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कादियां में 500 डेरों की सड़कों पर विवाद, गुर इकबाल सिंह माहल ने प्रताप बाजवा पर लगाए आरोप

गुरदासपुर जिलें के कादियां में करीब 500 डेरों की सड़कों के निर्माण को लेकर विवाद। AAP नेता गुर इकबाल सिंह माहल ने प्रताप सिंह बाजवा पर विकास कार्य रोकने की कोशिश के आरोप लगाए।

गुरदासपुर / कादियां / सत्ता संदेश

पंजाब के गुरदासपुर जिलें के कादियां विधानसभा क्षेत्र में करीब 500 डेरों की सड़कों के निर्माण को लेकर राजनीतिक विवाद सामने आया है। आम आदमी पार्टी के हलका इंचार्ज गुर इकबाल सिंह माहल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा पर विकास कार्यों को रुकवाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।

गुर इकबाल सिंह माहल ने दावा किया कि कादियां क्षेत्र में करीब 500 डेरों तक सड़कों के निर्माण के लिए पंजाब सरकार की ओर से फंड जारी किया जा चुका है और टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सड़कों के निर्माण को रोकने के लिए प्रताप सिंह बाजवा के करीबी वकील की ओर से माननीय हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है।

माहल ने कहा कि यदि हाई कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सड़क निर्माण कार्य रुकता है, तो इससे सैकड़ों परिवार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने इसके लिए प्रताप सिंह बाजवा को जिम्मेदार ठहराया। माहल ने यह भी आरोप लगाया कि इन विकास कार्यों से आम आदमी पार्टी को राजनीतिक लाभ मिलने की आशंका के चलते इन्हें रोकने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान माहल ने प्रताप सिंह बाजवा के अनाज मंडियों के दौरे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बाजवा हाल ही में अपने साथियों के साथ कादियां विधानसभा क्षेत्र की अलग-अलग अनाज मंडियों में पहुंचे और वहां सरकार के खिलाफ प्रचार किया। माहल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बाजवा की ओर से लगाए गए आरोप साबित नहीं हुए हैं।

गौरतलब है कि 500 डेरों की सड़कों के निर्माण और हाई कोर्ट में कथित तौर पर दायर याचिका को लेकर लगाए गए आरोपों पर प्रताप सिंह बाजवा का पक्ष सामने आना बाकी है। याचिका की वास्तविक स्थिति और अदालत के आदेशों की स्वतंत्र पुष्टि के बिना इस मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा

नाभा में नशा तस्करों पर पुलिस का शिकंजा, ककराला और साधोहेड़ी में छापेमारी

नाभा में ऑपरेशन कासो के तहत पुलिस ने गांव ककराला, साधोहेड़ी और बाजीगर बस्ती में छापेमारी की। एसपी राजेश छिब्बर और डीएसपी गुरिंदर सिंह बल के नेतृत्व में तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस ने कई कथित नशा तस्करों की गिरफ्तारी का दावा किया।

नाभा / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : चेतन मेहता

पंजाब में नशा तस्करी पर लगाम लगाने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में नाभा में एसपी पटियाला राजेश छिब्बर और डीएसपी नाभा गुरिंदर सिंह बल के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने नशे के हॉटस्पॉट माने जाने वाले कई इलाकों में अचानक छापेमारी की। पुलिस की यह कार्रवाई ऑपरेशन कासो के तहत की गई।

पुलिस टीमों ने गांव ककराला, गांव साधोहेड़ी और नाभा की बाजीगर बस्ती सहित विभिन्न इलाकों में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कई घरों की तलाशी लेने के साथ-साथ संदिग्ध मोटरसाइकिलों की भी जांच की गई। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया कि इस कार्रवाई के दौरान कई कथित नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।

एसपी पटियाला राजेश छिब्बर और डीएसपी नाभा गुरिंदर सिंह बल ने बताया कि नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। ऑपरेशन कासो के तहत संवेदनशील इलाकों में अचानक छापेमारी की जा रही है, ताकि नशे के कारोबार पर अंकुश लगाया जा सके और तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई केवल चिन्हित हॉटस्पॉट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अन्य इलाकों में भी अचानक जांच और छापेमारी की जाएगी। हालांकि, पंजाब में नशे की समस्या अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में पुलिस की इन कार्रवाइयों का असर नशा तस्करी पर कितना पड़ता है, यह आने वाले समय में देखने वाली बात होगी।

कुलतार सिंह संधवां का BJP पर निशाना, CBI रेड को बताया चुनावी रणनीति

पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने CBI रेड को लेकर BJP पर निशाना साधा। दिल्ली में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन और पंजाब विधानसभा के 22 से 27 अक्टूबर तक प्रस्तावित सत्र पर भी बयान दिया।

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने राज्य में CBI की कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा है। उन्होंने इसे चुनाव से पहले की राजनीतिक रणनीति करार दिया। लुधियाना के एक निजी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे संधवां ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कई राजनीतिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

संधवां ने कहा कि चुनाव से पहले इस तरह की कार्रवाई BJP की रणनीति है। हाई कोर्ट के आदेशों को लेकर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे आदेश चुनाव से पहले ही क्यों सामने आते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि BJP इस तरह की रणनीति से चुनाव नहीं जीत सकती और उसे उतनी ही सफलता मिलेगी, जितनी उसके प्रयासों के अनुरूप होगी।

दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों पर भी संधवां ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ये प्रदर्शन लोकतंत्र को बचाने के लिए किए जा रहे हैं। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल युवाओं की शिक्षा और उनकी भागीदारी का जिक्र करते हुए कहा कि यदि लोग ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं, तो इस पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई गलती हुई है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

वहीं, पंजाब विधानसभा के आगामी सत्र को लेकर संधवां ने बताया कि विधानसभा का सत्र 22 से 27 अक्टूबर तक निर्धारित किया गया है। इस सत्र के दौरान राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

समराला यूथ फेस्टिवल 2026: परगट सिंह ने रोजगार, शिक्षा और मीडिया की आजादी पर रखे विचार

मालवा कॉलेज बोंदली, समराला में यूथ फेस्टिवल 2026 में परगट सिंह और सांसद डॉ. अमर सिंह शामिल हुए। परगट सिंह ने युवाओं के रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, निष्पक्ष जांच और मीडिया की स्वतंत्रता पर जोर दिया।

समराला / सत्ता संदेश

रिपोर्ट: मनीष सचदेवा

मालवा कॉलेज, बोंदली में आयोजित यूथ फेस्टिवल 2026 में परगट सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर सांसद डॉ. अमर सिंह भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान परगट सिंह ने पंजाब की राजनीति, शिक्षा व्यवस्था, प्रशासन, केंद्रीय जांच एजेंसियों की भूमिका और मीडिया की स्वतंत्रता जैसे अहम मुद्दों पर अपने विचार रखे।

परगट सिंह ने कहा कि आज की राजनीति केवल चुनावी वादों और मुफ्त सुविधाओं की घोषणाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। युवाओं को रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि पंजाब के विकास के लिए अनुभवी नेताओं के मार्गदर्शन और युवाओं की नई सोच के बीच बेहतर तालमेल होना चाहिए, ताकि राज्य को विकास की नई दिशा मिल सके।

केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। कानून सभी के लिए समान होना चाहिए तथा सरकारी संस्थानों को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त होकर काम करना चाहिए। उन्होंने पुलिस और सिविल प्रशासन की कार्यप्रणाली में संवैधानिक जिम्मेदारी और जवाबदेही को भी महत्वपूर्ण बताया।

शिक्षा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए परगट सिंह ने कहा कि शिक्षा का बढ़ता व्यावसायीकरण आम परिवारों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने सरकारी शिक्षण संस्थानों को मजबूत बनाने और प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मीडिया की स्वतंत्रता को लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक बताते हुए उन्होंने कहा कि पत्रकारिता तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए और उसे किसी भी तरह के राजनीतिक दबाव से मुक्त रहकर काम करना चाहिए।

कार्यक्रम में शिक्षा, युवाओं के भविष्य और पंजाब के विकास से जुड़े मुद्दों पर हुई चर्चा ने यूथ फेस्टिवल को केवल सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए सामाजिक और राजनीतिक विमर्श का मंच भी बनाया।

लुधियाना अनाज मंडी में बारिश से किसानों की बढ़ी मुश्किलें, खुले में पड़ी फसल भीगी; खरीद में देरी की आशंका

लुधियाना की अनाज मंडी में बारिश से खुले में पड़ी धान की फसल प्रभावित हुई। किसानों को नमी बढ़ने, खरीद में देरी और फसल की लिफ्टिंग की समस्या का सामना करने की आशंका है।

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब के विभिन्न जिलों में हुई बारिश का असर लुधियाना में भी देखने को मिला है। लुधियाना की अनाज मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़ी किसानों की फसल बारिश की चपेट में आ गई, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। किसानों को अब फसल की सुरक्षा, नमी बढ़ने और खरीद प्रक्रिया में देरी होने का डर सता रहा है।

किसानों के मुताबिक, बारिश के कारण मंडी में पड़ी धान की फसल में नमी का स्तर बढ़ सकता है। ऐसे में फसल को निर्धारित नमी स्तर तक लाने के लिए धूप निकलने का इंतजार करना पड़ेगा। इससे फसल की खरीद प्रभावित होने और किसानों को मंडियों में अधिक समय तक इंतजार करने की आशंका है।

वहीं, किसानों ने मंडियों में फसल की लिफ्टिंग यानी खरीदी गई उपज को मंडी से उठाने की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पहले ही फसल की उठान में देरी के कारण परेशानी हो रही है और अब बारिश ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। यदि समय पर फसल की खरीद और उठान नहीं हुई, तो मंडियों में उपज का ढेर लग सकता है।

किसानों ने खेतों में खड़ी फसल पर भी बारिश के संभावित प्रभाव को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि मौसम की मार के बीच फसल को सुरक्षित रखना और उचित समय पर उसकी खरीद सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।

अब किसानों की नजर मौसम साफ होने, मंडियों में बेहतर इंतजाम और फसल की समय पर खरीद व उठान पर टिकी है। किसानों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करेंगे, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान और अनावश्यक इंतजार से राहत मिल सके।

कपूरथला : कीर्तन दरबार, जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने दिया एकता का संदेश

कपूरथला के गांव खोजेवाल स्थित सेंट्रल गुरुद्वारा साहिब में ‘सरबत दा भला’ को समर्पित विशाल कीर्तन दरबार आयोजित हुआ। जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज्ज ने मानवता की सेवा, धार्मिक सद्भाव और श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को मिलकर मनाने का आह्वान किया।

कपूरथला / सत्ता संदेश

गांव खोजेवाल स्थित सेंट्रल गुरुद्वारा साहिब में ‘सरबत दा भला’ के संदेश को समर्पित विशाल कीर्तन दरबार श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, प्रवासी भारतीयों और क्षेत्र के निवासियों के विशेष सहयोग से आयोजित इस धार्मिक समागम में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज्ज विशेष रूप से शामिल हुए।

गांव खोजेवाल पहुंचने पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों और बड़ी संख्या में उपस्थित संगत ने जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज्ज का गर्मजोशी से स्वागत किया। समागम के दौरान संगत ने गुरबाणी कीर्तन के माध्यम से गुरु साहिबान के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।

संगत को संबोधित करते हुए जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज्ज ने कोरोना महामारी के कठिन समय को याद किया। उन्होंने कहा कि जब कोविड-19 के दौरान दुनिया भर में मुश्किल परिस्थितियां थीं और कई जगहों पर लोगों की आवाजाही सीमित हो गई थी, तब गुरुद्वारों ने मानवता की सेवा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि सिख धर्म की सेवा, समानता और मानव कल्याण की भावना दुनिया भर के लोगों को प्रभावित कर रही है।

जत्थेदार ने यह भी कहा कि क्षेत्र में धर्म प्रचार की गतिविधियों को व्यापक स्तर पर शुरू किया जाएगा, ताकि गुरु साहिबान की शिक्षाओं और सिख धर्म के सिद्धांतों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके।

समागम के दौरान जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज्ज ने रविदासी समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ विशेष मुलाकात कर विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब में जिन गुरु साहिबान और भगतों की पावन बाणी दर्ज है, वे सभी समूची संगत के लिए आदरणीय हैं। उन्होंने आपसी सम्मान, एकता और धार्मिक सद्भाव का संदेश देते हुए गांव खोजेवाल में श्री गुरु रविदास जी के आगामी 650वें प्रकाश पर्व को सभी संगत के सहयोग से बड़े स्तर पर मनाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर रविदासी समुदाय और सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, खोजेवाल की ओर से जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज्ज को सिरोपाओ और सम्मान चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।

समागम ने धार्मिक एकता, मानवता की सेवा और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। इस दौरान संगत ने गुरु साहिबान की शिक्षाओं पर चलने तथा समाज में प्रेम और सद्भाव बनाए रखने का संकल्प व्यक्त किया।