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सूर्यवंशी की आक्रामकता, म्हात्रे की दृढता, जॉर्ज के हौसले से भारत की युवा ब्रिगेड ने रचा इतिहास

मुंबई, सात फरवरी क्रिकेट के दीवाने देश के नूरे नजर बने वैभव सूर्यवंशी ने अपना सर्वश्रेष्ठ फाइनल के लिये बचा रखा था जबकि कप्तान आयुष म्हात्रे जरूरत के समय संकटमोचक साबित हुए और उनकी युवा ब्रिगेड के हर सदस्य ने अपनी भूमिका बखूबी निभाते हुए इंग्लैंड को सौ रन से हराकर भारत को छठी बार अंडर 19 विश्व कप दिलाया ।

आईपीएल में अपनी प्रतिभा की बानगी पहले ही दे चुके चौदह वर्ष के सूर्यवंशी में भारत के महान खिलाड़ियों की लीग में शामिल होने का माद्दा है ।

मुंबई के एक और बल्लेबाज ने दृढता और आत्मविश्वास की नयी कहानी लिखी और वह है कप्तान म्हात्रे जिन्होंने खराब फॉर्म को अलविदा कहकर नॉकआउट में अहम भूमिका निभाई ।

अंडर 19 टीम के कुछ प्रमुख खिलाड़ियों पर नजर डालते हैं जिन्होंने भारत को छठी बार अंडर 19 विश्व कप विजेता बनाया ।

वैभव सूर्यवंशी :

फाइनल में 80 गेंद में 15 चौकों और 15 छक्कों के साथ 175 रन बनाने वाले सूर्यवंशी की सफलता ने भारतीय क्रिकेट के बेहतरीन ढांचे का भी परिचय दिया है जो युवा प्रतिभाओं को तलाशता और तराशता है । पिछले साल आईपीएल में दूसरा सबसे तेज शतक लगाने वाले बिहार के समस्तीपुर के इस 14 वर्षीय युवक का नाम आज फिर पूरे भारत की जबां पर है ।

आयुष म्हात्रे :

सेमीफाइनल से पहले छह मैचों में सिर्फ एक अर्धशतक लगा सके मुंबई के इस खिलाड़ी की आलोचना होने लगी थी । पाकिस्तान के खिलाफ खाता नहीं खोल सके लेकिन 21 रन देकर तीन विकेट लिये और भारत की जीत के सूत्रधार बने । फिर अफगानिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में 62 और फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 53 रन बनाये ।

आरोन जॉर्ज :

हैदराबाद के लिये खेलने वाले केरल के आरोन जॉर्ज को उनकी प्रवाहमय पारियों के लिये जाना जाता है । टूर्नामेंट में अधिकांश मैचों में वह रन नहीं बना सके लेकिन अफगानिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में 300 से अधिक के लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्होंने 115 रन बनाये । ऐसे समय में जब टीम को इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी ।

विहान मल्होत्रा :

फाइनल में सूर्यवंशी 175 रन बनाकर भले ही उनसे आगे निकल गए हों लेकिन 60 की औसत से एक शतक समेत 240 रन बनाने वाले विहान के प्रदर्शन में निरंतरता काबिले तारीफ थी । भारत के लिये सर्वाधिक रन बनाने वाले वह दूसरे बल्लेबाज बने । अपनी गलतियों को जल्दी सुधारने के लिये मशहूर विहान जब तक बड़ा स्कोर नहीं बनाते, चैन से नहीं बैठते ।

वेदांत त्रिवेदी :

पाकिस्तान के खिलाफ आखिरी लीग मैच में 68 रन बनाने वाले वेदांत उस समय क्रीज पर आये थे जब स्कोर तीन विकेट पर 47 रन था । अहमदाबाद के 18 वर्ष के इस खिलाड़ी को दबाव के हालात में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने और शांतचित्त रहने के लिये जाना जाता है ।

अभिज्ञान कुंडू :

नवी मुंबई के इस खिलाड़ी को क्रिकेट कोचिंग में इसलिये डाला गया था ताकि अभ्यास करके थक जायें और समय पर सो सकें । अथक परिश्रम करने वाले कुंडू बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग के अभ्यास से पीछे नहीं हटते । लगातार उम्दा पारियां खेलने वाले कुंडू का लक्ष्य सीनियर टीम में उपयोगी विकेटकीपर बल्लेबाज बनना है । महेंद्र सिंह धोनी की तरह ।

आर एस अम्बरीश :

तमिलनाडु के अम्बरीश ने फाइनल में 56 रन देकर तीन विकेट लेने से पहले पाकिस्तान के खिलाफ निचले क्रम पर 29 रन बनाये थे । इसके अलावा न्यूजीलैंड के खिलाफ 29 रन देकर चार विकेट लिये ।

दीपेश देवेंद्रन :

तमिलनाडु के एक किसान वासुदेवन देवेंद्रन के बेटे दीपेश को अपने शुरूआती दिनों में सही मार्गदर्शन मिला और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वह इस लय को कायम रखना चाहते हैं । उन्होंने सेमीफाइनल और फाइनल में दो दो विकेट लिये ।

खिलन पटेल :

जबर्दस्त आत्मविश्वास के धनी खिलन का इरादा रविंद्र जडेजा की तरह बायें हाथ का स्पिनर और आक्रामक बल्लेबाज बनने का है ।

अफगानिस्तान के खिलाफ हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन करना होगा न्यूजीलैंड को

चेन्नई, सात फरवरी उलटफेर करने में माहिर अफगानिस्तान जैसी खतरनाक टीम के खिलाफ न्यूजीलैंड को टी20 विश्व कप के ग्रुप डी के पहले मैच में रविवार को खेल के हर विभाग में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा ।

विश्व कप से पहले इस प्रारूप में न्यूजीलैंड का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा है और भारत ने उसे श्रृंखला में 4 . 1 से हराया ।

टिम सीफर्ट और फिन एलेन के आने से शीर्षक्रम मजबूत लग रहा है लेकिन रचिन रविंद्र, मार्क चैपमैन और डेवोन कोंवे को बेहतर प्रदर्शन करना होगा । भारत के खिलाफ मध्यक्रम की नाकामी न्यूजीलैंड को बहुत खली है । ऐसे में कोई कोताही महंगी पड़ सकती है क्योंकि इस ग्रुप में दक्षिण अफ्रीका भी है ।

न्यूजीलैंड को अपने गेंदबाजों के भी फॉर्म में लौटने की उम्मीद होगी जो भारत के खिलाफ काफी महंगे साबित हुए थे ।

लॉकी फर्ग्युसन ने भारत के खिलाफ एक ही मैच खेला लेकिन उनकी गेंदों में अतिरिक्त रफ्तार और विविधता देखी गई । उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ अहम भूमिका निभानी होगी जबकि मिचेल सेंटनेर और लेग स्पिनर ईश सोढी उनका साथ देंगे ।

दूसरी ओर अफगानिस्तान काफी दमदार टी20 टीम है जिसने पिछले सप्ताह वेस्टइंडीज का श्रृंखला में सूपड़ा साफ किया ।

उसके पास काफी मैच विनर खिलाड़ी है लेकिन सबसे बड़ा स्टार राशिद खान है । दुनिया भर में टी20 लीग खेलने वाले राशिद की गेंदें अब उतनी रहस्यमयी भले ही नहीं रह गई हों लेकिन वह बेहद खतरनाक गेंदबाज हैं ।

उनका साथ देने के लिये मुजीबुर रहमान और नूर अहमद होंगे । चेपॉक की पिच पर दोनों टीमों के स्पिनरों की भूमिका अहम होगी और चूंकि मैच 11 बजे शुरू हो रहा है तो ओस की भी उतनी भूमिका नहीं होगी ।

अफगानिस्तान की बल्लेबाजी का केंद्र रहमानुल्लाह गुरबाज और इब्राहिम जदरान होंगे जबकि सेदिकुल्लाह अटल पर भी नजरें रहेंगी ।

टीमें :

न्यूजीलैंड :

मिचेल सेंटनेर (कप्तान), फिन एलेन, माइकल ब्रासवेल, मार्क चैपमैन, डेवोन कोंवे, जैकब डफी, जॉकी फर्ग्युसन, मैट हेनरी, काइल जैमीसन, डेरिल मिचेल, जेम्स नीशाम, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रविंद्र, टिम सीफर्ट, ईश सोढी ।

अफगानिस्तान :

राशिद खान (कप्तान), नूर अहमद, अब्दुल्लाह अहमदजइ, सेदिकुल्लाह अटल, फजलहक फारूकी, रहमानुल्लाह गुरबाज, मोहम्मद इशाक रहीमी, शाहिदुल्लाह कमल, मोहम्मद नबी, गुलबदिन नायब, अजमतुल्लाह उमरजइ, मुजीबुर रहमान, दार्विश रसूली, इब्राहिम जदरान, जिया उर रहमान शरीफी ।

मैच का समय : सुबह 11 बजे से ।

नीदरलैंड के खिलाफ पाकिस्तान का टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला

कोलंबो, सात फरवरी (भाषा) पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा ने नीदरलैंड के खिलाफ टी20 विश्व कप के पहले मैच में शनिवार को टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया ।

सलमान ने कहा कि उनकी टीम पिच की नमी का फायदा उठाना चाहती है और तीन तेज गेंदबाजों को लेकर उतरी है ।

नीदरलैंड के कप्तान स्कॉट एडवडर्स ने भी कहा कि टॉस जीतने पर वे भी गेंदबाजी चुनते लेकिन बल्लेबाजी करके भी खुश हैं ।

U-19 वर्ल्ड कप: चैंपियन बनी टीम इंडिया, पर ICC नहीं देगा प्राइज मनी; जानें क्या है वजह

स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय अंडर-19 टीम ने हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड को 100 रनों से हराकर विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है। आयुष म्हात्रे की कप्तानी में टीम इंडिया ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। फाइनल की जीत के सबसे बड़े नायक वैभव सूर्यवंशी रहे, जिन्होंने मात्र 80 गेंदों में 175 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली।

ICC क्यों नहीं दे रहा प्राइज मनी? खिताब जीतने के बावजूद, खिलाड़ियों को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की ओर से कोई प्राइज मनी नहीं मिलेगी। इसका कारण ICC की वह नीति है जिसके तहत अंडर-19 वर्ल्ड कप को एक ‘डेवलपमेंट टूर्नामेंट’ माना जाता है। ICC का मानना है कि यह प्रतियोगिता युवा खिलाड़ियों के मार्गदर्शन और विकास के लिए है। इसके अलावा, ICC पहले ही सदस्य देशों को क्रिकेट डेवलपमेंट के लिए राजस्व का हिस्सा देता है, इसलिए अलग से प्राइज मनी देना ‘डबल रिवार्ड’ माना जाएगा।

वैभव सूर्यवंशी का ऐतिहासिक रिकॉर्ड: वैभव सूर्यवंशी U-19 विश्व कप इतिहास के पहले खिलाड़ी बन गए हैं जिन्हें फाइनल में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ और पूरे टूर्नामेंट के लिए ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ दोनों अवॉर्ड मिले हैं। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 62.71 की औसत से 439 रन बनाए और सबसे ज्यादा 30 छक्के जड़े।

BCCI से इनाम की उम्मीद : भले ही ICC प्राइज मनी न दे, लेकिन BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) द्वारा विजेता टीम को भारी इनाम दिए जाने की परंपरा रही है। साल 2022 में जीत के बाद BCCI ने हर खिलाड़ी को 40 लाख रुपये दिए थे, इसलिए इस बार भी वैभव सूर्यवंशी, आयुष म्हात्रे और अन्य खिलाड़ियों के लिए जल्द ही बड़े इनाम की घोषणा होने की उम्मीद है।

अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026: टीम इंडिया ने रचा इतिहास, इंग्लैंड को 100 रनों से हराकर रिकॉर्ड छठी बार जीता खिताब

स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय अंडर-19 टीम ने आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड को 100 रनों से मात देकर छठी बार विश्व कप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली है। इस जीत के साथ ही भारत इस टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे सफल टीम बन गई है, जिसने अब तक सबसे ज्यादा बार यह टाइटल जीता है।

वैभव सूर्यवंशी का रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन: फाइनल मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और 50 ओवरों में 411/9 का विशाल स्कोर खड़ा किया। भारत की ओर से वैभव सूर्यवंशी ने मात्र 80 गेंदों पर 175 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर मैच को एकतरफा कर दिया। उन्होंने अपनी इस पारी में 15 चौके और 15 छक्के लगाए। वैभव को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ और ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ दोनों पुरस्कारों से नवाजा गया। उनके अलावा कप्तान आयुष म्हात्रे ने 53 रन और अभिज्ञान कुंडू ने 40 रनों का अहम योगदान दिया।

इंग्लैंड की हार और भारतीय गेंदबाजी: 412 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की टीम 40.2 ओवर्स में 311 रनों पर सिमट गई। भारतीय गेंदबाजी में आरएस अंबरीश ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए, जबकि दीपेश देवेंद्रन और कनिष्क चौहान ने 2-2 विकेट हासिल किए। इंग्लैंड की ओर से बेन मेयस ने 66 रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेली, लेकिन वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके।

प्रधानमंत्री और दिग्गजों ने दी बधाई: भारतीय टीम की इस शानदार उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर बधाई देते हुए लिखा कि “भारत का क्रिकेट टैलेंट चमका! हमारी U-19 टीम पर गर्व है जिसने वर्ल्ड कप घर लाया”।

पूर्व कप्तान विराट कोहली ने भी टीम की सराहना करते हुए कहा कि क्रिकेट के जूनियर स्तर पर हमारा दबदबा जारी है। इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उपराष्ट्रपति और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी युवा खिलाड़ियों को उनकी मेहनत और जीत के लिए शुभकामनाएं दीं।

टी20 विश्व कप : खिताब की प्रबल दावेदार भारत की नजरें अमेरिका पर शानदार जीत के साथ आगाज पर

मुंबई, छह फरवरी (भाषा) सितारों से सजी भारतीय टीम टी20 विश्व कप में शनिवार को आत्मविश्वास से ओतप्रोत अमेरिका के खिलाफ अपने अभियान का आगाज करेगी तो खिताब बरकरार रखने वाली पहली टीम बनने का इरादा जेहन में और क्रिकेटप्रेमियों की अपेक्षाओं का बोझ कंधों पर रहेगा ।

टी20 विश्व कप 2024 जीतने वाली भारतीय टीम के दो मजबूत स्तंभ विराट कोहली और रोहित शर्मा भले ही इस प्रारूप से विदा ले चुके हों लेकिन भारतीय टीम अभी भी सबसे दमदार दावेदार है । भारत ने उसके बाद से नौ श्रृंखलायें जीती हैं जिनमें पिछले साल एशिया कप में मिली जीत शामिल है ।

पिछले पूरे साल खराब फॉर्म से जूझते रहे कप्तान सूर्यकुमार यादव का बल्ला भी अब खामोश नहीं है जिससे रही सही कसर भी पूरी हो गई । ईशान किशन ने विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर जबर्दस्त फॉर्म के साथ वापसी की है ।

ईशान और अभिषेक शर्मा की जोड़ी से भारतीय टीम को काफी उम्मीदें हैं चूंकि दोनों का प्रदर्शन अभी तक जबर्दस्त रहा है ।

भारत की तुलना 2007 वनडे विश्व कप की आस्ट्रेलियाई टीम से की जा रही है हालांकि दोनों प्रारूप अलग है लेकिन सूर्यकुमार की टीम हर विभाग में परिपक्व और संतुलित दिख रही है । सूर्यकुमार का फॉर्म में लौटना, मध्यक्रम में तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या जैसा हरफनमौला, शिवम दुबे और अक्षर पटेल जैसे धुरंधरों की मौजूदगी बल्लेबाजी को मजबूत बनाती है ।

रिंकू सिंह जैसा फिनिशर भी भारत के पास है । वहीं तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का कार्यभार प्रबंधन विश्व कप को देखते हुए बड़ी समझदारी के साथ किया गया है । उनके साथ अर्शदीप सिंह नयी गेंद संभालेंगे और हर्षित राणा भी टीम में मौजूद हैं ।

कुलदीप यादव और वरूण चक्रवर्ती के रूप में भारत के पास इस प्रारूप में दुनिया के दो सर्वश्रेष्ठ स्पिनर हैं लेकिन असल चुनौती ओस की होगी । पहला टी20 विश्व कप 2007 में जीतने वाले पूर्व कप्तान एम एस धोनी ने इस ओर इशारा किया था ।

भारतीय चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन ने हालात के अनुरूप काफी सोच समझकर टीम चुनी है जिसमें शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल जैसे दिग्गज नहीं हैं । संजू सैमसन को भी अंतिम एकादश में शायद ही जगह मिले ।

सूर्यकुमार को अमेरिकी टीम में कई जाने माने चेहरे दिख जायेंगे । इसी मैदान पर कभी उन्होंने शुभम रंजने, हरमीत सिंह और सौरभ नेत्रवलकर के साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया था ।

पिच और हालात की जानकारी का तीनों ‘मुंबईकर’ अमेरिेकी खिलाड़ियों को अतिरिक्त फायदा मिलेगा ।अमेरिका ने पिछली बार अपनी सह मेजबानी में हुए टी20 विश्व कप में पूर्व चैम्पियन पाकिस्तान को हराकर सुपर आठ में जगह बनाई थी और भारत को भी कड़ी चुनौती दी थी ।

अमेरिकी टीम ने पिछले साल नौ में से आठ मैच जीते हैं और टी20 विश्व कप से पहले श्रीलंका में तीन सप्ताह के शिविर में भाग लिया है ।

कप्तान मोनांक पटेल ने बल्लेबाजी में कमाल किया है और उन्हें साइतेजा मुक्कमल्ला तथा मिलिंद कुमार से पूरा सहयोग मिला । गेंदबाजी में नेत्रवलकर, हरमीत और रंजने अहम होंगे ।

दूसरे अभ्यास मैच में न्यूजीलैंड को कड़ी चुनौती देने वाली अमेरिकी टीम सिर्फ सात रन से हारी थी ।

टीमें :

भारत :

सूर्यकुमार यादव (कप्तान), ईशान किशन, संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, हार्दिक पंड्या, वाशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, हर्षित राणा,वरूण चक्रवर्ती ।

अमेरिका :

मोनांक पटेल (कप्तान ), आंद्रिस गौस, साइतेजा एम, शायन जहांगीर, हरमीत सिंह, शेहान जयसूर्या, संजय कृष्णमूर्ति, मिलिंद कुमार, मोहम्मद मोहसिन, शुभम रंजने, शाडले वान शाकविक, अली खान, जसदीप सिंह, नोस्तुश केनिजे, सौरभ नेत्रवलकर ।

मैच का समय : शाम सात बजे से ।

WPL 2026 Final: RCB ने रचा इतिहास, दिल्ली कैपिटल्स को हराकर दूसरी बार जीता खिताब

स्पोर्ट्स डेस्क : महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 के रोमांचक फाइनल मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने दिल्ली कैपिटल्स (DC) को 6 विकेट से हराकर दूसरी बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है। वडोदरा के कोटाम्बी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में आरसीबी ने न केवल जीत दर्ज की, बल्कि 204 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए डब्ल्यूपीएल इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन चेज भी किया।

मंधाना और वॉल का तूफान: लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी की शुरुआत धीमी रही, लेकिन कप्तान स्मृति मंधाना और जॉर्जिया वॉल ने मोर्चा संभालते हुए दूसरे विकेट के लिए 92 गेंदों पर 165 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी की। यह डब्ल्यूपीएल के इतिहास में किसी भी विकेट के लिए अब तक की सबसे बड़ी साझेदारी है।

स्मृति मंधाना: ने 41 गेंदों पर 87 रन बनाए (12 चौके, 3 छक्के), जो WPL फाइनल का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है।

जॉर्जिया वॉल: ने 54 गेंदों पर 79 रनों की शानदार पारी खेली।

दिल्ली कैपिटल्स की लगातार चौथी हार: दिल्ली कैपिटल्स की टीम चारों सीजन फाइनल में पहुंची है, लेकिन इस बार भी उसे निराशा ही हाथ लगी। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए दिल्ली ने कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स के 57 रनों और चिनेले हेनरी के नाबाद 35 रनों की बदौलत 4 विकेट पर 203 रन बनाए थे। आरसीबी की ओर से नादिन डिक्लर्क, सयाली सतघरे और अरुंधति रेड्डी ने एक-एक विकेट लिया।

आखिरी ओवर का रोमांच: मैच के आखिरी ओवर में आरसीबी को जीत के लिए 10 रनों की दरकार थी। राधा यादव ने इस ओवर में दो चौके लगाकर अपनी टीम को चौथी गेंद पर जीत दिला दी। इससे पहले आरसीबी ने 2024 में भी यह खिताब जीता था, जबकि 2023 और 2025 का खिताब मुंबई इंडियंस ने अपने नाम किया था।

T20 वर्ल्ड कप 2026: पाकिस्तान के बायकॉट के बावजूद मैदान पर उतरेंगे सूर्यकुमार यादव, जानें क्या है ICC का नियम

स्पोर्ट्स डेस्क : टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के आगाज से पहले एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पाकिस्तान ने ऐलान किया है कि वह भारत के खिलाफ होने वाले महामुकाबले का बायकॉट करेगा। हालांकि, पीसीबी (PCB) के इस फैसले के बावजूद भारतीय टीम और कप्तान सूर्यकुमार यादव को 15 फरवरी को कोलंबो के मैदान पर पहुंचना होगा और टॉस की प्रक्रिया में हिस्सा लेना होगा।

क्यों जरूरी है टॉस के लिए मैदान पर उतरना? आईसीसी (ICC) के नियमों के अनुसार, यदि कोई टीम मैच का बायकॉट करती है और दूसरी टीम को बिना खेले पूरे 2 अंक (पॉइंट्स) हासिल करने हैं, तो उसे निर्धारित समय पर मैदान पर उपस्थित होना अनिवार्य है। 15 फरवरी को जब भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव टॉस के लिए ग्राउंड पर उतरेंगे और पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा वहां नहीं पहुंचेंगे, तब मैच रेफरी टीम इंडिया को इस मुकाबले का विजेता घोषित कर देंगे।

मैदान पर न जाने पर होगा नुकसान: यदि पाकिस्तान के बायकॉट के बाद भारतीय टीम भी कोलंबो नहीं जाती है, तो आईसीसी के नियमों के तहत दोनों ही टीमों को एक-एक अंक दे दिया जाएगा। इस स्थिति में टीम इंडिया को एक अंक का नुकसान झेलना पड़ सकता है, इसलिए भारतीय टीम पूरी तैयारी के साथ स्टेडियम पहुंचेगी।

सूर्यकुमार यादव का बयान : इस पूरे विवाद पर भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा, “हमने पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से इनकार नहीं किया है, बल्कि उन्होंने मना किया है”।

उन्होंने आगे बताया कि भारतीय टीम खेलने के लिए पूरी तरह तैयार है और दिल्ली के बाद कोलंबो जाने के लिए उनकी टिकटें भी बुक हो चुकी हैं। वहीं, भारतीय कोच गौतम गंभीर ने इस मुद्दे पर पूछे गए सवाल को फिलहाल नजरअंदाज कर दिया है।

आंकड़ों के मामले में कच्चा हूं, इसलिए कमेंट्री नहीं करता: धोनी

खेल धोनी कमेंट्री 

नयी दिल्ली, चार फरवरी (भाषा) भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कमेंट्री करने की संभावना को लगभग खारिज कर दिया है और कहा कि वह आंकड़ों के मामले कच्चे हैं और इसलिए इस भूमिका में नहीं उतरते हैं जो संन्यास लेने के बाद खिलाड़ियों का सबसे प्रिय काम रहा है।

भारत ने इस 44 वर्षीय खिलाड़ी की अगुवाई में आईसीसी की तीन ट्रॉफी जीती हैं लेकिन 2020 में संन्यास लेने के बाद से उन्होंने खेल से जुड़े मुद्दों पर शायद ही कभी अपने विचार व्यक्त किए हैं। क्रिकेट से उनका जुड़ाव अब केवल चेन्नई सुपर किंग्स के लिए आईपीएल में खेलने तक ही सीमित है।

धोनी ने यूट्यूब पर स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टर जतिन सप्रू के साथ बातचीत के दौरान कहा, ‘‘कमेंट्री करना बहुत मुश्किल है। मुझे लगता है कि खेल का आंखों देखा हाल सुनाने और उस प्रक्रिया में खिलाड़ियों की आलोचना करने के बीच बहुत मामूली अंतर होता है। यह अंतर बहुत ही नाजुक होता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अक्सर, आपको इस बात का अहसास भी नहीं होता कि आप जो कर रहे हैं वह शायद थोड़ा गलत है। आप हमेशा उस स्थिति में रहना चाहेंगे जहां आप खेल का वर्णन कर रहे हों। अगर आपको लगता है कि कुछ गलत है तो आप उसे खुलकर बोल देते हैं।’’

धोनी ने कहा, ‘‘लेकिन इसे पेश करना भी एक कला है। अपनी बात शालीनता से कैसे कही जाए ताकि किसी को बुरा न लगे। अगर टीम हार रही है तो उसके कुछ कारण होंगे और आपको उन कारणों को इस तरह से बताने का कौशल होना चाहिए कि किसी को बुरा न लगे। यही कमेंट्री की कला है।’’

इस काम की नाजुक प्रकृति के अलावा धोनी को लगता है कि वह आंकड़ों को याद नहीं कर पाते हैं जिस कारण वह इस काम के लिए खुद को फिट नहीं मानते हैं। यहां तक कि उन्हें अपने आंकड़े भी याद नहीं रहते हैं।

धोनी ने कहा,‘‘मैं आंकड़ों के मामले में अच्छा नहीं हूं। लेकिन ऐसे बहुत से लोग हैं जो आंकड़ों के मामले में बहुत अच्छे हैं। वे आंकड़े जानते हैं। अगर आप मुझसे मेरे आंकड़ों के बारे में पूछेंगे, तो मैं ‘हम्म’ जैसा जवाब दूंगा। कुछ ऐसे लोग भी हैं जो भारतीय क्रिकेट टीम या भारतीय खिलाड़ियों के ही नहीं बल्कि प्रत्येक युग के सभी खिलाड़ियों के आंकड़ों के बारे में जानते हैं।’’

अपने खेल के दिनों में कई बार कड़े फैसले लेने वाले धोनी से यह भी पूछा गया कि क्या उन्हें कभी क्रिकेट और जीवन के बारे में सलाह लेने की जरूरत पड़ी है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं एक अच्छा श्रोता हूं। मैं उन लोगों से बात करता हूं जिनके साथ मैं सहज महसूस करता हूं। लेकिन मैं बोलने से ज्यादा सुनने वाला व्यक्ति हूं। अगर मुझे किसी विषय के बारे में जानकारी नहीं है तो मैं ज्यादा नहीं बोलता क्योंकि सुनने से मुझे ज्यादा सीखने को मिलता है।’’

धोनी ने मुस्कराते हुए स्वीकार किया कि फोन पर जवाब देने में वह अब भी खुद को कच्चा मानते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं उस तरह से संवाद करने में अच्छा नहीं हूं। मुझे आमने-सामने बैठकर लोगों से बात करना पसंद है। मैं फोन पर बात करने में खुद को सहज नहीं पाता हूं क्योंकि मैं किसी का चेहरा नहीं देख सकता। इसलिए फोन पर बात करने के मामले में मैं बहुत असहज महसूस करता हूं।’’

धोनी ने मजाकिया अंदाज में कहा, ‘‘यह एक ऐसी चीज है जिसे मैं सुधारना चाहता हूं, लेकिन मुझे खुशी है कि मैंने इसमें सुधार नहीं किया है।’’

U19 वर्ल्ड कप: सेमीफाइनल में वैभव सूर्यवंशी रच सकते हैं इतिहास, बाबर आजम और अजीजुल हकीम के रिकॉर्ड निशाने पर

स्पोर्ट्स डेस्क : अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में भारत का सामना अफगानिस्तान से होने जा रहा है। यह मुकाबला भारतीय टीम के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है। उनके पास न केवल एक्टिव प्लेयर्स की लिस्ट में नंबर 1 बनने का मौका है, बल्कि वह पाकिस्तान के दिग्गज खिलाड़ी बाबर आजम का रिकॉर्ड भी तोड़ सकते हैं।

नंबर 1 एक्टिव प्लेयर बनने के लिए ‘मिशन 93‘ : अंडर-19 वनडे में फिलहाल एक्टिव प्लेयर्स में सबसे ज्यादा रन बांग्लादेश के अजीजुल हकीम (1261 रन) के नाम हैं। वैभव सूर्यवंशी अब तक 23 मैचों की 23 पारियों में 1169 रन बना चुके हैं और वह इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर हैं। चूंकि बांग्लादेश की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है, इसलिए वैभव को हकीम को पीछे छोड़कर नंबर 1 बनने के लिए सेमीफाइनल में केवल 93 रनों की जरूरत है।

बाबर आजम का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए 103 रनों की दरकार : अगर वैभव सूर्यवंशी अफगानिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में शतक जड़ने में कामयाब होते हैं, तो वह बाबर आजम के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ देंगे। बाबर आजम के नाम अंडर-19 वनडे में 1271 रन दर्ज हैं। वैभव को बाबर से आगे निकलने के लिए इस मैच में 103 रनों की आवश्यकता है।

इतिहास का सबसे बेहतरीन स्ट्राइक रेट : वैभव सूर्यवंशी की सबसे बड़ी ताकत उनकी आक्रामक बल्लेबाजी है। उनका 158.18 का स्ट्राइक रेट अंडर-19 वनडे के इतिहास में किसी भी बल्लेबाज की तुलना में सबसे ज्यादा है। उनका बल्लेबाजी औसत भी शानदार 50.82 का है। हालांकि, वर्तमान टूर्नामेंट में उन्होंने अब तक 5 मैचों में 39.20 की औसत से 196 रन बनाए हैं, लेकिन सेमीफाइनल जैसे बड़े मंच पर उनसे एक बड़ी पारी की उम्मीद की जा रही है।