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रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर 2’ पर राष्ट्रीय सुरक्षा का संकट, दिल्ली हाई कोर्ट ने दिए जांच के आदेश

मनोरंजन डेस्क: बॉलीवुड सुपरस्टार रणवीर सिंह की आने वाली फिल्म ‘धुरंधर 2’ कानूनी विवादों में घिर गई है। एक सैन्यकर्मी ने दिल्ली हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर फिल्म के कुछ दृश्यों पर राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

क्या है पूरा मामला? याचिकाकर्ता (सैन्यकर्मी) का आरोप है कि फिल्म ‘धुरंधर 2’ में कई ऐसे दृश्य दिखाए गए हैं जो सेना और सुरक्षा बलों द्वारा अपनाए जाने वाले गोपनीय ‘ऑपरेशनल’ तरीकों को उजागर करते हैं। याचिका में कहा गया है कि भले ही फिल्म निर्माताओं ने इसे ‘फिक्शन’ (काल्पनिक) बताया हो, लेकिन इस तरह के दृश्यों का सार्वजनिक होना देश की सुरक्षा के हित में नहीं है।

कोर्ट का रुख और निर्देश: इस मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने माना कि याचिका में उठाए गए मुद्दे ‘विचारणीय’ हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि फिल्में केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होतीं और उनका समाज पर गहरा प्रभाव पड़ता है, इसीलिए सेंसरशिप और दिशा-निर्देशों की आवश्यकता होती है।

हाई कोर्ट ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और सेंसर बोर्ड (CBFC) को फिल्म के विवादित दृश्यों की गहन जांच करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने आदेश दिया है कि सक्षम अधिकारी इस याचिका को एक प्रतिवेदन (representation) के रूप में स्वीकार करें और पूरे मामले पर गंभीरता से विचार करें। इसी के साथ अदालत ने इस जनहित याचिका का निपटारा कर दिया है।

गरीबी में आटा गीला: CSK की शर्मनाक हार के बाद BCCI का तगड़ा झटका, पूरी टीम पर लगा भारी जुर्मा

स्पोर्ट्स डेस्क : आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का सफर बेहद निराशाजनक अंत के साथ खत्म हुआ है। गुजरात टाइटंस के खिलाफ मिली करारी शिकस्त के बाद टीम को दोहरा झटका लगा है। एक तरफ जहाँ टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई है, वहीं दूसरी तरफ बीसीसीआई ने कप्तान समेत पूरी टीम पर भारी जुर्माना ठोक दिया है।

रनों के लिहाज से सबसे बड़ी हार: गुजरात टाइटंस के खिलाफ मिली 89 रनों की हार रनों के मामले में चेन्नई के आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी हार है। गुजरात ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 229 रन बनाए थे, जिसके जवाब में चेन्नई की टीम 13.4 ओवर में महज 140 रनों पर ढेर हो गई। इस सीजन में टीम को दिग्गज खिलाड़ी एमएस धोनी की कमी बहुत खली, जो चोट के कारण एक भी मैच नहीं खेल सके।

स्लो ओवर रेट के लिए भारी जुर्माना: हार के जख्मों पर नमक छिड़कते हुए बीसीसीआई ने टीम को स्लो ओवर रेट का दोषी पाया है। चूंकि इस सीजन में चेन्नई की टीम से यह गलती दूसरी बार हुई है, इसलिए जुर्माने की राशि काफी बड़ी है:

कप्तान ऋतुराज गायकवाड़: उन पर 24 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।बाकी खिलाड़ी (इम्पैक्ट प्लेयर सहित): टीम के अन्य खिलाड़ियों पर 6 लाख रुपये या उनकी मैच फीस का 25% (जो भी कम हो) जुर्माना लगा है।

लगातार तीसरे सीजन प्लेऑफ से बाहर: ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी में सीएसके इस सीजन में खेले गए 14 मैचों में से केवल 6 ही जीत पाई। 12 पॉइंट और खराब नेट रन रेट की वजह से टीम क्वालिफाई नहीं कर सकी। यह लगातार तीसरा सीजन है जब चेन्नई की टीम प्लेऑफ में जगह बनाने में नाकाम रही है।

PM मोदी की ‘मेलोडी’ कूटनीति का शेयर बाजार पर असर: इस कंपनी के शेयरों में लगा ‘अपर सर्किट’

बिजनेस डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच सोशल मीडिया पर वायरल “मेलोडी” (Melody) मूमेंट का असर अब भारतीय शेयर बाजार में भी देखने को मिल रहा है। पीएम मोदी द्वारा इटली यात्रा के दौरान पीएम मेलोनी को ‘मेलोडी’ टॉफी गिफ्ट करने के बाद एक विशेष कंपनी के शेयरों में जबरदस्त तेजी आई है।

नाम के भ्रम में निवेशकों की चांदी : दिलचस्प बात यह है कि असली ‘मेलोडी’ टॉफी बनाने वाली कंपनी ‘पारले प्रोडक्ट्स’ (Parle Products) शेयर बाजार में लिस्टेड ही नहीं है। लेकिन निवेशकों के बीच नाम को लेकर पैदा हुए भ्रम के कारण ‘पारले इंडस्ट्रीज’ (Parle Industries) के शेयरों में पिछले तीन दिनों से लगातार अपर सर्किट लग रहा है। निवेशक पारले प्रोडक्ट्स समझकर पारले इंडस्ट्रीज के शेयर खरीद रहे हैं।

तीन दिनों में करोड़ों की कमाई : इस कन्फ्यूजन का फायदा पारले इंडस्ट्रीज को मिला है। शुक्रवार को कंपनी के शेयर 4.90% की बढ़त के साथ 5.78 रुपये पर पहुंच गए। तीन दिन पहले तक कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 25 करोड़ रुपये से कम था, जो अब बढ़कर लगभग 28.23 करोड़ रुपये हो गया है। यानी महज तीन दिनों में निवेशकों ने इस शेयर के जरिए 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली है।

एक्सपर्ट्स की चेतावनी बाजार : विशेषज्ञों का कहना है कि यह तेजी पूरी तरह से रिटेल ट्रेडर्स की गतिविधि और भ्रम पर आधारित है। रिकॉर्ड बताते हैं कि हालिया तेजी के बावजूद, यह शेयर लंबी अवधि में काफी कमजोर रहा है। पिछले एक साल में इसमें 68% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। इसलिए, किसी भी निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद लेना जरूरी है।

SBI ग्राहकों के लिए अलर्ट: कल से लगातार 6 दिन बंद रहेंगे बैंक, आज ही निपटा लें जरूरी काम

बिजनेस डेस्क : अगर आपका बैंक खाता देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में है, तो यह आपके लिए बेहद जरूरी खबर है। कल यानी 23 मई से लेकर 28 मई 2026 तक लगातार 6 दिनों के लिए एसबीआई की शाखाओं में कामकाज ठप रहेगा। बैंक की ओर से ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे अपने जरूरी वित्तीय कार्य आज ही निपटा लें।

छुट्टियों और हड़ताल का पूरा शेड्यूल: बैंकों के बंद रहने की वजह केवल त्यौहार नहीं, बल्कि वीकेंड और कर्मचारियों की हड़ताल भी है:

-23 मई: महीने का चौथा शनिवार (नियमित अवकाश)।

-24 मई: रविवार (साप्ताहिक अवकाश)

-25 और 26 मई: ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) के आह्वान पर देशव्यापी हड़ताल।

-27 मई: बकरीद का त्यौहार (अधिकांश राज्यों में छुट्टी)।

-28 मई: बकरीद की छुट्टी (जम्मू-कश्मीर और कुछ अन्य राज्यों में जारी रहेगी)

हड़ताल क्यों कर रहे हैं कर्मचारी? बैंक कर्मचारी अपनी 16 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांगों में शाखाओं में आर्म्ड गार्ड्स की तैनाती, खाली पदों पर नई भर्तियां, आउटसोर्सिंग पर रोक, और ग्राहकों को गलत वित्तीय उत्पाद बेचने (मिस-सेलिंग) के दबाव को बंद करना शामिल है। इसके अलावा, कर्मचारी नई पेंशन योजना (NPS) में सुधार की भी मांग कर रहे हैं।

डिजिटल सेवाएं रहेंगी जारी: भले ही बैंक की शाखाएं बंद रहेंगी, लेकिन ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है। एसबीआई की ऑनलाइन बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई (UPI) सेवाएं 24 घंटे चालू रहेंगी। इसके अलावा, नकदी की जरूरत के लिए एटीएम (ATM) भी पूरी तरह काम करते रहेंगे।

होर्मुज संकट के बीच भारत का बड़ा दांव: वेनेजुएला बना तीसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता

इंटरनेशनल डेस्क : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर मँडराते खतरों के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीति अपनाई है। भारत ने तेल की आपूर्ति के लिए उन देशों पर अपनी निर्भरता बढ़ानी शुरू कर दी है जिनका मार्ग होर्मुज स्ट्रेट से होकर नहीं गुजरता। इस रणनीति के तहत दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला भारत के लिए एक प्रमुख भागीदार बनकर उभरा है।

वेनेजुएला ने सऊदी अरब और अमेरिका को पछाड़ा :ताजा आंकड़ों के अनुसार, करीब पौने तीन करोड़ की आबादी वाला वेनेजुएला अब भारत का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल सप्लायर बन गया है। मई महीने (20 तारीख तक) में वेनेजुएला ने भारत को प्रतिदिन लगभग 4.17 लाख बैरल कच्चा तेल भेजा है, जबकि अप्रैल में यह आंकड़ा 2.83 लाख बैरल था। गौर करने वाली बात यह है कि वेनेजुएला ने इस मामले में सऊदी अरब और अमेरिका जैसे बड़े देशों को भी पीछे छोड़ दिया है।

रूस और यूएई की स्थिति: मई में भारत का कुल तेल आयात 8% बढ़कर 49 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया है। इस सूची में रूस अभी भी पहले स्थान पर बना हुआ है, जिससे भारत को प्रतिदिन 19.83 लाख बैरल तेल मिल रहा है। इसके बाद यूएई (UAE) दूसरे स्थान पर है। वहीं, सऊदी अरब से होने वाली सप्लाई घटकर 3.40 लाख बैरल प्रतिदिन रह गई है।

ऊर्जा सहयोग के लिए कूटनीतिक पहल: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के अनुसार, वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज अगले हफ्ते भारत के दौरे पर आ सकती हैं, जहाँ तेल सप्लाई और ऊर्जा सहयोग पर विस्तार से चर्चा होगी। भारत अपनी तेल जरूरतों को संतुलित करने के लिए केवल एक क्षेत्र पर निर्भर न रहकर ब्राजील, अंगोला और नाइजीरिया जैसे देशों से भी तेल खरीद रहा है। इसके अतिरिक्त, हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी की यूएई यात्रा के दौरान ADNOC और भारतीय संस्थाओं के बीच तेल भंडार बढ़ाने और LPG सप्लाई को लेकर कई महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं।

कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने इंटर-स्टेट बम की धमकी देने वाले गैंग का पर्दाफाश किया:

मुख्य आरोपी पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार; फ्रॉड की धमकियों के लिए इस्तेमाल होने वाला डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर नष्ट किया गया।

अमृतसर/ सत्ता संदेश

साइबर-टेररिज्म और फ्रॉड के खतरे के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए, कमीशनेट पुलिस अमृतसर ने पश्चिम बंगाल से एक मुख्य ऑपरेटर को गिरफ्तार किया है जो कई राज्यों के स्कूलों और दूसरे सेंसिटिव इंस्टीट्यूशन को बड़े पैमाने पर “बम ब्लास्ट” की धमकी वाले ईमेल भेजने में शामिल था। इन *धमकी भरे ईमेल का मकसद आतंक फैलाना और पब्लिक शांति और नेशनल सिक्योरिटी को खराब करना था।

इन एक्टिविटी में इस्तेमाल होने वाले गुमनाम डिजिटल टूल्स के प्रोवाइडर को गिरफ्तार करके, कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने साइबर-क्रिमिनल्स द्वारा ऐसी धमकियां देने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे इंफ्रास्ट्रक्चर की जड़ पर हमला किया है।

  • केस नंबर 04 तारीख 14-01-2026 U/S 113(2), 113(3), 113(5), 197, 61 BNS PS साइबर क्राइम, अमृतसर
  • केस नंबर 06 तारीख 26-01-2026 U/S 113(2), 113(3), 113(5), 197, 61 BNS PS साइबर क्राइम, अमृतसर
  • केस नंबर 09 तारीख 01-02-2026 U/S 113(2), 113(3), 113(5), 197, 61 BNS PS साइबर क्राइम, अमृतसर।
  • केस नंबर 14 तारीख 28-02-2026 U/S 113(2), 113(3), 113(5), 197, 61 BNS PS साइबर क्राइम, अमृतसर।

डिजिटल ट्रेल और टेक्निकल एनालिसिस के बाद, पुलिस टीम ने आरोपी को पश्चिम बंगाल में ट्रैक किया, जिसके बाद कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने उसे मौजूदा मामलों में नॉमिनेट किया। आरोपी को गुजरात पुलिस ने भी ऐसे ही एक मामले में नॉमिनेट किया था।

टेक्निकल एनालिसिस से यह कन्फर्म हुआ कि इन ईमेल अकाउंट्स का इस्तेमाल अमृतसर और देश के कई दूसरे हिस्सों में जांच के तहत धमकी भरे ईमेल भेजने* के लिए किया गया था।

जांच के दौरान, यह पता चला कि आरोपी अलग-अलग फेसबुक ग्रुप्स के ज़रिए ईमेल अकाउंट्स खरीदने और बेचने के धंधे में शामिल था। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के ज़रिए अनजान लोगों से करीब 300 Gmail अकाउंट्स खरीदे गए थे। आगे की जांच में पता चला कि 219 Gmail अकाउंट्स WhatsApp के ज़रिए बांग्लादेश में रहने वाले एक व्यक्ति को बेचे गए थे।इन अकाउंट्स को खरीदने और बेचने के लिए ट्रांज़ैक्शन USDT क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल करके किए गए थे।

इसके अलावा, यह भी पता चला कि ये ईमेल अकाउंट्स बाद में पाकिस्तान में रहने वाले अनजान लोगों को सप्लाई किए गए थे, जिन्होंने कथित तौर पर इनका इस्तेमाल बम की धमकी वाले ईमेल और दूसरी गैर-कानूनी साइबर एक्टिविटीज़ भेजने के लिए किया था। बांग्लादेश लिंक के बारे में भी संबंधित एजेंसियां जांच कर रही हैं।

बरामदगी

  • 03 CPUs
  • 05 कंप्यूटर हार्ड डिस्क
  • 03 मोबाइल फ़ोन
  • 01 इंटरनेट राउटर
  • पासवर्ड और रिकवरी डिटेल्स के साथ 300 से ज़्यादा Gmail IDs
  • 15 हॉटमेल अकाउंट

गिरफ़्तार आरोपी

  1. सौरव बिस्वास उर्फ़ माइकल, पश्चिम बंगाल का रहने वाला

उम्र: 30 साल, पढ़ाई: 12th, प्रोफ़ेशन: ग्राफ़िक डिज़ाइनर,

टीम : श्री रविंदरपाल सिंह, DCP/डिटेक्टिव, श्री सिरिवेनेला, ADCP/सिटी-2, श्रीमती परविंदर कौर, ADCP/हेडक्वार्टर, श्री लखविंदर सिंह क्लेर ACP साइबर क्राइम और फ़ोरेंसिक और इंस्पेक्टर राजबीर कौर SHO साइबर क्राइम।

फतेह सिंह कॉलोनी गली न:11 से 15 में दूषित पानी की समस्या गंभीर; विधायक और निगम की नाकामी के खिलाफ भड़के डॉ. राम चावला:विक्रमजीत सिंह/ तरजिंदर सिंह)


अमृतसर / सत्ता संदेश


अमृतसर के फतेह सिंह कॉलोनी इलाके में पीने के पानी की समस्या अत्यंत गंभीर रूप धारण कर चुकी है। पिछले काफी समय से स्थानीय निवासियों के घरों में बेहद गंदा और दूषित पानी सप्लाई हो रहा है, जिससे इलाके में बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है और लोगों की सेहत पर इसका भारी असर पड़ रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि स्थानीय निवासियों द्वारा नगर निगम और मौजूदा विधायक को बार-बार शिकायतें देने के बावजूद, प्रशासन और सत्ताधारी नेताओं के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। किसी ने भी इस गंभीर मुद्दे पर कोई कड़ी कार्रवाई या प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की।
जनता की समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्वयं भाजपा नेता डॉ. राम चावला तुरंत अपनी टीम के साथ फतेह सिंह कॉलोनी पहुंचे और जमीनी हकीकत का जायजा लिया। उन्होंने खुद दूषित पानी की स्थिति को देखा और स्थानीय लोगों की व्यथा को बड़े ध्यान से सुना। एकत्रित हुए लोगों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि गंदे पानी के कारण उनके बच्चे और बुजुर्ग बीमार हो रहे हैं, लेकिन सरकार का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है।
डॉ. राम चावला ने पीड़ित लोगों को ढांढस बंधाया और आश्वासन दिया कि वह इस समस्या का जल्द से जल्द हल करवाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने सख्त शब्दों में पंजाब सरकार और नगर निगम के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए तुरंत कार्यवाही की माँग की।
वार्ड 52 से इंचार्ज कमलजीत गोल्डी ने कहा कि जो सरकार पीने का साफ़ पानी तक मुहैया नहीं करवा सकती वो राज्य कैसे संभालने की बड़ी बातें कर सकती हैं। गुंडाराज, गंदा पानी, नशा सब चर्म पर है। लोगों का विकास, इलाके का नवीनीकरण सब कागजों में है या मशहूरी तक ही सीमित है। गोल्डी जी ने मौजूदा कांग्रेस के पार्षद की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान उठाए। उन्होंने कहा कि ये लोग भी बस वोटों तक ही सीमित हैं। इन्होंने इलाके का ना कोई सुधार करा ना ही कोई मौजूदा हालत पर विचार किया।
डॉ चावला ने कहा कि यदि प्रशासन ने तुरंत कदम नहीं उठाए, तो अधिकारियों और मौजूदा विधायक के खिलाफ तीखा जन-आंदोलन और घेराव किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस मौके पर उनके साथ मंडल प्रधान टहल सिंह, वार्ड इंचार्ज कमलजीत गोल्डी, रणजीत राणा, अमित, कृष्ण लाल सहगल, मोनिका, शाम लाल,विक्की कपूर सहित भारी संख्या में स्थानीय निवासी और भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: दुनिया को सचेत उपभोग की ओर प्रेरित करना

श्री प्रतापराव जाधव

आज जब दुनिया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 मना रही है, मानवता एक निर्णायक सभ्यतागत मोड़ पर खड़ी है। वर्तमान में हम अभूतपूर्व तकनीकी और भौतिक प्रगति के युग में जी रहे हैं, फिर भी हम जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों, बढ़ते मानसिक तनाव, पर्यावरणीय क्षरण और जीवन जीने के अस्थिर तरीकों जैसी चुनौतियों का सामना भी कर रहे हैं। इनमें से कई संकटों के मूल में एक ही चुनौती नज़र आती है- वस्तुओं का अनियंत्रित और बिना सोचे-समझे किया जाने वाला उपभोग।

प्राकृतिक संसाधनों के ज़रुरत से ज्यादा दोहन से लेकर डिजिटल उपयोगिता पर अत्यधिक निर्भरता और अस्थिर जीवनशैली तक, आज आधुनिक समाज संतुलन से लगातार दूर होता जा रहा है। और इसी संदर्भ में, योग न केवल एक प्राचीन स्वास्थ्य अभ्यास के रूप में, बल्कि एक ज़िम्मेदार जीवन जीने के लिए एक कालातीत रूपरेखा के रूप में उभर कर सामने आता है। योग मानवता को आत्म-नियमन, संयम और सचेत विकल्पों की ओर एक शक्तिशाली मार्ग प्रदान करता है। यह हमें सिखाता है कि हम अपने भीतर और अपने आस-पास की दुनिया के साथ सामंजस्य कैसे स्थापित करें।

सोच समझकर वस्तुओं का उपभोग करने का आह्वान

अत्यधिक उपभोग की वैश्विक चुनौती से निपटने के लिए, हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व ने ‘मिशन LiFE’ (लाइफ़स्टाइल फ़ॉर एनवायरनमेंट) के ज़रिए एक सशक्त दिशा प्रदान की है। COP26 में, प्रधानमंत्री ने एक ऐसे सिद्धांत को सामने रखा, जो योग के दर्शन से गहराई के साथ जुड़ा है: “आज ज़रूरत है सचेत और सोच-समझकर उपयोग करने की, न कि बिना सोचे-समझे और विनाशकारी तरीके से उपभोग करने की।”

हाल ही में, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और आपूर्ति-श्रृंखला में आई बाधाओं के बीच, प्रधानमंत्री ने इस अपील का विस्तार करते हुए इसे एक दैनिक नागरिक ज़िम्मेदारी का रूप दिया। उन्होंने नागरिकों को प्रोत्साहित किया कि वे जान-बूझकर ऐसे उपभोग को सीमित करें, जिनसे बचा जा सकता है, जैसे ईंधन बचाना, अनावश्यक ऊर्जा का उपयोग कम करना, और गैर-ज़रूरी खर्चों पर दोबारा विचार करना। यह अपील किसी चीज़ की कमी या अभाव पर आधारित नहीं है, बल्कि, यह सामूहिक सशक्तिकरण, निरंतरता और राष्ट्रीय ज़िम्मेदारी के लिए एक रणनीतिक और नैतिक आह्वान है। जैसा कि उन्होंने हमें याद दिलाया: “हर छोटा-बड़ा प्रयास मायने रखता है, ठीक वैसे ही जैसे हर एक बूंद से घड़ा भरता है।”

ये विचार योग के बुनियादी सिद्धांतों से गहराई से जुड़े हुए हैं। योग दर्शन अपरिग्रह’ – यानी अनावश्यक चीज़ों को जमा करने से बचना और संतोष’ यानी अपनी असली ज़रूरतों से संतुष्ट रहना, की बात करता है। ये सिद्धांत मिलकर एक ऐसी सोच पैदा करते हैं, जो लोगों को अंधाधुंध उपभोग से दूर सचेत जीवन की ओर प्रेरित करती है। योग हमें निष्क्रिय उपभोक्ता से बदलकर इस धरती का ज़िम्मेदार रखवाला बनाता है।

पारिस्थितिक संतुलन के लिए एक साधन के रूप में योग

पृथ्वी पर इंसानी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए तो काफ़ी संसाधन हैं, लेकिन इंसान की असीमित लालच को पूरा करने के लिए नहीं। योग प्रकृति के साथ हमारे आपसी जुड़ाव की भावना को गहरा करके इस जागरूकता को फिर से जगाने में मदद करता है। जिस हवा में हम सांस लेते हैं, जो भोजन हम करते हैं और जिस स्थिरता की हम तलाश करते हैं, ये सभी एक साझा पारिस्थितिक तंत्र का हिस्सा हैं।

योग का अभ्यास धीरे-धीरे हमारे व्यवहार को भीतर से बदल देता है। यह मन की बेचैनी को शांत करता है, जल्दबाज़ी वाली आदतों को कम करता है और आत्म-अनुशासन को मज़बूत बनाता है। आज की दुनिया, जो पल भर के सुख और अत्यधिक उपभोगवाद से संचालित होती है, उसमें योग वह आंतरिक स्पष्टता पैदा करता है, जिसकी ज़रूरत हमें अपनी असली ज़रूरतों और कभी न खत्म होने वाली इच्छाओं के बीच फ़र्क समझने के लिए होती है।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तथा आयुष, दोनों मंत्रालयों से जुड़े मंत्री के तौर पर, मैं हर दिन यह देखता हूँ कि योग किस तरह गैर-संक्रामक रोगों (एनसीडी) के खिलाफ एक निवारक सार्वजनिक स्वास्थ्य साधन के रूप में काम करता है। शारीरिक गतिविधि, मानसिक संतुलन और अनुशासित जीवन शैली को बढ़ावा देकर, योग अस्वस्थ आदतों और अत्यधिक चिकित्सीय हस्तक्षेपों पर हमारी निर्भरता को कम करता है। एक योगिक जीवन शैली स्वाभाविक रूप से सादगी, संयम, संतुलित पोषण, कम बर्बादी और संसाधनों के सचेत उपयोग को बढ़ावा देती है, ठीक वही व्यवहारिक बदलाव, जो पर्यावरणीय स्थिरता के लिए ज़रुरी है।

इस प्रकार, योग न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का एक मार्ग है, बल्कि यह व्यवस्था में जिम्मेदारीपूर्ण जीवन के लिए एक व्यावहारिक ढाँचा भी है।

भारत का वैश्विक योग नेतृत्व

आज, जब योग दुनिया के लिए भारत के सबसे प्रभावशाली योगदानों में से एक बन गया है। यह स्वास्थ्य, सद्भाव और सामूहिक कल्याण की एक शक्तिशाली अभिव्यक्ति भी बन चुका है। जो योग एक प्राचीन सभ्यतागत प्रथा के रूप में शुरू हुआ था, वह आज एक वैश्विक आंदोलन बन गया है, जो भूगोल, राजनीति, भाषा और संस्कृति की सीमाओं से परे है।

हर साल, कई महाद्वीपों में लाखों लोग योग समारोहों में भाग लेते हैं। वे केवल आसन ही नहीं करते, बल्कि एक स्वस्थ, अधिक संतुलित और टिकाऊ जीवन की साझा आकांक्षा को भी अपनाते हैं। योग निवारक स्वास्थ्य सेवा, मानसिक कल्याण और सचेत जीवन शैली की एक सार्वभौमिक भाषा के रूप में उभरा है।

योग के ज़रिए, भारत ने दुनिया को समग्र स्वास्थ्य के लिए एक ऐसा गैर-बाध्यकारी और समावेशी ढाँचा प्रदान किया है, जो आधुनिक चिंताओं का समाधान शाश्वत ज्ञान के साथ करता है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 का यही महत्व है। चूँकि योग दुनिया भर में लाखों लोगों के जीवन को छूता है, इसलिए यह बड़े पैमाने पर व्यवहारिक परिवर्तन को प्रेरित करने के लिए एक बेजोड़ मंच भी प्रदान करता है। योग की सामूहिक भावना के ज़रिए, स्थिरता, संयम और सचेत जीवन-शैली के संदेश अधिक दूर तक पहुँच सकते हैं और लोगों के मन में गहरी छाप छोड़ सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के लिए एक सामूहिक संकल्प

सच्चा कल्याण अकेले अस्तित्व में नहीं हो सकता। मानव स्वास्थ्य, सामुदायिक कल्याण और संपूर्ण ग्रह का स्वास्थ्य आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं। जलवायु परिवर्तन, जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों और पर्यावरण के क्षरण की चुनौतियों के लिए न केवल नीतिगत हस्तक्षेप, बल्कि व्यवहार में परिवर्तन भी ज़रुरी है।

इस अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर, आइए हम अपनी प्रतिबद्धता को योग मैट से आगे बढ़ाएं। आइए हम योग को केवल दैनिक अभ्यास के रूप में ही नहीं, बल्कि जीवन शैली के रूप में अपनाएं। एक ऐसी जीवन शैली जो सचेत उपभोग, आंतरिक अनुशासन और पारिस्थितिक जिम्मेदारी को प्रोत्साहित करती है।

आइए हम प्रधानमंत्री के सचेत जीवन जीने के आह्वान पर काम करें और एक ऐसे भविष्य का निर्माण करें, जहां तरक्की और विकास को केवल हमारे उपभोग से नहीं, बल्कि हमारी जिम्मेदारी से जीने के तरीके से मापा जाए।

अपने आंतरिक वातावरण को बदलकर, हम सब मिलकर अपने ग्रह के बाहरी वातावरण को ठीक कर सकते हैं।

(लेखक आयुष मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री हैं।)

CM मान को ISI एजेंट कहना पंजाबियों और उनके जनादेश का अपमान है: हरपाल चीमा

पंजाब सरकार से बातचीत के बाद सफाई कर्मचारियों ने वापस ली हड़ताल : हरपाल चीमा

भगवंत मान सरकार सफाई कर्मचारियों की लंबित मांगों को एक महीने के अंदर हल करने के लिए बनाएगी कमेटी: हरपाल चीमा

मुख्यमंत्री भगवंत मान को आईएसआई एजेंट कहना 3 करोड़ पंजाबियों और उनके जनादेश का अपमान है: चीमा

अरूसा आलम को लेकर बार-बार लगे आरोपों के बावजूद कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार के दौरान भाजपा नेता चुप रहे: हरपाल सिंह चीमा

भाजपा सरकार देश में असहमति की आवाजों को दबाने और लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति को सीमित करने की कोशिश कर रही है: हरपाल सिंह चीमा

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब भर की विभिन्न शहरी स्थानीय इकाइयों, नगर परिषदों, नगर समितियों और नगर पंचायतों के सफाई कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के साथ सफल बातचीत के बाद अपनी चल रही हड़ताल वापस लेने का फैसला किया है।

गुरुवार को सफाई कर्मचारियों की यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ चंडीगढ़ में बैठक के बाद लुधियाना में मीडिया को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि कर्मचारियों की 35 सदस्यीय कमेटी के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस, सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और मेरे साथ कर्मचारियों की मांगों पर विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने साझा किया कि बातचीत के दौरान कई मांगों का समाधान कर लिया गया, जबकि कानूनी और चुनाव आचार संहिता से संबंधित कुछ मुद्दों पर आगे प्रक्रियागत विचार-विमर्श की जरूरत है। सरकार और यूनियन के प्रतिनिधियों ने आपसी सहमति से एक कमेटी बनाने का फैसला किया है जो सभी लंबित मांगों की जांच करेगी और एक स्थायी तथा व्यावहारिक समाधान के लिए काम करेगी।

मंत्री ने कहा कि सरकार ने बाकी बचे मुद्दों पर सहानुभूति से विचार करने और उन्हें हल करने के लिए एक महीने की समय-सीमा तय की है। पिछले दो-तीन दिनों के दौरान हुई विस्तृत चर्चा के बाद, सभी यूनियनें सरकार को उनकी चिंताओं को गंभीर और योजनाबद्ध तरीके से हल करने के लिए समय देने पर सहमत हो गई हैं।

केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान को आईएसआई एजेंट कहने के बारे में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने इस बयान की सख्त निंदा की और इसे पंजाब के लोगों और उनके जनादेश का अपमान करार दिया।

उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ मुख्यमंत्री का बल्कि समूचे 3 करोड़ पंजाबियों का अपमान है। भाजपा ने हमेशा ही पंजाब विरोधी मानसिकता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान जब तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के सरकारी आवास पर अरूसा आलम की मौजूदगी को लेकर बार-बार आरोप लग रहे थे, तब भाजपा नेता चुप क्यों रहे?

हरपाल सिंह चीमा ने पूछा कि यदि रवनीत सिंह बिट्टू और सुनील जाखड़ जैसे नेताओं को राष्ट्रीय सुरक्षा की सचमुच चिंता थी तो उन्होंने उस समय सवाल क्यों नहीं उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता अब राजनीतिक फायदे के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के बारे में मीडिया के एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भारत का लोकतंत्र और संविधान हर नागरिक को राजनीतिक पार्टी बनाने और अपने विचार खुलकर व्यक्त करने का अधिकार देता है। यदि युवा, विद्यार्थी या सामाजिक समूह समाज से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं, तो उन्हें निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए या उनका मजाक नहीं उड़ाया जाना चाहिए। हर व्यक्ति को अपने विचार व्यक्त करने और लोकतांत्रिक राजनीति में हिस्सा लेने का संवैधानिक अधिकार है। आवाजों को दबाना और लोगों पर गलत तरीके से लेबल लगाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

हरपाल सिंह चीमा ने आगे कहा कि भाजपा सरकार के राज में देश में असहमति की आवाजों को खामोश करने और लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति को सीमित करने की कोशिशें की जा रही हैं।