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पंचकूला में PIB की ‘वार्ता’ मीडिया कार्यशाला, नशा मुक्ति, कचरा प्रबंधन और पोषण पर हुई चर्चा

चंडीगढ़ / पंचकुला / सत्ता संदेश

पत्र सूचना कार्यालय (PIB), चंडीगढ़ की ओर से बुधवार को पंचकूला में ‘वार्ता – एक मीडिया कार्यशाला’ का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य सरकार और मीडिया के बीच समन्वय मजबूत करने के साथ-साथ विभिन्न जनकल्याणकारी अभियानों को लेकर आम लोगों में जागरूकता बढ़ाना रहा।

कार्यक्रम में पंचकूला की एसडीएम मन्नत राणा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं, जबकि PIB चंडीगढ़ की उप निदेशक सपना ने कार्यशाला की अध्यक्षता की। इस अवसर पर हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (HSNCB) के डीएसपी हरविंदर सिंह, नगर निगम पंचकूला के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विशेषज्ञ प्रदीप कुमार, जिला परियोजना अधिकारी, समेकित बाल सेवाएं, पंचकूला सविता नेहरा और डीपीआरओ पंचकूला विनय वत्स सहित मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।

कार्यशाला में ‘नशा मुक्त भारत’, ‘ठोस कचरा प्रबंधन’ और ‘पोषण अभियान’ जैसे जनहित से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों ने जानकारी साझा की। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद PIB चंडीगढ़ की उप निदेशक सपना ने कार्यशाला के उद्देश्यों की जानकारी दी।

अपने संबोधन में एसडीएम मन्नत राणा ने कहा कि सरकारी योजनाओं और पहलों की जानकारी लोगों तक सही और प्रभावी तरीके से पहुंचाने में सरकार तथा मीडिया के बीच बेहतर संवाद और समन्वय महत्वपूर्ण है। उन्होंने मजबूत सरकार-मीडिया समन्वय की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी जनकल्याणकारी पहल की सफलता के लिए लोगों की भागीदारी जरूरी है और इन्हें जन-आंदोलन का रूप दिया जाना चाहिए।

नशा मुक्त भारत पर आयोजित पहले तकनीकी सत्र में HSNCB के डीएसपी हरविंदर सिंह ने नशे के खिलाफ अभियान के उद्देश्यों और सामूहिक भागीदारी की भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की कार्रवाई और प्रयासों की जानकारी भी साझा की।

ठोस कचरा प्रबंधन सत्र में प्रदीप कुमार ने कचरे के उचित पृथक्करण और निस्तारण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से ‘4-व्हील सिस्टम’ के तहत कचरे को सूखा, गीला, संदूषित/सैनेटरी तथा बायोमेडिकल एवं खतरनाक कचरे की अलग-अलग श्रेणियों में रखने की अपील की। उन्होंने कचरा प्रबंधन के संदर्भ में ‘R’ की अवधारणा को विस्तार देते हुए Reduce, Reuse, Recycle और Re-buy यानी कम करना, दोबारा इस्तेमाल करना, पुनर्चक्रण करना और पुनः खरीदना अपनाने पर जोर दिया।

पोषण अभियान के सत्र में जिला परियोजना अधिकारी सविता नेहरा ने महिलाओं और बच्चों, विशेषकर ग्रामीण एवं वंचित वर्गों में पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर प्रकाश डाला। उन्होंने पोषण संबंधी पहलों और बेहतर स्वास्थ्य परिणामों के लिए जन-जागरूकता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने पोषण अभियान की शुरुआत से जुड़े प्रयासों और इसके उद्देश्यों पर भी जानकारी साझा की।

कार्यशाला के दौरान प्रत्येक विषयगत सत्र के बाद संवाद और प्रश्नोत्तर का आयोजन किया गया। इससे मीडिया प्रतिनिधियों को विशेषज्ञों से सीधे जानकारी लेने और संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर मिला।

कार्यक्रम के समापन पर अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। PIB चंडीगढ़ के राजन नाथ ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यशाला में सरकारी प्रतिनिधियों, विषय विशेषज्ञों और मीडिया के बीच संवाद के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं एवं अभियानों को लेकर जन-जागरूकता और प्रभावी संचार को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

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