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MLA मनविंदर सिंह ग्यासपुरा को श्री अकाल तख्त साहिब सेक्रेटेरिएट में जाने से रोका

जत्थेदार के आदेश का दिया हवाला, कथित आपत्तिजनक बयानों पर माफी मांगने की मांग; ऐसा न करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

अमृतसर / सत्ता संदेश

श्री अकाल तख्त साहिब के सेक्रेटेरिएट में विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा को प्रवेश से रोके जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज के पीए जसकरण सिंह ने जातिगत भेदभाव के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विधायक को उनकी जाति के कारण नहीं, बल्कि जत्थेदार साहिब के आदेश पर रोका गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्यासपुरा ने पहले श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार और सम्मानित सिख हस्तियों एवं संस्थाओं के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक बयान दिए थे।

जसकरण सिंह ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब का सेक्रेटेरिएट किसी व्यक्ति के साथ उसके धर्म, जाति या सामाजिक पृष्ठभूमि के आधार पर भेदभाव नहीं करता। उनके मुताबिक, विधायक को प्रवेश से रोकने का फैसला उनके कथित बयानों के मद्देनजर लिया गया।

जातिगत भेदभाव के आरोपों पर क्या बोले जसकरण सिंह?

जसकरण सिंह ने अपने पक्ष में दलील देते हुए कहा कि विधायकों के प्रतिनिधिमंडल में दलबीर सिंह टोंग और कुलवंत सिंह पंडोरी भी शामिल थे, जिन्हें सम्मान के साथ अंदर बैठाया गया। उन्होंने दावा किया कि प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों की बात सुनी गई और उन्हें चाय भी पिलाई गई। उनके अनुसार, यह इस बात का प्रमाण है कि सेक्रेटेरिएट में जाति के आधार पर भेदभाव की कोई नीति नहीं है।

उन्होंने बताया कि 29 जून को विधायक श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचे थे, जहां बेअदबी से जुड़े कानून के मुद्दे पर चर्चा हुई थी। जसकरण सिंह के दावे के अनुसार, उस समय कानून की कमियों को दूर करने और श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से उठाई गई आपत्तियों पर विचार करने की बात कही गई थी। हालांकि, बाद में विधायक द्वारा मीडिया में दिए गए कुछ बयानों को उन्होंने आपत्तिजनक बताया।

प्रतिनिधिमंडल के आने की सूचना और प्रवेश को लेकर क्या कहा?

जसकरण सिंह के मुताबिक, विधायकों के प्रतिनिधिमंडल के आने की पूर्व सूचना और समय को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। उन्होंने बताया कि सुबह डीपीआरओ इंदरजीत सिंह हरपुरा का फोन आया था कि कुछ विधायक श्री अकाल तख्त साहिब के सेक्रेटेरिएट पहुंचेंगे।

उन्होंने कहा कि शुरुआत में प्रतिनिधिमंडल के आने का उद्देश्य स्पष्ट नहीं था। बाद में जानकारी मिली कि विधायक दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहिब में हुई घटना के संबंध में ज्ञापन सौंपना चाहते हैं। इसके बाद उनके आने की अनुमति दी गई। जसकरण सिंह के अनुसार, दरबार साहिब परिसर में पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों की जानकारी मिली और उसी दौरान ग्यासपुरा को प्रवेश से रोकने का फैसला लागू किया गया।

गुरुद्वारा बंगला साहिब मामले की भी होगी जांच

दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहिब में पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित तौर पर नारे लगाए जाने के मुद्दे पर भी जसकरण सिंह ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा साहिब के अपने मर्यादित नियम और शिष्टाचार होते हैं, जिनका पालन सभी को करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि गुरुद्वारों के दरवाजे सभी धर्मों और वर्गों के लोगों के लिए खुले हैं। कोई भी व्यक्ति माथा टेकने, लंगर छकने या शरण लेने आ सकता है, लेकिन धार्मिक परिसर के भीतर राजनीतिक गतिविधियां करना या नारे लगाना गुरुद्वारे के शिष्टाचार के खिलाफ है।

जसकरण सिंह ने दावा किया कि उनके पास पहुंची कुछ तस्वीरों और वीडियो में प्रदर्शनकारी पोस्टर लेकर परिसर में प्रवेश करते और कथित तौर पर नारे लगाते दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि यदि परिसर में ऐसी गतिविधियां हुई हैं या पुलिस ने अंदर प्रवेश किया है, तो संबंधित प्रशासन की जिम्मेदारी की जांच होनी चाहिए।

उनके मुताबिक, इस मामले में सौंपे गए ज्ञापन को जत्थेदार साहिब के ध्यान में लाया गया है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी से भी जवाब मांगा जा सकता है और मामले की जांच श्री अकाल तख्त साहिब के स्तर पर करवाई जा सकती है।

ग्यासपुरा से माफी की मांग, कार्रवाई की चेतावनी

जसकरण सिंह ने विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा से श्री अकाल तख्त साहिब, सिख पंथ और सम्मानित सिख संस्थाओं के बारे में कथित आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल के लिए माफी मांगने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विधायक माफी नहीं मांगते हैं, तो जत्थेदार साहिब के आदेश के अनुसार आने वाले दिनों में उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे निज्जर साहिब और अन्य विधायकों से इस मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करने के लिए कहा गया था। जसकरण सिंह के अनुसार, यदि वे अपना पक्ष नहीं रखते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

फिलहाल, इस पूरे विवाद में जसकरण सिंह ने जातिगत भेदभाव के आरोपों को नकारते हुए प्रवेश रोकने के फैसले को कथित आपत्तिजनक बयानों से जोड़ा है। विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा का इस पूरे मामले पर पक्ष सामने आने के बाद विवाद की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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