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नवी मुंबई में चेन स्नैचिंग गिरोह का भंडाफोड़, सुनार समेत चार आरोपी मकोका के तहत गिरफ्तार

ठाणे / सत्ता संदेश

महाराष्ट्र में अपराध पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत नवी मुंबई पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चेन स्नैचिंग के कई मामलों में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक सुनार भी शामिल है। पुलिस ने इनके खिलाफ सख्त महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत कार्रवाई की है।

यह कार्रवाई Navi Mumbai क्षेत्र में दर्ज चेन झपटमारी के तीन अलग-अलग मामलों की जांच के दौरान की गई। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और सुनियोजित तरीके से महिलाओं और बुजुर्गों को निशाना बनाकर चेन स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम देता था।

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य वारदात को अंजाम देने के बाद चोरी किए गए सोने को एक सुनार के जरिए ठिकाने लगाते थे। इसी नेटवर्क का खुलासा होने के बाद पुलिस ने सुनार समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह संगठित तरीके से काम कर रहा था, इसलिए उन पर मकोका के प्रावधान लागू किए गए हैं।

मामले की जानकारी मंगलवार को Thane पुलिस अधिकारियों ने दी। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी कई अन्य चोरी और स्नैचिंग मामलों में भी शामिल हो सकते हैं, जिसकी जांच जारी है।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनके आपराधिक नेटवर्क, सहयोगियों और चोरी के माल की खरीद-फरोख्त से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से शहर में सक्रिय चेन स्नैचिंग गिरोहों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।

स्थानीय पुलिस ने कहा कि संगठित अपराध पर नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं और इस तरह की गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मामले में आगे की जांच जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

पीड़िता के परिवार से मिलने से रोकने का आरोप, मीरवाइज उमर फारूक ने कहा- घर में नजरबंद किया गया

कश्मीर / सत्ता संदेश

कश्मीर के धार्मिक नेता Mirwaiz Umar Farooq ने आरोप लगाया है कि उन्हें बडगाम जिले में कथित दुष्कर्म और हत्या की पीड़िता के परिवार से मिलने नहीं दिया गया और उन्हें उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया।

मीरवाइज उमर फारूक ने मंगलवार को दावा किया कि वे पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त करना और उन्हें सांत्वना देना चाहते थे, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि इसके बाद उन्हें घर में ही नजरबंद कर दिया गया, जिससे वे बाहर नहीं निकल सके।

यह मामला उस समय सामने आया है जब कश्मीर में एक 12 वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना को लेकर पहले से ही तनाव और गुस्से का माहौल है। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर न्याय की मांग तेज हो रही है और विभिन्न संगठनों द्वारा विरोध भी जताया जा रहा है।

मीरवाइज ने आरोप लगाया कि प्रशासन लोगों को संवेदना व्यक्त करने और पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने से रोक रहा है, जो कि लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि इस तरह की पाबंदियां जनता के बीच असंतोष को और बढ़ा सकती हैं।

प्रशासन की ओर से हालांकि इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अक्सर संवेदनशील मामलों में नेताओं की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया जाता है।

इस घटना के बाद घाटी में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों का कहना है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए पारदर्शी जांच और सख्त कार्रवाई जरूरी है।

वहीं, मानवाधिकार संगठनों ने भी इस तरह की घटनाओं पर चिंता जताई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पूरे क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और सुरक्षा व्यवस्था को भी सतर्क रखा गया है।

पवन कल्याण का बयान: “विजय की तेजी से बढ़ती राजनीतिक सफलता देखकर कभी-कभी ईर्ष्या होती है”

आंध्र प्रदेश / सत्ता संदेश

आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री Pawan Kalyan ने अभिनेता-राजनेता Joseph Vijay की राजनीतिक सफलता पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी करते हुए एक बयान दिया है, जिसने राजनीतिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है।

पवन कल्याण ने कहा कि कभी-कभी उन्हें यह सोचकर आश्चर्य होता है कि कुछ राजनीतिक व्यक्तित्व बहुत कम समय में इतनी तेज़ी से सफलता हासिल कर लेते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि ऐसी तेज़ प्रगति को देखकर उनके मन में “ईर्ष्या का भाव” भी उत्पन्न होता है।

उन्होंने अपने राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी यात्रा पूरी तरह जमीनी स्तर से शुरू हुई है और इसमें वर्षों का संघर्ष, अनुभव और निरंतर मेहनत शामिल रही है। इसके विपरीत, उन्होंने संकेत दिया कि कुछ लोग अपेक्षाकृत कम समय में ही बड़ी राजनीतिक ऊंचाइयों तक पहुंच जाते हैं।

पवन कल्याण के इस बयान को राजनीतिक और फिल्मी दुनिया के बीच तुलना के रूप में देखा जा रहा है। विजय, जो लंबे समय से तमिल सिनेमा के सुपरस्टार रहे हैं, हाल के वर्षों में राजनीति में सक्रिय हुए हैं और उन्हें तमिलनाडु की राजनीति में एक उभरते हुए बड़े चेहरे के रूप में देखा जा रहा है।

विश्लेषकों का मानना है कि पवन कल्याण का यह बयान दो लोकप्रिय चेहरों की राजनीतिक यात्रा की तुलना को लेकर है, जहां एक तरफ वर्षों का संगठनात्मक अनुभव है, वहीं दूसरी ओर तेजी से बढ़ती लोकप्रियता और जनसमर्थन है।

हालांकि पवन कल्याण ने अपने बयान में किसी प्रत्यक्ष विवाद या आलोचना का उल्लेख नहीं किया, लेकिन उनके शब्दों ने राजनीतिक चर्चा को जरूर बढ़ा दिया है। समर्थकों के बीच इस बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की राजनीति में इस बयान को लेकर आगे भी चर्चा तेज होने की संभावना है, क्योंकि दोनों ही राज्यों में फिल्मी हस्तियों की राजनीतिक भूमिका लंबे समय से महत्वपूर्ण रही है।

अखिलेश यादव का आरोप: यूपी सरकार फर्जी मुठभेड़ों से अपनी नाकामी छिपा रही है, पुलिस को बनाया जा रहा है ‘अपराधी’

लखनऊ / सत्ता संदेश

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने राज्य की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार कथित फर्जी मुठभेड़ों के जरिए अपनी नाकामी छिपाने और राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि Yogi Adityanath के नेतृत्व वाली सरकार कानून-व्यवस्था के नाम पर ऐसे कदम उठा रही है, जिससे न केवल जनता में डर का माहौल बन रहा है, बल्कि पुलिस व्यवस्था की छवि भी प्रभावित हो रही है।

उन्होंने दावा किया कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए “एनकाउंटर संस्कृति” को बढ़ावा दे रही है, जिससे समाज में हिंसा को अप्रत्यक्ष रूप से प्रोत्साहन मिल रहा है। अखिलेश के अनुसार, इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।

सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि राज्य में कुछ मामलों में मुठभेड़ों को लेकर सवाल उठते रहे हैं और जांच की मांग भी की जाती रही है। उनका कहना है कि यदि कानून-व्यवस्था मजबूत होती तो इस तरह की परिस्थितियां पैदा ही नहीं होतीं।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपने समर्थकों को खुश करने के लिए मुठभेड़ों को एक “राजनीतिक उपकरण” की तरह इस्तेमाल कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रवृत्ति से पुलिस अधिकारियों पर भी अनावश्यक दबाव बढ़ रहा है, जिससे व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में मुठभेड़ों को लेकर लंबे समय से राजनीतिक बहस चलती रही है। सत्ता पक्ष इन्हें अपराध नियंत्रण की सख्त कार्रवाई बताता है, जबकि विपक्ष अक्सर इन पर सवाल उठाता है।

सरकारी स्तर पर अभी तक अखिलेश यादव के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि राज्य सरकार पहले भी ऐसे आरोपों को खारिज करती रही है और इसे कानून-व्यवस्था सुधारने की कार्रवाई बताती रही है।

इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है।

जम्मू में टूटा पुल बना ग्रामीणों की बड़ी परेशानी, 10 महीने से नावों के सहारे जिंदगी, कई गांव अब भी दुनिया से कटे

जम्मू / सत्ता संदेश

Jammu and Kashmir के जम्मू क्षेत्र में पिछले वर्ष आई बाढ़ और तेज बहाव के कारण बहा पुल आज भी स्थानीय लोगों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। लगभग 10 महीने बीत जाने के बाद भी कई गांव अब तक मुख्य मार्गों से पूरी तरह नहीं जुड़ पाए हैं। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों, इलाज, शिक्षा और बाजार तक पहुंचने के लिए अब भी नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल बह जाने के बाद प्रशासन की ओर से अस्थायी व्यवस्थाएं तो की गईं, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है। प्रभावित गांवों के लोग हर दिन जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम के करीब आने से उनकी चिंताएं और बढ़ गई हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि पुल टूटने के कारण बच्चों की पढ़ाई सबसे अधिक प्रभावित हुई है। स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्रों को नावों के जरिए नदी पार करनी पड़ती है, जिससे अभिभावकों में हमेशा डर बना रहता है। कई बार खराब मौसम और तेज बहाव के कारण नाव सेवा भी बंद करनी पड़ती है, जिससे छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर भी इसका गंभीर असर पड़ा है। गांव के लोगों का कहना है कि किसी मरीज की हालत अचानक बिगड़ने पर उसे अस्पताल पहुंचाना बेहद मुश्किल हो जाता है। कई मामलों में समय पर इलाज नहीं मिलने से मरीजों की स्थिति गंभीर हो जाती है। गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय व्यापार और खेती-किसानी भी इस समस्या से प्रभावित हुए हैं। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में भारी दिक्कतें हो रही हैं, जबकि रोज कमाने-खाने वाले लोगों की आजीविका पर भी असर पड़ा है। गांवों में जरूरी सामान पहुंचाने में देरी होने से आम लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक पुल निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो सका है। लोगों ने सरकार से जल्द स्थायी पुल बनाने और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की मांग की है।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पुल निर्माण की प्रक्रिया पर काम चल रहा है और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक नया पुल तैयार नहीं होता, तब तक उनकी जिंदगी खतरे और परेशानियों के बीच ही गुजरती रहेगी।

क्षेत्र के लोगों को अब डर है कि यदि मानसून के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ा, तो हालात और अधिक खराब हो सकते हैं। ऐसे में ग्रामीणों ने सरकार से जल्द राहत और निर्माण कार्य तेज करने की अपील की है।

बेलगावी में भीषण सड़क हादसा, एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत, नौ महीने का मासूम भी शामिल

कर्नाटक / सत्ता संदेश

कर्नाटक के Belagavi जिले में सोमवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि तीनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों में नौ महीने का एक मासूम बच्चा भी शामिल है। घटना के बाद इलाके में शोक और दहशत का माहौल है।

पुलिस के अनुसार, यह हादसा बेलगावी जिले के रायबाग तालुका में रेलवे स्टेशन मार्ग के पास हुआ। बताया जा रहा है कि एक मोटरसाइकिल और छोटे मालवाहक रिक्शा के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार परिवार सड़क पर दूर जा गिरा और गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मृतक एक ही परिवार के सदस्य थे और किसी काम से जा रहे थे। हादसे में एक पुरुष, एक महिला और नौ महीने के शिशु की जान चली गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी। दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।

पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की वजह माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाया जा सके।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से रेलवे स्टेशन मार्ग पर यातायात व्यवस्था मजबूत करने और सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। उनका कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन सुरक्षा उपायों की कमी के कारण दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है और लोग मृतकों के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।

मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी शुभकामनाएं, कहा- भारत विकास और आत्मविश्वास के नए दौर में

छत्तीसगढ़ / सत्ता संदेश

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश आत्मविश्वास, सुरक्षा, सुशासन और विकास के नए युग की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल को राष्ट्रसेवा और गरीब कल्याण को समर्पित बताया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने कई क्षेत्रों में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं और भारत की वैश्विक पहचान पहले से अधिक मजबूत हुई है।

साय ने अपने संदेश में लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘प्रधान सेवक’ के रूप में राष्ट्रसेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित सफल 12 वर्ष पूर्ण करने पर हार्दिक बधाई एवं अभिनंदन। प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में आज भारत आत्मविश्वास, सुरक्षा और विकास के नए युग की ओर अग्रसर है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों और योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचा है। गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के कल्याण के लिए शुरू की गई विभिन्न योजनाओं ने देश के विकास को नई गति दी है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई है और दुनिया में देश की प्रतिष्ठा लगातार बढ़ी है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल को भारतीय राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलावों के दौर के रूप में देखा जा रहा है। डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत मिशन और बुनियादी ढांचे के विस्तार जैसे कई अभियानों ने देश के विकास मॉडल को नई दिशा दी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2014 में पहली बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद वर्ष 2019 में दोबारा केंद्र की सत्ता संभाली और लगातार तीसरे कार्यकाल में भी उनकी सरकार विकास, सुशासन और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कह रही है।

भारत-जापान संगोष्ठी से कार्यबल सहयोग को नई रफ्तार मिली

दिल्ली / सत्ता संदेश

भारत और जापान के बीच कार्यबल गतिशीलता सहयोग पर चर्चा करने के लिए 25 मई को टोक्यो में एक संयुक्त संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी जापान स्थित भारतीय दूतावास और जापान की आसियान वन कंपनी लिमिटेड द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की गई थी।

भारत और जापान के बीच कुशल कार्यबल गतिशीलता और मानव संसाधन विकास में दीर्घकालिक सहयोग पर चर्चा के लिए इस संगोष्ठी में जापानी नीति निर्माताओं, उद्योग जगत प्रमुखों, शैक्षणिक संस्थानों और कार्यबल गतिशीलता से जुड़े हितधारकों को एक मंच पर लाया गया।

इस संगोष्ठी में जापान की प्रमुख कंपनियों के लगभग 250 प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें वरिष्ठ अधिकारी और मानव संसाधन प्रबंधक शामिल थे। प्रतिनिधियों ने भारत के कुशल कार्यबल पारिस्थितिकी तंत्र के साथ संरचित जुड़ाव की संभावनाओं पर चर्चा की।

प्रतिभागियों ने विनिर्माण, देखभाल, निर्माण, वाहन रखरखाव, आतिथ्य सत्कार, कृषि, आईटी और डिजिटल सेवाओं तथा उभरते हरित अर्थव्यवस्था क्षेत्रों जैसे विभिन्न क्षेत्रों में भारत-जापान सहयोग की प्रबल संभावनाओं को स्वीकार किया। चर्चाओं में पारदर्शी और व्यापक कार्यबल गतिशीलता मार्ग बनाने के लिए डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और रोजगार सुविधा प्रणालियों के महत्व पर भी बल दिया गया।

आगे बढ़ने के तरीके के रूप में, दोनों पक्षों ने भारत में जापानी भाषा और परीक्षण केंद्रों का विस्तार करने, जापानी नियोक्ताओं और भारतीय कौशल संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करने, जापान से मांग की दृश्यता में सुधार करने, कौशल-मान्यता और व्यावसायिक संरेखण को बढ़ावा देने और घनिष्ठ संस्थागत सहयोग के माध्यम से विश्वसनीय कार्यबल गतिशीलता मार्ग बनाने पर चर्चा की।

असम सरकार की फॉरेन लैंग्वेज इनिशिएटिव फॉर ग्लोबल टैलेंट (फ्लाइट) को राज्य के नेतृत्व वाली एक पहल के रूप में उजागर किया गया, जिसका उद्देश्य उम्मीदवारों को वैश्विक कार्यबल के अवसरों, विशेष रूप से जापान-उन्मुख मार्गों के लिए तैयार करना है।

कार्यक्रम का समापन आसियान ग्रुप कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष एवं मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी श्री तोशियाकी निशिकावा के संबोधन से हुआ, जिन्होंने भारत-जापान के बीच दीर्घकालिक जन-सहयोग के महत्व पर बल दिया। उन्होंने भविष्य में कार्यबल सहयोग के प्रति आशा व्यक्त करते हुए अगले 10 वर्षों में 50,000 लोगों को शामिल करने के साथ जापान-भारत मानव विनिमय कार्यक्रम को साकार करने के प्रति वचनबद्धता जताई।

उच्च शिक्षा संस्थानों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, शिक्षुता प्रणालियों, डिजिटल कौशल विकास प्लेटफार्मों और कैरियर सेवाओं द्वारा समर्थित भारत के व्यापक कार्यबल तैयारी तंत्र पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विदेश मंत्रालय के ई-माइग्रेट प्लेटफार्म, राष्ट्रीय कैरियर सेवा प्लेटफार्म, मॉडल कैरियर केंद्रों और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, राज्यों और शैक्षणिक संस्थानों को शामिल करने वाले व्यापक कौशल विकास तंत्र सहित भारत के अंतर्राष्ट्रीय श्रम गतिशीलता ढांचे पर प्रकाश डाला।

सचिव महोदया ने भारत और जापान के बीच जापानी भाषा की तैयारी, क्षेत्र-विशिष्ट कौशल विकास, परीक्षण अवसंरचना, कौशल मानचित्रण, व्यावसायिक संरेखण, संरचित मांग एकत्रीकरण, नैतिक भर्ती प्रथाओं और संस्थागत सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

सरकार ने राष्ट्रीय खेल प्रशासन बोर्ड और खेल न्यायाधिकरण नियम 2026 किए अधिसूचित

दिल्ली / सत्ता संदेश

केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम, 2025 के प्रावधानों के अंतर्गत राष्ट्रीय खेल प्रशासन (राष्ट्रीय खेल बोर्ड) नियम, 2026 और राष्ट्रीय खेल प्रशासन (राष्ट्रीय खेल न्यायाधिकरण) नियम, 2026 को अधिसूचित किया है।

राष्ट्रीय खेल प्रशासन (राष्ट्रीय खेल बोर्ड) नियम, 2026 में बोर्ड की संरचना, अध्यक्ष और सदस्यों के कार्यकाल, वेतन, भत्ते और सेवा की अन्य शर्तों के साथ-साथ बोर्ड की शक्तियों और कार्यों का प्रावधान है।

नियमों के अनुसार, राष्ट्रीय खेल बोर्ड में एक अध्यक्ष और दो सदस्य होंगे जिनकी नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय खेल बोर्ड (खोज-सह-चयन समिति) नियम, 2026 के अंतर्गत गठित खोज-सह-चयन समिति द्वारा अनुशंसित नामों के पैनल से की जाएगी।

राष्ट्रीय खेल बोर्ड राष्ट्रीय खेल निकायों को मान्यता प्रदान करने और शासन, वित्तीय एवं नैतिक मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय प्राधिकरण के रूप में कार्य करेगा।

राष्ट्रीय खेल प्रशासन (राष्ट्रीय खेल न्यायाधिकरण) नियम, 2026 में न्यायाधिकरण के अध्यक्ष और सदस्यों के कार्यकाल, उनकी नियुक्ति एवं पुनर्नियुक्ति प्रक्रिया, वेतन और भत्ते, सेवा शर्तें और न्यायाधिकरण की शक्तियों का प्रावधान है।

इन नियमों में डिजिटल कार्यान्वयन के लिए तकनीकी-कानूनी उपाय भी शामिल हैं, जिनमें विवादों, नोटिसों, प्रतिक्रियाओं, दस्तावेजों और स्पष्टीकरणों को प्रस्तुत करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा एक समर्पित पोर्टल की अधिसूचना, साथ ही न्यायाधिकरण से संचार, आदेशों का प्रकाशन, आभासी सुनवाई और कार्यवाही तथा आदेशों से संबंधित अभिलेखों का रखरखाव शामिल है।

राष्ट्रीय खेल न्यायाधिकरण देश में खेल संबंधी विवादों के लिए एक समर्पित न्यायिक निकाय के रूप में कार्य करेगा। इसका उद्देश्य दीवानी अदालतों पर निर्भरता कम करना और खेल प्रशासन से संबंधित विवादों का स्वतंत्र, त्वरित, प्रभावी और किफायती तरीके से निपटारा सुनिश्चित करना है।

इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन ने उद्यमियों और निवेशकों के लिए “निवेशक सहायता” पोर्टल लॉन्च किया

दिल्ली / सत्ता संदेश

भारत सरकार विभिन्न रणनीतिक पहलों और नीतिगत हस्तक्षेपों के माध्यम से देश में सेमीकंडक्टर के अनुकूल सुदृढ़, विश्वसनीय और टिकाऊ परिवेश के विकास की दिशा में संगठित प्रयास कर रही है। सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक 24 सेमीकंडक्टर डिजाइन परियोजनाओं के साथ-साथ 12 फैब/पैकेजिंग परियोजनाओं को स्वीकृति दी जा चुकी है।

इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाने और उनकी चिंताओं को दूर करने के उद्देश्य से 26.05.2026 को “निवेशक सहायता” के नाम से ऑनलाइन पोर्टल शुरु किया है जो वेबसाइट लिंक https://www.ism.gov.in/investment पर उपलब्ध है ।

यह पोर्टल उन निवेशकों को सरकारी योजनाओं, नीतियों, सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं, नियामक अपेक्षाओं इत्यादि से संबंधित जानकारी प्रदान करने के लिए विकसित किया गया है जो भारत में निवेश करने पर विचार कर रहे हैं।

यह पोर्टल निवेशकों को अपनी शिकायतें/चिंताएं दर्ज करने में भी सक्षम बनाएगा जिनका समाधान इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के अधिकारियों की ओर से संबंधित मंत्रालयों, विभागों, संगठनों, राज्य सरकारों, अनुमोदित परियोजनाओं से जुड़ी कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय तथा राष्ट्रीय व्यापार निकायों/संघों के नोडल अधिकारियों के सहयोग से किया जाएगा।

आईएसएम के सीईओ श्री अमितेश कुमार सिन्हा ने पोर्टल के शुभारंभ के कार्यक्रम में विदेशी निवेशकों को सहयोग और सुविधा प्रदान करने के महत्व पर बल दिया तथा सभी संबंधित हितधारकों के प्रतिनिधियों से देश में सेमीकंडक्टर विनिर्माण और डिजाइन के अनुकूल परिवेश को और मजबूत करने के लिए निवेशकों की चिंताओं को दूर करने में अपनी-अपनी भूमिकाएं सक्रिय रूप से निभाने का आग्रह किया।

इस पोर्टल पर संबंधित हितधारकों को सुव्यवस्थित समन्वय के साथ उनकी समस्याओं के समयबद्ध रूप से समाधान के लिए सुरक्षित, भूमिका-आधारित, एकल-खिड़की वाला डिजिटल इंटरफ़ेस प्राप्त होगा ।

पोर्टल के शुभारंभ के कार्यक्रम में इसके ढांचे, कार्यों, ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया, समन्वय से संबंधित तंत्र और इसमें भागीदार मंत्रालयों, विभागों, संगठनों, राज्य सरकारों, अनुमोदित परियोजनाओं से जुड़ी कंपनियों, अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय व्यापार निकायों/संघों के नोडल अधिकारियों की भूमिका और जिम्मेदारियों का अवलोकन और विस्तृत विवरण भी दिया गया।