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राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद सुप्रीम कोर्ट में पांच नए न्यायाधीश नियुक्त हुए

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

संविधान के अनुच्छेद 124 के खंड (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दिनांक 01 जून 2026 की एक अधिसूचना के माध्यम से निम्नलिखित चार मुख्य न्यायाधीशों व एक वरिष्ठ अधिवक्ता को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया है:

इनमें हाईकोर्ट पंजाब और हरियाणा के मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति शील नागू, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा, मुंबई उच्चा न्यायलय के न्यायधीश चंद्रशेखर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय की न्यायधीश न्यायमूर्ति अरुण पल्ली और वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकिता सुब्रमणि मोहना है।

‘बिरसा लिव्स इन न्यू भारत वीक’ के तहत राष्ट्रपति छात्रवृत्ति लाभार्थी जनजातीय छात्रों से करेंगी संवादात्मक बैठक

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

जनजातीय गरिमा उत्सव के राष्ट्रव्यापी समारोह के अंतर्गत, जनजातीय कार्य मंत्रालय अपनी प्रमुख केंद्रीय क्षेत्र छात्रवृत्ति योजनाओं के लाभार्थियों के साथ राष्ट्रपति की एक विशेष संवादात्मक बैठक का आयोजन करेगा।

यह संवाद “बिरसा लिव्स इन न्यू भारत वीक” के दौरान आयोजित किया जा रहा है जो 25 मई से 2 जून तक भगवान बिरसा मुंडा की प्रेरणादायक विरासत की स्मृति में मनाया जा रहा है। भगवान बिरसा मुंडा साहस, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के प्रतीक थे। 10 मई से 9 जून 2026 तक मनाया जा रहा “जनजातीय गरिमा उत्सव” भारत के राष्ट्र निर्माण में जनजातीय समुदायों की समृद्ध विरासत, सांस्कृतिक धरोहर और अमूल्य योगदान का सम्मान करता है और आदिवासी युवाओं को शिक्षा, नेतृत्व, नवाचार और प्रधानमंत्री की विकसित भारत की परिकल्पना में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करता है।

मंत्रालय की छात्रवृत्ति योजनाओं से लाभान्वित देशभर के लगभग 200 जनजातीय विद्यार्थी राष्ट्रपति के साथ इस संवाद कार्यक्रम में भाग लेंगे। ये विद्यार्थी जनजातीय समुदायों के कुछ सबसे प्रतिभाशाली युवा हैं जो उच्च शिक्षा, उन्नत अनुसंधान और अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रयासरत हैं। इस प्रकार का संवाद शिक्षा सशक्तिकरण, सामाजिक समावेशन और राष्ट्र निर्माण के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता के बारे में एक सशक्त और सकारात्मक संदेश देगा, जिससे विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों को साकार किया जा सकेगा।

अनुसूचित जनजातियों के लिए राष्ट्रीय फेलोशिप एक वित्तपोषित केंद्रीय क्षेत्र योजना है जो देश में पीएचडी कर रहे मेधावी अनुसूचित जनजाति छात्रों को सहायता प्रदान करती है। प्रतिवर्ष 750 नई फेलोशिप प्रदान की जाती हैं और वर्तमान में लगभग 3,000 विद्यार्थी इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।

उच्च शिक्षा के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना इंजीनियरिंग, चिकित्सा, कानून, प्रबंधन और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में 265 प्रमुख संस्थानों में स्नातक और स्नातकोत्तर अध्ययन कर रहे एसटी छात्रों को सहायता प्रदान करती है। प्रतिवर्ष लगभग 2,500 नई छात्रवृत्तियां प्रदान की जाती हैं, जबकि वर्तमान में लगभग 7,000 छात्र इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।

राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति योजना मेधावी एसटी छात्रों को विदेशों में विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम बनाती है। विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों के समन्वय से कार्यान्वित यह योजना प्रतिवर्ष 20 वित्तीय सहायता प्रदान करती है। वर्तमान में, लगभग 70 छात्र इस योजना के अंतर्गत अग्रणी अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में अध्ययन कर रहे हैं।

इस विशेष संवाद का उद्देश्य जनजातीय समुदाय के छात्रों को अकादमिक उत्कृष्टता, नेतृत्व और नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है, साथ ही समावेशी और परिवर्तनकारी जनजातीय सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करना है।

मेंटल स्ट्रेस से टूटी छात्रा की जिंदगी? जांच के घेरे में स्कूल प्रबंधन

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर में 17 साल की लड़की की मौत का मामला गंभीर मोड़ लेता जा रहा है। मृतका की पहचान अमजोत कौर औलाख के तौर पर हुई है, जो DDIS स्कूल में पढ़ती थी। परिवार वालों का आरोप है कि फीस न देने की वजह से स्कूल स्टाफ उनकी बेटी को लगातार परेशान करता था, जिसकी वजह से वह मेंटली स्ट्रेस में आ गई और कथित तौर पर उसने कोई ज़हरीली चीज़ निगल ली।

जानकारी के मुताबिक, स्टूडेंट की हालत बिगड़ने के बाद उसे इलाज के लिए फोर्टिस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। फिलहाल, बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

मीडिया से बात करते हुए मृतका के परिवार ने स्कूल मैनेजमेंट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। स्टूडेंट के पिता ने कहा कि उनकी बेटी पढ़ाई में बहुत टैलेंटेड थी और हर क्लास में अच्छे नंबर लाती थी। उनका कहना है कि अमजोत कौर ने कई बार परिवार को स्कूल में आ रही मुश्किलों और प्रेशर के बारे में बताया था।

परिवार के मुताबिक, स्कूल प्रिंसिपल, क्लास टीचर और दूसरे स्टाफ मेंबर स्टूडेंट पर एक्स्ट्रा प्रेशर डालते थे। उनका आरोप है कि अमजोत कौर को अक्सर दूसरे स्टूडेंट्स के सामने बेइज्जत किया जाता था और फीस के मामलों को लेकर उस पर लगातार प्रेशर डाला जाता था।

परिवार ने यह भी दावा किया कि स्टूडेंट से पढ़ाई के अलावा दूसरी जिम्मेदारियां भी निभाई जाती थीं, जिससे वह लगातार स्ट्रेस में रहती थी। उन्होंने मांग की है कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाए ताकि भविष्य में किसी और स्टूडेंट को ऐसे हालात का सामना न करना पड़े।

इस बीच, विजय नगर पुलिस पोस्ट के इंचार्ज ASI हरजिंदर सिंह ने कहा कि पुलिस को एक 17 साल की लड़की के ज़हरीला पदार्थ खाने की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की और मृतक के परिवार वालों के बयान दर्ज किए। उन्होंने कहा कि परिवार के बयानों के आधार पर स्कूल स्टाफ के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही पता चल पाएगी। फिलहाल, मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कपूरथला में कथित चुनावी रंजिश को लेकर विवाद, राणा गुरजीत सिंह ने गुंडागर्दी का लगाया आरोप

कपूरथला / सत्ता संदेश

कपूरथला के अजीत नगर में बीती रात कथित चुनावी रंजिश को लेकर हुई झड़प के बाद कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह मौके पर पहुंचे। उनके साथ नवनिर्वाचित पार्षदों की टीम भी मौजूद रही। विधायक ने आरोप लगाया कि विदेश से आए शेरा नामक व्यक्ति के इशारे पर उनके समर्थकों के साथ मारपीट की गई और उन्हें धमकाया गया।


राणा गुरजीत सिंह ने बताया कि वार्ड नंबर 11 से कांग्रेस उम्मीदवार बलवीर सिंह बीरा ने नगर निगम चुनाव में जीत हासिल की है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान बलवीर सिंह की मदद करने वाले मंजीत सिंह के सहयोगी अंकुश शर्मा के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की। साथ ही दुकान पर काम करने वाले एक अन्य व्यक्ति को भी धमकाया गया।


विधायक के अनुसार पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में कुछ युवक दुकान के अंदर घुस आए और सीसीटीवी फुटेज डिलीट कर मौके से फरार हो गए। राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि शहर में किसी भी कीमत पर गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।


घटना की सूचना मिलने पर थाना सिटी पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने एक युवक को पूछताछ के लिए राउंडअप भी किया, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया।


थाना सिटी प्रभारी अमनदीप नाहर ने बताया कि पुलिस ने दुकान के अंदर लगी सीसीटीवी प्रणाली की डीवीआर अपने कब्जे में ले ली है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई भी शिकायतकर्ता औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के लिए सामने नहीं आया है। इसी कारण राउंडअप किए गए युवक को छोड़ना पड़ा।


राणा गुरजीत सिंह ने दावा किया कि शनिवार दोपहर को भी शेरा नामक व्यक्ति के खिलाफ एक दुकानदार ने पुलिस को शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस की ओर से समय पर कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण वह फरार हो गया।


दूसरी ओर थाना प्रभारी अमनदीप नाहर ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस शेरा को पकड़ने के लिए उसके घर गई थी, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरी जिम्मेदारी से अपना काम कर रही है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।


पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच किसी पारिवारिक विवाद को लेकर पहले से तनाव चल रहा था, जिसके चलते विवाद बढ़कर झड़प में बदल गया। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।

विवादित बयान पर रवनीत सिंह बिट्टू ने मांगी माफी, बोले- किसी भी समुदाय की भावनाएं आहत करना मेरा उद्देश्य नहीं

अमृतसर / सत्ता संदेश

केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचे, जहां उन्होंने अपने हाल ही में दिए गिए विवादित बयान पर माफी मांगी। बिट्टू ने कहा कि अगर उनके मुंह से निकले कुछ शब्दों की वजह से किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है। तो वह दिल से अफसोस जताते हैं और इस बात का खास ध्यान रखेंगे कि भविष्य में ऐसी गलती न हो। उन्होंने मीडिया के सामने कहा कि उनका कभी भी किसी SC, OBC, हिंदू, सिख या किसी अन्य समुदाय को नीचा दिखाने का इरादा नहीं था। उन्होंने कहा कि जिस दौरान ये विवादित शब्द बोले गए। उस दौरान माहौल बहुत गरम था और पुलिस और दूसरे लोगों के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी।


रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि वह लंबे समय से ऐसे चुनाव क्षेत्रों से जनप्रतिनिधि रहे हैं, जहां SC समुदाय की आबादी ज़्यादा है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार और राजनीतिक जीवन में हमेशा हर वर्ग और समुदाय का सम्मान किया गया है। उन्होंने याद दिलाया कि वह हर समुदाय के साथ अलग-अलग धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते रहे हैं और सामाजिक सद्भाव को मज़बूत करने के लिए काम करते रहे हैं।
बिट्टू ने कहा कि अगर उनके किसी बयान से किसी को ठेस पहुंची है, तो वह सभी सामाजिक संगठनों, NGO, डेरों और धार्मिक नेताओं से भी माफ़ी मांगते हैं। उन्होंने कहा कि वह किसी धार्मिक जगह या कैंप में जाकर भी अपना अफ़सोस ज़ाहिर करने के लिए तैयार हैं, क्योंकि उन्हें इस बात का बोझ है कि उनकी बातों को गलत तरीके से लिया गया।


पंजाब BJP की लीडरशिप के बारे में कैप्टन अमरिंदर सिंह के बयानों के बारे में पूछे जाने पर बिट्टू ने कहा कि सभी नेता पार्टी हाईकमान के फ़ैसले का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब की राजनीति के एक अनुभवी और सीनियर नेता हैं, जिनका सम्मान करना सबका फ़र्ज़ है। उनके मुताबिक, सीनियर नेता हमेशा गाइडेंस देते हैं और उनकी राय को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।


पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर बात करते हुए बिट्टू ने कहा कि राज्य में गैंगस्टरवाद और आपराधिक गतिविधियां चिंता का विषय हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले भी कई गंभीर घटनाएं हुई हैं, जिनमें पुलिस कर्मियों पर हमले और हथियार लूटने की घटनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अपराधियों और गैंगस्टरों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई की ज़रूरत है और समाज के हर वर्ग को कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ सहयोग करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जब भी पुलिस अपराधियों के खिलाफ़ कार्रवाई करती है, तो कई बार उन्हें अलग-अलग लेवल पर विरोध का सामना करना पड़ता है, जिससे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मुश्किलें आती हैं। बिट्टू ने तर्क दिया कि पंजाब को अपराध और गैंगस्टरवाद से मुक्त करने के लिए मज़बूत और निर्णायक कदम उठाने की ज़रूरत है।

कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी स्थिति के बारे में एक सवाल के जवाब में बिट्टू ने कहा कि पार्टी के अंदर चल रहे विवाद और नेताओं के बीच मतभेद अब खुलकर सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग नेताओं द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ दिए जा रहे बयान इस बात का संकेत हैं कि पार्टी में एकता की कमी है।
अपने भाषण के आखिर में, बिट्टू ने दोहराया कि वह समाज के हर वर्ग का सम्मान करते हैं और उनकी राजनीति का मूल उद्देश्य लोगों की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में वह अपने शब्दों को और सोच-समझकर चुनेंगे ताकि किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस न पहुंचे।

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, केंद्र सरकार को घेरा

अमृतसर / सत्ता संदेश

पेट्रोल और डीज़ल की बढ़ती कीमतों और लगातार बढ़ती महंगाई के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने अमृतसर में केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस के पूर्व मंत्री और पूर्व MLA डॉ. राज कुमार वेरका ने किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारे लगाए और आम लोगों को हो रही आर्थिक मुश्किलों का मुद्दा उठाया।


मीडिया से बात करते हुए डॉ. राज कुमार वेरका ने कहा कि पंजाब प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें चरम पर पहुंच गई हैं, जिससे महंगाई ने आम लोगों की ज़िंदगी पर बुरा असर डाला है। उन्होंने दावा किया कि घर का बजट बिगड़ गया है और बढ़ते खर्चों से लोग परेशान हैं।


डॉ. वेरका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली UPA सरकार के दौरान रसोई गैस और पेट्रोल की कीमतें कम थीं, तो BJP सरकार की तीखी आलोचना करती थी। उन्होंने कहा कि आज जब ईंधन की कीमतें काफी बढ़ गई हैं, तो केंद्र सरकार लोगों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण किसान, युवा और आम वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।


पूर्व मंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोगों के मुद्दों के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी और महंगाई के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि देश के लोग बढ़ती कीमतों और आर्थिक दबाव से तंग आ चुके हैं। डॉ. वेरका ने अपने भाषण के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस समय देश की अर्थव्यवस्था मजबूत थी और वैश्विक आर्थिक संकट के बावजूद भारत ने स्थिरता बनाए रखी। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार को लोगों की समस्याओं को समझना चाहिए और महंगाई को कंट्रोल करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
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कपूरथला पहुंचे सीएम नायब सिंह सैनी, पंजाब सरकार पर साधा निशाना

कपूरथला / सत्ता संदेश

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को कपूरथला दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शेखूपुर स्थित माता भद्रकाली मंदिर में माथा टेका और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता पुरुषोत्तम पासी के निवास पर आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित किया।


प्रेस वार्ता के दौरान नायब सिंह सैनी ने पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हाल ही में हुए निकाय चुनावों में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई गईं और बड़े स्तर पर वोट चोरी की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी आपस में मिली हुई हैं तथा बैलेट पेपर से चुनाव करवाकर सरकार ने साबित कर दिया है कि वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी हार से डरी हुई है।


गठबंधन संबंधी सवाल पर मुख्यमंत्री सैनी ने दोहराया कि भाजपा को किसी भी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव अकेले दम पर लड़ेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी अपने समर्पित कार्यकर्ताओं और नेताओं को ही आगे बढ़ाएगी। कांग्रेस या आम आदमी पार्टी के नेताओं के भाजपा के संपर्क में होने की बात को भी उन्होंने खारिज किया।


पंजाब भाजपा के संगठनात्मक ढांचे को लेकर पूछे गए सवाल पर नायब सिंह सैनी ने कहा कि भाजपा के नए प्रदेश प्रधान केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में पंजाब में भाजपा का कमल का फूल और अधिक मजबूती के साथ खिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी कार्यकर्ता एकजुट होकर पंजाब में भाजपा को मजबूत करेंगे और आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।


कैप्टन अमरिंदर सिंह के बयानों और पार्टी के भीतर मतभेदों की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए नायब सिंह सैनी ने कहा कि भाजपा पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने कहा कि भले ही कैप्टन अमरिंदर सिंह अपनी राय रखते हों, लेकिन वह भाजपा के शीर्ष नेताओं में शामिल हैं और पार्टी में उनका पूरा सम्मान है। उन्होंने कहा कि भाजपा के सभी नेता और कार्यकर्ता मिलकर पार्टी को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं।


पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर टिप्पणी करते हुए नायब सिंह सैनी ने कहा कि वह एक कलाकार हैं और केवल तालियां बजवाने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि तालियां बजाने से लोगों का पेट नहीं भरता। राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है, गैंगस्टरवाद को बढ़ावा मिला है और विकास कार्यों के नाम पर कुछ खास नहीं हुआ। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री शाम पांच बजे के बाद “रंगला पंजाब” बनाना शुरू कर देते हैं, जिसके बारे में सभी जानते हैं


पंजाब और हरियाणा के बीच पानी के मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंजाब भी उनकी अपनी धरती है। गुरुओं, पीरों और संत-महात्माओं से मिली सीख के अनुसार ही दोनों राज्यों के हितों को ध्यान में रखकर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है और इसे अनावश्यक रूप से विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।

मेगा PTM में उमड़े अभिभावक, शिक्षा सुधारों पर MLA अशोक पराशर पप्पी ने साझा किए विचार

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब सरकार की तरफ़ से एजुकेशन सेक्टर में किए जा रहे सुधार के कामों और एजुकेशन मिनिस्टर हरजोत सिंह बैंस की लीडरशिप में मेगा PTM (पेरेंट्स-टीचर मीटिंग) कैंपेन के तहत आज लुधियाना ज़िले के सभी सरकारी स्कूलों में मेगा PTM कामयाबी से ऑर्गनाइज़ की गई।

MLA अशोक पराशर पप्पी ने लुधियाना के सेंट्रल सब-डिस्ट्रिक्ट के तहत स्कूल ऑफ़ एमिनेंस (इस्लामिया स्कूल) में टीचर-पेरेंट्स मीटिंग में हिस्सा लिया।

इस मौके पर MLA पराशर ने स्टूडेंट्स के अच्छे भविष्य के लिए टीचर्स और पेरेंट्स के साथ अपने विचार शेयर किए और एजुकेशन मिनिस्टर हरजोत सिंह बैंस के साइन किए हुए स्पेशल तारीफ़ लेटर उन मेधावी स्टूडेंट्स, टीचर्स और दूसरे स्टाफ़ मेंबर्स को बांटे गए जिन्होंने स्कूलों के कामकाज में असरदार तरीके से योगदान दिया है। इनमें मिड-डे मील वर्कर्स, सिक्योरिटी गार्ड्स, कैंपस मैनेजर्स, स्कूल मैनेजमेंट कमेटियों के मेंबर्स और दूसरे लोग शामिल हैं जिन्होंने पूरे एकेडमिक साल में बहुत अच्छी सेवा और लगन दिखाई है।

इस दौरान पेरेंट्स और स्टूडेंट्स ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और स्कूलों में मौजूद सुविधाओं, पढ़ाई के स्टैंडर्ड और बच्चों की प्रोग्रेस के बारे में जानकारी ली।

मेगा PTM के दौरान MLA पप्पी ने पेरेंट्स से सीधे बातचीत की और स्टूडेंट्स की एकेडमिक परफॉर्मेंस, को-करिकुलर एक्टिविटीज़ और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बच्चों के ऑल-राउंड डेवलपमेंट के लिए पेरेंट्स, टीचर्स और स्टूडेंट्स के बीच लगातार संपर्क बहुत ज़रूरी है।

उन्होंने कहा कि मेगा PTM के ज़रिए पेरेंट्स से मिला फीडबैक एजुकेशन सिस्टम को और मज़बूत और असरदार बनाने में मददगार साबित होता है। इससे बच्चों की ज़रूरतों, रुचियों, समस्याओं और उनके भविष्य की उम्मीदों को समझने का मौका मिलता है, जिसके आधार पर उनके बेहतर भविष्य के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाता है।

MLA अशोक पराशर पप्पी ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र को दी जा रही प्राथमिकता और सरकारी स्कूलों में किए जा रहे सुधारों से लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी सुविधाओं और अच्छी शिक्षा के कारण अब बड़ी संख्या में माता-पिता अपने बच्चों का एडमिशन सरकारी स्कूलों में करवा रहे हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी डिंपल मदान ने भरोसा दिलाया कि सरकारी स्कूलों के शिक्षक छात्रों को अच्छी शिक्षा देने और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए पूरी लगन से काम कर रहे हैं, ताकि छात्र हर क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकें और अपने माता-पिता, स्कूल, जिले और पंजाब का नाम रोशन कर सकें।

7 जून को लुधियाना भर के पोलिंग बूथों पर BLOs लगाएंगे विशेष कैंप

लुधियाना / सत्ता संदेश

डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने शनिवार को घोषणा की कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) वोटर मैपिंग प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए 7 जून को पूरे जिले के सभी पोलिंग बूथों पर विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। बूथ लेवल अधिकारी (BLOs) अपने-अपने बूथों पर मौजूद रहेंगे ताकि नागरिकों को उनके वोटर ID विवरण को सत्यापित करने और संबंधित मुद्दों को हल करने में सहायता मिल सके।

एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए, डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि जिला प्रशासन ने पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा शुरू किए गए प्री-SIR अभ्यास के तहत 74.46 प्रतिशत वोटर मैपिंग का लक्ष्य हासिल कर लिया है। उन्होंने बताया कि चल रहे इस अभ्यास में वर्तमान मतदाता सूची में सूचीबद्ध मतदाताओं का मिलान 2003 की मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं के साथ किया जा रहा है।

जैन ने कहा कि लुधियाना जिले में वर्तमान में 26,90,839 पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें से 20,03,539 मतदाताओं की मैपिंग BLOs द्वारा सफलतापूर्वक की जा चुकी है।

सभी निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (EROs) को शेष प्री-SIR वोटर मैपिंग कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश देते हुए, जैन ने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करने पर जोर दिया। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे BLOs को पूरा सहयोग दें, जो इस अभ्यास के तहत घर-घर जाकर संपर्क कर रहे हैं, और चुनावी रिकॉर्ड के सटीक सत्यापन और मैपिंग को आसान बनाने के लिए आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएं।

डिप्टी कमिश्नर ने आगे बताया कि मतदाता भारत निर्वाचन आयोग के ECINET पोर्टल या पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ऑनलाइन खोज सुविधा के माध्यम से 2003 की मतदाता सूची में अपना विवरण खोज सकते हैं। मतदाता सत्यापन प्रक्रिया से संबंधित किसी भी जानकारी, सुझाव या शिकायत के लिए, नागरिक टोल-फ्री नंबर 1950 पर डायल करके वोटर हेल्पलाइन से भी संपर्क कर सकते हैं।

बैठक में उपस्थित लोगों में GLADA के मुख्य प्रशासक ओजस्वी अलंकार, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर पूनम सिंह, अमित बांबी और डॉ. नरिंदर सिंह धालीवाल, SDM जसलीन कौर भुल्लर, उपिंदरजीत कौर बराड़, प्रीत इंदर बैंस और खुशप्रीत सिंह, एस्टेट अधिकारी अमन गुप्ता, संयुक्त कमिश्नर विनीत कुमार और तपन भनोट, तथा विभिन्न विभागों के प्रमुख शामिल थे।

ड्रग तस्करों और नकली इमिग्रेशन एजेंटों के खिलाफ ह्यूमन राइट्स कमीशन की टीम एक्टिव रहेगी: जतिंदर सिंह शांति

ड्रग तस्करों और नकली इमिग्रेशन एजेंटों के खिलाफ भी ह्यूमन राइट्स कमीशन की टीम एक्टिव रहेगी: जतिंदर सिंह शांति

पंजाब देश का पहला राज्य बनेगा, जहां ह्यूमन राइट्स कमीशन की पहुंच जिलों तक होगी

महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के ह्यूमन राइट्स की सुरक्षा पर खास ध्यान दिया जाएगा

लुधियाना / सत्ता संदेश

ह्यूमन राइट्स की सुरक्षा और लोगों को तेजी से, पारदर्शी और लोकल लेवल पर न्याय दिलाने के मकसद से, पंजाब स्टेट और चंडीगढ़ (UT) ह्यूमन राइट्स कमीशन पंजाब के सभी डिप्टी कमिश्नर ऑफिस के डिस्ट्रिक्ट लेवल कॉम्प्लेक्स में पंजाब स्टेट ह्यूमन राइट्स कमीशन की कोर कमेटी के डिस्ट्रिक्ट ऑफिस खोलेगा। इस बारे में पंजाब के सभी डिप्टी कमिश्नरों से ऑफिस खोलने के लिए जगह की मांग की गई है।

ये बातें पंजाब स्टेट और चंडीगढ़ ह्यूमन राइट्स कमीशन के मेंबर और पदम श्री अवार्ड से सम्मानित एस. जतिंदर सिंह शांति ने शनिवार को लुधियाना के आलमगीर मार्केट में एक प्राइवेट होटल में ह्यूमन राइट्स पर एक पब्लिक अवेयरनेस इवेंट को संबोधित करते हुए कहीं।

पद्म श्री अवार्डी एस. जतिंदर सिंह शांति ने कहा कि इस पहल से पंजाब देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां ह्यूमन राइट्स कमीशन का काम डिस्ट्रिक्ट लेवल तक बढ़ाया जाएगा। इस कदम से आम लोगों को अपने अधिकारों के लिए ह्यूमन राइट्स कमीशन, चंडीगढ़ ऑफिस जाने की ज़रूरत नहीं होगी, बल्कि वे अपने ही जिले में इस कोर कमेटी के डिस्ट्रिक्ट ऑफिस में अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे।

एस. जतिंदर सिंह शांति ने कहा कि ह्यूमन राइट्स की सुरक्षा सिर्फ कानूनी ज़िम्मेदारी ही नहीं, बल्कि एक सामाजिक फ़र्ज़ भी है। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग को बराबरी, इंसाफ़ और सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कमीशन का मुख्य मकसद लोगों में अवेयरनेस पैदा करना और ह्यूमन राइट्स वायलेशन से जुड़े मामलों का तेज़ी से निपटारा करना है।

एस. शांति ने यह भी कहा कि कमीशन के काम को और ज़्यादा ट्रांसपेरेंट और लोगों पर केंद्रित बनाया जाएगा। शिकायतों की समय पर सुनवाई होगी और हर मामले को संवेदनशीलता से देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों, मजदूरों और समाज के पिछड़े तबके के लोगों के अधिकारों की रक्षा पर खास ध्यान दिया जाएगा।

पंजाब राज्य और चंडीगढ़ ह्यूमन राइट्स कमीशन के सदस्य एस. शांति ने ह्यूमन राइट्स के महत्व पर रोशनी डालते हुए कहा कि आज के समय में जागरूकता बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि ह्यूमन राइट्स सिर्फ किताबों या कानूनों तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि हर व्यक्ति की रोजमर्रा की जिंदगी में उनका पालन होना चाहिए।

एस. जतिंदर सिंह शांति ने कहा कि अगर कहीं भी ह्यूमन राइट्स का उल्लंघन होता है, तो इस बारे में लिखित शिकायत WhatsApp नंबर 9855475547 पर या वेबसाइट https://www.pshrc.net/ पर दी जानी चाहिए, जिस पर दो दिन के अंदर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।

इस मौके पर मौजूद अलग-अलग ह्यूमन राइट्स संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि भविष्य में ह्यूमन राइट्स कमीशन की कोर कमेटियों के ऑफिस जिला स्तर पर खुलने से गांवों और शहरों के लोगों को बहुत फायदा होगा। बाद में रिपोर्टर्स से बात करते हुए एस. जतिंदर सिंह शांति ने कहा कि हमारा मकसद वही है, यानी लोगों को अपने हक के लिए मोटिवेट करना क्योंकि कभी-कभी लोगों को अपने हक के लिए तकलीफ उठानी पड़ती है। इसलिए, हमने अपना मोबाइल नंबर 98 55 47 55 47 जारी किया है। लोग इस नंबर पर अपनी कंप्लेंट भी रजिस्टर कर सकते हैं। इसके अलावा, वे कोर ग्रुप के मेंबर्स से भी कंप्लेंट कर सकते हैं। हमने पेशेंट्स के लिए, डेड बॉडीज के लिए एडवाइजरी पास की थी कि अगर कोई हॉस्पिटल डेड बॉडीज नहीं देता है, तो लोग हमसे कंप्लेंट करेंगे और कमीशन डेड बॉडीज देगा।

उन्होंने कहा कि अब हमारी टीम नए काम ‘वॉर ऑन ड्रग्स’ के तहत बड़े ड्रग डीलर्स को पकड़ने का काम करेगी। ऐसे गलत काम करने वालों का सपोर्ट करने वालों को, चाहे वे एडमिनिस्ट्रेटिव हों या सोशल, बख्शा नहीं जाएगा।

एस. शांति ने कहा कि एक और नए काम के तहत पंजाब में कई वीजा इमिग्रेशन शॉप्स खुल गई हैं। उन्होंने लोगों से अरबों रुपये लूटे हैं और लोगों को वीजा नहीं मिला है। हमने ऐसे इमिग्रेशन एजेंट्स की लिस्ट मांगी है कि कौन से एजेंट्स रजिस्टर्ड हैं और कौन से फर्जी काम कर रहे हैं। हमारे पास करीब 450 एप्लीकेशन ऐसे लोगों की आई हैं जिनके साथ धोखा हुआ है। इसमें बड़े लेवल पर धोखा खाने वाले लोगों की एप्लीकेशन आई हैं। पंजाब ह्यूमन राइट्स कमीशन, चंडीगढ़ इस सारे काम पर एक्शन ले रहा है।

उन्होंने कहा कि लोगों का जागरूक होना बहुत ज़रूरी है। अगर कोई ऑफिसर आपकी बात नहीं सुनता है, तो 112 पर कंप्लेंट करें, जब आप ऐसा करेंगे, तो वह ऑफिसर आपकी कंप्लेंट वापस लेने के लिए आपके घर आएगा।

उन्होंने कहा कि हमारे पंजाबी काम के लिए पूरी दुनिया में गए हैं और अगर उन्हें वहां किसी तरह की धोखाधड़ी मिलती है, तो यह हमारे देश और पंजाब का फर्ज है कि उन बच्चों को सही तरीके से उनके घर वापस लाया जाए। हमें कोशिश करनी चाहिए कि हमारे बच्चों को यहीं नौकरी मिले। आइए अपने पंजाब की उपजाऊ मिट्टी को और उपजाऊ बनाएं।

इस मौके पर एडिशनल डिप्टी कमिश्नर खन्ना श्रीमती जशनप्रीत कौर गिल, सब डिविजनल मजिस्ट्रेट लुधियाना वेस्ट श्री कुलदीप बावा, मेंबर ह्यूमन राइट्स कोर कमेटी, चंडीगढ़ श्री दीपक सिंगला, कोर कमेटी मेंबर ऑफ डिस्ट्रिक्ट लुधियाना मनजिंदर सिंह कलेर, श्री के.के. डिगली, एडवोकेट सपना कंवर, पूजा भारद्वाज, प्रतीक वर्मा, डॉ. रितु गुप्ता, नवकिरण ज्योत मौजूद रहे।