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बठिंडा के जंडांवाला गांव के 70 परिवार भाजपा की किश्ती में हुए सवार

बठिंडा (सत्ता संदेश)-गांव जंडांवाला में भाजपा के भुच्चो निर्वाचन क्षेत्र के प्रभारी और जिला अध्यक्ष एससी मोर्चा के प्रयास से 70 परिवारों ने अकाली दल छोड़कर भाजपा की किश्ती में सवार हो गये। इस अवसर पर गांव जंडांवाला में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए सरूप चंद सिंगला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और विश्व स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है। पंजाब में डबल इंजन की भाजपा सरकार समय की आवश्यकता है, जिससे राज्य से नशे और गैंगस्टरों का खात्मा कर शांति, कानून-व्यवस्था और भाईचारे को मजबूत किया जा सके। उन्होंने मुख्यमंत्री पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य के संसाधनों का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार वादे पूरे नहीं कर पाई। इस मौके पर भुच्चो मंडी के प्रभारी बलदेव सिंह ने कहा कि समाजसेवी रमणदीप सिंह साथियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों से प्रभावित होकर भाजपा में शामिल हुए हैं। इस अवसर पर जिला महासचिव जतिंदर गोगी, सर्कल अध्यक्ष जसवंत सिंह मान और गुरमेल सिंह खेमुआना उपस्थित थे। कार्यक्रम में शामिल होने वाले परिवारों में तीरथ राम शर्मा पंचायत सदस्य, मिट्टू सिंह और अन्य लोग उपस्थित थे।

14 मार्च को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मोगा में करेंगे बदलाव रैली को संबोधित

चंडीगढ़ (सत्ता संदेश)-केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 14 मार्च को पंजाब के मोगा में बदलाव रैली को संबोधित करेंगे। भाजपा की पंजाब इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने  यह जानकारी दी। चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शर्मा ने कहा कि पंजाब में हर कोई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को राज्य में एक विकल्प के रूप में देखता है। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब की जनता की सेवा करने, राज्य को विकास के पथ पर ले जाने, इसे नशे की समस्या से मुक्त कराने, किसानों के जीवन में बदलाव लाने और भ्रष्टाचार मुक्त शासन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। रैली को पंजाब में भाजपा के चुनावी अभियान की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जहां 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार पर हमला करते हुए शर्मा ने आरोप लगाया कि भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। पंजाब में हाल में हुई जबरन वसूली एवं गोलीबारी की हिंसक घटनाओं का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। शर्मा ने आरोप लगाया कि राज्य में मादक पदार्थ, अवैध खनन और भ्रष्टाचार का बोलबाला है। पठानकोट के विधायक ने दावा किया कि सरकारी कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है।

मुख्यमंत्री मान ने केजरीवाल-सिसोदिया के बरी होने पर मोदी सरकार को घेरा कहा, सत्य की हमेशा जीत होती है

चंडीगढ़ (सत्ता संदेश)-पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो एवं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को आबकारी नीति मामले में अदालत द्वारा बरी किए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि सत्य की हमेशा जीत होती है। दिल्ली की एक अदालत ने आबकारी नीति मामले में केजरीवाल और सिसोदिया को बरी कर दिया तथा केंद्रीय जांच ब्यूरो (सी.बी.आई.) द्वारा दाखिल आरोपपत्र का संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। इन दोनों नेताओं के अलावा इस मामले में 21 अन्य लोगों को भी बरी कर दिया गया। मुख्यमंत्री मान ने ‘एक्सÓ पर एक पोस्ट में कहा कि सत्य की हमेशा जीत होती है। दिल्ली की माननीय अदालत ने शराब घोटाले के मामले में आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बरी कर दिया है। माननीय अदालत के इस फैसले से सच्चाई सामने आ गई है। समय के साथ अन्य सभी मामलों में भी सच्चाई सामने आ जाएगी। आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब इकाई के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने दिल्ली की अदालत के फैसले का स्वागत किया और भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर पार्टी को बदनाम करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। अरोड़ा ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि कहावत है कि न्याय में देर हो सकती है, लेकिन अंधेर नहीं। अरविंद केजरीवाल जी, मनीष सिसोदिया जी और अन्य सभी को दिल्ली के तथाकथित शराब घोटाले के झूठे, मनगढ़ंत और झूठ से भरे मामले में माननीय अदालत द्वारा बरी कर दिया गया है, जिससे एक बार फिर यह साबित हो गया है कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की एजेंसियों ने आम आदमी पार्टी की ईमानदारी की राजनीति को बदनाम करने और नुकसान पहुंचाने के लिए यह सब किया था। उन्होंने कहा कि देश की जनता आने वाले दिनों में साजिशकर्ताओं को मुंहतोड़ जवाब देगी।

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने इस्तीफे के 7 महीने बाद तोड़ी चुप्पी मैंने कभी नहीं कहा, मैं बीमार हूं…
  • जयपुर (सत्ता संदेश)-गत 21 जुलाई, 2025 को जब जगदीप धनखड़ ने अचानक उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया, तो पूरे देश में अटकलों का बाजार गर्म हो गया था। राहुल गांधी ने इसे ‘बड़ी कहानीÓ बताया था, लेकिन अब खुद धनखड़ ने राजस्थान के चूरू में चुप्पी तोड़ते हुए असली वजह साफ कर दी है। कस्वां परिवार की मेजबानी में धनखड़ ने जो कहा, उसने विरोधियों के पुराने सवालों को नया मोड़ दे दिया है। अपने गृह जिले चूरू में एक छोटी सभा को संबोधित करते हुए धनखड़ ने स्पष्ट किया कि उन्होंने खराब स्वास्थ्य के चलते इस्तीफा नहीं दिया था। दरअसल, मैंने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया था। पूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा कि मैंने स्वास्थ्य के प्रति कभी लापरवाही नहीं बरती। कहते भी हैं-पहला सुख निरोगी काया। उन्होंने कहा कि मैंने जब कहा कि मैं उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे रहा हूं तो मैंने यह कभी नहीं कहा कि मैं बीमार हूं। मैंने कहा थे कि मैं स्वास्थ्य को अहमियत दे रहा हूं। धनखड़ के चूरू दौरे की मेजबानीध कांग्रेस के पूर्व सांसद राम सिंह कस्वां और ओलंपियन व पूर्व कांग्रेस विधायक कृष्णा पूनिया ने की। राम सिंह चूरू के वर्तमान सांसद राहुल कस्वां के पिता हैं। उन्होंने कहा कि मैं राम सिंह कस्वां के हालचाल लेने आया था। इस दौरान वे यह बताना नहीं भूले कि जब भी वह खुद अस्वस्थ हुए हैं तो उनका हालचाल जानने वालों में राम सिंह हमेशा सबसे आगे रहे हैं।
  • * दाढ़ी वाले से लगता है डर
  • संबोधन के दौरान जब धनखड़ अपने और राम सिंह कस्वां के पुराने रिश्तों का जिक्र कर रहे थे, तभी उन्होंने मजाकिया अंदाज चूठकर लेते हुए कहा कि मुझे ‘दाढ़ी वाले’ से डर लगता है। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसके अलग-अलग अर्थ लगाए जा रहे हैं। कुछ इसे राहुल गांधी से जोड़कर देख रहे हैं तो कुछ इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी जोड़कर देख रहे हैं।
  • * क्या कहा था राहुल गांधी ने?
  • लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उपराष्ट्रपति पद से जगदीप धनखड़ के इस्तीफे और उनकी चुप्पी पर सवाल उठाए थे। राहुल ने उस समय कहा था कि उन्होंने (जगदीप ने) इस्तीफा क्यों दिया, इसके पीछे एक बड़ी कहानी है। आप में से कुछ लोग इसे जानते होंगे, कुछ नहीं, लेकिन इसके पीछे एक कहानी जरूर है। और फिर यह भी एक कहानी है कि वह छिप क्यों रहे हैं। भारत के उपराष्ट्रपति ऐसी स्थिति में क्यों हैं कि वह एक शब्द नहीं कह सकते… और उन्हें छिपना पड़ रहा है… अचानक वह व्यक्ति जो राज्यसभा में खूब गरजता था, वह पूरी तरह से शांत हो गया है।
ट्रंप ने अमेरिकी एजेंसियों को एंथ्रोपिक की एआई तकनीक का इस्तेमाल बंद करने का आदेश दिया

वाशिंगटन, 28 फरवरी (एपी) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने शुक्रवार को देश की सभी सरकारी एजेंसियों को एआई कंपनी एंथ्रोपिक की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीक का उपयोग बंद करने का आदेश दिया और अन्य कड़े दंडात्मक कदम भी उठाए।

यह निर्णय सरकार और कंपनी के बीच एआई सुरक्षा को लेकर जारी विवाद के बाद लिया गया।

राष्ट्रपति ट्रंप, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और अन्य अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर एंथ्रोपिक की आलोचना की। उनका आरोप है कि कंपनी ने शुक्रवार तक की समयसीमा के भीतर सेना को अपनी एआई तकनीक के असीमित उपयोग की अनुमति नहीं दी, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

इससे पहले, एंथ्रोपिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डारियो अमादेई ने इन चिंताओं को लेकर सेना के साथ काम करने से इनकार कर दिया था कि कंपनी के उत्पादों का उपयोग ऐसे तरीकों से किया जा सकता है जो उसके सुरक्षा उपायों का उल्लंघन करेंगे।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘हमें कंपनी की तकनीक की जरूरत नहीं है और भविष्य में उससे कोई कारोबार नहीं किया जाएगा।’’

रक्षा मंत्री हेगसेथ ने एंथ्रोपिक को ‘‘आपूर्ति श्रृंखला जोखिम’’ घोषित किया, जो आमतौर पर विरोधी देशों की कंपनियों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला दर्जा है।

कंपनी ने इस कदम को अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि किसी अमेरिकी कंपनी को इस तरह चिह्नित करना कानूनी रूप से गलत है और खतरनाक मिसाल बनेगा।

एंथ्रोपिक ने कहा कि कंपनी केवल यह सुनिश्चित करना चाहती थी कि उसका एआई चैटबॉट ‘क्लाउड’ अमेरिकी नागरिकों की सामूहिक निगरानी या पूरी तरह स्वायत्त हथियारों में इस्तेमाल न किया जाए। हालांकि, अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन ने कहा कि तकनीक का उपयोग केवल कानूनी उद्देश्यों के लिए किया जाएगा, लेकिन उसने बिना किसी सीमा के पहुंच की मांग की।

यह विवाद राष्ट्रीय सुरक्षा में एआई की भूमिका को लेकर बढ़ती बहस के बीच सामने आया है।

सिलिकॉन वैली में भी इस फैसले पर प्रतिक्रिया देखने को मिली।

ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कंपनी के सुरक्षा संबंधी रुख का समर्थन किया, जबकि टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने ट्रंप प्रशासन का पक्ष लिया।

पाकिस्तान के साथ मेरे अच्छे संबंध हैं और वे बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं: ट्रंप

न्यूयॉर्क/वाशिंगटन, 28 फरवरी (भाषा) पाकिस्तान और अफगानिस्तान में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनके पाकिस्तान के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं और वह देश ‘‘बहुत अच्छा’’ प्रदर्शन कर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान के साथ मेरे संबंध बहुत अच्छे हैं। आपके पास एक महान प्रधानमंत्री हैं, एक महान जनरल हैं। आपके पास एक अच्छा नेता हैं, दो ऐसे लोग जिनका मैं वास्तव में बहुत सम्मान करता हूं और मुझे लगता है कि पाकिस्तान बहुत बढ़िया प्रदर्शन कर रहा है।’’

ट्रंप से पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के खिलाफ शुरू किए गए ‘‘खुले युद्ध’’ को लेकर सवाल किया गया था और यह भी पूछा गया था कि क्या वह लड़ाई रोकने के लिए हस्तक्षेप करेंगे।

अमेरिका की राजनीतिक मामलों की उप विदेश मंत्री एलिसन हुकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने शुक्रवार को पाकिस्तान की विदेश मंत्री आमना बलूच से बात की तथा ‘‘पाकिस्तान और तालिबान के बीच हाल में हुए संघर्ष में जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

उन्होंने कहा, ‘‘हम स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और तालिबान के हमलों के खिलाफ आत्मरक्षा करने के पाकिस्तान के अधिकार के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करते हैं।’’

एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक मामले में कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पर साधा निशाना

नयी दिल्ली, 27 फरवरी (भाषा) कांग्रेस ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की एक पाठ्यपुस्तक से जुड़े विवाद के मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने ‘‘स्वयं पाठ्यपुस्तकों के पुनर्लेखन के लिए नागपुर सांप्रदायिक तंत्र का मार्गदर्शन किया है।’’

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि उच्चतम न्यायालय को इस बात की भी जांच करनी चाहिए कि पाठ्यपुस्तकों को फिर से कैसे लिखा गया है और ‘‘वे कैसे ध्रुवीकरण और राजनीतिक हिसाब-किताब करने का साधन बन गई हैं।’’

रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘इजराइल में वास्तविक नैतिक कायरता का प्रदर्शन करने के बाद, प्रधानमंत्री एनसीईआरटी पुस्तकों के मुद्दे पर नकली आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं। स्पष्ट रूप से नुकसान की भरपाई की कवायद के तहत वह बता रहे हैं कि वह एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों में न्यायपालिका के महत्वपूर्ण संदर्भों से बेहद नाखुश हैं।’’

उन्होंने दावा किया कि पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र के ऐसे ‘‘झोलाछाप लोगों के एक नेटवर्क की अगुवाई की है, जिन्होंने पाठ्यपुस्तकों को अपने वैचारिक वायरस से संक्रमित करके गंभीर क्षति पहुंचाई है।’’

उनका कहना है कि यह अचानक नहीं हुआ है, बल्कि एक व्यवस्थित अभियान का हिस्सा हैं।

रमेश ने दावा किया, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं पाठ्यपुस्तकों के पुनर्लेखन के लिए नागपुर सांप्रदायिक तंत्र का मार्गदर्शन किया है। यह उनका खुद को उन पाठ्यपुस्तकों से दूर करने का सरासर पाखंड है, जिसने उच्चतम न्यायालय को चिंतित किया है।’’

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने एनसीईआरटी की आठवीं कक्षा के सामाजिक विज्ञान पाठ्यक्रम में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार पर अध्याय होने को लेकर बुधवार को कड़ी आपत्ति जताई थी, जिसके बाद एनसीईआरटी ने विवादित पाठ्यपुस्तक को अपनी वेबसाइट से हटा दिया।

न्यायालय ने बृहस्पतिवार को एनसीईआरटी की इन किताबों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया और किताबों की सभी प्रतियों को जब्त करने के साथ-साथ इसके डिजिटल संस्करणों को भी हटाने का आदेश दिया।

ट्रंप का मध्यावधि चुनाव से पहले मतदाताओं को साधने का प्रयास, जीत का भरोसा जताया

वाशिंगटन, 25 फरवरी (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संसद में अपने ‘स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन’ के दौरान मध्यावधि चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि ‘‘हम जीत रहे हैं’’। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने घरेलू स्तर पर रोजगार और विनिर्माण में तेजी लाई है, जबकि विदेशों में एक नई वैश्विक व्यवस्था स्थापित की है।

ट्रंप को उम्मीद है कि अपनी उपलब्धियों की लंबी सूची पेश करने से उनकी गिरती लोकप्रियता रेटिंग में सुधार आ सकता है।

ट्रंप की इस घोषणा का उद्देश्य अमेरिकी नागरिकों को यह यकीन दिलाना था कि अर्थव्यवस्था मजबूत है और अमेरिकी नागरिकों को नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन का साथ देकर इसी तरह की अर्थव्यवस्था के लिए मतदान करना चाहिए।

लंबी लाल टाई और नीला सूट पहने हुए ट्रंप जब सदन में भाषण देने पहुंचे तो रिपब्लिकन सांसदों ने ‘‘यूएसए, यूएसए’’ के नारे लगाए।

वहीं अधिकतर डेमोक्रेट बिना ताली बजाए अपने स्थानों पर बैठे रहे। पार्टी के कुछ सांसदों ने भाषण में शामिल न होकर अपना विरोध दर्ज कराया।

ट्रंप ने सदन की कार्यवाही शुरू होने पर ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अमेरिकी पुरुष हॉकी टीम को तालियों की गड़गड़ाहट के बीच सदन में आमंत्रित किया। टीम ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) के दौरे के बाद संसद भवन पहुंची थी।

ट्रंप ने टीम का परिचय देने से पहले कहा, ‘‘हमारा देश फिर से जीत रहा है। वास्तव में, हम हर क्षेत्र में जीत रहे हैं। लोग मुझसे कहते हैं कि हम हर क्षेत्र में जीत रहे हैं और आपके आने से पहले हमारे देश में जीत की कोई आदत नहीं थी।’’

अपने पदक पहने और बड़े अक्षरों में ‘‘यूएसए’’ लिखे स्वेटर पहने हॉकी खिलाड़ियों के सम्मान में दोनों दलों के सदस्यों ने खड़े होकर तालियां बजाईं। ट्रंप ने सदन के डेमोक्रेटिक पक्ष की ओर इशारा करते हुए चुटकी ली, ‘‘मैंने उन्हें पहली बार खड़े होते देखा है।’’

ट्रंप ने घोषणा की कि वह हॉकी टीम के गोलकीपर कॉनर हेलेब्यूक को अमेरिका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम’ प्रदान करेंगे।

ट्रंप ने 2020 में भी इसी तरह की एक आश्चर्यजनक घोषणा की थी, जिसमें उन्होंने अपने संबोधन के दौरान रेडियो होस्ट रश लिम्बो के लिए इस पुरस्कार की घोषणा की थी।

राष्ट्रपति ने यह भी घोषणा की कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़ी तकनीकी कंपनियां उन क्षेत्रों में बिजली की दरें बढ़ाने पर सहमत हो रही हैं जहां उनके डेटा सेंटर स्थित हैं। डेटा सेंटर बड़ी मात्रा में बिजली का उपयोग करते हैं, जिससे उस क्षेत्र के अन्य उपभोक्ताओं के लिए बिजली की लागत बढ़ सकती है।

ट्रंप ने पिछले सप्ताह अमेरिका के उच्चतम न्यायालय द्वारा उनकी कई प्रमुख शुल्क नीतियों को रद्द करने के फैसले का जिक्र करते हुए इसे ‘‘एक दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय’’ बताया और कहा कि अदालत के फैसले से पहले ‘‘सब कुछ ठीक चल रहा था’’। ट्रंप के इस बयान के दौरान डेमोक्रेट सदस्यों को ताली बजाते हुए देखा गया।

ट्रंप ने कहा कि वह आयात पर कर लगाने के लिए ‘‘वैकल्पिक’’ कानूनों का इस्तेमाल करते हुए आगे बढ़ेंगे। उन्होंने सांसदों से कहा, ‘‘कांग्रेस (संसद) की कार्रवाई इसके लिए आवश्यक नहीं होगी।’’

ट्रंप ने शुल्क के बारे में कहा, ‘‘इसने हमारे देश को बचाया है’’ और साथ ही यह भी कहा कि यह ‘‘शांति का रक्षक भी रहा’’ है। उन्होंने कहा, ‘‘यह सच में सदियों के लिए बहुत बड़ा बदलाव है।’’

ट्रंप का भाषण शुरू होने से पहले ‘व्हाइट हाउस’ की तरफ से जारी उसके कुछ हिस्सों में कहा गया कि ट्रंप यह संकल्प लेंगे कि, ‘‘आगे बढ़ते हुए, अमेरिका में फैक्टरियां, नौकरियां, निवेश और ट्रिलियन डॉलर आते रहेंगे।

योगी आदित्यनाथ जापान पहुंचे, निवेश आकर्षित करने के लिए करेंगे कई बैठकें

लखनऊ, 25 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जापान की राजधानी तोक्यो पहुंचने पर बुधवार को गर्मजोशी से स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य निवेश लाना और औद्योगिक सहयोग को मजबूत करना है।

आदित्यनाथ का स्वागत यामानाशी प्रीफेक्चर के वाइस गवर्नर जुनिची इशिडेरा और अनिवासी भारतीय सदस्यों ने किया।

भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ लिखा कि जापान में भारत की एम्बेसडर नगमा एम. मलिक ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

यह आदित्यनाथ की जापान की पहली यात्रा है। इससे पहले सिंगापुर यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य का प्रतिनिधिमंड करीब 6000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आकर्षित कर चुकी है।

अधिकारियों ने कहा कि इन यात्राओं का मुख्य उद्देश्य रणनीतिक और आर्थिक रिश्तों को गहरा करने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को एक पसंदीदा वैश्विक निवेश गंतव्य के तौर पर स्थापित करना है।

राज्य सरकार द्वारा जारी बयान के मुताबिक तोक्यो पहुंचने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने कोनोइक ट्रांसपोर्ट कंपनी लिमिटेड के वरिष्ठ कार्यकारी के साथ बैठक कीं। इसमें वरिष्ठ प्रबंध कार्यकारी अधिकारी शिगेकी तनाबे भी शामिल हुए।

बयान के अनुसार इस बैठक में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में लॉजिस्टिक्स पार्क, गोदाम और ‘मल्टीमोडल ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर’ में कंपनी की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा की।

अधिकारियों ने बताया कि आदित्यनाथ ने कंपनी को ‘डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर नेटवर्क’ और उत्तर प्रदेश में ‘मेडिकल डिवाइस पार्क’ का फायदा उठाकर चिकित्सकीय उपकरण विनिर्माण क्षेत्र में मौके तलाशने का आमंत्रण दिया।

बयान के मुताबिक निर्धारित कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री मित्सुई एंड कंपनी के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स बिजनेस यूनिट के मुख्य परिचालन अधिकारी काजुकी शिमिजु और दूसरे वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ मूलभूत अवसंरचना निर्माण में सहयोग पर चर्चा करने के लिए बेठकें करेंगे।

इसमें कहा गया कि मुख्यमंत्री का मोटर वाहन और इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र में सहयोग की संभावना तलाशने के लिए डेंसो कॉर्पोरेशन के शीर्ष प्रतिनिधियों से भी मिलने का कार्यक्रम भी है।

अधिकारियों ने बताया कि व्यापार एवं निवेश साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए जापान ‘एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन’ के चेयरमैन इशिगुरो नोरिहिको के साथ भी एक बैठक प्रस्तावित है।

अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान मुख्यमंत्री मुख्य भाषण देंगे जिसमें वह राज्य की औद्योगिक नीति एवं मूलभूत ढांचे पर जोर और उत्तर प्रदेश को 1000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य का उल्लेख करेंगे।

मोदी ने नीदरलैंड के नवनियुक्त प्रधानमंत्री रॉब जेटेन को बधाई दी

 नयी दिल्ली, 24 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नीदरलैंड के प्रधानमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने पर रॉब जेटेन को मंगलवार को बधाई देते हुए कहा कि वह दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों को और गति देने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने के आकांक्षी हैं।

नीदरलैंड के सबसे युवा प्रधानमंत्री जेटेन ने सोमवार को पदभार ग्रहण किया।

मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा, “नीदरलैंड के प्रधानमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने पर रॉब जेटेन को बधाई। भारत और नीदरलैंड विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक संबंध साझा करते हैं। मैं दोनों देशों तथा लोगों के बीच बढ़ते संबंधों को और गति देने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने का आकांक्षी हूं।”

अड़तीस वर्षीय जेटेन तीन दलों के गठबंधन का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसमें उनकी मध्यमार्गी पार्टी डी66, मध्य-दक्षिणपंथी ‘क्रिश्चियन डेमोक्रेट्स’ और मध्य-दक्षिणपंथी ‘पीपुल्स पार्टी फॉर फ्रीडम एंड डेमोक्रेसी’ शामिल हैं।