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लोकसभा की कार्यवाही नौ मार्च तक स्थगित

नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) लोकसभा में शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण प्रश्नकाल नहीं चल सका और सदन की बैठक एक बार के स्थगन के बाद नौ मार्च सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे आरंभ हुई तो पीठासीन सभापति संध्या राय ने आवश्यक कागजात सदन के पटल पर रखवाए और फिर 12 बजकर छह मिनट पर सभा की बैठक नौ मार्च तक के लिए स्थगित कर दी।

इससे पहले, विपक्षी सदस्यों ने हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग को लेकर हंगामा और नारेबाजी की जिसके कारण प्रश्नकाल नहीं चल सका तथा सदन की बैठक शुरू होने के पांच मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई थी।

बैठक शुरू होते ही पीठासीन सभापति संध्या राय ने पूर्व सांसद डॉ. भगवान दास राठौड़ के निधन की सूचना सदन को दी और सदस्यों ने कुछ पल मौन रखकर दिवंगत पूर्व सदस्य को श्रद्धांजलि दी।

इसके बाद जैसे ही पीठासीन सभापति ने प्रश्नकाल शुरू कराया, कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सदस्य केंद्रीय मंत्री पुरी के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाने लगे और आसन के समीप आ गए।

इस बीच कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने अपना पूरक प्रश्न पूछा जिसका जवाब स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने शोर-शराबे के बीच ही किया।

पीठासीन सभापति संध्या राय ने हंगामा कर रहे सदस्यों से अपने स्थान पर जाकर बैठने और कार्यवाही चलने देने की अपील की। हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने बैठक पांच मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों के बाद केंद्रीय मंत्री पुरी ने बुधवार को सफाई देते हुए कहा था उनकी मुलाकात जेफ्री एप्स्टीन से ‘‘कुछ मौकों पर’’ हुई थी, लेकिन उसके साथ हुई बातचीत का उन अपराधों से कोई लेना-देना नहीं था जिनमें अमेरिकी यौन अपराधी शामिल था।

राज्यसभा में खरगे ने कार्यस्थलों पर जाति आधारित भेदभाव को लेकर जताई चिंता
नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने बृहस्पतिवार को कार्यस्थलों पर जाति आधारित भेदभाव को लेकर उच्च सदन में चिंता जताई और सरकार से ऐसे मामलों की समयबद्ध जांच का आग्रह किया। 
 शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए खरगे ने कहा कि ओडिशा में एक समुदाय के लोग अपने बच्चों को दलित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा बनाए गये भोजन का सेवन नहीं करने दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के शारीरिक और संज्ञानात्मक विकास की नींव हैं। उन्होंने कहा, “ऐसा भेदभाव बच्चों के विकास को प्रभावित करेगा और यह संविधान के अनुच्छेद 21 ए के तहत दिए गए शिक्षा के अधिकार को भी प्रभावित करता है।”
खरगे ने कहा कि कार्यस्थलों पर जातिगत भेदभाव देश के कई हिस्सों में लगातार सामने आ रहा है। उन्होंने कहा, “यदि समय पर जांच की जाती, तो  ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था।” 
उन्होंने मध्यप्रदेश के एक मामले का भी जिक्र किया, जहां कुछ साल पहले एक व्यक्ति ने एक आदिवासी व्यक्ति पर कथित तौर पर पेशाब किया था। उन्होंने दावा किया कि गुजरात में पिछले साल एक दलित सरकारी अधिकारी ने जातिगत भेदभाव के कारण आत्महत्या कर ली थी।
खरगे ने कहा कि ये घटनाएं दर्शाती हैं कि जाति आधारित भेदभाव केवल सामाजिक और राजनीतिक जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि कार्यस्थलों में भी मौजूद है। ‘‘इसका प्रभाव लोगों की गरिमा, करियर में प्रगति और व्यक्तिगत सुरक्षा पर पड़ता है।’’
खरगे ने कहा कि किसी के भी खिलाफ जातिगत भेदभाव संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 17 का उल्लंघन है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जाए और समयबद्ध जांच की जाए।
अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में सरकार ने ‘भारत माता’ को बेच दिया : राहुल गांधी
नयी दिल्ली, 11 फरवरी (भाषा) लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यह बराबरी की शर्त पर नहीं किया गया और ‘‘सरकार को शर्म आनी चाहिए कि उसने भारत माता को बेच दिया है’’।
 उन्होंने केंद्रीय बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए दावा किया कि भारत-अमेरिका समझौते में देश के किसानों के हितों को कुचल दिया गया, जैसा आज से पहले किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया और आगे भी कोई नहीं करेगा।
  कांग्रेस नेता ने कहा कि बजट के समांतर अमेरिका के साथ व्यापार समझौता हुआ है।
 राहुल गांधी ने कहा, ‘‘अमेरिका और चीन के बीच मुकाबले में सबसे महत्वपूर्ण बात भारत का डेटा है। अगर अमेरिका महाशक्ति बने रहना चाहता है और डॉलर की रक्षा करना चाहता है तो अमेरिकियों के लिए भारत का डेटा बहुत महत्वपूर्ण है।’’
 कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘कुछ लोग कहते हैं कि जनसंख्या त्रासदी है, लेकिन मैं कहता हूं कि यह ताकत है।’’
 राहुल गांधी ने कहा कि अगर विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार होती और व्यापार समझौते की बात करती तो ‘‘हम अमेरिका के राष्ट्रपति से कहते कि आप के डॉलर की सुरक्षा करने की सबसे बड़ी पूंजी (डेटा) भारतीय लोगों के पास है।’’
 उन्होंने कहा, ‘‘हम बराबरी पर बात करते। हम कहते कि आप ऐसे बात नहीं कर सकते कि हम आपके नौकर हैं। हम अमेरिकी राष्ट्रपति से यह भी कहते कि हम अपने ईंधन की रक्षा करने जा रहे हैं। हम यह भी कहते हैं कि आप अपने किसानों की रक्षा करेंगे, लेकिन हम भी अपने किसानों की रक्षा करेंगे।’’
 कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत को पाकिस्तान के बराबर नहीं खड़ा किया जा सकता।
 उन्होंने कहा कि भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में शुल्क पहले तीन प्रतिशत के आसपास था, जो अब 18 प्रतिशत हो गया है यानी छह गुना बढ़ोतरी हो गई है।
 राहुल गांधी ने कहा, ‘‘वहीं, अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क 16 प्रतिशत से शून्य कर दिया गया।’’
 उन्होंने दावा किया, ‘‘अब यह होगा कि अमेरिका तय करेगा कि हम तेल किससे खरीदेंगे और भारत के प्रधानमंत्री मोदी फैसला नहीं करेंगे।’’
 उन्होंने दावा किया, ‘‘हमारे किसान तूफान का सामना कर रहे हैं...आपने हमारे किसानों को कुचले जाने का रास्ता खोला है। आपसे पहले किसी प्रधानमंत्री ने ऐसा नहीं किया और आगे भी कोई प्रधानमंत्री नहीं करेगा।’’
 उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते में ‘‘भारत को बेच दिया गया, मां (मदर) को बेच दिया गया, भारत माता को बेच दिया गया, जिस पर सरकार को शर्म आनी चाहिए।’’
 नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि ‘‘हमें अपने लोगों, डेटा, खाद्य आपूर्ति और ऊर्जा तंत्र की सुरक्षा करनी होगी।’’
 उन्होंने कहा कि बजट में इस बात को माना गया है कि ऊर्जा और वित्त को दुनियाभर में हथियार बनाया जा रहा है, लेकिन इस बारे में बजट में किसी कदम का उल्लेख नहीं है।
नरवणे ने अपनी किताब का लिंक 2023 में साझा किया था, वह झूठ नहीं बोलेंगे: राहुल
नयी दिल्ली, 10 फरवरी (भाषा) लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे की पुस्तक को लेकर एक प्रकाशक ने इसके प्रकाशित नहीं होने की बात की है, लेकिन खुद नरवणे ने 2023 में एक टवीट् करके अपनी पुस्तक को खरीदने की अपील करते हुए एक लिंक साझा किया था।
 राहुल ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा कि उन्हें नरवणे की बात पर भरोसा है तथा उनकी किताब में कुछ ऐसी बाते हैं जो सरकार तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को असहज कर सकती हैं।
   दिल्ली पुलिस ने नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है।
  उसने सोमवार को एक बयान में कहा था, ‘‘दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया मंच और ऑनलाइन समाचार मंचों पर प्रसारित हो रही उन सूचनाओं का संज्ञान लिया है जिनमें दावा किया गया है कि 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' नामक पुस्तक की एक प्रति सक्षम अधिकारियों से अनिवार्य मंजूरी के बिना प्रसारित की जा रही है।’’
राहुल गांधी ने इसी संदर्भ में कहा, ‘‘नरवणे का एक ट्वीट है जिसमें उन्होंने कहा है, “मेरी किताब का लिंक फ़ॉलो कीजिए। अब या तो नरवणे झूठ बोल रहे हैं, या ‘पेंगुइन’ (प्रकाशक) झूठ बोल रहा है। मुझे नहीं लगता कि पूर्व थलसेना प्रमुख झूठ बोलेंगे। पेंगुइन कहता है कि किताब प्रकाशित नहीं हुई है, लेकिन किताब अमेजन पर उपलब्ध है। जनरल नरवणे ने 2023 में ट्वीट किया है कि कृपया मेरी किताब ख़रीदिए। मैं पेंगुइन के बजाय नरवणे जी पर भरोसा करता हूं।’’
 उन्होंने सवाल किया कि क्या पेंगुइन पर नरवणे से ज़्यादा भरोसा किया जा सकता है?
     राहुल गांधी ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि नरवणे जी ने अपनी किताब में कुछ ऐसे बयान दिए हैं जो भारत सरकार और प्रधानमंत्री के लिए असुविधाजनक हैं। स्पष्ट है कि आपको यह तय करना होगा कि पेंगुइन सच बोल रहा है या पूर्व थलसेना प्रमुख।’’
      कांग्रेस नेता ने एक पोस्टर भी दिखाया, जिसमें भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का उल्लेख करते हुए यह दर्शाया गया है कि प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने झुक गए।
भाजपा समाज के कुछ लोगों का दुरुपयोग उसी समाज के खिलाफ करती : अखिलेश यादव
लखनऊ, सात फरवरी (भाषा) समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) किसी समाज के कुछ लोगों का दुरुपयोग, उसी समाज के खिलाफ करती है। 
   माना जा रहा है कि यादव ने यह टिप्पणी ओटीटी पर रिलीज होने वाली फिल्म ‘‘घूसखोर पंडत’’ के संदर्भ में की है। हालांकि उन्होंने प्रत्यक्ष रूप से फिल्म के नाम का जिक्र नहीं किया है।
राजधानी लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को फिल्म/वेब सीरीज ‘‘घूसखोर पंडत’’ के निदेशक और उनकी टीम के ख़िलाफ़ एक जाति विशेष (ब्राह्मण) को अपमानित करने और वैमनस्यता फैलाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी।

सपा अध्यक्ष यादव ने कहा कि वर्तमान में जिस फिल्म को लेकर मुद्दा बना है, उसके नाम का उल्लेख करना भी संभव नहीं है क्योंकि फ़िल्म का शीर्षक केवल आपत्तिजनक नहीं, बेहद अपनानजनक भी है। उन्होंने कहा कि उस फ़िल्म का नाम लिखने से भाजपा का उस समाज का तिरस्कार करने का उद्देश्य और भी अधिक पूरा होगा।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ भाजपा हमेशा से ये षड्यंत्र करती है कि वो किसी समाज के कुछ लोगों का दुरुपयोग, उसी समाज के खिलाफ करती है। इससे वो किसी समाज विशेष को लक्षित, चिह्नित , टारगेट करके अपमानित-आरोपित’ करती है।’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा कभी ये काम बयानबाज़ी से करती है और कभी बैठकों पर नोटिस देकर, कभी अपना पैसा लगाकर विज्ञापन, प्रचार सामग्री या फ़िल्म बनवाकर। और जब विवाद बढ़ जाता है तो गिरगिट की तरह रंग बदलकर घड़ियाली आंसू बहाती है और दिखावे के लिए सामने आकर झूठी कार्रवाई का नाटक करती है। सच तो ये है कि वो लक्षित किये हुए समाज विशेष को अपमानित-उत्पीड़ित देखकर मन-ही-मन बहुत ख़ुश होती है।’’
यादव ने उक्त फिल्म को नाम बदलकर भी रिलीज नहीं करने की मांग की।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा,‘‘जब निर्माताओं को आर्थिक हानि होगी, तभी ऐसी फ़िल्में बनना बंद होंगी क्योंकि पैसे के लालच में भाजपा का एजेंडा चलानेवाले भी भाजपाइयों की तरह पैसे को छोड़कर किसी और के सगे नहीं हैं। ये ‘रचनात्मक स्वतंत्रता’ या ‘क्रिएटिव लिबर्टी’ के हनन की बात नहीं है, ये ‘रचनात्मक समझ’ या कहिए ‘क्रिएटिव प्रुडेंस’ की बात है कि पूर्वाग्रह से ग्रसित जो फ़िल्म किस एक पक्ष की भावनाओं को, एक सोची-समझी साज़िश के तहत आहत करे वो मनोरंजन कैसे हो सकती है।’’
उन्होंने कहा,” और अगर उद्देश्य मनोरंजन नहीं है तो किसी एक समाज को बदनाम करने के एजेंडे के पीछे के एजेंडे का खुलासा भी होना ही चाहिए।’’
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने भी शुक्रवार को फ़िल्म ‘घूसखोर पंडत’ में ब्राह्मण समाज के कथित अपमान को लेकर निंदा करते हुए सरकार से मांग की थी कि इस जातिसूचक फिल्म पर केंद्र सरकार को तुरंत प्रतिबंध लगाना चाहिये।

देश की जनता कांग्रेस पर भरोसा नहीं करती, केवल बयानबाजी से राजनीतिक जमीन नहीं बनती : रीजीजू

पटना, सात फरवरी केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने शनिवार को बिहार के पटना में कहा कि देश की जनता कांग्रेस पर भरोसा नहीं करती, केवल बयानबाजी से राजनीतिक जमीन नहीं बनती।

राहुल गांधी ने एक बयान में नरेन्द्र मोदी को सत्ता से बाहर करने की बात कही थी, जिसपर रीजीजू ने यह प्रतिक्रिया दी।

रीजीजू ने कहा कि देश की जनता कांग्रेस पर भरोसा नहीं करती और लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद सबसे पुरानी पार्टी ने देश को कमजोर किया।

उन्होंने कहा कि अब जनता दोबारा उस दौर में लौटने के मूड में नहीं है और केवल बयानबाजी कर सुर्खियां बटोरने की कोशिशों से राजनीतिक जमीन नहीं बनती। केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास, डिजिटल अवसंरचना और वैश्विक मंच पर मजबूत पहचान के मामले में बड़ी छलांग लगाई है।

रीजीजू, बिहार विधानसभा के स्थापना दिवस कार्यक्रम में भाग लेने शनिवार को पटना आए थे।

उन्होंने इस मौके पर बिहार विधानसभा को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में शुरू किये जा रहे कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताया।

रीजीजू ने कहा कि विधानसभा का स्थापना दिवस केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा के कामकाज में डिजिटल मंच की शुरुआत से राज्य के सभी विधायकों को तकनीक की ताकत सीधे तौर पर मिलेगी और उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि होगी।

रीजीजू ने कहा कि तकनीक के माध्यम से विधायी कार्यों में नई गति आएगी, जनता से जुड़े मुद्दों पर निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी और नीति निर्माण में डेटा आधारित सोच को बढ़ावा मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री ने बिहार विधानसभा के सदस्यों को स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि यह पहल आने वाले वर्षों में राज्य की राजनीति और प्रशासनिक संस्कृति को नई दिशा देगी।

नेता प्रतिपक्ष का सिद्धरमैया, शिवकुमार के बीच ‘जंग’ का दावा; जीबीए चुनाव से पहले कांग्रेस पर निशाना

बेंगलुरु, सात फरवरी कनार्टक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने दावा किया है कि सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर ‘‘जंग’’ शुरू हो गई है।

उन्होंने कांग्रेस सरकार पर ‘‘कुशासन’’ का आरोप लगाते हुए भरोसा जताया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस साल के अंत में होने वाले ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण (जीबीए) के चुनाव में जीबीए के अंतर्गत आने वाले सभी पांच नगर निगमों में जीत हासिल करेगी।

अशोक ने शुक्रवार को दावा किया, ‘‘लड़ाई एक बार फिर शुरू हो गई है। डीके (शिवकुमार) बनाम सिद्धरमैया… मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए जंग शुरू हो गई है। यतींद्र सिद्धरमैया (मुख्यमंत्री के बेटे और एमएलसी) ने एक बार फिर यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया है कि उनके पिता पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब सभी कांग्रेस नेता और विधायक कह रहे हैं कि आलाकमान का फैसला अंतिम है तो यतींद्र का यह बयान दिखाता है कि वह आलाकमान किसे मानते हैं।’’

अशोक ने पत्रकारों के साथ बातचीत में दिल्ली में कांग्रेस के आलाकमान को ‘‘मृत, शक्तिहीन और मूल्यहीन’’ करार दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए संघर्ष फिर से शुरू हो गया है और विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद यह रोजाना जारी रहेगा।’’ उन्होंने जोर देकर कहा कि आगामी स्थानीय निकाय चुनाव में जनता कांग्रेस को उसके ‘‘कुशासन और कुप्रशासन’’ का सबक सिखाएगी।

भाजपा नेता कांग्रेस से विधान परिषद के सदस्य (एमएलसी) यतींद्र सिद्धरमैया के उस बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि पार्टी आलाकमान ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि राज्य में नेतृत्व में कोई बदलाव नहीं होगा और सिद्धरमैया पूरे पांच साल के कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री बने रहेंगे।

न्यायालय का बिहार चुनाव को चुनौती देने वाली जन सुराज पार्टी की याचिका पर विचार करने से इनकार

नयी दिल्ली, छह फरवरी उच्चतम न्यायालय ने पूर्व राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी द्वारा दायर उस याचिका को शुक्रवार को खारिज कर दिया, जिसमें आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के उल्लंघन के आधार पर 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव को रद्द करने का अनुरोध किया गया है।

पार्टी का आरोप था कि कर्ज में डूबी राज्य सरकार ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन कर चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 15,600 करोड़ रुपये बांट दिए, जिससे अन्य राजनीतिक दलों को समान अवसर नहीं मिल पाया।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जयमाल्या बागची की पीठ ने चुनाव हारने के बाद लोकप्रियता हासिल करने के लिए न्यायिक मंच का इस्तेमाल करने की कोशिश को लेकर पार्टी को फटकार लगाई और पटना उच्च न्यायालय जाने का निर्देश दिया। पीठ ने कहा कि यह मुद्दा केवल एक राज्य से संबंधित है।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘आपको कितने वोट मिले? जब लोग आपको नकार देते हैं, तो आप राहत पाने के लिए न्यायिक मंच का सहारा लेते हैं! किसी को तो उसी समय योजना को चुनौती देनी चाहिए थी। आप तो पूरे राज्य के चुनाव को अमान्य घोषित करने के लिए एक व्यापक निर्देश चाहते हैं।’’

पीठ ने कहा कि यह याचिका पूरे राज्य के लिए एक समग्र चुनाव याचिका के अलावा और कुछ नहीं है।

पीठ ने कहा, ‘‘चूंकि यह मामला सिर्फ एक राज्य से संबंधित है, इसलिए कृपया संबंधित उच्च न्यायालय में जाएं। कुछ मामलों में मुफ्त योजनाओं का गंभीर मुद्दा है, जिसकी हम गंभीरता से पड़ताल करेंगे।’’

पार्टी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सी.यू. सिंह ने कहा कि जिस योजना के तहत मतदाताओं को भुगतान किया गया था, उसकी घोषणा चुनाव से ठीक पहले की गई थी और भुगतान तब किया गया था जब चुनाव आचार संहिता लागू थी।

वरिष्ठ वकील ने कहा, ‘‘जब किसी राज्य में गंभीर राजकोषीय घाटा हो और योजना की घोषणा के बाद तुरंत 10,000 लोगों को भुगतान कर दिया जाए तो ऐसे में इससे यही अर्थ जाता है कि मानो इसे खैरात में बांटा जा रहा है। इतना ही नहीं, चुनाव आचार संहिता की घोषणा के तुरंत बाद 35 लाख से अधिक लाभार्थियों को इस योजना में नामांकित किया गया।’’

पीठ ने कहा, ‘‘प्रत्यक्ष हस्तांतरण योजनाएं अलग हैं। यह मामला महिला स्वयं सहायता समूहों से संबंधित है।’’

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने 243-सदस्यीय विधानसभा में 202 सीट जीतकर सत्ता बरकरार रखी और विपक्षी दलों के ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (‘इंडिया’) ने 35 सीट हासिल की, जबकि जन सुराज पार्टी (जेएसपी) का खाता भी नहीं खुल पाया तथा उसके अधिकतर उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। जन सुराज पार्टी ने बिहार में नये सिरे से चुनाव कराने का अनुरोध करते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया था।

याचिका में राज्य सरकार पर चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिला लाभार्थियों को 10-10 हजार रुपये हस्तांतरित करके चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया और संविधान के अनुच्छेद 324 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 के तहत कार्रवाई की मांग की गई।

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत राज्य की महिलाओं को स्वरोजगार और छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए 10,000 रुपये की प्रारंभिक आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

विस्थापित लोगों के मुद्दे नयी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं: मणिपुर के मुख्यमंत्री

मणिपुर मुख्यमंत्री विस्थापित

 इंफाल, छह फरवरी (भाषा) मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने कहा है कि उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता पर्वतीय और घाटी दोनों जिलों में जातीय हिंसा के कारण विस्थापित हुए लोगों की समस्याओं का समाधान करना है।

सिंह ने बृहस्पतिवार को पत्रकारों से कहा कि सरकार जल्द इन लोगों की उनके घरों में वापसी के लिए एक खाका तैयार करेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी पहली प्राथमिकता पर्वतीय और घाटी दोनों क्षेत्रों में विस्थापित लोगों की समस्याओं का समाधान करना है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे अपने घर वापस नहीं लौट पा रहे हैं। सरकार जल्द एक कार्ययोजना तैयार करेगी।’’

सिंह ने बुधवार को मणिपुर के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।विस्थापित लोगों के मुद्दे नयी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं: मणिपुर के मुख्यमंत्री

कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का फैसला किया

कांग्रेस बंगाल

नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को फैसला किया कि वह पश्विम बंगाल विधानसभा चुनाव में किसी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी और सभी 294 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

पार्टी नेतृत्व की पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई बैठक में यह फैसला किया गया।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास ‘10 राजाजी मार्ग’ पर हुई इस बैठक में खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रदेश प्रभारी गुलाम अहमद मीर, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शुभांकर सरकार, वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी और कई अन्य नेता शामिल हुए। कुछ नेता इस बैठक में डिजिटल माध्यम से भी जुड़े।

बैठक के बाद गुलाम अहमद मीर ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस बैठक में पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनाव से जुड़ी महत्वपूर्ण रणनीतिक चर्चा हुई। इसमें सभी नेताओं ने अपने सुझाव दिए हैं…पार्टी नेतृत्व ने सबकी बात सुनी और सामूहिक रूप से यह तय किया गया कि हम इस बार अकेले चुनाव लड़ेंगे।’’

उनका कहना था कि अलग-अलग दलों के साथ गठबंधन करने से जमीनी स्तर पर कांग्रेस का कार्यकर्ता हतोत्साहित हुआ है।

मीर का कहना था कि अब कांग्रेस के पदाधिकारी इसी फैसले के मद्देनजर प्रदेश में चुनाव की तैयारी करेंगे।

कांग्रेस ने वर्ष 2021 का विधानसभा चुनाव वाम दलों के साथ गठबंधन में लड़ा था और उसे एक भी सीट नहीं मिली थी।

पश्चिम बंगाल में आगामी अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव संभावित है।