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पीड़िता के परिवार से मिलने से रोकने का आरोप, मीरवाइज उमर फारूक ने कहा- घर में नजरबंद किया गया

कश्मीर / सत्ता संदेश

कश्मीर के धार्मिक नेता Mirwaiz Umar Farooq ने आरोप लगाया है कि उन्हें बडगाम जिले में कथित दुष्कर्म और हत्या की पीड़िता के परिवार से मिलने नहीं दिया गया और उन्हें उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया।

मीरवाइज उमर फारूक ने मंगलवार को दावा किया कि वे पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त करना और उन्हें सांत्वना देना चाहते थे, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि इसके बाद उन्हें घर में ही नजरबंद कर दिया गया, जिससे वे बाहर नहीं निकल सके।

यह मामला उस समय सामने आया है जब कश्मीर में एक 12 वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना को लेकर पहले से ही तनाव और गुस्से का माहौल है। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर न्याय की मांग तेज हो रही है और विभिन्न संगठनों द्वारा विरोध भी जताया जा रहा है।

मीरवाइज ने आरोप लगाया कि प्रशासन लोगों को संवेदना व्यक्त करने और पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने से रोक रहा है, जो कि लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि इस तरह की पाबंदियां जनता के बीच असंतोष को और बढ़ा सकती हैं।

प्रशासन की ओर से हालांकि इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अक्सर संवेदनशील मामलों में नेताओं की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया जाता है।

इस घटना के बाद घाटी में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों का कहना है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए पारदर्शी जांच और सख्त कार्रवाई जरूरी है।

वहीं, मानवाधिकार संगठनों ने भी इस तरह की घटनाओं पर चिंता जताई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पूरे क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और सुरक्षा व्यवस्था को भी सतर्क रखा गया है।

पवन कल्याण का बयान: “विजय की तेजी से बढ़ती राजनीतिक सफलता देखकर कभी-कभी ईर्ष्या होती है”

आंध्र प्रदेश / सत्ता संदेश

आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री Pawan Kalyan ने अभिनेता-राजनेता Joseph Vijay की राजनीतिक सफलता पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी करते हुए एक बयान दिया है, जिसने राजनीतिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है।

पवन कल्याण ने कहा कि कभी-कभी उन्हें यह सोचकर आश्चर्य होता है कि कुछ राजनीतिक व्यक्तित्व बहुत कम समय में इतनी तेज़ी से सफलता हासिल कर लेते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि ऐसी तेज़ प्रगति को देखकर उनके मन में “ईर्ष्या का भाव” भी उत्पन्न होता है।

उन्होंने अपने राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी यात्रा पूरी तरह जमीनी स्तर से शुरू हुई है और इसमें वर्षों का संघर्ष, अनुभव और निरंतर मेहनत शामिल रही है। इसके विपरीत, उन्होंने संकेत दिया कि कुछ लोग अपेक्षाकृत कम समय में ही बड़ी राजनीतिक ऊंचाइयों तक पहुंच जाते हैं।

पवन कल्याण के इस बयान को राजनीतिक और फिल्मी दुनिया के बीच तुलना के रूप में देखा जा रहा है। विजय, जो लंबे समय से तमिल सिनेमा के सुपरस्टार रहे हैं, हाल के वर्षों में राजनीति में सक्रिय हुए हैं और उन्हें तमिलनाडु की राजनीति में एक उभरते हुए बड़े चेहरे के रूप में देखा जा रहा है।

विश्लेषकों का मानना है कि पवन कल्याण का यह बयान दो लोकप्रिय चेहरों की राजनीतिक यात्रा की तुलना को लेकर है, जहां एक तरफ वर्षों का संगठनात्मक अनुभव है, वहीं दूसरी ओर तेजी से बढ़ती लोकप्रियता और जनसमर्थन है।

हालांकि पवन कल्याण ने अपने बयान में किसी प्रत्यक्ष विवाद या आलोचना का उल्लेख नहीं किया, लेकिन उनके शब्दों ने राजनीतिक चर्चा को जरूर बढ़ा दिया है। समर्थकों के बीच इस बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की राजनीति में इस बयान को लेकर आगे भी चर्चा तेज होने की संभावना है, क्योंकि दोनों ही राज्यों में फिल्मी हस्तियों की राजनीतिक भूमिका लंबे समय से महत्वपूर्ण रही है।

जम्मू में टूटा पुल बना ग्रामीणों की बड़ी परेशानी, 10 महीने से नावों के सहारे जिंदगी, कई गांव अब भी दुनिया से कटे

जम्मू / सत्ता संदेश

Jammu and Kashmir के जम्मू क्षेत्र में पिछले वर्ष आई बाढ़ और तेज बहाव के कारण बहा पुल आज भी स्थानीय लोगों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। लगभग 10 महीने बीत जाने के बाद भी कई गांव अब तक मुख्य मार्गों से पूरी तरह नहीं जुड़ पाए हैं। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों, इलाज, शिक्षा और बाजार तक पहुंचने के लिए अब भी नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल बह जाने के बाद प्रशासन की ओर से अस्थायी व्यवस्थाएं तो की गईं, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है। प्रभावित गांवों के लोग हर दिन जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम के करीब आने से उनकी चिंताएं और बढ़ गई हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि पुल टूटने के कारण बच्चों की पढ़ाई सबसे अधिक प्रभावित हुई है। स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्रों को नावों के जरिए नदी पार करनी पड़ती है, जिससे अभिभावकों में हमेशा डर बना रहता है। कई बार खराब मौसम और तेज बहाव के कारण नाव सेवा भी बंद करनी पड़ती है, जिससे छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर भी इसका गंभीर असर पड़ा है। गांव के लोगों का कहना है कि किसी मरीज की हालत अचानक बिगड़ने पर उसे अस्पताल पहुंचाना बेहद मुश्किल हो जाता है। कई मामलों में समय पर इलाज नहीं मिलने से मरीजों की स्थिति गंभीर हो जाती है। गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय व्यापार और खेती-किसानी भी इस समस्या से प्रभावित हुए हैं। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में भारी दिक्कतें हो रही हैं, जबकि रोज कमाने-खाने वाले लोगों की आजीविका पर भी असर पड़ा है। गांवों में जरूरी सामान पहुंचाने में देरी होने से आम लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक पुल निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो सका है। लोगों ने सरकार से जल्द स्थायी पुल बनाने और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की मांग की है।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पुल निर्माण की प्रक्रिया पर काम चल रहा है और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक नया पुल तैयार नहीं होता, तब तक उनकी जिंदगी खतरे और परेशानियों के बीच ही गुजरती रहेगी।

क्षेत्र के लोगों को अब डर है कि यदि मानसून के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ा, तो हालात और अधिक खराब हो सकते हैं। ऐसे में ग्रामीणों ने सरकार से जल्द राहत और निर्माण कार्य तेज करने की अपील की है।

बेलगावी में भीषण सड़क हादसा, एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत, नौ महीने का मासूम भी शामिल

कर्नाटक / सत्ता संदेश

कर्नाटक के Belagavi जिले में सोमवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि तीनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों में नौ महीने का एक मासूम बच्चा भी शामिल है। घटना के बाद इलाके में शोक और दहशत का माहौल है।

पुलिस के अनुसार, यह हादसा बेलगावी जिले के रायबाग तालुका में रेलवे स्टेशन मार्ग के पास हुआ। बताया जा रहा है कि एक मोटरसाइकिल और छोटे मालवाहक रिक्शा के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार परिवार सड़क पर दूर जा गिरा और गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मृतक एक ही परिवार के सदस्य थे और किसी काम से जा रहे थे। हादसे में एक पुरुष, एक महिला और नौ महीने के शिशु की जान चली गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी। दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।

पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की वजह माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाया जा सके।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से रेलवे स्टेशन मार्ग पर यातायात व्यवस्था मजबूत करने और सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। उनका कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन सुरक्षा उपायों की कमी के कारण दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है और लोग मृतकों के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।

पेट्रोल-डीजल कीमतों में बढ़ोतरी से आम आदमी की कमर टूटी, केंद्र सरकार महंगाई रोकने में फेल: कुलवंत सिंह सिद्धू

लुधियाना / सत्ता संदेश

डीजल महंगा होने से धान के सीजन में किसानों पर बढ़ेगा बोझ और घरेलू बजट भी हिला, लोग परेशान: विधायक सिद्धू

केंद्र सरकार तुरंत दखल देकर लोगों को राहत दे: कुलवंत सिंह सिद्धू

तेल कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के खिलाफ हलका आत्म नगर के विधायक सिद्धू ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस

विधानसभा हलका आत्म नगर से विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने सोमवार को पिछले कुछ दिनों के दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की सख्त आलोचना करते हुए कहा कि तेल की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी को बुरी तरह प्रभावित किया है और घरेलू बजट को हिलाकर रख दिया है।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने आरोप लगाया कि महंगाई ने जनता की “कमर तोड़” दी है और लोग अपने रोजमर्रा के खर्चों का प्रबंधन करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में राहत देने की बजाय केंद्र सरकार ने आम नागरिकों को अकेला छोड़ दिया है। विधायक सिद्धू ने कहा कि आर्थिक तंगी के समय में लोगों के साथ खड़े होना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन मोदी की अगुवाई वाली सरकार महंगाई को काबू करने और जनता को राहत देने में पूरी तरह असफल रही है।

विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने आने वाले झोने के सीजन पर चिंता जताते हुए कहा कि किसानों को अब ट्रैक्टरों, ट्यूबवेलों और अन्य कृषि मशीनरी के लिए डीजल पर ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से ढुलाई की लागत में भी इजाफा होगा, जिससे सब्जियों, फलों, अनाज और अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम और बढ़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर, मध्यम वर्ग के परिवार और रोजाना दिहाड़ीदार लोग तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे और उन्होंने केंद्र सरकार से लोगों को राहत प्रदान करने के लिए तुरंत दखल देने की मांग की है।

करंट लगने से मजदूर की मौत, मिस्‍त्री भी झुलसागुरुद्वारा साहिब के गेट निर्माण दौरान दर्दनाक हादसा

माछीवाड़ा / सत्ता संदेश

माछीवाड़ा साहिब के नजदीकी गांव इराक में गुरुद्वारा साहिब के गेट निर्माण के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। काम करते समय बिजली का करंट लगने से गांव रणवां निवासी मजदूर धर्मेंद्र की मौत हो गई, जबकि मिस्त्री सरबजीत सिंह निवासी तखरां गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल मिस्त्री का अस्पताल में इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार गांव इराक स्थित एक गुरुद्वारा साहिब के बाहर गेट निर्माण का काम चल रहा था। मिस्त्री सरबजीत सिंह ने बताया कि वे गेट की शटरिंग का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक पास से गुजर रही हाई वोल्टेज बिजली की तारें उनके संपर्क में आ गईं, जिससे उन्हें जोरदार करंट लग गया। सरबजीत सिंह ने बताया कि जब उन्हें करंट लगा तो पास में खड़ा मजदूर धर्मिंदर उन्हें बचाने के लिए आगे आया, लेकिन करंट उसकी चपेट में भी आ गया।
हादसे में दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत दोनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने धर्मेंद्र को मृत घोषित कर दिया, जबकि सरबजीत सिंह का इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि मृतक धर्मिंदर बेहद गरीब परिवार से संबंध रखता था। वह अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है। इस दर्दनाक घटना के बाद गांव रणवां में शोक की लहर फैल गई। नम आंखों से धर्मिंदर का अंतिम संस्कार किया गया। गांववासियों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए, ताकि परिवार को इस कठिन समय में सहारा मिल सके। माछीवाड़ा साहिब से जसबीर सिंह अलबेला की रिपोर्ट।

नगर कौंसिल चुनावों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने के लिए प्रशासन द्वारा किए गए पुख्ता इंतजाम

टांडा / सत्ता संदेश

पोलिंग बूथों पर विभिन्न टीमों को किया गया रवाना। डीआईजी जालंधर नवीन सिंगला और जिला होशियारपुर के एसएसपी संदीप मलिक ने सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया।

टांडा नगर कौंसिल के तहत 15 वार्डों में होंगे चुनाव। 40 उम्मीदवार मैदान में हैं और बड़ी संख्या में लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

नगर कौंसिल चुनावों के मद्देनज़र आज सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल टांडा लड़के में प्रशासनिक और सिविल अधिकारियों द्वारा पुख्ता सुरक्षा प्रबंधों के बीच पोलिंग बूथों के लिए टीमों को रवाना किया गया। इस दौरान जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला और जिला होशियारपुर के पुलिस प्रमुख संदीप कुमार मलिक ने भारी पुलिस बल के साथ सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

अधिकारियों ने चुनावों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने के लिए पुलिस कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। साथ ही पोलिंग एजेंटों को निर्देश दिए गए कि वे पोलिंग बूथों से 200 मीटर दूरी पर ही अपने कैंप स्थापित करें और शांतिपूर्ण चुनाव कराने में प्रशासन का सहयोग दें।

इस मौके पर एसडीएम लवप्रीत सिंह औलख और डीएसपी दविंदर सिंह बाजवा की निगरानी में पोलिंग पार्टियों को रवाना किया गया। अधिकारियों ने कहा कि चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। बड़ी संख्या में पुलिस और सिविल अधिकारियों की ड्यूटियां लगाई गई हैं तथा कानून-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि टांडा उड़मुड़ नगर कौंसिल के अंतर्गत करीब 15 वार्ड आते हैं, जहां 40 से अधिक उम्मीदवार चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। चुनावों को देखते हुए सभी पोलिंग बूथों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है ताकि मतदाता बिना किसी डर के शांतिपूर्वक अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

खान मंत्रालय के सचिव ने खनिज ब्लॉक की नीलामी और उसके संचालन की प्रगति की समीक्षा की

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

खान मंत्रालय के सचिव श्री पीयूष गोयल ने आज मंत्रालय और श्रेणी-ए खनिज उत्पादक राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ देश भर में खनिज ब्लॉकों की नीलामी और उनके संचालन की प्रगति की समीक्षा करने के लिए आयोजित नौवीं मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में खनन क्षेत्र में सुधारों में तेजी लाने, घरेलू खनिज उत्पादन बढ़ाने और नीलाम किए गए खनिज ब्लॉकों के समय पर संचालन को सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

बैठक के दौरान इस बात पर प्रकाश डाला गया कि 2015 में नीलामी प्रणाली की शुरुआत के बाद से, वित्त वर्ष 2015-16 से वित्त वर्ष 2020-21 की अवधि के दौरान कुल 108 खनिज ब्लॉकों की सफलतापूर्वक नीलामी की गई। इसके बाद नीलामी की गति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और वित्त वर्ष 2021-22 से वित्त वर्ष 2024-25 के बीच 364 खनिज ब्लॉकों की सफलतापूर्वक नीलामी की गई, जो प्रति वर्ष औसतन लगभग 90 ब्लॉक है।

वित्त वर्ष 2025-26 में ही रिकॉर्ड 212 खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी हुई है, जो नीलामी प्रणाली की शुरुआत के बाद से किसी एक वित्तीय वर्ष में आयोजित खनिज ब्लॉक नीलामियों की सबसे अधिक संख्या है। इस उपलब्धि में 22 महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी शामिल है, जो भारत के आर्थिक विकास और स्वच्छ ऊर्जा की ओर परिवर्तन के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों को सुरक्षित करने पर सरकार के निरंतर फोकस को दर्शाती है।

बैठक में नीलाम किए गए ब्लॉकों के संचालन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। यह सूचित किया गया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 28 ग्रीनफील्ड ब्लॉकों और 8 ब्राउनफील्ड ब्लॉकों सहित कुल 36 खनिज ब्लॉक संचालन में लाए गए हैं, जबकि वित्त वर्ष 2015-16 से वित्त वर्ष 2024-25 की पूरी अवधि के दौरान 20 ग्रीनफील्ड और 38 ब्राउनफील्ड ब्लॉकों सहित कुल 58 ब्लॉक संचालन में लाए गए थे।

खान सचिव ने वैधानिक स्वीकृतियों में तेजी लाने, खनन कार्यों की शीघ्र शुरुआत सुनिश्चित करने और नीलाम किए गए ब्लॉकों से समय पर उत्पादन प्राप्त करने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच घनिष्ठ समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने और भारत की खनिज सुरक्षा को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण खनिजों के विकास के महत्व से भी अवगत कराया।

भीषण गर्मी में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को राहत, ‘एसी हेलमेट’ की प्रायोगिक शुरुआत

नई दिल्ली / सत्ता संदेश


दिल्ली-एनसीआर में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने के बीच दिल्ली यातायात पुलिस ने अपने कर्मियों को गर्मी से राहत देने के लिए एक नई प्रायोगिक पहल शुरू की है। इसके तहत व्यस्त चौराहों पर लंबे समय तक ड्यूटी करने वाले ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को सौर ऊर्जा से चलने वाले ‘एसी हेलमेट’ उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

इस पहल के तहत तीन मूर्ति गोलचक्कर (Teen Murti Circle) सहित कई प्रमुख और भीड़भाड़ वाले चौराहों पर तैनात कर्मियों को विशेष कूलिंग हेलमेट और पोर्टेबल पंखों से लैस किया गया है।

यह प्रयोगात्मक व्यवस्था दिल्ली यातायात पुलिस (Delhi Traffic Police) द्वारा शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य भीषण गर्मी में सड़क पर खड़े होकर ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को हीट स्ट्रोक और थकान से बचाना है।

इसके साथ ही पुलिसकर्मियों को नियमित अंतराल पर पानी, ओआरएस और अन्य आवश्यक राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि गर्मी के असर को कम किया जा सके।

अधिकारियों का कहना है कि यदि यह पहल सफल रहती है, तो इसे अन्य ट्रैफिक प्वाइंट्स और जिलों में भी लागू किया जा सकता है।

नीलम मीणा बनीं पश्चिम बंगाल की नई मुख्य निर्वाचन अधिकारी

नई दिल्ली / सत्ता संदेश


भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की वरिष्ठ अधिकारी Neelam Meena को पश्चिम बंगाल की नई मुख्य निर्वाचन अधिकारी (Chief Electoral Officer) नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति सोमवार को की गई।

नीलम मीणा अब इस पद पर Manoj Kumar Agarwal की जगह लेंगी, जिन्हें हाल ही में राज्य का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रूप में नीलम मीणा का दायित्व राज्य में चुनावी प्रक्रिया की निगरानी, मतदाता सूची के अद्यतन और चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के पालन को सुनिश्चित करना होगा। यह पद राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

Election Commission of India द्वारा की गई इस नियुक्ति को आगामी चुनावी तैयारियों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि राज्य में राजनीतिक गतिविधियां और चुनावी प्रबंधन लगातार सुर्खियों में रहते हैं।