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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का निधन: नॉमिनेशन फाइल करने के अगले ही दिन हुआ निधन

इंटरनेशनल डेस्क: बांग्लादेशी पॉलिटिक्स में एक युग का अंत हो गया है। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की चेयरपर्सन बेगम खालिदा जिया का मंगलवार सुबह लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 80 साल की थीं और लंबे समय से हेल्थ प्रॉब्लम से जूझ रही थीं।

सूत्रों के मुताबिक, इस घटना की ज़रूरी डिटेल्स इस तरह हैं:

चुनाव और नॉमिनेशन: खालिदा जिया की मौत बहुत ही हैरान करने वाले समय पर हुई। उन्होंने अपनी मौत (सोमवार को) से ठीक एक दिन पहले फरवरी 2026 में होने वाले 13वें पार्लियामेंट्री इलेक्शन के लिए तीन अलग-अलग सीटों (फेनी-1, बोगरा-7 और दिनाजपुर-3) से अपना नॉमिनेशन पेपर फाइल किया था।पॉलिटिकल सफर और कानूनी राहत: वह बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं। हालांकि उन पर कई करप्शन केस चल रहे थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2025 में आखिरी केस में उन्हें बरी कर दिया, जिससे उनके दोबारा चुने जाने का रास्ता साफ हो गया।

फ़ैमिली डिटेल्स: उनके बड़े बेटे और BNP के वर्किंग चेयरमैन तारिक रहमान ने भी दो सीटों से चुनाव लड़ने के लिए अपना नॉमिनेशन पेपर फाइल किया है। खालिदा ज़िया के छोटे बेटे अराफ़ात की 2015 में मौत हो गई थी।

आखिरी बार पब्लिक में दिखे: उन्हें आखिरी बार 21 नवंबर को ढाका कैंट में बांग्लादेश आर्मी के एक इवेंट में व्हीलचेयर पर देखा गया था, जहाँ वे काफी बीमार लग रहे थे।बांग्लादेश में 12 फरवरी को पार्लियामेंट्री इलेक्शन होने हैं, लेकिन मुख्य विपक्षी नेता की मौत ने देश के पॉलिटिकल हालात में नई हलचल मचा दी है।

रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म होने की उम्मीद: ट्रंप और ज़ेलेंस्की की मीटिंग के बाद शांति प्लान पर 90% सहमति

इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका के प्रेसिडेंट-इलेक्ट डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के प्रेसिडेंट वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के बीच फ्लोरिडा के मार-ए-लागो रिसॉर्ट में एक बहुत ज़रूरी मीटिंग हुई। इस मीटिंग के बाद, दोनों नेताओं ने संकेत दिया है कि रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौता अब पहले से कहीं ज़्यादा करीब है।

सूत्रों के मुताबिक, इस मीटिंग की मुख्य बातें इस तरह हैं:

शांति प्लान पर प्रोग्रेस: प्रेसिडेंट ज़ेलेंस्की ने कहा कि 20-पॉइंट वाले शांति प्लान पर 90 परसेंट सहमति हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि मिलिट्री पहलुओं और US-यूक्रेन सिक्योरिटी गारंटी पर 100 परसेंट सहमति हो गई है।

पुतिन से बातचीत: ज़ेलेंस्की से मिलने से पहले ट्रंप ने रूस के प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन से फ़ोन पर करीब ढाई घंटे तक पॉज़िटिव बातचीत की। ट्रंप ने भरोसा जताया कि पुतिन भी शांति चाहते हैं और सही समय आने पर वह रूस, यूक्रेन और US के बीच एक ट्राइलेटरल मीटिंग के लिए भी तैयार हैं।

टाइमलाइन: युद्ध खत्म होने के बारे में ट्रंप ने कहा कि अगर सब ठीक रहा, तो यह कुछ हफ़्तों में हो सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर हालात बिगड़ते हैं, तो बातचीत टूट सकती है और युद्ध लंबा खिंच सकता है।

सिक्योरिटी गारंटी: ज़ेलेंस्की के मुताबिक, सिक्योरिटी गारंटी पक्की शांति पाने में एक मील का पत्थर है और दोनों देशों की टीमें इस पर काम करती रहेंगी।

ट्रंप का दावा: ट्रंप ने कहा कि पुतिन यूक्रेन की सफलता के लिए उदार थे और वह चाहते हैं कि यह समझौता पूरा हो।

बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या: पलाश कांति साहा को घर में बंद करके ज़िंदा जलाया

इंटरनेशनल डेस्क: बांग्लादेश में हिंदू समुदाय को चुन-चुनकर निशाना बनाने का डरावना ट्रेंड जारी है। ताज़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिरोजपुर ज़िले में एक और हिंदू आदमी, पलाश कांति साहा की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता अमित मालवीय ने दावा किया है कि दंगाइयों ने पलाश को उसके ही घर में बंद करके बाहर से आग लगा दी।

सूत्रों के मुताबिक, घटना की मुख्य जानकारी इस तरह है:

घटना का समय और जगह: यह घटना 27 दिसंबर, 2025 को सुबह करीब 6 बजे पिरोजपुर ज़िले के डुमुरिया गांव में हुई। चश्मदीदों के मुताबिक, एक दिन पहले, इसी ज़िले के वेस्ट डुमुरिटला गांव में दो हिंदू परिवारों के पांच घर जला दिए गए थे।वीडियो वायरल: घटना का एक दिल दहला देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें पलाश का घर जलता हुआ दिख रहा है और परिवार के लोग रो रहे हैं।

पॉलिटिकल रिएक्शन: अमित मालवीय ने इस हिंसा की तुलना पश्चिम बंगाल के मालदा और मुर्शिदाबाद में हुए दंगों से की है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है और उनकी चुप्पी पर सवाल उठाया है।

अन्य हत्याएं: इस महीने अब तक बांग्लादेश में चार हिंदुओं की हत्या हो चुकी है, जिनमें दीपू चंद्र दास और अमृत मंडल शामिल हैं।इंटरनेशनल न्यूज़ हेडलाइंस:इस बीच, पाकिस्तान के प्रेसिडेंट आसिफ अली जरदारी ने एक बड़ा खुलासा किया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान इंडियन आर्मी के डर से उन्हें बंकर में छिपने की सलाह दी गई थी। पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने भी माना है कि इस ऑपरेशन के दौरान उनका ‘नूर खान बेस’ पूरी तरह तबाह हो गया था।

इटली के एक पहाड़ी गांव में 30 साल बाद गूंजी किलकारी: एक बच्ची के जन्म ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा

इंटरनेशनल डेस्क: इटली के अब्रूज़ो इलाके में बसे एक बहुत छोटे से पहाड़ी गांव ‘पगलियारा देई मार्सी’ में एक ऐसी घटना हुई है जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। इस गांव में पिछले 30 सालों से कोई बच्चा पैदा नहीं हुआ था, लेकिन हाल ही में एक बच्ची के जन्म ने गांव की लंबी चुप्पी को तोड़ दिया है।

सूत्रों के मुताबिक, इस खबर की मुख्य बातें इस तरह हैं

:गांव की हालत: समय के साथ इस गांव की आबादी कम होती गई। युवा काम की तलाश में शहरों की ओर चले गए, जिससे स्कूल बंद हो गए और गांव में इंसानों से ज़्यादा बिल्लियां दिखने लगीं।

30 साल का इंतज़ार: मार्च 2025 में तीन दशक बाद इस गांव में एक बच्ची का जन्म हुआ, जिसका नाम ‘लारा’ रखा गया है। इस खबर से पूरा गांव जश्न में डूब गया और बड़ों के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं था।

परिवार की जानकारी: लारा की मां 42 साल की हैं और पिता 56 साल के हैं। लारा के जन्म के साथ ही गांव की कुल आबादी अब करीब 20 हो गई है।

सोशल मीडिया पर चर्चा: जब लारा की मां ‘सिंजिया ट्रैबुको’ ने अपनी बच्ची की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कीं, तो वे तेज़ी से वायरल हो गईं और इंटरनेशनल मीडिया में चर्चा का विषय बन गईं।इटली का बर्थ रेट: इटली में गिरते बर्थ रेट के लिहाज़ से इस घटना को बहुत अहम माना जा रहा है। साल 2024 में इटली का फर्टिलिटी रेट सिर्फ़ 1.18 था, जो बहुत चिंता की बात है। ऐसे में लारा का जन्म उम्मीद की किरण बनकर सामने आया है।

अमेरिका में बर्फीले तूफान ने तबाही मचाई: 1800 से ज़्यादा फ़्लाइट्स कैंसिल, न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी में इमरजेंसी घोषित

इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका में विंटर स्टॉर्म डेविन ने छुट्टियों के मौसम में यात्रा करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस तूफ़ान की वजह से हज़ारों फ़्लाइट्स कैंसिल और लेट हो गई हैं, जिससे एयरपोर्ट्स पर भारी भीड़ और अफ़रा-तफ़री का माहौल बन गया है।

फ़्लाइट्स पर बड़ा असर: सूत्रों के मुताबिक, फ़्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट ‘फ़्लाइटअवेयर’ के शुक्रवार शाम तक के डेटा के मुताबिक:

-कुल 1,802 फ़्लाइट्स कैंसिल हुईं।

-22,349 फ़्लाइट्स लेट हुईं।

-सबसे ज़्यादा नुकसान जेटब्लू (225 फ़्लाइट्स), डेल्टा (212), और रिपब्लिक एयरवेज़ (157) को हुआ है।

-अमेरिकन एयरलाइंस और यूनाइटेड एयरलाइंस ने भी बड़ी संख्या में फ़्लाइट्स कैंसिल की हैं।

मौसम की चेतावनी और बर्फ़बारी: US नेशनल वेदर सर्विस ने शनिवार दोपहर तक बर्फ़बारी की चेतावनी जारी रखी है। वेदर सर्विस के मुताबिक, अपस्टेट न्यूयॉर्क, न्यूयॉर्क सिटी और लॉन्ग आइलैंड समेत कई इलाकों में 4 से 8 इंच बर्फ़बारी होने की उम्मीद है। जॉन एफ़ कैनेडी, नेवार्क लिबर्टी और ला गार्डिया जैसे बड़े एयरपोर्ट ने पहले ही यात्रियों को चेतावनी दे दी है।

सरकारी कार्रवाई और राहत: तूफ़ान की गंभीरता को देखते हुए, न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी में इमरजेंसी की स्थिति घोषित कर दी गई है। न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने कहा कि यह फ़ैसला इसलिए लिया गया है ताकि लोकल एजेंसियों के पास तूफ़ान से निपटने के लिए ज़रूरी टूल और इक्विपमेंट हों। प्रभावित यात्रियों के लिए राहत की खबर यह है कि कई एयरलाइनों ने रीबुकिंग फ़ीस माफ़ कर दी है।

बांग्लादेश में मशहूर सिंगर जेम्स के कॉन्सर्ट पर कट्टरपंथी भीड़ का हमला: 25 छात्र घायल, बीच में ही रद्द हुआ कार्यक्रम

इंटरनेशन डेस्क : बांग्लादेश में कलाकारों और सांस्कृतिक संस्थानों पर हो रहे हमलों की कड़ी में अब मशहूर रॉकस्टार जेम्स (James) के कार्यक्रम को निशाना बनाया गया है। ढाका से लगभग 120 किलोमीटर दूर फरीदपुर में एक स्कूल की वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित इस संगीत कार्यक्रम को हिंसा के कारण रद्द करना पड़ा।

घटना का विवरण: सूत्रों के अनुसार, यह घटना शुक्रवार रात करीब 9 बजे की है। हमलावरों ने जबरन कार्यक्रम में घुसने की कोशिश की और जब उन्हें रोका गया, तो भीड़ ने लोगों पर ईंट और पत्थरों से हमला शुरू कर दिया। इस हिंसक झड़प में कम से कम 25 छात्र घायल हुए हैं। स्थानीय रिपोर्टों और सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के मुताबिक, भीड़ ने इस कार्यक्रम का विरोध इसलिए किया क्योंकि वहां संगीत बज रहा था और बॉलीवुड गाने गाए जा रहे थे।

सांस्कृतिक संस्थानों पर संकट: मशहूर लेखिका तस्लीमा नसरीन ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए जानकारी दी कि बांग्लादेश में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि:सांस्कृतिक केंद्र ‘छायानाट’ को जलाकर राख कर दिया गया है।लोक संस्कृति और नृत्य को बढ़ावा देने वाले संगठन ‘उदिची’ को भी आग के हवाले कर दिया गया है।मैहर घराने के मशहूर कलाकार सिराज अली खान भी देश के बिगड़ते हालातों के कारण बिना प्रस्तुति दिए ही भारत लौट गए हैं।

कौन हैं सिंगर जेम्स? जेम्स बांग्लादेश के सबसे प्रतिष्ठित गायकों और गीतकारों में से एक हैं। वह अपने रॉक बैंड ‘नागर बाउल’ के मुख्य गायक हैं। भारत में भी उनकी जबरदस्त लोकप्रियता है, क्योंकि उन्होंने बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्मों में अपनी आवाज दी है, जिनमें फिल्म ‘गैंगस्टर’ का गाना ‘भीगी-भीगी’ और ‘लाइफ इन ए मेट्रो’ का ‘अलविदा’ विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं।।

कनाडा में एक और भारतीय स्टूडेंट की हत्या: टोरंटो में PhD स्टूडेंट शिवांक की गोली मारकर हत्या

इंटरनेशनल डेस्क: विदेश में रह रहे भारतीय स्टूडेंट्स की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ी चिंता पैदा हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, कनाडा के टोरंटो में एक बहुत ही बुरी घटना हुई है, जहां 20 साल के भारतीय PhD स्टूडेंट शिवांक अवस्थी की टोरंटो यूनिवर्सिटी के स्कारबोरो कैंपस के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना 23 दिसंबर को हाइलैंड क्रीक ट्रेल इलाके में हुई।

पुलिस को शिवांक गंभीर रूप से घायल हालत में मिला और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हमलावर मौके से भाग गए हैं और पुलिस मामले की जांच कर रही है। गौरतलब है कि इससे पहले कनाडा में एक और भारतीय मूल की लड़की हिमांशी खुराना की हत्या की खबर भी सामने आई थी।

बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा जारी: भीड़ ने एक ओर हिंदू की बेरहमी से हत्या कर दी

इंटरनेशनल डेस्क: बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे वहां के अल्पसंख्यकों में डर का माहौल है। राजबारी जिले में एक और हिंदू युवक अमृत मंडल (उर्फ सम्राट) की कथित तौर पर भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी है।

घटना की जानकारी: सूत्रों के मुताबिक, पंग्शा मॉडल पुलिस स्टेशन ने 29 साल के अमृत मंडल की हत्या की पुष्टि की है। पुलिस ने बताया कि स्थानीय लोगों ने अमृत पर जबरन वसूली का आरोप लगाया था, जिसके बाद मामला भीड़ की हिंसा में बदल गया। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अमृत का नाम ‘सम्राट वाहिनी’ नाम के एक स्थानीय गैंग के लीडर के तौर पर भी दर्ज था।

बढ़ती हिंसा और आंकड़े: यह घटना मैमनसिंह शहर में दीपू चंद्र दास की हत्या के कुछ ही दिनों बाद हुई है, जिन्हें ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था।

बांग्लादेश में हालात बहुत चिंताजनक बने हुए हैं:2025 में अब तक हिंसा में 184 लोगों की मौत हो चुकी है।पिछले 5 दिनों में चटगांव के रावजन इलाके में 7 हिंदू परिवारों के घरों में आग लगा दी गई है।ढाका में विरोध प्रदर्शन के दौरान मीडिया ऑफिस और कल्चरल ऑर्गनाइज़ेशन पर भी हमला किया गया है।

सरकार का पक्ष: अंतरिम सरकार के मुखिया मुहम्मद यूनुस के ऑफिस ने एक बयान जारी कर कहा है कि अफवाहों या आरोपों के बहाने हिंसा की इजाज़त नहीं दी जा सकती। ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइज़ेशन ‘नो सलीश केंद्र’ ने भी इन घटनाओं पर गहरी चिंता जताई है।

US में बड़ा ऑपरेशन: 30 भारतीयों समेत 49 गैर-कानूनी इमिग्रेंट्स गिरफ्तार, जानें किया है मामला

इंटरनेशनल डेस्क: US के कैलिफ़ोर्निया में एक बड़े ऑपरेशन में, US कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) ने कुल 49 गैर-कानूनी इमिग्रेंट्स को गिरफ्तार किया है, जिनमें 30 भारतीय नागरिक शामिल हैं। ये सभी लोग बिना किसी लीगल डॉक्यूमेंट्स के US में रह रहे थे और कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस (CDL) का इस्तेमाल करके बड़े सेमी-ट्रक चला रहे थे।

गिरफ्तारी की डिटेल्स और जगहें:सूत्रों के मुताबिक, ये गिरफ्तारियां हाल के हफ्तों में अलग-अलग इमिग्रेशन चेकपॉइंट्स पर गाड़ियों की चेकिंग के दौरान की गईं:इंडियो स्टेशन: 23 नवंबर से 12 दिसंबर के बीच हाईवे 86 और 111 पर की गई चेकिंग में 42 इमिग्रेंट्स पकड़े गए, जिनमें से 30 अकेले भारतीय थे।

ऑपरेशन हाईवे सेंटिनल: 10 और 11 दिसंबर को ओंटारियो और फोंटाना में किए गए एक जॉइंट ऑपरेशन में पांच और भारतीयों को गिरफ्तार किया गया।भारतीयों के अलावा, गिरफ्तार किए गए लोग चीन, मेक्सिको, रूस और तुर्की के नागरिक हैं।

लाइसेंस का बड़ा खुलासा:जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि इन गैर-कानूनी इमिग्रेंट्स के पास कुल 39 बिजनेस लाइसेंस थे। इनमें से 31 लाइसेंस अकेले कैलिफोर्निया राज्य ने जारी किए थे, जबकि बाकी न्यूयॉर्क, फ्लोरिडा, इलिनोइस और वाशिंगटन जैसे राज्यों से थे।

कार्रवाई का मुख्य कारण:गैर-कानूनी इमिग्रेंट्स द्वारा चलाए जा रहे भारी ट्रकों से हुए जानलेवा सड़क हादसों के बाद US एडमिनिस्ट्रेशन ने यह सख्त कार्रवाई की है। एल सेंट्रो सेक्टर के चीफ एजेंट जोसेफ रेमेनर ने कहा कि ये लोग कानूनी तौर पर US में रहने के हकदार नहीं थे और उन्हें ट्रक चलाने की इजाजत देना एक बड़ी सुरक्षा चूक है।

पाकिस्तान में राजनीतिक उथल-पुथल: इमरान खान की बहनों ने अदियाला जेल के पास किया विरोध प्रदर्शन, लगाए गंभीर आरोप

इंटरनेशनल डेस्क: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान की गिरफ्तारी को लेकर पाकिस्तान में अशांति बढ़ती जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, इमरान खान की बहनों अलीमा खान, नोरीन खान नियाज़ी और उज़मा खान ने रावलपिंडी में फैक्ट्री नाका के पास अदियाला जेल के पास ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया है।

मुलाक़ातों पर रोक और मानसिक प्रताड़ना के आरोप इस विरोध का मुख्य कारण यह है कि पिछले कई हफ़्तों से इमरान खान के परिवार को उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है। इमरान खान की बहन अलीमा खान ने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि:हर मंगलवार को उन्हें इमरान खान से मिलने से रोका जाता है क्योंकि अधिकारी उनसे डरते हैं।इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी (जो तोशखाना-II मामले में 17 साल की सज़ा काट रही हैं) को अकेले कैद में रखा गया है।

उन्होंने दावा किया कि दोनों को जेल में मेंटल टॉर्चर किया जा रहा है।रावलपिंडी में कड़े सिक्योरिटी इंतज़ाम PTI के इस प्रोटेस्ट को देखते हुए, एडमिनिस्ट्रेशन ने रावलपिंडी में बहुत कड़े सिक्योरिटी इंतज़ाम किए हैं। लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने के लिए 1,300 से ज़्यादा पुलिस ऑफिसर और सिक्योरिटी स्टाफ को तैनात किया गया है। इस डिप्लॉयमेंट में एलीट फोर्स के कमांडो, एंटी-राइट्स मैनेजमेंट विंग के 400 मेंबर और कई बड़े अधिकारी शामिल हैं। अलीमा खान ने इशारा किया है कि इमरान खान ने पहले ही बड़े लेवल पर प्रोटेस्ट की तैयारी के लिए इंस्ट्रक्शन जारी कर दिए हैं।