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सैनिकों के स्वास्थ्य और परिवार की भलाई को मजबूत करने के लिए  सप्त शक्ति कमान 11 एवं 12 मई 2026 को दो दिवसीय लैंडमार्क वेलनेस सेमिनार “ ऑगमेंटेड  वैलनेस : फिट  फॉर  ड्यूटी , फिट  फॉर  लाइफ   ” का आयोजन करने जा रही है।

चंडीगढ़: /सत्ता संदेश

भारतीय सेना गर्व के साथ संवर्धित वेलनेस नामक उच्च प्रभाव वाला दो दिवसीय वेलनेस सेमिनार आयोजित करने जा रही है। यह सेमिनार सैनिकों, अधिकारियों और उनके परिवारों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। इसका शीर्षक “वेलनेस सेमिनार” है। यह सेमिनार आज के कठिन परिचालन वातावरण में सेवा कर रहे सैन्य कर्मियों द्वारा सामना की जाने वाली शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, वित्तीय और आध्यात्मिक चुनौतियों का समाधान करेगा।

वेलनेस सेमिनार बठिंडा मिलिट्री स्टेशन के सागत सिंह ऑडिटोरियम में 11 एवं 12 मई 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम को तीन शक्तिशाली सत्रों के साथ तैयार किया गया है, जो अत्याधुनिक स्वास्थ्य विज्ञान को युद्धकालीन सैन्य अनुभव के साथ जोड़कर व्यावहारिक और क्रियान्वयन योग्य रणनीतियाँ प्रदान करता है, जिससे  सेना की परिचालन तैयारी और दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभों में सीधी वृद्धि होगी।

आधुनिक सैन्य जीवन, असाधारण शारीरिक फिटनेस, मानसिक दृढ़ता, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, वित्तीय समझदारी और आध्यात्मिक शक्ति की मांग करता है। यह सेमिनार प्रतिभागियों को प्रमाण-आधारित उपकरण और सेवा/सेवानिवृत्त सैन्य नेताओं तथा क्षेत्र के विशेषज्ञों के समय-परीक्षित ज्ञान से सुसज्जित करेगा ताकि “संतुलित योद्धा” का निर्माण किया जा सके, जो मिशन के लिए सदैव तैयार रहे तथा व्यक्तिगत और पारिवारिक कल्याण भी बनाए रखे। यह सेमिनार जीवनशैली संबंधी रोगों में कमी, बेहतर तनाव प्रबंधन, मजबूत परिवार समर्थन प्रणालियों तथा संगठनात्मक लचक में सीधा योगदान देगा।

विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम- विकसित भारत के सपने को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम- राजेँद्र चौधरी

चंडीगढ़/अंबाला : सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो के अपर महानिदेशक (ग्रामीण विकास) श्री राजेंद्र चौधरी ने कहा कि ‘विकसित भारत – जी राम जी’ कानून विकसित भारत के सपने को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है भारत में आत्मनिर्भर गाँवों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम है । हरियाणा के अंबाला में विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 पर आयोजित वार्तालाप को संबोधन करते हुए पत्र सूचना कार्यालय, दिल्ली में अपर महानिदेशक श्री राजेंद्र चौधरी ने इस महत्वाकांक्षी पहल के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि यह कानून रोजगार सृजन को मज़बूती देने, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने और गाँवों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए एक ठोस प्रयास है।उन्होंने कहा कि पहले की व्यवस्था में मनरेगा के तहत 100 दिनों के रोजगार की गारंटी तो थी, लेकिन कई स्थानों पर न तो समय पर काम मिल पाता था और न ही मज़दूरी का भुगतान समय पर हो पाता था।

इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी कमियों को दूर करने और भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए सरकार ने ‘विकसित भारत – जी राम जी’ क़ानून के माध्यम से सुधार किए हैं।उन्होंने बताया कि नए क़ानून के तहत रोजगार गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। यदि निर्धारित अवधि के भीतर काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो मज़दूरों को बेरोज़गारी भत्ता दिया जाएगा।

इसी प्रकार, यदि मज़दूरी के भुगतान में 15 दिनों से अधिक की देरी होती है, तो उस पर ब्याज भी दिया जाएगा। श्री चौधरी ने कहा कि नए क़ानून के तहत ग्राम पंचायत को सशक्त बनाया गया है, और अब गाँव की सभाएँ स्वयं तय करेंगी कि उनके गाँव में कौन-से विकास कार्य कराए जाएँ। उन्होंने कहा कि विकास से संबंधित निर्णय अब गाँव स्तर पर ही लिए जाएँगे।श्री चौधरी ने कहा विकसित भारत- रोजगार गारंटी और आजीविका मिशन (ग्रामीण) कानून, 2025, भारत की ग्रामीण रोजगार नीति में एक निर्णायक बदलाव का प्रतिनिधित्व करता है।

नया कानून एक आधुनिक, जवाबदेह और अवसंरचना-केंद्रित ढांचे को मजबूती प्रदान करता है। इस मौके पर अंबाला के उपायुक्त एवं कार्यक्रम के मुख्यातिथि श्री अजय तोमर ने कहा कि नया कानून एक आधुनिक, जवाबदेह और अवसंरचना-केंद्रित ढांचे के माध्यम से उनकी कमियों को दूर करते हुए पिछले सुधारों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि गारंटीकृत रोजगार का विस्तार करके, राष्ट्रीय विकास की प्राथमिकताओं और कार्यों के बीच ताल-मेल बिठाते हुए मजबूत डिजिटल शासन को शामिल करके, यह कानून ग्रामीण रोजगार को सतत विकास और यथोचित आजीविका के लिए एक कार्यनीतिक साधन के रूप में स्थापित करता है, जो पूरी तरह से विकसित भारत 2047 के विजन के साथ जुड़ा हुआ है।

तोमर ने बताया कि 125 दिनों के रोजगार की गारंटी घरेलू आय को बढ़ाती है, ग्राम-स्तर की खपत को प्रोत्साहित करती है, और डिजिटल उपस्थिति, मजदूरी भुगतान और डेटा-संचालित योजना के माध्यम से प्रवासन को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने मीडिया से आहवान किया कि इस कानून के बारे में लोगों को जागरूक करें और यदि कोई भी व्यक्ति इस कानून के बारे में भ्रमक भ्रांति फैलाता है तो मीडिया तथ्यों पर आधारित उसका सकारात्मक जवाब प्रस्तुत करें ।

इससे पहले कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए पीआईबी चंडीगढ़ के मीडिया एवं संचार अधिकारी ने वार्तालाप कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कार्यशाला मीडिया और सरकार के बीच सेतु का काम करती है। इस मौके पर सूचना प्रसारण मंत्रालय की विभिन्न इकाइयों की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला।

उन्होंने पीआईबी की अनुसंधान इकाई द्वारा विभिन्न विषयों पर किए जा रहे विश्लेषण और तथ्य परक सूचनाओं के बारे में भी जानकारी दी।उन्होंने इन विश्लेषक से जी राम जी एक्ट पर महत्वपूर्ण विश्वसनीय आंकड़ों एवं जानकारियों का उपयोग अपने लेख और समाचार लेखन में इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर श्री विराट, अतिरिक्त उपायुक्त, अंबाला ने योजना के विभिन्न प्रावधानों और विकसित भारत के लक्ष्य में ग्रामीण विकास की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था ही समावेशी और सतत विकास विकसित राष्ट्र की आधारशिला है।इस मौके पर जिला परिषद के सीईओ श्री गगनदीप सिंह ने भी विकसित भारत जी राम जी कानून 2025 के तहत महत्वपूर्ण जानकारी दी और कहा कि इस कानून के लागू होने से किसान व मजदूर को लाभ होगा, दोनों सशक्त और मजबूत भी होगे। इस अवसर पर अंबाला के लोग संपर्क अधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि ग्रामीण विकास में मीडिया अहम भूमिका निभाता है।

उन्होंने मीडिया कर्मियों एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों का धन्यवाद प्रस्तुत किया । इस मौके पर एसीयूटी राहुल कनवरिया व जिला के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।