पंजाब के लोकतांत्रिक इतिहास पर जितिंदर पन्नू की शोध पुस्तक का लोकार्पण, डॉ. एस.एस. जोहल ने की अध्यक्षता
लुधियाना / सत्ता संदेश
प्रगतिशील लेखक संघ, लुधियाना की ओर से पंजाबी साहित्य अकादमी, लुधियाना में वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक जितिंदर पन्नू की शोध आधारित पुस्तक ‘पंजाब का लोकतांत्रिक इतिहास’ का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अर्थशास्त्री एवं पद्म भूषण डॉ. एस.एस. जोहल ने की।
कार्यक्रम में प्रगतिशील लेखक संघ के लुधियाना अध्यक्ष डॉ. गुलजार सिंह पंधेर ने अतिथियों और साहित्यकारों का स्वागत करते हुए आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। संघ के महासचिव जसवीर झाझ ने कहा कि जितिंदर पन्नू एक प्रख्यात पत्रकार होने के साथ-साथ शोधपरक लेखन के लिए भी जाने जाते हैं।
पुस्तक का परिचय देते हुए पंजाबी साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. गुरभजन सिंह गिल ने इसे एक महत्वपूर्ण संदर्भ दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि पुस्तक में लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े ऐसे प्रमुख व्यक्तित्वों और उनके योगदान को दर्ज करने का प्रयास किया गया है, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक आगे के विस्तृत शोध के लिए आधारभूमि का काम कर सकती है और विश्वविद्यालयों, समाजशास्त्रियों, योजनाकारों तथा राजनीतिक वैज्ञानिकों के लिए भी उपयोगी संदर्भ बन सकती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. एस.एस. जोहल ने कहा कि जितिंदर पन्नू ने पुस्तक में पंजाब के लोकतांत्रिक इतिहास का संक्षिप्त सार प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। यदि इसमें प्रत्येक व्यक्तित्व का विस्तृत विवरण शामिल किया जाता तो पुस्तक का आकार और भी बड़ा हो जाता। उन्होंने कहा कि पुस्तक आम पाठकों के साथ-साथ सरकारी अधिकारियों के लिए भी महत्वपूर्ण जानकारी का स्रोत बन सकती है।
पुस्तक के लेखक जितिंदर पन्नू ने कहा कि उन्होंने यह पुस्तक केवल पत्रकार होने के नाते नहीं, बल्कि पंजाब की लोकतांत्रिक पृष्ठभूमि को दर्ज करने की आवश्यकता महसूस करते हुए लिखी है। उन्होंने कहा कि समय के साथ पंजाबी समाज अपने लोकतांत्रिक अतीत और पहले रहे जनप्रतिनिधियों के योगदान को भूलता जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि आधिकारिक रिकॉर्ड में कई जगह गलतियां और अधूरी जानकारियां मिलती हैं, जिन्हें बाद के दस्तावेजों में भी दोहराया जाता रहा है।
पन्नू ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रताप सिंह कैरों के निधन के बाद हुए उपचुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी पत्नी सरदारनी राम कौर का नाम कई जगहों पर दर्ज नहीं मिलता। उनके अनुसार, ऐसी ऐतिहासिक जानकारियों को सामने लाना भी पुस्तक तैयार करने के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल रहा।
कार्यक्रम के अंत में प्रगतिशील लेखक संघ की वरिष्ठ उपाध्यक्ष सरदारनी इंद्रजीत पाल कौर भिंडर ने सभी उपस्थित लोगों का धन्यवाद किया।
इस अवसर पर प्राइम एशिया टीवी चैनल के सीईओ अमन खटकर, खालिद हुसैन, उपन्यासकार बलबीर परवाना, पंजाबी साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. रविंदर सिंह भठल, डॉ. निर्मल जोरा, डॉ. जगविंदर जोधा, गुरप्रीत सिंह तूर, के. साधु सिंह, प्रिंसिपल कृष्ण सिंह, डॉ. गुरइकबाल सिंह, तेज प्रताप सिंह संधू, बृज भूषण गोयल, राजदीप सिंह तूर, बरजिंदर कौर बिसराव, सुरिंदर दीप, हरविंदर थरीके, मलकियत सिंह औलख, तरलोचन झंडे, भगवान ढिल्लों, दलवीर लुधियानवी, हरीश मोदगिल, विजय, अश्वनी जेटली प्रेम, डॉ. तरलोचन सिंह, जनमेजा सिंह जोहल और डॉ. दुलचा सिंह बराड़ सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।

