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गुजरात: ‘ऑपरेशन म्यूल हंट’ के तहत साइबर ठगी पर बड़ी कार्रवाई, 631 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी में 13 गिरफ्तार

गुजरात / सत्ता संदेश


गुजरात पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन म्यूल हंट’ के तहत 631 करोड़ रुपये से अधिक की कथित ऑनलाइन ठगी का भंडाफोड़ किया है। इस अभियान में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो कथित रूप से देशभर में फैले बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का हिस्सा थे।

यह कार्रवाई Gujarat Police द्वारा राज्यभर में चलाए गए विशेष अभियान के तहत की गई, जिसका उद्देश्य बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी अकाउंट्स और डिजिटल पेमेंट धोखाधड़ी में शामिल नेटवर्क को ध्वस्त करना है।

‘ऑपरेशन म्यूल हंट’ (Operation Mule Hunt) के तहत जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी कथित तौर पर “म्यूल अकाउंट्स” का इस्तेमाल कर अवैध लेन-देन को अंजाम देते थे। ये खाते आम नागरिकों के नाम पर खोले जाते थे और इनका उपयोग ठगी की रकम को एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था, जिससे असली अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था।

पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था और देश के विभिन्न हिस्सों में साइबर ठगी की कई घटनाओं से जुड़ा हुआ पाया गया है। शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ है।

अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान तथा गिरफ्तारी के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है।

साइबर अपराध विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है और आम लोगों को भी बैंकिंग जानकारी साझा करने में अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।

कोलकाता में दर्दनाक हादसा, बिजली के खंभे का हिस्सा गिरने से सात वर्षीय बच्ची की मौत

कोलकाता / सत्ता संदेश

कोलकाता के हेस्टिंग्स इलाके में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में सात वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे का एक हिस्सा अचानक गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आने से बच्ची ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

पुलिस के मुताबिक मृत बच्ची की पहचान गुड़िया खातून के रूप में हुई है। वह अपने परिवार के साथ Hastings Flyover के नीचे रहती थी। हादसे के समय बच्ची इलाके में मौजूद थी, तभी बिजली के खंभे का भारी हिस्सा उसके ऊपर गिर गया।

घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग बच्ची को अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी और गुस्से का माहौल बन गया। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि खंभे की स्थिति काफी समय से जर्जर थी।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि खंभे का हिस्सा किस कारण से गिरा और क्या रखरखाव में किसी प्रकार की लापरवाही हुई थी।

घटना के बाद नगर प्रशासन और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने इलाके में पुराने और जर्जर ढांचों की तुरंत जांच कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

सोनीपत में लोहे की रॉड से तिहरा हत्याकांड, दंपति समेत तीन लोगों की हत्या

सोनीपत / सत्ता संदेश

हरियाणा के कुंडली क्षेत्र में रविवार रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई, जहां एक व्यक्ति ने कथित तौर पर लोहे की रॉड से हमला कर दंपति और एक अन्य महिला की हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान ब्रह्मप्रकाश के रूप में हुई है। उस पर आरोप है कि उसने रविवार देर रात तीनों पीड़ितों पर लोहे की रॉड से हमला किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में यह हमला बेहद क्रूर और सुनियोजित बताया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक मृतकों में एक पति-पत्नी और एक अन्य महिला शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से सबूत जुटाए हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या के पीछे के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती स्तर पर आपसी विवाद या व्यक्तिगत रंजिश की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी ठोस वजह की पुष्टि नहीं हुई है।

मामले के बाद क्षेत्र में भय और तनाव का माहौल है। स्थानीय लोगों ने घटना पर चिंता जताते हुए इलाके में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी है और उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

अधिकारियों ने कहा कि जांच के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा।

भारत में नैनो-उर्वरक क्षेत्र में बड़ा निवेश करेगी जर्मन कंपनी बीप्लसएच सॉल्यूशंस

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

BplusH Solutions GmbH ने भारत में नैनो-उर्वरक कारोबार के विस्तार के लिए बड़ा निवेश करने की घोषणा की है। जर्मनी की इस कृषि प्रौद्योगिकी कंपनी ने वर्ष 2026 के दौरान भारतीय बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिए 10 लाख यूरो निवेश करने का लक्ष्य तय किया है।

कंपनी का कहना है कि भारत तेजी से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने वाला बड़ा बाजार बनकर उभरा है। ऐसे में नैनो-उर्वरकों की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए बीप्लसएच सॉल्यूशंस अपनी उत्पादन क्षमता, अनुसंधान और वितरण नेटवर्क को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।

नैनो-उर्वरक पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में अधिक प्रभावी माने जाते हैं क्योंकि इनमें पोषक तत्वों की आपूर्ति नियंत्रित और लक्षित तरीके से होती है। इससे फसलों की उत्पादकता बढ़ाने, मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग को कम करने में मदद मिलती है।

कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित निवेश का उपयोग भारत में साझेदारियों को मजबूत करने, कृषि अनुसंधान परियोजनाओं को बढ़ावा देने और किसानों तक नई तकनीक पहुंचाने के लिए किया जाएगा। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर उत्पादन और सप्लाई चेन को विकसित करने की संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है।

भारत सरकार भी सतत कृषि और पर्यावरण-अनुकूल खेती को बढ़ावा देने के लिए नैनो-उर्वरकों के उपयोग को प्रोत्साहित कर रही है। इसी कारण वैश्विक कृषि कंपनियां भारतीय बाजार में निवेश बढ़ाने में रुचि दिखा रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह निवेश योजना सफल रहती है तो इससे भारतीय कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों का विस्तार होगा और किसानों को कम लागत में बेहतर उत्पादन हासिल करने में सहायता मिल सकती है।

कॉकरोच जनता पार्टी मामले पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, तत्काल सुनवाई से किया इनकार

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

Supreme Court of India ने सोमवार को फर्जी वकीलों और कथित तौर पर व्यंग्यात्मक डिजिटल मंच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) से जुड़ी गतिविधियों की जांच की मांग करने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया। हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बनी सीजेपी को लेकर दायर इस याचिका पर अदालत ने फिलहाल कोई तात्कालिक राहत देने से मना कर दिया।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख अधिवक्ता एन.के. गोस्वामी ने किया। उन्होंने अदालत से इस मामले में जल्द सुनवाई की मांग करते हुए आरोप लगाया कि फर्जी वकीलों और डिजिटल मंच की गतिविधियों से न्याय व्यवस्था और समाज में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।

हालांकि, पीठ ने तत्काल सुनवाई की मांग को स्वीकार नहीं किया। सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि वह इस मुद्दे को “इतने भावुक तरीके” से न लें। अदालत की इस टिप्पणी को मामले में फिलहाल संयम बरतने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

बताया जा रहा है कि कॉकरोच जनता पार्टी नामक यह डिजिटल मंच व्यंग्यात्मक और राजनीतिक कटाक्ष से जुड़े कंटेंट के कारण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है। इसके कई पोस्ट और वीडियो को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोगों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा बताया, जबकि कुछ ने इसकी सामग्री पर आपत्ति जताई है।

याचिका में कथित तौर पर मंच से जुड़े लोगों की गतिविधियों और फर्जी वकीलों के नेटवर्क की जांच कराने की मांग की गई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मामले की तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए यह स्पष्ट संकेत दिया कि हर वायरल या चर्चित विषय पर आपात सुनवाई जरूरी नहीं होती।

अब माना जा रहा है कि याचिकाकर्ता नियमित प्रक्रिया के तहत मामले को सूचीबद्ध कराने की कोशिश करेगा, जिसके बाद भविष्य में इस पर सुनवाई हो सकती है।

सुप्रीम कोर्ट से पूर्व आबकारी आयुक्त को राहत, छत्तीसगढ़ शराब नीति घोटाले के दो मामलों में मिली जमानत

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास को कई करोड़ रुपये के शराब नीति घोटाले से जुड़े दो मामलों में जमानत दे दी। अदालत ने कहा कि अन्य सह-आरोपी पहले ही जमानत पर बाहर हैं और मुकदमों के निष्कर्ष तक पहुंचने में अभी काफी समय लगेगा।

प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने मुख्य मामले से जुड़े दो अलग-अलग मामलों और संबंधित धनशोधन मामले में सुनवाई करते हुए पूर्व अधिकारी को यह राहत प्रदान की।

पीठ ने कहा कि दास को कथित तौर पर इस मामले का “मुख्य सूत्रधार” बताया गया है, और उन पर आरोप है कि उन्होंने राज्य की आबकारी नीति तैयार करने में भूमिका निभाई ताकि अन्य सह-आरोपियों को लाभ पहुंचाया जा सके।

जमानत देते हुए प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि दास को दो अलग-अलग मामलों में क्रमशः 18 सितंबर 2025 और 19 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था।

अदालत ने उन पर वही जमानत शर्तें लागू कीं जो अन्य सह-आरोपियों पर लागू हैं। इसके तहत उन्हें राज्य से बाहर रहना होगा और वह केवल मुकदमे की सुनवाई तथा जांच में शामिल होने के लिए ही छत्तीसगढ़ आ सकेंगे।

हालांकि, पीठ ने यह भी कहा कि वह भविष्य में जमानत की शर्तों में ढील देने की मांग कर सकते हैं।

इससे पहले एक मार्च को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया को भी शराब घोटाले से जुड़े दो मामलों में जमानत दी थी।

लुधियाना में यू.पी.एस.सी. प्रीलिम्स परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न, 14 परीक्षा केंद्रों पर किए गए थे सख्त प्रबंध

लुधियाना /सत्ता संदेश

सुबह और दोपहर की दो शिफ्टों में हुई यू.पी.एस.सी. परीक्षा, हजारों उम्मीदवार हुए शामिल

डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन द्वारा यू.पी.एस.सी. परीक्षा केंद्रों का किया गया निरीक्षण

लुधियाना में यू.पी.एस.सी. परीक्षा दौरान सुरक्षा और सुविधाओं के पूरे इंतजाम मौजूद रहे

जिला प्रशासन ने रविवार को जिले भर के 14 केंद्रों पर संघ लोक सेवा आयोग (यू.पी.एस.सी.) सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के सुचारू और निष्पक्ष संचालन को सुनिश्चित किया।

4,353 पंजीकृत उम्मीदवारों में से 2,753 उम्मीदवार, जिनमें 1,300 पुरुष और 1,453 महिलाएं शामिल थीं, सुबह के सत्र में उपस्थित हुए, जबकि 2,758 उम्मीदवारों ने दोपहर के सत्र की परीक्षा दी, जिनमें 1,287 पुरुष और 1,442 महिलाएं शामिल थीं।

परीक्षा दो शिफ्टों में आयोजित की गई। पहला पेपर सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक आयोजित किया गया, जबकि दूसरा पेपर दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक आयोजित हुआ।

डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने परीक्षा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा, परिवहन, बैठने की व्यवस्था, पीने के पानी, निर्बाध बिजली आपूर्ति, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाओं सहित व्यापक प्रबंध किए थे।

निर्धारित परीक्षा केंद्रों में डी.सी.एम. प्रेसीडेंसी स्कूल, अर्बन एस्टेट-III, जमालपुर कॉलोनी, चंडीगढ़ रोड, लुधियाना; एम.जी.एम. पब्लिक स्कूल, अर्बन एस्टेट फेज-1, दुगरी, लुधियाना; भारती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, किचलू नगर, लुधियाना; आर.एस. मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, शास्त्री नगर, मॉडल टाउन, लुधियाना; और सरकारी कॉलेज फॉर गर्ल्स, रेख बाग, भारत नगर चौक, लुधियाना शामिल थे।

अतिरिक्त केंद्रों में एस.सी.डी. सरकारी कॉलेज, सिविल लाइंस, लुधियाना शामिल था, जहां परीक्षाएं इसकी पुरानी इमारत (ब्लॉक-ए), पी.टी.ए. बिल्डिंग (ब्लॉक-बी) और पी.जी. बिल्डिंग (ब्लॉक-सी) में आयोजित की गईं। इसके अलावा एस.डी.पी. कॉलेज फॉर वूमेन, दरेसी रोड; खालसा कॉलेज फॉर वूमेन, सिविल लाइंस; सरकारी कॉलेज फॉर गर्ल्स, रेख बाग (सब-सेंटर ए); मालवा सेंट्रल कॉलेज ऑफ एजुकेशन फॉर वूमेन, बसंत सिटी; स्कूल ऑफ एमिनेंस, मॉडल टाउन; और गुरु नानक देव इंजीनियरिंग कॉलेज (एम.बी.ए. ब्लॉक), गिल पार्क, गिल रोड, लुधियाना भी परीक्षा केंद्रों में शामिल थे।

प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पुरुष और महिला कर्मचारियों सहित आवश्यक पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई थी। परीक्षा के दौरान सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर उम्मीदवारों की तलाशी भी ली गई।

डीपीआईआईटी ने भव्य योजना के कार्यान्वयन के लिए दिशानिर्देश दिए


भव्य योजना के अन्तर्गत एकीकृत औद्योगिक अवसंरचना के माध्यम से भारत के विनिर्माण इकोसिस्टम को सुदृढ़ किया जाएगा

भव्य योजना के अंतर्गत 33,660 करोड़ रुपये के परिव्यय से 100 औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंग

भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने भव्य योजना के कार्यान्वयन के लिए विस्तृत परिचालन दिशानिर्देश जारी किए हैं। भव्य योजना एक ऐतिहासिक केंद्रीय क्षेत्र योजना है जिसका उद्देश्य देश भर में निवेश के लिए तैयार, विश्व स्तरीय औद्योगिक पार्क विकसित करना है।

भव्य परियोजना को मेक इन इंडिया, पीएम गति शक्ति और भारत को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी विनिर्माण गंतव्य के रूप में स्थापित करने के सरकार के व्यापक दृष्टिकोण के उद्देश्यों के अनुरूप एकीकृत औद्योगिक बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से भारत के विनिर्माण इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने के लिए डिजाइन किया गया है।

इस योजना के तहत 2026-27 से 2031-32 तक छह वर्षों की अवधि में 100 औद्योगिक पार्कों के विकास की प्रतिस्पर्धी योजना है, जिसके लिए कुल लगभग 33,660 करोड़ रुपये का वित्तीय परिव्यय किया गया है। पहले चरण में, प्रतियोगिता-आधारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से अधिकतम 50 औद्योगिक पार्कों का चयन किया जाएगा।

इन दिशा-निर्देशों में योजना के अंतर्गत औद्योगिक पार्कों के लिए पात्रता मानदंड, परियोजना चयन पद्धति, वित्तपोषण संरचना, शासन संरचना, निगरानी प्रणाली और कार्यान्वयन तौर-तरीकों को शामिल करते हुए एक व्यापक ढांचा निर्धारित किया गया है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्लग-एंड-प्ले बुनियादी ढांचे, बहुआयामी लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी, विश्वसनीय उपयोगिता प्रणालियों, श्रमिक-सहायक बुनियादी ढांचे, डिजिटल शासन प्रणालियों और सतत विकास सुविधाओं से युक्त “निवेश के लिए तैयार” औद्योगिक इकोसिस्टम का निर्माण करना है।

दिशानिर्देशों में ग्रीनफील्ड और पात्र ब्राउनफील्ड औद्योगिक पार्कों के विकास का प्रावधान है। गैर-पहाड़ी राज्यों के लिए न्यूनतम भूमि की आवश्यकता 100 एकड़ और पहाड़ी राज्यों, पूर्वोत्तर राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और छोटे राज्यों के लिए 25 एकड़ निर्धारित की गई है। योजना में 1000 एकड़ तक के बड़े पार्कों पर भी विचार करने की अनुमति है।

चुनौती-आधारित चयन ढांचे के अन्तर्गत, प्रस्तावों का मूल्यांकन बहुआयामी कनेक्टिविटी, स्थल की उपयुक्तता, बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता, औद्योगिक इकोसिस्टम की मजबूती, नीतिगत सुविधा, डिजिटल शासन की तैयारी और दीर्घकालिक स्थिरता सहित वस्तुनिष्ठ मापदंडों पर किया जाएगा।

इन दिशानिर्देशों में भूमिगत उपयोगिता प्रणालियों, जल और अपशिष्ट प्रबंधन अवसंरचना, सामान्य अपशिष्ट उपचार प्रणालियों, नवीकरणीय ऊर्जा अवसंरचना, श्रमिक आवास, परीक्षण प्रयोगशालाओं, डिजिटल सिंगल-विंडो सिस्टम, कौशल विकास सुविधाओं और एकीकृत सामान्य अवसंरचना जैसे घटकों के लिए अवसंरचना की गुणवत्ता के मूल्यांकन का प्रावधान है।

भव्य योजना के अंतर्गत परियोजनाओं का कार्यान्वयन कंपनी अधिनियम, 2013 के अन्तर्गत निगमित विशेष प्रयोजन वाहनों (एसपीवी) के माध्यम से किया जाएगा। एसपीवी परियोजना नियोजन, विकास, संचालन, प्रबंधन, निवेशक सुविधा प्रदान करने और योजना के अंतर्गत निर्मित परिसंपत्तियों के दीर्घकालिक रखरखाव के लिए जिम्मेदार होंगे।

इस योजना के अन्तर्गत एसपीवी को हस्तांतरित भूमि के मूल्य और निर्धारित परियोजना लक्ष्यों की प्राप्ति से जुड़ी इक्विटी अंशदान के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (एनआईसीडीसी) को योजना के कार्यान्वयन और निगरानी के लिए परियोजना प्रबंधन एजेंसी (पीएमए) के रूप में नामित किया गया है।

दिशानिर्देशों में परियोजना-विशिष्ट एसपीवी के माध्यम से औद्योगिक पार्क विकास में निजी डेवलपर्स की भागीदारी के लिए संरचित प्रावधान भी दिए गए हैं, जिनमें स्पष्ट रूप से परिभाषित शासन ढांचे, पारदर्शिता सुरक्षा उपाय और जवाबदेही तंत्र शामिल हैं।

प्रभावी कार्यान्वयन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, दिशानिर्देशों में जीआईएस-आधारित निगरानी प्रणाली, आवधिक प्रगति रिपोर्टिंग, लेखापरीक्षा तंत्र और डीपीआईआईटी के सचिव की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय स्तर की संचालन समिति द्वारा निरीक्षण को शामिल किया गया है।

योजना के दिशानिर्देशों में रसद, कौशल विकास, स्थिरता, नवीकरणीय ऊर्जा, उपयोगिता अवसंरचना और औद्योगिक विकास के लिए संबंधित केंद्रीय और राज्य सरकार की पहलों के साथ समन्वय स्थापित करने का प्रावधान भी है।

दिशानिर्देशों का प्रकाशन भव्य योजना के संचालन और वैश्विक स्तर पर मानकीकृत औद्योगिक बुनियादी ढांचे के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो बड़े पैमाने पर विनिर्माण निवेश को आकर्षित करने, घरेलू आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने, रोजगार सृजित करने और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं के साथ भारत के एकीकरण को बढ़ाने में सक्षम है।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: दिल्ली जिमखाना क्लब को 5 जून तक परिसर खाली करने का निर्देश

नयी दिल्ली: केंद्र सरकार ने लुटियंस दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित Delhi Gymkhana Club को 5 जून तक अपना परिसर केंद्र सरकार को सौंपने का निर्देश दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह भूमि रक्षा ढांचे और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से आवश्यक है।

सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय रणनीतिक और प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिसमें राजधानी क्षेत्र में रक्षा संबंधी सुविधाओं के विस्तार और सुरक्षा ढांचे को और अधिक मजबूत करना शामिल है। सरकार का कहना है कि लुटियंस दिल्ली क्षेत्र में कुछ संपत्तियों का पुनर्संरचना और पुनः उपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के अनुरूप किया जा रहा है।

इस निर्देश के बाद क्लब प्रशासन और सरकार के बीच आगे की प्रक्रिया को लेकर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, अभी तक क्लब की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Delhi Gymkhana Club देश के सबसे पुराने और प्रमुख सामाजिक क्लबों में से एक माना जाता है, जहां लंबे समय से प्रशासनिक, कूटनीतिक और सामाजिक वर्ग की गतिविधियां होती रही हैं।

सरकारी आदेश के बाद लुटियंस दिल्ली क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है और इस फैसले को लेकर कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं पर भी निगरानी रखी जा रही है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह आज नई दिल्ली में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अलंकरण समारोह और रुस्तमजी स्मृति व्याख्यान में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए


नई दिल्ली / सत्ता संदेश

BSF के जवानों का सम्मान, राष्ट्र के प्रति अडिग निष्ठा, कर्तव्यपरायणता और पूर्ण समर्पण का प्रतीक है

मोदी सरकार अगले एक साल में ड्रोन, राडार, आधुनिक कैमरा और तकनीकों से लैस ‘Smart Border Project’ लाकर अभेद्य बॉर्डर ग्रिड बनाएगी

त्रिपुरा, असम और पश्चिम बंगाल में घुसपैठ रोकने के लिए संकल्पित सरकारें हैं, BSF इनके साथ मिलकर काम करें

गृह मंत्री ने त्रिपुरा, असम और पश्चिम बंगाल में BSF को जिला प्रशासनों, पुलिस थानों, पंचायत और पटवारियों के साथ मिलकर घुसपैठ रोकने के लिए काम करने के निर्देश दिए

बॉर्डर सिक्योरिटी आइसोलेटेड ड्यूटी नहीं, टेरिटोरियल रिस्पॉन्सिबिलिटी है

मोदी सरकार का इंटरनल सिक्योरिटी का विजन – समस्याओं को जड़ से उखाड़ फेंकना है, ‘नक्सलवाद के बाद अब घुसपैठ समाप्त होगी’

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा साइबर थ्रेट्स, हाइब्रिड वॉरफेयर और ड्रोन वॉरफेयर से निपटने के लिए ‘नई बॉर्डर सिक्योरिटी स्ट्रेटेजी’ लायेंगे

मोदी सरकार बॉर्डर पर ‘टेक्नोलॉजी-ड्रिवन स्मार्ट सिक्योरिटी ग्रिड’ खड़ी करने का रोडमैप तैयार कर रही है

वह जमाना चला गया, जब आतंकी हमले और नक्सलवादी बेखौफ नरसंहार करते थे और सरकारें सिर्फ़ वार्ता करती थीं, यह नई डिफेंस डॉक्ट्रिन है, मोदी डॉक्ट्रिन है

मोदी जी ने High Powered Demography Mission की घोषणा की, जल्दी ही इसकी कमेटी बना कर काम शुरू हो जाएगा

हम भारत में Unnatural Demographic Change नहीं होने देंगे, एक-एक घुसपैठियों को बाहर निकालेंगे

दो महीने के अंदर ही मोदी सरकार सभी CAPF जवानों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए एक बहुत बड़ा कार्यक्रम लेकर आएगी

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह आज नई दिल्ली में सीमा सुरक्षा बल के अलंकरण समारोह और रुस्तमजी स्मृति व्याख्यान में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर निदेशक, आसूचना ब्यूरो, सचिव, सीमा प्रबंधन और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के महानिदेशक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि यह अलंकरण समारोह बल की अडिग निष्ठा, कतर्व्यपरायणता और राष्ट्र के प्रति पूर्ण समर्पण का प्रतीक है। 1965 के युद्ध के बाद सीमाओं की सुरक्षा व्यवस्था में पाए गए गैप्स और कमियों का गहन अध्ययन करने के बाद एक ऐसे बल की आवश्यकता महसूस की गई जो शांति काल में भी हमारी सीमाओं की सुरक्षा करे। उस समय पद्म विभूषण श्री के एफ रुस्तम जी के नेतृत्व में बीएसएफ का गठन हुआ और तब से इस बल ने पूरे देश की सीमाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि श्री रुस्तम जी ने सीमा सुरक्षा बल की जो नींव डाली उस पर सुरक्षा के क्षेत्र में एक भव्य इमारत बनाने का काम आज बीएसएफ ने किया है जो देश के लिए गौरव की बात है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने बीएसएफ की महिला टीम द्वारा माउंट एवरेस्ट पर सफल आरोहण करने की ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए दल के सभी सदस्यों और सीमा सुरक्षा बल के सभी जवानों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि एवरेस्ट की चोटी पर जब वंदे मातरम गाया जाता है तो यहां दिल्ली में बैठकर भी हमारे मन में बहुत आनंद और संतोष की अनुभूति होती है। गृह मंत्री ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल की वीरांगनाओं को विश्व की सबसे ऊंची चोटी पर वंदे मातरम का गान करने का सौभाग्य मिला है।

श्री अमित शाह ने कहा कि सीमा सुरक्षा के क्षेत्र में आज कई प्रकार की नई चुनौतियां हमारे सामने खड़ी हैं। अवैध घुसपैठ, नारकोटिक्स की तस्करी, गौ तस्करी, नकली करेंसी, संगठित अपराध, ड्रोन से हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी सहित कई प्रकार की चुनौतियां सीमा सुरक्षा बल के सामने हैं, लेकिन बीएसएफ ने लगातार इन चुनौतियों से निपटने का सुनियोजित प्रयास किया है। श्री शाह ने कहा कि बीएसएफ ने अपने पास उपलब्ध संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करते हुए इन सभी चुनौतियों के बखूबी सामना कर देश की सुरक्षा करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इस बल की भूमिका को और अधिक समन्वित और व्यापक करना होगा।

श्री अमित शाह ने कहा कि अब हम केवल पारंपरिक तरीके से सीमाओं की सुरक्षा नहीं कर सकते। हमें राज्य पुलिस, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPFs), अन्य सशस्त्र बल, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), खुफिया एजेंसियों और राज्य प्रशासन के साथ मिलकर सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करना पड़ेगा तभी हम इन नई चुनौतियों का सामना कर सकेंगे। हमें सीमा सुरक्षा को एक आइसोलेटेड ज़िम्मेदारी के रूप में देखने की जगह एक टेरिटोरियल रिस्पांसिबिलिटी के रूप में देखना होगा तभी हम इन सभी चुनौतियों को पार करने में सफल होंगे। श्री शाह ने यह भी कहा कि हमें आने वाले खतरों को भी देखना पड़ेगा। हमारी जिम्मेदारी है कि सीमापार से घुसपैठ द्वारा कृत्रिम तरीके से जनसांख्यिकी में किए जा रहे बदलाव को रोकने के लिए भी हमें सतर्क और सजग रहना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि नार्कोटिक्स और फेक करंसी के हमले से हमारे अर्थ तंत्र को खोखला करने के प्रयास के प्रति भी हमें सतर्क रहना होगा। साइबर चुनौतियां, हाइब्रिड वॉरफेयर और ड्रोन के खतरों के लिए एक नई रणनीति के साथ हमें काम करना होगा।  

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सियाचिन और कश्मीर की बर्फीली पहाड़ियां, कुपवाड़ा, केरन और उरी जैसे दुर्गम क्षेत्र, राजस्थान का रण, कच्छ का छोटा रण, सरक्रीक के दलदली नाले, सुंदरवन के घने जंगल, त्रिपुरा, मेघालय और मिजोरम की कठिन पूर्वी सीमाएं और ब्रह्मपुत्र से जुड़े कठिन संवेदनशील नदी क्षेत्रों के बीच सीमा सुरक्षा बल डटा हुआ है। इसी कारण 1965 में महज 25 बटालियनों से अल्प संसाधनों के साथ शुरू हुआ सीमा सुरक्षा बल, आज 2,70,000 की नफरी के साथ विश्व का सबसे बड़ा सीमा सुरक्षा बल बन गया है।

श्री अमित शाह ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद हमारी रक्षा नीति और सीमाओं की सुरक्षा के बारे में हमारे नजरिए में आमूलचूल परिवर्तन आया है। पाकिस्तान द्वारा किए गए तीनों हमलों का हमने जवाब दिया है, चाहे उरी हो, पुलवामा हो या पहलगाम हो। हमने सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से पाकिस्तान के अंदर उनके मर्मस्थान पर प्रहार कर मुंहतोड़ जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि वह ज़माना गया कि आतंकी हमलों के बाद वार्ताएं होती थीं, नक्सलवादी बेखौफ होकर जनसंहार करते थे और सरकारें सिर्फ़ वार्ता करती थीं। हमने अपने सुरक्षा परिदृश्य को भारत के संविधान की स्पिरिट के साथ मज़बूत बनाने का काम किया है। यह एक प्रकार से नए Defence Doctrine की घोषणा है और इसमें सीमा सुरक्षा बल का बहुत बड़ा योगदान रहा है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत सरकार और गृह मंत्रालय, सीमा को एक स्मार्ट बॉर्डर बनाने में सीमा सुरक्षा बल को तकनीकी सहायता प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि बीएसएफ़ द्वारा किए जा रहे कई प्रयोगों के साथ एक मजबूत सुरक्षा ग्रिड बनाने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। आने वाले 1 साल के अंदर ही स्मार्ट बॉर्डर कंसेप्ट के साथ सीमा सुरक्षा की सुरक्षा में सभी प्रकार की तकनीक को समाहित कर एक अभेद्य बॉर्डर का सुरक्षा ग्रिड बनाने का काम आगे बढ़ रहा है। गृह मंत्रालय बहुत जल्दी, ड्रोन, रडार, आधुनिक कैमरा और अन्य नई तकनीक के साथ एक स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट को देश के सामने लेकर आएगा। गृह मंत्री ने कहा कि इस शुरूआत के बाद सीमा सुरक्षा बल का काम काफी सरल भी हो जाएगा और इसे मजबूती भी मिलेगी।

श्री अमित शाह ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल की स्थापना के 60वें साल में ही हम स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट की शुरूआत कर बांग्लादेश और पाकिस्तान की पूरी सीमा को अभेद्य बना देंगे जिससे बीएसएफ़ को बहुत बड़ी तकनीकी सहायता उपलब्ध हो जाएगी। इससे पराक्रम, शौर्य, समर्पण, देशभक्ति के साथ-साथ एक मजबूत तकनीकी सपोर्ट भी बल के पास उपलब्ध होगा जिससे हम दोनों सीमाओं को और अधिक सुरक्षित कर देंगे।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार ने तय किया है कि हम न केवल घुसपैठ को रोकेंगे, बल्कि एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुन कर देश से बाहर निकाल देंगे और अपनी जनसांख्यिकी में कृत्रिम बदलाव नहीं होने देंगे। सीमा सुरक्षा बल को जनसांख्यिकी में बदलाव करने के षड्यंत्र को रोकना होगा। उन्होंने कहा कि अब त्रिपुरा, असम और पश्चिम बंगाल में ऐसी सरकारें हैं जो नीतिगत रूप से मानती है कि देश में घुसपैठ नहीं होनी चाहिए। यह सीमा सुरक्षा बल की जिम्मेदारी है कि हम न केवल सीमाओं की सुरक्षा करें बल्कि गांव के पटवारी, थाने, डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर, DDO, जिला पुलिस अधीक्षक के साथ हमारा संवाद होना चाहिए। कौन नया घुसपैठिया आया है, उसके आने का क्या रूट है, कहां से तस्करी, गौ तस्करी हो रही है? इन सभी रूट्स को चुन-चुन कर बंद करना और समाप्त करना बीएसएफ की जिम्मेदारी है। इनसे मिली हुई सारी सूचना का उपयोग कर घुसपैठियों को निकालने और रोकने की एक सुचारू व्यवस्था बनानी चाहिए। गृह मंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि सालों से बेरोक-टोक चल रही घुसपैठ को हमें रोकना होगा।

श्री अमित शाह ने कहा कि भारत सरकार के अडिग और दृढ़ निश्चय के कारण पांच दशक पुरानी नक्सलवाद की समस्या आज समाप्त हो गई है और भारत नक्सल मुक्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि हमारे जवानों ने यह कर दिखाया है। गृह मंत्री ने कहा कि समस्या को बनाए रखना या कंट्रोल में रखना सुरक्षा का दृष्टिकोण नहीं हो सकता, बल्कि समस्या को समूल समाप्त करना ही सुरक्षा का दृष्टिकोण हो सकता है। उन्होंने कहा कि अब घुसपैठ के लिए भी बीएसएफ को इसी दृढ़ता के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि वाइब्रेंट विलेजेज-1 और वाइब्रेंट विलेजेज -2 सीमा सुरक्षा बल के सहयोग से एक लोकतांत्रिक तरीके से चलाया गया विकास कार्यक्रम है। बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को 15 किलोमीटर से बढ़ाकर हमने 50 किलोमीटर किया है और पश्चिम बंगाल सरकार को जो भूमि देनी थी उसका निर्णय भी हो चुका है।

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने High-Powered Demography Mission की घोषणा की है और जल्दी ही इसकी कमेटी बना कर काम शुरू हो जाएगा। हमें दोनों देशों की सीमाओं पर आने वाले दिनों में एक मजबूत सुरक्षा ग्रिड बनानी होगी और इसके लिए एक बहुत बड़ा अभियान भी चलाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बीएसएफ का 60वां वर्ष एक स्मार्ट बॉर्डर बनाने और  बीएसएफ के जवानों के कल्याण का भी वर्ष है। श्री शाह ने कहा कि दो महीने के अंदर ही नरेन्द्र मोदी सरकार बीएसएफ और सभी सीएपीएफ के जवानों के कल्याण के लिए एक बहुत बड़ा कार्यक्रम लाएगी। इसके बाद हमारे जवान सुनिश्चित होकर सीमाओं की सुरक्षा कर सकेंगे और उनके परिवारजनों की चिंता भारत सरकार का गृह मंत्रालय करेगा।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नारकोटिक्स के खिलाफ भी हम देश में एक बहुत बड़ा अभियान चलाने जा रहे हैं और इसमें भी सीमा सुरक्षा बल की बहुत अहम भूमिका होगी। बीएसएफ़ की सतर्कता से दोनों तरफ की सूचनाएं एकत्रित कर नारकोटिक्स के खिलाफ लड़ाई में भी इस बल का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि आने वाले तीन-चार साल सीमा सुरक्षा में संपूर्ण बदलाव के वर्ष होंगे। उन्होंने कहा कि तकनीकी सहायता मिलने से जवानों की जिम्मेदारी कम नहीं होती, बल्कि बढ़ती है। श्री शाह ने कहा कि तकनीक को आत्मसात कर, स्थानीय लोगों से संवाद प्रस्थापित कर, स्थानीय प्रशासन से तालमेल बढ़ाते हुए हमें इस देश को घुसपैठ से मुक्त करने का लक्ष्य हासिल करना है।