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जनता को नशामुक्ति के प्रति जागरुक कर रही है पंजाब सरकार

लुधियाना/सत्ता संदेश

पंजाब सरकार ने नशे के विरुद्ध एक सशक्त अभियान छेड़ा है, जिसमें विभिन्न माध्यमों से जनता को नशामुक्ति के प्रति जागरूक करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। कभी नाटकों के माध्यम से, कभी मुख्यमंत्री की रैलियों के जरिए, तो कभी ‘पंजाबियों जागो, नशा छोड़ो’ एवं ‘योग करो, स्वस्थ रहो’ जैसे नारों के माध्यम से। इन सभी प्रयासों को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ‘सीएम दी योगशाला’ के अंतर्गत प्रशिक्षित योग प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न स्थानों पर निःशुल्क योग कक्षाओं का संचालन कर रही है, जिससे समाज के लोगों में स्वास्थ्य लाभ के साथ-साथ जीवन की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। हाल ही में जिला समन्वयक चंदन कुमार सत्यार्थी के लुधियाना निरीक्षण के दौरान यह देखा गया कि ‘सीएम दी योगशाला’ की कक्षाएं लंबे समय से विभिन्न स्थानों पर सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं। इससे न केवल लोगों को स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो रहा है, अपितु आपसी सौहार्द एवं भाईचारे की भावना में भी वृद्धि हो रही है। लुधियाना के जी.टी.बी. नगर क्षेत्र में योग प्रशिक्षक नेहा जी विभिन्न स्थानों जैसे जीवन नगर पार्क, बाबा बाला नाथ मंदिर एवं न्यू जी.टी.बी. नगर पर नियमित योग कक्षाएं आयोजित कर रही हैं। कक्षाओं में भाग लेने वाले लोगों से बातचीत पर यह स्पष्ट हुआ कि उन्हें अनेक स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो रहे हैं। निम्नलिखित उदाहरण इसकी पुष्टि करते हैं: भोला रानी मासिक धर्म की अनियमितता, थकान, अनिद्रा एवं फैटी लीवर की समस्या अब नियंत्रित; शरीर लचीला हो गया। जसप्रीत कौर सर्वाइकल एवं गैस से लाभ; अब चक्रासन जैसे उन्नत आसन कर रही हैं। सुरजीत कौर ब्रार बवासीर एवं सर्वाइकल ठीक हो गई। आशा शर्मा उच्च रक्तचाप एवं वैरिकोज वेन्स; वैरिकोज वेन्स पूर्णतः ठीक हो गया।गुरदीप को थायरॉइड, मासिक धर्म असामान्यता, वजन घटना एवं अकड़न दूर; शरीर लचीला हो गया। स्वीटी मेहता थायरॉइड एवं मधुमेह अब ठीक रहने लगा। पुष्पा पाचन तंत्र सुधरा; निम्न रक्त शर्करा नियंत्रित। बबली वजन वृद्धि एवं पीसीओडी नियंत्रित। विपिन मेहता जी (जीवन नगर पार्क): उच्च रक्त शर्करा अब सामान्य रहने लगी। तरूणा सर्वाइकल एवं गठिया दूर; सुखासन सहज।अमन औजला जी: भारी वजन, घुटनों दर्द एवं हर्निया में लाभ।उषा जी: कमर एवं पैर दर्द ठीक; अब सभी कार्य कर सकती हैं।संजीव शर्मा जी: कमर दर्द, थकान दूर; आसन बेहतर। प्रितपाल सिंह जी: उच्च रक्तचाप सामान्य; लचीलापन से उन्नत आसन।तरसेम सिंह जी: मधुमेह नियंत्रित।बलवीर सिंह ब्रार जी: थकान, अधिक वजन एवं घुटनों दर्द दूर; तरोताजा। रजनी बाला सर्वाइकल एवं कमर कूबड़ से राहत। अनुराधा बदन दर्द, अकड़न एवं मोटापा कम।सुनिता जी: शरीर में लचीलापन।सुधा गर्ग जी: आराम एवं फुरती; कार्य सहज।नंदा कश्यप जी (73 वर्ष): अकड़न दूर; आसन सहज, रक्तचाप सामान्य।जगजीत कौर जी: घुटनों दर्द, वैरिकोज वेन्स, अधिक वजन एवं पेट नियंत्रित; सक्रिय।ऋतु सूद जी: योगाभ्यास से आत्मविश्वास बढ़ा; भावी रोगों से रक्षा हो रही है।नियमित योगाभ्यास से सभी लाभार्थियों की समस्याएं समाप्त या काफी हद तक नियंत्रित हो गई हैं। माननीय मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान जी एवं पंजाब सरकार के इस अभियान में राज्यवासी उत्साह से भाग ले रहे हैं। सभी ने परियोजना की प्रशंसा की, आभार व्यक्त किया तथा कक्षाओं के निरंतर संचालन की अपील की।

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत जिले नामांकन शिविर का किया जाएगा आयोजन

लुधियाना/सत्ता संदेश

लुधियाना के उपायुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत कल से जिले भर में व्यापक नामांकन शिविर आयोजित किए जाएंगे।

योजना सभी वर्गों के लिए खुली है: किसानों से लेकर कर्मचारियों तक, सभी को लाभ मिलेगा: हिमांशु जैन

उपायुक्त ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी

लुधियाना के प्रत्येक निवासी को व्यापक कैशलेस स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के एक बड़े प्रयास के तहत, जिला प्रशासन कल से मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत जिले भर में व्यापक नामांकन शिविरों का आयोजन करेगा।

पंजाब सरकार द्वारा इस वर्ष 22 जनवरी को शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना, भारत में अपनी तरह की पहली और अग्रणी सार्वभौमिक स्वास्थ्य बीमा योजना है। यह योजना बिना किसी आय सीमा के, प्रत्येक पंजाबी परिवार को प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का नकद चिकित्सा उपचार प्रदान करती है।

जिला स्तरीय अभियान का उद्देश्य लुधियाना के प्रत्येक परिवार को इस क्रांतिकारी योजना के अंतर्गत पंजीकृत कराना है, ताकि स्वास्थ्य आपातकाल के दौरान किसी भी निवासी को चिकित्सा खर्च स्वयं वहन न करना पड़े।

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना की प्रमुख विशेषताएं:

प्रति परिवार प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार कवर किया जाएगा।

कैशलेस और पेपरलेस: पंजाब के 800 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों (सरकारी, निजी और विशेषज्ञ केंद्रों सहित) और राज्य के बाहर चुनिंदा सुविधाओं में बिना किसी अग्रिम भुगतान के उपचार कवर किया जाता है।

व्यापक लाभ – 2,500 से अधिक चिकित्सा प्रक्रियाएं और पैकेज जिनमें बड़ी/छोटी सर्जरी, गंभीर बीमारियां (कैंसर, कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, डायलिसिस, ऑर्थोपेडिक्स, आदि), आईसीयू देखभाल, निदान आदि शामिल हैं। इसमें दवाइयां, डेकेयर की प्रक्रियाएं, अस्पताल में भर्ती होने से 3 दिन पहले और अस्पताल में भर्ती होने के 15 दिन बाद तक के खर्च, साथ ही फॉलो-अप दवाइयां भी शामिल हैं।

सार्वभौमिक पात्रता: यह योजना पंजाब के सभी वैध निवासियों के लिए खुली है। पात्रता का सत्यापन आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र (या नाबालिगों के लिए अभिभावक का दस्तावेज़) द्वारा किया जाना चाहिए। यह योजना सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, संविदा कर्मचारियों, किसानों, मजदूरों और समाज के सभी वर्गों को कवर करती है।

स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच के लिए स्वास्थ्य कार्ड को आधार से लिंक किया गया।

उपायुक्त हिमांशु जैन ने अधिकारियों को नामांकन अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। लुधियाना में विभिन्न स्थानों पर कल से विशेष जन पंजीकरण शिविर लगाए जाएंगे ताकि मौके पर ही पंजीकरण की सुविधा मिल सके। उन्होंने आगे कहा कि निवासी किसी भी सामान्य सेवा केंद्र या निर्धारित पंजीकरण शिविर में अपना आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र दिखाकर तुरंत पंजीकरण करा सकते हैं। इसके लिए किसी पूर्व नियुक्ति या मध्यस्थ की आवश्यकता नहीं है।

हिमांशु जैन ने निवासियों से अपील की कि वे अपना आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज लेकर निकटतम नामांकन शिविर या सार्वजनिक सेवा केंद्र पर जाएं और अपना स्वास्थ्य कार्ड बनवाकर इस क्रांतिकारी स्वास्थ्य योजना का लाभ उठाएं।

पंजाब में बीएलओ को जनगणना ड्यूटी से मिली राहत: SIR की तैयारियों के कारण CEO ने दिया हटाने का आदेश

पंजाब डेस्क : पंजाब के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (CEO) ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए स्पष्ट किया है कि राज्य के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) अब जनगणना (Census) का काम नहीं करेंगे। सीईओ ने सभी जिलों के डीसी (DC) को निर्देश दिए हैं कि जिन बीएलओ की ड्यूटी जनगणना में लगाई गई है, उन्हें तुरंत वहां से हटा दिया जाए।

दोहरी जिम्मेदारी से मिली मुक्ति : सीईओ पंजाब का तर्क है कि बीएलओ एक साथ दो बड़े काम नहीं संभाल सकते। यदि किसी बीएलओ की ड्यूटी जनगणना में लग चुकी है, तो उन्हें कार्यमुक्त (Relieve) कर उनकी जगह दूसरे कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा।

SIR की तैयारियों पर है मुख्य ध्यान: इस निर्णय के पीछे का मुख्य कारण आगामी एसआईआर (SIR – Summary Interim Revision) है। बीएलओ वर्तमान में मतदाता सूचियों (Voter Lists) को दुरुस्त करने की महत्वपूर्ण प्रक्रिया में जुटे हैं, जिसमें निम्नलिखित कार्य शामिल है।

वोटर लिस्ट में सुधार: सूची से मृतकों, घर बदलने वालों या शादी के बाद शिफ्ट हुए लोगों के नाम हटाना और गलत फोटो ठीक करना।

मैपिंग का कार्य: 2003 की पुरानी वोटर लिस्ट का नई लिस्ट से मिलान करना। वर्तमान में राज्य में 80% मैपिंग हो चुकी है, जिसे 100% तक पहुँचाना है। लुधियाना जैसे जिलों में अभी यह काम 60-65% ही हुआ है।

हाउस-टू-हाउस वेरिफिकेशन: बीएलओ घर-घर जाकर यह सत्यापन कर रहे हैं कि कितने मतदाता क्षेत्र छोड़ चुके हैं या किनके नाम अभी तक सूची में दर्ज नहीं हैं।

इस कदम का उद्देश्य चुनाव कार्यालय से जुड़ी मैपिंग और वेरिफिकेशन प्रक्रिया को समय पर पूरा करना है ताकि डुप्लिकेट वोटों को हटाया जा सके और एक सटीक मतदाता सूची तैयार हो सके।

शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी: वॉर के डर पर भारी पड़ी इंडिया-US ट्रेड डील की खबर, सेंसेक्स 79,000 के पार

बिजनेस डेस्क : मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को जबरदस्त रौनक देखने को मिली। इंडिया-यूएस ट्रेड डील (India-US Trade Deal) को लेकर आए एक सकारात्मक अपडेट ने बाजार में उत्साह भर दिया, जिससे युद्ध का खौफ पीछे छूट गया।

सेंसेक्स और निफ्टी में रॉकेट जैसी रफ्तार : मंगलवार को बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार उछाल दर्ज की गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा की छलांग लगाकर 79,032 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी करीब 150 अंकों की बढ़त के साथ 24,500 के आंकड़े को पार कर गया।

तेजी के पीछे की मुख्य वजह: बाजार में इस “मंगलकारी” तेजी का सबसे बड़ा कारण अमेरिका से आई ट्रेड डील की खबर है। 20 अप्रैल 2026 से भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते के नए दौर की चर्चा शुरू हुई है। मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन के नेतृत्व में भारतीय अधिकारियों का एक दल टैरिफ (Tariff) जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अमेरिकी अधिकारियों से बातचीत कर रहा है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतों का 95 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आना भी बाजार के लिए राहत भरा साबित हुआ।

इन शेयरों में रही हलचल: शुरुआती कारोबार में Axis Bank, Adani Ports और IndiGo जैसे बड़े शेयरों में अच्छी बढ़त देखी गई। लार्जकैप कैटेगरी में Asian Paints और Axis Bank करीब 2% की तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे। मिडकैप में AU Bank (4%), Godrej Properties (2.50%) और Suzlon जैसे शेयरों में भी निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई।

6,4,4,6,6,6,0 ! तिलक वर्मा के बल्ले का बवंडर, 45 गेंदों में शतक ठोक रचा इतिहास

स्पोर्टस डेस्क : आईपीएल 2026 के 30वें मैच में मुंबई इंडियंस के धाकड़ बल्लेबाज तिलक वर्मा ने बल्ले से तूफानी पारी खेलते हुए इतिहास रच दिया है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेलते हुए तिलक ने महज 45 गेंदों में धमाकेदार शतक जड़ा।

पावरप्ले के संकट से उबारा: मैच में मुंबई इंडियंस की शुरुआत बेहद खराब रही थी और पावरप्ले के भीतर ही महज 44 रन पर 3 विकेट गिर गए थे। इसके बाद तिलक वर्मा ने मोर्चा संभाला और मैदान के चारों ओर रनों की बौछार कर दी। उन्होंने अपनी नाबाद 101 रनों की पारी में 8 चौके और 7 छक्के लगाए, जिसमें से 74 रन केवल बाउंड्री के जरिए आए।

अशोक शर्मा के ओवर में बरपाया कहर: तिलक वर्मा ने आखिरी के 4 ओवरों में गुजरात के गेंदबाजों की जमकर क्लास लगाई। उन्होंने 16वें से 20वें ओवर के बीच सिर्फ 18 गेंदों का सामना किया और 65 रन ठोक डाले। विशेष रूप से 18वें ओवर में उन्होंने अशोक शर्मा की गेंदबाजी की बखिया उधेड़ते हुए 6, 4, 4, 6, 6, 0 के क्रम में 26 रन बटोरे।

जयसूर्या के रिकॉर्ड की बराबरी : इस शतक के साथ ही तिलक वर्मा ने मुंबई इंडियंस के लिए सबसे तेज शतक लगाने के सनथ जयसूर्या के 19 साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। जयसूर्या ने भी 2008 में 45 गेंदों में यह कारनामा किया था।

हालांकि, वह सूर्यकुमार यादव के 103* रनों के उच्चतम स्कोर के रिकॉर्ड को तोड़ने से कुछ ही रनों से चूक गए। तिलक की इस पारी की बदौलत मुंबई इंडियंस ने 20 ओवर में 5 विकेट पर 199 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।

बच्चों में लोकतांत्रित सहभागिता के लिए किया गया बाल संसद शिक्षक प्रशिक्षण सत्र का आयोजन

लुधियाना/ सत्ता संदेश

बाल संसद पहल के अंतर्गत एक गतिशील शिक्षक प्रशिक्षण सत्र सफलतापूर्वक आयोजित किया गया, जिसने छात्रों में नेतृत्व, लोकतांत्रिक सहभागिता और नागरिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ किया। उद्घाटन समारोह में आईएस हिमांशु जैन, सहायक आयुक्त पायल गोयल, जिला शिक्षाधिकारी डिंपल मदन, उप जिला शिक्षाधिकारी अमनदीप सिंह सहित कई व्यक्ति उपस्थित थे, जिन्होंने इसके महत्व पर बहुमूल्य विचार साझा किए। अंबर बंदोपाध्याय के मार्गदर्शन में सक्रिय रूप से संचालित और सुदृढ़ की गई यह पहल छात्रों को प्रतिनिधियों का चुनाव करने, महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श करने और विद्यालय प्रशासन में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए सशक्त बनाती है, जिससे शिक्षा प्रणाली के भीतर जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ किया जा सके।

सत्र में शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिन्होंने छात्र-नेतृत्व वाले शासन की व्यावहारिक समझ विकसित करने के उद्देश्य से कई अंतःक्रियात्मक और अनुभवात्मक गतिविधियों में भाग लिया। प्रशिक्षण ने विद्यालयों में बाल संसद के ढांचे को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए व्यावहारिक अंतर्दृष्टि प्रदान की।

विंग्स ऑफ विजडम फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित यह सत्र, शिक्षकों को सहभागी शिक्षण वातावरण को बढ़ावा देने और छात्रों में लोकतांत्रिक मूल्यों को स्थापित करने के लिए सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे नवीन प्रथाओं के माध्यम से स्कूल पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूत किया जा सके।

जर्मनी के मूर्स में गुरुद्वारे के अंदर हिंसक झड़प: कृपाण और पेपर स्प्रे से हमला, 11 से ज्यादा घायल

इंटरनेशनल डेस्क: जर्मनी के मूर्स शहर स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा में रविवार को अरदास के दौरान दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष की एक बेहद चिंताजनक घटना सामने आई है। इस हिंसक झड़प में कम से कम 11 लोग घायल हुए हैं, जबकि कुछ मीडिया रिपोर्टों में घायलों की संख्या 40 से भी ज्यादा बताई जा रही है।

पेपर स्प्रे और हथियारों का इस्तेमाल: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद की शुरुआत अचानक पेपर स्प्रे के इस्तेमाल से हुई, जिससे वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। इसके तुरंत बाद दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर चाकू और कृपाणों से हमला करना शुरू कर दिया। कुछ चश्मदीदों ने फायरिंग की आवाज सुनने का भी दावा किया, हालांकि पुलिस को संदेह है कि वह ब्लैंक (नकली) हथियार हो सकता है।

मची भगदड़ और तनाव : हमले के दौरान गुरुद्वारे के भीतर भगदड़ मच गई और श्रद्धालु अपनी जान बचाने के लिए नंगे पैर ही बाहर की ओर भागे। घटना के दौरान सिखों की पगड़ियां तक उतर गईं और गुरु ग्रंथ साहिब की मौजूदगी में ही हिंसा को अंजाम दिया गया।

विवाद की जड़: प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह पूरी हिंसा गुरुद्वारे के प्रबंधन (पुरानी बनाम नई कमेटी) को लेकर चल रहे लंबे विवाद का नतीजा है। बताया जा रहा है कि गुरुद्वारे की धनराशि (गोलक) और वित्तीय मामलों पर नियंत्रण को लेकर दोनों गुटों में काफी समय से असंतोष था।

पुलिस और कमांडो की कार्रवाई: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जर्मनी की विशेष कमांडो यूनिट (SEK) और लगभग 100 पुलिसकर्मियों को मौके पर तैनात किया गया। हेलीकॉप्टर से इलाके की निगरानी की गई और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई है। पुलिस ने इस मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है और आगे की जांच जारी है।

टिम कुक छोड़ेंगे Apple के CEO का पद: 15 साल बाद सितंबर में देंगे इस्तीफा, जॉन टर्नस संभालेंगे कंपनी की कमान

गैजेट डेस्क: दिग्गज टेक कंपनी Apple के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) टिम कुक अपने पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं। 15 साल तक इस पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद, 65 वर्षीय टिम कुक सितंबर में अपना पद छोड़ देंगे। उनकी जगह कंपनी के हार्डवेयर इंजीनियरिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जॉन टर्नस 1 सितंबर से Apple के नए CEO के रूप में कार्यभार संभालेंगे।

टिम कुक की नई भूमिका और सफर: इस्तीफे के बाद टिम कुक पूरी तरह से कंपनी से अलग नहीं होंगे, बल्कि वे Apple में कार्यकारी अध्यक्ष (Executive Chairman) की भूमिका निभाएंगे। कुक ने साल 1998 में Apple जॉइन किया था और 24 अगस्त 2011 को स्टीव जॉब्स के स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ने के बाद कमान संभाली थी। उनके नेतृत्व में Apple दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल हुई और नई ऊंचाइयों को छुआ।

कौन हैं जॉन टर्नस? Apple के नए CEO बनने जा रहे जॉन टर्नस पिछले 25 सालों से कंपनी के साथ जुड़े हुए हैं। वर्तमान में वह हार्डवेयर इंजीनियरिंग विभाग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हैं और अब 1 सितंबर से कंपनी के नेतृत्व की बड़ी जिम्मेदारी संभालेंगे।

पंजाब का अस्तित्व और पहचान नदियों से जुड़ी हुई है : संत सीचेवाल

लुधियाना/सत्ता संदेश

बुद्धा नदी के जल की गुणवत्ता में सुधार के बावजूद, गोबर संग्रहण की चुनौती बनी हुई है।

नदी में कचरे से भरे बोरे फेंकने का चलन बढ़ रहा है।

तलवारा गांव में सीचेवाल मॉडल का निर्माण किया जा रहा है।

टीडीएस 3500 से घटकर 675 हो गया है।

राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल द्वारा बुद्धा नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए शुरू किया गया अभियान अब अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर रहा है। जल की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, लेकिन नदी में गोबर के प्रवेश की चुनौती अभी भी बनी हुई है।

हैबोवाल ईटीपी संयंत्र की छह मोटरें बंद होने के कारण डेयरी परिसर की सड़कों पर गोबर मिला पानी फैल रहा था, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही थी। संत सीचेवाल की टीम द्वारा इसकी सूचना दिए जाने पर प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की और मोटरें तुरंत चालू कर दी गईं।

संत सीचेवाल ने अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के ‘रंगला पंजाब’ के सपने को साकार करने के लिए बुद्धा नदी की स्वच्छता बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि पंजाब की सच्ची पहचान और अस्तित्व उसकी नदी से जुड़ा हुआ है।

हैबोवाल डेयरी कॉम्प्लेक्स के पास स्थापित अस्थायी सीचेवाल मॉडल के तहत, टैंकों से 105 टन गोबर निकाला गया, जबकि घर-घर जाकर केवल 15 टन गोबर ही एकत्र किया जा सका। ताजपुर डेयरी कॉम्प्लेक्स में, टैंकों से 88 टन गोबर निकाला गया, जबकि निर्धारित स्थानों से केवल 28 टन ही एकत्र किया जा सका।

नगरपालिका अधिकारियों के अनुसार, हैबोवाल और ताजपुर क्षेत्रों से कुल 426 टन गोबर एकत्र किया गया, लेकिन इसके बावजूद, 224 टन गोबर अभी भी बुद्धा नदी और सीवेज उपचार संयंत्रों तक पहुंच रहा है।

संत सीचेवाल ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ मिलकर जैनपुर, तलवारा गांव और लाडोवाल बाईपास के पास स्थित बरनहारे क्षेत्र की सीवेज लाइन का निरीक्षण किया। बल्लोकी पुल के पास बरेवाल नाले से होकर बुधा नदी में बह रहे डेयरी के गंदे पानी के मुद्दे को भी गंभीरता से लिया गया।

इसके साथ ही, शिवपुरी पुल पर मशीनों से नदी से निकाली जा रही गाद और ताजपुर डेयरी परिसर के पास बने अस्थायी सीचेवाल मॉडल की भी समीक्षा की गई।

शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद जा सकते हैं जेडी वेंस: खामेनेई ने भी दी ईरानी डेलिगेशन को मंजूरी; ट्रंप की बमबारी की चेतावनी

इंटरनेशनल डेस्क : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव को कम करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस मंगलवार सुबह इस्लामाबाद के लिए रवाना हो सकते हैं, जहाँ बुधवार को दोनों देशों के बीच अहम शांति वार्ता होने की संभावना है,। यह वार्ता ऐसे समय पर हो रही है जब 8 अप्रैल से जारी दो हफ्ते का सीजफायर 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है।

ईरान में मतभेद के बाद मिली मंजूरी : सूत्रों के मुताबिक, ईरान के भीतर इस वार्ता को लेकर काफी मतभेद थे। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) का दबाव था कि जब तक अमेरिका अपनी पाबंदियां खत्म नहीं करता, तब तक बातचीत नहीं होनी चाहिए। हालांकि, पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की जैसे मध्यस्थ देशों की कोशिशों के बाद सोमवार रात ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने डेलिगेशन भेजने को मंजूरी दे दी।

ट्रंप की सख्त चेतावनी : राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस वार्ता से पहले ही कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि कोई समझौता नहीं हुआ, तो ईरान पर फिर से बमबारी शुरू की जा सकती है। हालांकि, कुछ रिपोर्टों के अनुसार, यदि बातचीत में प्रगति दिखती है तो सीजफायर की सीमा को आगे बढ़ाया जा सकता है,। वेंस के साथ ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भी इस मिशन में शामिल हो सकते हैं।

सीजफायर पर सस्पेंस: सीजफायर के भविष्य को लेकर दो अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। जहाँ वॉल स्ट्रीट जनरल के अनुसार ट्रंप इसे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं, वहीं पाकिस्तानी मीडिया का दावा है कि इसे दो हफ्ते के लिए और बढ़ाया जा सकता है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस्लामाबाद पर टिकी हैं कि क्या यह कूटनीति युद्ध को टालने में सफल होगी।