ब्रेकिंग न्यूज़
 *‘हर काम देश के नाम’*

*लेफ्टिनेंट जनरल हरजीत सिंह साही ने पश्चिमी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ का पदभार संभाला*

*चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

लेफ्टिनेंट जनरल हरजीत सिंह साही, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम, वाईएसएम, एसएम ने 26 मई 2026 को चंडीमंदिर सैन्य स्टेशन में मुख्यालय पश्चिमी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ का पदभार ग्रहण किया। उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल पुनीत आहूजा, एवीएसएम, एसएम, वीएसएम का स्थान लिया है, जिन्होंने सेना मुख्यालय में महानिदेशक रणनीतिक योजना (डायरेक्टर जनरल स्ट्रैटेजिक प्लानिंग) का पदभार संभालने हेतु कार्यभार ग्रहण किया है।

पंजाब पब्लिक स्कूल, नाभा और भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून के पूर्व छात्र लेफ्टिनेंट जनरल साही को दिसंबर 1988 में राजपूत रेजिमेंट की 23वीं बटालियन में कमीशन प्राप्त हुआ था और वर्तमान में वे राजपूत रेजिमेंट के कर्नल के प्रतिष्ठित पद पर आसीन हैं।

जनरल अधिकारी को उत्तरी, पश्चिमी और पूर्वी क्षेत्रों सहित सियाचिन ग्लेशियर में व्यापक परिचालन अनुभव प्राप्त है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) तथा काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स (किलो) में अपनी बटालियन और एक इन्फैंट्री ब्रिगेड की कमान संभाली। उन्हें भारतीय सेना की सबसे बड़ी कोर, 3 कोर, की कमान संभालने का विशिष्ट गौरव प्राप्त है, जिसकी जिम्मेदारी पूर्वी सीमाओं, भारत-म्यांमार सीमा तथा उत्तर-पूर्व के छह राज्यों के आंतरिक क्षेत्रों तक फैली हुई है। मई 2023 में मणिपुर में हुए जातीय संघर्ष के दौरान उन्होंने अपने जिम्मेदारी वाले क्षेत्र में आधारभूत संरचना के उन्नयन और स्थिरता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस नियुक्ति से पूर्व वे आर्मी वॉर कॉलेज, महू के कमांडेंट के रूप में कार्यरत थे, जहाँ उन्होंने पेशेवर सैन्य शिक्षा को उभरती परिचालन आवश्यकताओं और तकनीकी प्रगति के अनुरूप बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल कीं। उनके नेतृत्व में संस्थान को 15 जनवरी 2026 को प्रतिष्ठित “चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ यूनिट अप्रिसिएशन” से सम्मानित किया गया।

जनरल अधिकारी ने कई महत्वपूर्ण स्टाफ नियुक्तियों पर भी कार्य किया है, जिनमें एक ऑपरेशनल कोर के ब्रिगेडियर जनरल स्टाफ, अतिरिक्त महानिदेशक सैन्य संचालन तथा सेना मुख्यालय में महानिदेशक सूचना युद्ध (इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर) शामिल हैं।

उन्होंने सभी महत्वपूर्ण पेशेवर पाठ्यक्रम पूरे किए हैं, जिनमें डीएसएससी वेलिंगटन का स्टाफ कोर्स, आर्मी वॉर कॉलेज महू का हायर कमांड कोर्स तथा राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय, नई दिल्ली का एनडीसी कोर्स शामिल है। लेफ्टिनेंट जनरल साही के पास दो एमफिल डिग्रियाँ तथा रक्षा एवं सामरिक अध्ययन में मास्टर डिग्री है।

उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल, उत्तम युद्ध सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, युद्ध सेवा मेडल तथा सेना मेडल से सम्मानित किया गया है।

पदभार ग्रहण करने के उपरांत लेफ्टिनेंट जनरल साही ने वीर स्मृति युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर राष्ट्र सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने परिचालन तत्परता, क्षमता विकास तथा सभी रैंकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

मजबूत मांग से कच्चे तेल के वायदा भाव में उछाल, कीमत 152 रुपये बढ़कर 8,778 रुपये प्रति बैरल

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

मजबूत हाजिर मांग और कारोबारियों द्वारा सौदों के आकार में बढ़ोतरी के चलते मंगलवार को कच्चे तेल के वायदा भाव में तेजी दर्ज की गई। लगातार बढ़ती मांग के बीच निवेशकों की सक्रिय भागीदारी से कीमतों में मजबूती देखने को मिली।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर जून महीने में डिलीवरी वाले कच्चे तेल का अनुबंध 152 रुपये यानी 1.76 प्रतिशत की बढ़त के साथ Crude Oil Futures (MCX) 8,778 रुपये प्रति बैरल पर पहुंच गया।

कारोबार के दौरान कुल 11,942 लॉट के लिए लेनदेन हुआ, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बाजार में सक्रियता बनी हुई है और निवेशकों की दिलचस्पी मजबूत बनी हुई है।

विश्लेषकों के अनुसार, हाजिर बाजार में मांग बढ़ने से वायदा बाजार को समर्थन मिला है। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति और मांग से जुड़े संकेत भी कीमतों पर असर डाल रहे हैं।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ऊर्जा क्षेत्र में अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं।

मजबूत मांग के चलते हाल के सत्रों में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हलचल देखी जा रही है, और आगे भी अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम इसके रुझान को प्रभावित कर सकते हैं।

शेयर बाजार में तेजी पर लगा ब्रेक, सेंसेक्स 479 अंक टूटा, निफ्टी भी गिरा

मुंबई / सत्ता संदेश

लगातार दो सत्रों से जारी तेजी के बाद मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और रुपये में कमजोरी के कारण निवेशकों की धारणा पर दबाव पड़ा, जिससे बाजार लाल निशान में बंद हुआ।

कारोबार के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक BSE Sensex 479 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का सूचकांक Nifty 50 भी 118 अंक टूटकर नीचे आ गया।

विश्लेषकों के अनुसार, बाजार में गिरावट का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव रहा, जहां ईरान के दक्षिणी क्षेत्र में अमेरिकी हमले की रिपोर्टों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई। इससे वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ी और भारतीय शेयर बाजार पर भी दबाव पड़ा।

इसके अलावा, विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये में कमजोरी आने से भी निवेशकों की चिंता बढ़ी। विशेष रूप से बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ा है।

दिनभर के कारोबार में उतार-चढ़ाव का माहौल रहा, जहां शुरुआत में बाजार स्थिर दिखाई दिया, लेकिन बाद में बिकवाली बढ़ने से प्रमुख सूचकांक नीचे आ गए। निवेशक फिलहाल वैश्विक घटनाक्रम और तेल कीमतों पर नजर बनाए हुए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।

भारत एआई क्रांति के अगले चरण का नेतृत्व करने को तैयार: माइक्रोसॉफ्ट अधिकारी

नयी दिल्ली/ सत्ता संदेश

वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी Microsoft के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि भारत अपने मजबूत डिजिटल इकोसिस्टम और विशाल डेवलपर समुदाय के दम पर कृत्रिम मेधा (एआई) के अगले चरण की तैनाती में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि भारत का तेजी से बढ़ता डिजिटल ढांचा, इंटरनेट की व्यापक पहुंच और तकनीकी प्रतिभा का बड़ा आधार इसे वैश्विक एआई विकास के केंद्र के रूप में उभरने में मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत एआई आधारित नवाचारों और अनुप्रयोगों के विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

उन्होंने यह भी बताया कि भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है, जिससे एआई तकनीक के व्यावहारिक उपयोग के नए अवसर बन रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, वित्त और शासन जैसे क्षेत्रों में एआई के बढ़ते उपयोग से देश में डिजिटल परिवर्तन को और गति मिलेगी।

माइक्रोसॉफ्ट अधिकारी के अनुसार, भारत न केवल एआई तकनीक का उपयोग करने वाला बड़ा बाजार है, बल्कि यह एक ऐसा देश भी है जहां बड़ी संख्या में डेवलपर्स और इंजीनियर वैश्विक स्तर पर नवाचार में योगदान दे रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना जैसे कि आधार, यूपीआई और अन्य ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म एआई के प्रभावी उपयोग के लिए मजबूत आधार प्रदान करते हैं। इससे न केवल सेवाओं की दक्षता बढ़ेगी बल्कि पारदर्शिता और पहुंच में भी सुधार होगा।

अधिकारी ने कहा कि एआई के अगले चरण में जिम्मेदार और सुरक्षित तकनीक के विकास पर जोर होगा, और भारत इस दिशा में वैश्विक मानकों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने विश्वास जताया कि भारत आने वाले समय में एआई नवाचारों का वैश्विक हब बन सकता है, जहां तकनीक और प्रतिभा दोनों का अनोखा संगम देखने को मिलेगा।

मारुति सुजुकी ने खर्च में कटौती के लिए उठाए कदम, जरूरत पर वर्क फ्रॉम होम और विदेश यात्राओं पर रोक लागू

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी Maruti Suzuki India Limited ने परिचालन खर्च कम करने और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के प्रभाव को कम करने के लिए कई अहम कदम उठाने की घोषणा की है। कंपनी ने कहा है कि परिस्थितियों के अनुसार ‘वर्क फ्रॉम होम’ की सुविधा दी जाएगी और विदेश यात्राओं पर अस्थायी रूप से रोक लगाई जाएगी।

कंपनी ने यह जानकारी सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा की, जिसमें उसने कहा कि वह प्रधानमंत्री Narendra Modi की मितव्ययिता (austerity) की अपील को गंभीरता से ले रही है और साथ ही पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और युद्ध के दीर्घकालिक आर्थिक प्रभावों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

मारुति सुजुकी ने अपने बयान में कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों, खासकर पश्चिम एशिया क्षेत्र में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण कंपनी अपने संसाधनों के अधिक कुशल उपयोग पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

कंपनी के अनुसार, जहां संभव होगा वहां कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की अनुमति दी जाएगी, जिससे परिचालन में लचीलापन बना रहे और यात्रा व अन्य खर्चों में कमी लाई जा सके। इसके साथ ही गैर-जरूरी विदेशी दौरों पर रोक लगाने का निर्णय भी लिया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा कीमतों में अस्थिरता का असर ऑटोमोबाइल सेक्टर की सप्लाई चेन और लागत पर पड़ सकता है। ऐसे में कंपनियां पहले से ही लागत नियंत्रण और दक्षता बढ़ाने की रणनीति अपना रही हैं।

मारुति सुजुकी का यह कदम ऐसे समय में आया है जब भारतीय ऑटो सेक्टर मांग और वैश्विक आपूर्ति परिस्थितियों के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। कंपनी ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में भी वह स्थिति के अनुसार अपने परिचालन में आवश्यक बदलाव करती रहेगी।

जोया अख्तर के प्रोडक्शन हाउस से 66 हार्ड डिस्क चोरी, ऑफिस बॉय समेत दो गिरफ्तार, बांद्रा पुलिस की कार्रवाई

मुंबई / सत्ता संदेश

फिल्मकार Zoya Akhtar और Reema Kagti के प्रोडक्शन हाउस से फिल्मों और वेब सीरीज से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल डेटा की चोरी का मामला सामने आया है। मुंबई पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक ऑफिस बॉय भी शामिल है।

पुलिस के अनुसार, यह मामला मुंबई के Mumbai स्थित प्रोडक्शन कंपनी “टाइगर बेबी डिजिटल एलएलपी” से जुड़ा है, जहां से कुल 66 हार्ड डिस्क चोरी होने की पुष्टि हुई है। इन हार्ड डिस्क में आगामी फिल्मों और वेब सीरीज से संबंधित संवेदनशील और महत्वपूर्ण डेटा संग्रहीत था।

यह चोरी सोमवार को उस समय सामने आई जब कंपनी की कार्यकारी सहायक महजबीन शेख ने बांद्रा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि ऑफिस से हार्ड डिस्क अचानक गायब पाई गईं, जिसके बाद आंतरिक जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिस को संदेह हुआ कि चोरी में कंपनी के अंदरूनी कर्मचारियों की भूमिका हो सकती है। तकनीकी निगरानी और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में एक आरोपी ऑफिस बॉय बताया जा रहा है, जो कंपनी के दफ्तर में कार्यरत था।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि चोरी की गई हार्ड डिस्क का इस्तेमाल या बिक्री कहां और किस उद्देश्य से की जानी थी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस मामले में कोई बड़ा नेटवर्क या बाहरी व्यक्ति भी शामिल है।

अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल कंटेंट चोरी का यह मामला फिल्म इंडस्ट्री के लिए गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय है, क्योंकि ऐसे डेटा में अनरिलीज़्ड फिल्मों और वेब सीरीज की जानकारी होती है, जिसका दुरुपयोग होने का खतरा रहता है।

फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है और सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच भी की जा रही है।

असम के मानस राष्ट्रीय उद्यान में 1,500 से अधिक छात्रों को दिया गया प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण का प्रशिक्षण

गुवाहाटी/ सत्ता संदेश

असम के Manas National Park और इसके आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले 1,500 से अधिक स्कूली छात्रों को वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। यह जानकारी वन विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को दी।

यह जागरूकता अभियान विभिन्न संपर्क कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों को जंगलों, वन्यजीवों और पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। अधिकारियों के अनुसार, इन कार्यक्रमों का उद्देश्य नई पीढ़ी को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाना और उन्हें पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना है।

यह पहल ‘मानस मित्र कार्यक्रम’ के तहत की गई, जिसे Manas National Park and Tiger Reserve Authority ने स्थानीय समुदायों और संरक्षण प्रयासों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से शुरू किया है।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों और वन अधिकारियों ने छात्रों को बताया कि कैसे वन्यजीवों और जंगलों का संरक्षण मानव जीवन के लिए आवश्यक है। साथ ही उन्हें यह भी समझाया गया कि अवैध शिकार, वनों की कटाई और पर्यावरण प्रदूषण किस तरह प्राकृतिक संतुलन को प्रभावित करते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि इस पहल के जरिए स्थानीय समुदायों और युवाओं को संरक्षण गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे भविष्य में पर्यावरण सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

छात्रों ने भी इस कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े सवाल पूछे। कई छात्रों ने भविष्य में पर्यावरण संरक्षण से जुड़ने की इच्छा भी जताई।

वन विभाग का मानना है कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों से न केवल छात्रों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ती है, बल्कि स्थानीय समुदायों और राष्ट्रीय उद्यान के बीच सहयोग भी मजबूत होता है।

महाराष्ट्र के नासिक में प्याज किसानों का प्रदर्शन, खरीद मूल्य के विरोध में राजमार्ग जाम

नासिक/ सत्ता संदेश

महाराष्ट्र के Nashik जिले में सोमवार को प्याज किसानों ने सरकार द्वारा तय किए गए खरीद मूल्य के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरना देते हुए यातायात को पूरी तरह बाधित कर दिया, जिससे कई घंटों तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि प्याज का मौजूदा खरीद मूल्य उनकी लागत के मुकाबले बेहद कम है, जिससे खेती करना घाटे का सौदा बनता जा रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि उन्हें अपनी उपज का उचित दाम नहीं मिल रहा, जिसके कारण उनकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।

किसानों ने बताया कि खाद, बीज, सिंचाई और मजदूरी की बढ़ती लागत के बावजूद प्याज का बाजार मूल्य काफी नीचे बना हुआ है। इसी वजह से बड़ी संख्या में किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है और कई किसान कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की और सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उनका कहना था कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात को वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ा गया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया।

किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर तेज किया जाएगा। उन्होंने सरकार से प्याज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाने और खरीद व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की।

यह विरोध ऐसे समय में हुआ है जब महाराष्ट्र में प्याज उत्पादन और कीमतों को लेकर पहले भी कई बार किसान आंदोलन कर चुके हैं। राज्य में प्याज की खेती बड़े पैमाने पर होती है और इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर किसानों की आजीविका पर पड़ता है।

झारखंड के लोहरदगा में दर्दनाक हादसा, जंगली हाथी के हमले में महिला की मौत

झारखंड / सत्ता संदेश

झारखंड के Jharkhand स्थित Lohardaga जिले में मंगलवार तड़के एक दर्दनाक घटना में जंगली हाथी के हमले से एक महिला की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

पुलिस के अनुसार, यह घटना भंडारा थाना क्षेत्र के बेदल तंगरा टोली गांव में हुई, जहां एक जंगली हाथी ने अचानक गांव में प्रवेश कर हमला कर दिया। इस हमले में 35 वर्षीय महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे हाथी ने कुचल दिया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले कुछ समय से जंगली हाथियों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे लोगों में लगातार भय का माहौल बना हुआ है।

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। वन विभाग के अधिकारियों ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से हाथियों के बढ़ते हमलों पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि जंगलों से भटककर हाथी अक्सर गांवों में घुस आते हैं, जिससे जान-माल का खतरा बना रहता है।

वन विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि हाथियों की निगरानी के लिए टीमों को सक्रिय किया गया है और प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई जा रही है। साथ ही लोगों को सतर्क रहने और रात के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।

इस दर्दनाक घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर है और ग्रामीणों ने मृतका के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सिक्किम का तीन दिवसीय दौरा शुरू किया, भारत-चीन सीमा का करेंगी दौरा

गंगटोक / सत्ता संदेश

राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने मंगलवार को सिक्किम के तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे की शुरुआत की। इस दौरान वह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण भारत-चीन सीमा क्षेत्रों का भी दौरा करेंगी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

राष्ट्रपति मुर्मू दोपहर लगभग 12 बजे सिक्किम की राजधानी Gangtok के लिबिंग हेलीपैड पर पहुंचीं, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। राज्यपाल Om Prakash Mathur और मुख्यमंत्री Prem Singh Tamang ने स्वयं उपस्थित रहकर राष्ट्रपति का स्वागत किया।

आगमन के बाद राष्ट्रपति सीधे लोक भवन के लिए रवाना हुईं, जहां उनके प्रवास की व्यवस्था की गई है। अपने दौरे के दौरान राष्ट्रपति राज्य में कई आधिकारिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी और विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा भी कर सकती हैं।

सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मू का यह दौरा विशेष रूप से सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वह भारत-चीन सीमा से लगे क्षेत्रों का भी निरीक्षण करेंगी। सिक्किम का यह इलाका सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है और यहां सेना तथा सुरक्षा बलों की महत्वपूर्ण मौजूदगी रहती है।

राष्ट्रपति के इस दौरे को राज्य में विकास कार्यों, जनकल्याण योजनाओं और सीमावर्ती क्षेत्रों की स्थिति के आकलन के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। प्रशासन ने उनके दौरे को लेकर व्यापक सुरक्षा और व्यवस्थाएं की हैं।

दौरे के दौरान राष्ट्रपति स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न वर्गों के लोगों से भी मुलाकात कर सकती हैं। इसके अलावा राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।

सिक्किम सरकार और केंद्र सरकार दोनों ने इस दौरे को महत्वपूर्ण बताया है, जिससे राज्य के विकास और सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर उच्च स्तर पर संवाद को बल मिलने की उम्मीद है।