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अमेरिका में भारतीय महिला की हत्या: बॉयफ्रेंड ने हत्या के बाद झूठी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और भारत भागा

इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका के मैरीलैंड राज्य में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक भारतीय मूल के व्यक्ति ने अपनी एक्स-गर्लफ्रेंड की बेरहमी से हत्या कर दी और फिर कानून से बचकर भारत भाग गया। 26 साल के आरोपी अर्जुन शर्मा पर अपनी 27 साल की एक्स-गर्लफ्रेंड निकिता गोडिशाला की हत्या का आरोप है।

झूठी रिपोर्ट और भागने का प्लान: पुलिस जांच के मुताबिक, अर्जुन शर्मा ने खुद को बचाने के लिए एक सोची-समझी योजना बनाई थी। उसने 2 जनवरी को हॉवर्ड काउंटी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि एलिकॉट सिटी की रहने वाली निकिता न्यू ईयर ईव (31 दिसंबर) से लापता है। उसने कहा कि उसने निकिता को आखिरी बार कोलंबिया में अपने फ्लैट में देखा था। हैरानी की बात यह है कि जिस दिन उसने यह गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, उसी दिन वह अमेरिका छोड़कर भारत भाग गया।

फ्लैट में मिली बॉडी: शक के आधार पर जब पुलिस ने अर्जुन के फ्लैट की तलाशी ली, तो वहां से निकिता की बॉडी बरामद हुई। बॉडी पर चाकू के घाव थे। जांच करने वालों का मानना है कि अर्जुन ने 31 दिसंबर की शाम को निकिता की हत्या कर दी, क्योंकि उसके बाद उसका अपने दोस्तों से संपर्क टूट गया था।

इंटरनेशनल सर्च जारी: हॉवर्ड काउंटी पुलिस अब US फेडरल एजेंसियों के साथ मिलकर अर्जुन शर्मा की इंटरनेशनल लेवल पर तलाश कर रही है। हत्या का असली मकसद अभी पता नहीं चला है। इस बीच, US में इंडियन एम्बेसी ने इस घटना पर दुख जताया है और कहा है कि वे पीड़ित परिवार के संपर्क में हैं और लोकल अधिकारियों से लगातार फॉलो-अप कर रहे हैं।

वेनेजुएला में बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल: मादुरो की गिरफ्तारी के बाद डेल्सी रोड्रिगेज अंतरिम राष्ट्रपति बनीं; सुप्रीम कोर्ट ने कमान सौंपी

इंटरनेशनल डेस्क: US के एक बड़े मिलिट्री ऑपरेशन में प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद, वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट ने वाइस प्रेसिडेंट डेल्सी रोड्रिगेज को देश का अंतरिम प्रेसिडेंट नियुक्त किया है। कोर्ट ने यह फैसला देश में सरकारी कामकाज को सुचारू रूप से चलाने और राष्ट्रीय संप्रभुता बनाए रखने के लिए लिया है।कोर्ट का फैसला और मादुरो का स्टेटस: सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मादुरो की गैरमौजूदगी में डेल्सी रोड्रिगेज एक्टिंग प्रेसिडेंट के तौर पर जिम्मेदारी संभालेंगी। दूसरी ओर, निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को US मिलिट्री ने हिरासत में ले लिया है और न्यूयॉर्क ले जाया गया है, जहां उन पर मुकदमा चलाने की योजना है। मादुरो की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं जिनमें उनकी आंखों पर पट्टी बंधी हुई है और हाथ बंधे हुए हैं।

डेल्सी रोड्रिगेज कौन हैं?

पावरफुल लीडर: 56 साल की डेल्सी रोड्रिगेज को वेनेजुएला की सोशलिस्ट सरकार में सबसे पावरफुल माना जाता है। मादुरो उन्हें अपनी सरकार की ‘टाइगर’ कहते थे।

बैकग्राउंड: वह लेफ्टिस्ट गुरिल्ला लीडर जॉर्ज एंटोनियो रोड्रिगेज की बेटी हैं। उन्होंने लॉ की पढ़ाई की है और फाइनेंस मिनिस्टर, ऑयल मिनिस्टर और फॉरेन मिनिस्टर जैसे अहम पदों पर रह चुकी हैं।

ट्रंप का दावा और डेल्सी का बयान: US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि डेल्सी ने प्रेसिडेंट के तौर पर शपथ ले ली है। हालांकि, डेल्सी ने शुरू में इन दावों को खारिज करते हुए कहा था कि मादुरो ही देश के एकमात्र कानूनी लीडर हैं और उन्होंने US से मादुरो को रिहा करने की भी मांग की थी। लेकिन अब, सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद, वह अंतरिम तौर पर पद संभालेंगे।वेनेजुएला के नए अंतरिम प्रेसिडेंट ने साफ कर दिया है कि उनका देश कभी किसी की कॉलोनी नहीं बनेगा और वह अपने नेचुरल रिसोर्स की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

US का ऑपरेशन: 150 एयरक्राफ्ट ने 30 मिनट में वेनेजुएला के प्रेसिडेंट मादुरो को किया अरेस्ट; अब आगे किया होगा?

इंटरनेशनल डेस्क: US मिलिट्री ने एक सीक्रेट और बहुत तेज़ मिलिट्री ऑपरेशन में वेनेजुएला के प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को उनके घर से अरेस्ट कर लिया है। US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के ऑर्डर पर किया गया यह ऑपरेशन ‘एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व’ सिर्फ़ 30 मिनट में पूरा हो गया।

ऑपरेशन की खास बातें:

बड़ी मिलिट्री फोर्स: इस मिशन में F-22, F-35, F-18 फाइटर जेट, B-1 बॉम्बर और ड्रोन समेत 150 से ज़्यादा US एयरक्राफ्ट शामिल थे।महीनों की तैयारी: US अधिकारियों के मुताबिक, इस ऑपरेशन की प्लानिंग कई महीनों से की जा रही थी। ट्रंप ने कहा कि एक्सरसाइज के लिए मादुरो के घर की हूबहू कॉपी तैयार की गई थी ताकि कोई गलती न हो।

शहर में ब्लैकआउट: ऑपरेशन के दौरान वेनेजुएला की राजधानी काराकस में बिजली पूरी तरह से बंद कर दी गई और शहर में 7 बड़े धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं।

गिरफ़्तारी का पल: जब US डेल्टा फ़ोर्स के कमांडो मादुरो के किले जैसे घर में घुसे, तो मादुरो एक सेफ़ रूम में जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वे दरवाज़ा बंद नहीं कर पाए। US सैनिकों के पास स्टील के दरवाज़े काटने के लिए ब्लोटॉर्च थे।

मादुरो की अभी की हालत: गिरफ्तारी के बाद मादुरो की एक फ़ोटो सामने आई है, जिसमें उनकी आँखों पर पट्टी बंधी है और हाथ बंधे हुए हैं। उन्हें हेलीकॉप्टर से US के एक वॉरशिप पर ले जाया गया और अब उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया गया है, जहाँ उन पर कोर्ट में केस चलेगा।

रिएक्शन: प्रेसिडेंट ट्रंप ने कहा कि कुछ अमेरिकी लोग घायल हुए हैं, लेकिन कोई मौत नहीं हुई। दूसरी ओर, न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे इंटरनेशनल कानून का उल्लंघन और ‘युद्ध की कार्रवाई’ बताया। वेनेज़ुएला के वाइस प्रेसिडेंट के मुताबिक, हमले में कुछ आम नागरिक और सैनिक भी मारे गए हैं।

ट्रंप का बड़ा ऐलान: ‘वेनेजुएला अब हमारे कंट्रोल में, वहां अमेरिकी शासन शुरू’; मादुरो की गिरफ्तारी को बताया ऐतिहासिक

इंटरनेशनल डेस्क: वेनेजुएला में मिलिट्री ऑपरेशन के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने ऐलान किया कि वेनेजुएला अब पूरी तरह से अमेरिकी कंट्रोल में है और जब तक हालात नहीं बदलते, वहां अमेरिकी शासन रहेगा।’

दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा हमला

ट्रंप ने इस मिलिट्री ऑपरेशन की तारीफ की और इसे अमेरिकी इतिहास का सबसे ताकतवर प्रदर्शन बताया। उन्होंने कहा कि यह हमला दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा ऑपरेशन था, जिसमें हवा, जमीन और समुद्र में मिलिट्री ताकत का शानदार इस्तेमाल किया गया। ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो के पकड़े जाने का पूरा सीन ‘एक टीवी शो की तरह’ देखा। उनके मुताबिक, दुनिया का कोई दूसरा देश इतने कम समय में इतनी कामयाबी हासिल नहीं कर सकता।

मादुरो पर गंभीर आरोप: ट्रंप ने मादुरो को ‘भगोड़ा तानाशाह’ कहा और कहा कि उन्होंने अमेरिका में ‘खून के प्यासे गैंग’ भेजे हैं। उन्होंने कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर न्यूयॉर्क ले जाया जा रहा है, जहां उन्हें अमेरिकी कोर्ट में इंसाफ का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप ने दावा किया कि US ने समुद्र के रास्ते आने वाली 97% ड्रग्स खत्म कर दी हैं, जिसका एक बड़ा हिस्सा वेनेजुएला से आ रहा था।

तेल का बिज़नेस और आगे की स्ट्रैटेजी: वेनेजुएला के तेल के बारे में बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि वहां का तेल का बिज़नेस पूरी तरह से फेल हो गया है। उन्होंने ऐलान किया कि अब बड़ी US कंपनियां वेनेजुएला जाएंगी, वहां अरबों डॉलर खर्च करेंगी और तेल का इंफ्रास्ट्रक्चर फिर से बनाएंगी।ट्रंप ने यह भी साफ किया कि इस ऑपरेशन में कोई US सैनिक नहीं मरा। उन्होंने कहा कि उन्होंने एक हफ्ते पहले खुद मादुरो से बात की थी और उनसे सरेंडर करने को कहा था, लेकिन उन्होंने इसे नज़रअंदाज़ कर दिया।

ट्रंप ने शेयर की चौंकाने वाली तस्वीर

प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ’ पर मादुरो की एक तस्वीर शेयर की है, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है।

बेडरूम से घसीटकर बाहर निकालना:सूत्रों के मुताबिक, निकोलस मादुरो को तब हिरासत में लिया गया जब वह अपने बेडरूम में सो रहे थे। दावा किया गया है कि अमेरिकी सेना ने उन्हें कमरे से घसीटकर बाहर निकाला। ट्रंप द्वारा जारी की गई तस्वीर में मादुरो के हाथ में हथकड़ी लगी है और उनकी आंखों पर काली पट्टी बंधी है।

मादुरो को न्यूयॉर्क ले जाया:ट्रंप ने खुलासा किया है कि मादुरो और उनकी पत्नी सेलिया फ्लोरेस को अमेरिकी युद्धपोत ‘USS इवो जीमा’ पर रखा गया है और उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया जा रहा है। इससे पहले, अमेरिकी स्पेशल फोर्स ‘डेल्टा फोर्स’ ने काराकस में फुएर्टे टिउना और ला कार्लोटा जैसे मिलिट्री बेस को निशाना बनाकर भारी बमबारी की थी।

अमेरिका का वेनेजुएला पर बड़ा हमला: धमाकों से लेकर प्रेसिडेंट मादुरो को उठाने तक, जानें पूरी घटना

इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका ने वेनेजुएला में एक बड़ा मिलिट्री ऑपरेशन शुरू किया है और प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को कस्टडी में ले लिया है। शनिवार सुबह-सुबह शुरू हुए इस ऑपरेशन ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है।

घटना की सिलसिलेवार जानकारी:

1. तड़के ज़ोरदार धमाके: वेनेजुएला की राजधानी काराकस में शनिवार सुबह करीब 2 बजे कम से कम 7 बड़े धमाके सुने गए। अमेरिका ने काराकस में फोर्ट टूना (सबसे बड़ा मिलिट्री बेस), ला कार्लोटा एयरबेस और ला गुएरा पोर्ट समेत मुख्य मिलिट्री बेस को निशाना बनाया। डिफेंस मिनिस्टर के घर पर भी हमला किया गया।2. डेल्टा फोर्स ऑपरेशन: यह सीक्रेट ऑपरेशन US डेल्टा फोर्स ने किया था। मिलिट्री चिनूक हेलीकॉप्टर से वेनेजुएला में उतरी, जबकि अपाचे हेलीकॉप्टरों ने बमबारी की और वेनेजुएला की सेना का ध्यान भटकाया। अफरा-तफरी के बीच स्पेशल फोर्स के सैनिक प्रेसिडेंट मादुरो तक पहुंचे और उन्हें कस्टडी में ले लिया।

3. डोनाल्ड ट्रंप का बयान: US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ऑपरेशन को कन्फर्म करते हुए कहा कि उन्होंने मादुरो की गिरफ्तारी को ‘एक टीवी शो की तरह’ देखा। उन्होंने कहा कि दुनिया का कोई दूसरा देश ऐसा नहीं कर सकता। वाइस प्रेसिडेंट जेडी वैन्स ने कहा कि मादुरो को ड्रग ट्रैफिकिंग रोकने और चोरी का तेल लौटाने के कई मौके दिए गए, लेकिन अब उन्हें पता चल गया है कि ट्रंप जो कहते हैं, वो करते हैं।

4. मादुरो पर आरोप: US का आरोप है कि मादुरो प्रेसिडेंट नहीं बल्कि ‘कार्टेल डे लॉस सोल्स’ नाम के ड्रग कार्टेल के हेड हैं। उन पर न्यूयॉर्क की कोर्ट में ड्रग ट्रैफिकिंग और हथियारों के चार्ज में केस चलेगा। उन्हें हेलीकॉप्टर से न्यूयॉर्क ले जाया गया है।

5. वेनेजुएला और दुनिया का रिएक्शन:वेनेजुएला: गिरफ्तारी से पहले मादुरो ने देश में नेशनल इमरजेंसी का ऐलान कर दिया था। डिफेंस मिनिस्टर ने देशवासियों से ‘लिबरेशन वॉर’ छेड़ने की अपील की है।

इंटरनेशनल विरोध: ईरान, क्यूबा और कोलंबिया ने US हमले की कड़ी निंदा की है और इसे UN चार्टर का उल्लंघन बताया है। कोलंबिया ने UN सिक्योरिटी काउंसिल (UNSC) की इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है।

एडवाइजरी: ब्रिटेन और US ने अपने नागरिकों को वेनेजुएला न जाने और वहां मौजूद लोगों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है।US ने अपने कमर्शियल एयरक्राफ्ट को भी वेनेजुएला के एयरस्पेस में उड़ने से बैन कर दिया है।

कनाडा में पंजाबी कैब ड्राइवर ने दिखाई बहादुरी: -23 डिग्री वाली ठंड में गर्भवती महिला के लिए बना मसीहा, जाने किया है मामला

इंटरनेशनल डेस्क: कनाडा के कैलगरी शहर में एक भारतीय मूल के टैक्सी ड्राइवर की हर जगह चर्चा हो रही है, जिसने खराब मौसम और मुश्किल हालात में एक प्रेग्नेंट महिला की मदद की। ड्राइवर हरदीप सिंह तूर की कैब में बैठी एक महिला ने हॉस्पिटल पहुंचने से पहले ही बच्चे को जन्म दे दिया।

घटना की डिटेल्स: जानकारी के मुताबिक, हरदीप सिंह तूर को पिछले शनिवार देर रात इमरजेंसी राइड के लिए कॉल आया था। जब वह मौके पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि एक प्रेग्नेंट महिला बहुत दर्द में थी और उसका पार्टनर उसे गाड़ी में बैठाने में मदद कर रहा था। हरदीप सिंह ने कहा कि महिला की हालत देखकर उन्हें स्थिति की गंभीरता का एहसास हुआ।

मौसम की चुनौती: उस रात मौसम बहुत खराब था और टेम्परेचर -23°C के आसपास था। तूफानी हालात और फिसलन भरी सड़कों के बावजूद, हरदीप ने एम्बुलेंस का इंतजार करने के बजाय खुद हॉस्पिटल पहुंचने का फैसला किया क्योंकि उन्हें लगा कि समय कम है।

टैक्सी में जन्म: बच्चे का जन्म हॉस्पिटल पहुंचने से कुछ देर पहले टैक्सी की पिछली सीट पर हुआ। हरदीप सिंह ने कहा कि जैसे ही वे हॉस्पिटल पहुंचे, मेडिकल स्टाफ मां और नवजात बच्चे की मदद के लिए दौड़ा और बाद में कन्फर्म किया कि दोनों पूरी तरह सेफ हैं।ड्राइवर का बयान: यह हरदीप सिंह तूर के लिए एक यादगार अनुभव था, जो पिछले 4 साल से कैब चला रहे हैं। उन्होंने गर्व से कहा, “यह मेरा पहला अनुभव है जब 2 लोग गाड़ी के अंदर गए और 3 लोग बाहर निकले।”

पाकिस्तान में बस और वैन की भयानक टक्कर: 15 लोगों की मौत, मरने वालों में यूनिवर्सिटी के कई खिलाड़ी भी शामिल

इंटरनेशनल डेस्क: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है, जहां एक बस और तेज रफ्तार पैसेंजर वैन की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस भयानक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई है और 25 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

हादसे की जानकारी: यह हादसा लाहौर से करीब 200 km दूर अड्डा फकीर दी कुल्ली इलाके में हुआ। जानकारी के मुताबिक, टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

खिलाड़ी एक स्पोर्ट्स कॉम्पिटिशन में जा रहे थे: फैसलाबाद के डिप्टी कमिश्नर अली अकबर भिंडर के मुताबिक, बस में सवार लोग यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज (UVAS) के खिलाड़ी थे। ये खिलाड़ी लाहौर में आयोजित एक स्पोर्ट्स कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेने जा रहे थे। मरने वालों में इन खिलाड़ियों के शामिल होने से इलाके में शोक की लहर है।

मुख्यमंत्री ने रिपोर्ट मांगी: पाकिस्तानी पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने इस दुखद घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने जिला प्रशासन को दुर्घटना की पूरी जांच करने और मामले पर एक विस्तृत रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है।

ट्रंप के ‘ट्रैवल बैन’ को मिला कड़ा जवाब: इन देशों ने अमेरिकी नागरिकों की एंट्री पर लगाया बैन

इंटरनेशनल डेस्क: US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के ऑफिस संभालने के बाद, अलग-अलग देशों के नागरिकों की US में एंट्री को लेकर सख्त रुख अपनाया गया है। ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने दुनिया के 39 देशों के नागरिकों पर सख्त ट्रैवल बैन लगाए हैं, जिसके जवाब में अब दो देशों ने भी अमेरिकी नागरिकों के लिए अपने दरवाज़े बंद कर दिए हैं।

बुर्किना फासो और माली का एक्शन अमेरिका के इस कदम के जवाब में, बुर्किना फासो और माली ने अमेरिकी नागरिकों के अपने देशों में आने पर बैन लगा दिया है। बुर्किना फासो के विदेश मंत्री करामोको जीन-मैरी ट्रैओरे ने साफ कर दिया है कि वे अमेरिकी नागरिकों पर ठीक वही नियम लागू करेंगे जो अमेरिका ने उनके नागरिकों के लिए किए हैं। माली के विदेश मंत्रालय ने भी ऐसी ही शर्तें लागू करने का ऐलान किया है और US द्वारा बिना किसी सलाह-मशविरा के लिए गए इस बड़े फैसले पर अफसोस जताया है।

कौन से देश US के बैन के दायरे में हैं?

सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने जिन 39 देशों पर पूरी तरह या कुछ बैन लगाया है, उनमें से 25 अफ्रीकी देश हैं। इन बड़े देशों में शामिल हैं:

सीरिया और फ़िलिस्तीन।

नाइजर, सिएरा लियोन और साउथ सूडान।

सेनेगल और आइवरी कोस्ट (कुछ बैन)।

FIFA वर्ल्ड कप पर असर ये बैन

ऐसे समय में लगाए गए हैं जब US और कनाडा में FIFA वर्ल्ड कप होना है। बैन किए गए कई देश इस टूर्नामेंट के लिए क्वालिफ़ाई भी कर चुके हैं। हालांकि ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा है कि प्लेयर्स को एंट्री की इजाज़त होगी, लेकिन फ़ैन्स के आने को लेकर अभी स्थिति साफ़ नहीं है।

अमेरिका जाने वाले हो जाए सावधान! ट्रंप सरकार ने एंट्री-एग्जिट के नियम किए सख्त ; पढ़ ले पूरी ख़बर

इंटरनेशनल डेस्क : अमेरिका जाने का प्लान बना रहे भारतीयों के लिए एक ज़रूरी खबर है। अमेरिका प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने विदेशियों के US में आने और जाने के नियम पहले से कहीं ज़्यादा सख्त कर दिए हैं। अब पहली बार बच्चों और सीनियर सिटिजन को भी एयरपोर्ट पर एक खास बायोमेट्रिक प्रोसेस से गुज़रना होगा।सूत्रों के मुताबिक, इस नए सिस्टम (TVS) की मुख्य डिटेल्स इस तरह हैं:

नई कैटेगरी शामिल: ‘ट्रैवलर वेरिफिकेशन सर्विस’ (TVS) के तहत अब 14 साल से कम उम्र के बच्चों और 79 साल से ज़्यादा उम्र के सीनियर सिटिजन के लिए बायोमेट्रिक चेकिंग ज़रूरी कर दी गई है।

नया सिस्टम क्या है? इस सिस्टम में विदेशियों की पहचान वेरिफाई करने के लिए फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके फोटो खींचे जाएंगे और कुछ मामलों में फिंगरप्रिंट भी देने होंगे।

डिप्लोमैट पर भी लागू: ये नियम सिर्फ आम टूरिस्ट पर ही नहीं बल्कि डिप्लोमैटिक पासपोर्ट पर आने वाले डिप्लोमैटिक गेस्ट पर भी लागू होंगे।

कब और कहाँ: ये नए नियम 26 दिसंबर से US के सभी एयरपोर्ट, बॉर्डर चेकपॉइंट और सीपोर्ट पर असरदार तरीके से लागू हो गए हैं।

भारतीयों पर असर: दुनिया भर में US आने वाले लोगों में भारतीय तीसरा सबसे बड़ा ग्रुप है। सूत्रों के मुताबिक, 2025 में हर दिन करीब 4,000 भारतीय US पहुँचे हैं और इस साल कुल 1.5 मिलियन भारतीयों ने US की यात्रा की है। इस नए नियम की वजह से, अब भारतीय परिवार, जो अपने बच्चों या बुज़ुर्ग माता-पिता के साथ यात्रा कर रहे हैं, उन्हें ज़्यादा चेकिंग टाइम के लिए तैयार रहना होगा।

2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच होगी जंग! अमेरिकी थिंक टैंक CFR की बड़ी चेतावनी

इंटरनेशनल डेस्क: एक बड़े अमेरिकी थिंक टैंक, काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस (CFR) ने एक हैरान करने वाली रिपोर्ट जारी करके चेतावनी दी है कि 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच एक और हथियारबंद लड़ाई या जंग हो सकती है। इस संभावित जंग की मुख्य वजह बॉर्डर पार से बढ़ती आतंकी गतिविधियां बताई गई हैं।सूत्रों के मुताबिक, इस रिपोर्ट और हाल के हालात की ज़रूरी बातें इस तरह हैं:

आतंकी हमला और भारत का जवाब: रिपोर्ट में मई 2025 की घटनाओं का ज़िक्र है, जब पाकिस्तान के सपोर्ट वाले आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 आम लोगों को मार डाला था। जवाब में, भारतीय सेना ने 6 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान में मौजूद 9 आतंकी कैंप तबाह कर दिए गए और 100 से ज़्यादा आतंकी मारे गए।

पाकिस्तान का कबूलनामा: पाकिस्तानी नेता इशाक डार ने माना है कि भारतीय ऑपरेशन के दौरान उनके नूर खान एयरबेस को भारी नुकसान हुआ था।

ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन की भूमिका: रिपोर्ट के मुताबिक, US में डोनाल्ड ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने की कोशिश की है।

दूसरे क्षेत्रीय तनाव: पाकिस्तान का न सिर्फ भारत के साथ बल्कि अफगानिस्तान के साथ भी बॉर्डर विवाद है, जिसकी वजह से 2026 में वहां एक छोटी लड़ाई की संभावना जताई गई है।

भारत की कड़ी टिप्पणी: भारत ने हाल ही में माइनॉरिटी के मुद्दे पर पाकिस्तान को फटकार लगाई और उससे पहले अपना रिकॉर्ड देखने को कहा।