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पंजाब कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के घर ED की छापेमारी, CM भगवंत मान ने BJP पर साधा निशाना

पंजाब डेस्क: पंजाब की राजनीति में आज उस समय हड़कंप मच गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास और उनके सहयोगियों से जुड़े चार परिसरों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई दिल्ली और चंडीगढ़ सहित दिल्ली-NCR क्षेत्र में की जा रही है।

घोटाले के आरोप: यह छापेमारी “हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड” के दफ्तरों और अरोड़ा के आवास पर चल रही है। ED का आरोप है कि कंपनी ने ₹100 करोड़ से अधिक के फर्जी मोबाइल फोन बिल तैयार कर दुबई से अवैध धन भारत मंगाया। इसमें नकली GST बिलों के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत फायदा उठाने और सरकारी खजाने को नुकसान पहुँचाने की बात भी सामने आई है।

हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग: जांच एजेंसी को शक है कि इस नेटवर्क में हवाला और विदेशी फंडिंग शामिल है, जहाँ दुबई के पैसे को भारत में वैध निवेश दिखाने की कोशिश की गई।

CM भगवंत मान की प्रतिक्रिया: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि “भाजपा की ED” एक साल में तीसरी बार अरोड़ा के घर आई है। उन्होंने मोदी सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि पंजाब गुरुओं और भगत सिंह की धरती है, जो ऐसी चालों के आगे कभी नहीं झुकेगा।

इसके साथ ही, दक्षिण भारत की राजनीति में भी हलचल है जहाँ तमिलनाडु में TVK प्रमुख विजय के मुख्यमंत्री पद की शपथ पर सस्पेंस बना हुआ है क्योंकि राज्यपाल को अभी भी कुछ सहयोगी दलों के समर्थन पत्र का इंतजार है।

पंजाब में बेअदबी कानून पर सीएम मान का बड़ा ऐलान: “दोषियों को बख्शेंगे नहीं, अब कोई रद्द नहीं करवा सकता यह कानून”

पंजाब डेस्क : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को बरनाला में एक जनसभा को संबोधित करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में बेअदबी के खिलाफ बनाया गया सख्त कानून वापस नहीं होगा। मुख्यमंत्री यहाँ श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के विरुद्ध बनाए गए कानून के उपलक्ष्य में आयोजित ‘शुकराना यात्रा’ में शामिल होने पहुंचे थे।

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पिछली सरकारों के समय उचित और सख्त कानून न होने के कारण शरारती तत्व धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाकर बच निकलते थे। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अब आम आदमी पार्टी की सरकार ने ऐसा मजबूत कानून तैयार किया है जिसके तहत गुरु साहिब की बेअदबी करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

हाईकोर्ट में कानूनी जीत का जिक्र अपने संबोधन के दौरान सीएम मान ने एक महत्वपूर्ण कानूनी सफलता की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि इस सख्त कानून के खिलाफ पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी।

हाईकोर्ट ने न केवल उस याचिका को रद्द कर दिया, बल्कि याचिकाकर्ता पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद अब इस कानून को कोई भी चुनौती देकर रद्द नहीं करवा सकता है।

अध्यक्ष दर्शन सिंह महला और रंजीत कौर ने पंचायत समिति लुधियाना द्वितीय का कार्यभार संभाला। मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन गरिमापूर्ण ढंग से पहुंचे।
लुधियाना / सत्ता संदेश 

मंत्री मुंडियन ने कहा कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष अपने अनुभव और परिश्रम से क्षेत्र के विकास को नई दिशा देंगे।

अध्यक्ष महला ने मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन और पार्टी उच्च कमान को धन्यवाद दिया।
लुधियाना, 11 अप्रैल: लुधियाना ब्लॉक समिति ब्लॉक 2 के नव निर्वाचित अध्यक्ष दर्शन सिंह महला और उपाध्यक्ष रंजीत कौर ने आज पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण समारोह को पूरा करने के लिए पंजाब कैबिनेट मंत्री सरदार हरदीप सिंह मुंडियां पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। मंत्री मुंडियन ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को कुर्सी पर बैठाकर पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत क्षेत्र के कई निवासी, ब्लॉक समिति के सदस्य, सरपंच, ब्लॉक अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ पार्टी नेता अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पदभार ग्रहण करने के समय उपस्थित थे। इस अवसर पर पत्रकारों से बात करते हुए, अध्यक्ष सरदार दर्शन सिंह महला और उपाध्यक्ष समिति लुधियाना ने कार्यभार संभाला। मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन ने कहा कि अध्यक्ष अपने अनुभव और परिश्रम से क्षेत्र के विकास को नई दिशा देंगे। इस निर्वाचन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विकास कार्य चल रहे हैं और पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान जी द्वारा इस क्षेत्र को बड़े पैमाने पर अनुदान दिया जा रहा है। ताकि किसी भी काम की कमी न हो। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी पंजाब की पहली पार्टी है जिसने पहले चार वर्षों में ही पंजाब की जनता से किए गए सभी वादे पूरे किए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के नेता हमें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन उनकी रणनीति काम नहीं कर रही है क्योंकि पंजाब का हर बच्चा आम आदमी पार्टी, भगवंत मान साहब को चाहता है। दूसरी ओर, पत्रकारों से बात करते हुए चेयरमैन महला ने कहा कि मैं जहां अरविंद केजरीवाल जी हूं, मैं पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान, मनीष सिसोदिया जी और पंजाब के मंत्रिमंडल मंत्री सरदार हरदीप सिंह मुंडियन जी को मुझे अध्यक्ष पद के योग्य समझने के लिए तहे दिल से धन्यवाद देता हूं। उन्होंने कहा कि मैं पार्टी उच्च कमान को वादा करता हूं कि मैं पार्टी का अध्यक्ष बनूंगा। उन्होंने कहा कि गांव के विकास कार्य बड़े पैमाने पर किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने चुनाव के दौरान किए गए सभी वादे पूरे किए हैं और जब हम गांवों में सभाएं करते हैं, तो लोगों की एकमात्र उम्मीद यही होती है कि आम आदमी पार्टी 2027 से सरकार बनाएगी। क्योंकि आम आदमी पार्टी ने ऐसे काम किए हैं जो पिछले 75 वर्षों में किसी भी सरकार ने नहीं किए हैं। दर्शन सिंह महला ने उपस्थित सभी पार्टी पदाधिकारियों को हार्दिक धन्यवाद दिया।
विधायक अशोक पाराशर पप्पी के नेतृत्व में विभिन्न दलों के नेता आम आदमी पार्टी में शामिल हुए।

विधायक अशोक पाराशर पप्पी के नेतृत्व में विभिन्न दलों के नेता आम आदमी पार्टी में शामिल हुए और जनहितैषी नीतियों पर भरोसा जताया। आज आम आदमी पार्टी के जनहितैषी और विकासोन्मुखी कार्यों से प्रभावित होकर विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े कई प्रमुख नेताओं ने पार्टी में शामिल होने की घोषणा की। इस अवसर पर समारोह में उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच, नए सदस्यों ने पार्टी की नीतियों और जन-केंद्रित सोच की सराहना करते हुए अपना विश्वास व्यक्त किया।

आम आदमी पार्टी में शामिल होने वालों में कावलजीत सिंह बावा ओबेरॉय, एकजोत ओबेरॉय, सिमरनजीत सहगल, जशन ढल, जस नूर, नरिंदर कौर, आशा, ममता, मनदीप सिंह और विजय गुजराती शामिल हैं। इन सभी ने आम आदमी पार्टी की सिद्धांतवादी राजनीति और पारदर्शी शासन से प्रभावित होकर यह कदम उठाया है।

इस अवसर पर विधायक अशोक पाराशर पप्पी ने सभी नए सदस्यों का हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी हमेशा से आम जनता की आवाज को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध रही है।
उन्होंने कहा कि पार्टी में शामिल होने वाले प्रत्येक सदस्य को उचित सम्मान दिया जाएगा और उनकी योग्यता और अनुभव का उपयोग जन कल्याण कार्यों में किया जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा चलाए जा रहे विकास कार्यों और जन कल्याण योजनाओं के कारण जनता का विश्वास लगातार बढ़ रहा है, जिसका स्पष्ट प्रमाण विभिन्न दलों के नेताओं का पार्टी में शामिल होना है।
अंत में, उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नए सदस्यों के शामिल होने से पार्टी और मजबूत होगी और लोगों की सेवा अधिक तेजी से और प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।
दुष्कर्म मामले में AAP विधायक हरमीत पठानमाजरा गिरफ्तार: ग्वालियर से दबोचे गए, कोर्ट ने 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा

पंजाब डेस्क: सनौर (पटियाला) से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को पंजाब पुलिस ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर के पास से गिरफ्तार कर लिया है। पठानमाजरा पिछले साल सितंबर में दर्ज हुए एक दुष्कर्म (मिसडीड) मामले में पिछले कई महीनों से फरार चल रहे थे। पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

4 दिन की पुलिस रिमांड: गिरफ्तारी के बाद पठानमाजरा को पटियाला के सीआईए (CIA) स्टाफ लाया गया और जिला अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, जहाँ पुलिस उनसे गहन पूछताछ करेगी।

मामले की पृष्ठभूमि और फरारी: विधायक के खिलाफ पटियाला के सिविल लाइन थाने में जीरकपुर की एक महिला की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। इससे पहले जब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए हरियाणा के एक गांव में पहुंची थी, तो वह कथित तौर पर पुलिस पार्टी पर हमला करके फरार हो गए थे। फरारी के दौरान उनके ऑस्ट्रेलिया में होने की खबरें भी सामने आई थीं।

अपनी ही सरकार पर लगाए थे आरोप: फरार रहने के दौरान पठानमाजरा सोशल मीडिया पर वीडियो और पोस्ट जारी कर अपनी ही सरकार के खिलाफ हमलावर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि यह कार्रवाई बदले की राजनीति के तहत की गई है क्योंकि उन्होंने बाढ़ के समय अपने सनौर हलके के लोगों के हक के लिए सरकार के खिलाफ आवाज उठाई थी।

डीएम सुसाइड केस: गमगीन माहौल में हुआ रंधावा का अंतिम संस्कार

पंजाब डेस्क: पंजाब वेयरहाउस कॉरपोरेशन के जिला मैनेजर (DM) गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में मंगलवार, 24 मार्च 2026 को बड़ी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली। अमृतसर की एक अदालत ने पूर्व जेल मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

कोर्ट की कार्यवाही और रिमांड: अमृतसर पुलिस ने मंगलवार शाम करीब 6 बजे लालजीत भुल्लर को अदालत में पेश किया। पुलिस ने मामले की तह तक जाने और मृतक द्वारा छोड़े गए वीडियो में लगाए गए आरोपों की विस्तृत जांच के लिए 7 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने 5 दिन की रिमांड मंजूर की। सोमवार को दोबारा पेशी तक पुलिस आरोपी से पूछताछ कर तथ्यों की पुष्टि करेगी। पेशी के दौरान अदालत परिसर के बाहर भुल्लर के समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की, जिसे देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।

अंतिम विदाई और सुरक्षा: दूसरी ओर, पीड़ित डीएम गगनदीप सिंह रंधावा का शव मंगलवार को मेडिकल बोर्ड की निगरानी में किए गए पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। शाम करीब साढ़े पांच बजे अमृतसर के शिवपुरी दुर्गियाना मंदिर में भारी सुरक्षा व्यवस्था और गमगीन माहौल के बीच उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग और राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं।

मामले की पृष्ठभूमि: गगनदीप सिंह रंधावा ने शुक्रवार रात जहरीला पदार्थ निगल लिया था, जिसकी शनिवार को अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मरने से पहले रंधावा ने एक वीडियो जारी कर पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। इसके बाद पुलिस ने भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह और पीए दिलबाग सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, धमकी देने और साजिश रचने की धाराओं में मामला दर्ज किया था।

CM ने CBI जांच से किया इनकार: इस संवेदनशील मामले को लेकर पंजाब की सियासत में भी हलचल तेज है। कांग्रेस ने जहां कैंडल मार्च निकाला, वहीं भाजपा ने अमृतसर में प्रदर्शन कर पूर्व मंत्री का पुतला फूंका। हालांकि, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले की सीबीआई (CBI) जांच से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस इस मामले की जांच करने में पूरी तरह सक्षम है।

पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अस्पताल से डिस्चार्ज; घुटने की सफल सर्जरी के बाद लौटे घर

पंजाब डेस्क : पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। वे पिछले कुछ समय से घुटने के गंभीर दर्द से जूझ रहे थे, जिसके कारण उनकी दैनिक गतिविधियाँ प्रभावित हो रही थीं।

सफल रहा ऑपरेशन: डॉक्टरों की सलाह के बाद, कैप्टन अमरिंदर सिंह को नी-रिप्लेसमेंट (घुटने बदलने) की सर्जरी के लिए बीते मंगलवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सर्जरी से पहले उनके ब्लड प्रेशर, दिल की धड़कन और अन्य जरूरी मेडिकल टेस्ट किए गए, जिनके सामान्य आने के बाद डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक उनका ऑपरेशन संपन्न किया।

नेताओं ने जाना हाल-चाल : अस्पताल में उनके प्रवास के दौरान पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता अश्वनी शर्मा ने उनसे मुलाकात की और उनके जल्द स्वस्थ होकर जनता की सेवा में लौटने की कामना की। शर्मा ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की जानकारी भी साझा की थी।

बीजेपी में ही रहेंगे कैप्टन: कैप्टन की बीमारी के बीच ही पंजाब की राजनीति में उनके दल बदलने की अटकलें भी तेज हो गईं। रिपोर्ट्स के अनुसार, कांग्रेस की ओर से उन्हें वापस आने का ऑफर दिया गया था, लेकिन उनकी बेटी जय इंदर कौर ने स्पष्ट कर दिया है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह भाजपा में हैं और भाजपा में ही रहेंगे। इसी दौरान, कैप्टन और उनके बेटे रणइंदर सिंह को ईडी (ED) द्वारा समन जारी किए जाने की खबर भी सामने आई है, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज है।

कांग्रेस का कैप्टन को ‘घर वापसी’ का ऑफर: ईडी नोटिस के बाद गरमाई पंजाब की सियासत; बेटी बोली- ‘भाजपा में ही रहेंगे पिता’

पंजाब डेस्क : पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को लेकर राज्य की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा एक पुराने मामले में कैप्टन को समन (Notice) जारी किए जाने के बाद, कांग्रेस ने उन्हें पार्टी में वापस लौटने का न्योता दिया है।

भूपेश बघेल ने दिया ऑफर: कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने कैप्टन के प्रति सहानुभूति दिखाते हुए उन्हें ‘घर वापसी’ का ऑफर दिया है। बघेल ने कहा कि यदि कैप्टन कांग्रेस में लौटने पर विचार करते हैं, तो पार्टी इस पर विचार कर सकती है, हालांकि अंतिम फैसला हाईकमान ही लेगा। उन्होंने कैप्टन को पंजाब की राजनीति का एक बड़ा और प्रभावशाली चेहरा बताया।

बेटी जय इंदर कौर का दो टूक जवाब: कांग्रेस की इस पेशकश पर कैप्टन अमरिंदर सिंह की बेटी और पंजाब भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष जय इंदर कौर ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि उनके पिता भाजपा में ही रहेंगे और कहीं नहीं जा रहे हैं। ईडी नोटिस पर उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब उन्हें नोटिस मिला है, और वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।

सियासी बयानबाजी और आरोप: कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने आरोप लगाया है कि जैसे ही कैप्टन ने पंजाब के मुद्दों और भाजपा की समझ पर सवाल उठाए, उन्हें ईडी का समन भेज दिया गया। उन्होंने इसे केंद्रीय एजेंसियों के जरिए दबाव बनाने की रणनीति करार दिया। दूसरी ओर, 84 वर्षीय कैप्टन अमरिंदर सिंह लगातार पंजाब में भाजपा और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के गठबंधन की वकालत कर रहे हैं ताकि 2027 के चुनावों में मजबूती से उतरा जा सके।

कैप्टन का राजनीतिक सफर: कैप्टन अमरिंदर सिंह तीन बार पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष और दो बार मुख्यमंत्री रहे हैं। 2021 में मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी और अपनी नई पार्टी ‘पंजाब लोक कांग्रेस’ बनाई, जिसका सितंबर 2022 में उन्होंने भाजपा में विलय कर दिया था।

बिक्रम सिंह मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत: आय से ज़्यादा संपत्ति मामले में ज़मानत मिली

पंजाब डेस्क: शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता और पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने आय से ज़्यादा संपत्ति मामले में उनकी ज़मानत अर्ज़ी मंज़ूर कर ली है। गौरतलब है कि मजीठिया को 25 जून, 2025 को उनके अमृतसर वाले घर से गिरफ़्तार किया गया था और तब से वे नई नाभा जेल में बंद हैं।

40 हज़ार पेज की चार्जशीट और आरोप: विजिलेंस ब्यूरो ने मजीठिया के ख़िलाफ़ मोहाली कोर्ट में 40 हज़ार पेज की चार्जशीट फ़ाइल की है, जिसमें पता चला है कि उन्होंने 700 करोड़ रुपये की गैर-कानूनी संपत्ति जमा की है। इस मामले में पंजाब पुलिस के पूर्व अधिकारियों और ED अधिकारियों समेत करीब 200 सरकारी गवाह बनाए गए हैं।

पॉलिटिकल रिएक्शनशिरोमणि अकाली दल: पार्टी के चीफ स्पोक्सपर्सन एडवोकेट अर्शदीप सिंह कलेर ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और कहा कि भले ही इसमें समय लगा, लेकिन इंसाफ हुआ है। उन्होंने कहा कि मजीठिया के बाहर आने से पूरे अकाली दल में खुशी की लहर है।

आम आदमी पार्टी: पंजाब के कैबिनेट मिनिस्टर हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि बेल मिलने का मतलब यह नहीं है कि वह बरी हो गए हैं। उन्होंने दावा किया कि मजीठिया के खिलाफ पक्के सबूत हैं और लीगल प्रोसेस जारी रहेगा।

2027 के चुनाव पर असर पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मजीठिया की जाट सिख वोट बैंक और माझा इलाके में मजबूत पकड़ है। उनकी रिहाई से 2027 के विधानसभा चुनाव में अकाली दल को बड़ी बढ़त मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, राधा स्वामी सत्संग ब्यास के हेड बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों और मजीठिया के बीच जेल में हुई मुलाकात को भी पॉलिटिकल तौर पर अहम माना जा रहा है।

वह जेल से कब रिहा होंगे? मजीठिया को NDPS केस में पहले ही बेल मिल चुकी है। अब सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर की कॉपी मिलने और लीगल प्रोसेस पूरा होने के बाद वह जल्द ही जेल से बाहर आ सकते हैं। हालांकि, सरकारी काम में रुकावट डालने के एक अलग केस में उनकी बेल को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है।

“मेरे खिलाफ फेक प्रोपेगैंडा किया जा रहा है”: जातिवादी बयानों पर चरणजीत चन्नी का बचाव; कहा – “मैं चमकौर की धरती का बेटा हूं”

पंजाब डेस्क: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने खिलाफ जातिवाद की खबरों को सिरे से नकारते हुए इसे “फेक प्रोपेगैंडा” बताया है। उन्होंने कहा कि वह गुरु साहिबान के सिद्धांत “मानस की जाति सबै एकै पहचानबो” को मानते हैं और उन्होंने किसी भी मीटिंग में किसी खास जाति या समुदाय के खिलाफ कुछ नहीं कहा है।

विवाद का कारण: गौरतलब है कि हाल ही में चंडीगढ़ में हुई पंजाब कांग्रेस के SC सेल की मीटिंग के बाद यह चर्चा थी कि चन्नी ने पार्टी में सिर्फ जाट सिखों के पदों पर होने और दलितों को नजरअंदाज करने का मुद्दा उठाया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चन्नी ने सवाल उठाया था कि प्रदेश अध्यक्ष, विपक्ष के नेता और NSUI के अध्यक्ष सभी एक ही समुदाय से हैं, जिसकी वजह से दलितों को लीडरशिप नहीं मिल पा रही है।

चन्नी का तर्क: चरणजीत सिंह चन्नी ने एक वीडियो बयान जारी करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा हर वर्ग की आवाज़ उठाई है। उन्होंने कहा कि पार्लियामेंट में भी उन्होंने सिखों, पंजाब, किसानों और खेत मज़दूरों के हक़ की बात की है। उन्होंने पंजाब को ‘गुलदस्ता’ बताया और कहा कि सबको साथ लेकर चलने से ही पार्टी मज़बूत होगी।

राजा वारिंग का रिएक्शन: इस मामले पर पंजाब कांग्रेस के प्रेसिडेंट अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने चन्नी का बचाव करते हुए कहा कि कांग्रेस में कोई भेदभाव नहीं है। उन्होंने कहा कि चन्नी खुद सबसे ऊँचे पद (CWC मेंबर) पर तैनात हैं और वह ऐसा कुछ नहीं कह सकते। वारिंग ने याद दिलाया कि कांग्रेस ने ही चन्नी को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया था और दलित समुदाय हमेशा से पार्टी के लिए “सिर का ताज” रहा है।