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लुधियाना में BJP का अनोखा प्रदर्शन: नगर निगम कार्यालय में लगाया डमी जनरल हाउस, विकास कार्यों पर उठाए सवाल

लुधियाना में बीजेपी ने नगर निगम के ज़ोन-डी कार्यालय में डमी जनरल हाउस लगाकर पानी, सीवरेज, सफाई और विकास कार्यों को लेकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।

लुधियाना / सत्ता संदेश

लुधियाना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नगर निगम के खिलाफ अनोखे अंदाज़ में विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं और पार्षदों ने नगर निगम के ज़ोन-डी कार्यालय में डमी जनरल हाउस आयोजित कर शहर की खराब होती बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों को लेकर निगम प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

यह प्रदर्शन भाजपा जिला अध्यक्ष सुनील मोदगिल की अगुवाई में आयोजित किया गया, जिसमें पार्टी के सभी पार्षद और कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान मेयर और नगर निगम कमिश्नर की प्रतीकात्मक खाली कुर्सियां भी लगाई गईं, जिसके माध्यम से भाजपा ने प्रशासन के प्रति अपनी नाराज़गी जताई।

भाजपा नेताओं का आरोप है कि नगर निगम के अधिकारी उनके पार्षदों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से नहीं लेते। उनका कहना है कि जिन वार्डों में भाजपा के पार्षद चुने गए हैं, वहां विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं।

नेताओं ने आरोप लगाया कि शहर के कई इलाकों में पीने के पानी की कमी, सीवरेज जाम, सफाई व्यवस्था की बदहाली और अधूरे विकास कार्य लोगों के लिए बड़ी परेशानी बने हुए हैं। बार-बार शिकायतें करने के बावजूद नगर निगम प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।

भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो पार्टी आने वाले दिनों में अपना आंदोलन और तेज करेगी।

प्रदर्शन के दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष सुनील मोदगिल और अन्य नेताओं ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए शहरवासियों की मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देने की मांग की।

विकास और जनता की भलाई के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार हूं: पार्षद युवराज सिंह

लुधियाना के वार्ड नंबर 50 के पार्षद युवराज सिंह सिद्धू ने शहर के विकास में बाधा न आए, इसके लिए F&CC सदस्य पद से इस्तीफा देने की घोषणा की।

लुधियाना / सत्ता संदेश

लुधियाना नगर निगम के वार्ड नंबर 50 से पार्षद युवराज सिंह सिद्धू ने कहा है कि उनके लिए किसी भी पद से बढ़कर लुधियाना शहर का विकास और जनता की भलाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि शहर के विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा आती है, तो वह किसी भी पद का त्याग करने के लिए तैयार हैं।

युवराज सिंह सिद्धू ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्हें फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट्स कमेटी (F&CC) का सदस्य नियुक्त किया गया था। इस अवसर पर उन्होंने पार्टी हाईकमान और लुधियाना के माननीय मेयर का आभार व्यक्त किया।

सिद्धू ने कहा कि उनके लिए कोई भी पद शहर के विकास से बड़ा नहीं है। इसी सोच के तहत उन्होंने F&CC सदस्य पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है, ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की रुकावट न आए।

उन्होंने कहा, “मैं लुधियाना शहर के विकास और लोगों की भलाई के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार हूं। यदि जरूरत पड़ी तो ऐसे हजारों पद भी छोड़ सकता हूं।”

पार्षद ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने 30 जुलाई 2026 को ही फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट्स कमेटी (F&CC) की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि उस समय शहर में सफाई कर्मचारियों का आंदोलन चल रहा था, इसलिए उन्होंने इस संबंध में कोई सार्वजनिक पोस्ट नहीं की। उनका कहना था कि उस समय सफाई कर्मचारियों का संघर्ष और जनता से जुड़े मुद्दे उनके लिए अधिक महत्वपूर्ण थे।

युवराज सिंह सिद्धू के इस फैसले को शहर के विकास को प्राथमिकता देने वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है।

भाजपा ग्रामीण अध्यक्ष बने योगेश सपरा, टांडा में कार्यकर्ताओं ने किया भव्य अभिनंदन

टांडा उर्मुर / सत्ता संदेश

टांडा उर्मुर, होशियारपुर: भारतीय जनता पार्टी द्वारा योगेश सपरा को होशियारपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद टांडा उर्मुर में पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूलों के गुलदस्ते और सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया तथा नियुक्ति के लिए पार्टी हाईकमान का आभार व्यक्त किया।

प्रेस से बातचीत करते हुए नवनियुक्त जिला अध्यक्ष योगेश सपरा ने कहा कि वह संगठन के प्रत्येक कार्यकर्ता को साथ लेकर चलेंगे और पूरी ईमानदारी, निष्ठा तथा समर्पण के साथ पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने का कार्य करेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा लागू जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और उपलब्धियों को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने के लिए विशेष जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को सरकार की योजनाओं की जानकारी मिल सके।

योगेश सपरा ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी बड़ा बयान देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रदेश में अपना जनाधार मजबूत करने और सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ बूथ स्तर तक संगठन को सशक्त कर रही है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि पंजाब में हो रहे अधिकांश विकास कार्य केंद्र सरकार की योजनाओं के माध्यम से संभव हुए हैं और भाजपा जनता की सेवा तथा प्रदेश के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इस मौके पर बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नेता मौजूद रहे, जिन्होंने नए जिला अध्यक्ष को संगठन की जिम्मेदारी मिलने पर शुभकामनाएं दीं।

TMC राज्यसभा सांसद कल्याण बनर्जी पूरे मानसून सत्र के लिए हुए निलंबित

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद कल्याण बनर्जी को पूरे मानसून सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है। उन्हें असंसदीय भाषा के इस्तेमाल के लिए निलंबित किया गया।  

मानसून सत्र का लगातार तीसरा दिन भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा। हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही तीन बार स्थगित हुई। विपक्षी सदस्य नीट पेपर लीक, सीजेपी के प्रदर्शन पर लाठीचार्ज और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर चर्चा के लिए अड़े रहे। 

कल्याण बनर्जी पर क्या आरोप लगा?
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कल्याण बनर्जी को बुधवार को मानसून सत्र की बाकी अवधि के लिए लोकसभा से निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई तब हुई, जब आरोप है कि बनर्जी ने टीएमसी के बागी सांसद को ‘चोर’ कहा। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही विपक्ष के हंगामे के बीच स्थगित हुई। फिर सदन के अंदर टकराव की स्थिति बन गई।विज्ञापन

किन सांसदों से हुआ कल्याण बनर्जी का विवाद?
आज पहले कल्याण बनर्जी का एनसीपीआई सांसदों मिताली बैग, शताब्दी रॉय और काकोली घोष दस्तीदार समेत अन्य सांसदों के साथ बहस हुई थी। ये तीनों पहले टीएमसी से जुड़ी थीं। लेकिन बाद में पार्टी से अलग होकर एनसीपीआई में शामिल हो गईं।

विवाद के दौरान क्या हुआ?
कल्याण बनर्जी टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के साथ बने हुए हैं। उनको सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद इन सांसदों के साथ बहस करते हुए देखा गया। हालांकि, इस विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई, यह तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका। कई विपक्षी सांसदों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराने की कोशिश की। कुछ सदस्यों ने जब कल्याण बनर्जी से पूछा कि आखिर क्या हुआ था, तो वह लोकसभा कक्ष से बाहर चले गए।

मामले को लेकर स्पीकर से क्यों मिले सांसद?
इस विवाद के बाद मिताली बैग, काकोली घोष दस्तीदार और अन्य एनसीपीआई सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उनके कक्ष में मुलाकात कर यह मुद्दा उठाया।

स्पीकर ने क्या कदम उठाया?
समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ने एनसीपीआई सांसदों से इस घटना को लेकर लिखित शिकायत देने को कहा है। यह विवाद तृणमूल कांग्रेस में हुए विभाजन की पृष्ठभूमि में सामने आया है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद टीएमसी के करीब 20 सांसदों ने नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर दी थी और नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल हो गए थे। बागी सांसदों ने लोकसभा में टीएमसी सांसदों से अलग बैठना शुरू कर दिया और सार्वजनिक रूप से सत्तारूढ़ एनडीए सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना समर्थन देने का एलान किया।

केंद्र सरकार पंजाब को विकसित राज्य बनाने के लिए करेगी बड़ी पहल : जंगी लाल महाजन

टांडा / होशियारपुर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : जसप्रीत सिंह सैनी

भारतीय जनता पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर टांडा में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला अध्यक्ष योगेश सपरा और मुकेरियां विधानसभा क्षेत्र के विधायक जंगी लाल महाजन विशेष रूप से शामिल हुए। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ आगामी रणनीति तथा संगठन को मजबूत बनाने पर चर्चा की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए विधायक जंगी लाल महाजन ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार देशभर के साथ-साथ पंजाब के विकास के लिए बड़े स्तर पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ लगातार तालमेल बनाकर संगठन को मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पंजाब को विकसित राज्य बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम कर रही है। जालंधर में विकसित आधुनिक रेलवे स्टेशन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह दोआबा क्षेत्र के लिए गर्व की बात है और केंद्र सरकार की विकासवादी सोच का उदाहरण है।

जंगी लाल महाजन ने दावा किया कि पंजाब में हो रहे अधिकांश बड़े विकास कार्य केंद्र सरकार के सहयोग से संभव हो रहे हैं। उन्होंने भारत-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी और इस संबंध में पार्टी का पक्ष रखा। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली में NEET परीक्षा से जुड़े छात्रों के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी।

बैठक के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों के लिए पूरी सक्रियता के साथ कार्य करने का आह्वान किया गया।

SIT समन में जांच करने में मदद करेंगे सुखबीर सिंह, पंजाब सरकार पर साधा निशाना

पंजाब / सत्ता संदेश

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल सोमवार यानी 20 जुलाई को पूछताछ के लिए पंजाब पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के सामने पेश होंगे. इसे लेकर अकाली दल ने शक्ति प्रदर्शन की तैयारी की है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पेशी से पहले सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को उन्हें गिरफ्तार कराए जाने का भी चैलेंज किया है.

20 जुलाई यानी सोमवार को सुखबीर सिंह बादल को सुबह 11 बजे पंजाब पुलिस ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट, सेक्टर 32, चंडीगढ़ में पेश होना है. बता दें कि 14 अक्तूबर 2015 में फरीदकोट के बहबलकलां और कोटकपूरा में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस फायरिंग हुई थी. जिसमें दो सिख प्रदर्शनकारियों गुरजीत सिंह और कृष्ण भगवान सिंह की मौत हो गई थी. इस घटना के वक्त सुखबीर बादल पंजाब के डिप्टी सीएम और गृहमंत्री थे. इसी मामले को लेकर कल सुखबीर बादल से पूछताछ होनी है.

आप सरकार पर जमकर बरसे बादल

वहीं समन को लेकर सुखबीर सिंह बादल ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार चुनावों से पहले राजनीतिक कारणों से इस मुद्दे को फिर से उठा रही है. उन्होंने इसे राज्य सरकार का “एक और हथकंडा” बताया, लेकिन साथ ही कहा कि वह जांच में सहयोग करेंगे, क्योंकि अतीत में भी जब-जब उन्हें बुलाया गया, उन्होंने जांच में हिस्सा लिया था. सुखबीर बादल ने कहा कि बीते 10 साल से चालान तक पेश नहीं किया गया. आरोपियों को पकड़ने की बजाय राजनीति खेली जा रही है. अब चार माह के बाद असली आरोपी हम पकड़ेंगे.

बीजेपी नेता विजय सांपला से भी की थी पूछताछ

यह घटनाक्रम वरिष्ठ बीजेपी नेता विजय सांपला से स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) द्वारा पूछताछ किए जाने के कुछ ही दिनों बाद सामने आया है. सांपला ने पंजाब सरकार पर गलत जानकारी फैलाने और जांच में दखल देने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि राजनीतिक तौर पर नियुक्त लोग SIT को दिए गए उनके बयान के बारे में सार्वजनिक रूप से दावे कर रहे हैं.

आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर? 38 इमारतें अवैध घोषित | पूरा विवाद क्या है?

रामपुर / सत्ता संदेश

उत्तर प्रदेश के रामपुर में स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी एक बार फिर सुर्खियां में है। कभी इसे समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान का ड्रीम प्रोजेक्ट कहा जाता था, लेकिन अब यही यूनिवर्सिटी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई के केंद्र में आ गई है। रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने यूनिवर्सिटी परिसर की 38 इमारतों को अवैध निर्माण मानते हुए उन्हें गिराने करने का आदेश जारी किया है। इन इमारतों में कई एकेडमिट डिपार्टमेंट, लेबोरेटरी और अन्य सुविधाएं हैं। इससे हजारों छात्रों और कर्मचारियों के भविष्य को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

इस बीच इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की जांच ने भी विवाद को और गहरा कर दिया है। विभाग ने यूनिवर्सिटी के निर्माण की लागत लगभग 496 करोड़ रुपये आंकी है, जबकि ट्रस्ट का दावा है कि निर्माण पर केवल 46 करोड़ रुपये खर्च हुए। इससे पहले इनकम टैक्स डिपार्टमेंट निर्माण लागत और फंडिंग को लेकर ट्रस्ट को करोड़ों रुपये का नोटिस भी जारी कर चुका है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर जौहर यूनिवर्सिटी पर एक साथ इतनी कार्रवाई क्यों हो रही है और इसके पीछे कानूनी आधार क्या है?

2006 में रखी गई थी यूनिवर्सिटी की नींव

जौहर यूनिवर्सिटी की नींव साल 2006 में रखी गई थी। इसे मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट ने स्थापित किया और धीरे-धीरे यहां मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग, शिक्षा, कृषि, लाइब्रेरी, हॉस्टल और अन्य एकेडमिक बिल्डिंग्स तैयार किए गए। करीब 98 एकड़ में फैला यह परिसर उत्तर प्रदेश के बड़े प्राइवेट यूनिवर्सिटी परिसरों में गिना जाता है। साल 2012 में इसका उद्घाटन हुआ और बाद में इसे यूनिवर्सिटी का दर्जा मिला। हालांकि, समय के साथ इस प्रोजेक्ट पर जमीन विवाद, निर्माण की मंजूरी, पैसों में गड़बड़ी और सरकारी नियमों के उल्लंघन जैसे कई आरोप लगते रहे।

  1. क्या 38 इमारतें अवैध हैं- प्रशासन का दावा है कि इन भवनों के नक्शे स्वीकृत नहीं कराए गए, इसलिए इन्हें अवैध माना गया है।
  2. क्या तुरंत बुलडोजर चलेगा- नहीं, पहले ट्रस्ट को 15 दिन का समय दिया जाएगा. इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
  3. क्या ट्रस्ट के पास बचाव का मौका है- हां, ट्रस्ट इस आदेश को अदालत में चुनौती दे सकता है।
  4. निर्माण लागत पर विवाद क्या है- इनकम टैक्स का दावा है कि निर्माण पर 496 करोड़ रुपये खर्च हुए, जबकि ट्रस्ट 46 करोड़ रुपये खर्च होने की बात कह रहा है।
  5. क्या इससे पढ़ाई प्रभावित होगी- अगर कार्रवाई होती है, तो कुछ विभाग और सुविधाएं प्रभावित हो सकती हैं. अंतिम स्थिति अदालत के फैसले पर निर्भर करेगी।

अब सबसे बड़ा विवाद 38 भवनों के नक्शे को लेकर है. प्रशासन का कहना है कि इन भवनों का नक्शा कभी पास नहीं कराया गया, इसलिए इन्हें अवैध निर्माण माना गया है. दूसरी ओर ट्रस्ट का कहना है कि वह कानूनी विकल्प अपनाएगा और आदेश को अदालत में चुनौती देगा. ऐसे में यह मामला केवल एक यूनिवर्सिटी का नहीं, बल्कि निर्माण नियमों, प्रशासनिक प्रक्रिया और कानून के पालन का भी बन गया है.

जौहर यूनिवर्सिटी विवाद में क्यों है?

रामपुर विकास प्राधिकरण का कहना है कि यूनिवर्सिटी परिसर में बने 38 भवनों के नक्शे संबंधित प्राधिकरण से कभी स्वीकृत नहीं कराए गए. जांच के दौरान यह पाया गया कि मेडिकल कॉलेज और कुछ एकेडमिक बिल्डिंग्स को छोड़कर ज्यादातर निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई है. इसी आधार कार्रवाई करते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया.

क्या हर निर्माण के लिए मंजूरी जरूरी है?

किसी भी बड़े निर्माण के लिए सक्षम प्राधिकारी से भवन का नक्शा पास कराना जरूरी होता है. जब जौहर यूनिवर्सिटी का निर्माण शुरू हुआ था, तब यह क्षेत्र जिला पंचायत के अधिकार क्षेत्र में आता था. उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम, 1961 (संशोधित 1994) की धारा 239 के अनुसार, निर्माण से पहले अनुमति लेना जरूरी था. प्रशासन का आरोप है कि यूनिवर्सिटी ने सभी भवनों के लिए यह प्रक्रिया पूरी नहीं की.

निर्माण की मंजूरी किससे लेनी थी?

साल 2015 में रामपुर विकास प्राधिकरण का गठन हुआ, लेकिन जौहर यूनिवर्सिटी वाला क्षेत्र सितंबर 2024 में उसके अधिकार क्षेत्र में शामिल किया गया. उससे पहले जौहर यूनिवर्सिटी जिस सिंगनखेड़ा गांव में स्थित था, वह जिला पंचायत के अधीन आता था. इसलिए शुरुआती निर्माण के समय जिला पंचायत से मंजूरी आवश्यक थी. बाद में 38 भवनों के नक्शा न पास होने की शिकायत की गई थी. इसके बाद उत्तर प्रदेश शहरी योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27(1) के तहत विस्तृत सुनवाई और अभिलेखों की जांच के बाद विश्वविद्यालय की 38 इमारतों को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया गया.

निर्माण में कितना खर्च आया?

निर्माण में कितना पैसा लगा, यही इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा है. जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण पर कितना खर्च हुआ, इसे लेकर अलग-अलग दावे किए गए हैं. कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है. समाजवादी पार्टी सरकार के समय श्रम विभाग ने इसकी अनुमानित लागत करीब 2,000 करोड़ रुपये बताई थी. वहीं, बाद में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने CPWD से निर्माण लागत का आकलन कराया, जिसमें खर्च करीब 494 करोड़ रुपये बताया गया.

इसके आधार पर अप्रैल 2025 में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने जौहर ट्रस्ट को करोड़ों रुपये का नोटिस भेजा. विभाग का आरोप था कि ट्रस्ट के खातों में सिर्फ 100 करोड़ रुपये का खर्च दर्ज है, जबकि असल निर्माण लागत करीब 450 करोड़ रुपये है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने दोनों के बीच 350 करोड़ रुपये के अंतर को कथित बेनामी निवेश मानते हुए ब्याज सहित वसूली का नोटिस जारी किया. अलग-अलग आंकड़ों की वजह से ये विवाद और बढ़ गया है.

38 इमारतें कब गिराई जाएंगी?

रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के अनुसार, नियमानुसार ट्रस्ट को पहले 15 दिन का समय दिया जाएगा, ताकि वह स्वयं अवैध निर्माण हटा सके. अगर निर्धारित समय में ऐसा नहीं किया जाता, तो रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) अपने स्तर पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा.

जौहर ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन क्यों रद्द हुआ?

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट का पंजीकरण रद्द कर दिया है. डिपार्टमेंट का कहना है कि ट्रस्ट की गतिविधियां जनहित के अनुरूप नहीं थीं और कई वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताएं सामने आई हैं. जांच में आरोप लगा कि ट्रस्ट ने चंदा जुटाने में गड़बड़ी की, कुछ डमी ट्रस्टी बनाए और निर्माण लागत कम दिखाकर टैक्स से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया. ट्रस्ट से जुड़े सदस्यों पर भी सवाल उठाए गए हैं, जिसमें 9 लोग शामिल हैं. इन लोगों में 5 आजम खान के परिवार के ही सदस्य हैं.

अब ट्रस्ट के पास क्या है विकल्प?

ट्रस्ट इस आदेश के खिलाफ अदालत जा सकता है. वह निचली अदालत या इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सकता है. अगर कोर्ट से राहत मिलती है, तो फिलहाल इमारतें गिराने की कार्रवाई रुक सकती है. आगे क्या होगा, इसका फैसला अदालत के आदेश के बाद ही तय होगा.

विधायक मनप्रीत अयाली को चार जिलों का प्रभारी बनाए जाने का लवली ने किया स्वागत

लुधियाना / सत्ता संदेश

अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ द्वारा वरिष्ठ नेता एवं विधायक मनप्रीत सिंह अयाली को पंजाब के चार जिलों मोहाली, श्री फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना और रूपनगर का प्रभारी नियुक्त किए जाने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। बड़ी संख्या में लोग पार्टी की नीतियों से प्रभावित होकर अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ से जुड़ चुके हैं और यह सिलसिला लगातार जारी है।

यहां जारी एक बयान में, विधानसभा क्षेत्र जगराओं के सेवादार राजीव कुमार लवली ने विधायक अयाली को मिली इस जिम्मेदारी का स्वागत किया। लवली ने कहा कि अयाली की नियुक्ति का प्रभाव केवल मालवा ही नहीं, बल्कि पूरे पंजाब में देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी की नीतियों और गतिविधियों से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में लोग अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ से जुड़ रहे हैं और यह क्रम आगे भी जारी रहेगा।

लवली ने जोर देते हुए, कहा कि विधायक अयाली, सांसद भाई अमृतपाल सिंह खालसा की सोच को आगे बढ़ाते हुए, पार्टी के समूचे नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर वर्ष 2027 में एक निरोल पंथक सरकार के गठन के उद्देश्य से लगातार अभियान चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी की लहर हर गांव और हर शहर तक पहुंच रही है तथा प्रदेश को बचाने के लिए लोग बढ़-चढ़कर पार्टी का हिस्सा बन रहे हैं।

बैंस ब्रदर्स साथियों सहित अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ में हुए शामिल

लुधियाना / सत्ता संदेश

कार्यकारी अध्यक्ष बापू तरसेम सिंह खालसा, विधायक मनप्रीत सिंह इयाली समेत पूरी नेतृत्व टीम ने किया पार्टी में स्वागत

अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ के काफिले में उस समय बड़ा विस्तार हुआ, जब आत्म नगर विधानसभा क्षेत्र के ढंड पैलेस, डाबा रोड में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बैंस ब्रदर्स अपने समर्थकों सहित पार्टी में शामिल हो गए। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष बापू तरसेम सिंह खालसा, वरिष्ठ नेता एवं विधायक मनप्रीत सिंह अयाली सहित पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं ने तरलोचन सिंह बैंस, सुखविंदर सिंह बैंस, मनदीप सिंह बैंस और उनके साथियों का गर्मजोशी से पार्टी में स्वागत किया।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए, सांसद भाई अमृतपाल सिंह खालसा के पिता एवं पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष बापू तरसेम सिंह खालसा ने कहा कि पार्टी का काफिला लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोग रास्ते में उन्हें रोककर पार्टी की नीतियों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करते हैं और भाई अमृतपाल सिंह खालसा की वापसी के बारे में भी पूछते हैं। उन्होंने कहा कि अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने बताया कि हाल ही में लुधियाना महानगर के गिल विधानसभा क्षेत्र से स. दर्शन सिंह शिवालिक अपने साथियों सहित पार्टी में शामिल हुए थे और आज आत्म नगर विधानसभा क्षेत्र से भी इतनी बड़ी संख्या में लोगों का पार्टी से जुड़ना इसका प्रमाण है।

विधायक एवं वरिष्ठ नेता स. मनप्रीत सिंह अयाली ने कहा कि अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ ही एकमात्र क्षेत्रीय पार्टी है, जिस पर पंजाब के लोग भरोसा करते हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग पार्टी का हिस्सा बन रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंथ और पंजाब हितैषी सोच रखने वाले नेताओं एवं कार्यकर्ताओं का भी पार्टी में स्वागत है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले दिनों में और भी लोग पार्टी से जुड़ेंगे।

अमरजीत सिंह विंचड़ी पंच प्रधाननी ने कहा कि सभी लोगों को जात-पात और धर्म के भेदभाव से ऊपर उठकर अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ के साथ जुड़ना चाहिए।

भाई हरभजन सिंह तोड़ पंच प्रधाननी ने कहा कि युवाओं को अपना भविष्य और पंजाब को बचाने के लिए भाई अमृतपाल सिंह का साथ देना चाहिए।

इस दौरान पार्टी के मुख्य प्रवक्ता स. जसकरण सिंह काहन सिंह वाला ने लोगों को विरोधियों के कथित झूठे दावों से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि पंजाब को तरक्की और खुशहाली की आवश्यकता है, जो केवल अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ की पंथक सरकार ही दे सकती है।

पार्टी के समन्वयक परमजीत सिंह जौहल ने कहा कि पूरे पंजाब में लोग और युवा भाई अमृतपाल सिंह के साथ जुड़ रहे हैं।

पार्टी में शामिल होने वालों में तरलोचन सिंह बैंस, सुखविंदर सिंह बैंस, मनदीप सिंह बैंस के साथ जसविंदर सिंह (आत्म नगर), दलजीत सिंह (आत्म नगर), मनदीप सिंह, जगदीप सिंह, जसविंदर सिंह (रणजीत नगर), अजीत सिंह (रणजीत नगर), गुरजीत सिंह (कोट मंगल सिंह), कुलविंदर सिंह (कोट मंगल सिंह), सतवीर सिंह गिल, इंद्रजीत सिंह (करतार चौक), इकविंदर सिंह (फतेह सिंह नगर), सतनाम सिंह (गुरपाल नगर), परमिंदर सिंह (करतार चौक), इंद्रजीत सिंह (जनता नगर) सहित बड़ी संख्या में समर्थक शामिल रहे। उन्होंने पार्टी नेतृत्व का धन्यवाद करते हुए कहा कि पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपेगी, उसका वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे।

इस अवसर पर पृथीपाल सिंह बटाला, ऑब्जर्वर जिला लुधियाना ने सभी का धन्यवाद किया। मंच संचालन पार्टी के वरिष्ठ नेता स. रछपाल सिंह पमाल ने किया।

कार्यक्रम को वरिष्ठ नेता राजीव कुमार लवली (हल्का जगराओं), संदीप सिंह रुपालों (प्रवक्ता), हरपाल सिंह कोहली, हनी सिंगला, प्रभजोत सिंह राहो (जिला अध्यक्ष, नवांशहर), एडवोकेट इंद्रजीत सिंह, बाबा सुरिंदर सिंह मुल्लापुर सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया।

समारोह में मलकीत सिंह बल्ल हम्बड़ा, हरभजन सिंह इयाली, बलराज सिंह धालीवाल, बाबा हरजीत सिंह रायकोट, हरजीत सिंह पखोवाल, सुखविंदर सिंह रामगढ़िया, दानिश कपूर, मनजोत सिंह जस्स, बीबी हरप्रीत कौर अकालगढ़ (संयुक्त सचिव, महिला विंग), इंद्रजीत सिंह लुहारा, नरेंद्र सिंह अकालगढ़, कुलदीप सिंह भिट्टेवड्ड, राजवीर सिंह पमाल, सुखविंदर सिंह पमाल, हरमीत सिंह लुधियाना, कुलदीप सिंह कोहली, मनजीत सिंह चावला, हरप्रीत सिंह दुगरी, गुरदेव सिंह जवद्दी, हरप्रीत सिंह धांदरा, सोनू चीमा, बाबा प्रगट सिंह (अरबां खरबां तरना दल, जिला जालंधर), विक्रमजीत सिंह, जगरूप सिंह, सतनाम सिंह, शमशेर सिंह, हरविंदर सिंह, जसविंदर सिंह, अजीत सिंह, कुलविंदर सिंह, सुरजीत सिंह, गुरइकबाल सिंह, गुरदीप सिंह, जगदीप सिंह, राजा जबाल, जसकरण सिंह बैंस, सतवीर सिंह, हरजोत सिंह, हरजस सिंह, अंशवीर सिंह, गुरविंदर सिंह, रणधीर सिंह, राजदीप सिंह, गुरप्रताप सिंह, अंकित शर्मा, गौरव, आदेश प्रताप सिंह, इंद्रजीत सिंह, इरविंदर सिंह और परमिंदर सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं समर्थक उपस्थित रहे।

पूर्व विधायक से. दर्शन सिंह शिवालिक अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ में शामिल
  • पूर्व विधायक स. दर्शन सिंह शिवालिक अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ में शामिल
  • हलका गिल के सभी गांवों के बड़ी संख्या में पहुंचे सरपंचों, पंचों और कार्यकर्ताओं ने दर्ज कराई अपनी भागीदारी
  • आगामी विधानसभा चुनाव किसी भी राष्ट्रीय पार्टी से गठबंधन नहीं किया जाएगा: बापू स. तरसेम सिंह खालसा

लुधियाना/सत्ता संदेश

अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ को आज उस समय बड़ी मजबूती मिली, जब पूर्व विधायक एवं पंजाब सरकार के पूर्व संसदीय सचिव स. दर्शन सिंह शिवालिक अपने साथियों सहित पार्टी में शामिल हो गए। अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ के संरक्षक बापू स. तरसेम सिंह खालसा, विधायक स. मनप्रीत सिंह इयाली, सेक्रेटरी जनरल स. मनदीप सिंह सिद्धू सहित पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर स्थानीय कैनाल रोड पर आयोजित कार्यक्रम में हलका गिल के सभी गांवों से बड़ी संख्या में सरपंच, पंच और कार्यकर्ता पहुंचे तथा अपनी भागीदारी दर्ज कराते हुए, पार्टी के प्रति समर्थन व्यक्त किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, बापू स. तरसेम सिंह खालसा ने स. दर्शन सिंह शिवालिक का पार्टी में स्वागत करते हुए, कहा कि पंजाब को एक निरोल पंथक सरकार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ आगामी विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री उम्मीदवार सांसद भाई स. अमृतपाल सिंह खालसा के नेतृत्व में लड़ेगा। उन्होंने कहा कि समाज का हर वर्ग पार्टी की नीतियों के साथ खड़ा है।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए, बापू स. तरसेम सिंह खालसा ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ आगामी विधानसभा चुनाव किसी भी राष्ट्रीय पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि केवल एक क्षेत्रीय पार्टी ही पंजाब के मुद्दों का प्रभावी समाधान कर सकती है।

इससे पहले विधायक स. मनप्रीत सिंह अयाली ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पार्टी को मिल रहा भारी जनसमर्थन इस बात का संकेत है कि पंजाब में अगली पंथक सरकार बनने जा रही है। उन्होंने जोर देते हुए, कहा कि अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ ही राज्य को सही दिशा और दशा प्रदान कर सकता है।

इस दौरान उन्होंने विवादित वीडियो मामले में श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा जारी हुक्मनामे के पालन के लिए पार्टी की ओर से पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था है और उनके आदेश सर्वोपरि हैं। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि वे 29 जून को श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशानुसार उपस्थित होंगे।

वहीं पर, सरदार दर्शन सिंह शिवालिक ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपेगी, वह उसे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों को आजमा चुके पंजाब के लोगों को अब पार्टी से काफी उम्मीदें हैं और पार्टी उन उम्मीदों पर पूरी तरह खरी उतरेगी।

कार्यक्रम के दौरान काबल सिंह भुल्लर, अमरजीत सिंह वनचिड़ी, संदीप सिंह रुपालों, हरभजन सिंह तूड़, हरबीर सिंह अयाली, पृथीपाल सिंह बटाला, हल्का इंच जगराओं राजीव कुमार लवली, मनदीप सिंह हसनपुर, हरपाल सिंह कोहली, हरप्रीत सिंह प्रिंस, हनी सिंगला, हरभजन सिंह अयाली, जगरूप सिंह, मलकीत सिंह बल्ल तथा बलराज सिंह लुधियाना सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।