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हर काम देश के नाम’

सैनिकों के स्वास्थ्य और परिवार की भलाई को मजबूत करने के लिए  सप्त शक्ति कमान 11 एवं 12 मई 2026 को दो दिवसीय लैंडमार्क वेलनेस सेमिनार “ ऑगमेंटेड  वैलनेस : फिट  फॉर  ड्यूटी , फिट  फॉर  लाइफ   ” का आयोजन करने जा रही है।

चंडीगढ़: /सत्ता संदेश

भारतीय सेना गर्व के साथ संवर्धित वेलनेस नामक उच्च प्रभाव वाला दो दिवसीय वेलनेस सेमिनार आयोजित करने जा रही है। यह सेमिनार सैनिकों, अधिकारियों और उनके परिवारों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। इसका शीर्षक “वेलनेस सेमिनार” है। यह सेमिनार आज के कठिन परिचालन वातावरण में सेवा कर रहे सैन्य कर्मियों द्वारा सामना की जाने वाली शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, वित्तीय और आध्यात्मिक चुनौतियों का समाधान करेगा।

वेलनेस सेमिनार बठिंडा मिलिट्री स्टेशन के सागत सिंह ऑडिटोरियम में 11 एवं 12 मई 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम को तीन शक्तिशाली सत्रों के साथ तैयार किया गया है, जो अत्याधुनिक स्वास्थ्य विज्ञान को युद्धकालीन सैन्य अनुभव के साथ जोड़कर व्यावहारिक और क्रियान्वयन योग्य रणनीतियाँ प्रदान करता है, जिससे  सेना की परिचालन तैयारी और दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभों में सीधी वृद्धि होगी।

आधुनिक सैन्य जीवन, असाधारण शारीरिक फिटनेस, मानसिक दृढ़ता, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, वित्तीय समझदारी और आध्यात्मिक शक्ति की मांग करता है। यह सेमिनार प्रतिभागियों को प्रमाण-आधारित उपकरण और सेवा/सेवानिवृत्त सैन्य नेताओं तथा क्षेत्र के विशेषज्ञों के समय-परीक्षित ज्ञान से सुसज्जित करेगा ताकि “संतुलित योद्धा” का निर्माण किया जा सके, जो मिशन के लिए सदैव तैयार रहे तथा व्यक्तिगत और पारिवारिक कल्याण भी बनाए रखे। यह सेमिनार जीवनशैली संबंधी रोगों में कमी, बेहतर तनाव प्रबंधन, मजबूत परिवार समर्थन प्रणालियों तथा संगठनात्मक लचक में सीधा योगदान देगा।

PMGSY के 25 साल: गांव से विकास तक नई रफ्तार

नई दिल्ली/सत्ता संदेश

ग्रामीण भारत के विकास इतिहास में 10 मई का दिन एक महत्वपूर्ण और प्रेरक अध्याय के रूप में दर्ज होने जा रहा है, जब मध्य प्रदेश के भेरूंदा, जिला सीहोर से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के 25 वर्ष पूरे होने का रजत जयंती समारोह मनाया जाएगा और इसी मंच से PMGSY-IV का शुभारंभ किया जाएगा। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान देश के गांवों को मजबूत, टिकाऊ और बारहमासी पक्की सड़कों से जोड़ने के राष्ट्रीय संकल्प को नई ऊर्जा देंगे। इस महत्वपूर्ण आयोजन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शरीक होंगे।

यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवर्तन, सामाजिक समावेशन और बुनियादी ढांचे के माध्यम से विकास को अंतिम पंक्ति तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता का विराट उत्सव होगा। समारोह में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह द्वारा PMGSY-IV के अंतर्गत म.प्र. के लिए 2,117 किलोमीटर लंबाई की 973 सड़कों तथा 987 बसावटों को लाभ पहुंचाने वाले स्वीकृति पत्र और वित्तीय आवंटन मुख्यमंत्री मोहन यादव को सौंपे जाएंगे, वहीं PM-JANMAN के तहत 384 किलोमीटर से अधिक सड़क परियोजनाओं का आवंटन भी किया जाएगा, जिससे 168 पिछड़ी बसावटों को सीधा लाभ मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए वर्ष 2026-27 हेतु कुल 18,907 करोड़ रु. के सांकेतिक आवंटन की घोषणा की जाएगी, जिसमें से 830 करोड़ रु. म.प्र. के विकास के लिए समर्पित हैं। यह आवंटन ग्रामीण संपर्क, आर्थिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि विपणन की पहुंच को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।

समारोह की शुरुआत 10 मई को दोपहर 12 बजे होगी, जिसमें केंद्रीय मंत्री श्री चौहान, मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ ही केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी और केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान, म.प्र. के ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल तथा म.प्र. सरकार के अन्य जनप्रतिनिधि और केंद्र तथा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहेंगे।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का स्पष्ट संदेश है कि गांव की सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि समृद्धि, शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार, रोजगार और सम्मानजनक जीवन की डगर है। PMGSY के 25 वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित यह रजत जयंती समारोह और PMGSY-IV का शुभारंभ आने वाले वर्षों में ग्रामीण भारत को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला निर्णायक कदम सिद्ध होगा।

3 जन सुरक्षा योजनाएं : PMSBY, PMJJEBY, APY ने सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए 11 साल पूरे किए

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

PM नरेन्‍द्र मोदी द्वारा 9 मई 2015 को शुरू की गई जनसुरक्षा योजनाएं – प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना- समाज के सभी वंचित और कमजोर वर्गों को किफायती वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। इन प्रमुख योजनाओं का लक्ष्य नागरिकों को जीवन की अनिश्चितताओं से बचाकर और दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता को बढ़ावा देकर बीमा और पेंशन व्यवस्था को व्यापक बनाना है।

केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने तीन जन सुरक्षा योजनाओं के मार्गदर्शक सिद्धांतों पर विचार करते हुए कहा, “PM मोदी ने कम लागत वाले बीमा और पेंशन लाभ प्रदान करने के लिए पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना, पीएम सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना सहित जन सुरक्षा योजनाओं का शुभारंभ किया।”

जन सुरक्षा योजनाओं की 11वीं वर्षगांठ के आंकड़ों का उल्‍लेख करते हुए श्रीमती सीतारमण ने कहा कि PMJJBY, PMSBY और अटल पेंशन योजना के तहत 27 करोड़, 58 करोड़ और 9 करोड़ से अधिक नामांकन हुए हैं। वित्त मंत्री ने PMJJBY योजना पर कहा कि इस योजना के तहत 10.7 लाख से अधिक परिवारों के 21,500 करोड़ रुपये से अधिक के दावों का निपटारा किया गया है। सीतारमण ने कहा कि PMSBY योजना के तहत 1.84 लाख से अधिक परिवारों के लगभग 3,660 करोड़ रुपये के दावों का निपटारा किया गया है।

1. प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना किसी भी कारण से होने वाली मृत्यु के लिए प्रतिदिन 2 रुपये से कम के प्रीमियम पर जीवन बीमा कवर प्रदान करने के लिए बनाई गई है।

योजना की मुख्य विशेषता: पीएमजेजेबीवाई एक वर्षीय बीमा योजना है, जिसे हर साल नवीनीकृत किया जा सकता है। यह योजना एलआईसी और अन्य जीवन बीमा कंपनियों जो आवश्यक अनुमोदन प्राप्त करने और बैंकों/डाकघरों के साथ साझेदारी करने के बाद समान शर्तों पर यह उत्पाद प्रदान करने के लिए इच्छुक हैं, द्वारा संचालित की जाती है। सहभागी बैंक/डाकघर अपने ग्राहकों के लिए योजना को लागू करने हेतु किसी भी जीवन बीमा कंपनी को नियुक्त करने के लिए स्वतंत्र हैं।

पात्रता शर्तें: योजना में भाग लेने वाले बैंकों/डाकघरों के 18 से 50 वर्ष की आयु वर्ग के सभी व्यक्तिगत खाताधारक, जो ऑटो-डेबिट में शामिल होने/चालू करने के लिए अपनी सहमति देते हैं, इस योजना में शामिल होने के पात्र हैं। यदि किसी व्यक्ति के एक या अलग-अलग बैंकों/डाकघरों में एक से अधिक खाते हैं, तो वह केवल एक बैंक/डाकघर खाते के माध्यम से ही योजना में शामिल होने के पात्र है।

नामांकन अवधि: यह कवर 1 जून से 31 मई तक एक वर्ष की अवधि के लिए होगा, जिसके लिए निर्धारित प्रपत्रों पर निर्धारित व्यक्तिगत बैंक/डाकघर खाते से ऑटो-डेबिट द्वारा शामिल होने/भुगतान करने का विकल्प आवश्यक होगा।

2. प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई)

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) को दुर्घटना के कारण मृत्यु या विकलांगता होने पर 18 से 70 वर्ष की आयु के व्यक्तियों को 2 लाख रुपये तक का आकस्मिक मृत्यु और विकलांगता कवर प्रदान करने के लिए बनाया गया है। इसका न्यूनतम प्रीमियम 2 रुपये प्रति माह से कम है।

योजना की मुख्य विशेषता: पीएमएसबीवाई एक साल का कवर है, जिसे हर साल नवीनीकृत किया जा सकता है। यह योजना सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियों (पीएसजीआईसी) और अन्य सामान्य बीमा कंपनियों, जो आवश्यक अनुमोदन प्राप्त करने और इस उद्देश्य के लिए बैंकों/डाकघरों के साथ साझेदारी करने के बाद समान शर्तों पर यह उत्पाद प्रदान करने के लिए इच्छुक हों, द्वारा चलाई जाती है। सहभागी बैंक/डाकघर अपने ग्राहकों के लिए योजना को लागू करने के लिए किसी भी बीमा कंपनी को नियुक्त करने के लिए स्वतंत्र होंगे।

पात्रता शर्तें: योजना में भाग लेने वाले बैंकों/डाकघरों के 18 से 70 वर्ष की आयु वर्ग के सभी व्यक्तिगत खाताधारक, जो ऑटो-डेबिट में शामिल होने/चालू करने के लिए अपनी सहमति देते हैं, इस योजना में शामिल होने के पात्र हैं। यदि किसी व्यक्ति के एक या अलग-अलग बैंकों/डाकघरों में एक से अधिक खाते हैं, तो वह केवल एक बैंक/डाकघर खाते के माध्यम से ही योजना में शामिल होने के लिए पात्र है।

नामांकन अवधि: यह कवर 1 जून से 31 मई तक एक वर्ष की अवधि के लिए होगा, जिसके लिए निर्धारित प्रपत्रों पर निर्धारित व्यक्तिगत बैंक/डाकघर खाते से ऑटो-डेबिट द्वारा शामिल होने/भुगतान करने का विकल्प देना आवश्यक होगा।

3. अटल पेंशन योजना (एपीवाई)

अटल पेंशन योजना (एपीवाई) का उद्देश्य सभी भारतीयों, विशेष रूप से गरीबों, वंचितों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। यह असंगठित क्षेत्र के लोगों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने और भविष्य की आपात स्थितियों से निपटने के लिए सरकार की एक पहल है। एपीवाई का संचालन राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) की समग्र प्रशासनिक और संस्थागत संरचना के अंतर्गत पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) द्वारा किया जाता है।

पात्रता: एपीवाई 18 से 40 वर्ष की आयु वर्ग के सभी बैंक खाताधारकों के लिए खुला है जो आयकर दाता नहीं हैं और चुनी गई पेंशन राशि के आधार पर अंशदान भिन्न होते हैं।

लाभ: योजना में शामिल होने के बाद ग्राहक द्वारा किए गए अंशदान के आधार पर, ग्राहकों को 60 वर्ष की आयु के बाद 1000 रुपये, 2000 रुपये, 3000 रुपये, 4000 रुपये या 5000 रुपये की गारंटीकृत न्यूनतम मासिक पेंशन प्राप्त होगी।

योजना के लाभों का वितरण : मासिक पेंशन ग्राहक को उपलब्ध होती है, और उसके बाद उसके जीवनसाथी को, और उनकी मृत्यु के बाद, ग्राहक की 60 वर्ष की आयु तक संचित पेंशन राशि ग्राहक के नामांकित व्यक्ति को वापस कर दी जाएगी।

“SC समुदाय के खिलाफ अपमानजनक भाषा बर्दाश्त नहीं-अवतार सिंह संधू ने पंजाब सरकार को भेजा मेमोरेंडम”

अमृतस / सत्ता संदेश

पत्रकार- विक्रमजीत सिंह / कैमरामैन- तरजिंदर सिंह

पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के SC डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी अवतार सिंह संधू ने शनिवार को एक ज़रूरी मुद्दे को लेकर DC अमृतसर ऑफिस में एक मेमोरेंडम दिया। यह मेमोरेंडम ADC रूपिंदर पाल सिंह को दिया गया, जिसमें सेंसस और सेंसस से जुड़े कामों में SC समुदाय के लिए इस्तेमाल किए गए कथित जाति-आधारित और अपमानजनक शब्दों पर कड़ी आपत्ति जताई गई।

अवतार सिंह संधू ने कहा कि अगर कोई आम आदमी SC समुदाय के खिलाफ जाति-आधारित शब्दों का इस्तेमाल करता है, तो उसके खिलाफ तुरंत FIR दर्ज हो जाती है, लेकिन जब सरकारी कागज़ों में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल होता है, तो लोग इंसाफ के लिए किसके पास जाएं। उन्होंने कहा कि यह संविधान की भावना के खिलाफ है और डॉ. बी. आर. अंबेडकर के बराबरी के सिद्धांतों के खिलाफ है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार की तरफ से जारी जनगणना नोटिफिकेशन में धार्मिक सिख, रविदासिया और वाल्मीकि समुदायों से जुड़ी कैटेगरी में ऐसे शब्द लिखे गए हैं, जिनसे समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि यह गैर-संवैधानिक है और इसे तुरंत हटाया जाना चाहिए।

संधू ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने सरकार बनने से पहले दलित समुदाय से बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन अब वही सरकार SC समुदाय की इज्ज़त को ठेस पहुंचाने वाले कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि अगर एक-दो दिन में परफॉर्मेंस फॉर्म से ये शब्द नहीं हटाए गए तो कांग्रेस पार्टी सभी धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं को जोड़कर बड़े पैमाने पर संघर्ष शुरू करेगी।

उन्होंने दलित समुदाय से जुड़े आम आदमी पार्टी के मंत्रियों और MLA से भी अपील की कि वे सिर्फ पद और सुविधाओं के लिए चुप न बैठें, बल्कि अपने समुदाय के हक में आवाज उठाएं।

सिविल हॉस्पिटल नाभा ने डेंगू से बचने के लिए निकाली अवेयरनेस रैली

नाभा/सत्ता संदेश

संवाददाता- चेतन मेहता

शुक्रवार को नाभा के सिविल हॉस्पिटल में सिविल सर्जन पटियाला के निर्देशों पर करतारपुरा मोहल्ला में डेंगू अवेयरनेस रैली निकाली गई। जिसमें सिविल हॉस्पिटल की टीम ने डेंगू से बचाव के लिए हाथों में बैनर लिए और इस डेंगू मच्छर से बचने के लिए जागरुकता रैली निकाली।

इस मौके पर सिविल हॉस्पिटल की डॉ. अनुमेहा भल्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि सिविल सर्जन पटियाला के निर्देशों के अनुसार नाभा के हॉट स्पॉट एरिया में डेंगू से बचाव के लिए अवेयरनेस रैली निकाली गई। उन्होंने कहा कि इस डेंगू मच्छर से बचने के लिए हमें अपने आस-पास और छतों पर साफ पानी जमा नहीं होने देना चाहिए, क्योंकि यह मच्छर साफ पानी में पनपता है। उन्होंने कहा कि जहां भी खड़े पानी में मच्छर का लार्वा दिखे, हमारी टीम को सूचित किया जाए।

PMMSY के अतंर्गत केंद्रीय मत्सय पालन सचिव ने महाराष्ट्र के मछली ब्रूड बैंक का किया दौरा

महाराष्ट्र / सत्ता संदेश

भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के मत्स्य पालन विभाग के सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत यशोधरा संजय खंडागले द्वारा स्थापित महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के मंगरुल गांव स्थित सजावटी मत्स्य ब्रूड बैंक का दौरा किया। इस दौरे के बाद, केंद्रीय सचिव ने ‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ के लाभार्थियों से संवाद कर जमीनी स्तर पर आने वाली कमियों और चुनौतियों को समझने की कोशिश की।

ब्रूड बैंक भारत में इस तरह की पहली पहल है, जो सजावटी मछलियों की 25 से अधिक किस्मों का संरक्षण और प्रजनन करता है। यशोधरा संजय खंडागले ने अपने ब्रांड “सैम डिस्कस” को देश में उच्च गुणवत्ता वाली डिस्कस मछलियों के अग्रणी उत्पादकों में सफलतापूर्वक स्थापित किया है। इस ब्रूड बैंक ने 20 प्रजातियों की लगभग 7.7 लाख सजावटी मछलियों का उत्पादन किया है, जिससे अनुमानित ₹1.93 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ तथा लगभग 25–30 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। 700 से अधिक टैंकों से सुसज्जित यह केंद्र कौशल विकास, रोजगार सृजन और सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने में भी सहयोग करता है, साथ ही सजावटी मत्स्य पालन क्षेत्र में निर्यात संभावनाओं को बढ़ावा देता है। यह ब्रूड बैंक नियामक मानकों का पालन करता है तथा सामूहिक दुर्घटना बीमा योजना(जीएआईएस) और राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफार्म जैसी सरकारी योजनाओं के अंतर्गत भी शामिल है।

महाराष्ट्र में समुद्री तथा अंतर्देशीय दोनों संसाधनों से समर्थित एक सशक्त मत्स्य पालन क्षेत्र है। 877.97 किलोमीटर लंबी तटरेखा, 173 मछली लैंडिंग केंद्र तथा 526 मत्स्य ग्रामों के साथ यह राज्य 15 लाख से अधिक मछुआरों को आजीविका प्रदान करता है।वित्त वर्ष 2022–23 में राज्य में लगभग 5.9 लाख टन मछली का उत्पादन हुआ। यहां के अंतर्देशीय मत्स्य पालन का विस्तार 4.10 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें जलाशय, नदियां, तालाब तथा खारे पानी के क्षेत्र शामिल हैं। नीली क्रांति और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से महाराष्ट्र ने जलीय कृषि, हैचरी, केज कल्चर, अवसंरचना तथा मछुआरों के कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार किए हैं। हालांकि, उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए निवेशों के प्रभावी उपयोग से संबंधित चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।

पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक परिवर्तन: शुभेंदु अधिकारी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, राज्य में पहली बार बनी BJP सरकार

नेशनल डेस्क: कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आज पश्चिम बंगाल की राजनीति का एक नया अध्याय शुरू हुआ, जब शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के 9वें और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। आजादी के बाद यह पहली बार है जब बंगाल में भाजपा की सरकार बनी है।

भव्य शपथ ग्रहण समारोह: इस ऐतिहासिक मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और एनडीए शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री (जैसे चंद्रबाबू नायडू और भूपेंद्र पटेल) शामिल हुए। प्रधानमंत्री मोदी और शुभेंदु अधिकारी एक साथ मंच तक पहुँचे और जनता का अभिवादन किया।

मंत्रिमंडल का गठन: शुभेंदु अधिकारी के साथ 5 अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली, जिनमें दिलीप घोष, निशिथ प्रमाणिक, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडु शामिल हैं।

ऐतिहासिक जीत और अवसर: भाजपा ने 294 में से 207 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया है। गौरतलब है कि यह शपथ ग्रहण समारोह रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती के विशेष अवसर पर आयोजित किया गया। शुभेंदु अधिकारी को बंगाल में ‘जायंट किलर’ माना जा रहा है, जिन्होंने 2021 में नंदीग्राम और 2026 में भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को मात दी है।

भावुक क्षण: कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने भाजपा के 98 वर्षीय वरिष्ठ कार्यकर्ता माखनलाल सरकार को सम्मानित किया और उनका आशीर्वाद लिया, जो 1952 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ कश्मीर आंदोलन में शामिल रहे थे।

तमिलनाडु में राजनीतिक हलचल: इसी बीच, सूत्रों के अनुसार तमिलनाडु में TVK प्रमुख विजय की शपथ पर सस्पेंस बना हुआ है क्योंकि उनके पास बहुमत से 2 विधायक कम हैं और विपक्षी दलों ने उन पर जालसाजी के आरोप लगाए हैं।

छात्राओं पर भद्दे कमेंट्स और गलत तरीके से छूता था सरकारी टीचर, FIR दर्ज कर जांच शुरू

नेशनल डेस्क: गुरुग्राम के जैकबपुरा स्थित सरकारी कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल में एक शिक्षक द्वारा छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार का गंभीर मामला सामने आया है। 9वीं कक्षा की कई छात्राओं ने आरोप लगाया है कि शिक्षक लंबे समय से उन पर भद्दे कमेंट्स करता था और उन्हें गलत तरीके से छूता था।

पुलिस कार्रवाई: छात्राओं और उनके अभिभावकों की शिकायत के आधार पर गुरुग्राम पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, छात्राओं की काउंसलिंग बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष कराई जाएगी और उनके बयान एक न्यायिक अधिकारी के सामने दर्ज किए जाएंगे।

प्रशासनिक कदम: शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी शिक्षक को तुरंत प्रभाव से ब्लॉक शिक्षा कार्यालय में स्थानांतरित कर दिया है। साथ ही, जांच पूरी होने तक शिक्षक के स्कूल परिसर में प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है।

बाल अधिकार आयोग का दखल: हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (HSCPCR) ने इस घटना का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने स्कूल की प्रधानाचार्य को 14 मई को पेश होने का निर्देश दिया है ताकि यह जाना जा सके कि शिकायतों के बावजूद स्कूल प्रशासन ने पहले कोई कदम क्यों नहीं उठाया।

सुरक्षा की मांग: इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों और अभिभावकों में भारी रोष है। उन्होंने स्कूलों में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषी शिक्षक के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

सोने-चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल: एक हफ्ते में ₹20,000 महंगी हुई चांदी, सोना भी ₹1.66 लाख के पार

बिजनेस डेस्क: भारतीय सर्राफा बाजार में इस हफ्ते कीमती धातुओं की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी गई है। वैश्विक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनाव के कारण सोने और चांदी की चमक और बढ़ गई है। विशेष रूप से चांदी की कीमतों में केवल एक हफ्ते के भीतर करीब ₹20,000 प्रति किलो का बड़ा उछाल आया है।

चांदी की रिकॉर्ड रफ्तार: चांदी की कीमतों में आई यह तेजी हाल के समय की सबसे बड़ी छलांग मानी जा रही है। कुछ दिन पहले चांदी जहाँ ₹2.44 लाख के आसपास थी, वहीं अब यह ₹2,61,300 प्रति किलोग्राम के स्तर को पार कर चुकी है। इस साल की शुरुआत से अब तक चांदी के भाव में कुल ₹25,000 की बढ़ोतरी हो चुकी है।

सोने की नई ऊंचाई: चांदी के साथ-साथ सोने के दाम भी आसमान छू रहे हैं। दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने का भाव ₹1,53,700 प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर को पार कर गया है। 9 मई 2026 के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,66,011 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत ₹1,52,940 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।

तेजी के प्रमुख कारण: भू-राजनीतिक तनाव: मिडिल ईस्ट में, विशेषकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर धकेला है।अंतरराष्ट्रीय मांग: वैश्विक स्तर पर सोने का भाव $4,723 प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है, जिसका सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ रहा है।

आर्थिक कारक: अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर इंडेक्स में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने भी इन धातुओं की कीमतों को सहारा दिया है।

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मांग और सुरक्षित निवेश के रूप में सोने-चांदी के प्रति बढ़ते रुझान के कारण कीमतों में यह तेजी बनी हुई है।

भारतीय क्रिकेट टीम में बड़े बदलाव की सुगबुगाहट: सूर्यकुमार यादव की कप्तानी पर संकट, संजू सैमसन बन सकते हैं नए कप्तान

स्पोर्टस डेस्क: IPL 2026 के समापन के बाद भारतीय टी20 टीम में बड़े फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। ताजा मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटाया जा सकता है और उनकी जगह एक नए खिलाड़ी को यह जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

संजू सैमसन रेस में सबसे आगे: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ रहे संजू सैमसन इस समय कप्तानी की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली आगामी टी20 सीरीज में टीम की कमान सौंपी जा सकती है।

सूर्यकुमार यादव की फॉर्म पर नजर: हालांकि सूर्यकुमार यादव ने भारत को टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जिताया है, लेकिन उनकी वर्तमान फॉर्म चयनकर्ताओं के लिए चिंता का विषय बनी हुई है,। रिपोर्ट के मुताबिक, चयन समिति उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड सीरीज के लिए कप्तान बनाए रख सकती है, लेकिन उन पर पैनी नजर रहेगी। यदि वे विफल रहते हैं, तो संजू सैमसन को कमान मिलना तय है। फिलहाल संजू को इन सीरीज के लिए उपकप्तान बनाया जा सकता है।

श्रेयस अय्यर क्यों पिछड़े?: पहले श्रेयस अय्यर का नाम भी कप्तानी के लिए चर्चा में था, लेकिन उन्होंने दिसंबर 2023 से कोई टी20 मैच नहीं खेला है। चयनकर्ता पहले उन्हें बतौर खिलाड़ी टीम में शामिल कर उनके प्रदर्शन को परखना चाहते हैं।

सैमसन का पलड़ा क्यों भारी?: संजू सैमसन के पास आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी का लंबा अनुभव है, जिसकी अगुआई में टीम 2022 के फाइनल तक पहुँची थी। चयनकर्ताओं को दबाव के क्षणों में उनका शांत स्वभाव काफी पसंद आ रहा है।इस बदलाव के साथ चयन समिति का लक्ष्य टी20 टीम में नए नेतृत्व और स्थिरता को लाना है।