Yogi Government’s Farmer Scheme : यूपी में 80 लाख किसानों से धान खरीद, ₹1.03 लाख करोड़ का भुगतान
Yogi Government’s Farmer Scheme : CM योगी आदित्यनाथ के अनुसार, यूपी में 2017 से मार्च 2026 तक 80 लाख से अधिक किसानों से 519 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया और ₹1,03,833 करोड़ से अधिक का भुगतान हुआ।
लखनऊ / सत्ता संदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार किसानों को बीज से लेकर बाजार तक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले कर्ज और बिचौलियों की समस्याओं से जूझने वाले किसानों को अब उन्नत बीज, सिंचाई सुविधाओं, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में लंबे समय से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा किया गया है। उन्होंने बताया कि देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में उत्तर प्रदेश का योगदान 21 प्रतिशत है, जबकि प्रदेश की कृषि विकास दर 8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है। योगी आदित्यनाथ ने दुग्ध, गन्ना और गेहूं उत्पादन में भी उत्तर प्रदेश को देश में प्रथम स्थान पर बताया।

Yogi Government’s Farmer Scheme :
धान किसानों को ₹1,03,833 करोड़ से अधिक का भुगतान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि वर्ष 2017 से मार्च 2026 के बीच उत्तर प्रदेश में 80 लाख से अधिक किसानों से 519 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान की खरीद की गई। इसके बदले किसानों को ₹1,03,833 करोड़ से अधिक का सीधा भुगतान किया गया।
उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से इस बार भी धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 71 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। सरकार का उद्देश्य किसानों की मेहनत का सम्मान करना और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना है।
किसानों की खुशहाली सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने किसान को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की ताकत और समृद्धि का आधार बताया। उन्होंने कहा कि किसानों के अधिकारों की रक्षा करना और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, कृषि क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, सिंचाई परियोजनाओं, सरकारी खरीद और किसान कल्याण योजनाओं के माध्यम से किसानों को लाभ पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

