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सरकार ने छत्तीसगढ़ में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) खरीद को मजबूत किया; आत्मनिर्भर मिशन के अंतर्गत बिहार में पहली बार संगठित तरीके से दलहन खरीद शुरू की


बिहार में 100 मीट्रिक टन से अधिक की खरीद की गई; एनसीसीएफ और एनएएफईडी के किसान संपर्क और खरीद बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने से छत्तीसगढ़ में परिचालन 12,000 मीट्रिक टन के पार पहुंचा

डिजिटल प्लेटफॉर्म, विस्तारित पीएसीएस नेटवर्क और सहकारी समितियों के नेतृत्व वाले खरीद अभियान से किसानों की भागीदारी और मूल्य समर्थन में वृद्धि दर्ज की गई

बिहार /सत्ता संदेश

भारत सरकार ने पीएम-आशा योजना के अंतर्गत खरीद कार्यों का काफी विस्तार किया है, जिसमें छत्तीसगढ़ में नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनसीसीएफ) और नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएएफईडी) ने केंद्रीय भूमिका निभाई है, साथ ही आत्मनिर्भर दलहन मिशन के अंतर्गत बिहार में पहली बार संरचित दलहन खरीद पहल शुरू की है।

एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, एनसीसीएफ ने बिहार में पहली बार मसूर (दाल) की संगठित खरीद शुरू की है, जो दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अहम कदम है। यह पहल केंद्रीय भंडारण निगम के सहयोग से संचालित डब्ल्यूडीआरए द्वारा अनुमोदित गोदामों के माध्यम से वैज्ञानिक भंडारण द्वारा समर्थित है।

22 अप्रैल 2026 तक बिहार में निम्नलिखित कदम उठाए गए:

  • 32,000 मीट्रिक टन (मसूर) की खरीद का लक्ष्य
  • 16 पीएसीएस/एफपीओ पंजीकृत
  • 59 किसानों को ऑनबोर्ड किया गया
  • 100.4 मीट्रिक टन की खरीद पूरी हुई

एनएएफईडी राज्य भर में अपने सहकारी नेटवर्क के माध्यम से मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत संचालन को बढ़ाने की तैयारी भी कर रहा है।

छत्तीसगढ़: एमएसपी खरीद संचालन का विस्तार

छत्तीसगढ़ में, ई-संयुक्ति पोर्टल के माध्यम से किसानों की डिजिटल भागीदारी और जमीनी स्तर पर संपर्क और दूरदर्शन के साथ जुड़ाव सहित व्यापक जागरूकता अभियानों के कारण पीएम-आशा के अंतर्गत खरीद में तेजी आई है।

वर्तमान में 85 पैक्स केंद्रों का एक नेटवर्क कार्यान्वित हैं, जिसमें धमतरी, दुर्ग, बालोद, बलौदाबाजार, रायपुर, रायगढ़ और सारंगढ़ जैसे जिलों में खरीद चल रही है। परिचालन का विस्तार सरगुजा, कोंडागांव और कोरिया तक करने की तैयारी है।

एनसीसीएफ का प्रदर्शन (22 अप्रैल 2026 तक):

  • खरीद लक्ष्य:
  • चना: 63,325 मीट्रिक टन
  • मसूर: 5,360 मीट्रिक टन
  • पंजीकृत किसान:
  • चना: 16,012
  • मसूर: 451
  • खरीद प्रक्रिया पूरी हुई:
  • चना: 9,032 मीट्रिक टन
  • मसूर: 7.98 मीट्रिक टन
  • किसानों को लाभ हुआ:
  • चना: 6,129
  • मसूर: 28

एनएएफईडी का प्रदर्शन (22 अप्रैल 2026 तक):

  • राज्य स्तरीय एजेंसियों के माध्यम से 137 केंद्र खोले गए।
  • अतिरिक्त प्रत्यक्ष केंद्र:
  • चना: 7
  • मसूर: 3
  • पंजीकृत किसान:
  • चना: 39,467
  • मसूर: 510
  • खरीद प्रक्रिया पूरी हुई:
  • चना: 3,850 मीट्रिक टन
  • मसूर: 109 मीट्रिक टन
  • किसानों को लाभ हुआ:
  • चना: 2,645
  • मसूर: 281

ये पहलें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) आधारित खरीद प्रणाली को मजबूत करने, किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने और उन्हें औपचारिक आपूर्ति श्रृंखलाओं में एकीकृत करने पर सरकार के निरंतर ध्यान को दर्शाती हैं। खरीद प्रणाली और डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार से पारदर्शिता, दक्षता और व्यापक पहुंच में और वृद्धि होने की आशा है।

एनसीसीएफ और एनएएफईडी दोनों राज्यों में अपने परिचालन को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा और मूल्य स्थिरीकरण में योगदान मिलेगा और साथ ही आत्मनिर्भर भारत पहल के उद्देश्यों को आगे बढ़ाया जा सकेगा।

युवाओं को नशे से बचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है – एसएसपी डॉ. दर्पण अहलूवालिया

खन्ना /सत्ता संदेश

एसएसपी के नेतृत्व में, “नशे के खिलाफ जंग” अभियान को नई दिशा मिली, स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय और मजबूत हुआ

एसएसपी डॉ. दर्पण अहलूवालिया ने समराला के सिविल अस्पताल स्थित नशामुक्ति केंद्र का दौरा किया

खन्ना पुलिस जिले ने नशा विरोधी अभियान को और तेज करते हुए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. दर्पण अहलूवालिया ने “नशा विरोधी जंग” अभियान के तहत आज समराला के सिविल अस्पताल स्थित नशामुक्ति केंद्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों से बातचीत की और उन्हें नशा से दूर रहने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर एसएसपी ने समराला के एसएमओ और स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारियों के साथ एक विशेष बैठक की। बैठक में मादक पदार्थों के उन्मूलन और पुलिस तथा स्वास्थ्य विभाग के बीच समन्वय को मजबूत करने की प्रभावी रणनीतियों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई केवल कानूनी कार्रवाई से नहीं जीती जा सकती, बल्कि उपचार और जागरूकता भी बहुत महत्वपूर्ण हैं।

एस.एस.पी. डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने कहा कि खन्ना पुलिस नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है और साथ ही नशा मुक्ति केंद्रों के माध्यम से मरीजों को दोबारा समाज से जोड़ने की कोशिश भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से बचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर एक संयुक्त योजना के तहत काम करने की बात कही, ताकि नशे की समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी भरोसा दिलाया कि वे इस अभियान में पूरा सहयोग देंगे और नशा मुक्ति सेवाओं को और बेहतर बनाया जाएगा। अंत में एस.एस.पी. ने लोगों से अपील की कि वे नशे के खिलाफ इस लड़ाई में पुलिस का साथ दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

इस दौरान मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. नवनीत कौर ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि नशा एक मानसिक और शारीरिक बीमारी है, जिसका इलाज संभव है, अगर मरीज को सही समय पर सही मदद मिले। उन्होंने बताया कि नशा छोड़ने वाले व्यक्तियों को केवल दवाइयों ही नहीं, बल्कि काउंसलिंग और पारिवारिक सहयोग की भी जरूरत होती है।

डॉ. नवनीत कौर ने जोर देकर कहा कि समाज को नशे के आदी लोगों का तिरस्कार नहीं करना चाहिए, बल्कि उनकी मदद करनी चाहिए, ताकि वे फिर से सामान्य जीवन जी सकें। उन्होंने ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान की सराहना करते हुए कहा कि हम सभी को इस मुहिम में सहयोग देना चाहिए।

BCM स्कूल के छात्रों का DPR0 कार्यालय दौरा, मीडिया कार्यप्रणाली की मिली जानकारी

लुधियाना / सत्ता संदेश

लुधियाना स्थित जिला जनसंपर्क कार्यालय (डीपीआरओ) में आज बी.सी.एम. आर्य मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के कक्षा 12 (पत्रकारिता) के 26 छात्रों के लिए एक विशेष मीडिया एक्सपोजर दौरे का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को मीडिया जगत की कार्यप्रणाली से परिचित कराना और उन्हें जनसंचार के क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था।

इस शैक्षणिक दौरे का समन्वय उप निदेशक प्रभदीप सिंह नथोवाल, जिला जनसंपर्क अधिकारी (डीपीआरओ) पुनीत पाल सिंह गिल तथा सहायक जनसंपर्क अधिकारी (एपीआरओ) जतिंदर कोहली और गुरमुख सिंह द्वारा किया गया। अधिकारियों ने छात्रों के साथ संवाद स्थापित करते हुए मीडिया के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार सरकारी नीतियों, योजनाओं और उपलब्धियों को आम जनता तक पहुंचाने में जनसंपर्क विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

अधिकारियों ने छात्रों को प्रेस विज्ञप्ति तैयार करने की प्रक्रिया, मीडिया समन्वय के तरीके और सूचना प्रसार की रणनीतियों के बारे में भी अवगत कराया। इस दौरान छात्रों को यह समझाया गया कि एक प्रभावी प्रेस नोट कैसे तैयार किया जाता है और उसे विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स तक कैसे पहुंचाया जाता है। साथ ही, डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर भी चर्चा की गई, जिससे छात्रों को आधुनिक मीडिया परिदृश्य की बेहतर समझ मिली।

दौरे के दौरान छात्रों ने जनसंपर्क विभाग के कार्यों को नजदीक से देखा और जाना कि किस प्रकार विभिन्न सरकारी गतिविधियों की जानकारी मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंचाई जाती है। छात्रों को मीडिया समन्वय, समाचार लेखन, और सरकारी संचार तंत्र की बारीकियों के बारे में व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई।

छात्रों ने इस अनुभव को बेहद उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि इस दौरे के माध्यम से उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए नई दिशा और प्रेरणा मिली है। कई छात्रों ने यह भी साझा किया कि अब वे मीडिया और जनसंचार के क्षेत्र को और गंभीरता से अपनाने के लिए उत्साहित हैं।

इस अवसर पर अधिकारियों ने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि पत्रकारिता एक जिम्मेदार पेशा है, जिसमें निष्पक्षता, सत्यता और समाज के प्रति जवाबदेही अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे अपने कौशल को निरंतर विकसित करें और बदलते मीडिया परिवेश के साथ खुद को अपडेट रखें।

यह मीडिया एक्सपोजर दौरा छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक साबित हुआ। इस पहल ने न केवल छात्रों को वास्तविक दुनिया के अनुभव से रूबरू कराया, बल्कि उन्हें पत्रकारिता और जनसंचार के क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं को समझने में भी मदद की।

मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना: लुधियाना से 25वीं बस रवाना, श्रद्धालुओं में उत्साह

लुधियाना/सत्ता संदेश

लुधियाना के दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना के तहत लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। इस जनकल्याणकारी योजना का लाभ उठाते हुए क्षेत्र के निवासी बड़ी संख्या में विभिन्न धार्मिक स्थलों की यात्रा कर रहे हैं।

इसी कड़ी में विधायक राजिंदरपाल कौर छीना ने तीर्थयात्रियों की 25वीं बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय गणमान्य व्यक्ति और पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। माहौल पूरी तरह भक्तिमय और उत्साहपूर्ण नजर आया, जहां श्रद्धालुओं के चेहरों पर खुशी और संतोष साफ झलक रहा था।

विधायक छीना ने इस मौके पर कहा कि पंजाब सरकार आम जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना का उद्देश्य उन लोगों को धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर प्रदान करना है, जो आर्थिक या अन्य कारणों से ऐसी यात्राएं नहीं कर पाते। यह योजना समाज के हर वर्ग तक पहुंच बनाकर सरकार और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत कर रही है।

उन्होंने आगे कहा कि अब तक दक्षिण लुधियाना क्षेत्र से 25 बसें तीर्थयात्रियों को लेकर विभिन्न पवित्र स्थलों के लिए रवाना हो चुकी हैं, जो इस योजना की लोकप्रियता और सफलता को दर्शाता है। विधायक ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में और अधिक लोग इस योजना का लाभ उठाएंगे।

इस दौरान श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। यात्रियों ने सरकार द्वारा दी जा रही इस सुविधा के लिए आभार व्यक्त किया और इसे एक सराहनीय पहल बताया। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि इस योजना के माध्यम से उन्हें पहली बार अपने पसंदीदा धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिल रहा है, जो उनके लिए एक यादगार अनुभव है।

श्रद्धालुओं ने भगवंत सिंह मान और विधायक राजिंदरपाल कौर छीना को दिल से आशीर्वाद देते हुए इस पहल की प्रशंसा की। उनका कहना था कि सरकार द्वारा चलाई जा रही ऐसी योजनाएं न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करती हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी फैलाती हैं।

कार्यक्रम के दौरान पूरी व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित की गई। यात्रियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाओं का ध्यान रखा गया, जिससे उनकी यात्रा सुरक्षित और आरामदायक बन सके। आयोजन में मौजूद अधिकारियों और स्वयंसेवकों ने भी अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया।

कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना के तहत आयोजित यह कार्यक्रम न केवल सफल रहा, बल्कि इसने लोगों के बीच सरकार के प्रति विश्वास और संतोष की भावना को भी और मजबूत किया। यह पहल आने वाले समय में और अधिक लोगों के जीवन में खुशी और आध्यात्मिक संतुलन लाने में अहम भूमिका निभाएगी।

लुधियाना NCC: 100% रिजल्ट के साथ JW कैडेट्स को ‘A’ सर्टिफिकेट वितरित, प्रशिक्षकों के लिए ओरिएंटेशन कैडर शुरू

राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) की 3 पंजाब गर्ल्स बटालियन, लुधियाना द्वा    रा जूनियर विंग (JW) कैडेट्स के लिए एक गरिमामय एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें NCC ‘A’ सर्टिफिकेट सफलतापूर्वक प्राप्त करने वाली कैडेट्स को औपचारिक रूप से प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर बटालियन के अधिकारियों, प्रशिक्षकों और कैडेट्स की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।

कार्यक्रम की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि यह रही कि NCC ‘A’ सर्टिफिकेट परीक्षा का परिणाम 100 प्रतिशत रहा। यह न केवल कैडेट्स की कड़ी मेहनत और अनुशासन को दर्शाता है, बल्कि प्रशिक्षकों के समर्पण, मार्गदर्शन और प्रभावी प्रशिक्षण प्रणाली का भी प्रमाण है। अधिकारियों ने इस सफलता को टीमवर्क, नियमित अभ्यास और सकारात्मक वातावरण का परिणाम बताया।

इस मौके पर कैडेट्स के चेहरे पर खुशी और गर्व साफ झलक रहा था। कई कैडेट्स ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि NCC प्रशिक्षण ने उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदारी की भावना विकसित की है। उन्होंने कहा कि यह सर्टिफिकेट उनके भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।

इसके साथ ही, बटालियन द्वारा 21 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक एक विशेष ओरिएंटेशन कैडर का भी आयोजन किया गया। इस कैडर का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षकों को NCC जूनियर विंग के सिलेबस में हुए नवीनतम बदलावों से अवगत कराना और उनके प्रशिक्षण कौशल को और अधिक सशक्त बनाना था। इस पहल के माध्यम से प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने का प्रयास किया गया।

ओरिएंटेशन कैडर के दौरान प्रशिक्षकों को विभिन्न महत्वपूर्ण और समकालीन विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। इनमें साइबर सुरक्षा, अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, जीवन कौशल, नैतिक एवं आचारिक मूल्य जैसे विषय प्रमुख रहे। विशेषज्ञों द्वारा इन विषयों पर व्याख्यान और व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए, जिससे प्रशिक्षकों को अद्यतन जानकारी प्राप्त हुई और वे इसे कैडेट्स तक प्रभावी ढंग से पहुंचा सकें।

विशेष रूप से साइबर सुरक्षा पर दिए गए प्रशिक्षण ने डिजिटल युग में बढ़ते खतरों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं अग्निवीर भर्ती से संबंधित जानकारी ने कैडेट्स और प्रशिक्षकों दोनों को भारतीय सशस्त्र बलों में करियर के नए अवसरों के बारे में जागरूक किया। स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर सत्रों ने व्यक्तिगत और सामुदायिक स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित किया।

जीवन कौशल और नैतिक मूल्यों पर आधारित प्रशिक्षण ने कैडेट्स के समग्र व्यक्तित्व विकास पर जोर दिया। इन सत्रों में अनुशासन, नेतृत्व, टीमवर्क और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे गुणों को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रशिक्षकों ने इस कैडर को अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर 3 पंजाब गर्ल्स बटालियन NCC, लुधियाना के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल आर.एस. चौहान ने कैडेट्स और प्रशिक्षकों को संबोधित करते हुए उनकी मेहनत और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि NCC न केवल युवाओं को अनुशासित बनाता है, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में भी तैयार करता है।

कर्नल चौहान ने यह भी कहा कि 100 प्रतिशत परिणाम हासिल करना एक बड़ी उपलब्धि है, जो बटालियन के उच्च प्रशिक्षण मानकों को दर्शाता है। उन्होंने प्रशिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे इसी तरह कैडेट्स को मार्गदर्शन देते रहें और उन्हें राष्ट्र सेवा के लिए तैयार करें।

इस पूरे आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षण ढांचे को और अधिक मजबूत बनाना तथा प्रशिक्षकों को आधुनिक और प्रभावी तरीकों से कैडेट्स को प्रशिक्षित करने के लिए सक्षम बनाना था। यह पहल न केवल वर्तमान कैडेट्स के लिए लाभकारी रही, बल्कि भविष्य में भी NCC की गुणवत्ता और प्रभाव को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी।

लुधियाना में गेहूं खरीद तेज करने के निर्देश, 609 करोड़ का भुगतान जारी: एडीसी पूनम सिंह

लुधियाना/ सत्ता संदेश

अतिरिक्त उपायुक्त (सामान्य) पूनम सिंह ने बुधवार को खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के अधिकारियों और सभी खरीद एजेंसियों को स्पष्ट दैनिक लक्ष्य निर्धारित करके अनाज मंडियों से गेहूं की ढुलाई में तेजी लाने का निर्देश दिया।
गेहूं खरीद की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पूनम सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन सुचारू और कुशल खरीद प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए ठोस प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार सुचारू खरीद, किसानों को समय पर भुगतान और निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार फसल की शीघ्र कटाई के लिए व्यवस्थाओं पर कड़ी निगरानी रख रही है।
उन्होंने बताया कि अब तक किसानों को गेहूं की खरीद के लिए कुल 609 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। जिले की मंडियों में 3,02,806 मीट्रिक टन गेहूं प्राप्त हुआ है, जिसमें से 2,87,700 मीट्रिक टन गेहूं विभिन्न खरीद एजेंसियों द्वारा खरीदा जा चुका है। उन्होंने खरीद एजेंसियों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की, लेकिन खरीदे गए गेहूं की ढुलाई में और तेजी लाने की आवश्यकता पर बल दिया।
अतिरिक्त उपायुक्त ने स्पष्ट कर दिया कि गेहूं की कटाई में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को गेहूं की कटाई योजनाबद्ध और कुशल तरीके से करने का निर्देश दिया ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
पंजाब सरकार की किसानों से एक-एक अनाज खरीदने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, उन्होंने आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन निर्बाध और समय पर खरीद सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगा।
दुनियाभर में बजेगा भारतीय रुपये का डंका! RBI ने अंतरराष्ट्रीयकरण के लिए पेश किया ‘मास्टर प्लान’

बिजनेस डेस्क: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने स्पष्ट कर दिया है कि उसका अंतिम लक्ष्य भारतीय रुपये को अंतरराष्ट्रीय व्यापार और विदेशी मुद्रा भंडार के लिए एक प्रमुख करेंसी बनाना है। हाल ही में करेंसी मार्केट में सट्टेबाजी और उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए उठाए गए सख्त कदम केवल तात्कालिक स्थिति को संभालने के लिए थे और इन्हें स्थायी नहीं माना जाना चाहिए।

सट्टेबाजी रोकने के लिए उठाए गए थे कदम : आरबीआई के डिप्टी गवर्नर टी. रवि शंकर ने बुधवार को स्पष्ट किया कि पिछले महीने उठाए गए कदम अत्यधिक सट्टेबाजी के कारण थे, न कि डॉलर के मुकाबले रुपये की मजबूती या कमजोरी की वजह से। उन्होंने कहा कि बाजार में कुछ गतिविधियों के कारण अमेरिकी डॉलर की कृत्रिम (artificial) कमी पैदा हो रही थी, जिसे नियंत्रित करना आवश्यक था।

बाजार की ताकतों पर निर्भर करेगा रुपये का भविष्य: रवि शंकर के अनुसार, भविष्य में रुपये का मूल्य बाजार की ताकतों (मांग और आपूर्ति) द्वारा निर्धारित होगा। केंद्रीय बैंक केवल तभी हस्तक्षेप करेगा जब उसे बाजार में अत्यधिक या अस्थिर करने वाला उतार-चढ़ाव दिखाई देगा। आरबीआई का दीर्घकालिक उद्देश्य एक ऐसा वैश्विक बाजार बनाना है जहां कोई भी उपयोगकर्ता, जिसे रुपये से जुड़ा जोखिम है, वह उपलब्ध वित्तीय उत्पादों का उपयोग कर सके।

अंतरराष्ट्रीयकरण के प्रति प्रतिबद्धता : आरबीआई ने हाल ही में रुपये के डेरिवेटिव्स पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों को आंशिक रूप से वापस लेना शुरू कर दिया है। डिप्टी गवर्नर ने दोहराया कि “नेट ओपन पोजिशंस” पर लगी सीमाओं को हटाना और रुपये का अंतरराष्ट्रीयकरण करना बैंक की प्राथमिकता है और एक बार स्थिति सामान्य होने पर कामकाज पहले की तरह उदार हो जाएगा।

लुधियाना में शुक्रवार रात 8 बजे ब्लैकआउट मॉक ड्रिल, प्रशासन ने पूर्ण सहयोग की अपील की

लुधियाना/सत्ता संदेश

पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) और अगर नगर पीएसपीसीएल डिवीजन के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में शुक्रवार को रात 8:00 बजे से 8:15 बजे तक ब्लैकआउट मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी।

हितधारकों के साथ बैठक के दौरान, सहायक आयुक्त पायल गोयल ने निवासियों से सभी प्रकार की बत्तियाँ बंद करके ब्लैकआउट अभ्यास का अनुपालन करने का आग्रह किया। नागरिकों को सचेत करने के लिए लगभग 7:55 बजे सायरन बजाया जाएगा और धार्मिक स्थलों से सार्वजनिक घोषणाएँ की जाएंगी। सायरन बजने के तुरंत बाद, पीएसपीसीएल बिजली आपूर्ति काट देगा।

ड्रिल पीएयू में अलार्म के साथ शुरू होगी और इसमें राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), अग्निशमन विभाग, जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, नागरिक सुरक्षा और एनसीसी सहित कई एजेंसियों के समन्वित प्रयास शामिल होंगे। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस अभ्यास का उद्देश्य वास्तविक आपातकालीन स्थिति का अनुकरण करना है।

सहायक आयुक्त ने इस बात पर जोर दिया कि यह अभ्यास किसी भी अप्रत्याशित आपात स्थिति के लिए एहतियाती उपाय है। निवासियों से अनुरोध किया गया है कि वे अभ्यास के दौरान जनरेटर, पावर बैकअप सिस्टम, टॉर्च, मोमबत्ती या माचिस का उपयोग न करके पूर्ण सहयोग करें और बिजली पूरी तरह बंद रखें।

लुधियाना के 70 प्रतिशत मतदाताओं का मिलान 2003 की मतदाता सूची से हो चुका है: पूनम सिंह
लुधियाना/सत्ता संदेश
अतिरिक्त उपायुक्त सह-अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी पूनम सिंह ने बुधवार को बताया कि लुधियाना के लगभग 70 प्रतिशत मतदाताओं का मिलान 2003 की मतदाता सूची से हो चुका है। उन्होंने मतदाताओं से इस चल रहे मानचित्रण कार्य में बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) को पूरा सहयोग देने की अपील की। 
बैठक की अध्यक्षता करते हुए सिंह ने बताया कि जिले में वर्तमान में कुल 2,696,474 मतदाता हैं, जिनमें से 1,868,074 (लगभग 70 प्रतिशत) मतदाताओं का मिलान 2003 की मतदाता सूची से बीएलओ द्वारा सफलतापूर्वक किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि शहरी निर्वाचन क्षेत्रों में एसआईआर प्रक्रिया से पहले की प्रगति 65 प्रतिशत से कम है और प्रक्रिया में तेजी लाने के प्रयास तेज किए जा रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि विधानसभा क्षेत्रों में बीएलओ अपने-अपने बूथों पर शिविर आयोजित कर रहे हैं ताकि काम में सुविधा हो सके। इसके अलावा, 2003 की मतदाता सूची से सटीक मिलान सुनिश्चित करने के लिए घर-घर जाकर सत्यापन किया जा रहा है।
ADC ने जिले के सभी मतदाताओं से भारत निर्वाचन आयोग की इस महत्वपूर्ण पहल में पूर्ण सहयोग करने और आवश्यकता पड़ने पर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
भारत निर्वाचन आयोग ने एसआईआर के लिए मतदाताओं को विभिन्न समूहों में वर्गीकृत किया है। पहचान और पते को प्रमाणित करने के लिए, मतदाताओं को आयोग द्वारा जारी 12 दस्तावेजों की सूची में से दस्तावेज जमा करने होंगे।
श्रेणी 'ए' में 38 वर्ष या उससे अधिक आयु के वे मतदाता शामिल हैं जिनके नाम 2003 की मतदाता सूची में पहले से ही दर्ज हैं। इन मतदाताओं को कोई दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं है।

श्रेणी 'बी' में 38 वर्ष या उससे अधिक आयु के वे मतदाता शामिल हैं जिनके नाम 2003 की मतदाता सूची में दर्ज नहीं हैं। ऐसे मतदाताओं को जनगणना प्रपत्र के साथ 12 स्वीकृत दस्तावेजों की सूची में से कोई एक दस्तावेज जमा करना होगा।
श्रेणी 'सी' में 21 से 37 वर्ष की आयु के वे मतदाता शामिल हैं जिनके माता या पिता में से किसी एक का नाम 2003 की मतदाता सूची में है। इन मतदाताओं को अपने स्वयं के दस्तावेजों में से एक के साथ उस अभिभावक के रिकॉर्ड की एक प्रति जमा करनी होगी जिसका नाम 2003 की मतदाता सूची में है।
श्रेणी 'डी' में 18 से 20 वर्ष की आयु के वे मतदाता शामिल हैं जिनके दोनों अभिभावकों के नाम 2003 की मतदाता सूची में मौजूद हैं। इन मतदाताओं को अपने स्वयं के दस्तावेज़ों में से एक के साथ-साथ दोनों माता-पिता के 2003 के मतदाता सूची रिकॉर्ड की प्रतियां जमा करनी होंगी।
श्रेणी E में 21 से 37 वर्ष की आयु के मतदाता शामिल हैं जिनके माता-पिता के नाम 2003 की मतदाता सूची में नहीं हैं। इन मतदाताओं को अपने स्वयं के दस्तावेज़ों में से एक और 12 दस्तावेज़ों की सूची में से किसी एक माता-पिता का एक दस्तावेज़ जमा करना होगा।
श्रेणी F में 18 से 20 वर्ष की आयु के मतदाता शामिल हैं जिनके माता-पिता में से किसी एक का नाम 2003 की मतदाता सूची में है। इन मतदाताओं को अपने स्वयं के दस्तावेज़ों में से एक, उस माता-पिता का एक दस्तावेज़ जिसका नाम 2003 की मतदाता सूची में नहीं है, और उस माता-पिता के रिकॉर्ड की एक प्रति जमा करनी होगी जिसका नाम 2003 की मतदाता सूची में है।
श्रेणी G में 18 से 20 वर्ष की आयु के मतदाता शामिल हैं जिनके माता-पिता के नाम 2003 की मतदाता सूची में नहीं हैं। इन मतदाताओं को अपने स्वयं के दस्तावेज़ों में से एक के साथ-साथ दोनों माता-पिता के लिए एक-एक दस्तावेज़ जमा करना होगा।
हरियाणवी एक्ट्रेस दिव्यांका सिरोही का 30 साल की उम्र में निधन, वायरल हुआ आखिरी डांस वीडियो

नेशनल डेस्क : प्रसिद्ध हरियाणवी अभिनेत्री और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर दिव्यांका सिरोही का 21 अप्रैल, 2026 को मात्र 30 साल की उम्र में निधन हो गया। खबरों के अनुसार, दिव्यांका की मृत्यु का कारण दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ना बताया गया है। उनके निधन की खबर से उनके प्रशंसकों और हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में शोक की लहर है। उनका अंतिम संस्कार उनके भाई हिमांशु सिरोही द्वारा किया गया।

कौन थीं दिव्यांका सिरोही? 19 नवंबर, 1996 को जन्मी दिव्यांका मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से BCA और सिक्किम से MBA की डिग्री प्राप्त कर चुकी थीं। वह मूल रूप से गाजियाबाद में अपने परिवार के साथ रह रही थीं। दिव्यांका ने अपने करियर में 50 से ज्यादा हरियाणवी गानों में काम किया और इंडस्ट्री के बड़े नाम जैसे मासूम शर्मा, अमित सैनी रोहतकिया और KD के साथ स्क्रीन शेयर की।

उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि TikTok पर उनके 5 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स थे और उनके एक वीडियो को 20 मिलियन से अधिक व्यूज मिले थे।

वायरल हुआ आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट: दिव्यांका के निधन के बाद उनका आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह ‘बरसाना मिला है’ गाने पर नीले और सफेद रंग के फ्लोरल प्रिंट वाले लहंगा-चोली में झूमती नजर आ रही हैं। उनके इस स्लो मोशन डांस वीडियो पर अब हजारों प्रशंसक कमेंट कर रहे हैं और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।