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लुधियाना स्थित सन फाउंडेशन के बहु कौशल विकास केंद्र को जिला आयुक्त के दौरे के दौरान सराहना मिली

लुधियाना, 15.04.2026: लुधियाना में सन फाउंडेशन की एक पहल, बहु कौशल विकास केंद्र (एमएसडीसी) के आज जिला आयुक्त (डीसी) ने दौरा किया, जो बेहद उत्साहवर्धक और प्रेरणादायक रहा।

दौरे के दौरान, डीसी ने केंद्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों की सराहना की और कौशल विकास पहलों के लिए अपना पूरा समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाने के प्रयासों को सराहा।

डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी के नेतृत्व में शुरू की गई यह पहल, पूर्णतया निःशुल्क कौशल विकास पाठ्यक्रम और 100% रोजगार सहायता प्रदान करने पर केंद्रित है।

केंद्र विमानन, आतिथ्य एवं पर्यटन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कमिस शेफ, सीएनसी तकनीशियन, सहायक इलेक्ट्रीशियन, सौंदर्य एवं स्वास्थ्य, सिलाई मशीन ऑपरेटर, डेटा एंट्री ऑपरेटर, ग्राफिक डिजाइनिंग आदि सहित भविष्योन्मुखी और उद्योग-प्रासंगिक पाठ्यक्रमों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है।

डीसी ने छात्रों से बातचीत की, उनका आत्मविश्वास बढ़ाया और उन्हें लगन से अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने उनके प्रयासों की सराहना की और प्रेरणादायक विचार साझा करते हुए उन्हें ऐसे बहुमूल्य अवसरों का भरपूर लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।

अपने विचार व्यक्त करते हुए डीसी ने कहा कि लुधियाना में इस तरह का उच्च गुणवत्ता वाला कौशल विकास केंद्र देखकर उन्हें बेहद खुशी हुई, जो पूरी तरह से निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करता है। उन्होंने सामाजिक प्रभाव और युवा सशक्तिकरण के प्रति टीम की प्रतिबद्धता की प्रशंसा की।

बैसाखी पर खालसा पंथ की स्थापना कर गुरु गोबिंद ने दिया सामाजिक समानता का संदेश: जसवीर सिंह गढ़ी

लुधियाना / सत्ता संदेश

1699 की बैसाखी ने सिख समुदाय को एक अनूठी पहचान दी: जसवीर सिंह गढ़ी

चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने बैसाखी और खालसा पंथ की महान विरासत को नमन किया

अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी ने बैसाखी के अवसर पर गुरु साहिब की शिक्षाओं को अपनाने की अपील की

पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी ने बैसाखी के शुभ दिन खालसा पंथ की स्थापना के लिए दशमेश पिता साहिब स्थित श्री गुरु गोविंद सिंह जी को याद करते हुए कहा कि सन् 1699 में बैसाखी के दिन श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने श्री आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की, जिससे सिख समुदाय को एक अनूठी पहचान मिली और समाज में ऊँच-नीच, जाति और वर्ग के भेदभाव का अंत हुआ। इसी कारण सभी लोग गुरु साहब को याद करते हैं। उन्होंने मानवता के लिए अपने पूरे परिवार का बलिदान दिया।

अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी सोमवार शाम को लुधियाना में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। यह समारोह भारतीय संविधान के निर्माता भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था।

जसवीर सिंह गढ़ी ने कहा कि बैसाखी के इस ऐतिहासिक अवसर पर गुरु साहब ने पंज प्यारे की स्थापना करके सिखों को एक नई पहचान दी। खालसा पंथ की स्थापना से सिख समुदाय को एक अनूठा स्वरूप प्राप्त हुआ, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को समान दर्जा दिया गया। गुरु साहब ने सिद्ध किया कि व्यक्ति की वास्तविक पहचान उसके कर्म और आध्यात्मिकता से होती है, न कि उसके जन्म या जाति से।

उन्होंने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी ने अपने उपदेशों के माध्यम से जातिगत भेदभाव को समाप्त करने का महान संदेश दिया। गुरु साहब ने हमें सिखाया कि सभी मनुष्य एक ही ईश्वर की संतान हैं और किसी भी प्रकार की असमानता मानवता के विरुद्ध है। खालसा पंथ के सिद्धांतों में न्याय, सत्य, निर्भीकता और सेवा का विशेष महत्व है। ये सिद्धांत आज भी सिख समुदाय को प्रेरित करते हैं और समाज में सत्य और न्याय की स्थापना के लिए मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि गुरु साहब का जीवन मानवता के लिए अद्वितीय बलिदानों से परिपूर्ण है। अपने पिता गुरु तेग बहादुर जी की शहादत से प्रेरणा लेकर उन्होंने धर्म और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनके चारों पुत्रों की शहादत सिख इतिहास में एक अनूठा उदाहरण है, जो आज भी प्रत्येक मनुष्य को दृढ़ रहने और धर्म की रक्षा करने के लिए प्रेरित करता है।

उन्होंने कहा कि गुरु गोविंद सिंह द्वारा स्थापित ‘खालसा पंथ’ आज भी विश्व के लिए प्रेरणा का स्रोत है। हमें गुरु साहब द्वारा दिखाए गए मार्ग का अनुसरण करना चाहिए और सत्य, ईमानदारी और सेवा के मूल मंत्र को अपनाना चाहिए।

जसवीर सिंह गढ़ी ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह द्वारा दिया गया सामाजिक समानता का संदेश आज के समय में और भी अधिक महत्वपूर्ण है। जब दुनिया में आज भी कई प्रकार के भेदभाव मौजूद हैं, तब गुरु साहब की शिक्षाएं हमें एकजुट होकर मानवता के कल्याण के लिए काम करने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने लोगों से बैसाखी के इस पवित्र दिन पर गुरु साहब की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि 1699 की बैसाखी न केवल सिख समुदाय के लिए बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह दिन हमें सत्य और न्याय के लिए खड़े होने के महत्व की याद दिलाता है। गुरु गोविंद सिंह जी द्वारा स्थापित ‘खालसा पंथ’ आज भी हमें निडर और शत्रुता से मुक्त रहने के लिए प्रेरित करता है।

अंत में उन्होंने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी का महान उपहार ‘खालसा पंथ’ केवल एक धार्मिक पहचान नहीं है, बल्कि मानवता के कल्याण के लिए जीवन जीने का एक तरीका है। यह हमें सिखाता है कि सत्य, न्याय और समानता के मूलभूत सिद्धांतों को अपनाकर हम एक बेहतर समाज का निर्माण कैसे कर सकते हैं।

बैसाखी के इस पवित्र अवसर पर, गढ़ी के अध्यक्ष ने सभी को गुरु साहब द्वारा दिखाए गए मार्ग का अनुसरण करने और समाज में प्रेम, सद्भाव और एकता को मजबूत करने में योगदान देने का संदेश दिया।

एडीसी पूनम सिंह ने अनाज मंडी का दौरा किया, अधिकारियों को गेहूं की शीघ्र खरीद और ढुलाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए

अनाज खरीद में किसी भी प्रकार की अनुचित देरी को अस्वीकार्य और असहनीय बताया

लुधियाना, सत्ता संदेश

अतिरिक्त उपायुक्त पूनम सिंह ने मंगलवार को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को मंडियों से गेहूं की शीघ्र खरीद और निर्बाध ढुलाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

गिल रोड स्थित अनाज मंडी के अपने दौरे के दौरान, अतिरिक्त उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि अनाज की खरीद में किसी भी प्रकार की अनुचित देरी अस्वीकार्य और असहनीय है। उन्होंने अधिकारियों को संपूर्ण सरकारी तंत्र को सक्रिय करके व्यापक व्यवस्था करने का निर्देश दिया ताकि किसानों की कीमती फसल बाजार में आते ही शीघ्रता से खरीदी जा सके।

सिंह ने निर्बाध खरीद के लिए एक त्रुटिरहित तंत्र स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि किसानों को मंडियों में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने आगे उन्हें प्रतिदिन व्यक्तिगत रूप से अनाज मंडियों का दौरा करने और गेहूं की सुचारू, समयबद्ध और निर्बाध खरीद सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

अतिरिक्त उपायुक्त ने यह भी बताया कि 13 अप्रैल तक जिले की अनाज मंडियों में 7,685 मीट्रिक टन (MT) गेहूं आ चुका है, जिसमें से किसानों को 3.18 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने दोहराया कि जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि लुधियाना की मंडियों में किसानों को अपनी उपज बेचने में कोई कठिनाई न हो।

सिंह ने किसानों से केवल नमी रहित अनाज ही बाजार में लाने की अपील की और उनसे गेहूं की पराली न जलाने का आग्रह किया, क्योंकि इससे पर्यावरण को गंभीर खतरा होता है।

इस अवसर पर जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक सरताज सिंह चीमा और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।


संत सीचेवाल ने बुड्ढा दरिया को अपनाने का दिया आह्वान

बुड्ढा दरिया के पास के गांवों में भूजल स्तर 10 फीट तक बढ़ा

नदियां और दरिया को साफ रखना पंजाबियों की सामूहिक जिम्मेदारी – संत सीचेवाल

भूखड़ी खुर्द के तट पर लगातार दूसरे साल भी मनाई गई बैसाखी

“पानी भी साफ हुआ और हवा भी शुद्ध हुई है”

लुधियाना/ सत्ता संदेश

भूखड़ी खुर्द क्षेत्र में पिछले दो वर्षों से बुड्ढा दरिया में साफ पानी बहने से उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला है। इस इलाके में भूमिगत जल स्तर 10–10 फीट तक ऊपर उठ गया है। साफ पानी बहने के कारण प्रवासी पक्षियों की आमद बढ़ी है और इसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। गांव भामियां से गुजरने वाले दरिया के पानी के टीडीएस स्तर में भी काफी सुधार आया है।

राज्यसभा सदस्य और पर्यावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने लोगों से अपील की कि वे बुड्ढा दरिया को अपना समझकर इसकी देखभाल करें। भूखड़ी खुर्द के गुरुद्वारा साहिब में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान बैसाख माह की कथा करते हुए उन्होंने कहा कि नदियां और दरिया हमारी विरासत हैं और इन्हें संभालना हम सभी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने संगत को बैसाखी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 1699 में इसी दिन खालसा पंथ की स्थापना हुई थी और सतलुज नदी के जल से अमृत तैयार किया गया था। गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु गोबिंद सिंह जी तक सभी गुरुओं ने जल से गहरा संबंध बनाए रखा।

संत सीचेवाल ने कहा कि हमारा नदियों से सदियों पुराना रिश्ता है। जब हम इन्हें अपना मान लेंगे तो कोई भी इन्हें गंदा करने की हिम्मत नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार दरिया का पानी और अधिक साफ है और इसका टीडीएस लगभग 185 के आसपास दर्ज किया गया।

लुधियाना शहर की मेयर प्रिंसिपल इंदरजीत कौर गिल ने संत सीचेवाल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने बुड्ढा नाले को फिर से दरिया का रूप दे दिया, जो एक असंभव कार्य को संभव बनाने जैसा है।

गांव के सरपंच सतपाल सिंह ने कहा कि जो लोग दरिया को प्रदूषित करते हैं, वे अपराध कर रहे हैं। उन्होंने डेयरी संचालकों से अपील की कि वे अब साफ हो चुके दरिया को दोबारा गंदा न करें। उन्होंने यह भी दावा किया कि इलाके में भूजल स्तर 10 फीट तक बढ़ गया है और दरिया की साफ-सफाई बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जाएगी।

बुड्ढा दरिया की सफाई के लिए चल रही कार सेवा के तहत भूखड़ी खुर्द के तट पर इस वर्ष भी बैसाखी मनाई गई। दरिया के किनारों को हरा-भरा बनाने के लिए फलदार और छायादार पौधे लगाए गए। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने दरिया में स्नान किया और बच्चों ने पानी में खेलते हुए आनंद लिया। संत अवतार सिंह यादगारी स्कूल के विद्यार्थियों ने कीर्तन प्रस्तुत कर संगत को आनंदित किया।

इस मौके पर संत बाबा बग्गा सिंह जी, विधायक दलजीत सिंह ग्रेवाल, सुरजीत सिंह शंटी, सरपंच करमजीत सिंह खासीकलां, सरपंच मलकीत कौर तलवंडी माधोपुर, सरपंच जोगा सिंह चक चेला, सरपंच बूटा सिंह सीचेवाल, सरपंच गुरु रामदास नगर, बलविंदर सिंह विर्क, जसवीर सिंह ग्रेवाल, पूर्व सरपंच बलकार सिंह, चेयरमैन तरसेम सिंह चक चेला, गुरमेल सिंह, हरदेव सिंह दौधर, कुलविंदर कौर मिन्हास, मदनपुरी के कविशरी जत्था और जेई मौजूद थे।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 में यहां दरिया में 5 से 6 फीट तक गाद जमा थी, जिसे हटाने के लिए लगातार 40 दिनों तक एक्स्कावेटर, जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मदद से सफाई अभियान चलाया गया था।

बॉक्स आइटम:
गांव के शुद्ध किए गए पानी को खेतों तक पहुंचाने के लिए भूमि रक्षा विभाग द्वारा सोलर मोटर स्थापित की गई है, जिससे “सीचेवाल मॉडल” के तहत जल प्रबंधन को मजबूती मिली है।

तेल विपणन कंपनियां (ओएमसीज़) पंजाब भर के लोगों को आश्वस्त करना चाहती हैं कि पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की आपूर्ति स्थिर है और वर्तमान मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।

मोटर स्पिरिट (एमएस) और हाई-स्पीड डीजल (एचएसडी) का स्टॉक पूरे राज्य में सामान्य है। ओएमसी डिपो में स्वस्थ स्टॉक स्तर बनाए रखे गए हैं, जबकि रिटेल आउटलेट्स पर निर्बाध बिक्री के लिए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। ऑटोमोटिव ईंधन की उपलब्धता को लेकर चिंता की कोई आवश्यकता नहीं है।

एलपीजी के संबंध में, बॉटलिंग प्लांट्स पर स्टॉक की स्थिति भी संतोषजनक है और स्टॉक स्तर पूर्व मानकों के अनुरूप पर्याप्त हैं, साथ ही पुनःपूर्ति की योजना भी बनाई गई है।

ओएमसीज़ स्थिति की करीबी निगरानी कर रही हैं और आपूर्ति लॉजिस्टिक्स को सुव्यवस्थित करने तथा डिलीवरी को तेज करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे घबराहट में खरीदारी करने से बचें, क्योंकि पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और पुनःपूर्ति जारी है।
एलपीजी उपभोक्ताओं से यह भी अनुरोध किया जाता है कि वे एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग केवल डिजिटल माध्यमों के जरिए करें और सिलेंडर प्राप्ति की पुष्टि डीएसी (डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड) के माध्यम से करें।

इससे एक सुचारू, पारदर्शी और परेशानी-मुक्त डिलीवरी प्रक्रिया सुनिश्चित होगी तथा वास्तविक उपभोक्ताओं को समय पर सेवा मिल सकेगी।

जनता का सहयोग पूरे पंजाब में सुचारू और प्रभावी वितरण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

(यह बयान कार्यकारी निदेशक आईओसीएल एवं पंजाब के लिए तेल उद्योग के राज्य स्तरीय समन्वयक श्री अशुतोष गुप्ता द्वारा जारी किया गया है)

पंजाब में आम आदमी पार्टी के विधायक और सात अन्य को 2013 के छेड़छाड़ मामले में बरी किया गया

चंडीगढ़, 31 मार्च (भाषा) पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने छेड़छाड़ और हमले से जुड़े साल 2013 के एक मामले में दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा और सात अन्य लोगों को बरी कर दिया।

अदालत ने पंजाब की खडूर साहिब विधानसभा सीट से विधायक लालपुरा और सात अन्य आरोपियों को पिछले सितंबर में तरन तारन की अदालत द्वारा सुनाई गई चार साल कैद की सजा सोमवार को रद्द कर दी।

न्यायमूर्ति त्रिभुवन दाहिया की पीठ ने याचिका स्वीकार करते हुए मार्च 2013 में तरन तारन थाने में भारतीय दंड सहिंता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं और एससी/एसटी अधिनियम के तहत दर्ज प्राथमिकी भी खारिज कर दी।

अनुसूचित जाति (एससी) से संबंधित महिला शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि तीन मार्च 2013 को तरन तारन में विधायक लालपुरा और कुछ पुलिसकर्मियों ने उनकी और उनके परिवार के कुछ सदस्यों की पिटाई की थी। उस समय लालपुरा एक टैक्सी चालक थे।

अदालत ने आदेश में कहा कि आठों आरोपियों को सभी आरोपों से बरी किया जाता है। अदालत ने इस बात पर भी गौर किया कि याचिकाकर्ताओं का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।

अदालत ने कहा कि विवादों का आपसी समझौते के जरिए समाधान हो चुका है। याचिकाकर्ता और शिकायतकर्ता ने चार फरवरी को समझौता किया था।