ब्रेकिंग न्यूज़
अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2026: भारत ने संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी का संकल्प दोहराया

दिल्ली/सत्ता संदेश

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित भारतीय वन प्रबंधन संस्थान में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस-2026 के राष्ट्रीय स्तर के समारोह और चीता संरक्षण पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता की। यह कार्यक्रम ‘वैश्विक प्रभाव के लिए स्थानीय स्तर पर कार्य करना’ विषय पर आधारित था, जिसमें जैव विविधता संरक्षण, सामुदायिक भागीदारी और पारिस्थितिक बहाली के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को उजागर किया गया।

यह कार्यक्रम केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा मध्य प्रदेश सरकार, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण और आईबीसीए के सहयोग से आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण, अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस के अधिकारी, वैज्ञानिक, वन अधिकारी, जैव विविधता प्रबंधन समितियों के सदस्य, शोधकर्ता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, नागरिक समाज संगठन और छात्र भी शामिल हुए।

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश, जिसे व्यापक रूप से ‘भारत का बाघ राज्य’ कहा जाता है, देश में जैव विविधता संरक्षण और वन्यजीव संरक्षण का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने राज्य की समृद्ध पारिस्थितिक विविधता पर प्रकाश डाला, जिसमें वन, आर्द्रभूमि और नदी इकोसिस्टम शामिल हैं, जो आजीविका और पारिस्थितिक सुरक्षा को बनाए रखने में सहायक हैं।

मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश में चीतों की पुनःस्थापन को भारत के संरक्षण अभियान में एक ऐतिहासिक उपलब्धि और पारिस्थितिक बहाली एवं जैव विविधता की पुनर्प्राप्ति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि चीता परियोजना ने पर्यावास संरक्षण, वैज्ञानिक वन्यजीव प्रबंधन और संरक्षण प्रयासों में सामुदायिक भागीदारी को मजबूत किया है।

भूपेंद्र यादव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस-2026 का विषय ‘वैश्विक प्रभाव के लिए स्थानीय स्तर पर कार्य करना’ पर्यावरणीय स्थिरता और पारिस्थितिक सुरक्षा प्राप्त करने के लिए समुदायों और स्थानीय संस्थानों को सशक्त बनाने के महत्व को रेखांकित करता है। उन्होंने कहा कि सार्थक वैश्विक परिणाम केवल सशक्त स्थानीय कार्रवाई, सामुदायिक भागीदारी और टिकाऊ जीवनशैली के माध्यम से ही प्राप्त किए जा सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान, राज्य जैव विविधता बोर्डों, जैव विविधता प्रबंधन समितियों (बीएमसी) और विभिन्न विभागों ने विषयगत प्रदर्शनियों के माध्यम से अपनी उपलब्धियों, नवोन्मेषी पहलों और जैव-आधारित उत्पादों का प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शनी ने सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने, समुदाय-नेतृत्व वाले संरक्षण प्रयासों को बढ़ावा देने और जैव विविधता-आधारित स्थायी आजीविका को उजागर करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया। गणमान्य व्यक्तियों ने भारतीय वन प्रबंधन संस्थान, भोपाल में राज्य वन विभाग की 20 साइकिलों और एक बचाव वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

‘खेत बचाओ अभियान’ से 2.71 करोड़ लोग जुड़े, 7 लाख किसान जागरूक

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के अंतर्गत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने अपने राष्ट्रव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ के अंतर्गत महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं जो मृदा स्वास्थ्य, संतुलित उर्वरक उपयोग और टिकाऊ कृषि पर केंद्रित है। ‘खेत बचाओ अभियान’ ने किसानों और हितधारकों को वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन के बारे में जागरूक करने के लिए विभिन्न मंचों के माध्यम से देश भर में व्यापक पहुंच स्थापित की है।

इस अभियान में अब तक कुल 12,979 जागरूकता शिविर और सेमिनार आयोजित किए गए हैं। इसमें 7.17 लाख किसानों को प्रत्यक्ष रूप से शामिल किया गया है। क्षमता निर्माण के लिए 3,145 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए जिनमें 1,11,509 प्रतिभागियों ने भाग लिया। हरी खाद, जैव उर्वरक और जैविक स्रोतों पर 7,928 क्षेत्र प्रदर्शनों के माध्यम से व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया गया।

जमीनी स्तर पर भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पंचायत, सरपंच और जिला परिषद सदस्यों की सक्रिय भागीदारी के साथ 4,916 जनप्रतिनिधि सम्मेलन आयोजित किए गए। उर्वरक आपूर्ति श्रृंखला की भूमिका को पहचानते हुए, संतुलित उर्वरक उपयोग के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए उर्वरक डीलरों के साथ 9,609 संवाद आयोजित किए गए।

इस अभियान में किसान संगठनों का भी उपयोग किया गया जिसके अंतर्गत किसान संगठनों, स्वयं सहायता समूहों और किसान समूह के माध्यम से 8,383 किसान सदस्यों को जोड़ा गया। व्यापक प्रचार के लिए बैनर, पोस्टर और होर्डिंग्स सहित प्रचार सामग्री को देश भर में 53,616 स्थानों पर प्रदर्शित किया गया। 944 रेडियो वार्ता और 200 टीवी/डिजिटल कार्यक्रमों सहित 1,144 मीडिया प्रसारणों के माध्यम से संदेश को और अधिक प्रभावी बनाया गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिजिटल प्रचार ने अभियान की पहुंच को 2.712 करोड़ लोगों तक पहुंचाया है।

आरबीआई देगा सरकार को रिकॉर्ड 2.87 लाख करोड़ रुपये का लाभांश, बढ़ेगी वित्तीय मजबूती

मुंबई / सत्ता संदेश

Reserve Bank of India ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को रिकॉर्ड 2.87 लाख करोड़ रुपये का लाभांश देने की घोषणा की है। माना जा रहा है कि यह राशि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच सरकार को बड़ी वित्तीय राहत प्रदान करेगी।

यह अब तक का सबसे बड़ा लाभांश हस्तांतरण है। इससे पहले वित्त वर्ष 2024-25 में आरबीआई ने सरकार को 2.69 लाख करोड़ रुपये का लाभांश दिया था, जो 2023-24 की तुलना में 27.4 प्रतिशत अधिक था। वहीं, 2023-24 में यह राशि 2.1 लाख करोड़ रुपये और 2022-23 में 87,416 करोड़ रुपये रही थी।

विशेषज्ञों के अनुसार, आरबीआई से मिलने वाला यह बड़ा लाभांश सरकार को राजकोषीय घाटा नियंत्रित रखने, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश बढ़ाने और आर्थिक विकास को गति देने में मदद करेगा।

आर्थिक जानकारों का मानना है कि मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार, निवेश आय और केंद्रीय बैंक की बेहतर वित्तीय स्थिति के कारण इस बार रिकॉर्ड लाभांश संभव हो पाया है।

पाकिस्तान-बांग्लादेश सीमा पर लागू होगी ‘स्मार्ट बॉर्डर’ तकनीक, अमित शाह का बड़ा ऐलान

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने कहा है कि देश में अवैध घुसपैठ और सीमा पार अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सरकार पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं पर ‘स्मार्ट बॉर्डर’ परियोजना शुरू करने जा रही है।

उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर सीमा सुरक्षा को और मजबूत बनाया जाएगा। इसमें हाई-टेक कैमरे, सेंसर, ड्रोन, रडार और रियल टाइम निगरानी प्रणाली जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी, जिससे घुसपैठ, तस्करी और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत नजर रखी जा सकेगी।

गृह मंत्री ने कहा कि बदलती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए पारंपरिक सीमा सुरक्षा व्यवस्था को तकनीक आधारित आधुनिक प्रणाली में बदला जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सीमाओं को सुरक्षित बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

‘स्मार्ट बॉर्डर’ परियोजना से सीमा सुरक्षा बलों की निगरानी क्षमता बढ़ने के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा प्रबंधन अधिक प्रभावी होने की उम्मीद जताई जा रही है।

चीन से दोस्ती के 75 साल पूरे होने पर पाकिस्तान जारी करेगा विशेष स्मारक सिक्का

इस्लामाबादा / सत्ता संदेश

Pakistan ने China के साथ राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर 75 पाकिस्तानी रुपये का विशेष स्मारक सिक्का जारी करने की घोषणा की है।

पाकिस्तान सरकार के अनुसार यह स्मारक सिक्का दोनों देशों के लंबे और मजबूत द्विपक्षीय संबंधों का प्रतीक होगा। चीन और पाकिस्तान ने वर्ष 1951 में औपचारिक राजनयिक संबंध स्थापित किए थे, जो पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की स्थापना के दो साल से भी कम समय बाद शुरू हुए थे।

पाकिस्तान, चीन के साथ आधिकारिक राजनयिक संबंध स्थापित करने वाला पहला मुस्लिम देश माना जाता है। पिछले सात दशकों में दोनों देशों के बीच आर्थिक, सामरिक, व्यापारिक और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में सहयोग लगातार मजबूत हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्मारक सिक्का दोनों देशों की “ऑल वेदर फ्रेंडशिप” को दर्शाने के साथ-साथ द्विपक्षीय रिश्तों को और मजबूती देने का प्रतीकात्मक कदम भी है।

DARPG ने अप्रैल 2026 के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों हेतु CPGRAMS पर 45वीं रिपोर्ट जारी की

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए अप्रैल 2026 की 45 वीं मासिक रिपोर्ट जारी की है, जो केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली की है। रिपोर्ट में लोक शिकायतों के प्रकार और श्रेणियों तथा राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा उनके निपटान की प्रकृति का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।

अप्रैल 2026 में, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 88,057 लोक शिकायतें प्राप्त हुए और 77,445 लोक शिकायतों का निपटारा किया गया। अप्रैल में उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 34,959 लोक शिकायतें दर्ज किए गए, इसके बाद गुजरात में 5,829 लोक शिकायतें दर्ज किए गए। 30 अप्रैल तक सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में CPGRAMS पोर्टल पर लोक शिकायतों की कुल संख्या 2,11,701 है। इसके अलावा, 22 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 1,000 से अधिक लोक शिकायतें हैं।

इस रिपोर्ट में अप्रैल 2026 के दौरान सीपीग्राम्स पोर्टल के माध्यम से सीपीग्राम्स पर पंजीकृत नए उपयोगकर्ताओं का डेटा दिया गया है। अप्रैल 2026 में विभिन्न माध्यमों से कुल 76,643 नए उपयोगकर्ताओं ने सीपीग्राम्स पर पंजीकरण कराया है , जिनमें से 13,379 पंजीकरण उत्तर प्रदेश से हैं। फीडबैक कॉल सेंटर ने अप्रैल 2026 में कुल 73,601 फीडबैक एकत्र किए, जिनमें से 30,621 फीडबैक राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त हुए।

रिपोर्ट में अप्रैल में साझा सेवा केंद्रों के माध्यम से दर्ज की गई शिकायतों का राज्यवार विश्लेषण भी दिया गया है। सीपीग्राम्स को साझा सेवा केंद्र पोर्टल के साथ एकीकृत किया गया है और यह 5 लाख से अधिक साझा सेवा केंद्रों में उपलब्ध है, जो 25 लाख ग्राम-स्तरीय उद्यमियों से संबद्ध है। अप्रैल 2026 में साझा सेवा केंद्रों के माध्यम से कुल 8,001 शिकायतें दर्ज की गई हैं।

रिपोर्ट में सेवोत्तम योजना के अंतर्गत पिछले पांच वित्तीय वर्षों में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की कुल संख्या और प्रशिक्षित अधिकारियों की संख्या भी दी गई है। वित्त वर्ष 2022-23 और वित्त वर्ष 2026-27 के बीच कुल 1,159 प्रशिक्षण पाठ्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लगभग 38,270 अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया।

एवरेस्ट अभियान में दर्दनाक हादसा, उतरते समय दो भारतीय पर्वतारोहियों की मौत

काठमांडूा / सत्ता संदेश

दुनिया की सबसे ऊंची चोटी Mount Everest से वापसी के दौरान दो भारतीय पर्वतारोहियों की मौत हो गई। यह हादसा शिखर से सफल चढ़ाई के बाद नीचे उतरते समय हुआ, जब मौसम और ऊंचाई की कठिन परिस्थितियों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया।

अधिकारियों के अनुसार, पर्वतारोहियों की पहचान और विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया गया है कि अत्यधिक ठंड, ऑक्सीजन की कमी और थकान इस हादसे के संभावित कारण हो सकते हैं।

स्थानीय बचाव दल और पर्वतारोहण एजेंसियां राहत एवं खोज अभियान में जुटी हुई हैं। यह भी जांच की जा रही है कि क्या पर्वतारोहियों के पास पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और ऑक्सीजन सपोर्ट मौजूद था या नहीं।

एवरेस्ट पर हर साल कई पर्वतारोही चढ़ाई करते हैं, लेकिन अत्यधिक ऊंचाई और बदलते मौसम के कारण यहां दुर्घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता है।

क्रिकेट के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करेगा जे सी आई लुधियाना सेंट्रल

लुधियाना / सत्ता संदेश

ई सी सी द्वारा आयोजित नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट में लेगा हिस्सा

जूनियर चैंबर इंटरनेशनल (जे सी आई) लुधियाना सेंट्रल द्वारा लोगों तथा विशेष रूप से युवा व्यवसायियों को काम के साथ-साथ अपनी सेहत का भी ध्यान रखने के लिए प्रेरित करने हेतु एंटरप्रेन्योर्स क्रिकेट क्लब (ई सी सी) के साथ मिलकर एक क्रिकेट टीम का गठन किया गया है। यह निर्णय दोनों संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक के दौरान लिया गया।

इस अवसर पर जानकारी देते हुए, जे सी आई लुधियाना सेंट्रल के अध्यक्ष एडवोकेट सिमरनप्रीत सिंह ने बताया कि एनजीओ जे सी आई लुधियाना सेंट्रल की क्रिकेट टीम, एनजीओ ई सी सी द्वारा आयोजित किए जा रहे नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट में भाग लेगी। जे सी आई लुधियाना सेंट्रल की टीम के कप्तान नरेंद्र सिंह बांगड़ होंगे। इसके अलावा, आयोजनकर्ता ई सी सी की ओर से नितिन कनव, असीम सूद और अमित पुरी भी बैठक में उपस्थित रहे।

उन्होंने कहा कि इस टूर्नामेंट के माध्यम से जे सी आई लुधियाना सेंट्रल लोगों को अपनी सेहत का ध्यान रखने का संदेश देगा। इसके तहत जे सी आई और ई सी सी अगले महीने एक बहुत बड़े कार्यक्रम का आयोजन करने जा रहे हैं, जिसकी घोषणा जल्द ही की जाएगी। हमारा उद्देश्य लोगों को बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है।

उल्लेखनीय है कि जे सी आई का उद्देश्य युवा उद्यमियों के बीच जनसंपर्क, आपसी भाईचारे और बेहतर संवाद कौशल को बढ़ावा देकर उनके व्यवसाय के विकास में सहायता करना है।

इस दौरान अन्य लोगों के अलावा, प्रदीप सिंह मुंडी, जतिंदर पाल सिंह, सुखपालबीर सिंह पासी, रोहित जिंदल, गुरप्रीत सिंह रियात, दीपक सिंह, आशीष चोपड़ा, नितिन मलिक, नितीश शर्मा, रिपन गोयल, विनायक कश्यप, राहुल भारद्वाज, डॉ. तेजस्वी, प्रभजोत सिंह, सुहेल, प्रीत, गौरव झंब और विनीत सचदेवा भी उपस्थित रहे।

अंडर-18 एशिया कप हॉकी: भारत की कप्तानी करेंगी स्वीटी कुजुर, 18 सदस्यीय टीम घोषित

नई दिल्ली/ सत्ता संदेश

29 मई से 6 जून तक जापान के काकामिगाहारा में होने वाले अंडर-18 महिला एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम की घोषणा कर दी गई है। इस प्रतियोगिता के लिए Sweety Kujur को भारतीय टीम का कप्तान नियुक्त किया गया है।

18 सदस्यीय इस टीम में कई युवा खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। अग्रिम पंक्ति में नौशीन नाज, प्रियंका मिंज, संदीप कुमारी और नैन्सी सरोहा जैसे खिलाड़ियों को जगह दी गई है, जो टीम के आक्रमण को मजबूती देने का काम करेंगी।

यह टीम आगामी टूर्नामेंट में एशिया की शीर्ष युवा हॉकी टीमों के खिलाफ चुनौती पेश करेगी। चयनकर्ताओं को उम्मीद है कि यह युवा टीम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर भारत के लिए पदक की दावेदारी मजबूत करेगी।

जीवन और शतायु जेरियाट्रिक केयरगिवर डैशबोर्ड का शुभारंभ

दिल्ली / सत्ता संदेश

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए “जीवन” यानी ज्‍वाइंट इम्‍पावरमेंट एंड वर्चुअल असिस्‍टेंस नेटवर्क मोबाइल एप्लिकेशन और “शतायु” वरिष्ठ नागरिकों के लिए समग्र देखभाल सहायता एवं प्रशिक्षण जेरियाट्रिक केयरगिवर डैशबोर्ड लॉन्च किया है।

यह वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, देखभाल, गरिमा और सशक्तिकरण की दिशा में एक कदम है, ताकि प्रौद्योगिकी आधारित देखभाल सहायता के माध्यम से वृद्धावस्था देखभाल का इकोसिस्‍टम तैयार हो सके।

देशभर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए सहायता प्रणालियों को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल के तहत, केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने शुक्रवार को संयुक्त बुजुर्ग सशक्तिकरण और वर्चुअल सहायता नेटवर्क मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया, जो भारत में वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, कल्याण, स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच और सामाजिक समावेश को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया एक समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म है।

वहीं देशभर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए देखभाल संबंधी सेवाओं को समर्थन देकर मजबूत करने के लिए विकसित एक अन्य एप्लिकेशन, “शतायु” सीनियर होलिस्टिक केयर असिस्टेंस एंड ट्रेनिंग फॉर योर यूटिलिटी नामक डैशबोर्ड को भी “एक सुचारू रूप से कार्य करने वाली देखभाल अर्थव्यवस्था का निर्माण” विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान लॉन्च किया गया था।

यह वरिष्ठ नागरिकों के लिए किसी विशेष जिले और राज्य में वृद्धावस्था देखभालकर्ताओं की उपलब्धता जैसी जानकारी प्रदान करता है।

इस प्लेटफॉर्म को सरलीकृत कार्यक्षमताओं और उपयोगकर्ता के अनुकूल इंटरफेस के साथ डिजाइन किया गया है ताकि इस्‍तेमाल में आसानी और प्रभावी सेवा वितरण सुनिश्चित किया जा सके।