। फाइनेंशियल ईयर 2023-24 में यह 3,500 करोड़ रुपये था, जो मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के बजट अनुमान में घटकर सिर्फ 427 करोड़ रुपये रह गया है। दूसरी ओर, अनुमान है कि अगले दो सालों में इस इकोसिस्टम को चलाने के लिए 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये के इन्वेस्टमेंट की ज़रूरत होगी।

इंडस्ट्री की क्या मांगें हैं?: PhonePe और पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) जैसी पेमेंट कंपनियों ने मांग की है कि:

– बड़े मर्चेंट्स (जिनका सालाना टर्नओवर 10 करोड़ रुपये से ज़्यादा है) पर 25-30 बेसिस पॉइंट्स का MDR लगाया जाए।

– एक सस्टेनेबल रेवेन्यू मॉडल बनाया जाए ताकि कंपनियां साइबर सिक्योरिटी और ग्रामीण इलाकों में विस्तार में इन्वेस्ट करना जारी रख सकें।

RBI गवर्नर का इशारा: RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भी इशारा किया है कि UPI हमेशा फ्री नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि ट्रांज़ैक्शन कॉस्ट होती है और मॉडल के सस्टेनेबिलिटी के लिए किसी को तो पेमेंट करना ही होगा। अगर बजट में कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया तो कई फिनटेक कंपनियों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।

सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट: चांदी में 6,000 रुपये की गिरावट, सोना भी हुआ सस्ता; जानें MCX पर आज के लेटेस्ट भाव

बिजनेस डेस्क: आज भारतीय वायदा बाजार (MCX) में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। खासकर, बाजार खुलते ही चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई, जिसमें 6,000 रुपये से ज्यादा की कमी देखी गई। सोने की कीमतों में भी मामूली गिरावट देखी गई है।

चांदी की कीमतों में भारी गिरावट: MCX पर 5 मार्च डिलीवरी वाली चांदी पिछले सेशन में 2,91,577 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। आज यह 2,87,127 रुपये पर खुली और शुरुआती कारोबार में 2,85,513 रुपये तक नीचे गई। सुबह करीब 9:45 बजे यह करीब 1.18 फीसदी की गिरावट के साथ 2,88,128 रुपये पर कारोबार कर रही थी।

सोने की कीमत का हाल: सोने की कीमतों में भी आज करीब 500 रुपये की गिरावट आई। 5 फरवरी को डिलीवरी वाला सोना आज 1,42,589 रुपये पर खुला। सुबह 10 बजे यह करीब 0.24 परसेंट की गिरावट के साथ 1,42,771 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।क्यों आ रहा है यह बदलाव? एक्सपर्ट्स के मुताबिक, दुनिया के कई हिस्सों में बढ़ते तनाव और US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी की वजह से इन्वेस्टर्स का रुझान सोने और चांदी की तरफ हुआ है। इसके अलावा कई देशों के सेंट्रल बैंकों की तरफ से सोने की खरीदारी का भी मार्केट पर असर पड़ रहा है।

इन्वेस्टमेंट और रिटर्न: पिछले एक साल का डेटा देखें तो सोने की कीमत में करीब 80% की बढ़ोतरी हुई है, जबकि चांदी ने 192% का जबरदस्त रिटर्न दिया है। इस साल अब तक सोने की कीमत में 5% और चांदी की कीमत में 15% की बढ़ोतरी हुई है।