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HBCHRC ने छह महीने से भी कम समय में पूरी कीं 100 रोबोटिक कैंसर सर्जरियां

न्यू चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

होमी भाभा कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र (HBCHRC), पंजाब ने मरीजों को बिना किसी अतिरिक्त लागत के महज छह महीनों में 100 से अधिक जटिल रोबोटिक सर्जरियां सफलतापूर्वक पूरी कर ली हैं। HBCHRC भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग के तहत टाटा मेमोरियल सेंटर की एक इकाई है। यह मील का पत्थर हासिल करने वाला केंद्र सरकार का यह अस्पताल पंजाब के न्यू चंडीगढ़ में स्थित है।

रोबोटिक सर्जरी सुविधा की योजना की घोषणा पिछले साल अगस्त में होमी भाभा कैंसर कॉन्क्लेव के दौरान पंजाब के राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश (UT) के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया द्वारा की गई थी। इस उपलब्धि को साझा करते हुए, HBCHRC के निदेशक डॉ. आशीष गुलिया ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी पूरे उत्तर भारत में केवल सीमित अस्पतालों में ही उपलब्ध है।

डॉ. गुलिया ने कहा, “शुरुआत के समय, हमने पहले 80 मरीजों को मुफ्त में रोबोटिक सर्जरी प्रदान करने का वादा किया था। हमें यह साझा करते हुए गर्व हो रहा है कि हमने न केवल छह महीने से भी कम समय में 100 सफल रोबोटिक सर्जरियां पूरी कीं, बल्कि सभी 100 मरीजों को बिना किसी अतिरिक्त खर्च के यह इलाज मिला।”

उन्होंने आगे कहा, “हमारे न्यू चंडीगढ़ परिसर में रोबोटिक सर्जरी सुविधा उन्नत चिकित्सा तकनीक से लैस है और अब अन्य निजी स्वास्थ्य संस्थानों की तुलना में काफी कम लागत पर इलाज की पेशकश कर रही है।”

ओंकोसर्जरी (Oncosurgery) विभाग के प्रमुख डॉ. विक्रम सिंह ने स्पष्ट किया कि रोबोटिक सर्जरी सर्जन की जगह नहीं लेती है। उन्होंने कहा, “पूरी प्रक्रिया के दौरान सर्जन का ही पूरा नियंत्रण रहता है और सभी महत्वपूर्ण निर्णय ऑपरेटिंग सर्जन द्वारा ही लिए जाते हैं। रोबोट केवल सर्जरी को अधिक सटीकता के साथ करने में मदद करता है।”

रोबोटिक सर्जरी के फायदों पर प्रकाश डालते हुए, ओंकोसर्जन डॉ. अरविंद गुरु ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी सर्जनों को पहुंच से दूर वाले क्षेत्रों में अधिक सटीकता के साथ काम करने की अनुमति देती है, जबकि इसमें केवल छोटे कीहोल (keyhole) के आकार के चीरों की आवश्यकता होती है। इसके परिणामस्वरूप खून कम बहता है, दर्द कम होता है और मरीज जल्दी ठीक होते हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल ने एक 80 वर्षीय मरीज की भी सफल रोबोटिक सर्जरी की है, जिसे आईसीयू में कम समय बिताना पड़ा और वे तेजी से स्वस्थ हुए।
विश्व स्तरीय सुविधाओं के साथ कैंसर का इलाज

आपको बता दें कि पंजाब और आसपास के राज्यों को बेहतरीन कैंसर इलाज देने के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अगस्त 2022 में इस अस्पताल को राष्ट्र को समर्पित किया था। भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग के अंतर्गत आने वाले टाटा मेमोरियल सेंटर, मुंबई द्वारा करीब 660 करोड़ की लागत से बना यह 300 बेड वाला अस्पताल हर आधुनिक सुविधा (जैसे सर्जरी, रेडियोथेरेपी, कीमोथेरेपी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट) से लैस है। यह अस्पताल एक मुख्य केंद्र (Hub) की तरह काम करता है, जबकि संगरूर वाला 150 बेड का अस्पताल इसकी एक शाखा (Spoke) के रूप में मरीजों की सेवा कर रहा है।

पंजाब में 4 दिन भारी बारिश का अलर्ट, तापमान में 5°C तक गिरावट के आसार

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब में चार दिन भारी बारिश का अलर्ट है। कई इलाकों में बुधवार को हल्की से मध्यम बारिश हुई। इससे तापमान में तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। पारा अब सामान्य से 2.7 डिग्री नीचे पहुंच गया है, जिससे उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। 

फरीदकोट में सबसे अधिक 38.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले चार दिन भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तापमान में चार से पांच डिग्री तक की कमी आने की संभावना है।

मौसम विभाग ने पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, रूपनगर और मोहाली जिलों में कुछ जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है। वहीं, अमृतसर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, बरनाला, मानसा और संगरूर जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

पंजाब के न्यूनतम तापमान में भी 1.4 डिग्री की गिरावट आई है, जो सामान्य के नजदीक बना हुआ है। फरीदकोट में सबसे कम 24.5 डिग्री न्यूनतम पारा दर्ज किया गया। फरीदकोट में 22.8 मिलीमीटर, पठानकोट में 4.5 मिलीमीटर, पटियाला में 2.0 मिलीमीटर और होशियारपुर में 1.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। अमृतसर का अधिकतम पारा 34.0 डिग्री और न्यूनतम 27.4 डिग्री रहा। लुधियाना का अधिकतम 33.0 डिग्री और न्यूनतम 27.6 डिग्री दर्ज किया गया।

डॉक्यूमेंट्री वैन के जरिए संगत को दिखाई श्री गुरु रविदास के जीवन पर फिल्म
  • माछीवाड़ा साहिब ब्लॉक के गांव नीलां कलां में एक डॉक्यूमेंट्री वैन के ज़रिए गांव की संगत को श्री गुरु रविदास जी के जीवन पर एक डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म दिखाई गई*
  • पंजाब सरकार श्री गुरु रविदास जी के बराबरी और भाईचारे के संदेश को घर-घर तक पहुंचा रही है
  • नीलां कलां के गांववालों ने डॉक्यूमेंट्री के ज़रिए श्री गुरु रविदास जी के महान जीवन दर्शन के बारे में जाना
  • पंजाब सरकार की कोशिश है कि एक डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म के ज़रिए युवा पीढ़ी को गुरु रविदास जी की विरासत से जोड़ा जाए: सरपंच कुलजिंदर कौर

समराला, लुधियाना, 07 जुलाई:

पंजाब सरकार की तरफ़ से श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को श्रद्धा, आदर और उत्साह के साथ मनाने और उनके महान जीवन दर्शन, इंसानियत, बराबरी और भाईचारे के संदेश को घर-घर तक पहुंचाने के मकसद से एक खास जागरूकता कैंपेन चलाया जा रहा है। इस कैंपेन के तहत डॉक्यूमेंट्री वैन मंगलवार शाम को ब्लॉक माछीवाड़ा साहिब के गांव नीलों कलां पहुंची, जहां वैन पर एक बड़ी 12 ft × 8 ft की LED स्क्रीन के ज़रिए श्री गुरु रविदास जी के जीवन, उनकी शिक्षाओं, समाज सुधारों और इंसानियत के लिए दिए गए उनके अनमोल योगदान के बारे में एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई गई।

डॉक्यूमेंट्री फिल्म के दौरान गांव की संगत ने गुरु साहिब के जीवन से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं, उनके आदर्शों और इंसानियत की भलाई के लिए दिए गए संदेशों को बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ ध्यान से देखा और सुना। फिल्म में गुरु रविदास जी द्वारा जातिवाद, छुआछूत और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ दिए गए संदेशों को असरदार तरीके से दिखाया गया, जिससे वहां मौजूद लोगों को सामाजिक एकता, आपसी मेलजोल और बराबरी के उसूलों को अपनाने की प्रेरणा मिली।

इस मौके पर गांव नीलों कलां की सरपंच कुलजिंदर कौर, पंचायत मेंबर, गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में गांव वाले मौजूद थे। उन्होंने श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित पंजाब सरकार की इस अनोखी पहल की बहुत तारीफ़ की और कहा कि ऐसी डॉक्यूमेंट्रीज़ नई पीढ़ी को अपने महान गुरुओं की शिक्षाओं और विरासत से जोड़ने में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी का दिया गया समानता, भाईचारा, सच्चाई और मानव सेवा का संदेश आज भी समाज के लिए ज़रूरी है और इसे हर वर्ग तक पहुँचाने की ज़रूरत है।

गाँववालों ने कहा कि पंजाब सरकार की यह मुहिम न सिर्फ़ लोगों को गुरु साहिब के जीवन और विचारधारा के बारे में जागरूक कर रही है, बल्कि समाज में आपसी प्यार, एकजुटता और सामाजिक मेलजोल को भी मज़बूत कर रही है। उन्होंने कहा कि गाँव के इलाकों में ऐसे जागरूकता प्रोग्राम आयोजित करने से बच्चों, युवाओं और आम लोगों को अपनी धार्मिक और सामाजिक विरासत के बारे में ज़्यादा जानकारी मिलती है।

उल्लेखनीय है कि श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व के अवसर पर पंजाब सरकार राज्य भर के गांवों में डॉक्यूमेंट्री वैन के माध्यम से डॉक्यूमेंट्री फिल्में दिखाकर गुरु साहिब की शिक्षाओं को लोगों तक पहुंचा रही है, ताकि समाज में समानता, भाईचारा, सामाजिक न्याय और मानवता के उच्च मूल्यों को और मजबूत किया जा सके।

पीएम मोदी के दौरे से पहले केंद्रीय मंत्री ने जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का किया निरिक्षण

जालंधर / सत्ता संदेश

रेल मंत्रालय तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री रवनीत सिंह ने फिरोजपुर मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पुनर्विकसित जालंधर कैंट (जेआरसी) रेलवे स्टेशन का दौरा कर पीएम नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित आगमन की तैयारियों का जायजा लिया। प्रधानमंत्री 17 जुलाई 2026 को इस स्टेशन पुनर्विकास परियोजना का उद्घाटन करने वाले हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा रेल सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पंजाब के लोगों को यह ऐतिहासिक सौगात प्रदान करने तथा क्षेत्र के एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय यात्री सुविधा केंद्र में परिवर्तित करने के लिए वे उनके प्रति कृतज्ञ हैं।

लगभग 110 वर्ष पुराने जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास लगभग ₹125 करोड़ की लागत से किया गया है। इस परियोजना में स्टेशन की ऐतिहासिक वास्तुकला को संरक्षित रखते हुए पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाले तत्वों को भी समाहित किया गया है।

पुनर्विकसित स्टेशन में विशाल डबल-हाइट एयर कॉन्कोर्स, मजबूत स्टील प्लेटफॉर्म रूफिंग, स्लिप-प्रतिरोधी फर्श, ऊर्जा-कुशल एलईडी प्रकाश व्यवस्था, शहर के दोनों ओर से सुविधाजनक प्रवेश तथा 6 मीटर और 9 मीटर चौड़ाई वाले दो नए फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं।

अन्य प्रमुख सुविधाओं में 40 मीटर चौड़ी ट्रफ रूफ, जो 200 मीटर लंबे प्लेटफॉर्म (8,720 वर्गमीटर) को कवर करती है, 36 मीटर चौड़ा 1,770 वर्गमीटर का एयर कॉन्कोर्स, 300 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाला नया द्वितीय प्रवेश स्टेशन भवन तथा 4,855 वर्गमीटर का पार्किंग क्षेत्र शामिल है।

वर्तमान में जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन औसतन 7,500 यात्रियों का आवागमन होता है। स्टेशन पर 66 अप तथा 66 डाउन ट्रेनों का ठहराव है, जिनमें दो जोड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस, एक हमसफर एक्सप्रेस, एक गरीब रथ एक्सप्रेस तथा अनेक मेल/एक्सप्रेस और यात्री ट्रेनें शामिल हैं। यह स्टेशन पूर्णतः यात्री सेवाओं के लिए समर्पित है तथा यहां किसी प्रकार का माल परिवहन नहीं किया जाता।

निरीक्षण के दौरान श्री रवनीत सिंह ने यात्री सुविधाओं एवं चल रही तैयारियों का विस्तृत अवलोकन किया तथा पुनर्विकास कार्यों की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्नत सुविधाओं से युक्त यह स्टेशन यात्रियों की सुविधा में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा तथा भारतीय रेलवे की आधुनिक, सुरक्षित, सुगम एवं विश्वस्तरीय अवसंरचना विकसित करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक बनेगा। साथ ही, यह पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को भी प्रभावी रूप से प्रदर्शित करेगा।

सतलुज फिल्म पर रोक लगाना निंदनीय: परमिंदर सिंह

लुधियाना / सत्ता संदेश

लुधियाना में शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) ने फिल्म ‘सतलुज’ पर लगाए गए प्रतिबंध का विरोध करते हुए सरकार से इसे तुरंत हटाने की मांग की है। पार्टी के जिला शहरी अध्यक्ष परमिंदर सिंह ने कहा कि फिल्म पर रोक लगाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ है और सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।

लुधियाना में जारी एक बयान में शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) के जिला शहरी अध्यक्ष परमिंदर सिंह ने फिल्म ‘सतलुज’ पर लगाए गए प्रतिबंध की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि अक्सर ऐसी फिल्मों को प्रदर्शन की अनुमति मिल जाती है जो समाज को गलत दिशा में ले जाती हैं, लेकिन जब कोई फिल्म सामाजिक सच्चाई को सामने लाने का प्रयास करती है तो उस पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है।

परमिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि फिल्म पर रोक लगाकर सच्चाई को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर फिल्म को निष्पक्ष तरीके से देखने और जनता तक पहुंचाने का अवसर मिलना चाहिए।

उन्होंने सरकार से मांग की कि फिल्म ‘सतलुज’ पर लगाया गया प्रतिबंध जल्द से जल्द हटाया जाए ताकि इसे दोबारा ओटीटी प्लेटफॉर्म और सिनेमाघरों में प्रदर्शित किया जा सके। उन्होंने कहा कि दर्शकों को यह तय करने का अधिकार होना चाहिए कि वे किसी फिल्म को देखना चाहते हैं या नहीं।

विधायक मनप्रीत अयाली को चार जिलों का प्रभारी बनाए जाने का लवली ने किया स्वागत

लुधियाना / सत्ता संदेश

अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ द्वारा वरिष्ठ नेता एवं विधायक मनप्रीत सिंह अयाली को पंजाब के चार जिलों मोहाली, श्री फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना और रूपनगर का प्रभारी नियुक्त किए जाने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। बड़ी संख्या में लोग पार्टी की नीतियों से प्रभावित होकर अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ से जुड़ चुके हैं और यह सिलसिला लगातार जारी है।

यहां जारी एक बयान में, विधानसभा क्षेत्र जगराओं के सेवादार राजीव कुमार लवली ने विधायक अयाली को मिली इस जिम्मेदारी का स्वागत किया। लवली ने कहा कि अयाली की नियुक्ति का प्रभाव केवल मालवा ही नहीं, बल्कि पूरे पंजाब में देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी की नीतियों और गतिविधियों से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में लोग अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ से जुड़ रहे हैं और यह क्रम आगे भी जारी रहेगा।

लवली ने जोर देते हुए, कहा कि विधायक अयाली, सांसद भाई अमृतपाल सिंह खालसा की सोच को आगे बढ़ाते हुए, पार्टी के समूचे नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर वर्ष 2027 में एक निरोल पंथक सरकार के गठन के उद्देश्य से लगातार अभियान चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी की लहर हर गांव और हर शहर तक पहुंच रही है तथा प्रदेश को बचाने के लिए लोग बढ़-चढ़कर पार्टी का हिस्सा बन रहे हैं।

होशियारपुर जेल में बड़ा खुलासा! गैंगस्टरों तक पहुंच रहे थे मोबाइल और ड्रग्स, असिस्टेंट जेलर गिरफ्तार

होशियारपुर / सत्ता संदेश

पंजाब के होशियारपुर स्थित केंद्रीय जेल में नशा और मोबाइल फोन तस्करी का एक चर्चित मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने डिप्टी जेल सुपरिंटेंडेंट हरभजन सिंह को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी जेल में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में हरभजन सिंह की गिरफ्तारी से पहले ही 12 अन्य लोगों को पकड़ा जा चुका है। जांच एजेंसियां इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। यह पूरा प्रकरण तब सुर्खियों में आया जब जेल से रिहा हुए मनप्रीत सिंह मन्ना का एक वीडियो वायरल हुआ। मनप्रीत सिंह मन्ना ने अपने वीडियो में गंभीर आरोप लगाए थे। उसने बताया कि जेल के भीतर डिप्टी जेल सुपरिंटेंडेंट उस पर नशा पहुंचाने के लिए दबाव बनाते थे। मनप्रीत ने यह भी आरोप लगाया कि उसे इस काम के लिए प्रताड़ित भी किया जाता था। इन आरोपों के बाद मामले की गंभीरता बढ़ गई थी।

विशेष जांच दल की कार्रवाई

मामले की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। एसआईटी ने करीब तीन सप्ताह तक इस मामले की विस्तृत तफ्तीश की। इस जांच के दौरान टीम को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले। एसआईटी को लाखों रुपये के संदिग्ध लेन-देन के प्रमाण भी प्राप्त हुए हैं। ये प्रमाण जेल के भीतर चल रहे अवैध कारोबार की पुष्टि करते हैं।

जेल में अवैध गतिविधियों पर शिकंजा

हरभजन सिंह की गिरफ्तारी को जेल प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है। यह घटना जेलों में व्याप्त भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों को उजागर करती है। पुलिस और प्रशासन अब इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं। इस कार्रवाई से जेलों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता महसूस हुई है। अधिकारियों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने का संकल्प लिया है।

रोजगार में लुधियाना सबसे आगे: श्रमिक अनुपात में फरीदाबाद-दिल्ली को छोड़ा पीछे

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब में रोजगार के मामले में लुधियाना सबसे आगे है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों पर आधारित नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार लुधियाना का श्रमिक जनसंख्या अनुपात 57 प्रतिशत है, जो दिल्ली (41.2 प्रतिशत) और फरीदाबाद (44 प्रतिशत) से बेहतर है। नियमित वेतनभोगियों की हिस्सेदारी भी 63 प्रतिशत है, जो कई बड़े शहरों के बराबर या उनसे बेहतर है।

रिपोर्ट के अनुसार लुधियाना में औद्योगिक गतिविधियां तेज होने से रोजगार के अवसर बढ़े हैं। विनिर्माण, ऑटोमोबाइल और कपड़ा उद्योगों में कुशल श्रमिकों की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी जरूरत को देखते हुए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में नए पाठ्यक्रम भी शुरू किए जा रहे हैं।

लुधियाना में स्वरोजगार करने वालों का प्रतिशत 34.7 है जबकि आकस्मिक श्रमिक (कैजुअल लेबर) 2.3 प्रतिशत हैं। शहर की बेरोजगारी दर 3.5 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो फरीदाबाद (4.9 प्रतिशत) और दिल्ली (5.3 प्रतिशत) से कम है। हालांकि महिलाओं की श्रम भागीदारी अब भी चिंता का विषय है। महिलाओं का श्रमिक जनसंख्या अनुपात केवल 22.8 प्रतिशत है। महिलाओं में बेरोजगारी दर 3.8 प्रतिशत जबकि पुरुषों में 3.4 प्रतिशत है। दिल्ली में महिलाओं की बेरोजगारी 8.4 प्रतिशत और पुरुषों की 4.7 प्रतिशत दर्ज की गई है।

अमृतसर में रोजगार की तस्वीर कमजोर

रिपोर्ट के अनुसार अमृतसर में रोजगार की स्थिति लुधियाना के मुकाबले कमजोर है। यहां श्रमिक जनसंख्या अनुपात 45.8 प्रतिशत है जबकि पुरुषों में यह 69 प्रतिशत और महिलाओं में केवल 21.2 प्रतिशत है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण सरकार रोजगार बढ़ाने के प्रयास कर रही है, लेकिन अपेक्षित परिणाम अभी नहीं मिल पाए हैं। महिलाओं की श्रम भागीदारी यहां भी काफी कम बनी हुई है।

बेरोजगारी दर 8.7%, महिलाओं पर ज्यादा असर

अमृतसर की कुल बेरोजगारी दर 8.7 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो लुधियाना से काफी अधिक है। पुरुषों में यह 7.6 प्रतिशत और महिलाओं में 12.3 प्रतिशत है। शहर में स्वरोजगार का प्रतिशत 43.9 है। स्वरोजगार में 49.2 प्रतिशत पुरुष और 25.9 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। वहीं आकस्मिक श्रमिकों की हिस्सेदारी 11.3 प्रतिशत है। रिपोर्ट बताती है कि महिलाओं की रोजगार भागीदारी बढ़ी है, लेकिन यह अब भी संतोषजनक स्तर से काफी नीचे है।

अमृतसर में ट्रांसफॉर्मर में भीषण आग के बाद लोगों का फूटा गुस्सा, पावरकॉम के खिलाफ सड़क जाम कर धरना
  • अमृतसर में ट्रांसफॉर्मर में भीषण आग के बाद लोगों का फूटा गुस्सा, पावरकॉम के खिलाफ सड़क जाम कर धरना
  • बार-बार जल रहा ट्रांसफॉर्मर बना मुसीबत, नए ट्रांसफॉर्मर की मांग को लेकर लोगों का प्रदर्शन

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर के आबादी गुरु नगर, मन्ने दी वेली के बैकसाइड इलाके में लगे बिजली के ट्रांसफॉर्मर में शनिवार देर रात करीब 1:30 बजे अचानक भीषण आग लग गई। स्थानीय निवासी जतिंदर सिंह खालसा ने बताया कि आग लगने के बाद इलाके के लोगों ने रेत डालकर आग बुझाने की काफी कोशिश की, लेकिन आग करीब डेढ़ घंटे तक लगातार जलती रही।

लोगों का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद बिजली विभाग के जेई और एसडीओ को कई बार फोन किया गया, लेकिन किसी भी अधिकारी ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, लेकिन पावरकॉम की ओर से बिजली सप्लाई बंद नहीं किए जाने के कारण फायर ब्रिगेड की टीम भी तुरंत आग पर काबू नहीं पा सकी।

अगले दिन जब बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो लोगों का आरोप था कि नया ट्रांसफॉर्मर लगाने की बजाय उसी पुराने और जले हुए ट्रांसफॉर्मर को दोबारा चालू कर दिया गया। दोपहर करीब 1:30 बजे बिजली बहाल की गई, लेकिन अधिक लोड होने के कारण एक घंटे बाद फिर बिजली बंद हो गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले छह महीनों से यह ट्रांसफॉर्मर लगातार परेशानी का कारण बना हुआ है। ट्रांसफॉर्मर के आसपास दुकानें और छोटे बच्चे रहते हैं, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा हमेशा बना रहता है। बिजली विभाग के रवैये से नाराज़ लोगों ने सड़क जाम कर पावरकॉम के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।

मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इलाके में करीब 190 किलोवाट का बिजली लोड है, जबकि लगा हुआ ट्रांसफॉर्मर केवल 100 किलोवाट क्षमता का है। इसी ओवरलोडिंग के कारण ट्रांसफॉर्मर बार-बार खराब हो रहा है। अधिकारियों ने बताया कि पावरकॉम के एक्सईएन से बातचीत के दौरान उन्होंने आश्वासन दिया कि नया ट्रांसफॉर्मर लगाने की तैयारी है, लेकिन कुछ स्थानीय लोग अपने घरों के सामने ट्रांसफॉर्मर लगाने का विरोध कर रहे हैं, जिससे काम में देरी हो रही है।

पुलिस प्रशासन और एसपी ने लोगों को भरोसा दिलाया कि अगले दिन सुबह 10 बजे पावरकॉम के एक्सईएन स्वयं मौके पर पहुंचेंगे और पुलिस की मौजूदगी में बिजली लोड को दो हिस्सों में बांटकर दो नए ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। इस आश्वासन और बिजली बहाली का काम शुरू होने के बाद लोगों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।

हालांकि, स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे बाईपास पर बड़े स्तर पर दोबारा प्रदर्शन करेंगे।

15 लाख के कर्ज़ से करोड़पति बनने तक: बटाला के युवक की लॉटरी ने बदली किस्मत

बटाला / सत्ता संदेश

पंजाब के बटाला के गांव वडाला ग्रंथियाँ से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है। करीब डेढ़ साल पहले विदेश से लौटे एक युवक की किस्मत एक ही रात में बदल गई। लंबे समय से आर्थिक तंगी और 15 लाख रुपये के कर्ज़ से जूझ रहे इस युवक ने लॉटरी में 1 करोड़ रुपये का इनाम जीत लिया।

लॉटरी विजेता ने बताया कि विदेश से लौटने के बाद उसके पास कोई स्थायी काम-धंधा नहीं था। परिवार पर करीब 15 लाख रुपये का कर्ज़ था, जिसके कारण घर में रोज़ तनाव और झगड़े का माहौल रहता था। उसने बताया कि उसने बीती शाम लॉटरी की टिकट खरीदी थी और रात को परिणाम आने पर पता चला कि उसे 1 करोड़ रुपये का इनाम मिला है।

युवक के मुताबिक, जब उसने घरवालों को अपनी जीत के बारे में बताया तो किसी ने भी शुरुआत में उस पर विश्वास नहीं किया। परिवार वालों को लगा कि वह मज़ाक कर रहा है। लेकिन जब लॉटरी जीत की पुष्टि हुई तो पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।

विजेता ने कहा कि उसकी पहली प्राथमिकता 15 लाख रुपये का पूरा कर्ज़ चुकाना होगी। इसके बाद वह बचे हुए पैसों से कोई नया कारोबार शुरू करेगा, ताकि भविष्य में परिवार को आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

वहीं, लॉटरी टिकट बेचने वाले विक्रेता ने बताया कि यह युवक पिछले करीब डेढ़ साल से नियमित रूप से उनके पास लॉटरी की टिकट खरीदने आता था। आखिरकार उसकी किस्मत ने साथ दिया और वह 1 करोड़ रुपये का इनाम जीतने में सफल रहा।

एक रात में बदली इस किस्मत ने न केवल एक परिवार को आर्थिक संकट से राहत दिलाई, बल्कि पूरे इलाके में यह चर्चा का विषय बन गई कि कभी-कभी धैर्य और उम्मीद भी बड़ी खुशियां लेकर आती हैं।