अमृतसर : ऑटो-ई-रिक्शा चालकों का ट्रैफिक पुलिस पर आरोप, ASI के खिलाफ SP ट्रैफिक को दी शिकायत
अमृतसर / सत्ता संदेश
श्री हरमंदिर साहिब के पास लंगर हॉल के गेट नंबर 2 पर तैनात ट्रैफिक पुलिस के ASI जुगल किशोर पर ऑटो और ई-रिक्शा चालकों ने कथित बदसलूकी, धमकाने और वाहनों को नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर भगवान वाल्मीकि समाज सेवा सोसाइटी के प्रतिनिधियों के नेतृत्व में ऑटो और ई-रिक्शा चालक ट्रैफिक ऑफिस पहुंचे और SP ट्रैफिक को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
पीड़ित ऑटो चालक मंजीत सिंह ने आरोप लगाया कि वह पिछले करीब 40 वर्षों से ऑटो चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले महीने की 11 तारीख को उन्हें निर्धारित स्थान पर ऑटो खड़ा करने और यात्रियों को बैठाने से रोका गया। इस दौरान कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई।
ऑटो और ई-रिक्शा चालकों ने आरोप लगाया कि ट्रैफिक अधिकारियों द्वारा कुछ वाहनों की हवा निकालने, तार तोड़ने और वाहनों के अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। चालकों का यह भी आरोप है कि कुछ वाहनों को नियमों का उल्लंघन करने के बावजूद अंदर जाने दिया जाता है, जबकि अन्य ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के साथ कथित तौर पर भेदभावपूर्ण और दुर्व्यवहारपूर्ण रवैया अपनाया जाता है।
ड्राइवरों ने आरोप लगाया कि उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की जाती है और परिवार की महिलाओं को लेकर भी धमकियां दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि वे मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवारों का पालन-पोषण करते हैं और इस तरह की कथित कार्रवाई से उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भगवान वाल्मीकि समाज सेवा सोसाइटी के नेताओं और ड्राइवरों ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जानी चाहिए। ड्राइवरों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी शिकायत पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो वे संघर्ष का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
फिलहाल ट्रैफिक पुलिस के ASI जुगल किशोर और पुलिस प्रशासन की ओर से लगाए गए आरोपों पर कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

