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मुजफ्फरनगर: पारिवारिक विवाद में दामाद ने महिला को चाकू मारकर घायल किया

मुजफ्फरनगर (उप्र), तीन मार्च (भाषा) जिले के बुढाना कस्बे में पारिवारिक विवाद में 48 वर्षीय एक महिला को उसके दामाद ने कथित तौर पर चाकू मार दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

बुढाना के थाना प्रभारी सुभाष अत्री ने बताया कि यह घटना सोमवार शाम को हुई, जब आरोपी शोएब अपनी पत्नी को अपने साथ ले जाने के लिए ससुराल आया था।

उन्होंने बताया कि इस दौरान उसके और उसकी सास फरीदा के बीच कहा-सुनी हो गई।

अधिकारी ने बताया कि गुस्से में आकर शोएब ने कथित तौर पर फरीदा पर चाकू से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। हमले के बाद शोएब मौके से भाग गया।

घायल महिला को पहले सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया और बाद में चोटों की गंभीरता को देखते हुए बड़े अस्पताल में भेजा गया।

अत्री ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान चलाया, जो फिलहाल फरार है। मामले की जांच जारी है।

खामेनेई की हत्या पर सरकार की चुप्पी तटस्थता नहीं, संसद में चर्चा होनी चाहिए: सोनिया गांधी

नयी दिल्ली, तीन मार्च (भाषा) कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की ‘‘लक्षित हत्या’’ पर मोदी सरकार की ‘‘चुप्पी’’ को लेकर मंगलवार को उस पर तीखा हमला बोला और कहा कि उसका यह रुख भारत की विदेश नीति की दिशा और विश्वसनीयता पर गंभीर संदेह पैदा करता है।

उन्होंने अंग्रेजी दैनिक अखबार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में प्रकाशित अपने लेख में यह भी कहा कि आगामी नौ मार्च से जब संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की बैठक शुरू हो तो अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के भंग होने पर सरकार की ‘‘परेशान करने वाली चुप्पी’’ पर स्पष्ट चर्चा होनी चाहिए।

सोनिया गांधी ने कहा, ‘‘जारी कूटनीतिक वार्ता के बीच किसी पदासीन राष्ट्राध्यक्ष की हत्या समकालीन अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक भयावह विघटन का संकेत है। लेकिन इस स्तब्ध कर देने वाली घटना से परे नयी दिल्ली की चुप्पी भी हैरान करने वाली है।’’

उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने न तो इस हत्या और न ही ईरान की संप्रभुता के उल्लंघन की निंदा की है।

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘‘अमेरिका-इज़राइल के व्यापक हमले की अनदेखी करते हुए, प्रधानमंत्री ने केवल ईरान द्वारा संयुक्त अरब अमीरात पर किए गए प्रतिशोधी हमले की निंदा तक स्वयं को सीमित रखा और उससे पहले के घटनाक्रमों का उल्लेख नहीं किया। बाद में उन्होंने ‘‘गहरी चिंता’’ व्यक्त की और ‘‘संवाद और कूटनीति’’ की बात की, जबकि यही प्रक्रिया इज़राइल और अमेरिका द्वारा किए गए व्यापक, अकारण हमलों से पहले जारी थी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब किसी विदेशी नेता की लक्षित हत्या पर हमारा देश संप्रभुता या अंतरराष्ट्रीय कानून की स्पष्ट रक्षा नहीं करता और निष्पक्षता त्याग दी जाती है, तो यह हमारी विदेश नीति की दिशा और विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। मौन रहना तटस्थता नहीं है।’’

सोनिया गांधी ने कहा कि ईरानी नेता की हत्या बिना किसी औपचारिक युद्ध घोषणा के और चल रही राजनयिक प्रक्रिया के दौरान की गई।

उन्होंने कहा, ‘‘संयुक्त राष्ट्र चार्टर का अनुच्छेद 2 (4) किसी भी राष्ट्र की क्षेत्रीय अखंडता या राजनीतिक स्वतंत्रता के विरुद्ध बल के प्रयोग या धमकी को प्रतिबंधित करता है। किसी सेवारत राष्ट्राध्यक्ष की लक्षित हत्या इन सिद्धांतों पर सीधा प्रहार है।’’

उन्होंने तर्क दिया कि यदि ऐसे कृत्यों पर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र द्वारा सैद्धांतिक आपत्ति न जतायी जाए तो अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के क्षरण को सामान्य बनाना आसान हो जाता है।

सोनिया गांधी ने कहा, ‘‘समय की दृष्टि से भी यह असहज करने वाला है। हत्या से मात्र 48 घंटे पहले प्रधानमंत्री इज़राइल की यात्रा से लौटे थे, जहां उन्होंने बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार के प्रति स्पष्ट समर्थन दोहराया, जबकि गाज़ा संघर्ष में बड़ी संख्या में नागरिको, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की मौतों पर वैश्विक आक्रोश बना हुआ है।’’

उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब ‘ग्लोबल साउथ’ के कई देश, साथ ही रूस और चीन जैसे भारत के ब्रिक्स साझेदार दूरी बनाए हुए हैं, भारत का उच्च स्तरीय राजनीतिक समर्थन, बिना नैतिक स्पष्टता के एक चिंताजनक बदलाव का संकेत देता है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत का रुख इस त्रासदी के प्रति मौन समर्थन का संकेत दे रहा है।

उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि कांग्रेस ने ईरानी धरती पर हुए बम हमलों और लक्षित हत्याओं की स्पष्ट रूप से निंदा की है।

सोनिया गांधी ने कहा, ‘‘हमने ईरानी जनता और विश्वभर के शिया समुदायों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और दोहराया है कि भारत की विदेश नीति विवादों के शांतिपूर्ण समाधान पर आधारित है, जैसा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 51 में परिलक्षित है।’’

उनके मुताबिक, संप्रभु समानता, हस्तक्षेप नहीं करना और शांति को बढ़ावा देना वे सिद्धांत हैं जो ऐतिहासिक रूप से भारत की कूटनीतिक पहचान का हिस्सा रहे हैं।

सोनिया गांधी ने कहा, ‘‘इसलिए वर्तमान सरकार की चुप्पी केवल सामरिक नहीं, बल्कि हमारे घोषित सिद्धांतों के विपरीत प्रतीत होती है। भारत के लिए यह प्रकरण विशेष रूप से चिंताजनक है।’’

सोनिया गांधी ने सवाल किया कि यदि आज ईरान के मामले में संप्रभुता की अवहेलना पर हम संकोच करते हैं, तो कल ‘ग्लोबल साउथ’ के देश अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए भारत पर कैसे भरोसा करेंगे?

उन्होंने कहा, ‘‘इस विषय के समाधान का उपयुक्त मंच संसद है। जब कार्यवाही फिर से शुरू होगी, तो अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के इस विघटन पर भारत की चुप्पी को लेकर खुली और स्पष्ट चर्चा होनी चाहिए।’’

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष की लक्षित हत्या, अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का क्षरण और पश्चिम एशिया में बढ़ती अस्थिरता, सीधे भारत के सामरिक हितों और नैतिक प्रतिबद्धताओं से जुड़े हुए विषय हैं।

सोनिया गांधी ने कहा, ‘‘भारत के स्पष्ट रुख की अभिव्यक्ति में अब विलंब नहीं होना चाहिए। लोकतांत्रिक जवाबदेही और रणनीतिक स्पष्टता इसकी मांग करती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारत लंबे समय से ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के आदर्श का आह्वान करता रहा है। यह केवल औपचारिक कूटनीति का नारा नहीं, बल्कि न्याय, संयम और संवाद के प्रति प्रतिबद्धता का संकेत है, चाहे वह असुविधाजनक ही क्यों न हो।’’

रियाल मैड्रिड की लगातार दूसरी हार से बार्सिलोना की स्थिति मजबूत

मैड्रिड, तीन मार्च (एपी) रियाल मैड्रिड की स्पेनिश फुटबॉल लीग ला लीगा में लगातार दूसरी हार के कारण बार्सिलोना ने अंक तालिका में शीर्ष पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।

गेटाफे ने सैंटियागो बर्नबेउ स्टेडियम में मार्टिन सैट्रियानो के गोल की मदद से रियाल मैड्रिड को 1-0 से हराकर चौंकाने वाली जीत हासिल की। इस हार से रियाल मैड्रिड अपने चिर प्रतिद्वंद्वी बार्सिलोना से चार अंकों के अंतर को कम करने में असफल रहा।

बार्सिलोना के अब 26 मैच में 64 अंक जबकि रियाल मैड्रिड के इतने ही मैच में 60 अंक हैं। एटलेटिको मैड्रिड और विलारियाल 26 मैच में 51 अंक लेकर क्रमशः तीसरे और चौथे स्थान पर हैं। गेटाफे के 26 मैच में 32 अंक हैं और वह 11वें स्थान पर है।

गेटाफे को रियाल मैड्रिड के खिलाफ अपने पिछले सभी आठ लीग मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा था। गोलकीपर डेविड सोरिया ने शुरू में कुछ शानदार बचाव करके अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

विश्व कप फुटबॉल में ईरान की जगह ले सकता है इराक

जेनेवा, तीन मार्च (एपी) विश्व कप के सह मेजबान अमेरिका की पहल पर मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के बढ़ने के कारण तीन महीने बाद होने वाली फुटबॉल की सबसे बड़ी प्रतियोगिता में ईरान का भाग लेना संदिग्ध है और ऐसी स्थिति में उसकी जगह इराक या यूएई को दी जा सकती है।

ईरान को विश्व कप के ग्रुप चरण के अपने तीनों मैच अमेरिका में खेलने हैं। उसे ग्रुप जी में रखा गया है और उसे इंग्लेवुड, कैलिफोर्निया में 15 जून को न्यूजीलैंड और 21 जून को बेल्जियम के खिलाफ मैच खेलने हैं। इसके बाद वह 26 जून को सिएटल में मिस्र के खिलाफ पहले दौर का अपना अंतिम मैच खेलेगा।

अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद ईरान ने भी जवाबी हमले किए। उसने 2022 विश्व कप के मेजबान कतर और सऊदी अरब सहित अमेरिका के सहयोगियों पर मिसाइलें दागीं। विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा ने सऊदी अरब को विश्व कप 2034 के लिए मेजबान चुना है।

एशियाई फुटबॉल महासंघ के उपाध्यक्ष और ईरान के शीर्ष फुटबॉल अधिकारी मेहदी ताज ने कहा, ‘‘निश्चित रूप से इस हमले के बाद हम विश्व कप में भाग लेने को लेकर उम्मीद की दृष्टि से नहीं देख सकते।’’

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान 11 जून से शुरू होने वाले विश्व कप के लिए अपनी टीम भेजेगा या नहीं या अमेरिका की सरकार उसकी टीम को अपने यहां आने से रोकेगी या नहीं। फीफा ने शनिवार से इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था।

एशियाई फुटबॉल की महाशक्ति ईरान ने पिछले आठ विश्व कप में से छह के लिए क्वालीफाई किया है। वह 211 टीमों की फीफा विश्व रैंकिंग में 20वें स्थान पर है।

अगर ईरान विश्व कप से हट जाता है तो उसके फुटबॉल महासंघ को कम से कम 10.5 मिलियन डॉलर का नुकसान होगा। उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

यदि ईरान विश्व कप से हटता है तो एशिया से उसके संभावित विकल्प इराक या संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) हो सकते हैं।

इराक और यूएई एशियाई क्वालीफाइंग में नौवें और दसवें स्थान पर रहे थे। इराक ने प्लेऑफ में यूएई को हरा दिया था और विश्व कप में जगह बनाने के लिए उसे 31 मार्च को बोलीविया या सूरीनाम के खिलाफ मैच खेलना है। इस मैच में जीत से वह विश्व कप में जगह बना लेगा लेकिन अगर उसे हार भी मिलती है तो ईरान के हटने की स्थिति में उसे इस फुटबॉल प्रतियोगिता में खेलने का मौका मिल सकता है।

अमृतसर में खौफनाक वारदात: मजदूरी के पैसे मांगने गए पेंटर की लोहे की रॉड मारकर हत्या

पंजाब डेस्क : पंजाब के अमृतसर स्थित अशियाना कॉलोनी से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ अपने हक की कमाई मांगने गए एक गरीब युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान गुरजीत सिंह के रूप में हुई है, जो पेशे से पेंटर था और मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का गुजारा चला रहा था।

25 दिन की मजदूरी का था विवाद: परिजनों के अनुसार, गुरजीत सिंह ने अशियाना नगर के एक घर में पेंट का काम किया था, जिसकी 25 दिनों की मजदूरी बकाया थी। कई बार पैसे मांगने पर भी जब सुनवाई नहीं हुई, तो वह खुद पैसे लेने उस घर पहुँच गया। वहाँ पैसों को लेकर हुई मामूली बहस ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया।

लोहे की रॉड से हमला: आरोप है कि घर में मौजूद कुछ व्यक्तियों ने गुरजीत सिंह पर लोहे की रॉड और डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमला इतना भयानक था कि गुरजीत ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और मृतक के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

पुलिस की कार्रवाई: सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान के लिए आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और चश्मदीदों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। परिजनों ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग की है।

T20 वर्ल्ड कप 2026: क्या एक ही दिन होंगे दोनों सेमीफाइनल? जानें ICC का वह खास नियम जो बदल सकता है पूरा रोमांच

स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2026 अब अपने निर्णायक मोड़ यानी नॉकआउट स्टेज पर पहुंच गया है, जहां एक भी हार टीम का सपना तोड़ सकती है। सेमीफाइनल के लिए साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड, भारत और इंग्लैंड की टीमें अपनी जगह पक्की कर चुकी हैं। हालांकि, क्रिकेट फैंस के लिए आईसीसी (ICC) का एक खास नियम चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसके तहत दोनों सेमीफाइनल मुकाबले एक ही दिन खेले जा सकते हैं।

सेमीफाइनल का शेड्यूल और नियम: टूर्नामेंट का पहला सेमीफाइनल 4 मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच होना है। वहीं, दूसरा सेमीफाइनल 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में टीम इंडिया और इंग्लैंड के बीच खेला जाएगा। आईसीसी ने इन मैचों के लिए ‘रिजर्व डे’ का प्रावधान रखा है। यदि 4 मार्च को होने वाला पहला मैच बारिश या खराब मौसम के कारण पूरा नहीं हो पाता है, तो उसे 5 मार्च (रिजर्व डे) को पूरा किया जाएगा।

एक ही दिन दो मुकाबले: आईसीसी के नियम के अनुसार, यदि पहला सेमीफाइनल रिजर्व डे पर शिफ्ट होता है, तो 5 मार्च को ही दोनों सेमीफाइनल खेले जाएंगे। ऐसी स्थिति में मैचों का समय आपस में न टकराए, इसके लिए रिजर्व डे वाला मैच दोपहर 3 बजे शुरू किया जाएगा, जबकि दूसरा सेमीफाइनल अपने निर्धारित समय शाम 7 बजे ही होगा। यह लचीलापन इसलिए रखा गया है ताकि 8 मार्च को होने वाले फाइनल के शेड्यूल पर कोई असर न पड़े।

विवाद और चर्चाएं: सेमीफाइनल से पहले पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज सकलैन मुश्ताक ने आईसीसी पर टीम इंडिया को फायदा पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर, भारतीय खेमे से दुखद खबर यह है कि टूर्नामेंट के बीच में ही बल्लेबाज रिंकू सिंह के पिता का कैंसर के कारण निधन हो गया है। इन सबके बावजूद, फैंस को उम्मीद है कि 8 मार्च को होने वाले फाइनल में भारत अपनी जगह पक्की करेगा।

विजय देवरकोंडा के गांव में ‘नई बहू’ रश्मिका का ग्रैंड वेलकम: 3 हजार लोगों को खिलाया खाना, बच्चों के लिए किया बड़ा ऐलान

मनोरंजन डेस्क : साउथ सुपरस्टार विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की शादी के बाद अब उनके पैतृक गांव थुम्मनपेटा (Thummanapeta) में जश्न का माहौल है। शादी के बाद कपल ने हनीमून पर जाने के बजाय पारंपरिक रस्मों को पूरा करने को प्राथमिकता दी है। सोमवार को विजय के गांव में रश्मिका का ‘नई बहू’ के रूप में भव्य स्वागत हुआ, जहां कपल ने अपने नए घर में गृह प्रवेश और सत्यनारायण पूजा संपन्न की।

गांव में यादगार जश्न और भोज: इस खास मौके पर विजय और रश्मिका की एक झलक पाने के लिए पूरा गांव इकट्ठा हुआ। कपल ने ग्रामीणों के लिए एक विशाल भोज का आयोजन किया, जिसमें लगभग 3,000 लोगों को खाना खिलाया गया। विजय ने स्टेज पर आकर ग्रामीणों को रश्मिका से मिलवाया और रश्मिका ने भी हाथ जोड़कर सभी के प्यार के लिए आभार व्यक्त किया।

स्कॉलरशिप का बड़ा सरप्राइज: खुशी के इस अवसर पर विजय देवरकोंडा ने एक बड़ा ऐलान करते हुए ‘देवरकोंडा चैरिटेबल ट्रस्ट’ के तहत स्कॉलरशिप देने की घोषणा की। यह सौगात तेलंगाना के नागरकुर्नूल जिले के अचमपेट डिवीजन के 44 सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 9वीं और 10वीं कक्षा के बच्चों को मिलेगी। विजय ने ग्रामीणों से वादा किया कि वे अब लगातार अपने गांव आते रहेंगे।

7 साल की डेटिंग के बाद शादी: रश्मिका और विजय ने 7 साल तक डेटिंग करने के बाद कोडवा और आंध्रा रीति-रिवाजों से शादी की है। अब फैंस को उनके 4 मार्च को होने वाले ग्रैंड वेडिंग रिसेप्शन और उनके लुक का बेसब्री से इंतजार है।

यूपी के हाथरस में भीषण सड़क हादसा: होली की खुशियां मातम में बदलीं, बस-कार की टक्कर में 6 की मौत

नेशनल डेस्क : उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में मंगलवार तड़के एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसने होली के त्यौहार की खुशियों को मातम में बदल दिया। यमुना एक्सप्रेसवे पर एक तेज रफ्तार डबल डेकर बस ने एक ईको कार को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी, जिससे कार में सवार 6 लोगों की मौत हो गई।

हादसे का विवरण: यह घटना थाना सादाबाद क्षेत्र के अंतर्गत यमुना एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन 141 के पास सुबह करीब 4:15 बजे हुई। जानकारी के अनुसार, दिल्ली से राजस्थान के धौलपुर जा रही ईको कार में कुल 13 लोग सवार थे। इसी दौरान नोएडा से गोरखपुर जा रही एक डबल डेकर बस ने कार को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार में सवार 6 लोगों ने दम तोड़ दिया, जबकि 6 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई: हाथरस के अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) रामानंद कुशवाहा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। उन्होंने पुष्टि की कि ईको कार के चालक को सुरक्षित बचा लिया गया है और मृतकों के शवों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है।

लापरवाही बनी जानलेवा: एक्सप्रेसवे पर अक्सर होने वाले ये हादसे यातायात नियमों की अनदेखी और वाहन चालकों की लापरवाही का नतीजा होते हैं। इस दुखद घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की जरूरत को रेखांकित किया है।

सोने-चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल: चांदी एक झटके में 32,000 रुपये महंगी, सोना 1.73 लाख के पार

बिजनेस डेस्क : पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में गहराते युद्ध के संकट के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में सोमवार को भूकंप जैसी स्थिति देखी गई। निवेशकों द्वारा सुरक्षित निवेश के रूप में कीमती धातुओं की ओर रुख करने से सोने और चांदी की कीमतों ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

चांदी ने छुआ 3 लाख का आंकड़ा: अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, राजधानी दिल्ली में चांदी की कीमत में एक ही दिन में 32,000 रुपये (11.94%) की भारी बढ़त दर्ज की गई। इसके साथ ही चांदी का भाव 3,00,000 रुपये प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है, जो पिछले शुक्रवार को 2,68,000 रुपये था।

सोने की कीमतों में भी लगी आग: चांदी की राह पर चलते हुए 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने के भाव में भी 8,100 रुपये (4.92%) की तेजी आई। दिल्ली में सोना अब 1,72,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी हाजिर सोना 2.21 प्रतिशत बढ़कर 5,394.28 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है।

क्यों बढ़ रही हैं कीमतें? बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान द्वारा पड़ोसी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए जवाबी हमलों के कारण निवेशक जोखिम भरे बाजार से हटकर सोने-चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों (Safe-haven assets) में पैसा लगा रहे हैं।

जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी बेरोजगारी और विनिर्माण के आंकड़े जारी होने के बाद कीमतों में और अधिक अस्थिरता देखी जा सकती है।

ईरान-इजरायल तनाव: यूएई में फंसा पंजाबी गायक एमी विर्क का परिवार; सीएम भगवंत मान ने सुरक्षित वापसी का दिया भरोसा

पंजाब डेस्क : पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब पंजाबी मनोरंजन जगत पर भी देखने को मिल रहा है। मशहूर पंजाबी गायक और अभिनेता एमी विर्क (Ammy Virk) का परिवार इस समय संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में फंसा हुआ है। एमी विर्क खुद भारत में हैं और युद्ध जैसी स्थितियों के बीच विदेश में मौजूद अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं।

परिवार की सुरक्षा के लिए सरकार सक्रिय: एमी विर्क ने बताया कि उनकी पत्नी, बेटी और बहनें यूएई में हैं। इस मामले की जानकारी मिलते ही आम आदमी पार्टी पंजाब के महासचिव बलतेज पन्नू ने गायक से फोन पर संपर्क किया और स्थिति का जायजा लिया। पन्नू ने आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान व्यक्तिगत रूप से इस मामले की निगरानी कर रहे हैं और परिवार की सुरक्षित वतन वापसी के लिए केंद्र सरकार के साथ तालमेल बिठाया जा रहा है।

पंजाबियों की वापसी के लिए विशेष कमेटी का गठन: खाड़ी देशों में फंसे पंजाबियों की मदद के लिए पंजाब सरकार ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। एनआरआई मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने जानकारी दी कि एडीजीपी एनआरआई विंग आर.के. जायसवाल की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी गठित की गई है, जिसमें वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारी शामिल हैं।

यह कमेटी प्रभावित लोगों का डेटा जुटा रही है और उनकी सुरक्षित निकासी के लिए आपातकालीन योजना पर काम कर रही है।मंत्री ने यह भी बताया कि ओमान (मस्कट) से भारत के लिए उड़ानें नियमित रूप से चल रही हैं और वीजा संबंधी प्रक्रियाओं को भी तेज कर दिया गया है। फिलहाल सरकार को मध्य एशिया से लगातार मदद के लिए फोन आ रहे हैं।