ड्राइवर एवं कर्मचारी यूनियन (रजि.), नगर निगम लुधियाना ने अपनी लंबित एवं जायज मांगों को लेकर मंगलवार को एक महत्वपूर्ण ज्ञापन (मांगपत्र) सौंपा। यह मांगपत्र नगर निगम लुधियाना के मेयर, नगर निगम कमिश्नर तथा लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर के माध्यम से पंजाब सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा गया।
यूनियन की ओर से यह ज्ञापन पंजाब के मुख्यमंत्री, स्थानीय सरकार विभाग के कैबिनेट मंत्री तथा स्थानीय सरकार विभाग के प्रशासनिक सचिव को संबोधित किया गया है। यूनियन ने अपनी विभिन्न मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करने की अपील की है।
इस अवसर पर यूनियन के कई पदाधिकारी और नगर निगम में कार्यरत डेटा एंट्री ऑपरेटर भी मौजूद रहे और उन्होंने कर्मचारियों की समस्याओं तथा मांगों को सरकार तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
यूनियन की ओर से उपस्थित प्रमुख पदाधिकारियों में प्रीतपाल सिंह (चेयरमैन), प्रेमजीत सिंह बुट्टर (प्रधान), प्रवीण बाली (सीनियर उपप्रधान), हरदीप सिंह (संरक्षक), प्रेम सिंह (कैशियर), गुरप्रीत सिंह, बाल किशन और किशोर शामिल रहे।
वहीं, डेटा एंट्री ऑपरेटर कर्मचारियों में हरिंदर सिंह, करमजीत कौर, जसप्रीत कौर, रमणदीप कौर, हरसिमरन कौर, लखविंदर सिंह, अमरजोत सिंह, दिलजीत सिंह, नूतन सहित अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
यूनियन ने उम्मीद जताई कि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द उचित निर्णय लेगी।
लुधियाना के वार्ड नंबर 50 के पार्षद युवराज सिंह सिद्धू ने शहर के विकास में बाधा न आए, इसके लिए F&CC सदस्य पद से इस्तीफा देने की घोषणा की।
लुधियाना / सत्ता संदेश
लुधियाना नगर निगम के वार्ड नंबर 50 से पार्षद युवराज सिंह सिद्धू ने कहा है कि उनके लिए किसी भी पद से बढ़कर लुधियाना शहर का विकास और जनता की भलाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि शहर के विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा आती है, तो वह किसी भी पद का त्याग करने के लिए तैयार हैं।
युवराज सिंह सिद्धू ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्हें फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट्स कमेटी (F&CC) का सदस्य नियुक्त किया गया था। इस अवसर पर उन्होंने पार्टी हाईकमान और लुधियाना के माननीय मेयर का आभार व्यक्त किया।
सिद्धू ने कहा कि उनके लिए कोई भी पद शहर के विकास से बड़ा नहीं है। इसी सोच के तहत उन्होंने F&CC सदस्य पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है, ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की रुकावट न आए।
उन्होंने कहा, “मैं लुधियाना शहर के विकास और लोगों की भलाई के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार हूं। यदि जरूरत पड़ी तो ऐसे हजारों पद भी छोड़ सकता हूं।”
पार्षद ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने 30 जुलाई 2026 को ही फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट्स कमेटी (F&CC) की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि उस समय शहर में सफाई कर्मचारियों का आंदोलन चल रहा था, इसलिए उन्होंने इस संबंध में कोई सार्वजनिक पोस्ट नहीं की। उनका कहना था कि उस समय सफाई कर्मचारियों का संघर्ष और जनता से जुड़े मुद्दे उनके लिए अधिक महत्वपूर्ण थे।
युवराज सिंह सिद्धू के इस फैसले को शहर के विकास को प्राथमिकता देने वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है।
पंजाब में दोआबा और मालवा को जोड़ने वाला सतलुज पुल अब लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बनता जा रहा है। खन्ना-नवांशहर मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही बंद होने से न सिर्फ सफर मुश्किल हो गया है, बल्कि स्थानीय कारोबार पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर अकाली दल वारिस पंजाब पार्टी ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
पार्टी नेताओं कुलदीप सिंह और कृपाल सिंह की अगुवाई में सतलुज पुल के पास धरना प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि करीब पौने दो साल पहले पुल का स्लैब धंस गया था, लेकिन आज तक इसकी स्थायी मरम्मत नहीं करवाई गई। उनका कहना है कि पुल को दुरुस्त करने के बजाय प्रशासन ने बड़े-बड़े गार्डर लगाकर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी, जिससे आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक पुल बंद होने का सबसे ज्यादा असर बस यात्रियों, स्कूली बच्चों, ट्रक और अन्य भारी वाहन चालकों के साथ-साथ रोजाना सफर करने वाले लोगों पर पड़ रहा है। वहीं, पुल के आसपास मौजूद दुकानदारों का कारोबार भी ठप होने की कगार पर पहुंच गया है।
वारिस पंजाब पार्टी ने प्रशासन पर जनता की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए साफ चेतावनी दी है कि यदि अगले एक महीने के भीतर पुल की मरम्मत का काम शुरू नहीं किया गया, तो सतलुज पुल और लाढोवाल टोल प्लाजा पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन समय रहते पुल की मरम्मत शुरू कर लोगों को राहत देगा, या फिर यह आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा रूप लेगा।
हमारी सरकार की ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम तब तक जारी रहेगी, जब तक पंजाब नशा-मुक्त नहीं हो जाता: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
‘युद्ध नशियाँ विरुद्ध’ मुहिम के 500 दिन पूरे; अब तक 70,000 नशा तस्कर गिरफ्तार: सीएम मान
विलेज डिफेंस कमेटियों का एक साल पूरा; 1.25 लाख वॉलंटियर ‘युद्ध नशियाँ विरुद्ध’ की ताकत बने: सीएम मान
अकाली दल ने नशे लाए, कांग्रेस ने उनको संरक्षण दिया; ‘आप’ सरकार इस कलंक को खत्म कर रही है: सीएम मान
पंजाब का हर गाँव और शहर नशों के विरुद्ध सरकार की जंग में सक्रिय रूप से सहयोग कर रहा है:सीएम मान
इलाज, पुनर्वास और जन जागरूकता अभियानों के साथ-साथ नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई: सीएम मान
विपक्ष का दावा था कि नशे कभी खत्म नहीं हो सकते, पर लोगों के सहयोग ने इस कलंक की रीढ़ तोड़ने में हमारी मदद की है : भगवंत सिंह मान
भाजपा, अकाली दल और कांग्रेस ने पंजाब को बर्बाद करने के अलावा कुछ नहीं किया; वे सिर्फ राज्य को लूटने के लिए सत्ता चाहते हैं : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
लुधियाना / सत्ता संदेश
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशियाँ विरुद्ध’ मुहिम तब तक जारी रहेगी, जब तक राज्य से नशों की जड़ से सफाई नहीं हो जाती। उन्होंने घोषणा की कि ‘युद्ध नशियाँ विरुद्ध’ की शानदार सफलता लोगों की सक्रिय भागीदारी से ही संभव हुई है। लुधियाना में विलेज डिफेंस कमेटी (वी.डी.सी.) के वॉलंटियरों (गाँवों के पहरेदारों) से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मुहिम के 500 दिन पूरे हो गए हैं, जिस दौरान 70,000 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 13,000 गाँवों में 1.25 लाख वॉलंटियर इस आंदोलन की रीढ़ बनकर उभरे हैं।
पिछली सरकारों पर तीखा हमला करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली दल ने नशे लाए और कांग्रेस ने इस कलंक को संरक्षण दिया, जबकि आप सरकार ने तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, पीड़ितों के इलाज व पुनर्वास और बेमिसाल जन जागरूकता अभियान के जरिए इसकी रीढ़ तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि कभी ‘उड़दा पंजाब’ के रूप में बदनाम किया गया राज्य अब ‘पढ़दा और तंदरुस्त पंजाब’ में बदल रहा है, जो स्कूली शिक्षा में राज्य की रैंकिंग, जे.ई.ई. और नीट में रिकॉर्ड सफलता और योग्यता-आधारित रोजगार से स्पष्ट होता है। उन्होंने दोहराया कि नशों के खिलाफ जंग तब तक जारी रहेगी, जब तक पंजाब पूरी तरह नशा-मुक्त नहीं हो जाता।
इस कार्यक्रम के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर लिखा, “आज लुधियाना में विलेज डिफेंस कमेटियों के वॉलंटियरों से मुलाकात की। नशों के खिलाफ हमारी मुहिम ने पिछले 500 से अधिक दिनों में शानदार नतीजे दिए हैं। पंजाब पुलिस और हमारे वॉलंटियरों के संयुक्त प्रयासों से 70,000 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे नशा तस्करी की रीढ़ टूट गई है। जिस राज्य को कभी ‘उड़दा पंजाब’ कहा जाता था, वह अब ‘पढ़दा और तंदरुस्त पंजाब’ में बदल रहा है। स्कूली शिक्षा में पंजाब का पहला स्थान, 882 विद्यार्थियों का नीट क्वालीफाई करना और 68,500 से अधिक सरकारी नौकरियाँ इस बदलाव का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। यह जंग तब तक जारी रहेगी, जब तक पंजाब से नशों का पूरी तरह खात्मा नहीं हो जाता। आओ सब मिलकर ‘रंगला पंजाब’ बनाएँ। इंकलाब जिंदाबाद।”
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि ‘युद्ध नशियाँ विरुद्ध’ के 500 दिन पूरे हो गए हैं और हमारी विलेज डिफेंस कमेटियों ने एक साल पूरा कर लिया है। मैं पंजाब के लोगों का धन्यवाद करता हूँ, जिन्होंने इन दोनों पहलों को जन आंदोलन में बदल दिया। वह दिन दूर नहीं, जब ये दोनों लहरें मिलकर पंजाब में से नशों के कलंक का पूरी तरह खात्मा कर देंगी।”
सभा का धन्यवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सच्ची भावना से पंजाब की सेवा करने वाले सभी लोगों के ऋणी हैं। उन्होंने कहा कि हमारा दृढ़ संकल्प साबित करता है कि संयुक्त प्रयासों से कोई भी बड़ी से बड़ी चुनौती पर काबू पाया जा सकता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जो समस्या कभी असंभव लगती थी, वह 500 दिनों के भीतर-भीतर धीरे-धीरे खत्म हो रही है। बहुत से लोगों का मानना था कि इस कोढ़ को कभी खत्म नहीं किया जा सकता, पर लोगों के सक्रिय सहयोग से हमने इस समस्या की कमर तोड़ दी है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सरकार ने नशों के दलदल में फँसे लोगों को नशा-छुड़ाऊ और पुनर्वास केंद्रों में ले जाकर उनका इलाज सुनिश्चित किया है ताकि वे गरिमा और स्वाभिमान से जी सकें। उन्होंने कहा, “हमने पिछले 500 दिनों में 70,000 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। 13,000 गाँवों में लगभग 1.25 लाख वॉलंटियर नशों के खात्मे के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। लोगों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध एक ईमानदार सरकार ही ऐसा ठोस कदम उठा सकती थी।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली दल ने पंजाब में ‘चिट्टा’ लाया और कांग्रेस ने इसे आगे बढ़ाया और इसको संरक्षण दिया। ये दोनों पार्टियाँ राज्य में बुरे शासन के लिए जिम्मेदार थीं। उन्होंने आगे कहा, “आज हमारी सरकार ने राज्य से नशों की सफाई कर दी है। किसी को नशा छुड़ाने में मदद करना उस व्यक्ति को तीर्थ यात्रा पर ले जाने के बराबर है। मुझे इस बात की बहुत संतुष्टि है कि हमारी सरकार ने शिक्षा क्रांति के जरिए पंजाब के इतिहास को ‘उड़दा पंजाब’ से ‘पढ़दा पंजाब’ में बदल दिया है।”
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पिछले चार वर्षों के दौरान राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों के कारण पंजाब प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला राज्य बनकर उभरा है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आप सरकार ने प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा का स्तर ऊँचा किया है, समग्र ढाँचे को मजबूत किया है, स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए हैं और शिक्षकों के लिए उन्नत प्रशिक्षण सुनिश्चित किया है। उन्होंने आगे कहा, “पंजाब ने केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पछाड़कर प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा में पहला स्थान हासिल किया है। भारत सरकार के प्रमुख संस्थानों में से एक नीति आयोग द्वारा जारी किए गए ताजा आँकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि पंजाब अब इस क्षेत्र में देश में पहले नंबर पर है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों से राज्य सरकार ने शिक्षकों के प्रशिक्षण, पढ़ाने के आधुनिक तरीकों और स्मार्ट क्लासरूमों पर ध्यान केंद्रित किया है, जिसके कारण पंजाब अब शीर्ष स्थान पर है। उन्होंने आगे कहा, “पहले केरल पहले नंबर पर था, पर आज पंजाब ने बड़े अंतर से पहला स्थान हासिल कर लिया है। हम आने वाले वर्षों में और भी बड़े प्रयास जारी रखेंगे क्योंकि शिक्षा वह प्रकाश है, जो जीवन के अंधेरे को दूर करता है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरकार ने पदभार संभाला था तो पंजाब स्कूली शिक्षा में 27वें नंबर पर था, पर आज राज्य पहले नंबर पर पहुँच गया है। उन्होंने आगे बताया कि जहाँ 2021 में पंजाब के सरकारी स्कूलों के केवल 80 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की थी, वहाँ 2026 में यह संख्या बढ़कर 881 विद्यार्थी हो गई है, जो पंजाब के सरकारी स्कूलों की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आप सरकार शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए संयुक्त प्रयास कर रही है ताकि आम परिवारों के बच्चों को भी आगे बढ़ने के वही अवसर मिल सकें, जो बाकियों को मिलते हैं।
मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त की कि केंद्र सरकार एक भी नीट परीक्षा पारदर्शी ढंग से कराने में असफल रही है, जिसमें परीक्षा के पेपर बार-बार लीक हो रहे हैं और विद्यार्थियों में निराशा फैल रही है। उन्होंने आगे कहा, “इसके विपरीत हमारी सरकार ने पंजाब में एक भी पेपर लीक हुए बिना साढ़े चार साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है। कुछ दिन पहले फार्मेसी परीक्षा के दौरान नकल का मामला सामने आया था और दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को मानक स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान करवाने के लिए इस समय पंजाब भर में 1,090 आम आदमी क्लीनिक चल रहे हैं और जल्द ही यह संख्या 1,400 हो जाएगी। उन्होंने कहा कि ये क्लीनिक सुगम स्वास्थ्य सेवाओं का आधार बन चुके हैं, जिनमें अब तक पाँच करोड़ से अधिक ओ.पी.डी. हो चुकी है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हर नागरिक के लिए व्यापक स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने के लिए पंजाब सरकार ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली योजना है। उन्होंने कहा, “यह योजना पंजाब के हर निवासी परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस मुफ्त इलाज प्रदान करती है। पंजाब भारत का पहला राज्य है, जो इतनी व्यापक स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्रदान कर रहा है। इससे लोगों पर वित्तीय बोझ काफी घटा है और मानक इलाज सुनिश्चित हुआ है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ऐतिहासिक पहल का उद्देश्य राज्य के हर परिवार को स्वास्थ्य देखभाल कवरेज देना है। उन्होंने बताया कि लोग इस योजना के तहत 937 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज करवा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए पंजाब के सभी जिलों में कुल 3,100 खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, “नौजवानों को नशों के कलंक से दूर करने के लिए खेल सबसे कारगर हथियार हैं। आप सरकार सफलतापूर्वक ‘खेड़ाँ वतन पंजाब दियाँ’ करवा रही है, जिसमें एक ही परिवार की तीन पीढ़ियाँ – दादा-दादी से लेकर पोते-पोतियाँ तक – एक साथ भाग लेती हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत गर्व की बात है कि पंजाबी खिलाड़ी देश की बड़ी खेल टीमों का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसमें भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम, भारतीय महिला क्रिकेट टीम और भारतीय हॉकी टीम के कप्तान पंजाबी हैं।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने पंजाब की छवि को दागदार किया था, जबकि मौजूदा सरकार इस दिखने को फिर से साफ कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पहले पिछली सरकारों के समय सरकारी गाड़ियों में नशे की सप्लाई होती थी। आज नशा तस्कर जेल की सलाखों के पीछे हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस ने पंजाब को बर्बाद करने के अलावा कुछ नहीं किया और अब सिर्फ राज्य को लूटने के लिए सत्ता चाहते हैं। उन्होंने कहा, “इन पार्टियों ने पंजाब के साथ धोखा किया है और बार-बार इसके लोगों के हितों की अनदेखी की है। पंजाब सरकार ग्रामीण संपर्क को मजबूत करने के लिए राज्य भर में 43,000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण करवा रही है। ये सड़क परियोजनाएँ बनाने वाले ठेकेदार ही इनके रख-रखाव के लिए जिम्मेदार होंगे।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत ही गर्व की बात है कि पंजाब सरकार ने नौजवानों को 68,000 से अधिक सरकारी नौकरियाँ दी हैं। उन्होंने आगे कहा, “पंजाब में पैसे लेकर नौकरियाँ देने और सिफारिशों का दौर खत्म हो गया है। आज सरकारी नौकरियाँ पूरी तरह योग्यता और मेरिट के आधार पर दी जा रही हैं। हर सरकारी नियुक्ति मेरिट पर पारदर्शी ढंग से की गई है, जिस कारण एक भी भर्ती को किसी अदालत में चुनौती नहीं दी गई।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों और अनुकूल औद्योगिक माहौल के कारण देश के बड़े उद्योगपति राज्य में निवेश करने के लिए आगे आ रहे हैं। “सनातन टेक्सटाइल, नेस्ले, क्लास, फ्रेडनबर्ग, कारगिल, वर्बियो, डैनोन और कई अन्य प्रमुख कंपनियों ने पंजाब में अपना कामकाज शुरू कर दिया है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे बताया कि टाटा स्टील ने 3,200 करोड़ रुपये के निवेश से जमशेदपुर के बाद अपना दूसरा सबसे बड़ा प्लांट पंजाब में स्थापित किया है, जबकि जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आईची भी राज्य में निवेश कर रही है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार की कोशिश रोजगार के अवसर पैदा करके नौजवानों के हाथों में ‘सिरिंजों’ की बजाय टिफिन थमाना है क्योंकि खाली मन शैतान का घर होता है। हमारी सरकार नौजवानों के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है ताकि वे सामाजिक बुराइयों का शिकार न हों। बेरोजगारी कई सामाजिक समस्याओं की जड़ है और हम इसे खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, तरुनप्रीत सिंह सौंद और डॉ. बलबीर सिंह, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा और कई अन्य हस्तियाँ भी उपस्थित थीं।
किदवई नगर स्कूल में 27 कक्षाएँ जबकि मिलर गंज में 11 कक्षाएँ; दोनों आधुनिक प्रयोगशालाओं, ऑडिटोरियम और अन्य सुविधाओं से लैस: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
लुधियाना में अब 16 स्कूल ऑफ एमिनेंस, 11 स्कूल ऑफ ब्रिलियंस और 35 स्कूल ऑफ हैप्पीनेस हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
औद्योगिक क्रांति के बाद अब लुधियाना शिक्षा क्रांति में भी पंजाब का अग्रणी जिला बनकर उभर रहा है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
बेहतर शैक्षणिक वातावरण से प्रेरित होकर निजी स्कूलों के विद्यार्थी सरकारी स्कूलों में प्रवेश ले रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
विदेशों में शिक्षकों का प्रशिक्षण, आधुनिक फर्नीचर और सभी सुविधाओं से युक्त पुस्तकालयों ने सरकारी स्कूलों के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत किया है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
हमारी सरकार ने स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब को देशभर में 27वें स्थान से पहले स्थान पर पहुंचाया है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
हम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से उस ‘रंगले पंजाब’ का निर्माण कर रहे हैं, जिसका हमारे बच्चे सपना देखते हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
हमारा लक्ष्य स्वस्थ, शिक्षित और नशा-मुक्त पंजाब का निर्माण करना है, जिसकी प्राप्ति के लिए हम दिन-रात कार्य कर रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
लुधियाना / सत्ता संदेश
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज लुधियाना के किदवई नगर और मिलर गंज में दो नए ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ जनता को समर्पित किए, जिसके साथ जिले में स्कूल ऑफ एमिनेंस की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। आधुनिक कक्षाओं, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, ऑडिटोरियम तथा अन्य उन्नत सुविधाओं से सुसज्जित ये नए परिसर सरकारी शिक्षा को मजबूत करने और विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शैक्षणिक आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पंजाब सरकार के ठोस प्रयासों का हिस्सा हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा में लगातार किए गए निवेश ने सरकारी स्कूलों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि बेहतर आधारभूत ढांचे, विदेशों में शिक्षकों के प्रशिक्षण तथा आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के कारण अभिभावकों का सरकारी स्कूलों के प्रति विश्वास लगातार बढ़ा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में देशभर में 27वें स्थान से छलांग लगाकर पहला स्थान प्राप्त किया है, जो प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराकर स्वस्थ, शिक्षित और नशा-मुक्त पंजाब के निर्माण के प्रति उनकी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराता है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विद्यार्थियों से संवाद किया तथा कक्षाओं और प्रयोगशालाओं का दौरा किया
मुख्यमंत्री ने नव-आरंभ किए गए ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ का दौरा करते हुए विद्यार्थियों के साथ काफी समय बिताया। उन्होंने कक्षाओं, विज्ञान प्रयोगशालाओं तथा अन्य शैक्षणिक सुविधाओं का निरीक्षण किया और आधुनिक आधारभूत ढांचे का जायजा लेने के साथ विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, वैज्ञानिक प्रयोगों और सीखने के अनुभवों पर बातचीत की। भगवंत सिंह मान ने शिक्षकों और स्कूल स्टाफ से भी मुलाकात की तथा राज्य की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए उनके समर्पण की सराहना की।मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान अनेक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक उनसे ऑटोग्राफ लिए, जबकि कुछ विद्यार्थियों ने प्रेम और सम्मान के प्रतीक के रूप में अपने हाथों से बनाए गए स्केच और चित्र उन्हें भेंट किए। कार्यक्रम के दौरान एक विद्यार्थी के अभिभावकों ने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ भेंट किया और उनकी अगुवाई में शिक्षा क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए पंजाब सरकार द्वारा किए जा रहे क्रांतिकारी प्रयासों की प्रशंसा की।
इन ऐतिहासिक क्षणों की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “आज लुधियाना में नए ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ भवन का उद्घाटन करना मेरे लिए अत्यंत गर्व और संतोष का विषय है। हमारे सरकारी स्कूलों का उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण विद्यार्थियों को निजी स्कूल छोड़कर यहां प्रवेश लेने के लिए प्रेरित कर रहा है। पंजाब आज स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में देश में पहले स्थान पर है और इस वर्ष हमारे सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की है, जबकि 125 से अधिक विद्यार्थियों ने जेईई मेन्स परीक्षा पास की है। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर हम उस ‘रंगले पंजाब’ का निर्माण कर रहे हैं, जिसका हमारे बच्चे सपना देखते हैं। इंकलाब जिंदाबाद।”
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज पंजाब के लोगों, विशेष रूप से लुधियाना के निवासियों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। किदवई नगर और मिलर गंज में दो नए ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ भवन जनता को समर्पित किए जा रहे हैं। इन दो नए स्कूलों के साथ लुधियाना में अब 16 स्कूल ऑफ एमिनेंस हो गए हैं, जिससे यह पंजाब का सबसे अधिक स्कूल ऑफ एमिनेंस वाला पहला जिला बन गया है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब की औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व करने के बाद अब लुधियाना राज्य की शिक्षा क्रांति में भी अग्रणी बनकर उभर रहा है। स्कूल ऑफ एमिनेंस मॉडल ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच में अमीर और गरीब के बीच की खाई को काफी हद तक समाप्त किया है। आज सामान्य परिवारों के बच्चों को ऐसी सुविधाएं मिल रही हैं, जो अनेक निजी विद्यालयों से भी बेहतर हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “ये स्कूल आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर उनके सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “किदवई नगर स्थित स्कूल ऑफ एमिनेंस 10.62 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किया गया है। नया भवन 8300 वर्ग गज से अधिक क्षेत्र में बनाया गया है और इसमें कुल 60 कमरे हैं, जिनमें 27 कक्षाएं, सात आधुनिक प्रयोगशालाएं, एक पुस्तकालय, प्राचार्य कक्ष, 500 विद्यार्थियों की क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम तथा नौ शौचालय शामिल हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मिलर गंज स्थित स्कूल ऑफ एमिनेंस 3.48 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। यह नई इमारत 1800 वर्ग गज से अधिक क्षेत्र में निर्मित की गई है और इसमें कुल 22 कमरे हैं, जिनमें 11 कक्षाएं, सात प्रयोगशालाएं, प्राचार्य कक्ष तथा छह शौचालय शामिल हैं। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए यहां एक लिफ्ट भी स्थापित की गई है। इससे पहले इंद्रपुरी, लुधियाना में भी एक अत्याधुनिक स्कूल ऑफ एमिनेंस भवन का उद्घाटन किया जा चुका है।”
उन्होंने आगे कहा, “इंद्रपुरी स्कूल प्रीमियम सुविधाओं से सुसज्जित है, जिसमें एक स्विमिंग पूल तथा एक टेनिस कोर्ट भी शामिल है। यहां विद्यार्थियों की संख्या 1320 से बढ़कर 1788 हो गई है, जो सरकारी विद्यालयों के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास का स्पष्ट प्रमाण है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “लुधियाना जिले के 200 सरकारी विद्यालयों के आधारभूत ढांचे का व्यापक उन्नयन किया गया है। जिले भर में लगभग तीन लाख विद्यार्थी सरकारी विद्यालयों में अध्ययन कर रहे हैं। लुधियाना में अब 16 स्कूल ऑफ एमिनेंस, 11 स्कूल ऑफ ब्रिलियंस तथा 35 स्कूल ऑफ हैप्पीनेस संचालित हो रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “राज्य सरकार ने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने के उद्देश्य से शिक्षा क्षेत्र में कई ऐतिहासिक पहल की हैं। केवल मुफ्त सुविधाओं अथवा रियायती योजनाओं से गरीबी और सामाजिक बुराइयों का स्थायी समाधान संभव नहीं है, बल्कि शिक्षा ही वह सशक्त माध्यम है, जो लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाकर उन्हें इस दुष्चक्र से बाहर निकाल सकती है। इसलिए सरकार शिक्षा के स्तर को और अधिक बेहतर बनाने तथा आम लोगों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य सरकार के सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप पंजाब प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे राज्यों को पीछे छोड़कर पहले स्थान पर पहुंचा है। राज्य सरकार ने प्राथमिक एवं मिडिल शिक्षा को सुदृढ़ किया है, शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया है, स्मार्ट कक्षाएं शुरू की हैं तथा शिक्षकों को आधुनिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप पंजाब स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। नीति आयोग द्वारा जारी नवीनतम आंकड़े भी इस उपलब्धि की पुष्टि करते हैं कि पंजाब ने प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ते हुए अग्रणी स्थान प्राप्त किया है।” यह रहा भाग-3 (अंतिम भाग) का हिंदी अनुवाद, मूल प्रेस विज्ञप्ति के क्रम और शैली को यथावत रखते हुए।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछले चार वर्षों से राज्य सरकार ने शिक्षकों के प्रशिक्षण, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और स्मार्ट कक्षाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है और आज पंजाब इस क्षेत्र में देश में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। उल्लेखनीय है कि पहले यह स्थान केरल के पास था, लेकिन अब पंजाब ने बड़े अंतर से पहला स्थान प्राप्त किया है। आने वाले समय में भी ऐसे अनेक प्रयास किए जाएंगे। शिक्षा वह प्रकाश है, जो अंधकार को दूर कर समाज और राष्ट्र का भविष्य उज्ज्वल बनाती है, इसलिए राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।”
उन्होंने कहा, “हमारी सरकार का दृढ़ विश्वास है कि प्रत्येक बच्चा, चाहे वह किसी भी आर्थिक पृष्ठभूमि से संबंधित हो, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार रखता है। शिक्षा के क्षेत्र को और अधिक समृद्ध बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार की सभी पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सामान्य परिवारों के बच्चों को भी वही अवसर प्राप्त हों, जो अन्य बच्चों को उपलब्ध हैं। शिक्षा आने वाली पीढ़ियों को सशक्त बनाने तथा समृद्ध पंजाब के निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम है और राज्य सरकार इस क्षेत्र को और मजबूत बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “जब मैंने पदभार संभाला था, उस समय स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब देश में 27वें स्थान पर था। यह अत्यंत गर्व और संतोष की बात है कि आज राज्य इस क्षेत्र में पहले स्थान पर पहुंच चुका है। वर्ष 2021 में सरकारी स्कूलों के केवल 80 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की थी, जबकि वर्ष 2026 में यह संख्या बढ़कर 881 हो गई है, जो पंजाब के सरकारी विद्यालयों के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। पंजाब ने सरकारी विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक बैठकों के आयोजन में भी अग्रणी भूमिका निभाई है, जिनमें लगभग 24 लाख अभिभावकों की भागीदारी दर्ज की गई। लगभग 20,000 सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को निःशुल्क बस सेवा उपलब्ध कराई जा रही है, जिनमें 12,000 छात्राएं शामिल हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “लुधियाना में 155 विद्यार्थियों ने जेईई और नीट परीक्षाएं उत्तीर्ण की हैं, जबकि 47 विद्यार्थियों ने पंजाब राज्य प्रतिभा खोज परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। पिछले वर्ष लुधियाना के 201 विद्यार्थियों ने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में राष्ट्रीय स्तर पर जिले का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने सात स्वर्ण पदकों सहित कुल 25 पदक जीतकर जिले और राज्य का गौरव बढ़ाया।”
इससे पूर्व मलिका सिंह, केशव कुमार, राहुल, ऐशप्रीत कौर, अक्ष, सौरभ, आराधना, जसदीप कौर, लवी तथा अन्य विद्यार्थियों ने शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा देने वाली अभिनव पहलों के लिए मुख्यमंत्री की सराहना की।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
PEC चंडीगढ़ में युवाओं ने ली नशामुक्त भारत की शपथ, पीएम मोदी का संदेश भी सुना
‘विकसित भारत 2047’ के लिए युवाओं का संकल्प, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में नशा मुक्ति अभियान
नशे के खिलाफ युवाओं का संकल्प, PEC चंडीगढ़ में शपथ समारोह और नुक्कड़ नाटक का आयोजन
चंडीगढ़ / सत्ता संदेश
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (PEC), चंडीगढ़ में रविवार को ‘नशा मुक्ति युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान के तहत शपथ समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम कॉलेज सभागार में आयोजित हुआ, जिसमें निदेशक प्रो. राजेश कुमार भाटिया, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. पुनीत चावला, एसोसिएट डीन (ADSA), संकाय सदस्य और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत नशा मुक्ति शपथ से हुई, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने नशीले पदार्थों से दूर रहने और समाज में इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऑनलाइन संबोधन प्रसारित किया गया, जिसमें उन्होंने नशामुक्त भारत के निर्माण और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की अहम भूमिका पर बल दिया। प्रधानमंत्री ने नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ युवा-नेतृत्व वाले जनआंदोलन की आवश्यकता पर जोर देते हुए काशी घोषणा-पत्र को मार्गदर्शक बताया तथा देशभर में जागरूकता फैलाने में माई भारत (MY Bharat) स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) के विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों ने एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से नशे के सामाजिक दुष्प्रभावों को उजागर किया गया और युवाओं को स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने ‘नशा मुक्ति युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान को सफल बनाने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प दोहराया।
पंजाब में पढ़ने की संस्कृति (बुक कल्चर) को मजबूत करने के लिए पीपुल्स फोरम बरगारी मॉडल को अपनाने की आवश्यकता है। यह बात पंजाबी लोक विरासत अकादमी, लुधियाना के चेयरमैन प्रो. गुरभजन सिंह गिल ने कही।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2000 में फरीदकोट जिले के गांव बरगारी के 23 युवाओं ने साहित्य, स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पीपुल्स फोरम की शुरुआत की थी। लगातार प्रयासों के चलते इस पहल ने पंजाब में बुक फेयर, पर्यावरण संरक्षण और हर घर लाइब्रेरी जैसे अभियानों के माध्यम से एक प्रेरणादायक मॉडल प्रस्तुत किया है।
इस अवसर पर खुशवंत बरगारी ने प्रो. गुरभजन सिंह गिल को गुरबचन सिंह भुल्लर की नई पुस्तक “ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਖ ਕਾਂਜੀ- ਕਿਸ ਦੀ ਮਜਾਲ” भेंट की। उन्होंने बताया कि पीपुल्स फोरम हर दो महीने में चार पुस्तकों का एक सेट पाठकों तक पहुंचाता है। जुलाई-अगस्त 2026 के सेट में बलबीर परवाना का कहानी संग्रह “सब तो उदास इबारत”, हरमीत विद्यार्थी की रचनात्मक डायरी “धरती ने बोलना ही सी”, कुमार जगदेव की गद्य पुस्तक “मैले लट्ठे दी झालर” तथा पंजाबी साहित्य सभा, नई दिल्ली की त्रैमासिक पत्रिका “समकालीन साहित्य” शामिल हैं।
खुशवंत बरगारी ने बताया कि वर्ष 2013 से अब तक बिना किसी सरकारी या संस्थागत आर्थिक सहायता के 350 पुस्तकें प्रकाशित की जा चुकी हैं। प्रकाशन के लिए किसी भी लेखक से कोई शुल्क नहीं लिया जाता, बल्कि उन्हें रॉयल्टी के रूप में पुस्तकें दी जाती हैं।
उन्होंने बताया कि मात्र 350 रुपये में चार पुस्तकों का सेट डाक के माध्यम से पंजाब सहित देशभर के 750 पंजाबी परिवारों तक पहुंचाया जाता है। इसके लिए अलग से डाक शुल्क भी नहीं लिया जाता। विदेशों में रहने वाले 50 पंजाबी परिवार भी इस घरेलू पुस्तकालय अभियान से जुड़े हुए हैं।
पीपुल्स फोरम का संदेश है कि “हर दिन एक कप चाय की कीमत का आधा खर्च करके हर घर में शब्दों का प्रकाश फैलाया जा सकता है।”
प्रो. गुरभजन सिंह गिल ने पंजाब के खेल क्लबों, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं से आह्वान किया कि वे मिलकर पंजाब को “शब्द भूमि” बनाने की दिशा में काम करें, ताकि ज्ञान और साहित्य के माध्यम से समाज को बौद्धिक रूप से समृद्ध बनाया जा सके।
खुशवंत बरगारी के अनुसार, वर्ष 2013 से अब तक करीब ढाई लाख पुस्तकें घर-घर पहुंचाई जा चुकी हैं। पीपुल्स फोरम बरगारी द्वारा प्रकाशित पुस्तकें पंजाब के प्रमुख पुस्तक विक्रेताओं के पास भी उपलब्ध हैं।
जिला बार एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से नीति पर पुनर्विचार की मांग की, कहा- मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा तेज
मानसा/ सत्ता संदेश
जिला बार एसोसिएशन मानसा के अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (LADCS) नीति के विरोध में जोरदार रोष मार्च निकाला। कोर्ट कॉम्प्लेक्स से शुरू होकर बस स्टैंड तक निकाले गए इस मार्च में बड़ी संख्या में वकीलों ने भाग लिया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द स्वीकार करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि वकील समुदाय लंबे समय से एलएडीसीएस नीति का विरोध कर रहा है। उनका आरोप है कि यह नीति अधिवक्ताओं के हितों के विपरीत है और इससे उनके पेशे पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस नीति पर पुनर्विचार करने और अधिवक्ताओं की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
बार एसोसिएशन के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो 7 अगस्त 2026 को देशभर के अधिवक्ता नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एकत्र होकर केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने सभी राज्यों के वकीलों से इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की भी अपील की।
रोष मार्च के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
वकीलों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
ड्रग्स के खिलाफ जागरूकता, रिसर्च, ट्रेनिंग और स्पोर्ट्स को मिलेगा बढ़ावा; सुखविंदर सिंह बिंद्रा बोले- युवाओं को नशे से दूर रखना हमारी प्राथमिकता
नई दिल्ली / सत्ता संदेश
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अधीन कार्यरत नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल डिफेंस (NISD) और पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला के बीच नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का उद्देश्य सोशल प्रोटेक्शन को मजबूत करना, सोशल वेलफेयर को प्रशासनिक प्रशिक्षण का हिस्सा बनाना, संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देना, क्षमता निर्माण और क्षेत्रीय स्तर पर प्रभावी हस्तक्षेप सुनिश्चित करना है।
MoU हस्ताक्षर कार्यक्रम में पंजाबी यूनिवर्सिटी की ओर से डॉ. दमनजीत संधू और डॉ. जगजीत सिंह चट्ठा मौजूद रहे। वहीं मुख्य अतिथि के रूप में सुखविंदर सिंह बिंद्रा, सदस्य (NISD) एवं स्पेशल मेंबर/इनवाइट (NCCDR), सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डॉ. एच.सी. श्रीधर चाणक्य रंगा रेड्डी, विवेक कुमार और तान्या सेनगुप्ता सहित अन्य अधिकारी भी शामिल हुए।
इस अवसर पर सुखविंदर सिंह बिंद्रा ने कहा कि यह साझेदारी सोशल वेलफेयर के क्षेत्र में रिसर्च, एविडेंस-बेस्ड पॉलिसी और समावेशी विकास को नई दिशा देगी। साथ ही देशभर में सोशल प्रोटेक्शन सिस्टम को और अधिक मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
उन्होंने बताया कि इससे पहले भी NISD ने सामाजिक पहल को आगे बढ़ाने के लिए देश भगत यूनिवर्सिटी (DBU) के साथ भी MoU किया था। उनका कहना था कि मंत्रालय का प्रमुख उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखना और उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना है।
बिंद्रा ने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में मंत्रालय युवाओं के कल्याण, उनके विकास और नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने ड्रग्स के दुरुपयोग को रोकने में युवा सशक्तिकरण, जागरूकता अभियान और खेलों की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने जानकारी दी कि आने वाले समय में युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करने के लिए स्पोर्ट्स किट वितरित की जाएंगी और विभिन्न खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि युवाओं की ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगे और वे नशे जैसी बुराइयों से दूर रहें।
बिंद्रा ने कहा कि पंजाब यूथ डेवलपमेंट बोर्ड के पूर्व स्टेट चेयरपर्सन के रूप में भी उन्होंने युवाओं को खेलों से जोड़ने और नशे से दूर रखने के लिए कई पहल की थीं। उस दौरान यूथ क्लबों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में खिलाड़ियों को निःशुल्क स्पोर्ट्स किट वितरित की गईं और खिलाड़ियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया गया। उन्होंने कहा कि आज भी उनका विभाग खिलाड़ियों और युवाओं की हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के अंत में सुखविंदर सिंह बिंद्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार का युवाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया।
बठिंडा रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद जीआरपी और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। धमकी मिलने के तुरंत बाद रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई तथा व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया गया।
जानकारी के अनुसार यह धमकी एक ई-मेल के माध्यम से प्राप्त हुई थी। इसके बाद पुलिस ने रेलवे स्टेशन परिसर में सुरक्षा जांच शुरू कर दी। इस दौरान डॉग स्क्वॉड की टीमें भी मौके पर मौजूद रहीं और स्टेशन के विभिन्न हिस्सों की गहन जांच की गई।
शुक्रवार को बड़ी संख्या में पुलिस बल ने रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्मों पर पहुंचकर यात्रियों के सामान की जांच की। डॉग स्क्वॉड की सहायता से संदिग्ध वस्तुओं की तलाश की गई। प्लेटफॉर्म और उसके आसपास पड़े लावारिस सामान की भी बारीकी से जांच की गई तथा आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की गई।
पुलिस ने रेलवे स्टेशन की सीढ़ियों, पार्किंग क्षेत्र और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बैठे लोगों के सामान की भी जांच की। इसके अलावा प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेनों का निरीक्षण किया गया तथा डिब्बों में मौजूद यात्रियों के सामान की भी तलाशी ली गई।
पुलिस अधिकारियों ने रेलवे यात्रियों से अपील की कि यदि उन्हें कोई संदिग्ध वस्तु या लावारिस सामान दिखाई दे तो उसे हाथ न लगाएं और तुरंत पुलिस को सूचना दें। साथ ही यात्रियों को यह भी जागरूक किया गया कि वे किसी अज्ञात या संदिग्ध व्यक्ति का सामान अपने पास न रखें।
अधिकारियों ने कहा कि पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है और किसी भी शरारती तत्व से सख्ती से निपटने के लिए तैयार है। फिलहाल जांच एजेंसियां धमकी भरे ई-मेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई हैं।