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सेंसेक्स, निफ्टी में शुरुआती कारोबार में तेजी

शेयर खुला

मुंबई, दो फरवरी (भाषा) सेंसेक्स और निफ्टी में सोमवार को शुरुआती कारोबार में तेजी दर्ज की गई।

बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 302 अंक चढ़कर 81,024.94 अंक पर और एनएसई निफ्टी 59.25 अंक की बढ़त के साथ 24,884.70 अंक पर पहुंच गया।

सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से अदाणी पोर्ट्स, लार्सन एंड टुब्रो, एशियन पेंट्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इटर्नल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, पावर ग्रिड और एचडीएफसी बैंक के शेयर में तेजी रही। वहीं ट्रेंट, टाइटन, आईटीसी और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर नुकसान में रहे।

केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होने के बाद रविवार को बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स रविवार को 1,546.84 अंक और निफ्टी 495.20 अंक टूटा था।

एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी चार प्रतिशत से अधिक टूटा। जापान का निक्की 225 सूचकांक, चीन का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग भी गिरावट में रहे।

अमेरिकी बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।

अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 4.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 66.45 डॉलर प्रति बैरल रहा।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) लंबे समय बाद रविवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने 588.34 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

सेंसेक्स, निफ्टी में शुरुआती कारोबार में तेजी
 मुंबई, दो फरवरी (भाषा) सेंसेक्स और निफ्टी में सोमवार को शुरुआती कारोबार में तेजी दर्ज की गई।
 बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 302 अंक चढ़कर 81,024.94 अंक पर और एनएसई निफ्टी 59.25 अंक की बढ़त के साथ 24,884.70 अंक पर पहुंच गया।
 सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से अदाणी पोर्ट्स, लार्सन एंड टुब्रो, एशियन पेंट्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इटर्नल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, पावर ग्रिड और एचडीएफसी बैंक के शेयर में तेजी रही। वहीं ट्रेंट, टाइटन, आईटीसी और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर नुकसान में रहे।
 केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होने के बाद रविवार को बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स रविवार को 1,546.84 अंक और निफ्टी 495.20 अंक टूटा था।
 एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी चार प्रतिशत से अधिक टूटा। जापान का निक्की 225 सूचकांक, चीन का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग भी गिरावट में रहे।
 अमेरिकी बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।
 अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 4.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 66.45 डॉलर प्रति बैरल रहा।
 शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) लंबे समय बाद रविवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने 588.34 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
बजट 2026: मिडिल क्लास को झटका, टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं और इन्वेस्टमेंट पर कोई राहत नहीं

नई दिल्ली: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने रविवार, 1 फरवरी, 2026 को देश का आम बजट पेश किया। इस बजट में सरकार ने आम आदमी, किसानों, महिलाओं और युवाओं पर फोकस करने का दावा किया है, लेकिन मिडिल क्लास की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।

टैक्स सिस्टम में कोई बदलाव नहीं: मिडिल क्लास की सबसे बड़ी उम्मीद इनकम टैक्स में छूट मिलने की थी। पिछले सालों के अंदाजों के उलट, सरकार ने टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है। स्टैंडर्ड डिडक्शन को 75 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने की मांग भी पूरी नहीं हुई है। इसके अलावा, नए टैक्स सिस्टम में PPF, NPS और ELSS जैसी स्कीम पर कोई एक्स्ट्रा टैक्स छूट नहीं दी गई है।

शेयर बाजार में हंगामा: बजट की घोषणाओं से निराश शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई। सेंसेक्स करीब 2300 पॉइंट और निफ्टी 495 पॉइंट गिर गया। इस गिरावट की मुख्य वजह F&O ट्रेडिंग पर ट्रांज़ैक्शन चार्ज में बढ़ोतरी और टैक्स रेट में कमी न होना माना जा रहा है।

CNG यूज़र्स को राहत और लग्ज़री कारें सस्ती होंगी: बजट में CNG यूज़र्स के लिए अच्छी खबर है क्योंकि बायोगैस पर टैक्स ज़ीरो कर दिया गया है, जिससे गाड़ी चलाना सस्ता हो सकता है। दूसरी ओर, इंडिया-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की वजह से यूरोप से आने वाली महंगी लग्ज़री कारों (जैसे मर्सिडीज़, पोर्शे, बेंटले) पर कस्टम ड्यूटी कम हो जाएगी, जिससे ये कारें सस्ती हो जाएंगी।

दूसरे तबकों की निराशा

#किसान: PM किसान सम्मान निधि की रकम 6,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये किए जाने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा कोई ऐलान नहीं हुआ।

#सीनियर सिटिज़न्स: सीनियर सिटिज़न्स को रेलवे किराए या हेल्थ इंश्योरेंस में कोई खास राहत नहीं मिली।

नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाला है, जिससे टैक्सपेयर्स को आसानी होने का दावा किया जा रहा है।

यूनियन बजट 2026-27: ‘राहत कम और रोडमैप ज़्यादा’; जानें आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा और क्या होगा सस्ता

नई दिल्ली: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया यूनियन बजट 2026-27 तुरंत मिलने वाले फायदों के बजाय देश के भविष्य की तस्वीर साफ करने वाला ‘रोडमैप’ लगता है। सरकार ने इस बजट में पॉपुलर फैसलों के बजाय लंबे समय की ग्रोथ और स्ट्रक्चरल मजबूती को प्राथमिकता दी है।

आर्थिक स्थिति और फिस्कल डिसिप्लिन: सरकार का दावा है कि उसकी पॉलिसी की वजह से भारत ने 7% से ज़्यादा की इकोनॉमिक ग्रोथ रेट हासिल की है। बजट में फिस्कल डेफिसिट को कंट्रोल में रखने का टारगेट रखा गया है, जिसके मुताबिक FY26 में इसके 4.4% और FY27 में 4.3% रहने का अनुमान है। 16वें फाइनेंस कमीशन की सिफारिशों से राज्यों को करीब 1.4 लाख करोड़ रुपये मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

इंफ्रास्ट्रक्चर:

बजट का सबसे मजबूत पिलर: इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर को ग्रोथ का इंजन माना गया है। सरकार ने FY27 के लिए करीब 12.2 लाख करोड़ रुपये के कैपिटल खर्च का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत अगले पांच सालों में 20 नए वॉटरवे, सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और नए फ्रेट कॉरिडोर बनाने का प्लान है।

क्या सस्ता होगा और क्या महंगा?

सस्ता: 17 कैंसर की दवाएं, कुछ मेडिकल डिवाइस, न्यूक्लियर और ग्रीन एनर्जी से जुड़े सामान सस्ते हो सकते हैं क्योंकि इन पर कस्टम ड्यूटी खत्म कर दी गई है या कम कर दी गई है।

महंगा: फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग महंगी होगी क्योंकि इस पर STT बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा, शेयर बायबैक पर टैक्स का बोझ बढ़ेगा।

आम आदमी और टैक्सपेयर्स के लिए इसमें क्या है? बजट में इनकम टैक्स नियमों को आसान बनाने और छोटे टैक्सपेयर्स को कुछ राहत देने की कोशिश की गई है। खास तौर पर, विदेश में पढ़ाई और मेडिकल खर्च पर TCS (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स) कम किया गया है, जिससे विदेश में पढ़ाई करने जाने वाले स्टूडेंट्स को फायदा होगा।

खेती और रोज़गार: किसानों की इनकम बढ़ाने के लिए AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) बेस्ड सॉल्यूशन लाए गए हैं और नारियल, काजू और कोको जैसी फसलों पर खास ध्यान दिया गया है। रोज़गार बढ़ाने के लिए MSME और टेक्सटाइल सेक्टर के लिए खास फंड की घोषणा की गई है।

केंद्रीय बजट से पहले सोने, चांदी के वायदा भाव में नौ प्रतिशत की भारी गिरावट

 नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होने से पहले रविवार को वायदा कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में नौ प्रतिशत तक की गिरावट आई और ये अपने निचले ‘सर्किट’ स्तर पर पहुंच गईं। हाल ही में आई रिकॉर्ड तोड़ तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली जारी रखी।
 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगी।
 मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर, लगातार दूसरे सत्र में गिरावट जारी रही। सोने के अप्रैल में आपूर्ति वाले अनुबंधों का वायदा भाव 13,711 रुपये या नौ प्रतिशत टूटकर 1,38,634 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे एमसीएक्स पर वायदा कारोबार में इसने अपना निचला सर्किट स्तर छू लिया।
 एमसीएक्स पर चांदी के वायदा भाव में भी भारी गिरावट आई क्योंकि व्यापारियों ने ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली जारी रखी। इसके परिणामस्वरूप मार्च में आपूर्ति वाले चांदी के अनुबंध की कीमत 26,273 रुपये या नौ प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,65,652 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई जो इसका निचला सर्किट स्तर है।
 वैश्विक वायदा बाजार अवकाश के कारण रविवार को बंद रहेंगे।
बजट 2026: ऐतिहासिक रविवार को शेयर बाजार मामूली बढ़त के साथ खुला; सोने-चांदी की कीमतों में ‘भयावह’ गिरावट

बिजनेस डेस्क: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण आज, 1 फरवरी, 2026 को जो यूनियन बजट पेश करेंगी, उससे पहले इंडियन शेयर मार्केट में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। खास बात यह है कि 1999 के बाद शेयर मार्केट के इतिहास में यह दूसरी बार है जब रविवार को मार्केट खुला है।

मार्केट ओपनिंग: रविवार सुबह शेयर मार्केट मामूली बढ़त के साथ खुला। सेंसेक्स 119.19 पॉइंट्स (0.14%) की बढ़त के साथ 82,388.97 पर और निफ्टी 13.10 पॉइंट्स (0.05%) की बढ़त के साथ 25,333.75 पर खुला। हालांकि, सेंसेक्स में शामिल 30 में से सिर्फ 11 कंपनियों के शेयर ही हरे निशान में रहे।

डिफेंस और रेलवे स्टॉक्स में तेज़ी: बजट में खर्च बढ़ने की उम्मीद से डिफेंस और रेलवे सेक्टर के स्टॉक्स में ज़बरदस्त तेज़ी देखी जा रही है:

डिफेंस: हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) एक के बाद एक 1.37% और 2.14% की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे हैं।

रेलवे: RVNL के शेयर 2.35% और IRFC के 2.08% बढ़े।

सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट: शेयर बाज़ार में मामूली तेज़ी के उलट, कमोडिटी बाज़ार में सोने और चांदी की कीमतों में तेज़ी से गिरावट जारी है। MCX पर सोना 8.88% गिरकर 1,38,813 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 9.00% गिरकर 2,65,652 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। सोने और चांदी के ETF में भी 10% से 12% की भारी गिरावट देखी गई है।

तंबाकू पर GST का असर: आज (1 फरवरी) से सिगरेट और तंबाकू प्रोडक्ट्स पर 40% नया GST लागू होने से ITC के शेयरों में गिरावट देखी जा रही है। इसके अलावा, FMCG की बड़ी कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) भी नुकसान में ट्रेड कर रही है।

इन्वेस्टर्स की नज़रें: इन्वेस्टर्स की नज़र फाइनेंस मिनिस्टर द्वारा कैपिटल गेन्स टैक्स, टैक्स स्लैब में बदलाव और फिस्कल डेफिसिट को लेकर की गई घोषणाओं पर है।

हुंदै मोटर इंडिया की जनवरी में कुल बिक्री में 11.5 प्रतिशत बढ़कर 73,137 इकाई

 नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) हुंदै मोटर इंडिया की जनवरी में कुल बिक्री सालाना आधार पर 11.5 प्रतिशत बढ़कर 73,137 इकाई हो गई।
 मोटर वाहन विनिर्माता कंपनी हुंदै मोटर इंडिया ने बयान में कहा कि जनवरी, 2025 में कंपनी की कुल बिक्री 65,603 इकाई रही थी।
 घरेलू बाजार में थोक बिक्री पिछले महीने नौ प्रतिशत बढ़कर 59,107 इकाई हो गई जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 54,003 इकाई रही थी।
 निर्यात पिछले महीने 14,030 इकाई रहा जबकि जनवरी 2024 में यह 11,600 इकाई था।
 हुंदै मोटर इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) तरुण गर्ग ने बयान में कहा, ‘‘ घरेलू बिक्री में अब तक की सबसे अधिक मासिक बिक्री 59,107 इकाई दर्ज की गई। कुल बिक्री सर्वाधिक 73,137 इकाई रही जिसमें 11.5 प्रतिशत की मजबूत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। ये आंकड़ें हुंदै के ब्रांड नेतृत्व को ही नहीं बल्कि हमारे कर्मचारियों, भागीदारों एवं ग्राहकों की सामूहिक शक्ति को भी दर्शाते हैं।’’
वित्त मंत्री सीतारमण ने बजट पेश करने से पहले की राष्ट्रपति से मुलाकात

 
 नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में अपना रिकॉर्ड नौवां बजट पेश करने से पहले रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।
 परंपरा के अनुसार, वित्त मंत्री संसद जाने से पहले राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मिलीं।
 राष्ट्रपति भवन जाने से पहले सीतारमण ने कर्तव्य भवन स्थित अपने कार्यालय के सामने अपने बजट दल के साथ तस्वीर खिंचवाई। ‘मैजेंटा’ रंग की रेशमी साड़ी पहने सीतारमण ने राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न वाले एक लाल ‘पाउच’ (थैले) में टैबलेट पकड़ा था। उनके साथ राज्य मंत्री और उनके मंत्रालय के सभी छह सचिव भी मौजूद रहे।
 केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री सीतारमण ने वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ केंद्रीय बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मुलाकात की।
इस मुलाकात के बाद वे मंत्रिमंडल की बैठक में शामिल हुईं, जिसमें 2026-27 के बजट को औपचारिक रूप से मंजूरी दी जाएगी।
 सीतारमण ने 2019 में स्थापित की गई अपनी परंपरा को जारी रखते हुए, बजट भाषण को ‘बही-खाते’ में ले जाना जारी रखा। ‘ब्रीफकेस’ की परंपरा को छोड़ने के बाद इसकी शुरुआत की गई थी।
 वित्त मंत्री अपना लगातार नौवां बजट पेश करेंगी। इसमें विकास की गति को बनाए रखने, राजकोषीय मजबूती को बरकरार रखने और अमेरिकी शुल्क सहित वैश्विक व्यापारिक टकरावों से अर्थव्यवस्था को बचाने वाले सुधारों की घोषणा किए जाने की उम्मीद है।
यूनियन बजट 2026: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण कल अपना लगातार 9वां बजट पेश करेंगी; टैक्स में राहत और सुधारों की उम्मीद

नेशनल डेस्क: यूनियन फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण कल, 1 फरवरी, 2026 को सुबह 11 बजे देश का आम बजट पेश करेंगी। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा, जिससे वह लगातार सबसे ज़्यादा बजट पेश करने वाली फाइनेंस मिनिस्टर बन जाएंगी।

बजट से मुख्य उम्मीदें: जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं के बीच इकोनॉमिक ग्रोथ को तेज़ करने के लिए आने वाले बजट में कई ज़रूरी सुधारों की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, बजट के मुख्य पॉइंट इस तरह हो सकते हैं:टैक्स में राहत: सैलरी पाने वाले लोगों को स्टैंडर्ड डिडक्शन में राहत मिलने की उम्मीद है।

GST और कस्टम ड्यूटी: GST रेट में कमी और कस्टम ड्यूटी सिस्टम में बड़े बदलाव की संभावना है।इकोनॉमिक टारगेट: सरकार डेट-टू-GDP रेश्यो को कम करने के लिए कदम उठा सकती है।

ऐतिहासिक रिकॉर्ड: निर्मला सीतारमण 2019 में भारत की पहली फुल-टाइम महिला फाइनेंस मिनिस्टर बनीं। कल बजट पेश करके वह पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के 10 बजट के रिकॉर्ड के करीब पहुंच जाएंगी। गौरतलब है कि पूर्व फाइनेंस मिनिस्टर पी. चिदंबरम ने 9 और प्रणब मुखर्जी ने 8 बजट पेश किए थे।

बदलते रिवाज: साल 2017 से बजट पेश करने की तारीख 1 फरवरी तय की गई है ताकि फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत (1 अप्रैल) तक सभी प्रोसेस पूरे हो सकें।

पहले बजट फरवरी के आखिरी दिन और शाम 5 बजे ब्रिटिश ज़माने के रिवाज के मुताबिक पेश किया जाता था, जिसे बाद में बदलकर सुबह 11 बजे कर दिया गया।

सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट: 24 घंटे में चांदी 85,000 रुपये सस्ती, सोना भी हुआ सस्ता; जानें लेटेस्ट कीमत

बिजनेस डेस्क: सोने और चांदी की कीमतों में लगातार हो रही तेजी अचानक थम गई है। पिछले 24 घंटे में इन कीमती धातुओं की कीमतों में अचानक बड़ी गिरावट आई है, जिससे जहां निवेशकों को बड़ा झटका लगा है, वहीं शादियों के सीजन में खरीदारी करने वालों को बड़ी राहत मिली है।

चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट: वायदा बाजार (MCX) में चांदी की कीमतों में 85,000 रुपये प्रति किलोग्राम की बड़ी गिरावट देखी गई है। गुरुवार को चांदी पहली बार 4 लाख का आंकड़ा पार कर 4.20 लाख रुपये पर पहुंच गई थी, लेकिन शुक्रवार दोपहर तक यह गिरकर 3.35 लाख रुपये पर आ गई।

सोना भी हुआ सस्ता: शुक्रवार को सोने की कीमतों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। 10 ग्राम सोने की कीमत 25,500 रुपये गिरकर 1,93,096 रुपये के रिकॉर्ड हाई से 1,67,406 रुपये पर आ गई है।

गिरावट के मुख्य कारण: मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस बड़ी गिरावट के कई कारण हैं:

प्रॉफिट बुकिंग: कीमतों में पीक के कारण इन्वेस्टर्स ने बड़े पैमाने पर बिकवाली शुरू कर दी।

ग्लोबल कारण: ग्लोबल मार्केट में डॉलर की मजबूती, जियोपॉलिटिकल टेंशन में कमी और US फेडरल रिजर्व से मिले संकेतों ने सेफ हेवन के तौर पर सोने और चांदी की डिमांड कम कर दी है।

शॉर्ट सेलर्स: चांदी में शॉर्ट सेलर्स की एक्टिविटी के कारण गिरावट और गहरी हो गई।इन्वेस्टर्स और बायर्स के लिए सलाह: इस गिरावट का असर सिल्वर और गोल्ड ETFs पर भी पड़ा है, जिनमें 10 से 20 परसेंट की कमी आई है।

एनालिस्ट्स का कहना है कि यह लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स के लिए खरीदने का सुनहरा मौका हो सकता है, लेकिन मार्केट में अभी भी वोलैटिलिटी की संभावना है, इसलिए जल्दबाजी से बचने की जरूरत है।