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राहुल का वित्त मंत्री को पत्र, पूर्व सैनिकों के लिए ईसीएचएस और दिव्यांग पेंशन पर कदम उठाने के आग्रह
नयी दिल्ली, 28 फरवरी (सत्ता संदेश) लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) के लिए प्रयाप्त बजट का आवंटन और विकलांगत पेंशन पर आयकर की छूट को बहाल किया जाए।
 कांग्रेस नेता ने वित्त मंत्री को 25 फरवरी को यह पत्र लिखा और यह उल्लेख किया कि पूर्व सैनिक इन दोनों मामलों के कारण मुश्किल का सामना कर रहे हैं।
 उन्होंने कहा, "भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना आज धन की कमी के संकट का सामना कर रही है। चिकित्सा बिल के रूप में 12,000 करोड़ रुपये से अधिक लंबित हैं और अस्पताल भुगतान न करने के कारण इस योजना से बाहर निकल रहे हैं। पूर्व सैनिकों को कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अपनी जेब से भुगतान करने या यहां तक कि इलाज में देरी के लिए मजबूर किया जा रहा है। जिन लोगों ने देश की सेवा की वे संकट की घड़ी में खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।"
 उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि इसके अलावा, वित्त विधेयक 2026 में सैनिक को सेवा में बनाए रखने पर दिव्यांग पेंशन पर कर लगाने का प्रस्ताव है।
 राहुल गांधी ने कहा, " 1922 के बाद यह पहली बार है कि दिव्यांग पेंशन पर कर लगाया जा रहा है। यह पेंशन उन सैनिकों को राहत प्रदान करने के लिए है जो घायल हो जाते हैं और इसे आय के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। इसके अलावा, जब कोई दिव्यांग सैनिक सेवा में बने रहने का विकल्प चुनता है या उससे अनुरोध किया जाता है तो वह चोट के बावजूद निस्वार्थ भाव से भारत की सेवा करता है।’’
 कांग्रेस नेता ने कहा कि जिस चीज़ की प्रशंसा की जानी चाहिए उस पर कर लगाना अपमानजनक है।
 कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘‘पूर्व सैनिकों के एक प्रतिनिधिमंडल से मेरी मुलाकात हुई और उन्होंने इन मुद्दों की ओर मेरा ध्यान आकर्षित किया। अपनी ही सरकार द्वारा अपमानित किए जाने की उनकी भावनाओं को सुनना दुखद था।"
 राहुल गांधी ने कहा, "मुझे यकीन है कि आप इस बात से सहमत होंगी कि सशस्त्र बलों में सेवा करने वाले हमारे भाई-बहन कृतज्ञ राष्ट्र के हर सहयोग के पात्र हैं। इसलिए, मैं आपसे पर्याप्त बजट समर्थन के साथ सभी लंबित ईसीएचएस देनदारियों को चुकाने और दिव्यांग पेंशन पर पूर्ण आयकर छूट बहाल करने का आग्रह करता हूं।"
पंजाब: ‘मेरा पति’ और ‘मेरा घरवाला’ की जंग; एक शख्स के लिए बीच सड़क भिड़ीं दो महिलाएं, बुलानी पड़ी पुलिस

पंजाब डेस्क: पंजाब के जलालाबाद से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति को अपना पति बताने के दावे को लेकर दो महिलाएं आपस में भिड़ गईं। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच जमकर हाथापाई (ढिसूम-ढिसूम) हुई, जिसके बाद मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी।

क्या है पूरा विवाद? यह घटना जलालाबाद के गांव ढाणी प्रेम सिंह की है। लुधियाना से आई रीना रानी नाम की एक महिला ने गांव के हरमेश सिंह को अपना पति बताते हुए उसके घर के बाहर डेरा डाल दिया। रीना का दावा है कि हरमेश पिछले कुछ महीनों से उसके साथ लुधियाना में रह रहा था।

रीना के अनुसार, वह तलाकशुदा है और अपने बच्चों को छोड़कर हरमेश के साथ रह रही थी। उसने आरोप लगाया कि हरमेश उसे अस्पताल में बीमार हालत में छोड़कर गांव भाग आया और उसका फोन उठाना बंद कर दिया। जब वह उसके घर पहुंची, तो वहां मौजूद हरमेश की पत्नी तोशा रानी के साथ उसका विवाद शुरू हो गया।

परिजनों और पुलिस का पक्ष:

तोशा रानी (पत्नी): हरमेश की गांव में रहने वाली पत्नी तोशा रानी ने बताया कि उसका पति लुधियाना में फैक्ट्री में काम करने गया था और उसे दूसरी शादी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

हरमेश का भाई: हरमेश के फौजी भाई ने स्पष्ट किया कि परिवार ने हरमेश को 2021 में ही घर से बेदखल कर दिया था और उनका उससे कोई लेना-देना नहीं है।

पुलिस कार्रवाई: गांव में तनावपूर्ण स्थिति और हंगामा देखते हुए स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है और जांच के बाद ही अगली कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हर बाहर से आया पंजाबी अपनी मातृभाषा से जुड़ा रहना चाहता है – गुरजतिंदर रंधावा


लुधियाना: २० फरवरी (सत्ता संदेश)
अमेरिका में रहने वाले जाने-माने पंजाबी पत्रकार, लेखक और विचारक गुरजतिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि बेशक, बाहर से आए लोगों को नौकरी के लिए इंग्लिश या दूसरी विदेशी भाषाएं बोलनी पड़ती हैं, लेकिन हर बाहर से आया पंजाबी अपनी मातृभाषा से जुड़ा रहना चाहता है और हमेशा जुड़ा रहता है। आज मालवा रंगमंच पंजाब की तरफ से आयोजित एक खास कार्यक्रम में पंजाबी लेखकों, कलाकारों और साहित्य प्रेमियों को संबोधित करते हुए श्री रंधावा ने कहा कि इस समय विदेशों में पंजाबी और पंजाबी भाषा पूरी तरह से बोली जाती है और हम उन विकसित देशों की हर चिंता में भागीदार हैं। रंधावा ने कहा कि यह गर्व की बात है कि दुनिया के बड़े एयरपोर्ट समेत कमर्शियल जगहों पर पंजाबी में बोर्ड लगे हैं। मिस्टर रंधावा ने इमोशनल होते हुए कहा कि हर पंजाबी इमिग्रेंट भी चाहता है कि उसके बच्चे अपनी मदर टंग पंजाबी, ज़मीन और कल्चर से जुड़े रहें और अपनी जड़ों से जुड़े रहें।
इवेंट के दौरान सभी का वेलकम करते हुए मालवा रंगमंच के सेक्रेटरी प्रोफेसर निर्मल जौड़ा ने कहा कि अपनी मेहनत और लगन की वजह से गुरजतिंदर सिंह रंधावा ने जर्नलिज़्म के फील्ड में एक अहम जगह बनाई है। प्रोफेसर निर्मल जौड़ा ने कहा कि हमारी भाषा हमें दुनिया में पहचान दिलाती है, जिसकी वजह से पंजाबियत का परचम दुनिया में लहरा रहा है। मालवा रंगमंच के सेक्रेटरी चेयरमैन प्रोफेसर जालौर सिंह खीवा ने कहा कि यह पंजाब के लिए सुकून की बात है कि विदेशों में हमारे इंटलेक्चुअल अपनी ज़मीन और कल्चर से जुड़े हुए हैं। मालवा रंगमंच ने गुरजतिंदर रंधावा को सम्मानित किया। रविंदर रंगूवाल ने सभी का थैंक यू कहा।
फोटो: मालवा रंगमंच पंजाब गुरजतिंदर सिंह रंधावा को सम्मानित करते हुए प्रोफेसर निर्मल जौड़ा और रविंदर रंगूवाल

पंजाबी फिल्मों ने हमारी संस्कृति को बचाए रखने और फैलाने में अहम भूमिका निभाई है – कृष्ण कुमार बावा


सनी की हिंदी फिल्म माता-पिता के सम्मान का संदेश देती है – मलकीत सिंह दाखा
लुधियाना: 19 फरवरी – (सत्ता संदेश) आज यहां प्रोफेसर मोहन सिंह मेमोरियल फाउंडेशन के अध्यक्ष राजीव कुमार लवली और चेयरमैन गुरनाम सिंह धालीवाल के नेतृत्व में पंजाबी फिल्म ‘सनी दी हनी’ के कलाकारों के लिए एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए पंजाब के पूर्व मंत्री मलकीत सिंह दाखा ने कहा कि सनी की फिल्म माता-पिता का सम्मान करने के बारे में है। यह एक संदेश देती है, इसलिए हमें युवा पीढ़ी के लिए इस प्रेरणादायक फिल्म के कलाकारों को बधाई देनी चाहिए। श्री दाखा ने कहा कि पंजाब के कलाकारों ने आज पूरी दुनिया में नाम कमाया है, जब हम हिंदी और अंग्रेजी फिल्मों का इस्तेमाल करते हैं, तो कई कलाकार पंजाब और पंजाबी मिट्टी से आए हैं। मालवा सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष कृष्ण कुमार बावा ने कहा कि पंजाबी फिल्मों ने हमारी संस्कृति को बचाए रखने और संदेश को फैलाने में अहम भूमिका निभाई है, इसी तरह यह फिल्म ‘सनी दी हनी’ एक सार्थक संदेश देने में सफल रही है। श्री बावा ने कहा कि इस फिल्म के नायक बीन जौजा और नायिका मुग्धा ने अपने अभिनय से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया है। मोੋਹੇ ਹਨ । इस भावी अवसर पर फिल्म के निर्देशक मनजिंदर सिंह के साथ-साथ फिल्म के नायक ‘बीन जौजा’ और अभिनेता रूपिंदर रूपी को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर फिल्म ‘सनी दी हनी’ का एक विशेष शो भी दिखाया गया। इस शो के बाद फाउंडेशन के अध्यक्ष राजीव कुमार लवली ने सभी का स्वागत किया और कहा कि हमें अच्छे सामाजिक संदेश देने वाली फिल्मों की जरूरत है। इसीलिए हम सनी की हिंदी फिल्म को जी आए कहते हैं। श्री लवली फिल्म के निर्माता, निर्देशक और निर्देशक हैं। कलाकारों की कड़ी मेहनत की प्रशंसा की और कहा कि यह फिल्म युवा पीढ़ी को अपने माता-पिता का सम्मान करना सिखाती है। एक संदेश देती है। महान लोक गायक श्री मुहम्मद सादिक और कनाडा से विशेष रूप से आए लोक गायक सतिंदरपाल सिंह सिधवां प्रोफेसर मोहन सिंह मेमोरियल फाउंडेशन के चेयरमैन गुरनाम सिंह धालीवाल ने कहा कि फाउंडेशन कलाकारों को शुरू से ही बढ़ावा देता है क्योंकि स. जगदेव सिंह जस्सोवाल ने पंजाबी की स्थापना की थी। हमेशा साहित्य और कलाकारों को संरक्षण दिया है। इस मौके पर उन्होंने मलकीत सिंह दाखा, मुहम्मद सादिक, कृष्ण कुमार बावा और कला प्रेमियों के एक ग्रुप से मुलाकात की। धन्यवाद दिया।
तस्वीर: प्रोफेसर मोहन सिंह मेमोरियल फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान सनी की हिंदी फिल्म आनंद का आनंद लेते हुए। श्री मुहम्मद सादिक, राजीव कुमार लवली, मलकीत सिंह दाखा, कृष्ण कुमार बावा और कला को सम्मानित करते हुए।

लुधियाना के कारोबारी से 1 करोड़ की फिरौती की मांग; विदेशी नंबर से आई जान से मारने की धमकी

लुधियाना: पंजाब के लुधियाना में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। ताजा मामला शहर के पॉश इलाके सराबभा नगर से सामने आया है, जहाँ एक कारोबारी को विदेशी नंबर से कॉल कर 1 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई है।

विदेशी नंबर से आया कॉल और मैसेज: शिकायतकर्ता गुरप्रीत सिंह ने पुलिस को बताया कि 10 फरवरी की शाम करीब 6:50 बजे उनके मोबाइल पर एक विदेशी नंबर (+1-619-606-0307) से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल कटने के तुरंत बाद उसी नंबर से एक मैसेज आया, जिसमें स्पष्ट रूप से 1 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। आरोपी ने चेतावनी दी है कि यदि पैसे नहीं दिए गए, तो कारोबारी और उसके पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा।

दहशत में परिवार, पुलिस ने शुरू की जांच : गुरप्रीत सिंह, जो पहले वाटर प्लांट चलाते थे, वर्तमान में लुधियाना में अकेले रहते हैं जबकि उनका परिवार विदेश में है। इस धमकी के बाद पीड़ित परिवार और इलाके में दहशत का माहौल है।

सराबभा नगर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और साइबर सेल इसकी गहनता से जांच कर रही है। पुलिस इस पहलू पर काम कर रही है कि क्या इसके पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर है या किसी शरारती तत्व ने विदेशी वर्चुअल नंबर का इस्तेमाल किया है।

लुधियाना: लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कुख्यात गुर्गा पंकज राजपूत गिरफ्तार; दिल्ली पुलिस ने लुधियाना में मारा छापा

पंजाब डेस्क : दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट से जुड़े कुख्यात गैंगस्टर पंकज राजपूत को लुधियाना के जमालपुर इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। कैटेगरी-बी का यह गैंगस्टर दिल्ली के एक बड़े कारोबारी से करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में वांछित था।

स्थानीय पुलिस को नहीं लगी भनक: हैरानी की बात यह है कि पंकज पिछले पांच दिनों से लुधियाना के पुनीत नगर में अपने एक रिश्तेदार के घर छिपा हुआ था, लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। जबकि पंजाब पुलिस महानगर में ‘ऑपरेशन प्रहार 2’ चला रही थी, दूसरे राज्य की पुलिस आकर इतने बड़े अपराधी को पकड़ ले गई।

अपराधिक इतिहास और विदेशी कनेक्शन: पंकज राजपूत का नाता अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टरों गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा से सीधा बताया जाता है। उस पर हत्या के प्रयास, रंगदारी, ड्रग्स और हथियारों की तस्करी जैसे करीब डेढ़ दर्जन संगीन मामले दर्ज हैं।

अमेरिका फरार हुआ था आरोपी: साल 2023 में जमानत पर बाहर आने के बाद पंकज चकमा देकर अमेरिका भाग गया था।नेटवर्क विस्तार: हाल ही में भारत लौटकर उसने पंजाब में अपना नेटवर्क दोबारा सक्रिय करना शुरू किया था और लुधियाना के दरेसी मैदान के आसपास अपना आधार बना रहा था।

ड्रग्स और हथियारों की तस्करी में संलिप्तता: पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, पंकज का नाम 1 किलो हेरोइन की बरामदगी और जगरांव मुठभेड़ जैसे मामलों से भी जुड़ा हुआ है। साल 2019 में जेल में रहने के दौरान भी उसके पास से मोबाइल मिला था, जिससे पता चलता है कि वह सलाखों के पीछे से भी अपना गिरोह चला रहा था।

अगली कार्रवाई: दिल्ली पुलिस अब आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ करेगी। माना जा रहा है कि पंकज की गिरफ्तारी से फिरौती और ड्रग सिंडिकेट से जुड़े कई बड़े नामों और स्थानीय मददगारों का पर्दाफाश हो सकता है। लुधियाना के अलावा संगरूर, फिरोजपुर और बठिंडा पुलिस भी पुराने मामलों में उससे पूछताछ की तैयारी कर रही है।

लुधियाना: शाही इमाम उस्मान पर ईंटों से हमला, दुकान विवाद में 3 पर FIR; आरोपियों की तलाश जारी

पंजाब डेस्क : पंजाब के लुधियाना में जेल रोड स्थित जामा मस्जिद के बाहर पंजाब के शाही इमाम सहित तीन लोगों पर जानलेवा हमला होने का मामला सामने आया है। हमलावरों ने शाही इमाम, मस्जिद के कार्यालय प्रबंधक मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी और एक अन्य व्यक्ति पर ईंटों से हमला कर उन्हें घायल कर दिया।

मरम्मत और दुकानों को लेकर विवाद: इस हिंसक घटना के पीछे मस्जिद परिसर में स्थित व्यावसायिक दुकानों को लेकर चल रहा विवाद बताया जा रहा है। मस्जिद कार्यालय के प्रभारी मोहम्मद मुजाहिद द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, 1 फरवरी को जब शाही इमाम मस्जिद में चल रहे मरम्मत कार्य की खुद निगरानी कर रहे थे, तब आरोपियों ने वहां पहुँचकर उनके साथ बदसलूकी की और उन पर ईंटें बरसानी शुरू कर दीं। पुलिस के अनुसार, आरोपी इन दुकानों पर अपना मालिकाना हक जता रहे हैं और मरम्मत कार्य के कारण यह विवाद बढ़ गया।

पुलिस की कार्रवाई और एफआईआर (FIR): डिवीजन नंबर 2 पुलिस स्टेशन ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की पहचान ब्राउन रोड निवासी ओबैद-उर-रहमान और उसके दो बेटों, अतीक-उर-रहमान और मोहम्मद अहमद के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिनमें शामिल हैं:

धारा 115(2): स्वेच्छा से चोट पहुँचाना।

धारा 126(2): गलत तरीके से रोकना।

धारा 332-सी: घर (परिसर) में जबरन घुसना।

धारा 351(2): आपराधिक धमकी देना।फिलहाल पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

पंजाब: भीषण सड़क हादसे में दो की मौत, आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर परिजनों ने हाईवे जाम किया

पंजाब डेस्क : पंजाब के जगरांव में सिधवां बेट रोड पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस द्वारा आरोपी की पहचान किए जाने के बावजूद उसकी गिरफ्तारी न होने से गुस्साए परिजनों ने जालंधर हाईवे पर धरना देकर रास्ता पूरी तरह जाम कर दिया है।

ओवरटेक करने के चक्कर में हुआ हादसा: यह दुर्घटना तब हुई जब गांव सदरपुरा निवासी बलराज सिंह (40) और उनके चाचा किशन सिंह (27) बाइक पर जगरांव की तरफ जा रहे थे। गांव लीला मेघ सिंह के पास एक तेज रफ्तार टाटा सफारी के चालक ने दूसरी गाड़ी को ओवरटेक करने के प्रयास में बाइक को सामने से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक चकनाचूर हो गई और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

परिजनों की चेतावनी: गिरफ्तारी तक नहीं होगा अंतिम संस्कार घटना के बाद आरोपी चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शाहकोट के गांव ईंदा निवासी लखविंदर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन अभी तक उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। परिजनों और ग्रामीणों ने दो टूक कहा है कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे शवों का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

पुलिस का किया कहना है : थाना सिधवां बेट के बाहर धरने पर बैठे लोगों को शांत करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की तलाश में छापेमारी जारी है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

लुधियाना सिविल हॉस्पिटल से पुलिस को चकमा देकर कैदी फरार, ओर फिर…

पंजाब डेस्क: लुधियाना सिविल हॉस्पिटल में सोमवार को उस समय भगदड़ मच गई जब एक कैदी पुलिस कस्टडी से फरार हो गया। यह कैदी बोस्टल जेल में बंद था और उसे मेडिकल जांच के लिए हॉस्पिटल लाया गया था।

भीड़ का फायदा उठाकर भागा: रीडर ब्रांच SSP ऑफिस खन्ना में तैनात ASI हरभजन सिंह ने बताया कि वह और उनकी टीम कुल 6 कैदियों को मेडिकल जांच के लिए हॉस्पिटल लाए थे। जब पुलिस वाले एक कैदी को इलाज के लिए ऑर्थोपेडिक डॉक्टर के पास ले जा रहे थे, तो हॉस्पिटल में मरीजों की भारी भीड़ थी। इसी भीड़ का फायदा उठाकर कैदी ने चालाकी से हथकड़ी से अपना हाथ निकाला और मौके से फरार हो गया।

पुलिस एक्शन और केस दर्ज: कैदी के भागने की खबर मिलते ही पुलिस डिपार्टमेंट में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए फरार कैदी की तलाश में जगह-जगह रेड शुरू कर दी है। ASI हरभजन सिंह के बयानों के आधार पर, आरोपी के खिलाफ इंडियन पीनल कोड (IPC) की धारा 262 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि पुलिस कस्टडी से कैदियों के भागने की घटनाओं को अक्सर सालाना रिपोर्ट में जेलब्रेक या कैदी भागने की कैटेगरी में रखा जाता है।

लुधियाना : लंगर में ‘गजरेला’ खाने के बाद 30 से ज़्यादा लोग बीमार, फ़ूड पॉइज़निंग के कारण अस्पताल में भर्ती

पंजाब डेस्क: लुधियाना के इयाली कला गांव में माघी त्योहार की खुशियां उस समय चिंता में बदल गईं जब स्थानक गुरुद्वारा साहिब में लंगर खाने के बाद दर्जनों लोगों की तबीयत बिगड़ गई। जानकारी के मुताबिक, गुरुद्वारा साहिब में आयोजित एक खास प्रोग्राम के दौरान बांटे गए ‘गजरेला’ को खाने के बाद करीब 30 से 40 लोग बीमार पड़ गए हैं।

उल्टी और दस्त की शिकायत: बुधवार को लंगर में गजरेला खाने के कुछ देर बाद ही लोगों को उल्टी, दस्त और चक्कर आने लगे। अस्पताल में भर्ती एक बुज़ुर्ग महिला मंजीत कौर ने बताया कि उन्होंने सुबह 8 बजे गजरेला खाया था और करीब 9 बजे उन्हें उल्टी होने लगी। पीड़ितों में बच्चे और बुज़ुर्ग शामिल हैं, जिन्हें इलाज के लिए पास के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

मेडिकल जांच में ‘ज़हरीले पदार्थ’ की आशंका: मामले की जानकारी देते हुए डॉ. मंदीप कौर ने कहा कि यह फ़ूड पॉइज़निंग का मामला है। उन्होंने आशंका जताई है कि तैयार किए गए गजरेले में कोई ज़हरीला पदार्थ हो सकता है, जिसकी वजह से लोगों की तबीयत इतनी तेज़ी से बिगड़ी है।

पुलिस ने जांच शुरू की: सराभा नगर पुलिस स्टेशन के SHO आदित्य शर्मा ने घटनास्थल का मुआयना किया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल सभी मरीज़ खतरे से बाहर हैं और उनके टेस्ट लगातार किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारी ने भरोसा दिलाया है कि जांच के दौरान अगर कोई लापरवाही पाई जाती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।