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सावधान! ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम पर हो रही बड़ी ठगी: एक क्लिक और बैंक खाता साफ

लुधियाना: सोशल मीडिया पर इन दिनों ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का नाम तेजी से वायरल हो रहा है। युवाओं के बीच इस नाम को लेकर बढ़ती उत्सुकता का फायदा उठाते हुए साइबर ठगों ने ठगी का एक नया और खतरनाक तरीका खोज निकाला है। लुधियाना पुलिस ने इस संबंध में एक चेतावनी जारी की है कि कैसे एक छोटी सी गलती लोगों को कंगाल बना सकती है।

कैसे जाल में फंसाते हैं ठग? पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधी लोगों को वॉट्सऐप (WhatsApp) पर एक लुभावना मैसेज भेजते हैं। इस मैसेज में “देश की पुकार, सिस्टम बदलने का समय आ गया है” और “युवाओं के लिए बड़ी अपॉर्चुनिटी” जैसी बातें लिखकर उन्हें आकर्षित किया जाता है। मैसेज के अंत में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ जॉइन करने की अपील के साथ एक लिंक दिया होता है।

लिंक क्लिक करते ही फोन होता है हैक: लुधियाना पुलिस के अधिकारी अमरिंदर सिंह ने स्पष्ट किया है कि यह लिंक दरअसल एक फिशिंग लिंक है। जैसे ही कोई व्यक्ति इस पर क्लिक करता है, उसका मोबाइल फोन तुरंत हैक हो जाता है। इसके बाद पीड़ित की बैंकिंग डिटेल्स, पासवर्ड और निजी डेटा सीधा ठगों के पास पहुंच जाता है, जिसका इस्तेमाल कर वे खाते से पैसे उड़ा लेते हैं या पीड़ित के नाम पर लोन ले लेते हैं।

पुलिस की अपील और बचाव के उपाय:अनजान लिंक से बचें: किसी भी जज्बाती मैसेज के बहकावे में आकर अनजान लिंक्स पर क्लिक न करें।हेल्पलाइन नंबर: यदि आप ठगी का शिकार हो जाते हैं, तो बिना देर किए 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें। समय पर शिकायत करने से बैंक खाते से उड़े पैसों को वापस लाने की संभावना बढ़ जाती है।

लुधियाना में GLADA की प्रॉपर्टी का बड़ा फर्जीवाड़ा: 1998 में रद्द हुआ मकान 2024 में फर्जी दस्तावेजों से बेचा, पुलिस ने दर्ज किया केस

लुधियाना: ग्रेटर लुधियाना एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GLADA) की एक रिहायशी प्रॉपर्टी को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेचने का एक गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने इस धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

26 साल पुराना मामला: यह मामला दुगरी रोड के फेज-3 स्थित एक मकान से जुड़ा है, जो साल 1998 में परमजीत सिंह के नाम पर अलॉट हुआ था। हालांकि, पैसे जमा न करने के कारण अलॉटमेंट रद्द कर दिया गया था और 2002 में जमा राशि भी वापस कर दी गई थी।

फर्जी अलॉटी का खेल: साल 2021 में किसी व्यक्ति ने खुद को असली अलॉटी बताकर GLADA में दस्तावेज जमा किए और कन्वेयंस डीड करवा ली। इसके बाद पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए जून 2022 और सितंबर 2023 में मालिकाना हक घुमाया गया और अंततः अप्रैल 2024 में इसकी रजिस्ट्री हरिंदरपाल सिंह के नाम कर दी गई।

जांच में खुली पोल: जब खरीदार ने नाम ट्रांसफर के लिए आवेदन किया, तो GLADA अधिकारियों को फाइल में कई खामियां मिलीं। करीब 4 लाख रुपये की रसीदें फर्जी पाई गईं, क्योंकि यह पैसा विभाग के खाते में कभी जमा ही नहीं हुआ था।

रिकॉर्ड में हेराफेरी: जांच के दौरान पजेशन लेटर और नो-ड्यू सर्टिफिकेट के डिस्पैच नंबर फर्जी पाए गए और फाइल के कई महत्वपूर्ण पन्ने (नोट-शीट) गायब थे।

पुलिस कार्रवाई: थाना सराभा नगर पुलिस ने GLADA के एस्टेट ऑफिसर की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ IPC की धारा 420, 465, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत मामला दर्ज किया है। एएसआई राजपाल सिंह के अनुसार, पुलिस अब यह पता लगा रही है कि सरकारी सिस्टम के भीतर से यह धोखाधड़ी कैसे अंजाम दी गई।

लुधियाना पुलिस को बड़ी सफलता: 320 ग्राम हेरोइन और ड्रग मनी के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस

पंजाब डेस्क : लुधियाना पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा (IPS) के दिशा-निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए स्पेशल सेल की टीम ने भारी मात्रा में नशीले पदार्थों के साथ दो आरोपियों को काबू किया है।

गश्त के दौरान पकड़े गए तस्कर: स्पेशल सेल के इंचार्ज इंस्पेक्टर हरप्रीत सिंह देहल ने बताया कि 16 फरवरी 2026 को पुलिस टीम मेहरबान थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव सीड़ा के टी-प्वाइंट पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान संदेह के आधार पर दो व्यक्तियों को रोककर उनकी तलाशी ली गई।

बरामदगी और कानूनी कार्रवाई: तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामग्री बरामद की:

-320 ग्राम हेरोइन

-₹9,000 ड्रग मनी

-एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा (नशा तोलने के लिए)

-25 जिप-लॉक लिफाफे (पैकिंग के लिए)

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मेहरबान थाने में NDPS एक्ट की धारा 21C, 61, 85 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

रिमांड के दौरान होगी कड़ी : पूछताछ गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहाँ से उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ करेगी ताकि इस नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य बड़े चेहरों और सप्लायरों का पता लगाकर उनका पर्दाफाश किया जा सके।

लुधियाना में आतंकी साजिश नाकाम ! खालिस्तान कमांडो फोर्स के 2 सदस्य गिरफ्तार; हुए बड़े खुलासे

पंजाब डेस्क: पंजाब पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन में खालिस्तान कमांडो फोर्स (KCF) के दो सदस्यों को गिरफ्तार करके राज्य में एक बड़ी आतंकी साजिश नाकाम कर दी है। ये आरोपी विदेश में बैठे अपने आकाओं के कहने पर लुधियाना में टारगेट किलिंग और सरकारी इमारतों को निशाना बनाने की तैयारी कर रहे थे।

खुफिया जानकारी पर जॉइंट ऑपरेशन: पंजाब के DGP गौरव यादव ने सोशल मीडिया पर जानकारी शेयर की कि स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC), SAS नगर ने काउंटर इंटेलिजेंस लुधियाना के साथ मिलकर यह गिरफ्तारी की है। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक 9 mm पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।

UK और जर्मनी से जुड़े तार: शुरुआती जांच में पता चला है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी UK और जर्मनी में मौजूद खालिस्तान कमांडो फोर्स से जुड़े हैंडलर्स के संपर्क में थे। ये हैंडलर्स उन्हें कट्टरपंथी सोच के जरिए निर्देश दे रहे थे। आरोपियों को ग्राउंड लेवल पर काम करने, खास लोगों के बारे में जानकारी इकट्ठा करने और सरकारी दफ्तरों की रेकी करने की जिम्मेदारी दी गई थी।

सरकारी इमारतों की रेकी और सिक्योरिटी: आरोपी लुधियाना के मेन ऑफिस की रेकी कर रहे थे। गौरतलब है कि अगस्त 2024 से ही लुधियाना में जगराओं ब्रिज, पोस्ट ऑफिस, BSNL बिल्डिंग, पुलिस कमिश्नर ऑफिस (CP ऑफिस) और DIG घर के बाहर आतंकवादी हमलों के खतरों को देखते हुए सिक्योरिटी पहले ही कड़ी कर दी गई थी।

पुलिस एक्शन: इस बारे में SSOC पुलिस स्टेशन, SAS नगर में FIR दर्ज की गई है। पुलिस अब जांच कर रही है कि इन आरोपियों के और क्या कनेक्शन हैं और उन्हें भविष्य में और क्या ज़िम्मेदारियां दी गई थीं।