टांडा में कांग्रेस का ‘लोकतंत्र के लिए काला दिवस’, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका
टांडा उड़मुड़ में संगत सिंह गिलजियां की अगुवाई में कांग्रेस ने लोकतंत्र के लिए काला दिवस मनाया। कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकाला और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए पुतला जलाया।
टांडा उड़मुड़ / सत्ता संदेश
टांडा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र के लिए काला दिवस मनाते हुए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कांग्रेस नेता संगत सिंह गिलजियां के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और उनका पुतला जलाकर रोष जताया।
प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस कार्यकर्ता पहले ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय में एकत्र हुए। इसके बाद उन्होंने शहर के विभिन्न रास्तों से होते हुए सरकारी अस्पताल चौक तक विरोध मार्च निकाला। यहां कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका।
चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
इस मौके पर संगत सिंह गिलजियां ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद चुनाव प्रणाली जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक योग्य नागरिक को बिना किसी भेदभाव के मतदान करने का अधिकार मिलना चाहिए और इस अधिकार की रक्षा करना चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है।
गिलजियां ने कहा कि मतदाता सूची में संशोधन एक जरूरी प्रक्रिया है, लेकिन इसमें पूरी पारदर्शिता और सावधानी बरती जानी चाहिए। यदि किसी योग्य मतदाता का नाम गलत तरीके से सूची से हटाया जाता है, तो उसके लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार केंद्र की मोदी सरकार के पक्ष में काम कर रहे हैं और इससे संवैधानिक पद की गरिमा प्रभावित हुई है। उन्होंने मांग की कि चुनाव प्रक्रिया में जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं और मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद से इस्तीफा दें।
कांग्रेस नेताओं ने संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों का मुद्दा उठाया
पूर्व मंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी संविधान, लोकतंत्र और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाती रही है। उन्होंने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और संविधान की मूल भावना की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही है।
गिलजियां ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने और विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेने तथा उनके खिलाफ मामले दर्ज किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों के प्रति लोगों को जागरूक करने की अपील की।
ये नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस विरोध प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष एडवोकेट दलजीत सिंह गिलजियां, गुरसेवक मार्शल, अवतार सिंह तारी, जतिंदरपाल सिंह झवर, बॉबी बुद्धिपिंड, लब्बा जहूरा, विजय पाल, परविंदर सहबाजपुर, बब्बी, रिंकू जाजा, मास्टर मलकीत सिंह, राकेश बिट्टू, राजेश लाडी, डिंपी खोसला, सुंदरी खोसला, डॉ. बलदेव राज, नंबरदार जगजीवन जग्गी, देस राज डोगरा विक्की, मस्तू, मनजीत सिंह सैनी, गोल्डी, प्रदीप कुमार, सिकंदर कुमार, रविंदरपाल सिंह गोरा, कुलदीप सिंह देहरीवाल, आशु वैद, हरप्रीत सिंह, जतिंदर सिंह, जसविंदर सिंह, रोहित, लकी सैनी, बिल्लू सैनी, कृष्ण बिट्टू, जसविंदर काका, सूबेदार नरिंदर सिंह, रणजीत कुमार नीटा और अनिल पिंका सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

