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तमिलनाडु में ‘थलापति’ विजय का राज: 9वें मुख्यमंत्री के रूप में ली शपथ, राहुल गांधी रहे मौजूद

नेशनल डेस्क: तमिलनाडु की राजनीति में आज एक नए युग की शुरुआत हुई है। अभिनेता से राजनेता बने तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) के प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने आज तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित एक भव्य समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

दिग्गजों की मौजूदगी: इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी विशेष रूप से चेन्नई पहुंचे और मंच पर विजय के साथ मौजूद रहे। इनके अलावा विजय के माता-पिता, अभिनेत्री तृषा कृष्णन, और गायक कृष भी समारोह में शामिल हुए।

बहुमत का समीकरण: विजय ने राज्यपाल को 121 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा, जबकि सरकार बनाने के लिए 118 के जादुई आंकड़े की आवश्यकता थी। इस गठबंधन में TVK (108), कांग्रेस (5), CPI (2), CPI(M) (2), VCK (2) और IUML (2) के विधायक शामिल हैं।

मंत्रिमंडल और विभाग: मुख्यमंत्री विजय के साथ 9 अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली है। विजय ने अपने पास लोक प्रशासन, पुलिस और गृह विभाग रखा है, जबकि के. ए. सेंगोत्तैयान को लोक निर्माण विभाग और आधव अर्जुन को खेल एवं उत्पाद शुल्क विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।

सियासी संघर्ष: मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने के लिए विजय को काफी संघर्ष करना पड़ा। 4 मई को नतीजे आने के बाद से 9 मई तक काफी सियासी ड्रामा चला, जहाँ बहुमत साबित करने के लिए उन्हें सहयोगियों के समर्थन का इंतजार करना पड़ा। अंततः IUML और VCK के समर्थन के बाद उनके शपथ ग्रहण का रास्ता साफ हुआ।

अगली चुनौती: राज्यपाल ने नई सरकार को 13 मई 2026 तक विधानसभा में विश्वास मत (Floor Test) हासिल करने का निर्देश दिया है।इस शपथ ग्रहण के साथ ही पूरे तमिलनाडु में TVK कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच जश्न का माहौल है, जो विजय को ‘रीयल लाइफ’ का नायक मान रहे हैं।

विधानसभा सदस्यता से सोमवार को इस्तीफा देने से पहले नितिन नवीन की भावुक अपील

पटना, 30 मार्च (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को बिहार विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने से पहले विधानसभा क्षेत्र की जनता से भावुक अपील की।

दो सप्ताह पहले राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए नवीन ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘आज मैं बिहार विधानसभा के बांकीपुर निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित सदस्य पद से इस्तीफा दे रहा हूं।’’

अपने राजनीतिक को याद करते हुए उन्होंने लिखा, ‘‘जनवरी 2006 में पिताजी के आकस्मिक निधन के बाद पार्टी ने मुझे पटना पश्चिम से उपचुनाव लड़ने का अवसर दिया और 27 अप्रैल 2006 को पहली बार पटना पश्चिम क्षेत्र से निर्वाचित होकर मैंने सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन की शुरुआत की।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 20 वर्षों में पिताजी दिवंगत नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा द्वारा बनाए गए इस क्षेत्र को पारिवारिक भाव से सींचने, संवारने और विकास के पटल पर आगे ले जाने का निरंतर प्रयास किया है।’’

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा, ‘‘मैंने सदैव अपने क्षेत्र और बिहार के विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य किया। इसी का प्रतिफल है कि यहां की देवतुल्य जनता ने मुझे लगातार पांच बार सदन में अपना प्रतिनिधि चुनकर सेवा का सौभाग्य प्रदान किया। सदन के अंदर हो या सदन के बाहर, दोनों ही स्थानों का उपयोग मैंने अपने क्षेत्र और बिहार की जनता की आवाज उठाने और उनकी समस्याओं के समाधान का मार्ग निकालने के लिए किया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘बिहार विधानसभा के सदस्य के रूप में मुझे सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई वरिष्ठ विधायकों से बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला। मैंने अपने क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण विषयों का समाधान जनता और कार्यकर्ताओं के सुझावों से ही निकाला है।’’

नवीन ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में पार्टी ने जब मुझे बिहार सरकार के मंत्री के रूप में काम करने का अवसर दिया, तब मुझे कई अहम फैसलों, नीतियों और योजनाओं का क्रियान्वयन करने में सफलता मिली। इसके लिए मैं माननीय मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद व्यक्त करता हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने यह हमेशा कहा है कि जनता ने मुझे समस्याएं भी बताई, और उन समस्याओं के समाधान का रास्ता भी मुझे जनता ने हीं दिखाया। कार्यकर्ताओं ने मुझे भाई के रूप में, परिवार के सदस्य के रूप में और अभिभावक के रूप में उंगली पकड़कर आज इस मुकाम तक पहुंचाया है। मैं पटना और बिहार की जनता को आश्वस्त करता हूं कि जो परिवार का भाव उन्होंने मुझे दिया है, उसका मैं सदैव सम्मान करता रहूंगा।’’

नवीन ने कहा, ‘‘पार्टी ने मुझे जो नयी भूमिका दी है, उसके माध्यम से भी मैं अपने क्षेत्र और बिहार के विकास के लिए सदैव तत्पर एवं संकल्पित रहूंगा। मेरे कार्यकर्ताओं और बिहार की जनता के साथ मेरा जो अटूट संबंध है, वह सदैव बना रहेगा और मुझे हमेशा नई ऊर्जा, प्रेरणा और मार्गदर्शन देता रहेगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2047 के ‘विकसित भारत एवं विकसित बिहार’ बनाने के सपने को साकार करने की दिशा में मैं निरंतर प्रयासरत रहूंगा। ’’

महिला विधायक के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी पर आईयूएमएल नेता निलंबित

अलप्पुझा (केरल), 26 मार्च (भाषा) अलप्पुझा जिले के कायमकुलम में चुनाव प्रचार के दौरान मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की मौजूदा विधायक यू प्रतिभा के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के नेता ए इरशाद को पार्टी ने निलंबित कर दिया है। आईयूएमएल के नेताओं ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

आईयूएमएल के स्थानीय नेता और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की कायमकुलम इकाई के संयोजक इरशाद ने एक चुनावी कार्यक्रम में प्रतिभा के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने दावा किया था कि प्रतिभा तीसरी बार इस सीट से जीत हासिल करने के लिए अपनी वाकपटुता और सुंदरता का ‘इस्तेमाल’ कर रही हैं।

उन्होंने प्रतिभा पर जनता के लिए कोई काम न करने का आरोप भी लगाया।

जिले के मुस्लिम लीग नेताओं ने कहा कि इरशाद की पार्टी सदस्यता निलंबित कर दी गई है और उन्हें आईयूएमएल के कायमकुलम निर्वाचन क्षेत्र के अध्यक्ष पद से भी हटा दिया गया है।

उन्होंने बताया कि आईयूएमएल जिला सचिव एच बशीर को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने इन टिप्पणियों की निंदा करते हुए इन्हें “महिला विरोधी और अपमानजनक” बताया।

विजयन ने कहा कि किसी महिला पर सिर्फ इसलिए “अपमानजनक” शब्दों से हमला करना क्योंकि वह एक लोक सेवक है यह “राजनीतिक संस्कृति का पतन” दर्शाता है।

कायमकुलम से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस नेता एम लिजू ने इन टिप्पणियों पर खेद जताया था और मौजूदा विधायक से माफी मांगी थी।

प्रतिभा और माकपा ने कहा है कि जल्द ही निर्वाचन आयोग और पुलिस में इरशाद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जाएगी।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए अन्नाद्रमुक ने 23 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की

चेन्नई, 25 मार्च (भाषा) तमिलनाडु में मुख्य विपक्षी दल अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) ने 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए 23 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची बुधवार को जारी की और पार्टी प्रमुख के. पलानीस्वामी को सेलम जिले के एडप्पाडी निर्वाचन क्षेत्र से पुन: उम्मीदवार बनाया।

अन्नाद्रमुक राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है।

अन्नाद्रमुक ने अपनी पहली सूची में के. पी. मुनुसामी, डिंडीगुल सी. श्रीनिवासन और नाथम आर. विश्वनाथन समेत शीर्ष नेताओं को बरकरार रखा और उसने पश्चिमी क्षेत्र के प्रमुख नेताओं एस. पी. वेलुमणि एवं पी. थंगामणि को क्रमश: थोंडामुथुर और कुमारापलायम से उम्मीदवार बनाया।

वहीं नाम तमिलर काची (एनटीके) सभी 234 सीट के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर चुकी है।

पूर्ववर्ती सरकारों ने न सिर्फ उप्र का विश्वास तोड़ा, नौजवानों के सपने भी तोड़े: योगी आदित्यनाथ

लखनऊ, 24 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष की पूर्ववर्ती सरकारों को विकास विरोधी करार देते हुए मंगलवार को कहा कि उन्होंने न केवल प्रदेश का विश्वास तोड़ा, बल्कि यहां के युवाओं के ‘‘सपनों को भी चकनाचूर’’ किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां उन्नत सिंगल विंडो पोर्टल ‘निवेश मित्र 3.0’ की शुरुआत करने के बाद आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा, ‘‘यह विश्वास, जिसे राजनीतिक कारणों से पिछली सरकारों ने तोड़ा था, केवल विश्वास नहीं था, बल्कि उत्तर प्रदेश के नौजवानों के सपनों को भी चकनाचूर किया गया था।’’

समारोह में उपस्थित निवेशकों से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश देश के भीतर निवेश के एक विशेष गंतव्य के रूप में स्थापित हो—यह सपना नौ वर्ष पहले देखा गया था। आप सभी की उपस्थिति उस सपने को जमीन पर उतारने का कार्य कर रही है।’’

योगी ने कहा, ‘‘आपने प्रदेश में ‘डबल इंजन’ सरकार पर विश्वास किया है। आपके इस विश्वास पर खरा उतरने और आपको अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए इस सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं।’’

मुख्यमंत्री ने भाजपा नीत सरकार के नौ वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके कारण उत्तर प्रदेश पूरे देश में निवेश के प्रमुख स्थल के रूप में उभरा है।

उन्होंने कहा, ‘‘इस विश्वास को देखकर लगता है कि वास्तव में यही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है।’’

विपक्ष पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेशवासियों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया गया था। देश की सबसे अधिक आबादी वाले राज्य के अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न लगाए गए थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में डबल इंजन की उत्तर प्रदेश सरकार पर आपने जो विश्वास नौ वर्षों से लगातार व्यक्त किया है, उस पर खरा उतरने के लिए हमारी टीम ने निरंतर परिश्रम किया है और उसके परिणाम हर स्तर पर दिखाई दे रहे हैं।’’

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर गर्व है। उन्होंने कहा, ‘‘वादे बहुत किए जाते हैं, लेकिन निभाए नहीं जाते। जब से देश और प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार बनी है, तब से वातावरण में व्यापक बदलाव आया है।’’

मौर्य ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने से लोग डरते थे, लेकिन अब सुदृढ़ कानून-व्यवस्था के कारण बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है।

उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में औद्योगिक क्रांति आई है और राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार निरंतर बढ़ रहा है।

इस अवसर पर मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी और राज्य मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने भी समारोह को संबोधित किया।

केरल में एलडीएफ-राजग की ‘मिलीभगत’, सरकार को फायदा पहुंचा रही भाजपा: सचिन पायलट

तिरुवनंतपुरम, 24 मार्च (भाषा) केरल में नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) राज्य में पिनराई विजयन नीत सरकार बरकरार रखने में ‘‘मदद’’ कर रहा है और ‘‘तथ्य’’ बताते हैं कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की राजग के साथ ‘‘मिलीभगत’’ है।

केरल चुनावों के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक पायलट ने ‘पीटीआई वीडियो’ को दिए साक्षात्कार में मुख्यमंत्री विजयन पर निजी लाभ के लिए, विशेषकर भ्रष्टाचार मामलों की जांच से बचने के उद्देश्य से भाजपा के साथ परोक्ष रूप से काम करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रयास सफल नहीं होंगे क्योंकि ‘‘जनता उनके छल और झूठ को समझ चुकी है।’’

विजयन ने हाल में ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा था कि कांग्रेस राज्य में भाजपा की ‘‘बी-टीम’’ की तरह काम कर रही है।

इसपर पलटवार करते हुए पायलट ने कहा, ‘‘मुझे समझ नहीं आता कि मुख्यमंत्री ऐसे आरोप कैसे लगा रहे हैं, जबकि तथ्य बताते हैं कि माकपा और एलडीएफ ही भाजपा और राजग के साथ मिलीभगत कर रहे हैं। आज भी केरल चुनाव में राजग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एलडीएफ की सत्ता बरकरार रहे।

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा का इसमें ज्यादा कुछ दांव पर नहीं है। कुछ क्षेत्रों में उसे वोट मिलने की उम्मीद हैं, जिन्हें वह वामपंथी उम्मीदवारों की ओर मोड़ने की कोशिश कर रही है ताकि वे तीसरी बार सत्ता में आ सकें, लेकिन ऐसा होने वाला नहीं है।’’

अपने साक्षात्कार में विजयन ने कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए उन्हें ‘‘भाजपा की बी-टीम’’ बताया था। इससे पहले राहुल गांधी ने कहा था कि केंद्रीय एजेंसियों ने केरल के मुख्यमंत्री को छोड़कर देश के अन्य विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार किया है या पूछताछ के लिए तलब किया है।

वाम सरकार पर हमला तेज करते हुए पायलट ने कहा कि राज्य की वामपंथी सरकार और केंद्र की भाजपा नीत सरकार पिछले 10 वर्षों से साथ मिलकर काम कर रही हैं।

पायलट ने कहा कि उन्होंने माकपा नीत गठबंधन की ओर से प्रधानमंत्री या भाजपा के खिलाफ कोई बड़ा प्रदर्शन, आंदोलन या विरोध नहीं देखा।

उन्होंने कहा, ‘‘वायनाड त्रासदी हुई। उन्होंने करोड़ों रुपये की मांग की, लेकिन हमें केवल कर्ज मिला। क्या वाम दल प्रधानमंत्री के आवास के बाहर धरने पर बैठे? प्रियंका गांधी और यूडीएफ (संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा) के सभी सांसदों ने भारत सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था।’’

कुछ सांसदों द्वारा विधानसभा टिकट की इच्छा जताए जाने की खबरों पर पायलट ने कहा कि कुछ नेताओं की इच्छा हो सकती है, लेकिन पार्टी ने सिद्धांत तय किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘परंपरा और सिद्धांत के तौर पर पार्टी ने फैसला किया है कि कोई भी मौजूदा सांसद विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगा।’’

कन्नूर से टिकट मांगने वाले वरिष्ठ लोकसभा सदस्य के. सुधाकरन की सराहना करते हुए पायलट ने उन्हें अनुशासित नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी के निर्णय का सम्मान किया।

यूडीएफ की संभावनाओं पर उन्होंने सटीक आंकड़ा बताने से इनकार किया, लेकिन ‘‘बहुमत’’ मिलने का विश्वास जताया।

राहुल गांधी की पांच गारंटी और घोषणापत्र जारी करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि विभिन्न वर्गों से सुझाव लिए जा रहे हैं, इसलिए प्रक्रिया में समय लग रहा है।

उन्होंने कहा कि गारंटी तत्काल प्राथमिकताओं को दर्शाती हैं, जबकि घोषणापत्र व्यापक दृष्टि प्रस्तुत करेगा।

केरल विधानसभा की 140 सीट के लिए मतदान नौ अप्रैल को चुनाव होंगे

महाराष्ट्र: उपसभापति ने सातारा पुलिस अधीक्षक के निलंबन के लिए राज्य सरकार को निर्देश दिए

मुंबई, 23 मार्च (भाषा) महाराष्ट्र विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोरहे ने सोमवार को सरकार को निर्देश दिया कि सातारा के पुलिस अधीक्षक तुषार दोशी को जिला परिषद के अध्यक्ष पद के लिए पिछले सप्ताह हुए चुनाव के दौरान हंगामे और हाथापाई के सिलसिले में निलंबित किया जाए।

शिवसेना के मंत्री शंभूराज देसाई, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के मकरंद पाटिल और दोनों दलों के अन्य सदस्यों ने पुलिस अधीक्षक के निलंबन की मांग की है।

देसाई और पाटिल ने आरोप लगाया कि जिला परिषद के अध्यक्ष पद के लिए शुक्रवार को हुए चुनाव के दौरान स्थानीय पुलिस ने उनसे हाथापाई की।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रिया शिंदे शिवसेना-राकांपा गठबंधन के उम्मीदवार को शिकस्त देकर जिला परिषद की अध्यक्ष निर्वाचित हुईं। भाजपा ने मामूली अंतर से शिवसेना-राकांपा गठबंधन से अधिक मत हासिल कर शीर्ष पद पर जीत दर्ज की।

सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले लंबित कार्यों को निपटाने के लिए बुलाई गई विशेष बैठक में शिवसेना सदस्य हेमंत पाटिल ने यह मुद्दा उठाया।

उन्होंने कहा कि देसाई, मकरंद पाटिल और राकांपा के विधान परिषद सदस्य शशिकांत शिंदे के साथ पुलिस ने दुर्व्यवहार किया।

इस पर उपसभापति नीलम गोरहे ने कहा, “मैं सरकार को निर्देश देती हूं कि सातारा के पुलिस अधीक्षक और अन्य संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया जाए, जिन्होंने मतदाताओं और मंत्रियों के साथ दुर्व्यवहार किया।”

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को इस मामले में जांच शुरू करनी चाहिए थी, लेकिन किसी कारणवश ऐसा नहीं हुआ।

इस मुद्दे पर शिवसेना, राकांपा और भाजपा सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।

महाराष्ट्र में ‘महायुति’ सरकार के तहत भाजपा, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली राकांपा सत्ता में साझेदार हैं।

गोवा में पोंडा विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने केतन भाटीकर को उम्मीदवार बनाया

पणजी, 18 मार्च (भाषा) गोवा में होने वाले पोंडा विधानसभा उपचुनाव के लिए विपक्षी दल कांग्रेस ने डॉ. केतन भाटीकर को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।

दक्षिण गोवा की पोंडा विधानसभा सीट पर नौ अप्रैल को उपचुनाव होना है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता रवि नाइक के निधन के कारण यह सीट रिक्त हुई है जिस पर उपचुनाव हो रहा है।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने मंगलवार को घोषणा की कि भाटीकर पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे।

पेशे से फिजियोथेरेपिस्ट भाटीकर महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी से इस्तीफा देने के बाद हाल में कांग्रेस में शामिल हुए थे।

पणजी में सोमवार को हुई प्रदेश कांग्रेस चुनाव समिति की बैठक के दौरान उपचुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवार के तौर पर उनके नाम को मंजूरी दी गई।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के गोवा डेस्क प्रभारी माणिकराव ठाकरे ने बैठक की अध्यक्षता की थी। इसमें कांग्रेस की प्रदेश इकाई के प्रमुख अमित पाटकर और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यूरी अलेमाओ सहित अन्य नेता शामिल हुए।

पाटकर ने पार्टी उम्मीदवार के नाम की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पोंडा विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार बनाए जाने पर डॉ. केतन भाटीकर को बधाई। पोंडा सकारात्मक बदलाव के लिए तैयार है और मुझे विश्वास है कि लोगों के समर्थन से कांग्रेस विजयी होगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लोगों की सेवा करने की इस यात्रा के लिए डॉ. भाटीकर को मेरी ओर से बहुत-बहुत शुभकामनाएं।’’

चालीस सदस्यीय विधानसभा वाले राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा अभी नहीं की है।

भाजपा की गोवा इकाई के अध्यक्ष दामोदर नाइक ने पहले संवाददाताओं से कहा था कि पार्टी ने कुछ नेताओं के नाम छांटे हैं जिन्हें नयी दिल्ली में पार्टी आलाकमान के पास भेज दिया गया है।

राज्यसभा चुनाव में ‘क्रॉस-वोटिंग’ की आशंकाओं के बीच ओडिशा कांग्रेस ने आठ विधायकों को कर्नाटक भेजा

भुवनेश्वर, 13 मार्च (भाषा) ओडिशा में विपक्षी दल कांग्रेस ने 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव में ‘क्रॉस-वोटिंग’ की आशंकाओं के मद्देनजर अपने आठ विधायकों को कर्नाटक भेज दिया है। पार्टी नेताओं ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

दूसरी ओर राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (बीजद) ने एक बयान में कहा है कि पार्टी ने अपने सभी विधायकों से शुक्रवार से रविवार तक हर शाम पार्टी प्रमुख नवीन पटनायक के आवास पर होने वाली आवश्यक बैठकों में भाग लेने को कहा है।

कांग्रेस नेताओं ने बताया कि पार्टी ने बृहस्पतिवार रात को अपने सभी 14 विधायकों को राज्य की राजधानी भुवनेश्वर बुलाया था और फिर मुख्य सचेतक सीएस राजेन एक्का समेत आठ को बेंगलुरु भेज दिया।

कांग्रेस विधायक दल के नेता रामा चंद्र कदम ने कहा, ‘‘जी हां, हमारे आठ विधायक बेंगलुरु गए हैं ताकि भाजपा द्वारा विधायकों की खरीद-फरोख्त के प्रयासों से उन्हें बचाया जा सके। हमारे विधायक एकजुट रहेंगे।’’

पार्टी के एक अन्य नेता ने बताया कि विधायक बेंगलुरु के एक रिसॉर्ट में ठहरे हुए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘वे सोमवार को भुवनेश्वर लौटेंगे और सीधे विधानसभा जाकर दत्तेश्वर होता के पक्ष में अपना वोट डालेंगे।’’

उन्होंने बताया कि कांग्रेस शासित कर्नाटक में भेजे गए विधायकों में प्रफुल्ल प्रधान, मंगू खिला, अशोक दास, पवित्रा सौंता, राजन एक्का और कद्रका अप्पाला स्वामी शामिल हैं।

पार्टी के छह विधायक विधानसभा में जारी बजट सत्र में भाग लेने के लिए भुवनेश्वर में हैं।

कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस ने कहा, ‘‘मुझे पार्टी के विधायकों के बेंगलुरु जाने के बारे में जानकारी नहीं है। मुझे कहीं जाने की जरूरत नहीं है।’’

राज्य से राज्यसभा की कुल चार सीट पर चुनाव हो रहे हैं और पांच उम्मीदवार मैदान में हैं।

राज्य की 147 सदस्यीय विधानसभा में संख्याबल के अनुसार, बीजद की एक सीट पर जीत तय मानी जा रही है जबकि सत्तारूढ़ भाजपा को दो सीट पर जीतने की उम्मीद है। चौथी सीट के लिए किसी भी पार्टी को आवश्यक 30 प्रथम वरीयता वोट नहीं मिले हैं।

सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास 79 विधायक हैं और तीन निर्दलीय विधायकों के समर्थन के साथ उन्हें कुल 82 विधायकों का समर्थन मिल रहा है जो तीन सांसदों के चुनाव के लिए आवश्यक संख्या से आठ कम है।

पिछले महीने दो विधायकों के निलंबन के बाद विपक्षी पार्टी बीजद के खेमे में 48 विधायक हैं। एक सांसद के चुनाव के बाद उसके पास 18 प्रथम वरीयता वोट होंगे लेकिन दूसरी सीट जीतने के लिए उसे 12 और वोट की आवश्यकता होगी। कांग्रेस के पास 14 विधायक हैं और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पास एक विधायक है।

बीजद ने संतृप्त मिश्रा और होता को उम्मीदवार बनाया है। होता को कांग्रेस का समर्थन प्राप्त है।

भाजपा ने अपनी ओडिशा इकाई के अध्यक्ष मनमोहन सामल और निवर्तमान सांसद सुजीत कुमार को उम्मीदवार घोषित किया है तथा उसने निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय का समर्थन किया है।

इस चुनाव में मुकाबला राय और होता के बीच है।

ख़ामेनेई की हत्या पर प्रधानमंत्री मौन, अमेरिकी-इजराइली ‘दोस्तो’ को नाराज नहीं करना चाहते:कांग्रेस

नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) कांग्रेस ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बातचीत के एक दिन बाद शुक्रवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ईरान के सर्वोच्च नेता रहे अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर अब तक मौन हैं क्योंकि वह अपने अमेरिकी एवं इजराइली “दोस्तों” को नाराज नहीं करना चाहते।

प्रधानमंत्री मोदी ने बृहस्पतिवार को ईरानी राष्ट्रपति से फोन पर बात की थी और युद्ध रुकने के लिए बातचीत की जरूरत पर जोर दिया था तथा नागरिकों के मारे जाने पर चिंता जताई थी।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “ईरान के संवैधानिक प्रमुख अयातुल्ला खामेनेई की 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल द्वारा हत्या कर दी गई। प्रधानमंत्री मौन हैं। विदेश मंत्री मौन हैं। संसद में अब तक शोक प्रस्ताव तक नहीं रखा गया है।”

उन्होंने कहा कि भारत ने खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों की सही तरह से निंदा की है लेकिन ईरान पर हुए अमेरिका-इजराइल के हमले पर पूरी तरह चुप्पी साध रखी है।

कांग्रेस ने कहा कि यह भी याद रखा जाना चाहिए कि ईरान ‘ब्रिक्स+’ मंच का हिस्सा है, जिसकी अध्यक्षता इस वर्ष भारत के पास है।

रमेश ने कहा, “मई 2024 में ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की एक रहस्यमय हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। तब मोदी सरकार ने 21 मई 2024 को एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की थी और संसद में एक जुलाई 2024 को, जब सत्र शुरू हुआ, शोक प्रस्ताव भी रखा गया था। अब यह हिचकिचाहट क्यों?’’

उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें कोई संदेह नहीं कि एक ‘‘कम्प्रोमाइज्ड प्रधानमंत्री’’ अपने अमेरिकी और इजराइली ‘दोस्तों’ को नाराज़ करने से बचना चाहते हैं।