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लुधियाना में ट्रेन की चपेट में आने से दो प्रवासी मजदूरों की मौत; एक मृतक था 7 बेटियों का पिता

पंजाब डेस्क : पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना में रेलवे ट्रैक पार करना दो प्रवासी मजदूरों के लिए जानलेवा साबित हुआ। शहर में दो अलग-अलग रेल हादसों में दो लोगों की जान चली गई। ये दोनों ही अपने परिवारों के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे, जिनकी मौत के बाद परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

पहला हादसा: धूरी लाइन क्षेत्र पहली घटना धूरी लाइन इलाके में हुई, जहाँ बिहार के भागलपुर जिले के रहने वाले भैरो प्रसाद की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। वह दशमेश नगर में रहते थे और ट्रैक्टर के पुर्जे बनाने वाली फैक्ट्री में काम करते थे। परिजनों के अनुसार, वह घर से कुछ जरूरी सामान खरीदने निकले थे, लेकिन ट्रैक पार करते समय हादसे का शिकार हो गए। उनके परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं।

दूसरा हादसा: ढंडारी क्षेत्र दूसरी घटना ढंडारी इलाके में हुई, जहाँ 45 वर्षीय मुलई नामक व्यक्ति की ट्रैक पार करते समय ट्रेन से टकराकर मौत हो गई। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज (गोरखपुर) के रहने वाले मुलई एक फैक्ट्री मजदूर थे। उन पर 7 बेटियों और एक बेटे वाले बड़े परिवार के पालन-पोषण की जिम्मेदारी थी।

पुलिस कार्रवाई: घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी (GRP) ने मौके पर पहुँचकर शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल के मुर्दाघर भेज दिया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

जालंधर में दर्दनाक हादसा: निर्माणाधीन पुल के गड्ढे में गिरकर बाइक सवार की मौत; तड़पते युवक की मदद के बजाय सामान ले उड़े लोग

पंजाब डेस्क : पंजाब के जालंधर से जंडूसिंघा की ओर जाने वाले रोड पर एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है, जहाँ निर्माणाधीन पुल के लिए खोदे गए 20 फीट गहरे गड्ढे में गिरने से एक अज्ञात बाइक सवार की मौत हो गई। यह हादसा रात करीब 11:30 बजे हुआ, लेकिन युवक का शव अगली सुबह बरामद किया गया।

प्रशासन और मजदूरों की बड़ी लापरवाही: घटनास्थल पर पुल के पिल्लर के लिए गड्ढा खोदा गया था, लेकिन सुरक्षा के नाम पर केवल मिट्टी के ढेर लगाकर खानापूर्ति की गई थी। वहां न तो कोई साइन बोर्ड था और न ही लाइट का प्रबंध। हादसे के समय पास ही सो रहे मजदूरों ने आवाज तो सुनी, लेकिन उन्होंने यह सोचकर अनदेखी कर दी कि गिरने वाला व्यक्ति खुद बाहर निकल जाएगा। सुबह जब स्थानीय दुकानदार ने देखा, तो युवक की मौत हो चुकी थी और सरिया लगने के कारण उसकी आंख निकली हुई थी।

इंसानियत शर्मसार:

लूटपाट की आशंका: मौके पर पहुँची पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों ने लूटपाट की आशंका जताई है। मृतक के पास से उसके हेडफोन और बाइक की चाबियां तो मिलीं, लेकिन उसका मोबाइल फोन और पर्स गायब है। लोगों का कहना है कि तड़पते हुए युवक की मदद करने के बजाय किसी ने उसका कीमती सामान चोरी कर लिया।

पुलिस जांच शुरू: पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की भी तफ्तीश कर रही है कि यह केवल एक हादसा है या इसके पीछे निर्माण कंपनी की कोई बड़ी लापरवाही है। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है।

जालंधर के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी: APJ और पुलिस DAV स्कूल को मिली ईमेल, पुलिस जांच में जुटी

पंजाब डेस्क : पंजाब के जालंधर में आज उस समय हड़कंप मच गया जब दो प्रतिष्ठित स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिला। जानकारी के अनुसार, रामा मंडी क्षेत्र के अधिकार क्षेत्र में आने वाले एपीजे (APJ) और पुलिस डीएवी (Police DAV) स्कूल को यह धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए हैं।

स्कूल प्रशासन में दहशत: इस घटना के बाद स्कूल प्रशासन और बच्चों के अभिभावकों में दहशत फैल गई। स्कूल प्रबंधकों ने तुरंत इस मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। पुलिस प्रशासन अब ईमेल के स्रोत का पता लगाने और स्कूलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जांच में जुट गया है।

शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 2,743 अंक टूटा

मुंबई, दो मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बीच सोमवार को शुरुआती कारोबार में घरेलू शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई।

बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 2,743.46 अंक यानी 3.37 प्रतिशत टूटकर 78,543.73 अंक पर आ गया।

वहीं, एनएसई का 50 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक निफ्टी 533.55 अंक यानी 2.11 प्रतिशत गिरकर 24,645.10 अंक पर आ गया।

सेंसेक्स की कंपनियों में इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), लार्सन एंड टुब्रो, इटर्नल, अदाणी पोर्ट्स, एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट रही।

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स सेंसेक्स में शामिल इकलौता ऐसा शेयर रहा जिसमें बढ़त दर्ज की गई।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 5.38 प्रतिशत गिरकर 76.79 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

विश्लेषकों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जंग छिड़ने के बाद ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है, जिससे बाजार में घबराहट का माहौल है।

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका-इजराइल के समन्वित हवाई हमले में मौत हो गई है। रविवार को इसकी पुष्टि होने के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजराइल और क्षेत्र के अन्य अरब देशों पर मिसाइलें दागनी शुरू कर दीं, जिससे भू-राजनीतिक तनाव और गहरा गया है।

एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की और हांगकांग का हैंग सेंग नुकसान में रहे, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट सूचकांक बढ़त में कारोबार कर रहा था।

अमेरिकी बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा, “पश्चिम एशिया में युद्ध से जुड़ी अनिश्चितता निकट अवधि में बाजार पर दबाव बनाए रखेगी। बाजार के नजरिये से सबसे बड़ा जोखिम कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से जुड़ा जोखिम है।”

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 7,536.36 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 12,292.81 करोड़ रुपये की खरीदारी की।

शुक्रवार को सेंसेक्स 961.42 अंक गिरकर 81,287.19 अंक और निफ्टी 317.90 अंक टूटकर 25,178.65 अंक पर आ गया था।

पूर्व सांसद एवं शिक्षाविद जनार्दन वाघमारे का निधन

लातूर, दो मार्च (भाषा) प्रख्यात शिक्षाविद और पूर्व राज्यसभा सदस्य डॉ. जनार्दन वाघमारे का सोमवार सुबह महाराष्ट्र के लातूर शहर में निधन हो गया। वह पिछले कुछ दिन से अस्वस्थ थे। परिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।

वह 91 वर्ष के थे।

सूत्रों के अनुसार, वाघमारे का स्वास्थ खराब होने के बाद उन्हें 24 जनवरी को यहां एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने सोमवार सुबह करीब आठ बजे अपने आवास पर अंतिम सांस ली।

वह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के संस्थापक शरद पवार के करीबी सहयोगी थे और शिक्षा, साहित्य तथा सार्वजनिक सेवा में दिए गए योगदान के लिए उन्हें व्यापक रूप से सराहा जाता रहा।

वाघमारे स्वामी रामानंद तीर्थ मराठवाड़ा विश्वविद्यालय, नांदेड़ के संस्थापक और कुलपति थे।

चाकुर तहसील के जनवाल गांव में 11 नवंबर, 1934 को जन्मे वाघमारे ने 2008 से 2014 के बीच महाराष्ट्र से राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्य किया।

उन्होंने 2001 से 2006 के बीच लातूर नगरपालिका के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया।

चिराग ने बिहार की शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग की

पटना, दो मार्च (भाषा) केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार में लागू एक दशक पुराने शराबबंदी कानून की समीक्षा की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इसके क्रियान्वयन को प्रभावी बनाने के लिए खामियों की पहचान कर उन्हें दूर किया जाना चाहिए।

रविवार को पटना में संवाददाताओं से बातचीत में पासवान ने कहा कि यह आकलन किया जाना चाहिए कि जिस उद्देश्य से कानून लागू किया गया था, क्या वह पूरा हो रहा है या नहीं।

उन्होंने कहा, “यह समीक्षा जरूरी है कि जिन उद्देश्यों के साथ कानून बनाया गया था, वे पूरे हो रहे हैं या नहीं। यदि नहीं, तो कमियों की पहचान कर उन्हें दूर किया जाना चाहिए।”

पासवान ने स्पष्ट किया कि समीक्षा की बात को शराबबंदी हटाने की वकालत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, “जब हम समीक्षा की बात करते हैं तो अक्सर यह गलतफहमी हो जाती है कि हम शराबबंदी समाप्त करने की बात कर रहे हैं। मेरा मानना है कि किसी भी योजना को समय के साथ बेहतर बनाने के लिए उसकी निरंतर समीक्षा आवश्यक है।”

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पासवान ने कहा कि वह मद्यपान पर नियंत्रण के प्रयासों का पूरा समर्थन करते हैं क्योंकि नशे की लत परिवार और समाज दोनों के लिए घातक है।

उन्होंने याद दिलाया कि जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जनता दल यूनाइटेड (जदयू) सरकार ने शराबबंदी लागू की थी, तब उनकी पार्टी ने विपक्ष में रहते हुए भी इस कदम का समर्थन किया था।

उन्होंने कहा, “शराब के सेवन और निर्माण पर रोक लगाने का विचार सामाजिक दृष्टि से उचित है।”

हालांकि, पासवान ने जहरीली शराब के सेवन से समय-समय पर होने वाली मौतों और राज्य में शराब की कथित ‘होम डिलीवरी’ के आरोपों का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा, “अक्सर जहरीली शराब से मौतों की खबरें आती रहती हैं। यदि ऐसी घटनाएं अब भी हो रही हैं, तो इसका मतलब है कि कहीं न कहीं जहरीली शराब का निर्माण हो रहा है।”

पासवान ने कहा कि इन परिस्थितियों को देखते हुए कानून के क्रियान्वयन तंत्र की व्यापक समीक्षा आवश्यक है ताकि खामियों को दूर कर इसके उद्देश्य को सुनिश्चित किया जा सके।

उल्लेखनीय है कि बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान लोजपा (रामविलास) के विधायक माधव आनंद ने भी शराबबंदी नीति की समीक्षा की मांग की थी। हालांकि, जद(यू) नेताओं ने कानून पर पुनर्विचार की संभावना से इनकार किया है, जबकि भाजपा की ओर से इस मुद्दे पर अब तक मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई

खामेनेई की मौत के विरोध में प्रदर्शन के बाद कश्मीर के कई हिस्सों में लगा प्रतिबंध

श्रीनगर, दो मार्च (भाषा) कश्मीर में सोमवार को अधिकारियों ने उन इलाकों में लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिए जहां ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के विरोध में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे।

ईरान पर इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हमले के दौरान शनिवार को तेहरान में एक हवाई हमले में खामेनेई की मौत हो गई थी। ईरानी सरकारी मीडिया ने इसकी पुष्टि की है।

अधिकारियों ने बताया कि लाल चौक स्थित घंटाघर को चारों ओर अवरोधक लगाकर बंद कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को जुटने से रोकने के लिए पूरे शहर में बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को तैनात किया गया है।

एक अधिकारी ने बताया कि कश्मीर में लगभग 15 लाख शिया आबादी है। खामेनेई के मौत के खिलाफ लाल चौक, सैदा कदल, बडगाम, बांदीपोरा, अनंतनाग और पुलवामा में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन देखे गए। प्रदर्शनकारियों को छाती पीटकर मातम मनाते और अमेरिका व इजराइल विरोधी नारे लगाते देखा गया। अधिकारियों ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियात के तौर पर ये पाबंदियां लगाई गई हैं। उन्होंने बताया कि महत्वपूर्ण चौराहों पर कटीले तार और अवरोधक लगाए गए हैं। घाटी के अन्य जिलों के शिया बहुल इलाकों में भी इसी तरह की पाबंदियां लागू की गई हैं।

ये पाबंदियां मुत्तहिदा मजलिस-ए-उलेमा (एमएमयू) के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक द्वारा एक दिवसीय बंद के आह्वान की पृष्ठभूमि में आई हैं।

मीरवाइज ने कहा, “हम लोगों से इसे एकता, गरिमा और पूर्ण शांति के साथ मनाने का आग्रह करते हैं।”

एमएमयू के बंद के आह्वान को विपक्षी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती सहित कई राजनीतिक दलों ने समर्थन दिया है।

मुफ्ती ने कहा, “ईरान के सर्वोच्च नेता की शहादत पर मीरवाइज उमर फारूक के बंद के आह्वान को हम अपना पूर्ण समर्थन देते हैं। यह शोक का दिन है जो दुनिया को याद दिलाता है कि कहीं भी होने वाला अन्याय पूरी मुस्लिम उम्माह और सच्चाई के साथ खड़े सभी लोगों को आहत करता है।”

अधिकारियों ने छात्रों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियात के तौर पर निजी स्कूलों सहित सभी शैक्षणिक संस्थानों को भी दो दिन के लिए बंद कर दिया है।

महानदी जल विवाद को लेकर भाजपा सरकार पिछली बीजद सरकार की गलती को सुधार रही है: ओडिशा के महाधिवक्ता

भुवनेश्वर, दो मार्च (भाषा) ओडिशा के महाधिवक्ता (एजी) पीतांबर आचार्य ने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार पिछली बीजद सरकार द्वारा की गई उस ‘‘ऐतिहासिक गलती’’ को सुधारने के लिए कदम उठा रही है, जिससे पड़ोसी छत्तीसगढ़ के साथ महानदी जल विवाद उत्पन्न हुआ था।

आचार्य ने पुरी में रविवार को महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण (एमडब्ल्यूडीटी) के सदस्यों के राज्य दौरे से इतर पत्रकारों को यह बयान दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘पिछली सरकार ने छत्तीसगढ़ में बांधों के निर्माण का विरोध न करके एक ऐतिहासिक गलती की थी। हम ओडिशा के लोगों के हित में स्थिति को सुधारने के लिए कदम उठा रहे हैं।’’

न्यायाधिकरण के सदस्यों ने हीराकुड जलाशय और सतकोसिया घाटी का दौरा किया तथा सोमवार को वे चिल्का झील जाएंगे।

आचार्य ने कहा, ‘‘इन स्थानों को रामसर स्थल घोषित किया गया है और ये क्षेत्र महानदी के प्राकृतिक जल प्रवाह से सीधे जुड़े हुए हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘न्यायाधिकरण के सदस्य जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए ओडिशा का दौरा कर रहे हैं। वे सात से 11 मार्च तक छत्तीसगढ़ का भी दौरा करेंगे।’’

ओडिशा ने आरोप लगाया था कि छत्तीसगढ़ द्वारा महानदी के ऊपरी इलाकों में बांध के निर्माण से इसके प्राकृतिक प्रवाह में बाधा उत्पन्न हुई है, जिससे निचले इलाकों के किसानों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

ओडिशा के इन आरोप के बाद 2018 में इस न्यायाधिकरण का गठन किया गया था।

शेयर बाजार में हाहाकार: मिडिल ईस्ट की जंग से निवेशकों के 17.50 लाख करोड़ स्वाहा, सेंसेक्स 2,700 अंक टूटा

बिजनेस डेस्क : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध की खबरों के बीच सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भीषण गिरावट दर्ज की गई। बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी में भारी बिकवाली देखी गई, जिससे निवेशकों के 17.50 लाख करोड़ रुपये डूब गए,।

बाजार में गिरावट के मुख्य आंकड़े:

सेंसेक्स: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स 2,743.46 अंकों (3.30%) की भारी गिरावट के साथ 78,543.73 पर खुला। यह पिछले 11 महीनों का सबसे निचला स्तर है।

निफ्टी: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 533.55 अंकों की गिरावट के साथ 24,645.10 के स्तर पर पहुंच गया।नुकसान: शुक्रवार को बीएसई का मार्केट कैप 4,63,50,671.27 करोड़ रुपये था, जो सोमवार को ओपनिंग में गिरकर 4,45,91,660.60 करोड़ रुपये रह गया।

गिरावट के प्रमुख कारण: बाजार में इस कोहराम की सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत और उसके बाद ईरान द्वारा किए गए जवाबी हमलों ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि वेस्ट एशिया में अनिश्चितता का माहौल आने वाले दिनों में मार्केट पर और भारी पड़ सकता है।

कच्चे तेल में उछाल और सेक्टोरल प्रभाव: जंग की खबरों के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 6 फीसदी का उछाल आया और यह 77.08 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। होर्मुज स्ट्रेट के पास मिसाइल हमलों ने तेल की सप्लाई रुकने की चिंता पैदा कर दी है, जिससे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल तक जाने का अनुमान है। बाजार में इंडिगो, लार्सन एंड टूब्रो (L&T), अडानी पोर्ट्स और एशियन पेंट्स जैसे दिग्गज शेयरों में 2-4 फीसदी की गिरावट आई, जबकि बढ़ते तनाव के कारण डिफेंस स्टॉक्स (जैसे भारत इलेक्ट्रॉनिक्स) में मामूली तेजी देखी गई।

ईरान-इजरायल युद्ध के बीच एक्शन में पीएम मोदी: देर रात बुलाई CCS की बैठक, 90 लाख भारतीयों की सुरक्षा सर्वोपरि

नेशनल डेस्क : पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी तरह एक्शन मोड में हैं। रविवार रात दिल्ली लौटते ही पीएम मोदी ने कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें क्षेत्र की मौजूदा वैश्विक स्थिति और रणनीतिक चुनौतियों का जायजा लिया गया।

भारतीयों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान: बैठक में पश्चिम एशिया और खाड़ी देशों में रहने वाले लगभग 90 लाख भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई गई। सूत्रों के अनुसार, सरकार ने ईरान में मौजूद 10,000 और इजरायल में रह रहे 40,000 से अधिक भारतीयों सहित पूरे क्षेत्र के नागरिकों के लिए हेल्पलाइन जारी कर दी है। सीसीएस ने यात्रा कर रहे यात्रियों और वहां पढ़ रहे छात्रों को हो रही कठिनाइयों की भी समीक्षा की।

कूटनीतिक सक्रियता: पीएम मोदी ने यूएई (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की। उन्होंने तनाव कम करने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि भारत क्षेत्र में शांति और स्थिरता का समर्थन करता है।

आर्थिक प्रभाव और होर्मुज स्ट्रेट: बैठक के दौरान होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के बंद होने की आशंका पर भी चर्चा हुई, जो भारतीय तेल जहाजों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण रास्ता है। इस उच्च स्तरीय बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, विदेश सचिव विक्रम मिसरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे। भारत ने संघर्ष को जल्द समाप्त कर संवाद और कूटनीति की ओर लौटने की अपील की है।