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भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह इटली के रक्षामंत्री गुइडो क्रोसेटो से करेंगे द्विपक्षीय वार्ता, रक्षा सहयोग पर रहेगा फोकस

दिल्ली/सत्ता संदेश

भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह 30 अप्रैल को नई दिल्ली में इटली के रक्षामंत्री गुइडो क्रोसेटो के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस बैठक में दोनों मंत्री दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे। साथ ही, बदलते सुरक्षा परिदृश्य के मद्देनजर क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी वे अपने विचार साझा करेंगे।


रक्षामंत्री की अक्टूबर 2023 में रोम यात्रा के बाद भारत और इटली के बीच रक्षा सहयोग को और गति मिली। रक्षा मंत्री क्रोसेटो की भारत की पहली यात्रा से दोनों देशों की मौजूदा सहयोग को और विस्तार देने और विशेष रूप से औद्योगिक साझेदारी के क्षेत्र में सहयोग के नए क्षेत्रों का पता लगाने की इच्छा प्रतिबिंबित होती है।


जनवरी 2026 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच रक्षा और रणनीतिक साझेदारी पर हुए समझौते से यह स्पष्ट होता है कि दोनों पक्षों के बीच रणनीतिक तालमेल बढ़ रहा है। यह समझौता रक्षा उद्योग में सहयोग को तेज करने के साथ-साथ साझा हितों वाले क्षेत्रों में नई संभावनाओं को प्रोत्साहित करेगा।

स्वच्छता पखवाड़ा उत्सव : संस्कृति मंत्रालय राष्ट्रव्यापी स्वच्छता और जागरूकता अभियान चलाएगा

दिल्ली/सत्ता संदेश

संस्कृति मंत्रालय स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छ और हरित भारत की परिकल्पना के प्रति 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक स्वच्छता पखवाड़ा मना रहा है।
इस अवसर में मंत्रालय के अधीन संगठनों द्वारा कई गतिविधियां शुरू की जा चुकी हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई, जिसमें स्वच्छता बनाए रखने के प्रति व्यक्तिगत और सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया गया। शपथ के दौरान, प्रतिभागियों ने अपने आसपास के परिवेश को साफ रखने के लिए दूसरों को प्रेरित करने के तरीकों पर भी चर्चा की और एक स्वच्छ राष्ट्र के निर्माण में सामुदायिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया। संस्कृति मंत्रालय में स्वच्छता और सफाई जागरूकता पर एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
राष्ट्रीय पुस्तकालय ने स्वच्छता प्रतिज्ञा का संचालन, निबंध लेखन जैसी जागरूकता प्रतियोगिताएं और अपने परिसर में स्वच्छता अभियान जैसी गतिविधियां शुरू की हैं। राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद और देश भर में इसकी इकाइयों ने स्वच्छता प्रतिज्ञा समारोह, स्वच्छता अभियान, जागरूकता रैलियां, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं, चित्रकला प्रतियोगिताएं और सामुदायिक भागीदारी कार्यक्रम जैसी कई गतिविधियां शुरू की हैं , जिनका उद्देश्य व्यवहार परिवर्तन और सतत प्रथाओं को बढ़ावा देना है।

मंत्रालय के अधीन संगठनों ने पखवाड़े के दौरान कई तरह की गतिविधियों की योजना बनाई है , जिनमें शामिल हैं:

  • धरोहर स्थलों, संग्रहालयों, परिसरों, सार्वजनिक स्थानों और नदी तटवर्ती क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर श्रमदान और स्वच्छता अभियान चलाना।
  • स्वच्छता रैलियों, पदयात्राओं , पैदल मार्च और प्लॉगिंग गतिविधियों के माध्यम से जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना।
  • नुक्कड़ नाटक , सांस्कृतिक कार्यक्रम और जागरूकता अभियान जनता के बीच स्वच्छता के संदेश को बढ़ावा देना।
  • “अपशिष्ट से धन” और “अपशिष्ट से कला” कार्यशालाएं पुनर्चक्रण, पुन: उपयोग और टिकाऊ प्रथाओं को बढ़ावा देना।
  • समुद्र तटों की सफाई, जल निकायों की सफाई और सार्वजनिक शौचालयों सहित सार्वजनिक सुविधाओं के रखरखाव जैसी विशेष पहल।
  • ” एक पौधा मां के नाम ” जैसी थीम के तहत वृक्षारोपण अभियान और हरित पहल
  • छात्रों, कर्मचारियों और आगंतुकों को आकर्षित करने के लिए निबंध लेखन, प्रश्नोत्तरी, चित्रकला और नारा लेखन सहित प्रतियोगिताएं आयोजित करना।
  • एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक को कम करने और पर्यावरण के अनुकूल प्रथाओं को अपनाने को बढ़ावा देने वाले अभियान।
  • विद्यालयों, स्थानीय निकायों और नगरपालिका अधिकारियों के सहयोग से सामुदायिक संपर्क कार्यक्रम।
  • स्वच्छता को सांस्कृतिक संरक्षण और पर्यावरण स्थिरता से जोड़ने वाले विरासत भ्रमण, व्याख्यान और कार्यशालाएं।


इस पहल का उद्देश्य न केवल भौतिक स्वच्छता को बढ़ाना है, बल्कि नागरिकों में भारत की सांस्कृतिक विरासत को स्वच्छ और सतत ढंग से संरक्षित करने के लिए जिम्मेदारी और सामूहिक कार्रवाई की एक स्थायी भावना पैदा करना भी है।
संस्कृति मंत्रालय नागरिकों, सांस्कृतिक संस्थानों और युवा संगठनों सहित सभी हितधारकों से स्वच्छ्ता पखवाड़े में सक्रिय रूप से भाग लेने और स्वच्छ एवं स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान देने का आग्रह करता है।

भारत–केन्या संयुक्त व्यापार समिति की 10वीं बैठक नैरोबी में आयोजित, द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर जोर

केन्या के लिए भारत एक प्रमुख व्यापारिक भागीदार के रूप में उभरा; व्यापार बढ़कर 4.31 अरब अमेरिकी डॉलर हुआ

दिल्ली /सत्ता संदेश

भारत-केन्या संयुक्त व्यापार समिति (जेटीसी) का 10वां सत्र 27-28 अप्रैल, 2026 को नैरोबी, केन्या में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग की समीक्षा और उसे मजबूत करना था। बैठक की सह-अध्यक्षता भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग के सचिव श्री राजेश अग्रवाल और केन्या गणराज्य के व्यापार राज्य विभाग की प्रधान सचिव सुश्री रेजिना अकोटा ओम्बम ने की।

दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार में लगातार वृद्धि का उल्लेख किया, जिसमें भारत केन्या के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में से एक के रूप में उभरा है। भारत और केन्या के बीच कुल व्यापार 2025-26 में 4.31 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जो 2024-25 के 3.45 अरब अमेरिकी डॉलर से 24.91 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। चर्चा व्यापार विविधीकरण को बढ़ाने, बाजार पहुंच संबंधी मुद्दों को हल करने और इंजीनियरिंग सामान, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में पूरकर्ताओं का लाभ उठाने पर केंद्रित थी।

समिति ने मानकीकरण और अनुरूपता मूल्यांकन में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) और केन्या मानक ब्यूरो (केईबीएस) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) सहित चल रही व्यापार सुविधा पहलों पर प्रगति की समीक्षा की। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) और केन्या राजस्व प्राधिकरण (केआरए) के बीच आगमन से पहले सीमा शुल्क सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए, जिसमें सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने और व्यापार करने में आसानी में सुधार पर जोर दिया गया।

जेटीसी बैठक के दौरान, व्यापार, निवेश और उद्योग सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और भारत-केन्या वाणिज्य एवं उद्योग चैंबर के बीच एक और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

दोनों पक्षों ने स्थानीय मुद्राओं में व्यापार निपटान को बढ़ावा देने की संभावना को स्वीकार किया। यह उल्लेख किया गया कि केन्याई बैंकों ने भारतीय बैंकों के साथ विशेष रुपी वोस्त्रो खाते (एसआरवीए) खोले हैं, और इस व्यवस्था का अधिक उपयोग द्विपक्षीय लेनदेन को सुगम बना सकता है। स्थानीय मुद्रा निपटान (एलसीएस) तंत्र अपनाने की संभावना पर भी चर्चा की गई।

उभरते क्षेत्रों में क्षेत्रीय सहयोग पर विचार-विमर्श किया गया। इंजीनियरिंग और विनिर्माण क्षेत्र में, ऑटोमोबाइल, मशीनरी और निर्माण उपकरणों के निर्यात को बढ़ाने के अवसरों पर प्रकाश डाला गया, साथ ही ऑटोएक्सपो केन्या और द बिग 5 कंस्ट्रक्ट केन्या जैसी प्रदर्शनियों में भागीदारी पर भी चर्चा हुई। रेलवे सहित अवसंरचना विकास में सहयोग पर भी विचार किया गया, जिसमें भारत ने केन्या की मानक गेज रेलवे के लिए व्यवहार्यता अध्ययन, परियोजना प्रबंधन और रोलिंग स्टॉक की आपूर्ति में सहायता प्रदान करने की पेशकश की। भारतीय शिपयार्डों के साथ जहाज निर्माण में सहयोग के अवसरों की भी खोज की गयी।

फार्मास्यूटिकल्स में, भारत ने सस्ती जेनेरिक दवाओं और चिकित्सा उपकरणों के आपूर्तिकर्ता के रूप में अपनी भूमिका पर प्रकाश डाला और बिजनेस-टू-बिजनेस जुड़ाव बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। दोनों पक्षों ने स्वच्छता और पादप स्वच्छता बाधाओं को दूर करते हुए कृषि उत्पादों में व्यापार बढ़ाने पर भी चर्चा की।

नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में, भारत ने सौर और पवन परियोजनाओं सहित केन्या की स्वच्छ ऊर्जा पहलों का समर्थन करने की तत्परता व्यक्त की। केन्याई पक्ष ने सूचित किया कि उसने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर करने का अपना निर्णय बता दिया है और वह जल्द से जल्द इस पर हस्ताक्षर करने के लिए उत्सुक है। डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना पर हुई चर्चा में यूपीआई जैसी भुगतान प्रणालियों, भारत कनेक्ट और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने वाले डिजिटल प्लेटफार्मों पर सहयोग शामिल था।

क्षमता निर्माण को सहयोग के एक महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में पहचाना गया। भारत ने भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम जैसी पहलों के तहत खनन, भूविज्ञान, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदान किए। उच्च शिक्षा, डिजिटल शिक्षण प्लेटफार्मों और कौशल विकास में सहयोग के साथ-साथ “स्टडी इन इंडिया” कार्यक्रम के अंतर्गत छात्र गतिशीलता को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की गई।

दोनों पक्षों ने विविधतापूर्ण, संतुलित और भविष्योन्मुखी आर्थिक साझेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की और व्यापार को सुगम बनाने, लंबित मुद्दों को हल करने और व्यापार-से-व्यापार जुड़ाव को बढ़ावा देने के लिए संस्थागत तंत्र को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।

संयुक्त व्यापार सम्मेलन (जेटीसी) के दौरान, भारत-केन्या संयुक्त व्यापार मंच का आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और केन्या राष्ट्रीय वाणिज्य एवं उद्योग चैंबर (केएनसीसीआई) के प्रतिनिधियों सहित प्रमुख भारतीय और केन्याई व्यवसायों ने भाग लिया। भारत सरकार के वाणिज्य सचिव श्री राजेश अग्रवाल और केन्या गणराज्य की व्यापार प्रधान सचिव सुश्री रेजिना अकोता ओम्बम ने मुख्य भाषण दिए। उनके साथ केएनसीसीआई के अध्यक्ष और इन्वेस्टकेन्या के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी उपस्थित थे। इस मंच ने उद्योग जगत के नेताओं को विनिर्माण, कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, अवसंरचना, डिजिटल प्रौद्योगिकी और सेवाओं जैसे क्षेत्रों में व्यापार और निवेश संबंधों का विस्‍तार करने के लिए एक मंच प्रदान किया।

इसके अतिरिक्त, बैठक के दौरान, भारत-केन्या चैंबर ऑफ कॉमर्स ने भारत सरकार के वाणिज्य विभाग के सचिव श्री राजेश अग्रवाल की अध्यक्षता में स्थानीय भारतीय व्यापार समुदाय के साथ एक संवाद का आयोजन किया। इस संवाद में स्थानीय भारतीय व्यापार समुदाय और उनके साथ आए सीआईआई व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया और केन्या में व्यापार करने से संबंधित अवसरों और अनुभवों पर ध्यान केंद्रित किया गया।

पाकिस्तान में तैयार हो रहे है महिला आत्मघाती दस्ते, जैश-ए-मोहम्मद की विंग कर रही भर्ती

दिल्ली/सत्ता संदेश

पाकिस्तान में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-ताइबा महिला आत्मघाती दस्ते के लिए भर्तियां कर रहा है। इस आत्मघाती दस्ते को तैयार करने की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग जमात-उल-मोमिनात को दी गई है।
जानकारी के मुताबिक 18 अप्रैल को मुज्जफराबाद के गोजर स्थित ओएसए (वन स्टेप अहेड कॉलेज) में 10 घंटे का विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें भर्तियां भी की गई।
इस सत्र में आतंकवादी मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर समेत पीओके के चार कमांडर भी मौजूद थे। इस सत्र में 150 से ज्यादा महिलाओं को बुलाया गया था। जानकारी के मुताबिक 18 अप्रैल को हुई आत्मघाती दस्तों की भर्ती और ट्रेनिंग कैंप की पूरी जानकारी केंद्रीय सुरक्षा बलों को सौंप दी गई है।

पाकिस्तानी सेना कर रही मदद

खबरों के मुताबिक खुफियां एजेंसियों को सेवा देने वाले रिटायर्ड ब्रिगेडिययर हरदीप सिंह विरदी ने बताया कि पाकिस्तानी सेना का पूरा ध्यान महिलाओं के आत्मघाती दस्ते को तैयार करने पर लगा है। इसी के चलते जैश ए मोहम्मद की महिला विंग जमात उल मोमिनात को आगे किया जा रहा है।
रिटायर्ड ब्रिगेडियर विरदी बताया कि इसके साथ पाकिस्तान में ही हरकत-उल-मुजाहिदीन से जुड़ी महिलाएं भी आतंक को आगे बढ़ाने में शरीक होती हैं। उनको भी जम्मू कश्मीर से लेकर भारत के कई हिस्सों में आतंक को फैलाने का टास्क दिया जा रहा है।

निशाने पर जम्मू-कश्मीर

  • केंद्रीय खुफिया एजेंसी को मिली जानकारी के मुताबिक इस कोर्स के बाद दो चरण के बड़े कोर्स जमात-उल-मोमिनात की ओर से कराए जाने हैं। सूत्रों के मुताबिक आखिरी सेशन में पाकिस्तानी आतंकवादी मसूद अजहर के खुद शामिल होने का बयान भी जारी किया गया।
  • जानकारी के मुताबिक इस बैठक में महिलाओं को जम्मू कश्मीर के नक्शे के साथ यहां के एक-एक जिले और उसकी डेमोग्राफी के बारे में बताया गया। इस बैठक में जिक्र इस बात का भी किया गया कि मई के तीसरे हफ्ते में इन महिलाओं को इस सत्र के बाद लाहौर में एक विशेष ट्रेनिंग दी जानी है।
  • इससे पहले भी 17 जनवरी को लाहौर के वीमेन लॉ कॉलेज और बहावलपुर के मरकज उस्मान-ओ-अली में भी कैंप लगाए जा चुके हैं। जिसमें 90 से ज्यादा महिलाओं ने शिरकत की थी।
दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, GTB की पीडियाट्रिक इमरजेंसी मेडिसिन में FNB शुरु, गंभीर बच्चों को जल्द मिलेगा इलाज

दिल्ली सत्ता संदेश

दिल्ली में बाल चिकित्सा स्वास्थय सेवाओं को और अधिक मजबूत करने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने गुरु तेग बहादुर अस्पताल में पीडियाट्रिक्स में फेलोशिप ऑफ नेशनल बोर्ड कार्यक्रम शुरु करने का फैसला किया है। जिसमें हर साल दो सीटें निर्धारित होंगी।
दिल्ली के स्वास्थय मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने बताया कि बाल चिकित्सा आपातकालीन देखभाल को और अधिक मजबूत करना सरकार की प्राधमिकता है। यद कदम विशेषज्ञ प्रशिक्षण क्षमता को बढ़ाएगा और गंभीर अवस्था में बच्चों को समय पर और बेहतर उपचार सुनिश्चित करेगा। आपको बता दें कि गुरु तेग बहादुर अस्पताल में हर साल लगभग 30,000 से 35,000 तक बच्चों का इलाज किया जाता है। जिसके लिए पीडियाट्रिक इमरजेंसी मेडिसिन में सुपर स्पेशियलिटी प्रशिक्षण की आवश्यकता है। इस कार्यक्रम के शुरु होने से इलाज की गुणवत्ता में सुधार होगा। साथ ही पांच साल से कम उम्र के बच्चों के इमरजेंसी इलाज में मदद मिलेगी।

कैसे संचालित होता है FNB कार्यक्रम

दिल्ली सरकार के मुताबिक फेलोशिप ऑफ नेशनल बोर्ड कार्यक्रम नेशनस बोर्ड एग्जामिनेशंस के अंतर्गत संचालित होता है। जो दो साल का पोस्ट एमडी सुपर स्पेशियलिटी कोर्स है और वरिष्ठ रेजिडेंसी के समकक्ष है। प्रशिक्षुओं को खाली वरिष्ठ रेजिडेंट पदों की जगह समायोजित किया जाएगा। जिससे उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होगा और इसका सरकार पर कोई अतिरिक्त बोझ भी नहीं पडे़गा।


स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती


यह फैसला दिल्ली सरकार की स्वास्थय सेवाओं को और अधिक मजबूत करने और उन्नत चिकित्सा शिक्षा विस्तार के प्रति प्रतिबद्दता को दर्शाता है। स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार ने कहा कि सीएम रेखा के गुप्ता के कुशल नेतृत्व में सरकार दिल्ली के सभी नागरिकों के लिए सशक्त, संवेदनशील और भविष्य के लिए तैयार स्वास्थ्य प्रणाली के निर्माण के लिए लगातार प्रयासरत है।

सावधान! ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम पर बड़ी कार्रवाई: व्हाट्सऐप ने बैन किए 9400 से ज्यादा अकाउंट्स, कंबोडिया से निकला कनेक्शन

टेक डेस्क : भारत में तेजी से फैल रहे ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए व्हाट्सऐप (Meta) ने इस साल जनवरी से अब तक 9400 से अधिक खातों पर प्रतिबंध लगा दिया है,। यह जानकारी अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान साझा की है।

कंबोडिया में बने थे स्कैम सेंटर्स: व्हाट्सऐप की जाँच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि भारतीय यूजर्स को ठगने वाले ज्यादातर अकाउंट्स दक्षिण-पूर्व एशिया, विशेष रूप से कंबोडिया में मौजूद स्कैम सेंटर्स से संचालित किए जा रहे थे। इसका सीधा मतलब यह है कि भारत में लोगों को डराकर पैसे ऐंठने का यह पूरा जाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कंबोडिया से बुना जा रहा था।

ऐसे झांसे में लेते थे जालसाज: ठगी करने वाले लोग बेहद शातिर तरीके से दिल्ली पुलिस, मुंबई मुख्यालय, CBI और ATS जैसे विभागों के डिस्प्ले नामों का इस्तेमाल करते थे। लोगों का विश्वास जीतने के लिए वे प्रोफाइल पिक्चर के तौर पर सरकारी लोगो लगाते थे, ताकि किसी को उन पर शक न हो।

सुरक्षा के लिए उठाए गए कड़े कदम: व्हाट्सऐप ने यह कार्रवाई भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C), इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और दूरसंचार विभाग (DoT) से मिली जानकारी के आधार पर की है। भविष्य में ऐसी ठगी रोकने के लिए व्हाट्सऐप अब ‘सिम बाइंडिंग’ (SIM Binding) को लागू करने पर भी सहमत हो गया है, जो आईटी नियम, 2021 के प्रावधानों के तहत सुरक्षा को और मजबूत करेगा।

भीषण गर्मी से थमी ’10-मिनट डिलीवरी’ की रफ्तार; दोपहर में काम नहीं कर रहे डिलीवरी पार्टनर्स

बिजनेस डेस्क : देश में बढ़ती भीषण गर्मी (हीटवेव) ने क्विक कॉमर्स कंपनियों के 10-मिनट डिलीवरी मॉडल के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। दोपहर के व्यस्त घंटों में, जब तापमान चरम पर होता है, तब बड़ी संख्या में डिलीवरी पार्टनर्स काम करने से बच रहे हैं, जिससे कंपनियों की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

डिलीवरी पार्टनर्स की कमी के कारण: तेज धूप और लू के अलावा, कई डिलीवरी पार्टनर्स चुनाव और फसल कटाई के चलते अपने गृह राज्यों में लौट गए हैं, जिससे मेट्रो शहरों में मैनपावर की भारी कमी हो गई है। वहीं दूसरी ओर, गर्मी के कारण आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स, जूस, पंखे और कूलर जैसे उत्पादों की मांग में 15-20% तक की बढ़ोतरी देखी गई है। कुछ क्षेत्रों में तो मांग सामान्य से 2-3 गुना तक बढ़ गई है, जिससे प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन मैनेज करना चुनौतीपूर्ण हो गया है।

कंपनियों के प्रयास और राहत के कदम: हालात संभालने के लिए Amazon, Flipkart Minutes और BigBasket जैसी कंपनियां डिलीवरी पार्टनर्स को लुभाने के लिए अतिरिक्त इंसेंटिव दे रही हैं। दोपहर के समय राइडर्स को प्रति डिलीवरी 8-15 रुपये अतिरिक्त दिए जा रहे हैं। इसके अलावा, कंपनियों ने राइडर्स की सुरक्षा के लिए निम्नलिखित कदम उठाए हैं:

हीट-इंडेक्स मॉनिटरिंग और डॉक्टर से सलाह की सुविधा। इलेक्ट्रोलाइट्स, हाइड्रेशन और रेस्टिंग फैसिलिटी (आराम करने की जगह) उपलब्ध कराना। ऐप में ‘समर एसेंशियल्स’ का अलग सेक्शन बनाना ताकि जरूरी सामान जल्दी पहुंचाया जा सके।इस बीच, ऐप-आधारित ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन ने सरकार से मांग की है कि गिग वर्कर्स के लिए हीटवेव प्रोटेक्शन को अनिवार्य किया जाए।

यह संकट दर्शाता है कि मांग अधिक होने के बावजूद, चरम मौसम की स्थिति में सप्लाई बनाए रखना ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए एक बड़ी कमजोरी साबित हो रही है।

ओडिशा के सुंदरगढ़ में भीषण सड़क हादसा: बस और ट्रक की आमने-सामने की टक्कर में 4 की मौत, 12 घायल

नेशनल डेस्क : ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में मंगलवार देर रात एक हृदयविदारक सड़क हादसा हुआ है, जिसमें 4 लोगों की जान चली गई है। यह दुर्घटना चांदीपोश थाना क्षेत्र के अंतर्गत मुसाबीरा इलाके में उस समय हुई, जब एक यात्री बस और ट्रक के बीच जोरदार सीधी भिड़ंत हो गई।

हादसे का कारण और प्रभाव: जानकारी के अनुसार, यात्री बस राउरकेला से जगतसिंहपुर की ओर जा रही थी। रात के अंधेरे के कारण बस सड़क की गलत लेन में चली गई, जिसके चलते सामने से आ रहे ट्रक से उसकी सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बस चालक और कंडक्टर ने बाद में दम तोड़ दिया। इस हादसे में एक यात्री की भी मौत हुई है।

राहत और बचाव कार्य: हादसे के समय बस में कुल 20 लोग सवार थे। इस घटना में 12 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत राउरकेला के आरजीएच (RGH) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में से एक की स्थिति अत्यंत नाजुक बताई जा रही है और वह आईसीयू (ICU) में उपचाराधीन है।

प्रशासनिक कार्रवाई: राउरकेला के एसपी नितेश वाधवानी ने बताया कि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, दोनों वाहनों के चालकों की मौत हो जाने के कारण दुर्घटना की सटीक परिस्थितियों की जांच करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

IPL 2026: ड्रेसिंग रूम में वैपिंग करते दिखे रियान पराग, क्या राजस्थान रॉयल्स के कप्तान पर होगी कानूनी कार्रवाई?

स्पोर्टस डेस्क : आईपीएल 2026 के दौरान राजस्थान रॉयल्स (RR) के कप्तान रियान पराग एक बड़े विवाद में फंसते नजर आ रहे हैं। 28 अप्रैल को पंजाब किंग्स (PBKS) के खिलाफ खेले गए मुकाबले के दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें रियान पराग ड्रेसिंग रूम के अंदर वैपिंग (ई-सिगरेट) का कश लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं।

भारत में वैपिंग पर है प्रतिबंध: इस घटना ने इसलिए तूल पकड़ लिया है क्योंकि भारत में ‘प्रोहिबिशन ऑफ इलेक्ट्रोनिक सिगरेट एक्ट 2019’ के तहत वैपिंग पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इस कानून का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माने के साथ-साथ जेल की सजा का भी प्रावधान है। रियान पराग का सार्वजनिक रूप से और टीम के अन्य खिलाड़ियों की मौजूदगी में ऐसा करना अब सवालों के घेरे में है।

मैनेजमेंट और BCCI की भूमिका: इस घटना के बाद राजस्थान रॉयल्स के मैनेजमेंट पर भी उंगलियां उठ रही हैं कि उन्होंने ड्रेसिंग रूम जैसे स्थान पर इसकी अनुमति कैसे दी, जहाँ वैभव सूर्यवंशी जैसे 15 साल के युवा खिलाड़ी भी मौजूद थे। सोशल मीडिया पर क्रिकेट प्रेमियों ने इस व्यवहार की कड़ी निंदा की है और अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि BCCI इस मामले में रियान पराग के खिलाफ क्या एक्शन लेता है।

पश्चिम बंगाल चुनाव: 142 सीटों पर दूसरे चरण का मतदान आज, सुरक्षा के लिए 3.5 लाख जवान तैनात

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के तहत आज, 29 अप्रैल 2026 को 142 सीटों पर मतदान हो रहा है। चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए राज्य के 7 जिलों में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है, जिसके तहत 3.5 लाख से ज्यादा केंद्रीय बलों के जवान तैनात किए गए हैं। इनमें CRPF, SSB, RPF, ITBP और CISF की 2550 कंपनियां शामिल हैं।

इस चुनाव की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पहली बार नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को भी निगरानी के काम में लगाया गया है। कोलकाता के सेंट्रल कंट्रोल रूम से CCTV कैमरों के जरिए हर पोलिंग स्टेशन पर नजर रखी जा रही है और संवेदनशील इलाकों में बख्तरबंद गाड़ियों से गश्त की जा रही है।

भवानीपुर सीट: इस चरण की सबसे चर्चित सीट भवानीपुर है, जहाँ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के बीच कड़ा मुकाबला है।

वोटर लिस्ट विवाद: इस बार कई जिलों में वोटर लिस्ट से लाखों नाम कटने (SIR मुद्दा) को लेकर विवाद गरमाया हुआ है, जिससे करीब 25 सीटों पर नतीजों के प्रभावित होने की संभावना है।

निर्णायक क्षेत्र: उत्तर और दक्षिण 24 परगना की 64 सीटें और नदिया जिला इस चरण में बेहद अहम हैं। जहाँ टीएमसी अपनी पुरानी पकड़ बनाए रखने की कोशिश में है, वहीं भाजपा ने NRC और CAA जैसे मुद्दों के साथ इस बार पूरा जोर लगाया है।विशेषज्ञों के अनुसार, हिंदू और महिला वोटरों का झुकाव इस चरण की 73 सीटों के नतीजे तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगा।