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चेयरमैन सतपाल सोखी पहुंचे लुधियाना दौरे पर, गर्मजोशी से हुआ स्वागत

लुधियाना / सत्ता संदेश

रामगढ़िया वेलफेयर बोर्ड पंजाब के चेयरमैन सतपाल सिंह सोखी के लुधियाना पहुंचने पर हलका आत्म नगर के विधायक स. कुलवंत सिंह सिद्धू तथा रामगढ़िया बोर्ड के जिला चेयरमैन रेशम सिंह सग्गू की अगुवाई में रामगढ़िया बिरादरी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें फूलों का गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर सोखी ने लुधियाना से पूरे पंजाब में पौधारोपण अभियान की शुरुआत भी की।

इस दौरान सोखी ने पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें उन्होंने राज्य सरकार की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी सुविधाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि लुधियाना पंजाब का औद्योगिक, व्यापारिक और उद्योगों का प्रमुख केंद्र है, जहां मशीनरी और मैकेनिकल पार्ट्स के छोटे-बड़े उद्योग स्थापित हैं। उन्होंने उद्योग क्षेत्र के सामने आ रही विभिन्न समस्याओं पर विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू और रेशम सिंह सग्गू के साथ विचार-विमर्श किया तथा भरोसा दिलाया कि इन समस्याओं को संबंधित विभाग के अधिकारियों और पंजाब के मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के समक्ष उठाकर प्राथमिकता के आधार पर हल करवाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने पार्टी की जनहितकारी नीतियों और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने के लिए कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया, ताकि आम लोगों को बुनियादी सुविधाएं मिल सकें और उनके जीवन स्तर में सुधार हो।

इस अवसर पर रेशम सिंह सग्गू ने सोखी से मिक्स यूज लैंड और उद्योगों से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों का समाधान कराने की मांग की, ताकि छोटे उद्योग संचालक अपने घरों से ही काम कर सकें, व्यापार को बढ़ावा मिल सके और पंजाब के युवाओं को रोजगार के लिए विदेशों की ओर रुख न करना पड़े। इस पर श्री सोखी ने कहा कि वह बिरादरी और कारोबारियों के साथ मजबूती से खड़े हैं तथा इस समस्या का समाधान भी जल्द कराया जाएगा। इस मौके पर विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू और रेशम सिंह सग्गू ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया।

इस अवसर पर तरनदीप सिंह कलसी, लखविंदर सिंह लख्खा, दर्शन सिंह, यादविंदर सिंह मठाड़ू, अमरीक सिंह, सुखविंदर सिंह दहेले, जगदेव सिंह लोटे, बलविंदर सिंह सियाणा, महासचिव सुखवंत सिंह मठाड़ू, भूपिंदर सिंह राजड़, कुलतार सिंह, सुखदेव सिंह सुख्खा, सचिव सुखविंदर सिंह जगदेव, ओमकार सिंह, विपिन कुमार शर्मा, इंद्रजीत सिंह पनेसर, वाइस चेयरमैन गुरप्रीत सिंह नोनी, हाकम सिंह सीरा, गुरजंट सिंह, अमरपाल सिंह, राकेश शर्मा, दिलप्रीत सिंह रूबल, हरपाल सिंह, रुपिंदरजीत सिंह, निपुण कुमार, प्रदीप सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

पंजाब में आज से 100 नए आम आदमी क्लीनिक शुरू, कुल संख्या बढ़कर 1,090 हुई

73 शहरी और 27 ग्रामीण क्षेत्रों में खुलेंगे नए क्लीनिक, 107 दवाइयां और 47 डायग्नोस्टिक टेस्ट मिलेंगे मुफ्त

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब सरकार ने अपनी आम आदमी क्लीनिक योजना का विस्तार करते हुए राज्यभर में 100 नए आम आदमी क्लीनिक शुरू करने की घोषणा की है। इन नए क्लीनिकों के शुरू होने के साथ ही पंजाब में आम आदमी क्लीनिकों की कुल संख्या बढ़कर 1,090 हो जाएगी।

सरकार के अनुसार, 25 जुलाई से 27 जुलाई तक तीन दिनों के दौरान कैबिनेट मंत्री, विधायक और वरिष्ठ नेता विभिन्न जिलों में इन नए क्लीनिकों का उद्घाटन करेंगे। नए क्लीनिकों में 73 शहरी क्षेत्रों और 27 ग्रामीण क्षेत्रों के क्लीनिक शामिल हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और अधिक व्यापक होगी।

मुफ्त मिलेंगी दवाइयां और जांच सुविधाएं

हर आम आदमी क्लीनिक में मरीजों को 107 आवश्यक दवाइयां और 47 डायग्नोस्टिक टेस्ट पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य लोगों को उनके घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण और मुफ्त प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

5.90 करोड़ से अधिक मरीजों को मिला लाभ

सरकार के आंकड़ों के अनुसार, आम आदमी क्लीनिक योजना के तहत अब तक 5.90 करोड़ से अधिक ओपीडी मरीज लाभान्वित हो चुके हैं। इसके अलावा 3.43 करोड़ से अधिक मुफ्त डायग्नोस्टिक टेस्ट किए जा चुके हैं, जिससे लाखों लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं पर होने वाले खर्च से राहत मिली है।

पंजाब सरकार का कहना है कि आने वाले समय में भी स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और लोगों तक सुलभ चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने के लिए इस योजना का विस्तार जारी रहेगा।

पंजाब सरकार ने 100 नए आम आदमी क्लीनिक शुरू किए। अब राज्य में कुल 1,090 क्लीनिक हो गए हैं, जहां 107 दवाइयां और 47 डायग्नोस्टिक टेस्ट मुफ्त उपलब्ध होंगे।

मीरी-पीरी दिवस पर श्री अकाल तख्त साहिब से निकला खालसा मार्च, कल पहुंचेगा तरनतारन साहिब

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर में छठे पातशाह श्री गुरु हरगोबिंद साहिब के मीरी-पीरी दिवस को समर्पित मीरी-पीरी खालसा मार्च श्री अकाल तख्त साहिब से शुक्रवार सुबह शुरू हुआ।  

यह मार्च श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के निर्देश पर आयोजित किया जा रहा है। मार्च की शुरुआत श्री अखंड पाठ साहिब के भोग और गुरमत समागम के बाद अरदास के साथ हुई। इस अवसर पर सिंह साहिबान, विभिन्न तख्त साहिबान के जत्थेदार, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी, शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, पार्टी के वरिष्ठ नेता, विधायक, पूर्व मंत्री तथा शिरोमणि अकाली दल का समूचा नेतृत्व मौजूद रहा। 

बड़ी संख्या में संगत ने भी मार्च में भाग लिया। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया और पंज प्यारों की अगुवाई में निकाले जा रहे इस मार्च का उद्देश्य गुरमत का प्रचार-प्रसार करना तथा संगत को श्री अकाल तख्त साहिब के सिद्धांतों, मर्यादा और मीरी-पीरी के संदेश से जोड़ना है।

धर्म प्रचार समिति के सचिव गुरिंदर सिंह मथरेवाल ने बताया कि यात्रा के माध्यम से सिख इतिहास, परंपराओं और शहीदों के बलिदान से नई पीढ़ी को परिचित कराया जा रहा है।

मार्च के दौरान विशेष बस में गुरु साहिबान और शहीद सिंहों के ऐतिहासिक शस्त्रों के दर्शन कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही सिख इतिहास और संघर्ष को दर्शाने वाले पोस्टरों और झांकियों से सजे वाहन भी यात्रा का हिस्सा हैं।

मार्च श्री अकाल तख्त साहिब से रवाना होकर हाल गेट, भंडारी पुल, पुतलीघर, गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, छेहरटा, इंडिया गेट बाईपास, खासा, घरिंडा, अटारी और विभिन्न गांवों से होते हुए गुरुद्वारा बीड़ बाबा बुड्ढा साहिब, ठठा में रात्रि विश्राम के बाद शनिवार को तरनतारन साहिब पहुंचेगा। आयोजकों ने संगत से परिवार सहित बड़ी संख्या में इस ऐतिहासिक मीरी-पीरी खालसा मार्च में शामिल होने की अपील की है। 

पंजाब के राज्यपाल और केंद्रीय राज्य मंत्री ने 1,044 युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र

लुधियाना / सत्ता संदेश

विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर सन फाउंडेशन द्वारा संचालित मल्टी स्किल डेवलपमेंट सेंटरों (एमएसडीसी) का भव्य दीक्षांत समारोह आज वर्ल्ड स्किल कैंपस ऑफ एक्सीलेंस, गवर्नमेंट आईटीआई कैंपस, गिल रोड, लुधियाना में आयोजित किया गया। समारोह के दौरान सन फाउंडेशन के पंजाब भर में संचालित कौशल केंद्रों से प्रशिक्षित 1,044 युवाओं को प्रमाण-पत्र एवं नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।

समारोह में पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयंत चौधरी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कार्यक्रम की मेजबानी पद्मश्री डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी, राज्यसभा सांसद एवं सन फाउंडेशन के चेयरमैन ने की।

इस कार्यक्रम में पंजाब भर से 3,000 से अधिक युवाओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, शैक्षणिक संस्थानों, नियोक्ताओं तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया, जिससे यह राज्य में विश्व युवा कौशल दिवस के सबसे बड़े आयोजनों में से एक बन गया।

पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने कौशल विकास एवं रोजगार सृजन के क्षेत्र में सन फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों की सराहना की। उन्होंने पद्मश्री डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी के दूरदर्शी नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि फाउंडेशन की पहलें पंजाब के हजारों युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और सम्मानजनक रोजगार के अवसर प्रदान कर उन्हें सशक्त बना रही हैं।

केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयंत चौधरी ने पंजाब में विश्वस्तरीय कौशल विकास केंद्र स्थापित करने के लिए पद्मश्री डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी और सन फाउंडेशन की टीम की प्रशंसा की। उन्होंने सन फाउंडेशन को कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में एक आदर्श संस्था बताया तथा युवाओं के सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण में डॉ. साहनी के उत्कृष्ट योगदान की सराहना की।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं सन फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा कि कौशल विकास और रोजगार सृजन, पंजाब में बेरोजगारी, नशाखोरी और पलायन जैसी चुनौतियों का सबसे प्रभावी समाधान हैं। उन्होंने बताया कि सन फाउंडेशन आज अपने मल्टी स्किल डेवलपमेंट सेंटरों के नेटवर्क के माध्यम से उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तथा भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण देकर प्रतिवर्ष 5,000 से अधिक युवाओं को “स्किल फॉर जॉब्स” उपलब्ध करा रहा है।

उन्होंने बताया कि सन फाउंडेशन के केंद्रों से प्रशिक्षित हजारों युवाओं को इंडिगो एयरलाइंस, ताज होटल्स, मैरियट, रेडिसन, शाही एक्सपोर्ट्स, एवन साइकिल्स सहित विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवा और सेवा क्षेत्र की अनेक प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार प्राप्त हुआ है।

डॉ. साहनी ने कहा कि सन फाउंडेशन उद्योगों की आवश्यकताओं और युवाओं की आकांक्षाओं के बीच की दूरी को सफलतापूर्वक कम कर रहा है। संस्था बाजार की मांग के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार कर युवाओं के लिए सम्मानजनक रोजगार के अवसर सुनिश्चित कर रही है।

समारोह के दौरान गणमान्य अतिथियों ने वर्ल्ड स्किल कैंपस ऑफ एक्सीलेंस का भी दौरा किया। उन्होंने प्रशिक्षुओं से संवाद किया तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, हॉस्पिटैलिटी, स्वास्थ्य सेवा और अन्य उभरते क्षेत्रों से संबंधित कौशलों की प्रदर्शनी एवं लाइव डेमोंस्ट्रेशन का अवलोकन किया।

पंजाब गवर्नर और केंद्रीय राज्य मंत्री ने 1,044 युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

‘विश्व युवा कौशल दिवस’ के मौके पर आज लुधियाना के गिल रोड स्थित सरकारी ITI कैंपस के ‘वर्ल्ड स्किल कैंपस ऑफ एक्सीलेंस’ में सन फाउंडेशन द्वारा चलाए जा रहे ‘मल्टी स्किल डेवलपमेंट सेंटर्स’ (MSDCs) का एक भव्य दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पंजाब भर में सन फाउंडेशन के स्किल सेंटर्स में प्रशिक्षित 1,044 युवाओं को सर्टिफिकेट और नियुक्ति पत्र दिए गए। इस समारोह में पंजाब के माननीय गवर्नर गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए, जबकि कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने समारोह की अध्यक्षता की। कार्यक्रम की मेजबानी पद्म डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी, सांसद (राज्यसभा) और चेयरमैन, सन फाउंडेशन ने की।

इस कार्यक्रम में पंजाब भर से 3,000 से अधिक युवाओं, इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों, नियोक्ताओं और प्रतिष्ठित हस्तियों ने भाग लिया, जिससे यह राज्य में ‘विश्व युवा कौशल दिवस’ के सबसे बड़े आयोजनों में से एक बन गया।

पंजाब के गवर्नर श्री गुलाब चंद कटारिया ने कौशल विकास और रोजगार सृजन के क्षेत्र में सन फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे बेहतरीन कार्यों की बहुत सराहना की। उन्होंने पद्म श्री डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी के दूरदर्शी नेतृत्व की तारीफ की और कहा कि फाउंडेशन की पहल पंजाब भर के हजारों युवाओं को कौशल और सम्मानजनक रोजगार के अवसर प्रदान करके उन्हें सशक्त बना रही है।

कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने पंजाब में विश्व स्तरीय कौशल विकास केंद्र बनाने के लिए पद्म श्री डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी और सन फाउंडेशन की टीम की प्रशंसा की। उन्होंने सन फाउंडेशन को कौशल और रोजगार के क्षेत्र में एक आदर्श संस्थान बताया और युवा सशक्तिकरण तथा राष्ट्र निर्माण में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ. साहनी को बधाई दी।

सभा को संबोधित करते हुए, सांसद (राज्यसभा) और सन फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा कि कौशल विकास और रोजगार सृजन पंजाब में बेरोजगारी, नशीली दवाओं के दुरुपयोग और पलायन की चुनौतियों का सबसे प्रभावी समाधान हैं। उन्होंने बताया कि सन फ़ाउंडेशन आज पंजाब भर में अपने ‘मल्टी स्किल डेवलपमेंट सेंटर’ के नेटवर्क के ज़रिए हर साल 5,000 से ज़्यादा युवाओं को ‘स्किल फ़ॉर जॉब्स’ (नौकरी के लिए कौशल) के तहत इंडस्ट्री से जुड़ी और भविष्य के लिए तैयार करने वाली ट्रेनिंग देता है।

उन्होंने आगे कहा कि सन फ़ाउंडेशन सेंटर्स में ट्रेनिंग लेने वाले हज़ारों युवाओं को इंडिगो एयरलाइंस, ताज होटल्स, मैरियट, रैडिसन, शाही एक्सपोर्ट्स, एवन साइकिल्स जैसी बड़ी कंपनियों और मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर और सर्विस सेक्टर की कई नामी कंपनियों में नौकरी मिली है। डॉ. साहनी ने कहा कि सन फ़ाउंडेशन मार्केट की मांग के हिसाब से कोर्स तैयार करके और युवाओं के लिए सम्मानजनक रोज़गार के मौके पक्के करके, इंडस्ट्री की ज़रूरतों और युवाओं की उम्मीदों के बीच के अंतर को सफलतापूर्वक कम कर रहा है।

मान्यवरों ने ‘वर्ल्ड स्किल कैंपस ऑफ़ एक्सीलेंस’ का दौरा भी किया, जहाँ उन्होंने ट्रेनिंग लेने वालों से बातचीत की और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर और कई उभरते हुए सेक्टर में कौशल दिखाने वाली प्रदर्शनियों और लाइव डेमो का निरीक्षण किया।

PM मोदी PGIMER में 1200 करोड़ की स्वास्थ्य परियोजनाओं का करेंगे उद्घाटन

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

  • एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज़ सेंटर, एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर एवं क्रिटिकल केयर ब्लॉक उत्तर भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को देंगे नई दिशा
  • “जनता का बढ़ता विश्वास हमारी जिम्मेदारी को बढ़ाता है; इसका समाधान मरीजों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि अवसंरचना का विस्तार करना है।” – प्रो. विवेक लाल, निदेशक, PGIMER

पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER ), चंडीगढ़ अपनी स्वास्थ्य सेवाओं की यात्रा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि का साक्षी बनने जा रहा है। भारत के माननीय प्रधानमंत्री 17 जुलाई 2026 को दो अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं—एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज़ सेंटर (एएनसी) और एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर (AMCC)—का उद्घाटन करेंगे तथा क्रिटिकल केयर ब्लॉक (सीसीबी) की आधारशिला रखेंगे। लगभग ₹1,200 करोड़ की लागत वाली ये परियोजनाएँ संस्थान के इतिहास में स्वास्थ्य अवसंरचना के सबसे बड़े विस्तारों में से एक हैं।

इन नई सुविधाओं से न केवल चंडीगढ़ बल्कि पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड तथा अन्य पड़ोसी राज्यों के उन लाखों मरीजों को लाभ मिलेगा, जो उन्नत चिकित्सा सेवाओं के लिए पीजीआईएमईआर पर निर्भर हैं।

उद्घाटन से पूर्व अपने विचार व्यक्त करते हुए पीजीआईएमईआर के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने कहा,
“ये परियोजनाएँ भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ी छलांग हैं। पीजीआईएमईआर सदैव प्रत्येक मरीज को उसकी आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। इन सुविधाओं के शुरू होने से विश्वस्तरीय उपचार प्रदान करने की हमारी क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, साथ ही आयुष्मान भारत योजना के तहत किफायती स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना भी जारी रहेगा।”

एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज़ सेंटर

एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज़ सेंटर को देश की सबसे उन्नत न्यूरोलॉजिकल देखभाल सुविधाओं में से एक के रूप में विकसित किया गया है। इसमें अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक तकनीक, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, उन्नत गहन चिकित्सा इकाइयाँ तथा आपातकालीन सेवाएँ उपलब्ध होंगी, जिससे तंत्रिका संबंधी रोगों के उपचार की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

इसकी महत्ता पर प्रकाश डालते हुए प्रो. विवेक लाल

“पीजीआई में न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी की शुरुआत वर्ष 1967 में मात्र 50 बिस्तरों के साथ हुई थी। एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज़ सेंटर के साथ यह संख्या बढ़कर 400 से अधिक बिस्तरों तक पहुँच रही है, जिनमें समर्पित आईसीयू और आपातकालीन सुविधाएँ शामिल हैं। यह एक परिवर्तनकारी कदम है, जिससे स्ट्रोक, मस्तिष्क ट्यूमर, रीढ़ की बीमारियों, मिर्गी, ट्रॉमा और अन्य जटिल न्यूरोलॉजिकल रोगों से पीड़ित मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा।”

एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर

एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर में माताओं, नवजात शिशुओं और बच्चों के लिए समग्र स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। इसमें समर्पित आईसीयू, आधुनिक लेबर सुइट, विशेष नवजात सेवाएँ और उन्नत डायग्नोस्टिक सुविधाएँ होंगी।

प्रो. विवेक लाल ने कहा,
“पीजीआईएमईआर ने भारत में कई नवजात सेवाओं की शुरुआत की है। एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर विशेष आईसीयू, उन्नत तकनीक और समर्पित स्वास्थ्य टीमों के माध्यम से माताओं और नवजात शिशुओं को सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा।”

क्रिटिकल केयर ब्लॉक
नए क्रिटिकल केयर ब्लॉक की आधारशिला कोविड-19 महामारी से मिली सीख के बाद देश की आपातकालीन स्वास्थ्य तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

प्रो. लाल ने कहा,
“महामारी ने हमें यह सिखाया कि क्रिटिकल केयर अवसंरचना कोई विलासिता नहीं, बल्कि आवश्यकता है। यह नया क्रिटिकल केयर ब्लॉक सुनिश्चित करेगा कि गहन चिकित्सा और वेंटिलेटर सहायता की आवश्यकता वाले मरीजों को बिना अनावश्यक विलंब के समय पर उपचार मिल सके। यह भविष्य की स्वास्थ्य आपदाओं से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निवेश है।”

वर्तमान में पीजीआईएमईआर में प्रतिवर्ष लगभग 30 लाख मरीजों का पंजीकरण होता है तथा प्रतिदिन 10,000 से 15,000 ओपीडी परामर्श प्रदान किए जाते हैं। संस्थान बढ़ती मरीज संख्या को बोझ नहीं, बल्कि जनता के बढ़ते विश्वास का प्रतीक मानता है।

इस संदर्भ में निदेशक ने कहा, “अक्सर कहा जाता है कि पीजीआई पर मरीजों का दबाव बढ़ रहा है। मेरा मानना है कि हमारी जिम्मेदारी बढ़ रही है। पीजीआई लाखों लोगों के लिए आशा और विश्वास का केंद्र है। समाधान मरीजों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि बढ़ती मांग के अनुरूप अपनी अवसंरचना और सेवाओं का लगातार विस्तार करना है।”

निदेशक ने बताया कि पीजीआईएमईआर आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के तहत अत्यधिक विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएँ न्यूनतम या बिना किसी लागत के उपलब्ध कराता है।

संस्थान में अब तक 5,500 से अधिक किडनी प्रत्यारोपण किए जा चुके हैं। इसके अलावा लिवर, हृदय, फेफड़े और कॉर्निया प्रत्यारोपण सेवाएँ भी उपलब्ध हैं, जिनमें से कई अब आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत निःशुल्क प्रदान की जा रही हैं। सेवाओं के विस्तार के कारण पात्र किडनी प्रत्यारोपण मरीजों की प्रतीक्षा अवधि में भी उल्लेखनीय कमी आई है।

पीजीआईएमईआर डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में भी राष्ट्रीय अग्रणी संस्थान बनकर उभरा है। संस्थान अब तक 40 लाख से अधिक टेलीमेडिसिन परामर्श प्रदान कर चुका है तथा देशभर के 250 से अधिक चिकित्सा संस्थानों, जिनमें सशस्त्र बल चिकित्सा महाविद्यालय (एएफएमसी) और अन्य तृतीयक स्वास्थ्य संस्थान शामिल हैं, को शैक्षणिक कार्यक्रमों का प्रसारण करता है।

निदेशक ने संस्थान की अभिनव ‘सारथी’ पहल का भी उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को मरीज सेवा में स्वयंसेवा के लिए प्रेरित करना है। यह कार्यक्रम एक छोटे स्वयंसेवी प्रयास से विकसित होकर हजारों युवाओं का जनआंदोलन बन चुका है, जो संस्थान में मरीजों की सहायता कर रहे हैं।

प्रो. लाल ने कहा, “स्वास्थ्य सेवा केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि करुणा और संवेदनशीलता का भी नाम है। ‘सारथी’ के माध्यम से युवा स्वयंसेवक सहानुभूति और सामुदायिक सेवा की भावना सीखते हैं तथा देश के सबसे व्यस्त अस्पतालों में से एक में मरीजों की सहायता करते हैं। संवेदनशील नागरिकों का निर्माण करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना आधुनिक अस्पतालों का निर्माण करना।”

इन ऐतिहासिक परियोजनाओं के शुरू होने के साथ पीजीआईएमईआर उन्नत, किफायती और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को और अधिक व्यापक बनाने की दिशा में अग्रसर होगा तथा चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में देश के अग्रणी संस्थानों में अपनी स्थिति को और मजबूत करेगा। यह उद्घाटन भारत सरकार के सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करने और उत्तर भारत के लाखों लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के सतत प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

श्री गुरु रविदास के डॉक्यूमेंट्री शो में बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब सरकार द्वारा श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व के मौके पर उनके जीवन, फिलॉसफी और महान शिक्षाओं को घर-घर तक पहुंचाने के मकसद से चलाए जा रहे खास डॉक्यूमेंट्री कैंपेन को लोगों का भारी रिस्पॉन्स मिल रहा है। इस कैंपेन के तहत, ब्लॉक माछीवाड़ा साहिब के गांव गहलेवाल और मुस्काबाद में, जबकि ब्लॉक रायकोट के गांव नथोवाल खुर्द और गांव चक भाईका में कल शाम LED प्रोपेगैंडा वैन के ज़रिए डॉक्यूमेंट्री शो ऑर्गनाइज़ किए गए। इस मौके पर बड़ी संख्या में गांववालों ने हिस्सा लिया और डॉक्यूमेंट्री को बहुत ध्यान से देखा।

डॉक्यूमेंट्री शो के दौरान गांव गेहलेवाल की सरपंच परवीन कौर, गांव मुस्काबाद की सरपंच सरबजीत कौर, गांव नाथोवाल के सरपंच जसविंदर सिंह और गांव चक भाईका के सरपंच गुरप्रीत सिंह के साथ-साथ बड़ी संख्या में पंचायत सदस्य, समाजसेवी, युवा, महिलाएं और बच्चे मौजूद थे। डॉक्यूमेंट्री में श्री गुरु रविदास जी महाराज के जीवन संघर्ष, सामाजिक सुधार, समानता, सच्चाई, मेहनत, भाईचारा, इंसानियत और दुनिया भर में एकता के संदेश को अच्छे से दिखाया गया।

गांव वालों ने इस पहल की तारीफ की और कहा कि ऐसी डॉक्यूमेंट्री युवा पीढ़ी को महान संतों और गुरुओं की शिक्षाओं से जोड़ने और सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने में अहम योगदान देती हैं। उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास जी महाराज का समानता, भाईचारा और इंसानियत का संदेश आज भी समाज के लिए बहुत काम का है।

पंजाब सरकार की तरफ से चलाया जा रहा यह खास डॉक्यूमेंट्री कैंपेन आने वाले दिनों में लुधियाना जिले के दूसरे गांवों में भी पहुंचेगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग श्री गुरु रविदास जी महाराज के जीवन, ऊंचे आदर्शों और शिक्षाओं से प्रेरणा ले सकें और समाज में समानता, मेलजोल और इंसानियत की भावना को और मजबूत किया जा सके। डाबी के लिए प्रस्तावित

गौरतलब है कि 15 जुलाई को श्री गुरु रविदास जी महाराज के जीवन और शिक्षाओं पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री माछीवाड़ा साहिब ब्लॉक के गांव टोडरपुर में शाम 6:00 बजे, बर्मा गांव में शाम 7:00 बजे, रायकोट ब्लॉक के गांव बोपाराय खुर्द में शाम 6:00 बजे और धुरकोट गांव में शाम 7:00 बजे दिखाई जाएगी।

PAU ने आधार ऑपरेटरों और पर्यवेक्षकों के लिए राज्य स्तरीय मेगा प्रशिक्षण का किया आयोजन

लुधियाना / सत्ता संदेश

यूआईडीएआई (UIDAI) क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ ने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना, पंजाब में आधार ऑपरेटरों और पर्यवेक्षकों के लिए एक दिवसीय राज्य स्तरीय मेगा प्रशिक्षण का आयोजन किया।

पंजाब भर के विभिन्न विभागों, जिनमें DGGIT पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और डाक विभाग शामिल हैं, से कुल 119 प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। इस सत्र में आधार के प्रमुख पहलुओं, परिचालन प्रक्रियाओं और यूआईडीएआई द्वारा जारी नवीनतम दिशानिर्देशों को शामिल किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य आधार ऑपरेटरों के ज्ञान और क्षमताओं को बढ़ाना था ताकि निवासियों को कुशल सेवा वितरण सुनिश्चित किया जा सके।

सुमित भटनागर, ट्रेनर, UIDAIऔर अंकुश ठाकुर, सहायक प्रबंधक – पंजाब, UIDAI ने यूनिवर्सल क्लाइंट (UC) को अपनाने और परिचालन त्रुटियों को कम करने के लिए UIDAI के दिशानिर्देशों व मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने निवासियों को अपने आधार दस्तावेजों को अपडेट करने के लिए प्रोत्साहित करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला, यदि उन्होंने पिछले दस वर्षों में उन्हें अपडेट नहीं किया है। प्रतिभागियों को सॉफ्ट स्किल्स, यूआईडीएआई के विजन और मिशन, और व्यावसायिकता व कार्य नैतिकता के उच्च मानकों को बनाए रखने के महत्व पर भी संवेदनशील बनाया गया।

इंटरैक्टिव सत्र के दौरान, मधुर बंसल, परियोजना प्रबंधक, UIDAI और अंकुश ठाकुर ने प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान किया और आधार नामांकन तथा अपडेट पारिस्थितिकी तंत्र पर विस्तृत स्पष्टीकरण प्रदान किया। उन्होंने नवीनतम UC मॉड्यूल का प्रदर्शन भी किया और यूनिवर्सल क्लाइंट का लाइव प्रदर्शन किया, जिससे प्रतिभागी कुशल आधार नामांकन और अपडेट संचालन के लिए इसकी विशेषताओं और कार्यात्मकताओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने में सक्षम हुए।

UIDAI आधार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने, पारिस्थितिकी तंत्र के भागीदारों के कौशल को बढ़ाने और सुरक्षित, कुशल तथा नागरिक-केंद्रित आधार सेवाओं की डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से ऐसे क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों का आयोजन करता है। प्रशिक्षण का समापन एक इंटरैक्टिव चर्चा और आधार सिद्धांतों, परिचालन सर्वोत्तम प्रथाओं और विकसित होते आधार पारिस्थितिकी तंत्र के व्यापक अवलोकन के साथ हुआ।

समराला में सीवरेज प्रोजेक्ट बना मुसीबत, 2 महीने से काम बंद, दुकानदारों का 75% कारोबार प्रभावित

समराला / सत्ता संदेश

समराला शहर के मुख्य चंडीगढ़ रोड पर लोगों की सुविधा के लिए शुरू किया गया सीवरेज लाइन बिछाने का प्रोजेक्ट अब स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। पिछले करीब दो महीनों से निर्माण कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है, जिससे सड़क किनारे स्थित दुकानदारों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और लोगों को भी आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि सीवरेज लाइन बिछाने के लिए सड़क की खुदाई तो कर दी गई, लेकिन ठेकेदार को भुगतान नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य बीच में ही रोक दिया गया। सड़क पर खुदाई होने और निर्माण सामग्री बिखरी रहने से ग्राहक दुकानों तक पहुंचने से बच रहे हैं। इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ा है और पिछले दो महीनों में उनकी बिक्री में करीब 75 प्रतिशत तक गिरावट आ चुकी है। कई दुकानदारों का कहना है कि रोजमर्रा के खर्च और कर्मचारियों का वेतन निकालना भी मुश्किल हो गया है।

दुकानदारों ने यह भी आरोप लगाया कि अधूरी पड़ी सीवरेज लाइन में बारिश के दौरान मिट्टी और मलबा भर गया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते पाइप लाइन की सफाई नहीं करवाई गई और निर्माण कार्य जल्द पूरा नहीं हुआ तो सीवरेज सिस्टम शुरू होने से पहले ही जाम होने की आशंका है, जिससे भविष्य में लोगों को और अधिक परेशानी झेलनी पड़ सकती है।

व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और सड़क को जल्द से जल्द सामान्य स्थिति में लाया जाए। उनका कहना है कि लंबे समय तक अधूरा पड़ा यह प्रोजेक्ट न केवल व्यापार बल्कि आसपास के लोगों की दैनिक आवाजाही को भी प्रभावित कर रहा है।

इस संबंध में नगर कौंसिल के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) अमनदीप सिंह ने बताया कि ठेकेदार को भुगतान लंबित होने के कारण काम रुका हुआ था। अब संबंधित ठेकेदार के खाते में भुगतान जारी कर दिया गया है और अगले एक से दो दिनों के भीतर सीवरेज लाइन का निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराकर लोगों और व्यापारियों को जल्द राहत दिलाई जाएगी।

टांडा में ब्यास नदी का बढ़ता खतरा, किसानों ने प्रशासन से बांध मजबूत करने की लगाई गुहार

टांडा/उड़मुड़ / सत्ता संदेश

होशियारपुर के टांडा उड़मुड़ क्षेत्र के रड़ा गांव स्थित ब्यास दरिया के मंड इलाके में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए किसानों ने प्रशासन से तुरंत सुरक्षा प्रबंध करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि पिछले वर्षों में आई बाढ़ के दौरान दरिया किनारे बने तटबंध (गेट बांध) क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिससे सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो गई थी।

लगातार हो रही बारिश और ब्यास नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि नदी किनारे क्षतिग्रस्त तटबंधों की तुरंत मरम्मत और मजबूती का कार्य कराया जाए, ताकि इस बार बाढ़ की स्थिति में किसानों की फसलों को नुकसान से बचाया जा सके।

किसानों ने कहा कि पिछले नुकसान की भरपाई अभी तक पूरी तरह नहीं हो पाई है और एक बार फिर बाढ़ की आशंका ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से अपील की कि ब्यास नदी के किनारे सुरक्षा प्रबंधों को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत किया जाए।

किसानों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते तटबंधों की मरम्मत नहीं कराई गई तो आगामी दिनों में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति से क्षेत्र में बड़ा नुकसान हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से तुरंत मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।