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ट्रंप का बड़ा फैसला: स्टील, एल्युमीनियम और कॉपर पर 50% टैरिफ; भारत समेत वैश्विक बाजार पर पड़ेगा असर

बिजनेस डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्टील, एल्युमीनियम और कॉपर के आयात से जुड़े टैक्स नियमों में बड़े बदलाव की घोषणा की है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी इंडस्ट्री को मजबूत करना और जटिल टैक्स सिस्टम को सरल बनाना है।

कच्चे मेटल पर भारी टैक्स: नए नियमों के तहत कच्चे (बेसिक) स्टील, एल्युमीनियम और कॉपर पर 50% टैरिफ को बरकरार रखा गया है। अब यह टैक्स आयात की घोषित कीमत के बजाय वास्तविक बिक्री मूल्य पर लगाया जाएगा ताकि टैक्स चोरी रोकी जा सके।

डेरिवेटिव प्रोडक्ट्स को राहत: यदि किसी उत्पाद (जैसे परफ्यूम की बोतल) में इन धातुओं की मात्रा 15% से कम है, तो उस पर अब कोई टैरिफ नहीं लगेगा।

भारी मेटल वाले प्रोडक्ट्स: जिन उत्पादों में इन धातुओं की मात्रा 15% से अधिक है (जैसे वॉशिंग मशीन या गैस चूल्हा), उन पर पूरे प्रोडक्ट की कीमत का 25% टैरिफ लगाया जाएगा।

इंडस्ट्रियल सेक्टर को छूट: खास इंडस्ट्रियल मशीनों और इलेक्ट्रिकल उपकरणों पर टैरिफ घटाकर 15% कर दिया गया है, जो 2027 तक प्रभावी रहेगा। साथ ही, विदेश में बने उन उत्पादों पर केवल 10% टैरिफ लगेगा जिनमें 100% अमेरिकी मेटल का इस्तेमाल हुआ है।

भारत पर प्रभाव: इन बदलावों से वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ सकता है। भारत जैसे देशों के लिए अमेरिकी बाजार में निर्यात करना अब महंगा हो सकता है, जिससे व्यापार पर सीधा असर पड़ने की संभावना है।

सरकार का मानना है कि इस पारदर्शी व्यवस्था से टैक्स चोरी पर लगाम लगेगी, हालांकि इससे कुछ रोजमर्रा की चीजों की कीमतें बढ़ सकती हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: हनी सिंह और बादशाह के 20 साल पुराने गाने पर लगा बैन; ‘अश्लील’ बोल पर लगाई फटकार

मनोरंजन डेस्क: मशहूर रैपर हनी सिंह और बादशाह एक बार फिर कानूनी विवादों में घिर गए हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने साल 2006 में रिलीज हुए उनके चर्चित गाने ‘वॉल्यूम 1’ (Volume 1) के अश्लील बोलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए इसे सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाने का निर्देश दिया है।

अदालत की टिप्पणी: याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि इस गाने के लिरिक्स अश्लील हैं और यह ‘अंतरात्मा को झकझोर देने वाला’ गाना है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी सभ्य समाज में ऐसा कंटेंट डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती क्योंकि यह सुनने के लिए नहीं बना है।

किसने दर्ज कराई याचिका: यह कार्रवाई ‘हिंदू शक्ति दल’ नामक संगठन की याचिका पर हुई है। संगठन का आरोप था कि इस गाने के बोल महिलाओं के प्रति बेहद अपमानजनक और भद्दे हैं।

गायक का रुख: हालांकि यह गाना 20 साल पहले रिलीज हुआ था और काफी पॉपुलर भी रहा, लेकिन हनी सिंह और बादशाह दोनों ने ही इस गाने से अपना पल्ला झाड़ लिया है। हनी सिंह अपनी डॉक्यूमेंट्री में कह चुके हैं कि उन्होंने यह गाना नहीं गाया है, वहीं बादशाह भी इस गाने से किसी भी तरह के संबंध से इनकार करते रहे हैं।

सख्त निर्देश: कोर्ट ने फटकार लगाते हुए निर्देश दिया है कि इस गाने को जल्द से जल्द यूट्यूब और अन्य सभी म्यूजिक प्लेटफॉर्म से हटाया जाए।

‘होर्मुज में सिर्फ हमारे नाविक मारे गए’: 60 देशों की बैठक में भारत ने दुनिया को चेताया

इंटरनेशनल डेस्क: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ब्रिटेन की पहल पर होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के लिए आयोजित 60 से अधिक देशों की एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक में भारत ने अपना पक्ष मजबूती से रखा है।

इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने जानकारी दी कि होर्मुज संकट में अब तक 3 भारतीय नाविक अपनी जान गंवा चुके हैं, जो विभिन्न विदेशी जहाजों पर कार्यरत थे। भारत ने जोर देकर कहा कि वह एकमात्र ऐसा देश है जिसने खाड़ी क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर हमलों के दौरान अपने नागरिकों की जान गंवाई है।

ऊर्जा सुरक्षा पर खतरा: विदेश सचिव ने चेतावनी दी कि होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बन गई है। इस रास्ते से दुनिया का लगभग 20% तेल और एलएनजी (LNG) गुजरता है, और इसके बंद होने से वैश्विक कीमतों में भारी उछाल आया है।

कूटनीति की अपील: भारत ने सभी संबंधित पक्षों से तनाव कम करने और संवाद के जरिए रास्ता निकालने की अपील की है। भारत का मानना है कि इस पूरे संकट का समाधान केवल बातचीत और शांतिपूर्ण कूटनीति से ही संभव है।

सप्लाई पर असर: ईरान की सेना (IRGC) द्वारा स्ट्रेट को अवरुद्ध किए जाने से भारत के साथ-साथ चीन, जापान, मलेशिया और इंडोनेशिया जैसे देशों की पेट्रोल-डीजल सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है।यह बैठक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टॉर्मर की सरकार द्वारा वैश्विक व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए बुलाई गई थी।

IPL 2026: जीत के बावजूद अभिषेक शर्मा को लगा बड़ा झटका; मैदान पर ‘गाली’ देना पड़ा भारी, BCCI ने काटी सैलरी

स्पोर्टस डेस्क: आईपीएल 2026 के छठे मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ धमाकेदार जीत दर्ज करने के बावजूद सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के स्टार ओपनर अभिषेक शर्मा को बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। मैदान पर उनके आक्रामक बर्ताव और अभद्र भाषा के इस्तेमाल के कारण बीसीसीआई (BCCI) ने उन पर मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया है।

जुर्माने का कारण: ईडन गार्डन्स में 2 अप्रैल को खेले गए मैच के दौरान अभिषेक शर्मा ने अभद्र भाषा (Obscene Language) का इस्तेमाल किया, जो स्टंप माइक पर रिकॉर्ड हो गई। उन्हें आईपीएल के ‘कोड ऑफ कंडक्ट’ के आर्टिकल 2.3 का दोषी पाया गया है।

कितना हुआ नुकसान: आईपीएल नियमों के अनुसार, प्लेइंग-11 में शामिल खिलाड़ी को प्रति मैच 7.5 लाख रुपये मिलते हैं। 25 फीसदी जुर्माने के चलते अभिषेक के खाते से 1,87,500 रुपये काट लिए गए हैं और उन्हें इस मैच के लिए केवल 5,62,500 रुपये ही मिलेंगे।

बैन का खतरा: केवल सैलरी ही नहीं, लेवल-1 के अपराध के लिए उनके खाते में 1 डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ दिया गया है। यदि किसी खिलाड़ी के 4 डिमेरिट पॉइंट्स हो जाते हैं, तो उस पर एक मैच का प्रतिबंध (Ban) लगाया जा सकता है।

मैच में प्रदर्शन: अभिषेक ने इस मैच में शानदार वापसी करते हुए मात्र 21 गेंदों में 48 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 4 चौके और 4 छक्के शामिल थे। हालांकि, उनकी पारी का अंत विवादित रहा जब वरुण चक्रवर्ती ने उनका कैच लपका और थर्ड अंपायर के फैसले पर अभिषेक ने नाखुशी जाहिर की थी।

डिजिटल इंडिया की बड़ी छलांग: मार्च में UPI ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड; 22.64 अरब ट्रांजैक्शन दर्ज

बिजनेस डेस्क: भारत में डिजिटल क्रांति तेजी से आगे बढ़ रही है और इसका सबसे बड़ा प्रमाण यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के नए आंकड़े हैं। मार्च 2026 में UPI के जरिए रिकॉर्ड 22.64 अरब ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए हैं, जो अब तक का सबसे ऊँचा स्तर है।

शानदार ग्रोथ: पिछले साल मार्च 2025 में 18.3 अरब ट्रांजैक्शन हुए थे, जिसके मुकाबले इस साल सालाना आधार पर 24% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। फरवरी 2026 (20.39 अरब) की तुलना में भी मार्च के आंकड़ों में बड़ी वृद्धि देखी गई है।

डिजिटल मार्केट पर कब्जा: भारत में होने वाले कुल डिजिटल ट्रांजैक्शन का लगभग 85% हिस्सा अब अकेले UPI के जरिए होता है। वैश्विक स्तर पर होने वाले कुल रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट्स में भारत के UPI का योगदान करीब 50% तक पहुँच चुका है।

वैश्विक विस्तार: UPI अब केवल भारत तक सीमित नहीं है। यह फ्रांस, यूएई, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका और मॉरीशस जैसे देशों में भी अपनी सेवाएं दे रहा है, जिससे विदेश यात्रा करने वाले भारतीयों को बड़ी सुविधा मिल रही है।

सुरक्षा और संचालन: इस पूरे सिस्टम का संचालन नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) करता है। इसकी सफलता के पीछे इसकी सरलता और रिजर्व बैंक के दो-स्तरीय सुरक्षा नियमों (मोबाइल नंबर और UPI पिन) का बड़ा हाथ है, जिससे धोखाधड़ी का खतरा कम रहता है। डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विस ने इस उपलब्धि को देश की डिजिटल पेमेंट क्रांति की एक बड़ी जीत बताया है।