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Punjab Government ने श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को बड़े स्तर पर मनाने के लिए घोषित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत सोमवार को CT University में श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं और दर्शन को समर्पित एक विशेष सेमिनार आयोजित किया।

लुधियान /सत्ता संदेश

सेमिनार को संबोधित करते हुए दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने युवाओं से आह्वान किया कि वे श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को अपनाकर समाज से सामाजिक और आर्थिक असमानताओं को समाप्त करने में अग्रणी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी ने समानता, सार्वभौमिक भाईचारे और सामाजिक न्याय का संदेश दिया था, लेकिन आज भी शिक्षा और अर्थव्यवस्था सहित कई क्षेत्रों में भेदभाव और असमानता बनी हुई है।

आर्थिक असमानता का उल्लेख करते हुए सिसोदिया ने कहा कि भारत की 140 करोड़ आबादी में से करीब 40 प्रतिशत संपत्ति केवल 1.5 करोड़ लोगों के पास केंद्रित है, जबकि देश की 50 प्रतिशत आबादी के पास केवल 6 प्रतिशत संपत्ति है। उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था को “पूरी तरह जर्जर” बताते हुए युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए व्यापक सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे असमानता और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाएं और श्री गुरु रविदास जी के सपनों के समानतावादी समाज के निर्माण में योगदान दें, जहां किसी प्रकार का सामाजिक विभाजन या अन्याय न हो।

मनीष सिसोदिया ने कहा कि Punjab Government मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पूरे वर्ष ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर रही है ताकि गुरु साहिब के संदेश और दर्शन का प्रचार-प्रसार किया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है ताकि हर पंजाबी को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिल सकें। इस अवसर पर युवाओं के लिए मिस्ड कॉल अभियान (9090029090) भी शुरू किया गया।

इस दौरान पंजाब पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के सलाहकार दीपक बाली ने कहा कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को श्री गुरु रविदास जी के जीवन, शिक्षाओं और दर्शन से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार गुरु साहिब के आदर्शों के अनुरूप समावेशी समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।

संत केवल सिंह ने भी युवाओं से गुरु जी की शिक्षाओं को अपनाने की अपील की और कहा कि 650 वर्ष पहले दिए गए समानता और समान अवसर के संदेश को सभी को अपने जीवन में लागू करना चाहिए।

इस अवसर पर CT University के चांसलर चरणजीत सिंह चन्नी, प्रो-चांसलर डॉ. मनबीर सिंह, वाइस चेयरमैन हरप्रीत सिंह, एसडीएम वेस्ट कुलदीप बावा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

नशे की गिरफ्त में युवा पीढ़ी, लुधियाना में MLA ने मौके पर की कार्रवाई

लुधियान / सत्ता संदेश

लुधियाना के चंडीगढ़ रोड स्थित सेक्टर-32 की मेन मार्केट के पीछे उस समय हड़कंप मच गया, जब कुछ युवकों का एक समूह कथित रूप से नशा करते हुए पकड़ा गया। जानकारी के अनुसार, ये युवक इलाके में छिपकर नशे का सेवन कर रहे थे। इसी दौरान विधायक दलजीत सिंह अपने सुरक्षा कर्मियों के साथ वहां से गुजर रहे थे, तभी उनकी नजर इन युवकों पर पड़ी। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए विधायक और उनके सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई की और युवकों का पीछा किया। खुद को घिरता देख युवक मौके से भागने लगे और इधर-उधर छिपने की कोशिश करने लगे। हालांकि, सुरक्षा कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए सभी को काबू कर लिया।
इसके बाद मौके पर ही युवकों से पूछताछ की गई, जिसमें सामने आया कि सभी युवक अच्छे परिवारों से संबंध रखते हैं और कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं। इस खुलासे के बाद विधायक ने उन्हें कड़ी चेतावनी दी और भविष्य में नशे से दूर रहने की सख्त हिदायत दी। मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए और उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए, बिना किसी कानूनी कार्रवाई के सभी युवकों को छोड़ दिया गया। इस घटना के बाद इलाके में नशे के बढ़ते प्रभाव को लेकर एक बार फिर चिंता जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं पर सख्ती से रोक लगनी चाहिए, ताकि युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाया जा सके। लुधियाना से दिनेश राजपूत की रिपोर्ट

लुधियाना के अमन गोयल ने भूमाफिया द्वारा झूठे मुकदमे से राहत की मांग

इंडिपेंडेंट जांच करवा लें पुलिस कमिश्नर लुधियाना , ताकि भूमाफिया की मंशा हो जाये उजागर

लुधियाना- 13 अप्रैल 2026 निवासी अमन गोयल और उनकी पत्नी मेघा गोयल ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर और उनके परिवारजनों पर विपक्षी पक्ष ने मिलीभगत से झूठा मुकदमा दर्ज करवाया है, जबकि मामला पूरी तरह से दीवानी प्रकृति का है।

राहुल गोयल ने बताया कि मामला थाना सदर लुधियाना में दर्ज मुकदमा नंबर 0148 दिनांक 15 जुलाई 2025, धाराएं 406, 420 और 120-बी आईपीसी से जुड़ा है, जिसे कुलदीप कुमार बांसल ने “झूठी कहानी” बनाकर दर्ज करवाया है। उन्होंने दावा किया कि कुलदीप बांसल का उद्देश्य पुराना सौदा रद्द होने के बावजूद उनकी जमीन पर कब्जा करना है।

अमन गोयल के अनुसार, वर्ष 2012 में लगभग 8,972 वर्ग गज जमीन का सौदा हुआ था, जिसमें से विपक्षी पक्ष ने केवल 2,810 वर्ग गज जमीन का ही रजिस्ट्री कराया, बाकी हिस्से का भुगतान न कर पाने के कारण सौदा रद्द हो गया। उन्होंने कहा कि बाद में इसी जमीन को लेकर दीवानी मामले पहले से अदालत में लंबित हैं, जिनमें अगली सुनवाई जल्द ही तय है।

परिवार का आरोप है कि न केवल विपक्षी पक्ष बल्कि भूमाफिया की भूमिका निभा रहे कुछ डेवलपर्स भी उनकी लगभग 8,400 वर्ग गज जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। यहां तक कि करीब 6,000 वर्ग गज जमीन पर पहले ही जबरन दीवार खड़ी कर दी गई, जिस पर एक अन्य मुकदमा भी चल रहा है।

मेघा गोयल ने कहा, “यह मामला पूरी तरह से दीवानी है, कोई आपराधिक तत्व इसमें नहीं है। पुलिस को उच्च अधिकारी से निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और यह झूठा मुकदमा रद्द किया जाना चाहिए।”

पंजाब स्टेट कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन से की मुलाकात
  • क्लर्कों की मूल वेतन संबंधी मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

लुधियाना/ सत्ता संदेश

पंजाब स्टेट जिला (डी.सी. ऑफिस) कर्मचारी यूनियन की जिला इकाई, लुधियाना के प्रतिनिधिमंडल ने डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन से मुलाकात कर 17.07.2020 के बाद भर्ती हुए क्लर्कों को पहले से कार्यरत कर्मचारियों की तर्ज पर मूल वेतन देने की मांग रखी।

डिप्टी कमिश्नर कार्यालय, लुधियाना में फरवरी और मार्च 2023 के दौरान लगभग 70 क्लर्कों की नियुक्ति हुई थी। पंजाब सरकार के वित्त विभाग द्वारा जारी पत्र संख्या 7/42/2020-5FP1/741-746 दिनांक 17.07.2020 के अनुसार केंद्र सरकार के 7वें वेतन आयोग के आधार पर पंजाब राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत क्लर्कों का मूल वेतन 19,900 रुपये निर्धारित किया गया था। इसके तहत 17.07.2020 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों को 19,900 रुपये की निश्चित मूल वेतन मिलने लगी।

गौरतलब है कि 17.07.2020 से पहले भर्ती कर्मचारियों को 33,300 रुपये मूल वेतन मिल रहा है। यह मामला पहले ही CWP नंबर 15896 ऑफ 2023 (सौरभ शर्मा व अन्य बनाम पंजाब राज्य) में उठाया गया था, जिसका फैसला 13.09.2024 को आया था। इसके अलावा LPA नंबर 2977 ऑफ 2024, पंजाब सरकार व अन्य बनाम डॉ. सौरभ शर्मा व अन्य, का फैसला 10.12.2024 को सुनाया गया।

इन फैसलों में माना गया कि किसी भी कार्यकारी निर्णय (Executive Decision) के जरिए वैधानिक नियमों (Statutory Rules) के तहत मिलने वाले वेतनमान को कम नहीं किया जा सकता।

कर्मचारी यूनियन ने डिप्टी कमिश्नर के ध्यान में यह भी लाया कि माननीय अदालत के फैसले के बाद विभिन्न विभागों ने नए भर्ती क्लर्कों की बेसिक सैलरी 19,900 रुपये से बढ़ाकर 31,100 रुपये तय कर दी है।

यूनियन ने डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन से मांग की कि 17.07.2020 के बाद भर्ती हुए क्लर्कों, जिनकी बेसिक पे 19,900 रुपये है, की बेसिक पे बढ़ाकर 31,100 रुपये निर्धारित की जाए।

पंजाब निकाय चुनाव: कल से नामांकन प्रक्रिया शुरू, 26 मई को होगा मतदान

पंजाब डेस्क: पंजाब में नगर निगमों और नगर परिषदों के चुनाव के लिए अधिसूचना जारी होने के बाद चुनावी हलचल तेज हो गई है। राज्य चुनाव आयोग द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार, नामांकन की प्रक्रिया कल यानी बुधवार से शुरू हो जाएगी। उम्मीदवार 16 मई तक अपने नामांकन फॉर्म जमा कर सकेंगे।

चुनाव कार्यक्रम की मुख्य तिथियां:

नामांकन की अंतिम तिथि: 16 मई

-नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी): 18 मई

-नाम वापसी की अंतिम तिथि: 19 मई-मतदान (Voting): 26 मई

-नतीजों की घोषणा: 29 मई

प्रशासनिक तैयारियां और सुरक्षा: लुधियाना के डीसी और जिला चुनाव अधिकारी हिमांशु जैन ने बताया कि चुनाव के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पारदर्शिता और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लुधियाना जिले के खन्ना, समराला, पायल, जगराओं, रायकोट और दोराहा में अलग-अलग नामांकन केंद्र बनाए गए हैं।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी उम्मीदवारों से आदर्श चुनाव आचार संहिता का सख्ती से पालन करने की अपील की है और उन्हें सलाह दी है कि अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए अपने दस्तावेज़ समय रहते पूरे कर लें। 26 मई को होने वाले मतदान के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे।

इमान सिंह मान ने ‘वंदे मातरम’ और बेअदबी कानून को लेकर केंद्र और पंजाब सरकार की कड़ी आलोचना की।

पंजाब / सत्ता संदेश

अकाल तख्त साहिब पर इमान सिंह मान का कहना है कि सिखों पर मातृ पूजा थोपने का प्रयास किया जा रहा है।

श्री अकाल तक़्त साहिब पहुंचे शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के कार्यकारी अध्यक्ष इमान सिंह मान ने मीडिया से बात करते हुए केंद्र सरकार, पंजाब सरकार और एसजीपीसी के कामकाज पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा घोर अपमान भारत देश द्वारा किया जा रहा है, जहाँ सिखों पर “वंदे मातरम” थोपा जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस गीत में देश को माता और देवी-देवताओं के रूप में प्रस्तुत किया गया है। जो सिख धर्म के मानदंडों के विरुद्ध है। इमान सिंह मान ने कहा कि “राष्ट्रीय स्मारकों के अपमान की रोकथाम” अधिनियम के तहत, यदि बच्चे “वंदे मातरम” नहीं गाते हैं, तो उन्हें तीन साल की कैद और जुर्माना हो सकता है। उन्होंने इसे सिख धर्म के विरुद्ध एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने अनुच्छेद 25 का हवाला देते हुए कहा कि सिखों को पहले ही हिंदू के रूप में चित्रित किया जा चुका है, जबकि यह बात गुरु ग्रंथ साहिब में स्पष्ट रूप से लिखी है।— “न हिंदू, न मुसलमान।” ईमान सिंह मान ने कहा कि वह आज अकाल तक़्त साहिब के मुख्य ग्रंथी के पास यह स्पष्टीकरण लेने आए हैं कि सिखों के लिए माता की पूजा, मूर्ति पूजा और देवी-देवताओं की पूजा करना जायज़ है या नहीं।उन्होंने बेअदबी मामलों पर पंजाब सरकार के कानूनों और मुख्यमंत्री भगवंत मान की “शुकराना यात्रा” पर भी निशाना साधा।उन्होंने कहा कि सरकार ने समय पर एसजीपीसी चुनाव नहीं कराए और सिख गुरुद्वारा अधिनियम का उल्लंघन किया। उन्होंने कहा कि सरकार गुरुघरों के प्रबंधन में हस्तक्षेप कर रही है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर कर रही है।इमान सिंह मान ने कहा कि सिख समुदाय को देवी-देवताओं की पूजा की ओर धकेलने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका वह कड़ा विरोध करते हैं।

थाना जमालपुर पुलिस ने 200 ग्राम हैरोइन सहित दो नशा तस्कर किये गिरफ्तार।

सत्ता सन्देश / संजय भाटिया
लुधियाना, 11 मई : पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “युद्ध नशों के विरुद्ध” अभियान के तहत कमिश्नरेट पुलिस लुधियाना के थाना जमालपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान दो नशा तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कुल 200 ग्राम हेरोइन, एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा तथा नशा पैक करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 20 खाली पारदर्शी पाउच बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रगट सिंह निवासी बसंत नगर, लुधियाना तथा पृथ्वीराज सिंह उर्फ प्रिथी निवासी अटारी, जिला अमृतसर के रूप में हुई है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए थाना जमालपुर के एस.एच.ओ. सब इंस्पेक्टर दलबीर सिंह ने बताया कि एएसआई गुरमीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस द्वारा सरपंच कॉलोनी के पीछे ब्लाइंड स्कूल के पास नाकाबंदी और चेकिंग की जा रही थी।

उन्होंने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि प्रगट सिंह निवासी बसंत नगर, लुधियाना और पृथ्वीराज सिंह उर्फ प्रिथी निवासी अटारी, जिला अमृतसर नशा बेचने का धंधा करते हैं और अपने ग्राहकों को हेरोइन सप्लाई करने के लिए जमालपुर इलाके की तरफ आ रहे हैं।

सूचना के आधार पर नाकाबंदी कर दोनों आरोपियों को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान प्रगट सिंह के पास से 195 ग्राम हेरोइन तथा पृथ्वीराज सिंह उर्फ प्रिथी के पास से 5 ग्राम हेरोइन, एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक कांटा और 20 खाली पारदर्शी पाउच बरामद कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत थाना जमालपुर में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा तथा रिमांड के दौरान गहन पूछताछ कर नशा तस्करी से जुड़े अन्य लिंक के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।

ANTF की बड़ी कार्रवाई : 512 ग्राम हेरोइन समेत 3 तस्कर गिरफ्तार

लुधियाना / सत्ता संदेश

संवाददता: गुरमीत सिंह

पंजाब में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एएनटीएफ लुधियाना रेंज को बड़ी सफलता मिली है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 512 ग्राम हेरोइन बरामद की है। बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब ढाई करोड़ रुपये बताई जा रही है। मामले की जानकारी देते हुए सब इंस्पेक्टर पंकज भगत ने बताया कि एएनटीएफ को सूचना मिली थी कि अमृतसर जिले के कस्बा रईया के पास एक काले रंग की थार गाड़ी में कुछ लोग हेरोइन की सप्लाई देने जा रहे हैं। सूचना को पुख्ता मानते हुए पुलिस ने विशेष नाकाबंदी की और संदिग्ध थार को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान गाड़ी में सवार तीन लोगों के पास से 512 ग्राम हेरोइन बरामद हुई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान करमबीर उर्फ कालू निवासी तरनतारन, मनप्रीत उर्फ साहिल निवासी अमृतसर और साजनदीप उर्फ साजन निवासी तरनतारन के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी करमबीर के खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट और मारपीट के मामले दर्ज हैं। सब इंस्पेक्टर पंकज भगत ने नशा तस्करों को चेतावनी देते हुए कहा कि या तो वे नशा तस्करी का धंधा छोड़ दें, नहीं तो सलाखों के पीछे जाने के लिए तैयार रहें। उन्होंने बताया कि आरोपियों को अदालत में पेश कर तीन दिन का रिमांड हासिल किया गया है। रिमांड के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि आरोपी इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन कहां से लाते थे और किन लोगों को सप्लाई करते थे।

लुधियाना: बुड्ढा दरिया में प्रदूषण फैलाने वाली डेयरियों पर बड़ी कार्रवाई, संचालकों के खिलाफ FIR दर्ज

पंजाब डेस्क : पंजाब के लुधियाना में बुड्ढा दरिया को प्रदूषित करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस ने दरिया में गंदा पानी और अपशिष्ट छोड़ने के आरोप में कई डेयरी संचालकों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की है।

बिना ट्रीटमेंट के बहाया जा रहा था कचरा: लुधियाना अर्बन वाटर एंड वेस्ट वाटर मैनेजमेंट लिमिटेड (जोन-बी) के नोडल अफसर की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। शिकायत के अनुसार, कुछ डेयरियां अपने कचरे और अपशिष्ट को बिना किसी ट्रीटमेंट के सीधे दरिया में बहा रही थीं, जिससे पानी और वातावरण लगातार दूषित हो रहा है। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँच रहा है, बल्कि स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है।

इन डेयरियों पर गिरी गाज : पुलिस ने जिन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, उनमें प्रमुख रूप से पारस डेयरी, राकेश डेयरी, राम मिलन डेयरी, पाल डेयरी और हर्ष (कृष्ण लाल डेयरी कॉम्प्लेक्स) शामिल हैं। थाना डिवीजन नंबर 7 की पुलिस ने इनके खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 279 और नॉर्दर्न इंडिया कैनाल एंड ड्रेनेज एक्ट 1873 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

प्रशासन की चेतावनी : पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने अन्य उल्लंघन करने वाले डेयरी संचालकों की एक सूची भी तैयार की है, जिन पर आने वाले दिनों में सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

लुधियाना में नशेड़ी बेटे का खौफनाक कदम: मां से मांगे पैसे, इनकार पर पीट-पीटकर मार डाला; फिर रचा हार्ट अटैक का नाटक

पंजाब डेस्क : पंजाब के लुधियाना स्थित शिमलापुरी इलाके के बसंत नगर में सोमवार को एक कलयुगी बेटे ने ममता को शर्मसार कर दिया,। नशे के लिए पैसे न मिलने से नाराज 28 वर्षीय परविंदर सिंह ने अपनी 49 वर्षीय मां मनप्रीत कौर की गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी दिहाड़ी मजदूरी करता है और वह नशे का गंभीर आदी है।

नशे के लिए विवाद और बेरहम पिटाई : वारदात वाले दिन परविंदर ने अपनी मां से नशा खरीदने के लिए पैसों की मांग की थी। जब मां ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो आरोपी ने अपना आपा खो दिया और उनकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। पिटाई इतनी भयानक थी कि महिला की पसलियां टूट गईं और फेफड़ों तक को गंभीर चोट पहुँची। इसके बाद आरोपी ने गला दबाकर उनकी जान ले ली।

हार्ट अटैक की झूठी कहानी का भंडाफोड़: हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी खुद ही मां के शव को लेकर अस्पताल पहुँचा और डॉक्टरों को गुमराह करने के लिए बताया कि उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई है। हालांकि, डॉक्टरों को महिला के गले पर निशान देखकर संदेह हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। तीन डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा किए गए पोस्टमॉर्टम में यह साफ हो गया कि महिला की मौत हार्ट अटैक से नहीं, बल्कि बेरहमी से पिटाई और गला दबाने के कारण हुई थी।

पुलिस की सख्ती के आगे टूटा आरोपी : पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर डाबा थाना पुलिस ने परविंदर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में वह अपनी कहानी पर अड़ा रहा, लेकिन सख्ती बरतने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने हार्ट अटैक की कहानी इसलिए गढ़ी थी ताकि पुलिस पोस्टमॉर्टम न कराए और वह बच निकले। थाना डाबा के एसएचओ प्रमोद राज के अनुसार, आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।