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क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता का निधन: लंबे समय से कैंसर से थे बीमार; पिता की बिगड़ती हालत देख बीच में छोड़ा था टी20 वर्ल्ड कप का साथ

स्पोर्ट्स डेस्क: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके पिता खचंद्र सिंह का शुक्रवार, 27 फरवरी 2026 को निधन हो गया। वे काफी लंबे समय से स्टेज-4 लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उन्होंने ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में अंतिम सांस ली।

अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे खचंद्र सिंह : जानकारी के मुताबिक, खचंद्र सिंह की हालत पिछले कई दिनों से बेहद नाजुक बनी हुई थी। उन्हें अस्पताल में मैकेनिकल वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था और लगातार ‘रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी’ दी जा रही थी। डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी निगरानी कर रही थी, लेकिन उनकी स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका।

पिता के लिए रिंकू ने छोड़ा था प्रैक्टिस सेशन : रिंकू सिंह टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम इंडिया के साथ चेन्नई में थे। मंगलवार, 24 फरवरी को जब टीम इंडिया का प्रैक्टिस सेशन चल रहा था, तब रिंकू सिंह पिता की खराब सेहत की खबर मिलते ही अभ्यास छोड़कर तुरंत नोएडा रवाना हो गए थे। वह इस वर्ल्ड कप में ग्रुप स्टेज और सुपर-8 के मैचों का हिस्सा रहे थे, हालांकि हाल ही में जिम्बाब्वे के खिलाफ हुए मैच में उन्हें प्लेइंग XI में शामिल नहीं किया गया था।

28 वर्षीय रिंकू सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के रहने वाले हैं। उनके पिता के निधन पर खेल जगत और उनके प्रशंसकों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

T20 वर्ल्ड कप में मोहम्मद नबी का धमाका: 41 की उम्र में रचा इतिहास, तोड़ा राशिद खान का रिकॉर्ड

स्पोर्ट्स डेस्क: अफगानिस्तान के अनुभवी ऑलराउंडर मोहम्मद नबी ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कनाडा के खिलाफ खेलते हुए क्रिकेट जगत में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। चेन्नई में खेले गए इस मुकाबले में 41 वर्षीय नबी की घातक गेंदबाजी के सामने कनाडा की टीम पूरी तरह बेबस नजर आई।

सबसे उम्रदराज खिलाड़ी का रिकॉर्ड: मोहम्मद नबी अब आईसीसी वर्ल्ड कप (वनडे और टी20 दोनों मिलाकर) के इतिहास में 4 विकेट हॉल लेने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने 41 साल और 49 दिन की उम्र में कनाडा के खिलाफ अपने 4 ओवर के कोटे में मात्र 7 रन देकर 4 विकेट चटकाए। यह उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन भी है।

राशिद खान को छोड़ा पीछे : इस शानदार प्रदर्शन के साथ नबी ने अफगानिस्तान के लिए टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में बेस्ट बॉलिंग फिगर के मामले में अपने ही कप्तान राशिद खान को पीछे छोड़ दिया है और अब वे इस सूची में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। इससे पहले राशिद ने 2021 के वर्ल्ड कप में स्कॉटलैंड के खिलाफ 9 रन देकर 4 विकेट लिए थे। इस लिस्ट में अब नबी से आगे केवल फजलहक फारूकी और मुजीब-उर-रहमान हैं।

मैच का संक्षिप्त विवरण : अफगानिस्तान ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी की और इब्राहिम जादरान की 95 रनों (56 गेंद) की तूफानी पारी की बदौलत 20 ओवर में 200 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। 201 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए कनाडा की टीम 20 ओवर में 8 विकेट खोकर केवल 118 रन ही बना सकी। अफगानिस्तान ने यह मैच 82 रनों के बड़े अंतर से जीत लिया। इब्राहिम जादरान को उनकी शानदार बल्लेबाजी के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।

T20 वर्ल्ड कप 2026: टीम इंडिया की बड़ी कमजोरी आई सामने, पाकिस्तान-कनाडा से भी बुरा हाल; सुपर-8 से पहले बढ़ी टेंशन

स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज में लगातार 4 मैच जीतकर भारतीय टीम ने शानदार तरीके से सुपर-8 में जगह बना ली है। हालांकि, इस शानदार प्रदर्शन के बीच टीम इंडिया की एक ऐसी कमजोरी उजागर हुई है जो बड़े मैचों में खिताब का सपना तोड़ सकती है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी में कमाल दिखाने वाली भारतीय टीम फील्डिंग और कैचिंग के मामले में फिसड्डी साबित हो रही है।

कैच छोड़ने में भारत दूसरे नंबर पर: हैरान करने वाले आंकड़े बताते हैं कि टूर्नामेंट में अब तक भारत ने कुल 9 कैच छोड़े हैं, जो भाग लेने वाली 20 टीमों में दूसरा सबसे खराब रिकॉर्ड है। इस लिस्ट में केवल आयरलैंड (10 कैच) ही भारत से पीछे है। चौंकाने वाली बात यह है कि फील्डिंग के मामले में पाकिस्तान और कनाडा जैसी टीमों का प्रदर्शन भी भारत से बेहतर रहा है। आंकड़ों के अनुसार, टीम इंडिया का कैचिंग प्रतिशत 70 से भी नीचे गिर गया है और हर मैच में औसतन 2-3 कैच छूट रहे हैं।

मैदान पर तालमेल की कमी: नीदरलैंड्स के खिलाफ हुए हालिया मैच में भी कैचिंग को लेकर भारी चूक देखी गई, जहाँ एक कैच लेने के प्रयास में सूर्यकुमार यादव और रिंकू सिंह आपस में टकरा गए थे, हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी को चोट नहीं आई। इससे पहले पाकिस्तान के खिलाफ महत्वपूर्ण मैच में भी कुलदीप यादव और ईशान किशन जैसे खिलाड़ियों ने कैच टपकाए थे, जिससे टीम पर दबाव बढ़ गया था।

सुपर-8 में बढ़ सकती है चुनौती : सुपर-8 स्टेज में भारत का सामना साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज जैसी आक्रामक और मजबूत टीमों से होना है। जानकारों का मानना है कि इन बड़े मुकाबलों में फील्डिंग की ये छोटी-छोटी गलतियां मैच का रुख बदल सकती हैं और भारत को भारी पड़ सकती हैं। टूर्नामेंट जीतने के लिए भारतीय खिलाड़ियों को अपनी फील्डिंग ड्रिल्स पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

जैक्स की आक्रामक पारी से इंग्लैंड के सात विकेट पर 202 रन

 कोलकाता, 16 फरवरी (भाषा ) विल जैक्स की आक्रामक पारी के दम पर इंग्लैंड ने आखिरकार अपनी लय हासिल करते हुए इटली के खिलाफ सोमवार को टी20 विश्व कप में ग्रुप सी के करो या मरो के मुकाबले में सात विकेट पर 202 रन बनाये ।

टूर्नामेंट में खराब शुरूआत के बाद दो बार की चैम्पियन इंग्लैंड ने इस अहम मुकाबले में शानदार वापसी की लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट गंवाने का सिलसिला जारी रहा ।

जैक्स ने 22 गेंद में छह चौकों और तीन छक्कों की मदद से नाबाद 54 रन बनाये और टूर्नामेंट में पहली बार टीम को 200 रन के पार पहुंचाया ।

एक समय पर इंग्लैंड के पांच विकेट 105 रन पर गिर गए थे जिसके बाद जैक्स और सैम कुरेन (19 गेंद में 25 रन ) ने अच्छी साझेदारी की । दोनों ने छठे विकेट के लिये 25 गेंद में 54 रन जोड़े ।

पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड के लिये फिल साल्ट ने 15 गेंद में दो चौकों और दो छक्कों के साथ 28 रन बनाये । पहले पांच ओवर में इंग्लैंड ने 50 रन बना लिये थे ।

अनुभवी जोस बटलर का खराब फॉर्म जारी रहा और वह तीन रन बनाकर तीसरे ओवर में ग्रांट स्टीवर्ट का शिकार हुए । पावरप्ले के बाद इंग्लैंड का स्कोर दो विकेट पर 54 रन था । साल्ट को छठे ओवर में अली हसन ने आउट किया जिनका शानदार कैच डीप स्क्वेयर लेग में एंथोनी मोस्का ने लपका ।

जैकब बेथेल ने 20 गेंद में 23 रन बनाये लेकिन वह भी साल्ट के जाने के बाद टिक नहीं सके ।

कप्तान हैरी ब्रूक नौ गेंद में 14 रन बनाकर जेजे स्मट्स की गेंद पर आउट हुए । इससे पहले उन्होंने इसी गेंदबाज को लांग आफ और स्क्वेयर लेग पर छक्का लगाया था । टॉम बेंटोन ने 21 गेंद में 30 रन बनाये ।

भारतीय महिला टीम टी20 विश्व कप की तैयारियों का अहम चरण की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करेगी

सिडनी, 14 फरवरी (भाषा) भारतीय महिला क्रिकेट टीम रविवार को यहां ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बहु-प्रारूप श्रृंखला में पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए मैदान पर उतरेगी तो उसकी कोशिश इस साल होने वाले टी20 विश्व कप की तैयारियों को दुरूस्त करने की होगी।

भारत ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बहु-प्रारूप श्रृंखला में तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय, तीन एकदिवसीय और छह मार्च से पर्थ में दिन रात्रि टेस्ट मैच खेलेगी।

हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम 50-ओवर विश्व कप जीत के बाद पहली बार विदेश में श्रृंखला खेलेगी और ऑस्ट्रेलिया के छह अलग-अलग शहरों का दौरा करेगी। पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में होगा, जबकि बाकी मैच क्रमशः कैनबरा के मनुका ओवल और एडिलेड ओवल में खेले जाएंगे।

यह भारत के लिए इस साल की पहली टी20 श्रृंखला होगी। भारत टी20 प्रारूप में विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर है, जबकि मेजबान ऑस्ट्रेलिया पहले नंबर पर हैं। वनडे विश्व कप चैंपियन बनने के बाद भारतीय टीम के हौसले बुलंद है लेकिन कप्तान हरमनप्रीत कौर को टीम से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की उम्मीद है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि वे (ऑस्ट्रेलिया) बहुत मजबूत टीम हैं, लंबे समय से अच्छा क्रिकेट खेल रही हैं। जब आप सही मानसिकता और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ खेलते हैं, तब ही आप अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकते हैं। हमारा लक्ष्य भी यही है कि हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दे।”

हरमनप्रीत ने कहा कि टी20 विश्व कप से पहले सभी श्रृंखला काफी अहम हैं। भारतीय टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ नई प्रतिभाओं का अच्छा मिश्रण है। वैष्णवी शर्मा और श्री चारानी को टीम में शामिल किया गया है, जबकि श्रेयंका पाटिल और भारती फुलमली की भी वापसी हुई है।

टी20 विश्व कप में पिछले दो आयोजनों में खासकर आखिरी ओवरों में तेजी से रन बनाने के मामले में भारत का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा था, फुलमली और विकेटकीपर रिचा घोष की मौजूदगी में टीम उस कमी की भरपाई करने की कोशिश  करेगी।

हरमनप्रीत ने कहा, “डब्ल्यूपीएल ने महिला क्रिकेट में बहुत बड़ा योगदान दिया है। सभी खिलाड़ी लय में हैं। हालात भारत से बिल्कुल अलग हैं, लेकिन ये परिस्थितियाँ हमें रास आती है।’’

हरमनप्रीत पर्थ में होने वाले दिन-रात्रि टेस्ट के लिए भी उत्साहित हैं।

उन्होंने कहा, “मैंने ऑस्ट्रेलिया में बहुत क्रिकेट खेली है और हमेशा आनंद लिया है। यहां क्रिकेट की संस्कृति अद्भुत है। हमारी टीम को भी यहां खेलना पसंद है। बहु प्रारूप श्रृंखला हमेशा रोमांचक होती है।”

ऑस्ट्रेलिया के लिए यह श्रृंखला खास महत्व रखती है, क्योंकि उनकी अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज एलिसा हीली इस श्रृंखला के बाद संन्यास लेंगी। नयी कप्तान सोफी मोलिनक्स टी20 अंतरराष्ट्रीय में पहली बार ऑस्ट्रेलिया की अगुवाई करेंगी।

ऑस्ट्रेलिया की टीम से लेग स्पिनर अलाना किंग को बाहर किया गया है।

टीमें:

भारत:  हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना , शेफाली वर्मा, रेणुका ठाकुर, श्री चारानी, वैष्णवी शर्मा, क्रांति गौड़, स्नेह राणा, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष, उमा छेत्री, अरुंधती रेड्डी, अमनजोत कौर, जेमिमा रोड्रिग्स, भारती फुलमली, श्रेयंका पाटिल।

ऑस्ट्रेलिया: सोफी मोलिनक्स (कप्तान), एशले गार्डनर , तहलिया मैकग्रा, डार्सी ब्राउन, निकोला कैरी, किम गार्थ, ग्रेस हैरिस, फोबे लिचफील्ड, बेथ मूनी, एलिस पेरी, मेगन शट, एनाबेल सदरलैंड, जॉर्जिया वोल, जॉर्जिया वेयरहम।

मैच: भारतीय समयानुसार दोपहर 1:45 बजे होगा।

तारिक का सामना करने के लिए अश्विन की भारत को सलाह, जब वह रुके तो बस क्रीज से दूर हट जाएं

नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने पाकिस्तान के ऑफ स्पिनर उस्मान तारिक की अनूठी साइड आर्म एक्शन से की गई गेंदों का सामना करने के लिए भारतीय बल्लेबाजों के लिए एक सरल सुझाव दिया है कि जब ‘वह गेंद फेंकने से पहले रुके तो बस क्रीज से दूर हट जाएं।’

तीस वर्षीय तारिक की रुक-रुक कर गेंदबाजी करने की शैली काफी चर्चा में है। उन्होंने अब तक केवल चार टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं और प्रति ओवर छह रन से भी कम के इकॉनमी रेट से 11 विकेट लिए हैं।

भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार को होने वाले मैच में वह प्रेमदासा स्टेडियम की धीमी पिच पर निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल ‘ऐश की बात’ पर कहा, ‘‘अगर गेंदबाज़ गेंद फेंकने से पहले थोड़ा रुक जाता है, तो बल्लेबाज़ को दूर हटने का अधिकार है। वह कह सकता है कि ‘मुझे लगा कि वह रुक रहा है।’ यह एक दिलचस्प मामला होगा और अंपायर के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर देगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर मैं वहां होता तो मैं भी यही करता। मैच जीतने के लिए नियमों के दायरे में रहकर हर संभव प्रयास करना चाहिए। मैं बस इतना कहता कि मुझे नहीं पता कि वह गेंद कब छोड़ेगा और मैं एक तरफ हट जाता। अगर मैं हट जाता हूं, तो यह अंपायर की जिम्मेदारी होगी।’’

अश्विन ने कहा, ‘‘मैच के बीच में उस्मान तारिक पर पड़ने वाले दबाव की कल्पना कीजिए। यह एक अविश्वसनीय रोमांचक अनुभव होगा। वह उनकी टीम का तुरुप का इक्का है। जरा सोचिए अगर बल्लेबाज इस तरह की प्रतिक्रिया करता है तो वह क्या कर सकता है।’’

तारिक के अनोखे एक्शन को लेकर क्रिकेट जगत की अलग अलग राय है। अश्विन ने पहले उनका समर्थन किया था।

पाकिस्तान तारिक का इस्तेमाल बहुत कम कर रहा है। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन ने उनके गेंद फेंकने से पहले थोड़ी देर के लिए रुकने की शैली को अवैध करार दिया था जिसके बाद से वह क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बने हुए हैं।

मैं अब बदला हुआ इंसान हूं, चौबीसों घंटे मजाक नहीं करता: ईशान किशन

नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने स्वीकार किया कि अपने व्यक्तित्व में बदलाव ने उन्हें एक बेहतर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

किशन ने पिछले महीने भारतीय टीम में वापसी के बाद से पीछे मुड़कर नहीं देखा है। अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने संजू सैमसन को पीछे छोड़कर विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में टीम में अपनी जगह पक्की कर ली है।

इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने गुरुवार रात नामीबिया के खिलाफ 24 गेंदों में 61 रन बनाए और पावरप्ले में भारत को एक विकेट पर 86 रन तक पहुंचाया। अभिषेक शर्मा की अनुपस्थिति में खेली गई इस तूफानी पारी के चलते भारत ने टी20 विश्व कप के इतिहास में पावरप्ले में अपना सर्वोच्च स्कोर बनाया।

भारत की जीत के बाद किशन ने पत्रकारों को बताया कि एक व्यक्ति और क्रिकेटर के रूप में उनमें क्या बदलाव आया है। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब वह पहले की तरह मजाक नहीं करते। अतीत में अपने व्यवहार के कारण उन्हें केंद्रीय अनुबंध से हाथ धोना पड़ा था।

किशन ने कहा, ‘‘सच कहूं तो मुझे लगता है कि मैं अब काफी बदल गया हूं। मैं अब पहले की तरह बहुत अधिक मजाक नहीं करता। मुझे चुटकुले और इस तरह की चीज पसंद हैं लेकिन अब मैं हर समय ऐसा नहीं करता हूं और दो तीन घंटे के लिए ही ऐसा करता हूं।’’

किशन ने कहा, ‘‘मैं अभी सिर्फ बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग पर ध्यान दे रहा हूं, जिससे टीम और मुझे दोनों को फायदा होगा। बाकी सब चीजें गौण हैं, इसलिए मैं हमेशा मजाक नहीं करता।’’

बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने बड़े शॉट खेलने में अधिक निरंतरता हासिल कर ली है। गुरुवार को उन्होंने जेजे स्मिट के एक ओवर में चार छक्के जड़े।

जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके बल्लेबाजी के तरीके में कोई बदलाव आया है जिससे उन्हें अधिक खुलकर बल्लेबाजी करने की छूट मिल रही है, तो किशन ने कहा कि वह कभी-कभी एक दो रन भी लेते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ मैं एक दो रन भी लेता हूं और अच्छी गेंदों को पूरा सम्मान भी देता हूं। लेकिन मुझे नहीं पता कि मैंने इसके लिए बहुत ज्यादा मेहनत की है। मैंने जल्दबाजी करने या उत्साहित होकर शॉट खेलने के बजाय इसे सरल रखा।’’

किशन ने कहा, ‘‘मैं पिच पर शांत रहने और गेंद पर नजर रखने की कोशिश कर रहा हूं। मैं उन शॉट को खेलने की कोशिश कर रहा हूं जो मुझे पहले से आते हैं, लेकिन कभी-कभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आप उत्साहित हो जाते हैं और ऐसे शॉट खेल देते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मैं सिर्फ अपने उन शॉट को खेलने की कोशिश कर रहा हूं जिनमें मैं माहिर हूं और जो उस खास विकेट पर उपयुक्त हैं। इसलिए मैं बल्लेबाजी के बारे में ज्यादा नहीं सोच रहा हूं, न ही अतिरिक्त अभ्यास सत्रों में भाग ले रहा हूं, बल्कि गेंद को देखने और विकेट पर शांत रहने की कोशिश कर रहा हूं।’’

नामीबिया को रौंदने के बाद भी टीम इंडिया की 3 बड़ी टेंशन: पाकिस्तान से भिड़ंत से पहले सूर्या-गंभीर को सुलझानी होगी गुत्थी

स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 विश्व कप 2026 के अपने दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम ने नामीबिया को 93 रनों के बड़े अंतर से हराकर जीत तो दर्ज कर ली है, लेकिन इस प्रदर्शन ने कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर के लिए कुछ चिंताएं भी पैदा कर दी हैं। 15 फरवरी को पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले महामुकाबले से पहले टीम की तीन मुख्य कमजोरियां खुलकर सामने आई हैं।

1. स्पिन के खिलाफ मिडिल ऑर्डर का संघर्ष: नामीबिया के खिलाफ मैच में भारतीय बल्लेबाज मिडिल ओवरों में स्पिन गेंदबाजी के सामने जूझते नजर आए। नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने अपनी फिरकी का जादू दिखाते हुए 4 ओवर में मात्र 20 रन देकर भारत के 4 महत्वपूर्ण विकेट झटके। पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले मैच में स्पिन की यह कमजोरी टीम इंडिया के लिए घातक साबित हो सकती है।

2. डेथ ओवरों में बल्लेबाजी का ढहना: एक समय भारतीय टीम बेहद मजबूत स्थिति में थी और 16 ओवर के बाद स्कोर 4 विकेट पर 184 रन था, जहाँ से 225 का स्कोर पार करना आसान लग रहा था। लेकिन आखिरी 4 ओवरों में भारतीय बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और टीम ने मात्र 25 रन जोड़कर अपने 5 विकेट गंवा दिए। अंत में भारत 209 रन ही बना सका।

3. अर्शदीप सिंह का महंगा स्पेल: टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के सबसे सफल गेंदबाज माने जाने वाले अर्शदीप सिंह इस मैच में अपनी लय में नहीं दिखे। उन्होंने नई गेंद के साथ काफी रन लुटाए और 3 ओवर के कोटे में 36 रन खर्च कर दिए। नामीबियाई बल्लेबाजों ने उनके खिलाफ आसानी से रन बनाए, जो टीम प्रबंधन के लिए सोच का विषय है।

T20 वर्ल्ड कप 2026: भारत ने नामीबिया को बुरी तरह रौंदा, ईशान किशन और हार्दिक पंड्या के तूफान में उड़ी विपक्षी टीम

स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम का शानदार प्रदर्शन जारी है। अपने दूसरे मैच में भारत ने नामीबिया को एकतरफा अंदाज में हरा दिया है, जिससे सुपर-8 में उसकी जगह लगभग पक्की हो गई है। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 209 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में नामीबिया की पूरी टीम महज 116 रनों पर ढेर हो गई।

ईशान किशन और हार्दिक का विस्फोटक प्रदर्शन: भारत की इस धमाकेदार जीत के हीरो ईशान किशन और हार्दिक पंड्या रहे। सलामी बल्लेबाज ईशान किशन ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए महज 20 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और कुल 24 गेंदों में 61 रन बनाए। वहीं, हार्दिक पंड्या ने भी बल्ले से अपना जोर दिखाते हुए 27 गेंदों में अर्धशतक जड़ा और 52 रनों की पारी खेली। गेंदबाजी में भी हार्दिक ने 2 विकेट अपने नाम किए। संजू सैमसन ने भी विस्फोटक शुरुआत की और 22 रन बनाए, जबकि तिलक वर्मा ने 25 रनों का योगदान दिया।

गेंदबाजों का जलवा, वरुण चक्रवर्ती की जादुई फिरकी: गेंदबाजी के मोर्चे पर वरुण चक्रवर्ती ने नामीबियाई बल्लेबाजों को अपनी उंगलियों पर नचाया। उन्होंने अपनी पहली ही गेंद पर विकेट लेने के साथ-साथ महज 12 गेंदों में 7 रन देकर 3 विकेट झटके। अक्षर पटेल और हार्दिक पंड्या ने 2-2 विकेट हासिल किए, जबकि अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे और जसप्रीत बुमराह को 1-1 विकेट मिला। नामीबिया की ओर से केवल उनके कप्तान गेरहार्ड एरसमस ने संघर्ष दिखाया और 4 विकेट चटकाए।

पाकिस्तान से होगा अगला महामुकाबला: यूएसए और नामीबिया को हराने के बाद टीम इंडिया अब ग्रुप ए में टॉप पर है। भारत का अगला मुकाबला चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के साथ 15 फरवरी को कोलंबो में खेला जाएगा। इस बड़ी जीत ने आगामी हाई-वोल्टेज मैच से पहले भारतीय टीम के मनोबल को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।

अफगानिस्तान के खिलाड़ियों ने पीएसएल नीलामी से नाम वापस लिए

कराची, 12 फरवरी (भाषा) अफगानिस्तान के खिलाड़ियों ने पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) के 11वें चरण से पहले हुई खिलाड़ियों की नीलामी से अपने नाम वापस ले लिए।

पीएसएल में यह नीलामी पहली बार कराई गई थी। एक फ्रेंचाइजी के मालिक ने शुरू में पुष्टि की थी कि मुजीबुर रहमान, सेद्दीकुल्लाह अटल, मुहम्मद नबी, वकार सलामखेल, फजल हक फारूकी जैसे खिलाड़ियों ने बुधवार को लाहौर में हुई नीलामी के लिए पंजीकरण कराया था।

लेकिन पेशावर जाल्मी द्वारा अफगानिस्तान के सलामी बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज से सीधा करार करने पर हुए विरोध के बाद उन्होंने अपने नाम वापस ले लिए।

हालांकि पीएसएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सलमान नसीर ने कहा कि अफगानिस्तान के कुछ खिलाड़ी नीलामी ‘रोल’ में थे लेकिन किसी फ्रेंचाइजी ने उन्हें नहीं चुना।

नसीर ने दावा किया, ‘‘नीलामी में कुछ अफगानिस्तानी खिलाड़ी थे लेकिन किसी भी फ्रेंचाइजी ने उन्हें नहीं खरीदा। ’’

लेकिन नसीर ने कहा कि दोनों देशों के बीच खराब रिश्तों का असर नीलामी पर दिखा। उन्होंने कहा, ‘‘ पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच खराब रिश्तों की वजह से जाल्मी के गुरबाज को शामिल करने से काफी आलोचना हुई। गुरबाज ने पीएसएल से हटने का फैसला किया। इसलिए अन्य खिलाड़ियों ने भी आलोचना से बचने के लिए हटने का फैसला किया। ’’

पिछले साल जब पाकिस्तानी सेना ने आतंकवादियों को निशाना बनाने के बहाने अफगानिस्तान के कुछ खास इलाकों में हवाई हमले किए थे, तब से दोनों देशों के बीच रिश्ते खराब हो गए हैं।

अफगानिस्तान के कई खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया पर पाकिस्तान सरकार पर गुस्सा निकाला था।