AAP महिलाओं ने हरसिमरत बादल को घेरा, महिलाओं के सम्मान पर पूछे सवाल
मोगा / बाघापुराना / सत्ता संदेश
‘मां-बेटियों को इंसाफ दिलाओ, पंजाब बचाओ’ के बैनर तले शिरोमणि अकाली दल की ओर से बाघापुराना और मोगा की अनाज मंडी में धरने आयोजित किए गए। इन धरनों में अकाली दल की वरिष्ठ नेता और सांसद हरसिमरत कौर बादल ने हिस्सा लिया और पंजाब सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और नशे सहित कई मुद्दों को लेकर सवाल उठाए।
इसी दौरान आम आदमी पार्टी से जुड़ी महिलाओं ने हरसिमरत कौर बादल और अकाली दल के दावों पर सवाल खड़े किए। AAP से जुड़ी महिलाओं ने कहा कि वे धरने का विरोध करने या उसे रोकने के लिए नहीं आई हैं, बल्कि हरसिमरत कौर बादल से सवाल पूछने के लिए अपनी आवाज उठाने पहुंची हैं।
महिलाओं ने कहा कि अगर हरसिमरत कौर बादल महिलाओं के सम्मान और इंसाफ की बात कर रही हैं, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि अकाली दल की पिछली सरकारों के दौरान महिलाओं को कितना सम्मान मिला।
AAP महिलाओं ने दावा किया कि मौजूदा सरकार के दौरान महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में पहले की तुलना में अधिक सक्रिय रूप से हिस्सा लेने का अवसर मिला है। उनका कहना था कि आम आदमी पार्टी में छोटे से छोटे पद पर काम करने वाली महिलाओं के साथ भी सम्मानपूर्वक व्यवहार किया जाता है।
महिलाओं ने सरकार की ओर से महिलाओं के लिए चलाई जा रही आर्थिक सहायता योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार यह सहायता केवल आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि महिलाओं की घरेलू जरूरतों में सहयोग और सम्मान से भी जुड़ी हुई है। उनका दावा है कि इससे कई परिवारों को घरेलू खर्च चलाने में मदद मिल रही है।
महिला कोमल ने हरसिमरत कौर बादल से सवाल करते हुए कहा कि यदि वह महिलाओं के सम्मान की बात कर रही हैं, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि अकाली दल की सरकार के दौरान माताओं और बहनों को किस तरह का सम्मान मिला। उन्होंने दावा किया कि पहले की तुलना में अब बड़ी संख्या में महिलाएं राजनीतिक रैलियों और पार्टी गतिविधियों में खुलकर हिस्सा ले रही हैं।
वहीं महिला सुखविंदर कौर ने कहा कि वह किसी राजनीतिक दल के धरने का विरोध करने के लिए नहीं, बल्कि अपने सवाल रखने के लिए सड़कों पर आई हैं। उन्होंने हरसिमरत कौर बादल से महिलाओं से जुड़े मामलों में इंसाफ के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
AAP से जुड़ी महिलाओं ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और इंसाफ के मुद्दे पर अलग-अलग राजनीतिक दलों के दावों को जनता के सामने रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह हरसिमरत कौर बादल के धरने और उनके राजनीतिक रुख पर सवाल उठा रही हैं।
नोट: AAP से जुड़ी महिलाओं द्वारा लगाए गए आरोप और किए गए दावे उनके राजनीतिक पक्ष के बयान हैं। इन दावों पर अकाली दल या हरसिमरत कौर बादल की प्रतिक्रिया अलग से सामने आने पर उसे भी रिपोर्ट में शामिल किया जा सकता है।

